महंगी दवाएं छोड़ें, ओरल हेल्थ के लिए रोज सुबह चबाएं अमरूद के पत्ते, हैरान रह जाएंगे इसके फायदे देखकर

Last Updated:April 10, 2026, 12:36 IST Amrud Ke Patte Chabane Ke Fayde : हम अक्सर सेहत बनाने के लिए महंगे फलों और सप्लीमेंट्स के पीछे भागते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमारे घर के आंगन में ही औषधियों का खजाना छिपा रखा है. अमरूद एक ऐसा ही फल है जिसे हम बड़े चाव से खाते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि इसके पत्तों में फल से भी ज्यादा गुण छिपे हैं? आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, अमरूद के पत्तों को एक शक्तिशाली ‘नेचुरल हीलर’ माना गया है. अगर आप भी सुबह उठकर महंगी दवाओं या केमिकल वाले माउथवॉश का सहारा लेते हैं, तो यह खबर आपकी लाइफस्टाइल बदल सकती है. ओरल हाइजीन यानी मुंह की साफ-सफाई हमारी पूरी सेहत का आईना होती है. मसूड़ों में सूजन, दांतों में दर्द या सांसों की बदबू जैसी समस्याएं न केवल असहज करती हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी कम कर देती हैं. अमरूद के कोमल पत्तों को सुबह खाली पेट चबाना इन समस्याओं का सबसे सरल और सस्ता समाधान है. इन पत्तों में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंह के अंदर पनपने वाले बैक्टीरिया का सफाया करने में किसी महंगी दवा से कम नहीं हैं. सांसों की दुर्गंध का प्राकृतिक समाधान- सांसों की बदबू एक ऐसी समस्या है जिससे कई लोग जूझते हैं. बाजार में मिलने वाले माउथवॉश कुछ देर के लिए तो असर दिखाते हैं, लेकिन अमरूद के पत्ते जड़ पर काम करते हैं. इनमें मौजूद ‘फ्लैवोनोइड्स’ और ‘टैनिन’ मुंह के दुर्गंध पैदा करने वाले कीटाणुओं को खत्म कर देते हैं. बस सुबह एक या दो कोमल पत्तों को धोकर अच्छी तरह चबाएं, आपको दिनभर ताजगी का एहसास होगा और किसी सिंथेटिक स्प्रे की जरूरत नहीं पड़ेगी. मसूड़ों की सूजन और दर्द से छुटकारा- मसूड़ों से खून आने (जिंजिवाइटिस) की समस्या में अमरूद के पत्ते रामबाण की तरह काम करते हैं. जब आप इन पत्तों को चबाते हैं, तो इनसे निकलने वाला रस मसूड़ों की गहरी सफाई करता है और सूजन को कम करता है. प्राचीन ग्रंथ राज निघंटु (Raja Nighantu) में अमरूद के पत्तों के जीवाणुरोधी गुणों का वर्णन मिलता है. इसमें उल्लेख है कि इन पत्तों का क्वाथ (काढ़ा) या इन्हें सीधे चबाना ‘मुख दुर्गंध’ (Bad breath) और ‘दंत शूल’ (Toothache) को दूर करने का सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google पाचन तंत्र के लिए डिटॉक्स का काम- हैरानी की बात यह है कि इसके फायदे सिर्फ मुंह तक ही सीमित नहीं हैं. जब आप इन पत्तों को चबाते हैं और उनका रस अंदर जाता है, तो यह आपके पाचन तंत्र के लिए ‘डिटॉक्स’ का काम करता है. अमरूद के पत्तों में ऐसे तत्व होते हैं जो पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को मारते हैं, जिससे गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं में तुरंत राहत मिलती है. यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करने में मदद करता है. शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार- डायबिटीज के मरीजों के लिए तो अमरूद के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं हैं. ‘न्यूट्रिशन एंड मेटाबॉलिज्म’ जैसे जर्नल में प्रकाशित शोधों के अनुसार, अमरूद के पत्तों का रस शरीर में अल्फा-ग्लूकोसिडेज एंजाइम की गतिविधि को कम करता है. सरल भाषा में कहें तो, यह खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से रोकता है. सुबह इसे चबाने की आदत आपके शुगर लेवल को प्राकृतिक रूप से मैनेज करने में मददगार साबित हो सकती है. वजन घटाने और ग्लोइंग स्किन का सीक्रेट- वजन घटाने की चाहत रखने वालों के लिए भी यह एक सीक्रेट नुस्खा है. अमरूद के पत्ते जटिल स्टार्च को शुगर में बदलने से रोकते हैं, जिससे शरीर में चर्बी जमा होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके साथ ही, इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आपकी त्वचा में प्राकृतिक चमक लाते हैं और झुर्रियों को दूर रखने में मदद करते हैं. यानी एक छोटा सा पत्ता आपकी खूबसूरती और सेहत दोनों का ख्याल रखता है. सावधानी और सही तरीका- हालांकि, किसी भी चीज का अति उपयोग नुकसानदेह हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में 2 से 3 कोमल पत्तों का सेवन पर्याप्त है. अगर आप गर्भवती हैं या किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें. तो देर किस बात की? कल सुबह से ही प्रकृति के इस अनमोल तोहफे को अपनाएं और महंगी दवाओं पर निर्भरता कम करें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 10, 2026, 12:36 IST
प्रोटीन के लिए अंडे पर निर्भर हैं? ये 5 वेज फूड्स उससे कई कदम आगे हैं, जानकर रह जाएंगे हैरान

5 High Protein Vegetarian Foods: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फिट रहना चाहते हैं, लेकिन सवाल वही रहता है प्रोटीन कहां से लें? आमतौर पर अंडा इस चर्चा का सबसे आसान जवाब माना जाता है. सुबह का नाश्ता हो या जिम के बाद की डाइट, अंडे को ही सबसे भरोसेमंद विकल्प समझा जाता है. लेकिन क्या सच में प्रोटीन की दुनिया यहीं खत्म हो जाती है? खासकर उन लोगों के लिए जो अंडा नहीं खाते या शाकाहारी हैं, यह सवाल और भी अहम हो जाता है. दिलचस्प बात यह है कि हमारे किचन में ही कई ऐसे फूड मौजूद हैं जो अंडे से ज्यादा प्रोटीन देते हैं. और ये सिर्फ पोषण ही नहीं, स्वाद और सेहत दोनों में आगे हैं. अंडे से ज्यादा प्रोटीन वाले फूड्स की सच्चाईअंडा लगभग 6 से 7 ग्राम प्रोटीन देता है, जो एक संतुलित मात्रा है. लेकिन अगर आप थोड़ी गहराई से देखें, तो कई वेज फूड्स इससे कहीं ज्यादा प्रोटीन देते हैं. किनोआ: छोटा दाना, बड़ा कमालकिनोआ को यूं ही सुपरफूड नहीं कहा जाता. 100 ग्राम किनोआ में करीब 14 ग्राम प्रोटीन होता है. यानी लगभग दोगुना. इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं. जो लोग ग्लूटेन से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह बढ़िया विकल्प है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चना: सस्ता और असरदारअगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में कोई आसान और सस्ता प्रोटीन सोर्स ढूंढ रहे हैं, तो चना सबसे आगे है. 100 ग्राम चने में 15 से 19 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. कई लोग सुबह भीगे हुए चने खाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और एनर्जी बनाए रखते हैं. पनीर: स्वाद और सेहत का संतुलनजिम जाने वाले लोगों की डाइट में पनीर अक्सर शामिल होता है. वजह साफ है 100 ग्राम पनीर में 18 से 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है. साथ ही इसमें कैल्शियम भी भरपूर होता है. हालांकि, जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए. दाल: हर घर का हेल्दी हिस्साभारतीय खाने में दाल सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि पोषण का आधार है. 100 ग्राम दाल में 9 से 12 ग्राम प्रोटीन होता है. यह पाचन को बेहतर बनाती है और शरीर को लगातार ऊर्जा देती है. सोया चंक्स: प्रोटीन का पावरहाउसअगर बात सबसे ज्यादा प्रोटीन की करें, तो सोया चंक्स बाजी मार लेते हैं. 100 ग्राम में 50 से 52 ग्राम प्रोटीन यह आंकड़ा किसी भी नॉन-वेज विकल्प को टक्कर देता है. यही कारण है कि वेजिटेरियन लोग इसे अपनी डाइट में तेजी से शामिल कर रहे हैं. बदलती डाइट, बदलती सोचआजकल लोग सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि सही पोषण के लिए खा रहे हैं. सोशल मीडिया और फिटनेस ट्रेंड्स ने लोगों को जागरूक किया है. अब लोग समझ रहे हैं कि सिर्फ अंडा ही नहीं, बल्कि कई शाकाहारी विकल्प भी शरीर को उतनी ही मजबूती दे सकते हैं. कई परिवारों में अब नाश्ते में अंकुरित चना, लंच में दाल और डिनर में पनीर जैसे विकल्प शामिल हो रहे हैं. यह बदलाव धीरे-धीरे ही सही, लेकिन सेहत के लिए बड़ा कदम है. प्रोटीन के लिए अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. चना, पनीर, किनोआ, दाल और सोया जैसे फूड्स न सिर्फ सुलभ हैं, बल्कि ज्यादा असरदार भी साबित हो सकते हैं. जरूरत है तो बस सही जानकारी और संतुलित डाइट अपनाने की. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
ओपिनियन पोल 2026: बंगाल, असम, तमिलनाडु से लेकर केरल तक… किसकी सरकार? सर्वे में हैरान करने वाले आंकड़े

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित जनमत सर्वेक्षण 2026: भारत के चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विधानसभा चुनाव काफी तेज है। इस बीच उत्तर-पूर्वी राज्यों के ओपिनियन पोल आ गए हैं, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों में किस पार्टी या गठबंधन को बढ़त मिल रही है, यह साफ हो गया है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं, जहां सीएम ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी (टीएमसी) का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ है, वहीं 126 विधानसभा सीटों पर विपक्ष के खिलाफ असम में बीजेपी की कांग्रेस पार्टी विपक्षी मैदान में सामने है। तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए केरल की 234 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और एआईएडीएमके वाली एनडीए गठबंधन के साथ सीएम स्टालिन की पार्टी गठबंधन एलडीएफ, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के साथ यूडीएफ गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन मैदान में है। ओपिनियन पोल बंगाल में किसकी बन रही सरकार? मैट्रिज़ के ताज़ा ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल की नागरिकता चुनाव से पहले ही मुकाबला काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। ओपीनियन पोल में सामने आए आंकड़े सभी राजनीतिक आश्रमों की सांसे अटकाने वाली हैं। मैट्रिस के सर्वेक्षण के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फूड डिपो कांग्रेस (टीएमसी) को 43 प्रतिशत वोट के साथ 140 से 160 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 41 प्रतिशत वोट के साथ 130 से 150 प्रतिशत पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि राज्य की अन्य पार्टियां 16 प्रतिशत वोट के साथ राज्य में 8 से 16 प्रतिशत वोट हासिल कर सकती है। पश्चिम बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है। ऐसे में अपॉइंटमेंट के पास ओपिनियन पोल में 2 प्रतिशत की मामूली बढ़त जरूर है, लेकिन अंतर इतना कम है कि किसी भी समय विक्सित पिक्चर्स में बदलाव हो सकता है। ओपीनियन पोल में असम में बीजेपी को साफ करें मैत्रिज (मैट्रिज) और चाणक्य (चाणक्य) की ओर से किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, असम में होने वाले चुनाव में बीजेपी-नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में है और उनकी संस्था सत्ता में आने या सत्ता बनाए रखने की संभावना ज्यादा दिख रही है। मैट्रिज के मुताबिक, वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी+ गठबंधन को 46 फीसदी, कांग्रेस+ गठबंधन को 36 फीसदी और अन्य को 18 फीसदी वोट मिल सकते हैं. भाजपा+ गठबंधन को 92 से 102 पायदान, कांग्रेस+ गठबंधन को 22 से 32 पायदान और अन्य को 4 से 7 पायदान मिलने की संभावना है। वहीं, चाणक के सर्वे के मुताबिक, असम में जनता पार्टी का गठबंधन 83 से 90 सीट, कांग्रेस+ गठबंधन 30 से 36 सीट और अन्य को 3 से 6 सीट मिल सकती है। तमिल में एनडीए का चमकता सितारा हो सकता है इंडिया टीवी पर दिए गए मैट्रिज ओपिनियन पोल के मुताबिक, इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके नेतृत्व वाली एनडीए का सितारा चमक सकता है। ओपनियन पोल के मुताबिक, चुनाव में एमके स्टालिन की पार्टी टीचर्स को 102 से 115 बेस मिल सकते हैं। जबकि बीजेपी और एआईएडीएमके के एनडीए गठबंधन को 107 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) को 5 से 12 तक प्रवेश मिल सकता है और अन्य के टिकट में एक से छह प्रवेश की संभावना है। केरल के तीन तरफा चर्च में कौन सी स्थितियाँ होंगी? इंडिया टीवी पर दिए गए MATRIZE ओपिनियन पोल के अनुसार, केरल में 62 से 68 प्रतिशत गठबंधन के साथ 68 प्रतिशत की भागीदारी वाले यूडीएफ गठबंधन की संभावना है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के 67 से 73 के नामांकन के साथ चुनावी नतीजे सामने आ रहे हैं। जबकि राज्य में भारतीय जनता पार्टी 15 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 5 से 8 प्रतिशत पर जीत हासिल कर सकती है और अन्य के मुकाबले शून्य से तीन प्रवेश की संभावना है। यह भी पढ़ेंः ‘ईडी, सीबीआई, एनआईए के बाद धार्मिक अधिकारी और अब सीआरपीएफ…’, बीजेपी, टीएमसी को ‘भड़काऊ भाईजान कमेटी’ पर ममता का बयान (टैग्सटूट्रांसलेट)ओपिनियन पोल 2026(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम चुनाव 2026(टी)केरल(टी)तमिलनाडु(टी)मैट्रिज(टी)मैट्रिज ओपिनियन पोल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026(टी)बंगाल ओपिनियन पोल 2026(टी)बंगाल चुनाव ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)ममता बनर्जी(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम ओपिनियन पोल 2026(टी)असम चुनाव ओपिनियन पोल 2026(टी)असम चुनाव ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)एआईयूडीएफ(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ओपिनियन पोल 2026
गर्मियों में हर दिन खरबूजा खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जानकर होंगे हैरान

Last Updated:April 04, 2026, 19:27 IST Summer superfruit muskmelon benefits: खरबूजा गर्मियों का फल है, जो पानी से भरपूर होता है. काफी लोग इसे इसलिए नहीं खाते हैं, क्योंकि इसकी स्मेल थोड़ी अजीब सी होती है. लेकिन, आपको ये फल काटकर खाना पसंद नहीं है तो आप इसका जूस भी बनाकर पी सकते हैं. यह गर्मियों में शरीर को कई लाभ पहुंचाता है. डिहाइड्रेशन से बचे रहने के लिए आप पानी तो पीते हैं, लेकिन पानी से भरपूर इस फल का भी सेवन रेगुलर करें और पाएं इसके ये ढेरों फायदे. खरबूजा गर्मियों का सुपरफ्रूट है, क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है. पानी होने के कारण शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. आयुर्वेद में इसे गर्मियों के लिए वरदान बताया गया है, क्योंकि ये फल प्यास तो बुझाता ही है, साथ ही शरीर डिहाइड्रेशन से भी बचाए रखता है. खरबूजे में कौन से पोषक तत्व होते हैं- तरबूज की ही तरह, खरबूजे में भी पानी की मात्रा सबसे अधिक होती है. इस फल में 90-95 प्रतिशत तक पानी होता है. इसके साथ ही, ये फल फाइबर, विटामिन ए, सी, फाइबर, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. ये लो कैलोरी और लो फैट वाला फल है. खरबूजे में लगभग 90-95 फीसदी पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है. अधिक मात्रा में फाइबर होने के कारण ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. पेट साफ होता है. कब्ज की समस्या दूर होती है. पेट साफ रहता है तो संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजे एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है. यदि आपको डायबिटीज है तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें. इसमें विटामिन ए होने के कारण आंखों को भी हेल्दी रखता है. विटामिन सी होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करता है, जिससे आप इंफेक्शन, छोटी-मोटी बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्त शामक माना गया है. शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है. पेट को ठंडक पहुंचाता है. इस फल में बीटा-कैरोटीन, कुछ अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण ये फ्री रैडिकल्स से लड़कर शरीर को गंभीर रोगों से बचाए रखते हैं. खरबूजा में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने के साथ ही वजन भी कंट्रोल करता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि फाइबर युक्त चीजों को खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है. आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं, जिससे वजन को कम करना आसान हो जाता है. खरबूजा में विटामिन ए और सी पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं. गर्मी में धूप और पसीने से त्वचा काफी प्रभावित होती है. स्किन टैन हो जाता है. खरबूजा इन परेशानियों को दूर करने में काफी हद तक कारगर साबित हो सकता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST
Amla Benefits: डिटॉक्स से लेकर हार्ट हेल्थ तक, आंवला के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, ऐसे करें सेवन

Last Updated:April 03, 2026, 15:33 IST गर्मी का मौसम आते ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ने लगती हैं. ऐसे में आंवला एक ऐसा प्राकृतिक सुपरफूड है, जो शरीर को ठंडक देने, इम्यूनिटी बढ़ाने और बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इसे अपनी डाइट में शामिल करना गर्मियों में सेहतमंद रहने का आसान तरीका हो सकता है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. तेज धूप, लू, शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और पाचन से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं. ऐसे में रोजाना की डाइट में आंवला शामिल करना किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आंवला गर्मियों में शरीर को ठंडक देने और बीमारियों से बचाने का प्राकृतिक उपाय है. शरीर को देता है ठंडक: जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, आंवला की तासीर ठंडी होती है, जिससे गर्मियों में इसका सेवन शरीर का तापमान संतुलित रखता है और लू लगने का खतरा कम करता है. गांवों में आज भी लोग आंवला का मुरब्बा या शरबत पीना पसंद करते हैं, क्योंकि यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाकर तरोताजा बनाए रखता है. इम्यूनिटी बढ़ाने में लाभकारी: आंवला इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद फायदेमंद है. इसमें मौजूद विटामिन C शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देता है. जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से आंवला का सेवन करते हैं, वे सर्दी-खांसी जैसे सामान्य संक्रमण से काफी हद तक बचे रहते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पेट के लिए फायदेमंद: पाचन तंत्र के लिए आंवला बहुत लाभकारी माना जाता है. अनियमित खानपान और गर्मी के कारण होने वाली गैस, कब्ज और अपच की समस्या में यह राहत देता है. आंवला पेट को साफ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. कई लोग सुबह आंवला जूस का सेवन करते हैं, जिससे उन्हें पूरे दिन हल्कापन महसूस होता है. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद: आंवला त्वचा और बालों के लिए बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे वह साफ और चमकदार बनती है. यह बालों को झड़ने से रोककर उन्हें मजबूत बनाता है. यही कारण है कि कई हेयर ऑयल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में आंवला का इस्तेमाल किया जाता है. आंवला शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है. यह शरीर में जमा गंदगी और विषैले तत्वों को बाहर निकालकर अंदर से साफ रखता है. इसके नियमित सेवन से लीवर स्वस्थ रहता है और खून साफ होता है, जिससे कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. दिल के लिए फायदेमंद: आंवला दिल की सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. आज के समय में बढ़ती हार्ट समस्याओं के बीच आंवला एक आसान और प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है. सावधानियां: जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, आंवला जितना फायदेमंद है, उतना ही जरूरी है इसका सही तरीके से सेवन करना. किसी भी चीज की अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए आंवला का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. रोजाना 1-2 आंवला या एक गिलास आंवला जूस पर्याप्त माना जाता है. यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं या कोई दवा ले रहे हैं, तो सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. First Published : April 03, 2026, 15:33 IST
बाप रे बाप! 15.5KG का ओवेरियन ट्यूमर, डिलीवरी के बाद भी महिला के पेट में था दर्द, देखकर डॉक्टर भी हैरान

Last Updated:April 03, 2026, 09:24 IST PMCH Rare Ovarian Tumor Surgery: बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके एक महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी है. ख़बरें फटाफट 30 वर्षीया महिला एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला का पेट काफा बढ़ा हुआ था. जब डिलीवरी हुई फिर भी पेट कम नहीं हुआ. दर्द ओर सूजन लगातार बना रहा. आनन फानन में जब महिला की जांच की गई तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों चौंक गए. उसके पेट में बच्चे के साथ 15.5 किलोग्राम का विशाल ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका था. इसके बाद बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी. लक्षण थे बिल्कुल आम, लेकिन पनप रही थी बीमारी जानकारी के अनुसार डिलीवरी के बाद भी 30 वर्षीय महिला पेट में सूजन, दर्द और भारीपन जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. शुरुआत में उसने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, स्थिति ऐसी हो गई कि उसे चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होने लगी. परिजनों ने पीएमसीएच लाया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. डॉक्टरों ने पाया कि महिला के पेट में एक असामान्य रूप से बड़ा ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका है. यह आसपास के अंगों पर दबाव डाल रहा था और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता था. इसके बाद बिना देरी किए सर्जरी का फैसला लिया गया. डाक्टरों के अनुसार टयूमर इतना बड़ा हो गया था कि वह डायफ्राम तक पहुंच गया था, इससे महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. वह ठीक से भोजन नहीं कर पा रही थी. उसे लगातार उल्टी की शिकायत भी थी. साथ ही वह एनीमिया से भी पीड़ित थी. मार्च में ही हुई थी डिलीवरी 30 वर्षीया इस महिला ने एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद 26 मार्च को पेट में दर्द और गांठ की शिकायत लेकर वह पीएमसीएच पहुंची. यहां जांच के बाद ट्यूमर का पता चला. सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रो. मीनू शरण ने किया. उनके साथ ऑन्को सर्जन डॉ. नवीन, डॉ. नीना अग्रवाल, डॉ. अंजली और डॉ. माधुरी की टीम मौजूद रही. लगभग एक घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया में डॉक्टरों को ट्यूमर के बड़े आकार और संभावित रक्तस्राव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के अनुभव और समन्वय ने हर मुश्किल को आसान बना दिया. दुर्लभ है इस तरह का ट्यूमर विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े आकार का ओवेरियन ट्यूमर बेहद दुर्लभ मामलों में ही देखने को मिलता है. आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं. इसीलिए मरीज समय पर पहचान नहीं कर पाते. यही लापरवाही बाद में गंभीर खतरा बन जाती है. फिलहाल सर्जरी के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. चिकित्सकों को उम्मीद है कि आने वाले 10 दिनों के भीतर उसको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 09:22 IST
कर्नाटक में कांग्रेस को हराने के लिए मतदाताओं से अपील करते हुए कहा- मरते दम तक याद रखूंगा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रचार किया। पार्टी विपक्ष की बैठक को बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पर ‘धोखा और विश्वास’ का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थिर सरकार ‘दिनदहाड़े लूट’ में लगी है। उन्होंने दावा किया कि बागलकोट और दावणगेरे के लोगों की जोड़ी आगामी चुनाव में सिद्धारमैया को सत्य से हटाने का फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में पैसे के इस्तेमाल पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुनाव लड़ने वालों को सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी के वैयक्तिक उम्मीदवार श्रीनिवास दासकारियप्पा का पूरा समर्थन करने और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपील की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगालकोट और दावणगेरे में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए फंड को तेलंगाना की ओर मोड़ दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भाजपा के गठबंधन पर गरीबों के हित की कई नीतियां बंद करने का भी आरोप लगाना शुरू कर दिया। अपनी उम्र और दान का खुलासा करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि 85 साल की उम्र में भी वह प्रचार के लिए आए थे, लेकिन हर जगह नहीं जा सके। उन्होंने सिद्धांत से अभियान की जिम्मेदारी खुद ली और अगले दिन से खुद को सफल काम करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा, ‘अगर आप ऐसा करेंगे तो मैं आपको अपनी आखिरी सांस तक याद रखूंगा।’ येदियुरप्पा ने कहा कि लोग कांग्रेस सरकार के कुशासन से चिंतित हैं और अपील करते हैं कि चुनावी रैली में उम्मीदवार को जिताकर जवाब दें। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बसवराज बोम्मई ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में कर आतंक शुरू हो गया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार के पहले बजट में शराब, दूध और बिजली की भारी मात्रा में बढ़ोतरी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्टाम्प ड्यूटी, जमीन की सीमा और मोटर वाहन कर सहित लगभग सभी क्षेत्रों में कर बढ़ाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ”पिछले तीन पूर्वी राज्यों में इस सरकार ने लोगों पर 60,000 करोड़ रुपये का नया टैक्स लगाया है.” बोम्मई ने यह भी दावा किया कि सरकार ने करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है, जिसकी वजह से सिद्धारमैया को ‘रिकॉर्ड उधार लेने वाला’ कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘इससे पहले कभी हमने इस तरह की विचारधारा वाली सरकार नहीं देखी।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में बिना रिश्वत के नियुक्ति नहीं हुई और सरकारी चावल वितरण भी नहीं हुआ. उन्होंने सॉसेज की खरीद, बिहार के शेयरधारकों और निवेशकों के लिए निवेश पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री कार्यालय से हो रही है और आरोप लगाया गया है कि तबादले एक बड़ा उद्योग बन गया है और प्रशासन पूरी तरह से चरमरा गया है। बोम्मई ने कहा कि सरकार गरीबों के माध्यम से लोगों पर बोझ डाल रही है और उन्हें विश्वास है कि जनता भाजपा को आशीर्वाद देगी।
सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे हैरान करने वाले बदलाव! – News18 हिंदी

X सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे गजब के बदलाव Raw Garlic Health Benefits: ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राजकुमार बताते हैं कि भारतीय रसोई की शान लहसुन सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर आप अपने दिन की शुरुआत खाली पेट कच्चे लहसुन की एक कली से करते हैं, तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जो बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल इन्फेक्शन से बचाने में मदद करती है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, जिससे गैस और अपच जैसी समस्याओं में आराम मिलता है. दिल की सेहत के लिए भी लहसुन रामबाण माना जाता है; इसमें पाया जाने वाला एलिसिन तत्व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है. इसके अलावा, यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है. बस ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें.
दीया मिर्जा बोलीं-फिल्म फ्लॉप हुई तो लोग पनौती कहने लगे:ऐश्वर्या राय से होती थी तुलना; फिर राजकुमार हिरानी से कॉल पर मांगना पड़ा काम

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा की फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ आज भले ही कल्ट क्लासिक मानी जाती हो, लेकिन रिलीज के वक्त इस फिल्म के फ्लॉप होने का खामियाजा एक्ट्रेस को भुगतना पड़ा था। दीया ने एक लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया कि कैसे एक दौर में उन्हें इंडस्ट्री में ‘पनौती’ और ‘बदकिस्मत’ मान लिया गया था और उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। ऐश्वर्या से होती थी तुलना, फिर ‘पनौती’ का टैग इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में दीया ने बताया कि करियर की शुरुआत में उनकी तुलना ऐश्वर्या राय से की जाती थी। एक्ट्रेस ने कहा, “मुझे याद है कि मेरी एक बड़ी फिल्म फ्लॉप हुई और अचानक सब बदल गया। जो लोग मुझे काम देने के लिए लाइन लगाए रहते थे, वही मुझे ‘पनौती’ समझने लगे। मैंने उस दौर में बहुत कुछ झेला है, जहां मुझे सिर्फ इसलिए काम नहीं दिया जा रहा था क्योंकि लोग मुझे अनलकी मानने लगे थे।” राजकुमार हिरानी से कहा- ‘प्लीज मुझे काम दीजिए’ दीया के मुताबिक, उनके करियर में टर्निंग पॉइंट फिल्म ‘संजू’ से आया। उन्होंने बताया, “जब राजकुमार हिरानी ‘संजू’ की कास्टिंग कर रहे थे, तो मैंने खुद उन्हें कॉल किया। मैंने उनसे कहा- प्लीज मुझे काम दीजिए, मेरे पास कोई काम नहीं है और मैं नए प्रोजेक्ट्स तलाश रही हूं। मैं वादा करती हूं कि मैं स्क्रीन टेस्ट दूंगी, आप बस मुझे मौका दें।” हिरानी ने रणबीर कपूर और टीम से बात की और दीया को मान्यता दत्त का रोल मिला, जो उनके लिए ‘लाइफ सेवर’ साबित हुआ। फ्लॉप होकर भी ‘कल्ट’ बनी पहली फिल्म बता दें कि साल 2001 में आई ‘रहना है तेरे दिल में’ का बजट करीब 5-6 करोड़ रुपए था। फिल्म ने भारत में केवल 5.36 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित हुई थी। हालांकि, बाद में टीवी और डीवीडी के जरिए इस फिल्म को इतनी लोकप्रियता मिली कि आज इसे रोमांस जॉनर की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। 2026 में 4 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहीं दिया
दीया मिर्जा बोलीं-फिल्म फ्लॉप हुई तो लोग पनौती कहने लगे:ऐश्वर्या राय से होती थी तुलना; फिर राजकुमार हिरानी से कॉल पर मांगना पड़ा काम

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा की फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ आज भले ही कल्ट क्लासिक मानी जाती हो, लेकिन रिलीज के वक्त इस फिल्म के फ्लॉप होने का खामियाजा एक्ट्रेस को भुगतना पड़ा था। दीया ने एक लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया कि कैसे एक दौर में उन्हें इंडस्ट्री में ‘पनौती’ और ‘बदकिस्मत’ मान लिया गया था और उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। ऐश्वर्या से होती थी तुलना, फिर ‘पनौती’ का टैग इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में दीया ने बताया कि करियर की शुरुआत में उनकी तुलना ऐश्वर्या राय से की जाती थी। एक्ट्रेस ने कहा, “मुझे याद है कि मेरी एक बड़ी फिल्म फ्लॉप हुई और अचानक सब बदल गया। जो लोग मुझे काम देने के लिए लाइन लगाए रहते थे, वही मुझे ‘पनौती’ समझने लगे। मैंने उस दौर में बहुत कुछ झेला है, जहां मुझे सिर्फ इसलिए काम नहीं दिया जा रहा था क्योंकि लोग मुझे अनलकी मानने लगे थे।” राजकुमार हिरानी से कहा- ‘प्लीज मुझे काम दीजिए’ दीया के मुताबिक, उनके करियर में टर्निंग पॉइंट फिल्म ‘संजू’ से आया। उन्होंने बताया, “जब राजकुमार हिरानी ‘संजू’ की कास्टिंग कर रहे थे, तो मैंने खुद उन्हें कॉल किया। मैंने उनसे कहा- प्लीज मुझे काम दीजिए, मेरे पास कोई काम नहीं है और मैं नए प्रोजेक्ट्स तलाश रही हूं। मैं वादा करती हूं कि मैं स्क्रीन टेस्ट दूंगी, आप बस मुझे मौका दें।” हिरानी ने रणबीर कपूर और टीम से बात की और दीया को मान्यता दत्त का रोल मिला, जो उनके लिए ‘लाइफ सेवर’ साबित हुआ। फ्लॉप होकर भी ‘कल्ट’ बनी पहली फिल्म बता दें कि साल 2001 में आई ‘रहना है तेरे दिल में’ का बजट करीब 5-6 करोड़ रुपए था। फिल्म ने भारत में केवल 5.36 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित हुई थी। हालांकि, बाद में टीवी और डीवीडी के जरिए इस फिल्म को इतनी लोकप्रियता मिली कि आज इसे रोमांस जॉनर की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। 2026 में 4 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहीं दिया







