Monday, 15 Jun 2026 | 02:19 PM

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CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो:इस महीने 3 बार दाम बढ़े, अब तक ₹5 इजाफा

CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो:इस महीने 3 बार दाम बढ़े, अब तक ₹5 इजाफा

पेट्रोल-डीजल के बाद मंगलवार, 26 मई को CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में 2 रुपए की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपए प्रति किलो हो गई है। 23 मई को CNG के दाम 1 रुपए प्रति किलो बढ़े थे। वहीं, 16 मई की रात को कंपनियों ने CNG कीमतें 3 रुपए बढ़ाई थीं, जो अगले दिन की सुबह 6 बजे से लागू हो गई थी। खबर अपडेट हो रही है…

CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो:इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा

CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो:इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा

पेट्रोल-डीजल के बाद मंगलवार, 26 मई को CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में 2 रुपए की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपए प्रति किलो हो गई है। 23 मई को CNG के दाम 1 रुपए प्रति किलो बढ़े थे। अब तक CNG के 4 बार दाम बढ़ चुके हैं। 15 मई को ₹2, 18 मई को ₹1 और 23 मई को ₹1 की बढ़ोतरी हुई थी। पेट्रोल-डीजल के दाम महीने में चौथी बार बढ़े तेल कंपनियों ने कल पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रही है तो पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। 50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है।

सरकार ने 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया:तुअर दाम की MSP ₹450 बढ़ाकर ₹8450 की, धान में ₹72 का इजाफा किया

सरकार ने 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया:तुअर दाम की MSP ₹450 बढ़ाकर ₹8450 की, धान में ₹72 का इजाफा किया

केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) बढ़ा दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने आज यानी 13 मई को यह फैसला लिया। कैबिनेट मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान की नई MSP 2441 रुपए तय की गई है, जो पिछली MSP से 72 रुपए ज्यादा है। वहीं तुअर दाम की MSP 450 रुपए बढ़ाई है। मूंगफली का समर्थन मूल्य 254 रुपए बढ़कर 7517 रुपए किया क्या है MSP या मिनिमम सपोर्ट प्राइस न्यूनतम समर्थन मूल्य वो गारंटीड मूल्य है जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है। भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हो। इसके पीछे तर्क यह है कि बाजार में फसलों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर किसानों पर न पड़े। उन्हें न्यूनतम कीमत मिलती रहे। सरकार हर फसल सीजन से पहले CACP यानी कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेज की सिफारिश पर MSP तय करती है। यदि किसी फसल की बम्पर पैदावार हुई है तो उसकी बाजार में कीमतें कम होती हैं, तब MSP उनके लिए फिक्स प्राइस का काम करती है। यह एक तरह से कीमतें गिरने पर किसानों को बचाने वाली बीमा पॉलिसी की तरह काम करती है। कैबिनेट के 3 अन्य फैसले 1. कोयले से गैस बनाने के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी: सरकार ने सरफेस कोल और लिग्नाइट गैसीफिकेशन (कोयले से गैस बनाने) के प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना भारत के कोयला और लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोग्राम को रफ्तार देने के लिए शुरू की गई है। सरकार ने साल 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले को गैस में बदलने का लक्ष्य रखा है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशों से आने वाली चीजों पर हमारी निर्भरता कम होगी। 2. नागपुर एयरपोर्ट की जमीन की लीज बढ़ाई: नागपुर एयरपोर्ट के लिए सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की उस जमीन की लीज अवधि बढ़ाने को मंजूरी दे दी है, जो मिहान इंडिया लिमिटेड (MIL) को दी गई थी। अब यह लीज 6 अगस्त 2039 के बाद भी जारी रहेगी। 3. अहमदाबाद-धोलेरा के बीच चलेगी देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन: सरकार ने रेल मंत्रालय के अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 20,667 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। यह भारतीय रेलवे का पहला ऐसा सेमी हाई-स्पीड प्रोजेक्ट होगा, जिसे पूरी तरह से भारत में बनी (स्वदेशी) तकनीक से तैयार किया जाएगा।