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इम्यूनिटी, हृदय और हड्डियों के लिए फायदेमंद… बच्चों और बड़ों के लिए हेल्दी पौधा, जानिए मोरिंगा के फायदे

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Last Updated:April 03, 2026, 13:32 IST आज के समय में स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोग प्राकृतिक चीजों की ओर बढ़ रहे हैं. मोरिंगा (सहजन) ऐसा सुपरफूड है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने और हड्डियों, त्वचा व बालों की सेहत सुधारने में मदद करता है. यह पौधा गांव और शहर दोनों जगह आसानी से पाया जाता है और रोजाना आहार में शामिल किया जा सकता है. आज के समय में लोग सेहत को लेकर काफी जागरूक हो रहे हैं और प्राकृतिक चीजों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में मोरिंगा (सहजन) एक ऐसा पौधा है जिसे “सुपरफूड” कहा जाता है. गांव से लेकर शहर तक आसानी से मिलने वाला सहजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद भी है. इसकी फली (ड्रमस्टिक), पत्तियां और बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: वैद्य जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, मोरिंगा (सहजन) का रोजाना सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं. खासकर मौसम बदलने पर सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव में यह काफी मददगार होता है. सहजन की फली या पत्तियों को खाने में शामिल करने से शरीर अंदर से मजबूत रहता है और इसे एक सस्ता व असरदार घरेलू उपाय भी माना जाता है. डायबिटीज में फायदेमंद: आज के समय में मधुमेह तेजी से बढ़ती समस्या बन गई है, ऐसे में मोरिंगा (सहजन) का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है. सहजन के पत्तों में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शुगर संतुलित रहता है और अचानक बढ़ने का खतरा कम होता है. कई डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं, लेकिन दवा के साथ लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google दिल की सेहत के लिए लाभकारी: मोरिंगा (सहजन) दिल को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे दिल पर दबाव कम पड़ता है. नियमित और संतुलित मात्रा में सहजन का सेवन हृदय रोग के खतरे को घटा सकता है. इसे अपने खानपान में शामिल करने से दिल मजबूत रहता है और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलती है. हड्डियों को मजबूत बनाता है: मोरिंगा (सहजन) में कैल्शियम और फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इसका नियमित सेवन हड्डियों को मजबूत रखता है और कमजोरी दूर करता है. खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह फायदेमंद है. इसके अलावा, यह आर्थराइटिस यानी जोड़ों के दर्द में भी राहत देने में सहायक है. संतुलित मात्रा में आहार में शामिल करने से हड्डियों की सेहत बेहतर बनी रहती है और दर्द की समस्या कम हो सकती है. पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्त: मोरिंगा (सहजन) पेट के लिए बहुत फायदेमंद है. इसका सेवन गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में राहत देता है. सहजन में ऐसे गुण होते हैं जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाते हैं और भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं. नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से पेट साफ रहता है, पाचन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस करता है. दिमाग के लिए फायदेमंद: मोरिंगा (सहजन) दिमाग की सेहत के लिए काफी लाभकारी है. इसमें मौजूद पोषक तत्व दिमाग को सक्रिय और तेज बनाए रखने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से याददाश्त बेहतर होती है और पढ़ाई या काम में ध्यान लगाने में आसानी होती है. यह मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक है. आहार में सहजन शामिल करने से दिमाग मजबूत रहता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: मोरिंगा (सहजन) में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से त्वचा की चमक बढ़ती है और दाग-धब्बों में कमी आ सकती है. इसके अलावा, सहजन बालों को मजबूत बनाता है और झड़ने की समस्या कम करने में मदद करता है. रोजाना आहार में शामिल करने से त्वचा और बाल दोनों की सेहत बेहतर बनी रहती है. First Published : April 03, 2026, 13:32 IST

सेम के पत्तों का कमाल! त्वचा रोग, पाचन और इम्यूनिटी के लिए हैं जबरदस्त, जानिए इसके फायदे

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Last Updated:April 02, 2026, 16:12 IST सेम के पत्ते सिर्फ एक सामान्य सब्जी नहीं, बल्कि औषधीय गुणों का खजाना हैं. ये पाचन सुधारने, त्वचा को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं सेम के पत्तों के ऐसे फायदे, जो आपको हैरान कर देंगे. सेम के पत्ते पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो पाचन, त्वचा रोगों और सूजन को कम करने में बेहद फायदेमंद हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन A, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि सेम के पत्ते चेहरे की चमक और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इसके पत्तों में मौजूद औषधीय गुण चेहरे के काले धब्बे, दाद (रिंगवर्म) और ललौसी जैसे त्वचा रोगों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं. इसका रस त्वचा को साफ़ और स्वस्थ बनाने में सहायक माना जाता है. सेम के पत्ते पाचन सुधारने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज, पेट की सूजन, अपच और पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को कम कर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. इसके सेवन से पेट दर्द, दस्त और त्वचा की समस्याओं में भी राहत मिलती है. यह सूजन कम करने और पेट के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में कारगर हैं. Add News18 as Preferred Source on Google सेम के पत्ते पेट दर्द, मरोड़, उल्टी और दस्त में राहत देने के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इनके औषधीय गुण पाचन में सुधार, सूजन कम करने और पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को संतुलित करने में मदद करते हैं. इनका उपयोग सब्जी, काढ़ा या पत्तियों के रस के रूप में किया जा सकता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर सेम के पत्ते दाद-खाज-खुजली (त्वचा रोग), पाचन सुधार, पेट दर्द, सूजन कम करने और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके सेवन या लेप से शरीर में जमा विषैले पदार्थ (टॉक्सिन्स) बाहर निकलने में मदद मिलती है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं. सेम के पत्ते गले की खराश और दर्द के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें सूजन-रोधी और औषधीय गुण होते हैं, जो गले में खराश, सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. सेम के पत्ते त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, खासकर दाद, खाज, खुजली और सूजन जैसी समस्याओं में. इनके पत्तों का रस या पेस्ट लगाने से ललौसी, चेहरे के काले धब्बे और फंगल इन्फेक्शन कम होने में मदद मिलती है. इनमें मौजूद प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण त्वचा को स्वस्थ और साफ बनाए रखने में सहायक होते हैं. First Published : April 02, 2026, 16:12 IST

इम्यूनिटी बढ़ानी है? खीरे के पत्तों का ये आसान तरीका कर सकता है कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:March 30, 2026, 14:37 IST अक्सर लोग खीरे के पत्तों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये पत्ते भी किसी औषधि से कम नहीं हैं. पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर खीरे के पत्ते शरीर को डिटॉक्स करने से लेकर पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने तक कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकते हैं. खीरे के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. ये शरीर को डिटॉक्स करने के साथ मूत्रवर्धक के रूप में काम करते हैं और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. गले की खराश और पित्त को शांत करने के लिए इनका उपयोग काढ़े या रस के रूप में किया जा सकता है. एक्सपर्ट डॉ विनीता शर्मा ने बताया कि खीरे के पत्ते और फल पाचन और कब्ज में राहत देते हैं क्योंकि इनमें 95-96% पानी और प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है. ये पेट की गर्मी को कम करते हैं, मल को नरम बनाते हैं और पेट फूलना, एसिडिटी व कब्ज से राहत दिलाते हैं. इसे सलाद या जूस के रूप में सेवन किया जा सकता है. खीरे के पत्ते गले के रोगों के लिए उपयोगी होते हैं. इसके लिए पत्तों का काढ़ा (10-20 मिली) बनाकर उसमें आधा ग्राम जीरा चूर्ण मिलाकर सेवन करने से गले के संक्रमण, सूजन और खराश में लाभ मिलता है. ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, सूजन कम करते हैं और एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google खीरे के पत्ते में ट्राइटरपेनोइड्स और कुकुरबिटासिन जैसे महत्वपूर्ण यौगिक होते हैं, जो इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम कर सकते हैं. ये यौगिक सूजन को कम करने और शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं, जिससे पुरानी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है. खीरे के पत्ते और फल दोनों ही प्राकृतिक मूत्रवर्धक होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. ये किडनी को यूरिक एसिड निकालने के लिए उत्तेजित करते हैं, मूत्र में जलन या रुकावट को कम करते हैं और किडनी के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं. खीरे के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन, लालिमा और जलन को कम करने में मदद करते हैं. ये पत्ते कुकुरबिटासिन और फेनोलिक्स से भरपूर होते हैं, जो सूजन पैदा करने वाली कोशिकाओं को रोकते हैं. इन्हें पीसकर पेस्ट बनाकर या अर्क के रूप में त्वचा पर लगाने से शीतलता मिलती है. खीरे के पत्ते और फल पेट की सूजन, एसिडिटी और गैस में राहत के लिए फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें सूजन-रोधी गुण और उच्च पानी की मात्रा होती है. ये शरीर को हाइड्रेट कर पेट की जलन कम करते हैं और पाचन में सुधार करते हैं. इन्हें जूस, सलाद या पानी के साथ सेवन किया जा सकता है. First Published : March 30, 2026, 14:37 IST

सेहत का खजाना है फलों का राजा आम, इम्युनिटी बढ़ाए और पाचन भी रखे फिट, जानें जबरदस्त फायदे

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Last Updated:March 30, 2026, 10:32 IST Benefits of Eating Mango: आम को फलों का राजा कहा जाता है और यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें विटामिन A, C और E के साथ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते है. आम का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी माना जाता है. गर्मियों में आम शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है और थकान कम करता है. साथ ही यह त्वचा को निखारने और बालों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है. सीमित मात्रा में आम खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और गर्मियों में ताजगी बनी रहती है. शायद ही कोई ऐसा हो, जिसे आम खाना पसंद नहीं. आम, भारतीय इतिहास और संस्कृति का एक अभिन्न अंग होने के कारण सबसे पसंदीदा भारतीय फलों में से एक है और इसे ‘फलों के राजा’ के रूप में जाना जाता है. लोग आम को अचार, जैम, शेक या चटनी कई रूप में खाना पसंद करते हैं. स्वाद के अलावा, आम स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं, क्योंकि ये विटामिन सी, पोटेशियम और फाइबर से भरपूर होते हैं. आम आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी फल है. इसमें प्रचुर मात्रा में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो शरीर में जाकर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है. विटामिन ए आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और रतौंधी जैसी समस्याओं से बचाव करता है. इसके नियमित सेवन से आंखों की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं और दृष्टि तेज होती है. आम विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है. यह त्वचा और पाचन के लिए भी लाभकारी होता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google आम में मैंगिफेरिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जिसमें कैंसर विरोधी गुण मौजूद होते हैं. यह तत्व शरीर की कोशिकाओं को क्षति से बचाने में मदद करता है और फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में सहायता मिल सकती है. इसके पोषक तत्व शरीर की समग्र सेहत को बेहतर बनाते हैं और गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं. आम दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फल है, क्योंकि इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. पोटेशियम एक महत्वपूर्ण खनिज है, जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक होता है और हृदय की धड़कन को संतुलित बनाए रखता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से हृदय रोगों का जोखिम कम हो सकता है. इसके पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ संपूर्ण हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं. आम पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक फल है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. फाइबर भोजन के पाचन को आसान बनाता है और आंतों की कार्यप्रणाली को सुचारु रखता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से कब्ज जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सकती है. इसके प्राकृतिक एंजाइम्स पाचन प्रक्रिया को तेज करते हैं, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और समग्र स्वास्थ्य सुधरता है. डॉक्टर रिद्धी पांडे ने लोकल 18 से बताया कि आम सेहत के लिए बहुत फायदेमंद फल है. इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को लाभ पहुंचाते हैं. हालांकि, उन्होंने सलाह दी कि आम का सेवन भी अन्य फलों की तरह सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि इसके अधिक सेवन से होने वाले नुकसान से बचा जा सके. First Published : March 30, 2026, 10:19 IST

इम्युनिटी बढ़ाने का आसान तरीका, घर पर ऐसे बनाएं हेल्दी इम्युनिटी शॉट्स

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Last Updated:March 29, 2026, 23:47 IST Make Immunity Shots at Home: हमारी इम्युनिटी हमें बीमारियों से बचाती है, लेकिन गलत खानपान, तनाव और प्रदूषण इसे कमजोर कर सकते हैं. सुबह खाली पेट इम्युनिटी शॉट लेने से शरीर को पोषक तत्व जल्दी मिलते हैं. यह भोजन का विकल्प नहीं है, लेकिन विटामिन C, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट की कमी को पूरा करने में मदद करता है. ख़बरें फटाफट मौसमी बीमारियां, प्रदूषण और तनाव सेहत पर असर डालते हैं. ऐसे में शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट रखना बहुत जरूरी हो जाता है.इसके लिए आपको किसी तरह की महंगी दवाईयों या सिरप की जरूरत नहीं. आप घर पर ही मौजूद चीजों से इम्यूनिटी शॉट बना सकते हैं. ये इम्युनिटी शॉट्स छोटे लेकिन पोषक ड्रिंक, जो जड़ी-बूटियों, फलों और मसालों से बनाए जाते हैं. ये शॉट्स घर पर आसानी से बन जाते हैं और शरीर को जरूरी पोषण तुरंत देते हैं. अगर आप बार-बार सर्दी-जुकाम से बचना चाहते हैं, सूजन कम करना चाहते हैं या दिनभर एनर्जेटिक रहना चाहते हैं, तो इन्हें अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं. इम्युनिटी शॉट्स क्या होते हैं?ये 30–60 ml के छोटे ड्रिंक होते हैं, जिनमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले तत्व होते हैं. इन्हें एक बार में पिया जाता है. ये इम्युनिटी मजबूत करने, पाचन सुधारने और शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं. इनमें हल्दी, अदरक, नींबू, आंवला और शहद जैसे प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं. घर पर बनाएं आसान इम्युनिटी शॉट्स अदरक-हल्दी शॉट- अदरक, कच्ची हल्दी (या हल्दी पाउडर), नींबू का रस, शहद, काली मिर्च, पानी. इन सभी चीजों का जूस बनाकर तैयार कर लें. इसका सेवन सूजन कम करता है, पाचन सुधारता है और सांस से जुड़ी समस्याओं में मदद करता है. आंवला शॉट- आंवला, अदरक, नमक, पानी को मिलाकर जूस तैयार करें. ये शॉट विटामिन C से भरपूर होता है जो त्वचा और लिवर के लिए अच्छा है. संतरा-गाजर शॉट- संतरा, गाजर, अदरक, नींबू रस को मिलाकर इससे शॉट तैयार करें. इसका सेवन आंखों के लिए अच्छा होता है और इम्युनिटी बढ़ाता है. एप्पल साइडर विनेगर शॉटएप्पल साइडर विनेगर, गुनगुना पानी, शहद, दालचीनी को मिलाकर एक जूस तैयार करें. इसका सेवन पाचन सुधारता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और सूजन कम करता है. कब और कैसे पिएं?इम्युनिटी शॉट सुबह खाली पेट लेना सबसे अच्छा होता है. शुरुआत 30 ml से करें और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं. अगर पेट संवेदनशील है, तो खट्टे पदार्थ कम लें या पानी ज्यादा मिलाएं. इन बातों का रखें ध्यानइम्यूनिटी शॉट को बनाने के लिए हमेशा ताजी सामग्री का उपयोग करें. चीनी की जगह शहद या गुड़ का इस्तेमाल करें. ज्यादा दिन स्टोर न करें, ताजा पीना बेहतर है. अगर आपको एसिडिटी या कोई बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : March 29, 2026, 23:47 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

लू और गर्मी से बचाएगा देसी नुस्खा, बेल और गुलकंद का मुरब्बा देगा ठंडक, इम्यूनिटी का पावर हाउस!

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गोरखपुर: गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच अगर खानपान सही न हो, तो कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. ऐसे में पुराने समय से इस्तेमाल होने वाले देसी उपाय आज भी उतने ही कारगर हैं. खासकर मुरब्बे का चलन, जो अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, लेकिन इसके फायदे आज भी बरकरार हैं. बेल और गुलकंद का मुरब्बा गर्मियों में शरीर के लिए किसी प्राकृतिक दवा से कम नहीं माना जाता है. गोरखपुर के घंटाघर इलाके में पिछले 60-70 सालों से मुरब्बा बनाने का काम कर रहे प्राणनाथ और उनका परिवार बताते हैं कि पहले के समय में हर घर में मुरब्बा बनता था और इसे रोजाना खाने की आदत होती थी. उनका कहना है कि बेल का मुरब्बा खासतौर पर पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है. वहीं गुलकंद की बात करें तो यह न सिर्फ ठंडक देता है, बल्कि एसिडिटी और गर्मी से होने वाली परेशानियों को भी कम करता है. इस खास तरीके से होता है तैयारप्राणनाथ बताते हैं कि बेल का मुरब्बा तैयार करने के लिए पके हुए बेल का गूदा निकालकर उसे उबालकर और फिर चीनी या गुड़ के साथ पकाया जाता है, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और इसका स्वाद भी बढ़ जाता है. वहीं गुलकंद बनाने की प्रक्रिया थोड़ी अलग और समय लेने वाली होती है. गर्मियों के लिए जबरदस्त फायदाइसमें गुलाब की ताजी पंखुड़ियों को चीनी या मिश्री के साथ कांच के जार में भरकर दो दिन तक धूप में रखा जाता है. इस दौरान यह धीरे-धीरे पककर मुरब्बे का रूप ले लेता है, जिसमें इलायची जैसी चीजें मिलाकर स्वाद और खुशबू को और बेहतर किया जाता है. गर्मी के मौसम में इन मुरब्बों के साथ कुछ और देसी चीजें भी शामिल की जा सकती हैं, जैसे सौंफ, मिश्री, खस का शरबत और आंवला मुरब्बा. ये सभी चीजें शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करती हैं. खासकर लू से बचाव के लिए ये उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं. कब्ज, एसिडिटी और पेट के लिए फायदाअगर नियमित रूप से बेल और गुलकंद का सेवन किया जाए, तो यह न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है बल्कि कब्ज, एसिडिटी और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से भी राहत दिलाता है. साथ ही यह इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है, जिससे शरीर गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा रहता है. आज के समय में जहां लोग पैकेज्ड और केमिकल युक्त चीजों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं ये पारंपरिक मुरब्बे एक हेल्दी और नेचुरल विकल्प के रूप में सामने आते हैं. जरूरत है तो बस पुराने तरीकों को फिर से अपनाने की, ताकि स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जा सके.

Pumpkin Benefits : वजन घटाए, इम्युनिटी बढ़ाए…99% लोग नहीं जानते कद्दू के ये वाले जादुई फायदे

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Last Updated:March 28, 2026, 22:54 IST Pumpkin health benefits : आज हम बात करेंगे कद्दू की, जिसे कोहड़ा के नाम से भी जाना जाता हैं. यह केवल एक साधारण सब्जी नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है. इसमें विटामिन A, C, E, फाइबर और पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके सही सेवन से कई रोग ठीक हो सकते हैं. बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह लोकल 18 से कहती हैं कि यह कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है और आंतों को साफ रखता है. यह न केवल नजर को तेज करता है, बल्कि मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से भी दूर रखता है. कद्दू कम कैलोरी वाली सब्जी है, जिसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. अगर आप भी पाचन की समस्या से परेशान रहते हैं, तो कद्दू आपकी थाली का अहम हिस्सा जरूर होनी चाहिए. इसमें फाइबर और पानी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं. यह कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है और आंतों को साफ रखता है. हल्का होने के कारण यह पेट पर बोझ भी नहीं डालता और खाने के बाद राहत की अनुभूति होती है. कद्दू यानी कोहड़ा आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी कमाल है. इसमें बीटा-कैरोटीन होता हैं, जो शरीर में जाकर विटामिन A में बदलता है. यह कारण है कि कद्दू आंखों के लिए बेहद जरूरी है. यह न केवल नजर को तेज करता है, बल्कि मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचाने में भी सहायता कर सकता है. बलिया की सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य  डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, कद्दू वजन कम करने वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह कम कैलोरी वाली सब्जी है, जिसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इसी के चलते बार-बार भूख भी नहीं लगती है और अतिरिक्त खाने से बचाव होता है. इस प्रकार से यह वजन नियंत्रित रखने में बड़ा महत्त्वपूर्ण है. Add News18 as Preferred Source on Google कद्दू इम्युनिटी मजबूत करने के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इसके नियमित सही सेवन से सर्दी-जुकाम और संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है, जिससे आदमी ज्यादा स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है. कद्दू का त्वचा और बालों की खूबसूरती बढ़ाने में भी कोई जवाब नहीं है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे चमक बनी रहती है. यह समय से पहले झुर्रियां आने से रोकता है और बालों को भी पोषण देकर मजबूत बनाता है यानी यह त्वचा के साथ बालों के लिए भी लाभकारी है. कद्दू दिल की सेहत के लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है. इसमें पोटेशियम और फाइबर पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं और कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायता प्रदान करते हैं. इसके नियमित सेवन से हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है और दिल लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है. कद्दू के बीज और पत्ते भी कम उपयोगी नहीं हैं. बीजों में मैग्नीशियम, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो हड्डियों और शरीर को मजबूत बनाते हैं. पत्तों में भी पोषक तत्व भरपूर होते हैं. इसको सब्जी पत्ती या फूल की पकौड़ी, चटनी आदि व्यंजन बेहद स्वादिष्ट बनते हैं. ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है, इसलिए यदि कोई बीमारी हो, तो आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श जरूर लें. First Published : March 28, 2026, 22:54 IST

पेट भरा और फिट महसूस करना चाहते हैं? पाचन, इम्यूनिटी और वजन नियंत्रण में मददगार, जानिए चौंकाने वाले फायदे

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Last Updated:March 23, 2026, 18:06 IST अनन्नास स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. इसमें पाचन, इम्यूनिटी और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी पोषक तत्व मौजूद हैं. गर्मियों में जूस के रूप में सेवन करने पर यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करता है. स्वादिष्ट फल अनन्नास न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषक तत्वों से भरपूर यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. यदि संतुलित मात्रा में अनन्नास का सेवन किया जाए तो यह शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है. अनन्नास एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. यदि इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो यह शरीर को अंदर से मजबूत और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. पाचन तंत्र के लिए भी अनन्नास बेहद लाभकारी है. इसमें ब्रोमेलिन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है और पेट में गैस, अपच व सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. जिन लोगों को कब्ज या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए अनन्नास का सीमित सेवन फायदेमंद हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि अनन्नास में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है. बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव में यह फल काफी कारगर माना जाता है. इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है. हड्डियों की मजबूती के लिए भी अनन्नास अच्छा विकल्प है. इसमें मैंगनीज, कैल्शियम और अन्य जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह फल लाभकारी माना जाता है. वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए भी अनन्नास एक बेहतर विकल्प है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है. डॉक्टर के मुताबिक अनन्नास का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को एसिडिटी या एलर्जी की समस्या हो सकती है. खासकर गर्भवती महिलाओं और किसी विशेष बीमारी से ग्रसित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए. अनानास का जूस पीने से गर्मी के मौसम में शरीर में ठंडक रहती है और इसके ठोस भाग को खाने की अपेक्षा यदि इसके जूस को पिया जाए तो यह शरीर में काफी लाभ पहुंचता है. ऐसे में अनानास का सेवन न सिर्फ हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे हमारे शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. First Published : March 23, 2026, 18:06 IST

इस सब्जी के आगे चिकन, मटन भी फेल, पोषक तत्वों का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाए, कब्ज का करे जड़ से इलाज, जानते हैं नाम?

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kathal health benefits: कई तरह की मार्केट में सब्जियां मिलती हैं, जिनमें कुछ ऐसी सब्जी होती है, जिसका सेवन लोग रेगुलर नहीं करते हैं. किसी खास मौके, पार्टी-फंक्शन या त्योहारों में ही कुछ सब्जियां विशेष रूप से बनाई जाती हैं. ऐसी एक सब्जी है कटहल. भारी-भरकम सा दिखने वाला कटहल का स्वाद ऐसा होता है कि यदि सही तरीके से तेल-मसाले डाल कर इसकी सब्जी बनाई जाए तो इसके आगे नॉनवेज भी फेल लगता है. इन दिनों बाजार में कटहल काफी मिलने लगा है. अलग-अलग राज्यों में लोग इसे अपने तरीके से बनाना पसंद करते हैं. कटहल की ग्रेवी वाली सब्जी हो या फिर कटहल का कोफ्ता, देखते ही मुंह में पानी आ जाता है. इसके स्वाद के मामले में इसका कोई सानी नहीं है. हालांकि, इसे काटना थोड़ा मुश्किल काम कई लोगों को लगता है, क्योंकि जब आप इसे काटते हैं तो हाथों पर इससे निकलने वाला चिपचिपा सा पदार्थ चिपकने लगता है. चाहे जो भी कटहल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है. चलिए जानते हैं कटहल खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं. कटहल में मौजूद पोषक तत्वकटहल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी, विटामिन सी, फाइटोकेमिकल्स आदि पाए जाते हैं. कटहल खाने के स्वास्थ्य लाभ (kathal ke fayde in hindi) – कटहल न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि इसमें कई तरह के पोषक तत्वों की प्रचुरता भी होती है. इसे’सब्जियों का सुपरफूड’ भी कहते हैं. विशेष रूप से यह फाइबर का एक बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत है. फाइबर से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. कब्ज की समस्या नहीं होती है. पाचन तंत्र हेल्दी रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -आयुर्वेद में कटहल को भारी और चिकनाई वाली सब्जी माना गया है, जो शरीर के पोषण की जरूरतों को पूरा करता है. कटहल को सही तरीके से पका कर खाया जाए तो यह शरीर में वात का संतुलन कर सकता है. -अगर पाचन अग्नि मंद है तो इसका सेवन कम से कम करें, क्योंकि इसे पचाने में पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. भारी और चिकनाई युक्त होने की वजह से इसके पाचन में लंबा समय लगता है. -ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह सब्जी फायदेमंद है. इसका ‘ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ कम होता है. इस वजह से ब्लड में ग्लूकोज लेवल कंट्रोल में रहता है. कटहल की सब्जी हृदय के लिए भी लाभकारी होती है. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है. इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होती है, जो हृदय से जुड़े रोगों के खतरे को कम करता है. -फाइबर से भरपूर कटहल आंतों में जमी गंदगी को बाहर निकाल कर आंतों को हेल्दी रखता है. आप कब्ज से बचे रहते हैं. यह आंतों के लिए एक ब्रश की तरह काम करता है, जो गंदगी को जल्दी से जल्दी शरीर से बाहर निकालता है. पेट के साथ-साथ यह सब्जी सौंदर्य को बढ़ाने में भी लाभकारी है. -इसमें मौजूद विटामिन ए और सी मिलकर स्किन और बालों को निखारने का काम करते हैं. इसके साथ ही कुछ लोगों को कटहल के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए. गैस या मंद पाचन वाले लोगों को इसका सेवन कम ही करना चाहिए. अगर शरीर में वात की अधिकता है, तो इसे कम मसालों के साथ बनाएं और सीमित मात्रा में ही खाएं.

रोज सुबह पिए ये खास ड्रिंक, बढ़ेगी इम्युनिटी और एनर्जी, आएगा स्किन पर अनोखा ग्लो 

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Last Updated:March 20, 2026, 15:11 IST Chia Seeds Special Drinks: स्वस्थ रहने के लिए लोग अब प्राकृतिक और आसान घरेलू उपायों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इन्हीं में से एक है सुबह खाली पेट चिया सीड्स का पानी पीना. पोषक तत्वों से भरपूर यह ड्रिंक शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकती है. आइए जानते हैं खास रेसिपी… बदलती लाइफस्टाइल और मौसम के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है. ऐसे में चिया सीड्स बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते है. रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. यह ड्रिंक शरीर में सूजन कम करने और सेल्स को फ्री रेडिकल्स से बचाने में भी मददगार मानी जाती है. नियमित सेवन से थकान कम महसूस हो सकती है, शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है. खासकर बदलते मौसम में यह आदत इम्युनिटी को बनाए रखने में उपयोगी है. चिया सीड्स का पानी वजन घटाने या नियंत्रित रखने वालों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. इसमें मौजूद फाइबर पानी सोखकर जेल जैसा बन जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है. इससे बार-बार खाने या स्नैकिंग की आदत कम हो सकती है. कम कैलोरी और ज्यादा पोषण वाला यह ड्रिंक डाइट प्लान में आसानी से शामिल किया जा सकता है. सुबह खाली पेट सेवन करने से मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मदद मिलती है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. हालांकि, केवल इस ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जरूरी है. पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज, गैस या अपच आजकल आम हो गई हैं. चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है. जब इसे पानी में भिगोया जाता है तो यह एक मुलायम जेल बनाता है, जो भोजन के पाचन को आसान बना सकता है. सुबह इसका सेवन करने से पेट साफ रहने में मदद मिल सकती है और आंतों की सेहत बेहतर हो सकती है. साथ ही यह गट हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है. Add News18 as Preferred Source on Google चिया सीड्स पानी को अच्छी तरह सोख लेते हैं, धीरे-धीरे शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं. गर्मियों या ज्यादा मेहनत वाले दिनों में यह खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है. सुबह इसका पानी पीने से शरीर में हाइड्रेशन का स्तर बेहतर बना रह सकता है, जिससे सिरदर्द, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं. यह ड्रिंक इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को भी सपोर्ट कर सकती है. जो लोग कम पानी पीते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है. नियमित सेवन से त्वचा और शरीर दोनों तरोताजा महसूस कर सकते हैं. चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. सुबह इसका सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही यह ब्लड प्रेशर संतुलन और रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है. हेल्दी डाइट के साथ इसे शामिल करने से हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि जिन लोगों को पहले से दिल से जुड़ी समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसे नियमित रूप से लेना चाहिए. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चिया सीड्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं. सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है, जिससे त्वचा साफ और हेल्दी दिख सकती है. यह ड्रिंक स्किन को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी मदद कर सकती है, जिससे रूखापन और बेजानपन कम हो सकता है. नियमित सेवन के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, तभी त्वचा पर बेहतर असर देखने को मिल सकता है. चिया सीड्स का अधिकतम लाभ पाने के लिए एक चम्मच बीज को रातभर या कम से कम 30 मिनट पानी में भिगोना चाहिए. सुबह खाली पेट इस पानी को पीना फायदेमंद माना जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस या थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है. ध्यान रखें कि इसे सूखा न खाएं, क्योंकि इससे गले या पाचन में दिक्कत हो सकती है. शुरुआत में कम मात्रा से सेवन शुरू करें और शरीर की प्रतिक्रिया को समझें. गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका नियमित उपयोग करें. First Published : March 20, 2026, 15:09 IST