Wednesday, 07 Oct 2026 | 06:39 PM

Trending :

EXCLUSIVE

लू और गर्मी से बचाएगा देसी नुस्खा, बेल और गुलकंद का मुरब्बा देगा ठंडक, इम्यूनिटी का पावर हाउस!

authorimg

गोरखपुर: गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच अगर खानपान सही न हो, तो कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. ऐसे में पुराने समय से इस्तेमाल होने वाले देसी उपाय आज भी उतने ही कारगर हैं. खासकर मुरब्बे का चलन, जो अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, लेकिन इसके फायदे आज भी बरकरार हैं. बेल और गुलकंद का मुरब्बा गर्मियों में शरीर के लिए किसी प्राकृतिक दवा से कम नहीं माना जाता है.

गोरखपुर के घंटाघर इलाके में पिछले 60-70 सालों से मुरब्बा बनाने का काम कर रहे प्राणनाथ और उनका परिवार बताते हैं कि पहले के समय में हर घर में मुरब्बा बनता था और इसे रोजाना खाने की आदत होती थी. उनका कहना है कि बेल का मुरब्बा खासतौर पर पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है. वहीं गुलकंद की बात करें तो यह न सिर्फ ठंडक देता है, बल्कि एसिडिटी और गर्मी से होने वाली परेशानियों को भी कम करता है.

इस खास तरीके से होता है तैयार
प्राणनाथ बताते हैं कि बेल का मुरब्बा तैयार करने के लिए पके हुए बेल का गूदा निकालकर उसे उबालकर और फिर चीनी या गुड़ के साथ पकाया जाता है, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और इसका स्वाद भी बढ़ जाता है. वहीं गुलकंद बनाने की प्रक्रिया थोड़ी अलग और समय लेने वाली होती है.

गर्मियों के लिए जबरदस्त फायदा
इसमें गुलाब की ताजी पंखुड़ियों को चीनी या मिश्री के साथ कांच के जार में भरकर दो दिन तक धूप में रखा जाता है. इस दौरान यह धीरे-धीरे पककर मुरब्बे का रूप ले लेता है, जिसमें इलायची जैसी चीजें मिलाकर स्वाद और खुशबू को और बेहतर किया जाता है.

गर्मी के मौसम में इन मुरब्बों के साथ कुछ और देसी चीजें भी शामिल की जा सकती हैं, जैसे सौंफ, मिश्री, खस का शरबत और आंवला मुरब्बा. ये सभी चीजें शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करती हैं. खासकर लू से बचाव के लिए ये उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं.

कब्ज, एसिडिटी और पेट के लिए फायदा
अगर नियमित रूप से बेल और गुलकंद का सेवन किया जाए, तो यह न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है बल्कि कब्ज, एसिडिटी और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से भी राहत दिलाता है. साथ ही यह इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है, जिससे शरीर गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा रहता है.

आज के समय में जहां लोग पैकेज्ड और केमिकल युक्त चीजों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं ये पारंपरिक मुरब्बे एक हेल्दी और नेचुरल विकल्प के रूप में सामने आते हैं. जरूरत है तो बस पुराने तरीकों को फिर से अपनाने की, ताकि स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जा सके.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
RPSC SI Exam Re-Exam Sept 20

May 16, 2026/
8:18 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से एसआई भर्ती परीक्षा 2021 का पुनः आयोजन 20 सितम्बर को किया जाएगा।...

पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद कैसे हैं सलमान खान?:दोस्त संतोष शुक्ला बोले- बहुत शांत रहते हैं, किसी को परेशान नहीं करना चाहते

February 23, 2026/
10:35 am

सलमान खान के पिता और मशहूर स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया...

मुरैना में बिना रजिस्ट्रेशन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल-सीएनजी:प्रभारी कलेक्टर बोले- क्राइम रोकने लिया फैसला, फ्यूल देने पर संचालक पर होगी कार्रवाई

April 16, 2026/
11:33 am

अब मुरैना में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को पेट्रोल,डीजल,सीएनजी नहीं मिलेगा। ऐसा करना पेट्रोल पंप संचालकों के लिए अपराध होगा।...

#एक्सक्लूसिव | 4 मई के जनादेश के कारण पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देना पड़ा: सुष्मिता देव ने टीएमसी से बाहर निकलने की व्याख्या की

June 10, 2026/
6:20 pm

एक विशेष बातचीत में, सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे और अपने राज्यसभा पद के बारे में खुलकर...

Ricky Martin will perform at the ICC Men's T20 World Cup closing ceremony before the final match between India and New Zealand (PTI)

March 8, 2026/
1:54 pm

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 13:54 IST नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उपमुख्यमंत्री बनने की अटकलों के बीच निशांत...

जौहर विवाद पर बोलीं स्वरा भास्कर:मेरे नाम पर लोगों को नौकरी मिल रही; स्वरा के बयान पर शहजाद और सिवेट के बीच हाथापाई

September 28, 2026/
4:15 pm

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर दिए अपने विवादित बयान पर खुल कर बात की है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

लू और गर्मी से बचाएगा देसी नुस्खा, बेल और गुलकंद का मुरब्बा देगा ठंडक, इम्यूनिटी का पावर हाउस!

authorimg

गोरखपुर: गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच अगर खानपान सही न हो, तो कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. ऐसे में पुराने समय से इस्तेमाल होने वाले देसी उपाय आज भी उतने ही कारगर हैं. खासकर मुरब्बे का चलन, जो अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, लेकिन इसके फायदे आज भी बरकरार हैं. बेल और गुलकंद का मुरब्बा गर्मियों में शरीर के लिए किसी प्राकृतिक दवा से कम नहीं माना जाता है.

गोरखपुर के घंटाघर इलाके में पिछले 60-70 सालों से मुरब्बा बनाने का काम कर रहे प्राणनाथ और उनका परिवार बताते हैं कि पहले के समय में हर घर में मुरब्बा बनता था और इसे रोजाना खाने की आदत होती थी. उनका कहना है कि बेल का मुरब्बा खासतौर पर पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है. वहीं गुलकंद की बात करें तो यह न सिर्फ ठंडक देता है, बल्कि एसिडिटी और गर्मी से होने वाली परेशानियों को भी कम करता है.

इस खास तरीके से होता है तैयार
प्राणनाथ बताते हैं कि बेल का मुरब्बा तैयार करने के लिए पके हुए बेल का गूदा निकालकर उसे उबालकर और फिर चीनी या गुड़ के साथ पकाया जाता है, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और इसका स्वाद भी बढ़ जाता है. वहीं गुलकंद बनाने की प्रक्रिया थोड़ी अलग और समय लेने वाली होती है.

गर्मियों के लिए जबरदस्त फायदा
इसमें गुलाब की ताजी पंखुड़ियों को चीनी या मिश्री के साथ कांच के जार में भरकर दो दिन तक धूप में रखा जाता है. इस दौरान यह धीरे-धीरे पककर मुरब्बे का रूप ले लेता है, जिसमें इलायची जैसी चीजें मिलाकर स्वाद और खुशबू को और बेहतर किया जाता है.

गर्मी के मौसम में इन मुरब्बों के साथ कुछ और देसी चीजें भी शामिल की जा सकती हैं, जैसे सौंफ, मिश्री, खस का शरबत और आंवला मुरब्बा. ये सभी चीजें शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करती हैं. खासकर लू से बचाव के लिए ये उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं.

कब्ज, एसिडिटी और पेट के लिए फायदा
अगर नियमित रूप से बेल और गुलकंद का सेवन किया जाए, तो यह न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है बल्कि कब्ज, एसिडिटी और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से भी राहत दिलाता है. साथ ही यह इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है, जिससे शरीर गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा रहता है.

आज के समय में जहां लोग पैकेज्ड और केमिकल युक्त चीजों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं ये पारंपरिक मुरब्बे एक हेल्दी और नेचुरल विकल्प के रूप में सामने आते हैं. जरूरत है तो बस पुराने तरीकों को फिर से अपनाने की, ताकि स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जा सके.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.