फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज:ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 बजे दुनिया भर में लॉन्च

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। मेकर्स ने इसे भारतीय समयानुसार 30 जुलाई सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया है। देखें ट्रेलर की झलक- रामायण के ट्रेलर ने जीता दर्शकों का दिल ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। भव्य दृश्य, भगवान राम के किरदार और रावण बने यश के दमदार अंदाज की जमकर तारीफ हो रही है। एक यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ ट्रेलर नहीं, पीढ़ियों से जुड़ी एक भावना है।” वहीं दूसरे ने कहा, “कुछ फिल्में देखी जाती हैं, रामायण महसूस की जाती है।” एक यूजर ने लिखा, “रावण के किरदार में यश की कास्टिंग बेहतरीन है।” जबकि साई पल्लवी के सीता रूप को देखकर लोगों ने कहा, “मां सीता के रूप में साई पल्लवी दिव्य लग रही हैं।” कई दर्शकों ने यह भी लिखा कि ट्रेलर देखने के उत्साह में वे पूरी रात सो नहीं पाए। इससे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर रिलीज की जानकारी दी थी कि हिंदू परंपरा में सुबह 4 से 5 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, जिसे किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज का समय चुना। रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोल फिल्म ‘रामायण’ में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज:ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 बजे दुनिया भर में लॉन्च

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। मेकर्स ने इसे भारतीय समयानुसार 30 जुलाई सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया है। देखें ट्रेलर की झलक- रामायण के ट्रेलर ने जीता दर्शकों का दिल ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। भव्य दृश्य, भगवान राम के किरदार और रावण बने यश के दमदार अंदाज की जमकर तारीफ हो रही है। एक यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ ट्रेलर नहीं, पीढ़ियों से जुड़ी एक भावना है।” वहीं दूसरे ने कहा, “कुछ फिल्में देखी जाती हैं, रामायण महसूस की जाती है।” एक यूजर ने लिखा, “रावण के किरदार में यश की कास्टिंग बेहतरीन है।” जबकि साई पल्लवी के सीता रूप को देखकर लोगों ने कहा, “मां सीता के रूप में साई पल्लवी दिव्य लग रही हैं।” कई दर्शकों ने यह भी लिखा कि ट्रेलर देखने के उत्साह में वे पूरी रात सो नहीं पाए। इससे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर रिलीज की जानकारी दी थी कि हिंदू परंपरा में सुबह 4 से 5 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, जिसे किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज का समय चुना। रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोल फिल्म ‘रामायण’ में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
हॉलीवुड तक पहुंचा हरियाणवी सॉन्ग 'बरसात':स्पाइडर मैन की नई मूवी का हिस्सा बना, एक्टर पीटर की लव स्टोरी दिखाई; बैरण सिंगर्स ने गाया

हरियाणवी सॉन्ग बैरण से बिलबोर्ड तक पहुंच बनाने वाले सुमित-अनुज का नया सॉन्ग ‘बरसात’ अब हॉलीवुड तक पहुंच गया है। रिलीज होने के 20 दिनों के भीतर ही इसे हॉलीवुड फ्रेंचाइजी स्पाइडर मैन के लिए सिलेक्ट कर लिया गया। इस सीरिज की नई फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ के लिए बरसात को इंडिया कैंपेन के लिए चुना गया है। 28 जुलाई को इस सॉन्ग की प्रमोशनल वीडियो भी रिलीज की गई। सॉन्ग में अभिनेता पीटर पार्कर की इमोशनल लव स्टोरी भी दिखाई गई। सिंगर्स का दावा है कि किसी हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म में चुने जाने वाला ये पहला हरियाणवी सॉन्ग है। दो दिन पहले रिलीज हुए इस सॉन्ग को 35 लाख से भी अधिक बार देखा जा चुका है। फिल्म में कैसे चुना गया ‘बरसात’ सॉन्ग फिल्म से कैसे जुड़ा सॉन्ग ‘बरसात’ 9 जुलाई को सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ रिलीज हुआ था। रिलीज के साथ ही सॉन्ग तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके इमोशनल लिरिक्स और म्यूजिक को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में इसी सॉन्ग का स्पेशल मेल प्रमोशनल वर्जन तैयार किया गया, जिसे स्पाइडर-मैन के इंडियन प्रमोशन कैंपेन के लिए चुना गया। इसके बाद फिल्म के प्रमोशन के लिए बरसात का वीडियो 28 जुलाई को रिलीज किया गया। इसमें पीटर पार्कर और एमजे के रिश्ते की इमोशनल स्टोरी दिखाई गई है। इस प्रमोशनल सॉन्ग को बंजारे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया। हॉलीवुड फिल्म में पहला हरियाणवी सॉन्ग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरसात को पहला हरियाणवी सॉन्ग माना जा रहा है, जो हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म के इंडियन प्रमोशन कैंपेन में शामिल किया गया है। इसे सिर्फ बंजारे की सफलता नहीं, बल्कि हरियाणवी म्यूजिक और लैंग्वेज की ग्लोबल पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। रीजनल आर्टिस्ट्स के लिए खुलेगा नया रास्ता सिंगर सुमित और अजय ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि ये सॉन्ग सिर्फ एक लव एंगल नहीं है। जब इसे फिल्म के प्रमोशन के रूप में चुना गया तो सबसे पहले अपने गांव, परिवार और हरियाणा की याद आई। उन्होंने कहा- एक ऐसा म्यूजिक बनाना है, जो लोगों के दिलों तक पहुंचे। हमारा सॉन्ग हरियाणवी लैंग्वेज को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने का जरिया बना है तो इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं। सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिकल ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक की। सुमित भी गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की ठान ली। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिस कम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठा गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। ————— यह खबर भी पढ़ें… बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से ऑफर हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। (पूरी खबर पढ़ें)
सनी देओल बोले-लोग धर्म-राजनीति को जोड़ते हैं,मैं इनसे हमेशा दूर:मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटें, 'गदर' भी सिर्फ एक लव स्टोरी थी

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल ने कहा- फिल्म में मैं किसी धर्म का चेहरा नहीं, बल्कि इंसानियत का चेहरा दिखाना चाहते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि हालात इंसान को तोड़ देते हैं, लेकिन अंत में जीत हमेशा इंसानियत की ही होती है। अंत में न कोई धर्म बचता है, न कोई मजहब… सबसे बड़ी चीज इंसानियत है और उससे भी बड़ी हमारी मां होती है। आज समाज में जिस तरह हर बात को धर्म और राजनीति से जोड़कर देखा जाता है, वे खुद को इससे हमेशा दूर रखते आए हैं। सनी ने कहा- मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटती हों। लोग कई बार फिल्मों को अलग नजरिए से देखने लगते हैं, जबकि उनका उद्देश्य बिल्कुल अलग होता है। ‘गदर’ भी मेरे लिए कभी हिंदू-मुस्लिम फिल्म नहीं थी, वह एक परिवार और एक प्रेम कहानी थी। दरअसल, बॉलीवुड एक्टर सनी देओल, अपने बेटे करण देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ बुधवार को अपनी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए जयपुर पहुंचे। इस दौरान तीनों दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे और फिल्म, अपने लंबे फिल्मी सफर, भारत-पाक विभाजन, इंसानियत, समाज और सिनेमा की जिम्मेदारी पर खुलकर बातचीत की। यह पार्टिशन फिल्म जरूर है, लेकिन फैसला नहीं सुनाती सनी देओल ने कहा- फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी जरूर है, लेकिन यह तय नहीं करती कि कौन सही था और कौन गलत। यह कहानी रिश्तों के टूटने और फिर जुड़ने की है। भटका हुआ इंसान सही रास्ते पर लौटता है। युवा इस फिल्म को देखेंगे तो उन्हें जिंदगी की कई ऐसी बातें समझ आएंगी, जो शायद आज उन्हें दिखाई नहीं देतीं। सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। हमने हमेशा कोशिश की है कि फिल्मों के जरिए समाज को कुछ लौटाया जाए। ‘बंटवारा 1947’ भी ऐसी ही फिल्म है। दर्शक जब थिएटर से बाहर निकलेंगे तो उनके दिल में सबसे पहले मां के लिए सम्मान और इंसानियत का भाव होगा। सनी देओल ने बताया- पंजाब के गांवों में बचपन बिताने के दौरान उन्होंने विभाजन की अनेक सच्ची कहानियां सुनीं। लोग मारने वालों की बातें करते हैं, लेकिन जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे धर्म के लोगों को बचाया, उनकी कहानियां कम सुनाई जाती हैं। हमारी फिल्म उन्हीं इंसानों को सलाम करती है। मां की सेवा सबसे बड़ा कर्म है सनी देओल ने भावुक होते हुए कहा- फिल्म का सबसे बड़ा संदेश मां और मानवता है। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह फिल्म किसी को निराश नहीं करेगी। इसमें मनोरंजन है, एक्शन है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा एक मजबूत संदेश है। मां की सेवा से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं। फिल्म का एक संवाद है, ‘कोई मजहब बुरा नहीं होता, अच्छा-बुरा इंसान होता है।’ यही इस फिल्म का सार है। राजस्थान से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है राजस्थान से अपने लगाव का जिक्र करते हुए सनी देओल ने कहा- रिश्ता बचपन से इस प्रदेश से जुड़ा है। पापा (धर्मेंद्र) के साथ बचपन से यहां आता रहा हूं। यहां कई फिल्मों की शूटिंग की है। मौका मिलता है तो राजस्थान की सड़कों और गांवों में खुद गाड़ी चलाकर घूमने निकल जाता हूं। यहां एक अलग ही शांति और खुलापन महसूस होता है। राजस्थान मेरे सबसे पसंदीदा राज्यों में से एक है। ‘सिकंदर मिर्जा मेरा सबसे ताकतवर किरदार है’ निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा- ‘बंटवारा 1947’ का नायक सिकंदर मिर्जा उनके अब तक लिखे गए सबसे सशक्त किरदारों में से एक है। सुपरमैन वह नहीं जो आसमान में उड़ता है। असली सुपरमैन वह है, जो नफरत और सांप्रदायिकता के सामने खड़ा होने की हिम्मत रखता है। सिकंदर मिर्जा ऐसा ही इंसान है। यह किरदार अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के अधिकार और सम्मान के लिए लड़ता है। दूसरे का दर्द महसूस करना ही असली इंसानियत है। सिकंदर मिर्जा वही करता है। वह नफरत के माहौल में भी अपने जमीर को मरने नहीं देता। ‘दामिनी’ के गुस्से से लेकर ‘बंटवारा’ की संवेदना तक संतोषी ने बताया- मेरी फिल्मों में समाज के प्रति गुस्सा हमेशा निजी अनुभवों से आया है। उन्होंने याद किया कि उनकी मां और दादी सालों तक अदालतों के चक्कर लगाती रहीं। वहीं से ‘दामिनी’ जैसी फिल्मों की संवेदनाएं पैदा हुईं। बंटवारा 1947 फिल्म में भी दर्द है, लेकिन यहां संघर्ष केवल बाहरी नहीं, भीतर का भी है। आदमी परिस्थितियों से भी लड़ता है और अपने जमीर को बचाने की लड़ाई भी लड़ता है। राजकुमार संतोषी ने सनी देओल की अभिनय शैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सनी अभिनय नहीं करते, किरदार को जी लेते हैं। ‘घातक’, ‘दामिनी’, ‘घायल’ के संवाद आज भी इसलिए याद हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें पूरी सच्चाई और विश्वास के साथ बोला। ‘बंटवारा 1947’ में भी सनी देओल ने सिकंदर मिर्जा के किरदार को पूरी ईमानदारी से जिया है। मैंने उन्हें कहा था कि यह आपकी सामान्य एक्शन फिल्म नहीं है। यह परिवार, मां-बेटे, पति-पत्नी और इंसानियत के रिश्तों की फिल्म है। उन्होंने बिना एक पल सोचे इसे स्वीकार कर लिया। पिता के सामने अभिनय नहीं, भावनाएं खुद निकल आईं फिल्म में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा रहे करण देओल ने कहा कि यह उनके लिए अभिनय से कहीं बढ़कर अनुभव था। स्क्रीन पर मेरे सामने मेरे असली पिता थे। भावनात्मक दृश्यों में अभिनय करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कई सीन में हम दोनों सचमुच भावुक हो गए। राज सर और आमिर सर ने मुझ पर भरोसा किया, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।
अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने विदेशी निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोट और पावर इनवर्टर के नए आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि वैश्विक बाजार में इन उत्पादों पर चीन का दबदबा है। FCC ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच मुलाकात प्रस्तावित है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। क्या है प्रतिबंध का दायरा? FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इनवर्टर का उपयोग डायरेक्ट करंट (DC) को अल्टरनेटिंग करंट (AC) में बदलने के लिए किया जाता है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और घरेलू उपकरणों में काम आते हैं। FCC चेयरपर्सन ब्रेंडन कार ने मंगलवार को कहा कि यह कदम अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। यह प्रतिबंध केवल इन उत्पादों के नए वर्जन पर लागू होगा। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।
अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि ह्यूमनॉइड और क्वाड्रुपेड रोबोट के वैश्विक बाजार में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC ने बताया कि यह रोक नए मॉडल के इम्पोर्ट पर लागू होगी। पहले से इस्तेमाल हो रहे मॉडल इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।
अडाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 50% बढ़ा, यह ₹32,924 करोड़ पर पहुंचा

अडाणी एंटरप्राइजेज ने 29 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹1,160 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹885 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 50% बढ़ा है और यह ₹32,924 करोड़ पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की समान तिमाही में ₹21,961 करोड़ रहा था। 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की स्थापना हुई थी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अडाणी ग्रुप की कंपनियों का एक हिस्सा है। 1988 में गौतम अडाणी ने एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और CEO विनय प्रकाश हैं। कंपनी एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अडाणी एंटरप्राइजेज देश का सबसे बड़ बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह कंपनी एनर्जी एंड यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में काम करती है।
थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण:5 भारतीय गिरफ्तार; पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की, ₹1.20 करोड़ की फिरौती मांगी थी

थाईलैंड में तीन इंडियन टूरिस्ट के अपहरण का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मंगलवार को 5 भारतीय आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी नागरिक ने किडनैपिंग के निर्देश दिए थे। आरोपियों ने पीड़ितों को सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड बुलाया था। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर उनके परिवारों से करीब 1.20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। दुबई से संचालित हो रहा था गिरोह पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवतार सिंह (38), जगजीत सिंह (38), रंभालक कुमार (24), सुखबीर सिंह (37) और कुलरा सिंह (27) के रूप में हुई है। वे इस पाकिस्तानी नागरिक से एक चैट एप्लीकेशन के जरिए पिछले एक महीने से संपर्क में थे। मास्टरमाइंड फिरौती की रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेना चाहता था। पट्टाया के घर में दी गई यातनाएं पीड़ितों की पहचान मोहित (23), आशीष (24) और हिमांशु (20) के रूप में हुई है। आरोपियों ने उन्हें सात दिन के सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर पट्टाया बुलाया था। वहां पहुंचने पर उन्हें एक घर में बंधक बना लिया गया। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा गया, उनके हाथ-पैर बांधकर पीटा गया और उल्टा लटकाकर यातनाएं दी गईं। वीडियो कॉल पर दिखाई गई बर्बरता आरोपियों ने पीड़ितों के शरीर पर लाल स्प्रे पेंट लगाया था, ताकि वीडियो कॉल के दौरान ऐसा लगे कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और खून बह रहा है। इस तरह वे पीड़ितों के परिवारों पर दबाव बनाकर प्रति व्यक्ति 40 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। पीड़ितों के परिजनों ने जब भारतीय दूतावास से संपर्क किया, तो दूतावास ने 21 जुलाई को चोनबुरी इमिग्रेशन और पट्टाया पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस ने ऐसे किया रेस्क्यू पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पट्टाया के एक टाउनहाउस में छापा मारा। वहां तीनों पीड़ित अलग-अलग कमरों में बंधे हुए मिले। उनके मुंह पर टेप लगा था और शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस को मौके से टेप, लकड़ी का डंडा और लाल स्प्रे पेंट बरामद हुआ है। पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उनके आने से पहले भी एक भारतीय को उसी घर में बंधक बनाया गया था। उसे तब छोड़ा गया जब उसके परिजनों ने करीब 30 लाख रुपये की फिरौती चुका दी थी। पुलिस अब मामले के मुख्य सूत्रधार और अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों की तलाश कर रही है। आरोपियों को इस काम के बदले नकदी, कीमती सामान और थाईलैंड से बाहर जाने के लिए एयरलाइन टिकट का वादा किया गया था।
जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

पॉपुलर सिंगर और रैपर बादशाह की शादी में अनबन चल रही है। उनकी शादी 5 महीने पहले ही पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी से हुई थी। मंगलवार को ईशा ने एक पोस्ट शेयर कर तलाक का हिंट दिया और कहा कि वो अब तक बादशाह के पावर के डर से चुप थीं। इसी बीच अब ईशा की मां और बादशाह की सास ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, तो भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल कर देंगे। ईशा रिखी की मां ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘कर्म लौटकर आते हैं। तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे।’ अगली पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘कर्म कभी माफ नहीं करता। रुलाया है, तो रोना भी निश्चित है। कर्म से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं है। कर्म का लेखा कभी झूठा नहीं होता। कर्म समय आने पर न्याय जरूर करता है। बिना पक्षपात के ईश्वर तुम्हें शायद माफ भी कर दे, लेकिन तुम्हारे कर्म तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।’ बादशाह की पत्नी ईशा ने कहा- डर से चुप थी पूनम रिखी की ये पोस्ट तब सामने आई हैं, जब बादशाह की पत्नी ईशा ने मंगलवार को सोशल मीडिया से तलाक का हिंट देते हुए लिखा- कुछ लड़ाइयां ऐसी भी होती हैं, जिनके जख्म बाहर दिखाई नहीं देते। मैं बहुत लंबे समय तक चुप रही, क्योंकि मैं डरी हुई थी। मुझे लगता था कि मेरे पति के पास इतना इन्फ्लूएंस, पावर और रीसोर्स हैं कि उनके सामने मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी। मैंने खुद को यही समझा लिया था कि चुप रहना ही मेरे लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। आगे ईशा ने लिखा है, ‘चुप्पी कभी स्वीकार नहीं की जाती, वह सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश थी। आज मैं डर नहीं, बल्कि हिम्मत को चुन रही हूं। शायद मैं अभी पूरी कहानी बताने के लिए तैयार नहीं हूं, लेकिन अब मैं यह दिखावा करना बंद करने के लिए तैयार हूं कि सब कुछ ठीक था।’ बादशाह के साथ शादी की तस्वीरें पोस्ट कीं, लिखा- तूफान एक सबक है इस क्रिप्टिक पोस्ट से कुछ दिन पहले ही ईशा ने बादशाह के साथ कुछ तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर लिखा था, कुछ तूफान, सबक लेकर आता है और हर दुआ उम्मीद। ईशा की इस पोस्ट पर करीबी दोस्त जैस्मिन भसीन ने कमेंट कर उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी थी। बता दें कि ईशा रिखी की पोस्ट सामने आने के बाद कई करीबी और दोस्त उनके समर्थन में पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक करीबी ने लिखा है, “तुम जिस दौर से गुजर हो और अब भी गुजर रही हो, उसकी मैं गवाह हूं। मैं और तुम्हारे करीब रहने वाले बाकी लोग जानते हैं कि तुमने हर मुश्किल का सामना ईमानदारी, सच्चाई और पूरे आत्मसम्मान के साथ किया है। मजबूत बनी रहो, ईशा रिखी। हम तुम्हारे साथ हैं, और सच के साथ भी।” वहीं एक ने लिखा, स्ट्रॉन्ग रहो, डर कर नहीं। एक करीबी ने लिखा, तुम बहुत स्ट्रॉन्ग और सुंदर हो। सोशल मीडिया के जरिए कन्फर्म की शादी सिंगर और रैपर बादशाह ने मार्च 2026 में ईशा से गुपचुप शादी की थी। इंटिमेट वेडिंग में कपल के करीबी ही शामिल हुए थे। बादशाह ने शादी को राज रखा, हालांकि ईशा रिखी ने सोशल मीडिया में रोमांटिक तस्वीर पोस्ट कर इस पर कन्फर्मेशन दी। वहीं ईशा ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए बादशाह को पति देव कहा था। इससे पहले ईशा की मां ने उनकी और बादशाह की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर दोनों को सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी थीं। कौन हैं ईशा रिखी? तलाक के बाद बादशाह ने की ईशा से शादी बादशाह ने साल 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। 2017 में बादशाह बेटी के पिता बने, लेकिन 3 साल बाद ही उनका तलाक हो गया। तलाक के 6 साल बाद बादशाह ने ईशा से दूसरी शादी की है। बादशाह ने फिलहाल कभी शादी पर बात नहीं की है।
टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप:रूस ने एफआईआर दर्ज की, इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला; बैन हो सकता है एप

रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी ‘फेडरल सिक्योरिटी सर्विस’ (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने’ के आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया है कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में नाम शामिल FSS ने कानूनी कार्रवाई करते हुए पावेल दुरोव को अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा घोषित किया है। उनका नाम इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया गया है। पावेल दुरोव का जन्म रूस में ही हुआ था, लेकिन वे लंबे समय से देश से बाहर रह रहे हैं। उन्होंने 2021 में फ्रांस की नागरिकता हासिल की थी और इस समय वे दुबई से अपनी कंपनी और एप का संचालन कर रहे हैं। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। नॉलेज बॉक्स क्या है फेडरल सिक्योरिटी सर्विस? FSS रूस की मुख्य आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसी है। यह पूर्ववर्ती सोवियत संघ की एजेंसी KGB की उत्तराधिकारी मानी जाती है। इसका मुख्य काम देश के भीतर आतंकवाद रोकना, सीमाओं की सुरक्षा करना और साइबर सुरक्षा की निगरानी करना है। कौन हैं पावेल दुरोव? 1984 में रूस में जन्मे दुरोव को ‘रूस का मार्क जुकरबर्ग’ कहा जाता है। उन्होंने टेलीग्राम से पहले रूस का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म VK बनाया था। डेटा प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रूसी सरकार से हुए विवाद के बाद उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था।







