दिलजीत दोसांझ का दिल्ली कॉन्सर्ट रद:दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति, सुरक्षा कारणों का हवाला दिया; 30 अक्टूबर को था शो

पंजाबी गायक और बॉलीवुड अभिनेता दिलजीत दोसांझ का 30 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाला कॉन्सर्ट खटाई में पड़ गया है। दिल्ली पुलिस ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का हवाला देते हुए उनके ‘ऑरा इंडिया टूर’ के तहत प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह शो जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होना था। बुकमायशो को भेजा पत्र दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय ने आयोजक बुकमायशो को पत्र भेजकर फैसले की जानकारी दी है। पत्र के मुताबिक, आयोजक ने 14 अक्टूबर को 30 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी। आवेदन की समीक्षा के बाद पुलिस ने मौजूदा परिस्थितियों में आयोजन की मंजूरी देने में असमर्थता जताई। त्योहारों के सीजन में सुरक्षा चुनौती पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान राजधानी के संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बल तैनात करना जरूरी होता है। ऐसे में बड़े कॉन्सर्ट के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने की संभावना थी, जिसके चलते भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकासी तथा सुरक्षा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम करने पड़ते। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया है। हालांकि, इस फैसले के बाद कॉन्सर्ट के आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। आयोजकों के अगले कदम पर नजर फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आयोजक कार्यक्रम के लिए नई तारीख मांगेंगे या किसी दूसरे स्थान पर आयोजन की संभावना तलाशेंगे। दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों को अब आयोजकों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
शबाना आजमी बोलीं- मैं मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती:एक्ट्रेस ने कहा- ईद, गरारा, उर्दू पसंद है, धर्म को निजी मामला बताया

वेटरन एक्ट्रेस शबाना आजमी ने कहा कि वो मुस्लिम हैं, उन्हें ईद, गरारा (ड्रेस), उर्दू भाषा और खाना पसंद है, लेकिन वो नमाज नहीं पढ़ती हैं। शबाना ने यह भी कहा कि उनके लिए धर्म एक निजी मामला है और अगर किसी को पूजा करने से सुकून मिलता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। दरअसल, शबाना ने हाल ही में IIMUN (इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस) के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कहा, “मेरे पिता नास्तिक थे। मेरी मां कुछ हद तक इसका पालन करती थीं, लेकिन गंभीरता से नहीं। मेरा मतलब है कि वह ऐसी चीजें करती थीं, जैसे जब हम यात्रा कर रहे होते थे, तो वह एक इमाम-ए-जमीन बांधती थीं और कुछ चीजें पढ़ती थीं। कुछ चीजें उनकी अपनी थीं। जैसे हम लोग ‘माशाअल्लाह’ और ‘इंशाअल्लाह’ बोलते हैं।” उन्होंने बताया कि माशाअल्लाह (अल्लाह की मर्जी से ऐसा हुआ) और इंशाअल्लाह (अल्लाह की इच्छा से) कहने को लेकर उनके पति जावेद अख्तर पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कहती रहती हैं। जावेद अख्तर उनसे कहते हैं, “अगर कोई हर समय ‘प्रभु जी की मर्जी’ कहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?” इस पर शबाना ने कहा कि उन्हें ये शब्द उनकी भाषा का हिस्सा लगते हैं। ‘धर्म से सुकून मिलता है, तो किसी को परेशानी क्यों हो?’ शबाना ने बताया कि उन्हें धर्म के बारे में जानने की कभी खास उत्सुकता नहीं रही। उन्होंने जावेद अख्तर को कट्टर नास्तिक बताते हुए कहा कि अगर किसी को धर्म का पालन करके सुकून मिलता है, तो उसे ऐसा करने देना चाहिए। किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जावेद अख्तर का मानना है कि अगर धार्मिक लोग उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, तो उन्हें भी नास्तिक होने के नाते अपनी बात रखने और आहत महसूस करने का अधिकार है। शबाना के मुताबिक, यह दोनों तरफ से जुड़ा मामला है। ‘धर्म निजी मामला है, सरकार को दखल नहीं देना चाहिए’ शबाना ने कहा कि उनके लिए भगवान और धर्म से जुड़ा सवाल निजी है। अगर किसी को पूजा करने से सुकून मिलता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। साथ ही, उनका मानना है कि सरकार को किसी के निजी धार्मिक विश्वास में दखल नहीं देना चाहिए। बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कहा था कि वह एक कल्चरल मुस्लिम हैं, प्रैक्टिसिंग मुस्लिम नहीं, तो इस पर उन्होंने कहा, “हां, मैं मुसलमान हूं। मुझे ईद, गरारा, उर्दू भाषा और खाना, ये सब पसंद है। लेकिन हम नमाज नहीं पढ़ते हैं और धर्म से इस तरह का कोई वास्ता नहीं है।” शबाना बोलीं- यूनिफॉर्म नहीं, कॉमन सिविल कोड होना चाहिए शबाना आजमी ने यह भी कहा कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड के बजाय कॉमन सिविल कोड होना चाहिए। यह कानून महिलाओं के साथ समानता और न्याय पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक समूह का तय किया कानून सभी पर थोपने के बजाय अलग-अलग धर्मों के न्यायपूर्ण कानूनों पर चर्चा होनी चाहिए। एक्ट्रेस ने कहा कि कॉमन सिविल कोड का एक मसौदा तैयार किया जाए, जिसमें सभी धर्मों के न्यायसंगत कानून शामिल हों। इसे चर्चा के लिए खुला रखा जाए और फिर सभी की राय से कानून बनाया जाए। ‘पर्सनल लॉ में महिलाओं से भेदभाव’ शबाना ने कहा कि अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ में शादी, गुजारा भत्ता और विरासत जैसे मामलों में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। महिलाओं के साथ अन्याय करने वाले कानूनों को धार्मिक परंपरा के नाम पर बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना थी। इसलिए उन्हें अपने पर्सनल लॉ के मामले में आजादी दी गई। उम्मीद थी कि समय के साथ समुदाय में भरोसा बढ़ेगा और लोग अपने धर्मों के भीतर सुधार की मांग करेंगे। हालांकि, उनके मुताबिक, ऐसा पूरी तरह नहीं हो पाया। ‘बटवारा 1947’ में नजर आई थीं शबाना आजमी हाल ही में निर्देशक राजकुमार संतोषी की पीरियड-ड्रामा फिल्म ‘बटवारा 1947’ में नजर आई थीं। यह फिल्म 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी थी। यह असगर वजाहत के 1989 के नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ई नई’ पर आधारित थी। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसी दिन उनकी एक और फिल्म ‘आवारापन 2’ रिलीज हुई। इस फिल्म में शबाना आजमी का किरदार काफी अलग और चर्चा में रहा, क्योंकि वह इसमें एक विलेन की भूमिका में नजर आईं।
CM धामी बोले- दलेर मेहंदी-मीका भाई मेरे अच्छे दोस्त:मंत्री पर जनता का दबाव होगा, वो सफाई दे चुके हैं- नहीं पता था उनकी तबीयत खराब है

उत्तराखंड में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद पर गुरुवार को CM पुष्कर सिंह धामी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि उस समय मंत्री पर जनता का दवाब रहा होगा। मंत्री जी खुद आकर कह चुके हैं कि मुझे नहीं पता था कि उनका स्वास्थ्य खराब है। उत्तराखंड कलाकारों की धरती है, यहां सबका सम्मान होता है। मुझे लगता है कि इस विषय को यही समाप्त कर देना जाना चाहिए। मैं मीका भाई और दलेर मेहंदी से बात करूंगा। दोनों मेरे अच्छे मित्र हैं। दरअसल, 18 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के शो के दौरान विवाद हुआ था। कार्यक्रम में पहुंचे उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें पटकार लगाते हुए कहा था कि आप ठीक से बोल तो पा नहीं रहे हैं, गाना क्या गाएंगे? आपको यहां लोगों को एंटरटेन करने के लिए बुलाया था। शो की कुछ तस्वीरें देखिए…. अब जानिए सिंगर मीका सिंह ने क्या कहा बॉलीवुड और सिंगर मीका सिंह ने अपने बड़े भाई और मशहूर गायक दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों का कड़े शब्दों में खंडन किया था। मीका सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके आलोचकों को खुली चुनौती दी थी। 30 साल के करियर का दिया हवाला: मीका ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि उन्होंने कल अपने बड़े भाई की न्यूज देखी जिसमें लोगों ने यह अफवाह फैला दी है कि दलेर मेहंदी शराब पीकर गाना गा रहे थे। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि दलेर मेहंदी पिछले 30 साल से सुपरस्टार हैं, क्या जिंदगी में कभी किसी ने उनके हाथ में शराब का गिलास देखा है? मीका ने कहा कि चाहे कोई बर्थडे पार्टी हो या कोई अन्य कार्यक्रम, उन्होंने कभी शराब नहीं पी। बीमारी और बड़े ऑपरेशन का खुलासा: मीका ने सच्चाई बताते हुए कहा कि असल में दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में दलेर मेहंदी का एक बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ था। कलाकारों की मजबूरी का जिक्र: मीका ने समझाया कि कलाकारों को कई बार अपनी कमिटमेंट पूरी करने के लिए बीमार होने पर भी (जैसे 104 डिग्री बुखार होने पर भी) शो करने जाना पड़ता है। दलेर मेहंदी ने भी अपनी कमिटमेंट पूरी करने के लिए शो के लिए हाँ कर दी थी, भले ही उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। मंच पर मंत्री की टिप्पणी का जवाब: मीका ने बताया कि शो के दौरान मंच पर कोई मंत्री आए और उन्होंने झिड़कते हुए कहा कि ‘आप पैसे लेकर आए हैं और आपसे गाना नहीं गाया जा रहा है’। मीका ने इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि आप यह बोल सकते हैं कि उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था या गाया नहीं जा रहा था, लेकिन यह कहना बिल्कुल गलत है कि वह शराब पीकर गा रहे थे। मीका की मीडिया और बॉलीवुड को खुली चुनौती: वीडियो के अंत में मीका ने मीडिया, दोस्तों और बॉलीवुड के अपने सभी साथियों को ओपन चैलेंज दिया। उन्होंने कहा कि अगर एक भी इंसान यह बोल दे कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखा है, तो वह (मीका सिंह) गाना ही छोड़ देंगे। मंत्री ने कहा था- ड्रंक होकर बेवकूफ बना रहे हो मंत्री ने दलेर मेहंदी से कहा था, ड्रंक होकर आप लोगों का बेवकूफ बना रहे हो। उन्होंने गायक के बड़े नाम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें सम्मान के साथ पेश आना चाहिए। इस दौरान दलेर मेहंदी मंत्री को समझाने की कोशिश करते रहे, जबकि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खूब हूटिंग की। नोकझोंक के बाद दलेर मेहंदी ने गाना जारी रखने का ऐलान किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद गायक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं। आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। शो से पहले आपके नखरे इतने थे की हमें ये चाहिए वो चाहिए। गाना एक भी नही गा रहे हैं। एक लाइन बोलके बैठ जा रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं आप। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। मंत्री के भड़के के बाद ‘राम राम’ गाना शुरू किया मंत्री की नाराजगी के बाद दलेर मेहंदी ने दोबारा गाना शुरू किया। उन्होंने ‘राम राम’ गाना गाया, लेकिन इस दौरान भी उनकी टीम उनका साथ देती रही। इसके बाद उन्होंने कुछ और गाने गाए। प्रस्तुति के आखिर में दलेर मेहंदी ने मंच से सुबोध उनियाल को बुलाया। उनियाल मंच पर चढ़े और फिर उन्होंने यहां पर भी दलेर को खूब सुनाया। उन्होंने दोबारा कहा- इतना पैसा देकर हमने आपको बुलाया है। ड्रंक होकर आप लोगों का बेवकूफ बना रहे हो। यहां पर मिक्सर के द्वारा आप आवाज निकाल रहे हो। गलत बात है ये, आपको मंच का सम्मान करना चाहिए था हमने आपको इसलिए बुलाया ताकी आप लोगों को एंटरटेंन करें लेकिन आपसे बोला तक नहीं जा रहा। दलेर मेहंदी इस दौरान मंत्री को काफी समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन सुबोध उनियाल ने कहा, “बड़े नाम को हमेशा आपको सम्मान करना चाहिए। आपको इसलिए ही बुलाया कि आप बड़ा नाम है।
फायरिंग के बाद टाइगर श्रॉफ की बढ़ी सुरक्षा:सलमान-शाहरुख के पास Y+ कैटेगरी का कवर, जानिए सेलेब्स के पास कौन-सी सिक्योरिटी है

मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए। इसके बाद टाइगर के घर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। वहीं, टाइगर को पुलिस सुरक्षा दी गई है। मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन ब्रांच ने टाइगर की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड तैनात किए हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस स्टेशन की ओर से एक पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त जवानों को भी उनकी सुरक्षा में लगाया गया है। टाइगर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। किन बॉलीवुड सितारों को मिली है सुरक्षा? भारत में सुरक्षा देने का फैसला किसी व्यक्ति की लोकप्रियता के बजाय उसके सामने मौजूद खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। केंद्रीय स्तर पर गृह मंत्रालय और राज्य स्तर पर संबंधित सरकारें खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा तय करती हैं। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा बढ़ाई, घटाई या वापस भी ली जा सकती है। बॉलीवुड के कई सितारों को अलग-अलग श्रेणियों में सुरक्षा मिली है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था समय के साथ बदल सकती है। सलमान खान — Y+ सुरक्षा सलमान खान को नवंबर 2022 में धमकियां मिलने के बाद Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। उनकी सुरक्षा में मुंबई पुलिस के जवान और सशस्त्र कमांडो शामिल होते हैं। अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर फायरिंग के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद सलमान के घर के बाहर अतिरिक्त पुलिस निगरानी और बैरिकेडिंग की खबरें आईं। शाहरुख खान — Y+ सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2023 में शाहरुख खान की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कैटेगरी की कर दी थी। इससे पहले उन्हें दो पुलिस कांस्टेबल सुरक्षा देते थे। फिल्म ‘पठान’ और ‘जवान’ की सफलता के बाद शाहरुख को जान से मारने की धमकियां मिली थीं। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। Y+ सुरक्षा के तहत शाहरुख के साथ 11 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें 6 कमांडो शामिल हैं, जो तीन शिफ्ट में उनकी सुरक्षा करते हैं। वहीं, 5 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके मुंबई स्थित घर ‘मन्नत’ की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। इस सुरक्षा व्यवस्था का खर्च शाहरुख खान खुद उठाते हैं। यह पेड सिक्योरिटी व्यवस्था है। इसके तहत सुरक्षा पर होने वाला खर्च अभिनेता महाराष्ट्र सरकार को चुकाते हैं। कंगना रनोट — Y+ सुरक्षा केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में कंगना रनोट को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। वह इस तरह का सुरक्षा कवर पाने वाली पहली बॉलीवुड अभिनेत्री बनी थीं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो को सौंपी गई थी। उस समय सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच विवाद चल रहा था। मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से करने के बाद भी कंगना को आलोचना और धमकियों का सामना करना पड़ा था। उन्हें मुंबई नहीं आने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद कंगना के पिता ने सुरक्षा की मांग की थी। खतरे का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Y+ सुरक्षा देने का फैसला किया था। अमिताभ बच्चन — X कैटेगरी की सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने नवंबर 2022 में अमिताभ बच्चन की सुरक्षा की समीक्षा के बाद इसे बढ़ाकर X कैटेगरी का कर दिया था। इससे पहले उन्हें सामान्य पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। इस व्यवस्था के तहत मुंबई पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। अक्षय कुमार — X कैटेगरी की सुरक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय कुमार को X कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद उनके जुहू स्थित घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाने का काम शुरू होने की खबर आई। उनके घर के बाहर पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ाई गई। महाराष्ट्र सरकार ने खतरे के आकलन के बाद अक्षय कुमार को X कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद जांच में यह सामने आया कि अक्षय कुमार के घर की भी रेकी की गई थी। इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अक्षय कुमार के जुहू स्थित घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाने का काम शुरू हुआ है। हालांकि, इंडिया टुडे की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल या बुलेटप्रूफ ग्लास लगाए जाने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। अनुपम खेर — X कैटेगरी की सुरक्षा अनुपम खेर को फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होने के बाद धमकियां मिलने और सुरक्षा संबंधी आकलन के आधार पर X कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की खबरें आई थीं। उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि के लिए ताजा आधिकारिक जानकारी जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार ने 2022 में खतरे का आकलन करने के बाद अनुपम खेर को X कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। उस समय फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के बाद उन्हें धमकियां मिलने की खबरें सामने आई थीं। गौरतलब है कि वीआईपी सुरक्षा की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। अनुपम खेर को फिलहाल X कैटेगरी की सुरक्षा मिल रही है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। विवेक अग्निहोत्री — Y कैटेगरी की सुरक्षा फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को मार्च 2022 में केंद्र सरकार की ओर से Y कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की रिपोर्ट आई थी। यह फैसला फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होने के बाद उनके सामने आए सुरक्षा संबंधी खतरे के आकलन के बीच लिया गया था। केंद्र सरकार ने मार्च 2022 में फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। यह फैसला फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के बाद लिया गया था। फिल्म 11 मार्च 2022 को रिलीज हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म रिलीज होने के बाद विवेक अग्निहोत्री को धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने उनकी सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन किया। रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सुरक्षा देने का फैसला
रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई थी

रणबीर कपूर ने सच्चाई और अच्छाई के अंत वाले बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि अनजाने में उनकी जुबान फिसल गई थी। यह बयान उन्होंने 20 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में दशहरा कार्यक्रम में दिया था। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। 21 अक्टूबर को चेन्नई में अपनी फिल्म ‘रामायण’ के ग्रैंड म्यूजिकल इवेंट और फुल-एल्बम लॉन्च पर रणबीर ने सफाई दी। रणबीर ने गलती से ये बात कही थी दरअसल, मंगलवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम में रणबीर ने दशहरे का महत्व बताया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, “दशहरा हमें एक बहुत खूबसूरत बात याद दिलाता है कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में अंत सच्चाई और अच्छाई का ही होगा।” गौरतलब है कि फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने वाले हैं। लेकिन दशहरा कार्यक्रम में दिए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। एक यूजर ने कमेंट किया, ‘और भाई भगवान राम का किरदार निभा रहा है।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘अब रामायण देखने में डर लग रहा है।’ वहीं, एक यूजर ने रणबीर कपूर के वीडियो पर कमेंट करते हुए ‘डिप्रेशन’ वाला मीम शेयर किया। इवेंट में मांगी माफी चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के कार्यक्रम में रणबीर ने इस विवाद पर बात की। उन्होंने कहा, “मैं कल दशहरा कार्यक्रम में हुई घटना के लिए माफी मांगना चाहता हूं। उस समय मेरी जुबान फिसल गई थी।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कहना चाहता था कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में जीत सच्चाई और अच्छाई की होगी।” एआर रहमान के साथ काम का किया जिक्र रणबीर ने अपनी बात समझाने के लिए संगीतकार एआर रहमान के साथ फिल्म ‘रॉकस्टार’ में किए काम का भी जिक्र किया। उन्होंने फिल्म के एक गाने की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा, “जो भी मैं कहना चाहूं, बर्बाद करे अल्फाज मेरे।” रणबीर ने कहा, “इसलिए मैं सच में माफी मांगता हूं।” फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने ‘रावण तांडव’ की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 1 मिनट 55 सेकंड के गाने में यश, रावण के किरदार में भगवान शिव की भक्ति करते दिख रहे थे। यूजर्स का कहना है कि एआर रहमान का म्यूजिक और कुमार विश्वास के लिखे बोल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कुछ लोगों ने इसकी तुलना ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से की। वहीं, कई यूजर्स ने गाने में जोश और भक्ति की कमी बताई। वहीं कुछ लोगों ने मेकर्स को सलाह दी कि अभी समय है और ‘रामायण’ के दूसरे भाग के लिए संगीतकार की जोड़ी अजय-अतुल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। रामायण के युद्ध वाले सीन्स पर सवाल उठे थे गौरतलब है कि रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया था। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया था। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे थे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया था। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा था, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा था, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा था कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं। 4000 करोड़ के बजट में बन रही दो पार्ट की फिल्म वाल्मीकि रामायण पर आधारित इस फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। नमित मल्होत्रा और यश के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई

रणबीर कपूर ने सच्चाई और अच्छाई के अंत वाले बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अनजाने में उनकी जुबान फिसल गई थी। यह बयान उन्होंने 20 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में दशहरा कार्यक्रम में दिया था। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। 21 अक्टूबर को चेन्नई में अपनी फिल्म ‘रामायण’ के ग्रैंड म्यूजिकल इवेंट और फुल-एल्बम लॉन्च पर रणबीर ने सफाई दी। रणबीर ने गलती से ये बात कही थी दरअसल, मंगलवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम में रणबीर ने दशहरे का महत्व बताया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, “दशहरा हमें एक बहुत खूबसूरत बात याद दिलाता है कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में अंत सच्चाई और अच्छाई का ही होगा।” गौरतलब है कि फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने वाले हैं, लेकिन दशहरा कार्यक्रम में दिए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। एक यूजर ने कमेंट किया, ‘और भाई भगवान राम का किरदार निभा रहा है।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘अब रामायण देखने में डर लग रहा है।’ वहीं, एक यूजर ने रणबीर कपूर के वीडियो पर कमेंट करते हुए ‘डिप्रेशन’ वाला मीम शेयर किया। इवेंट में मांगी माफी चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के कार्यक्रम में रणबीर ने कहा, “मैं कल दशहरा कार्यक्रम में हुई घटना के लिए माफी मांगना चाहता हूं। उस समय मेरी जुबान फिसल गई थी।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कहना चाहता था कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में जीत सच्चाई और अच्छाई की होगी।” एआर रहमान के साथ काम का किया जिक्र रणबीर ने अपनी बात समझाने के लिए संगीतकार एआर रहमान के साथ फिल्म ‘रॉकस्टार’ में किए काम का भी जिक्र किया। उन्होंने फिल्म के एक गाने की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा, “जो भी मैं कहना चाहूं, बर्बाद करे अल्फाज मेरे।” रणबीर ने कहा, “इसलिए मैं सच में माफी मांगता हूं।” ‘रामायण’ की एडवांस बुकिंग से ₹5.44 करोड़ की कमाई फिल्म ‘रामायण’ की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। पहले 24 घंटे में फिल्म के 92 हजार टिकट बिके और बुकिंग से ₹5.44 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। मुंबई में कुछ रिक्लाइनर सीटों के टिकट की कीमत ₹2,770 तक पहुंच गई है। फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने की आलोचना हुई फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने ‘रावण तांडव’ की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 1 मिनट 55 सेकंड के गाने में यश, रावण के किरदार में भगवान शिव की भक्ति करते दिख रहे थे। यूजर्स का कहना है कि एआर रहमान का म्यूजिक और कुमार विश्वास के लिखे बोल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कुछ लोगों ने इसकी तुलना ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से की। वहीं, कई यूजर्स ने गाने में जोश और भक्ति की कमी बताई। वहीं कुछ लोगों ने मेकर्स को सलाह दी कि अभी समय है और ‘रामायण’ के दूसरे भाग के लिए संगीतकार की जोड़ी अजय-अतुल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। रामायण के युद्ध वाले सीन्स पर सवाल उठे थे गौरतलब है कि रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया था। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया था। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे थे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया था। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा था, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा था, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा था कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं।
रामायण के 'रावण तांडव' गाने पर उठे सवाल:एआर रहमान को हटाने की मांग, कुमार विश्वास के लिरिक्स फीके; प्रभास की आदिपुरुष से हो रही तुलना

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ के दूसरा गाने ‘रावण तांडव’ की आलोचना हो रही है। 1 मिनट 55 सेकंड लंबे इस गाने में साउथ एक्टर यश रावण के रूप में भगवान शिव की भक्ति करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है की एआर रहमान का म्यूजिक और डॉ. कुमार विश्वास के लिखे बोल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। दावा किया गया है कि फिल्म में यह गाना 4 मिनट का है, जिसे प्रोमो वर्शन में 1 मिनट 55 सेकंड का करने के चक्कर में ऑडियो क्वालिटी और ओरिजिनल फ्लो से समझौता करना पड़ा है। कई लोगों ने इस संगीत को उम्मीद के मुताबिक एनर्जेटिक न बताते हुए दूसरे पार्ट के लिए म्यूजिक कंपोजर बदलने तक का सुझाव दिया है। एआर रहमान के संगीत पर उठे सवाल, अजय-अतुल का नाम सुझाया गाना सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कुछ यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि फिल्म के मिजाज के हिसाब से एआर रहमान का चुनाव सही नहीं था। लोग इस गाने की तुलना फिल्म ‘आदिपुरुष’ में अजय-अतुल के बनाए ‘शिव तांडव’ से कर रहे हैं। क्रिटिक्स का मानना है कि अजय-अतुल का कंपोजिशन आंखें बंद करके सुनने पर भी रोंगटे खड़े कर देता है, जबकि रहमान और हंस जिमर का यह ट्रैक वह इमोशनल इम्पैक्ट नहीं छोड़ पाता। वहीं कुछ लोगों ने मेकर्स को सलाह दी कि अभी समय है और ‘रामायण’ के दूसरे भाग के लिए संगीतकार की जोड़ी अजय-अतुल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। कुमार विश्वास के बोल से गायब दिखा भक्ति का प्रभाव म्यूजिक के अलावा डॉ. कुमार विश्वास के लिखे लिरिक्स की भी आलोचना की गई है। लोगों का मानना है कुमार विश्वास के बोल काफी साधारण महसूस होते हैं। रामायण जैसे पौराणिक महाकाव्य के लिए बने गाने में जिस तरह की शिव भक्ति, दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा होनी चाहिए थी, उसकी कमी महसूस होती है। रामायण के युद्ध वाले सीन्स पर सवाल उठे थे गौरतलब है कि रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया था। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया था। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे थे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया था। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा था, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा था, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा था कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं। 4000 करोड़ के बजट में बन रही दो पार्ट की फिल्म वाल्मीकि रामायण पर आधारित इस फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। नमित मल्होत्रा और यश के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
एक्टर बोले-जयपुर में कार-ड्राइवर की स्पीड ने नानी याद दिलाई:सीट बेल्ट की हालत ऐसी थी, मानो पुराने अवशेषों की तरह संभालकर रखा गया

बॉलीवुड अभिनेता गजराज राव अपनी फिल्मों में सहज अभिनय और हास्य के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन इस बार जयपुर में उनका सामना ऐसे अनुभव से हुआ। इसे उन्होंने सोशल मीडिया पर व्यंग्य के अंदाज में शेयर किया। एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के सिलसिले में जयपुर आए गजराज राव का यहां कार में सफर करना अच्छा अनुभव नहीं रहा। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर शहर में शूटिंग के दौरान मिले ड्राइवरों की ड्राइविंग शैली, तेज रफ्तार, फोन पर बातचीत और सीट बेल्ट को लेकर लापरवाही पर सवाल उठाए। गजराज राव ने पोस्ट में लिखा- न तो ट्रैफिक लाइट पर रुकने की चिंता थी। न ही स्पीड ब्रेकर पर रफ्तार कम करने की। रियर-व्यू मिरर में लगातार देखने के बावजूद गाड़ी की गति कम नहीं हो रही थी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा- स्पीड ब्रेकर के झटकों ने मुझे तीन बार अपनी स्वर्गीय नानी जी की याद दिला दी। कार में मिडिल सीट की बेल्ट भी ऐसी हालत में थी। मानो कई कारों में उसे पुरातात्विक अवशेषों की तरह संभालकर रखा गया हो। गौरतलब है कि गजराज राव राजस्थान से ही ताल्लुक रखते हैं। फोन पर बात करते रहे ड्राइवर, अभिनेता ने किया टोका गजराज राव के मुताबिक- शूटिंग के लिए प्रोडक्शन कंपनियां आमतौर पर नई या पुरानी इनोवा गाड़ियां उपलब्ध कराती हैं। इन गाड़ियों में सफर के दौरान मैंने महसूस किया कि कुछ ड्राइवर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए फोन कॉल का जवाब भी दे रहे थे। उन्होंने एक ड्राइवर की बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा कि वह गाड़ी चलाते हुए फोन पर अपने घर की बातें कर रहा था। बातचीत में वह बता रहा था कि शादी का कार्यक्रम ठीक रहा, लेकिन सासू ने कुछ ऐसा खा लिया कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। गजराज राव ने ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय फोन पर बात नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा- ऐसा करने पर ड्राइवर ने मुझे इस तरह देखा। मानो उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति के ‘फोन-ए-फ्रेंड’ राउंड में सात करोड़ रुपए का गलत जवाब सुझा दिया हो। इसके बाद फोन कॉल खत्म हो गई, लेकिन गाड़ी नहीं रुकी। ड्राइवर रियर-व्यू मिरर में मुझे लगातार देखता रहा। सीट बेल्ट लगाने की सलाह पर मिला अजीब जवाब पोस्ट में गजराज राव ने सीट बेल्ट को लेकर हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि ड्राइवरों में से एक ने मुझे समझाने की कोशिश की कि यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता और मुझे डरने की जरूरत नहीं है। अभिनेता ने ड्राइवर के कथन को व्यंग्यात्मक अंदाज में साझा करते हुए लिखा- यहां तो कोई नहीं लगाता सर जी, बेल्ट-फेल्ट… डरने की कोई बात नहीं, कुछ नहीं होगा आपको! उन्होंने यह भी बताया कि एक ड्राइवर ने उन्हें यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि सीट बेल्ट लगाने पर ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। ‘बधाई हो’ से मिली बड़ी पहचान गजराज राव हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक छोटे और सहायक किरदार निभाने के बाद अपनी अलग पहचान बनाई। उनका जन्म राजस्थान के डूंगरपुर में हुआ था। अभिनय की दुनिया में उनका सफर वर्ष 1994 में शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने ‘दिल से’, ‘अक्स’, ‘ब्लैक फ्राइडे’ और ‘नो स्मोकिंग’ जैसी फिल्मों में काम किया। वर्ष 2015 में आई फिल्म ‘तलवार’ में इंस्पेक्टर धनीराम की भूमिका और 2018 की फिल्म ‘बधाई हो’ में नकुल के पिता जीतेंद्र कौशिक का किरदार उनके करियर के अहम पड़ाव रहे। ‘बधाई हो’ में नीना गुप्ता के साथ उनकी जोड़ी और सहज अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद गजराज राव ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’, ‘मेड इन चाइना’, ‘लूटकेस’, ‘थाई मसाज’, ‘माजा मा’, ‘सत्यप्रेम की कथा’, ‘मैदान’ और ‘बैड न्यूज’ जैसी फिल्मों में नजर आए। फिल्मों के साथ उन्होंने वेब सीरीज में भी काम किया है। गजराज राव केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि विज्ञापन फिल्मों के निर्देशक के रूप में भी काम करते रहे हैं। उन्होंने विज्ञापन जगत में भी अपनी पहचान बनाई और कोड रेड फिल्म्स के माध्यम से निर्देशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर व बादशाह:बोले – सार्वजनिक मंच पर लांछन लगाना गलत, दो-तीन साल से ठीक नहीं हैं

उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को लेकर हुए विवाद में अब उनके भाई के बाद बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर, कपिल शर्मा भीभी उनके पक्ष में खुलकर सामने आए हैं। अनुपम खेर इस समय विदेश में हैं। उन्होंने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत बुरा लगा कि किसी को भी किसी से इस तरह बात नहीं करनी चाहिए, वह भी खुले मंच पर। यह उचित नहीं है। किसी पर इस तरह सार्वजनिक रूप से लांछन लगाना गलत है। जबकि कपिल शर्मा ने उनकी सर्जरी की बात बताई है। जबकि रैपर बादशाह का कहना है कि दलेर मेहंदी के साथ जो हुआ है, वह गलत है। महान कलाकार सम्मान के हकदार है, खासकर तब, जब वे मुश्किल दौर से गुजर रहे हो, हमेशा आदर और सम्मान हो। दो-तीन साल से ठीक नहीं हैं दलेर मेहंदी अनुपम खेर ने कहा, “मैं विदेश में हूं। वीडियो देखा कि दलेर मेहंदी मंच पर गा रहे थे। कोई मंत्री जी मंच पर चढ़कर बदतमीजी से बात कर रहे थे। बहुत कुछ कह रहे थे। मैं वहां पर नहीं था, इसलिए मुझे पता नहीं है। मैं दलेर मेहंदी को पिछले 25 से 30 साल से जानता हूं। मैं इतना कह सकता हूं कि वह शराब नहीं पीते। वास्तव में, वह बेहतरीन इंसानों में से एक हैं, जिनसे मैं मिला हूं। हो सकता है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। हमारे एक दोस्त डॉक्टर हैं, जो वहां मुझे मिलते रहते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से उनसे उनकी तबीयत के बारे में पूछता हूं। दो-तीन साल से उनकी तबीयत ठीक नहीं है।” सार्वजनिक रूप से लांछन लगाना ठीक नहीं अनुपम खेर ने कहा कि हो सकता है कि इस आयोजन के लिए दलेर मेहंदी की प्रतिबद्धता रही हो और वह मना न कर पाए हों। यही व्यावसायिकता है कि वह अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहे। लेकिन उन्होंने गाया। यह भी हो सकता है कि उन्होंने गाने पर सिर्फ होंठ हिलाए हों, क्योंकि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत बुरा लगा कि किसी को भी किसी से इस तरह बात नहीं करनी चाहिए, वह भी खुले मंच पर। यह उचित नहीं है। इस तरह सार्वजनिक रूप से लांछन लगाना गलत है।” संगीत जगत के लोगों को इस बारे में बात करनी चाहिए अनुपम खेर ने कहा कि लोगों को इस मामले पर बात करनी चाहिए। संगीत जगत के लोगों को भी इस बारे में अपनी बात रखनी चाहिए। यह सिर्फ मीका की जिम्मेदारी नहीं है कि वह अपने भाई का बचाव करें। बचाव करने की बात नहीं है, बल्कि अपनी बात रखने की जरूरत है। हमें इस बारे में बात करनी चाहिए और उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए, जिन्हें हम जानते हैं। दलेर जी, आप ग्रेट हो अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा कि उन्हें उनके फैसले, व्यावसायिकता, अच्छाई और महानता पर भरोसा है। उन्होंने दलेर मेहंदी के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। उन्होंने कहा, “भगवान आपका भला करे। आप जल्द स्वस्थ हों, क्योंकि मुझे पता है कि आपकी तबीयत ठीक नहीं है। मुझे दुख है कि आपको इस सब से गुजरना पड़ा। रब राखा, तुसी ग्रेट हो।” कपिल शर्मा बोले सर्जरी हुई थी कॉमेडियन कपिल शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इस्टग्राम पर लिखा है पाजी एक गंभीर सर्जरी से गुजरे हैं जिसके बारे में लोग नहीं जानते। हम सभी को दूसरों के प्रति थोड़ा और दयालु होने की जरूरत है। हम नहीं जानते कि कोई किस दौर से गुजर रहा है। स्पष्टीकरण के लिए धन्यवाद @mikasinghingh पाजी। भगवान दलेर पाजी पर कृपा बनाए रखें । हमें आपसे प्यार है दलेर पाजी । इससे पहले दलेर मेहंदी के भाई मीका ने कहा था कि अगर आप कभी दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखेंगे, तो मैं गाना छोड़ दूंगा!” दलेर के साथ जो हुआ है वह गलत है रेपर बादशाह ने भी दलेर मेहंदी के साथ जो हुआ है, उसे गलत बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर लिखा है “दलेर मेहंदी पाजी एक लीजेंड (महान कलाकार) हैं। आप अपनी निराशा जाहिर कर सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से ऐसे कलाकार को अपमानित करना, जिन्होंने हमारे संगीत जगत को इतना कुछ दिया है, बेहद निराशाजनक है। महान कलाकार सम्मान के हकदार हैं, खासकर तब, जब वे मुश्किल दौर से गुजर रहे हों। हमेशा आदर और सम्मान।
बिश्नोई महासभा ने कहा-सलमान खान माफी मांगे, लॉरेंस हमारा हीरो:समाज माफी देने को तैयार, बॉलीवुड एक्टर घमंड छोड़ते तो विवाद टल सकता था

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बीच हिसार में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से बिश्नोई समाज से माफी मांगने को कहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया ने कहा कि सलमान बीकानेर स्थित बिश्नोई समाज के पवित्र स्थल ‘मुकाम’ जाकर माफी मांगे। उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई को अपना हीरो बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ अभी तक कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ है। बुढ़िया के मुताबिक, सलमान माफी मांगते हैं तो समाज उन्हें माफ करने पर विचार कर सकता है। बुढ़िया ने आगे कहा- अभी भी समय है। सलमान खान मुकाम जाकर माफी मांग सकते हैं और समाज की धार्मिक मान्यताओं (जीव रक्षा) के तहत उन्हें माफ करने पर विचार किया जा सकता है। फायरिंग जैसी हिंसा गलत है और दोनों पक्षों से गलतियां हुई हैं। देवेंद्र बुढ़िया ने लॉरेंस बिश्नोई का समर्थन करते हुए कहा कि उसके खिलाफ अभी तक कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ है, इसलिए वह उनके लिए हीरो है। उधर, कनाडा में खालिस्तानी समर्थक बिश्नोई समाज के लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन पर अटैक के साथ जॉब नहीं दी जा रही है। 3 उदाहरणों से समझें: कनाडा में कैसे प्रताड़ित हो रहा बिश्नोई समुदाय हरियाणवी युवक बोला- भारतीय दूतावास बंद और सांसद चुप अंकुश बिश्नोई के मुताबिक, कनाडाई पुलिस इस मामले में भेदभाव कर रही है। मामला हेट स्पीच और हेट क्राइम का था, लेकिन पुलिस ने केवल मामूली असॉल्ट (मारपीट) के चार्ज लगाए। पूछने पर पुलिस ने कहा- ‘आपका नाम एक गैंग से मिलता-जुलता है।’ पुलिस ने हमलावर खालिस्तानी युवकों के नाम तक सार्वजनिक नहीं किए। भारतीय दूतावास में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। स्थानीय सांसद प्रदीप सराय को ईमेल भेजे दो हफ्ते बीत चुके हैं, पर कोई रिप्लाई नहीं आया। अंकुश ने बताया कि ग्राउंड पर स्थिति काफी खराब है। कुछ लोगों से वीडियो बनवाकर सब ठीक होने का दावा किया जाता है, जबकि हकीकत में समुदाय खौफ में जी रहा है।









