यूपी के बहराइच पहुंचीं अभिनेत्री अदा शर्मा:ज्वेलरी शोरूम का शुभारंभ किया, कहा- आभूषण भारतीय परंपरा और स्टाइल का खूबसूरत संगम

बहराइच में शुक्रवार को अभिनेत्री अदा शर्मा ने फीता काटकर एक ज्वेलरी शोरूम का शुभारंभ किया। नए शोरूम में ग्राहकों के लिए सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराई गई है। यहां पारंपरिक और ब्राइडल ज्वेलरी के साथ आधुनिक डिजाइन के आभूषण भी मिलेंगे। इसके अलावा, लाइफस्टाइल ज्वेलरी ब्रांड ‘ज्वेल स्टोरी’ के लिए विशेष स्टोर-इन-स्टोर व्यवस्था की गई है। यहां किशोरों, युवाओं और करीब 40 साल तक के ग्राहकों के लिए 9 से 22 कैरेट तक की शुद्धता वाले हल्के और आधुनिक आभूषण उपलब्ध होंगे। इन आभूषणों को रोजमर्रा में भी पहना जा सकेगा। आभूषण परंपरा और स्टाइल का संगम: अदा शर्मा अभिनेत्री अदा शर्मा ने कहा- आभूषण भारतीय परंपरा और व्यक्तिगत स्टाइल का खूबसूरत संगम हैं। विरासत वाले ब्रांड ऐश्प्रा से जुड़ना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि बहराइच का नया शोरूम ग्राहकों को पारंपरिक खूबसूरती के साथ आधुनिक डिजाइन के आभूषणों के विकल्प देगा। ग्राहकों को बेहतर विकल्प देना प्राथमिकता ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर वैभव सराफ, फ्रैंचाइजी ओनर सुमित्रा देवी तुलस्यान, समीर तुलस्यान और रूपाली तुलस्यान समेत अन्य लोग समारोह में मौजूद रहे। समीर तुलस्यान ने कहा कि बहराइच में इस ब्रांड से जुड़ना उनके लिए गर्व का अवसर है। स्थानीय ग्राहकों को बेहतर विकल्प और भरोसेमंद खरीदारी का अनुभव देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। मेकिंग चार्ज और हीरे के मूल्य पर 30% तक छूट शोरूम के शुभारंभ पर ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर भी पेश किए गए हैं। लागू नियम और शर्तों के अनुसार, सोने के आभूषणों के मेकिंग चार्ज और हीरे के मूल्य पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
दलेर मेहंदी विवाद पर बेटे गुरदीप ने दिया रिएक्शन:बोले- पिता की सेहत एकदम फर्स्ट क्लास; उत्तराखंड CM धामी ने मीका से की बात

उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के साथ हुए विवाद के बीच गायक दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में गुरदीप ने अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर जताई जा रही चिंताओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की सेहत एकदम फर्स्ट क्लास है। हालांकि, उन्होंने टिहरी गढ़वाल मेले में हुए विवाद पर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक मीका सिंह से फोन पर बात कर इस मामले को आपसी बातचीत से समाप्त करने की अपील की है। पिता की सेहत पर बोले बेटे गुरदीप मेहंदी गुरुवार को एक संगीत पुरस्कार समारोह में पहुंचे दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी से उनके पिता की अस्वस्थता को लेकर सवाल पूछा गया। गुरदीप ने कहा कि उनके पिता की तबीयत बिल्कुल ठीक है और वे ‘फर्स्ट क्लास, शानदार और सुपरहिट’ हैं। उत्तराखंड में मंत्री के साथ हुए विवाद के बारे में पूछे जाने पर गुरदीप ने कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने आगे बताया कि काफी समय बाद किसी पंजाबी संगीत पुरस्कार समारोह का हिस्सा बनकर वे काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। CM धामी ने मीका से फोन पर की बात विवाद बढ़ता देख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को शांत कराने की पहल की है। ANI के मुताबिक, CM धामी ने गायक मीका सिंह से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल का मकसद किसी भी कलाकार को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। CM ने कहा कि मंत्री द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद अब सभी को इस मामले को यही समाप्त मान लेना चाहिए। मीका सिंह ने जताई थी नाराजगी, कलाकार के सम्मान की मांग की इससे पहले दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर उत्तराखंड सरकार का ध्यान इस ओर खींचा था। मीका ने लिखा था कि मंच पर बुलाकर किसी सीनियर कलाकार के साथ इस तरह का बर्ताव सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी बीमार होने के बावजूद अपना वादा पूरा करने आए थे और उन्होंने पूरे 1 घंटे 30 मिनट तक लाइव परफॉर्मेंस दी थी। मीका ने कहा कि शिकायत होने पर सम्मानजनक तरीके से बात की जानी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को टिहरी के मेले में शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला 18 अक्टूबर की शाम टिहरी गढ़वाल के ‘सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले’ का है। कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर ही रोक दिया था। मंत्री ने उन पर शराब के नशे में होने, ठीक से न गाने और लिप-सिंक करने के आरोप लगाए थे। घटना के बाद अभिनेता राजपाल यादव, अनुपम खेर और बादशाह समेत कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया था और बताया था कि वे शराब नहीं पीते हैं।
दलेर मेहंदी विवाद पर बेटे गुरदीप ने दिया रिएक्शन:बोले- पिता की सेहत एकदम फर्स्ट क्लास; उत्तराखंड CM धामी ने मीका से की बात

उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के साथ हुए विवाद के बीच गायक दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में गुरदीप ने अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर जताई जा रही चिंताओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की सेहत एकदम फर्स्ट क्लास है। हालांकि, उन्होंने टिहरी गढ़वाल मेले में हुए विवाद पर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक मीका सिंह से फोन पर बात कर इस मामले को आपसी बातचीत से समाप्त करने की अपील की है। पिता की सेहत पर बोले बेटे गुरदीप मेहंदी गुरुवार को एक संगीत पुरस्कार समारोह में पहुंचे दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी से उनके पिता की अस्वस्थता को लेकर सवाल पूछा गया। गुरदीप ने कहा कि उनके पिता की तबीयत बिल्कुल ठीक है और वे ‘फर्स्ट क्लास, शानदार और सुपरहिट’ हैं। उत्तराखंड में मंत्री के साथ हुए विवाद के बारे में पूछे जाने पर गुरदीप ने कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने आगे बताया कि काफी समय बाद किसी पंजाबी संगीत पुरस्कार समारोह का हिस्सा बनकर वे काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। CM धामी ने मीका से फोन पर की बात विवाद बढ़ता देख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को शांत कराने की पहल की है। ANI के मुताबिक, CM धामी ने गायक मीका सिंह से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल का मकसद किसी भी कलाकार को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। CM ने कहा कि मंत्री द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद अब सभी को इस मामले को यही समाप्त मान लेना चाहिए। मीका सिंह ने जताई थी नाराजगी, कलाकार के सम्मान की मांग की इससे पहले दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर उत्तराखंड सरकार का ध्यान इस ओर खींचा था। मीका ने लिखा था कि मंच पर बुलाकर किसी सीनियर कलाकार के साथ इस तरह का बर्ताव सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी बीमार होने के बावजूद अपना वादा पूरा करने आए थे और उन्होंने पूरे 1 घंटे 30 मिनट तक लाइव परफॉर्मेंस दी थी। मीका ने कहा कि शिकायत होने पर सम्मानजनक तरीके से बात की जानी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को टिहरी के मेले में शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला 18 अक्टूबर की शाम टिहरी गढ़वाल के ‘सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले’ का है। कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर ही रोक दिया था। मंत्री ने उन पर शराब के नशे में होने, ठीक से न गाने और लिप-सिंक करने के आरोप लगाए थे। घटना के बाद अभिनेता राजपाल यादव, अनुपम खेर और बादशाह समेत कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया था और बताया था कि वे शराब नहीं पीते हैं।
मीका बोले- धामी जी मंत्री से माफी का वीडियो बनवाएं:क्या आप चाहते हैं आर्टिस्ट उत्तराखंड ना आएं; कल ही CM ने फोन पर की थी बात

उत्तराखंड में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद में अब मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील की है। मीका ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री धामी से कहा कि वे मंत्री सुबोध उनियाल से एक वीडियो जारी कर दलेर मेहंदी से माफी मांगने को कहें। मीका ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री के फोन करने और मामले पर बात करने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि धामी विनम्र और जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा है। मीका ने एक दूसरी पोस्ट में मंत्री सुबोध उनियाल के मंच पर बोलने के तरीके को बेहद अभद्र और अपमानजनक भी बताया। उन्होंने उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें सुबोध उनियाल ने दलेर से कहा था- आपको मालूम है ना कि मनिंदर बुट्टर यहां से पिट कर गया था। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। मीका ने सवाल उठाया कि क्या किसी मंत्री को कलाकारों के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए? अब हुबहू पढ़िए, मीका ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा… “उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है। उन्होंने दलेर भाई से जुड़े मामले को लेकर मुझे व्यक्तिगत रूप से फोन किया। मैं उनकी इस पहल की दिल से सराहना करता हूं। मैं धामी साहब को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। वे विनम्र और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। उनसे मेरी बस एक विनम्र अपील है कि वे सुबोध उनियाल जी से एक साधारण-सा वीडियो जारी करने को कहें, जिसमें वे अपने बयान को स्पष्ट करें और परफॉर्मेंस के दौरान दलेर भाई के शराब पीने की बात कहने के लिए उनसे माफी मांगें। मेरा मानना है कि गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें शालीनता के साथ दूर भी किया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि इस छोटे-से कदम से यह मामला समाप्त करने में मदद मिलेगी और दलेर भाई की गरिमा और प्रतिष्ठा का सम्मान बना रहेगा।” मीका सिंह ने अपनी दूसरी पोस्ट में ये बातें भी कहीं- मंत्री ने कहा था- ड्रंक होकर बेवकूफ बना रहे हो पूरे विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले से हुई थी। यहां पर दलेर मेहंदी परफॉर्मेंस दे रहे थे। तभी यहां पर चीफ गेस्ट के तौर पर बैठे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा था कि- हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं। आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। शो से पहले आपके नखरे इतने थे की हमें ये चाहिए वो चाहिए। गाना एक भी नही गा रहे हैं। एक लाइन बोलके बैठ जा रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं आप। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। विवाद बढ़ा तो मंत्री बोले- दलेर की तबीयत खराब थी, पता नहीं था दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री दलेर के सपोर्ट में उतर गई। उनके भाई मीका ने तो ये भी दावा किया कि दलेर ने जीवन में कभी शराब पी ही नहीं। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सिंगर की तबीयत खराब है। वहीं, इस मामले में 22 अक्टूबर यानी बीते कल ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले में बीच-बचाव किया था। धामी ने कहा था- उस समय मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा, उत्तराखंड कलाकारों की धरती है और यहां सभी का सम्मान होता है। इसके साथ ही सीएम ने मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बात करने की बात कहते हुए अपील की थी कि इस मामले को यहीं समाप्त कर देना चाहिए। बाद में धामी ने मीका सिंह से फोन पर बात की और कहा कि गलतफहमियों को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए। धामी से बात होने के एक दिन बाद अब मीका सिंह ने धामी से अपील की है कि वो मंत्री से एक माफी का वीडियो बनवाएं।
सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' विवादों में आई:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर जताई आपत्ति; सरकार को लिखा पत्र

सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने फिल्म के कंटेंट पर आपत्ति जताई है। IMA ने फिल्म में मेडिकल सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने और डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर चिंता जताई है। फिल्म 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है। IMA ने कहा कि फिल्म का प्रमोशनल कंटेंट पूरे हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार और अनैतिक कामों की गलत इमेज बना सकता है। IMA ने पत्र में कहा, “हम फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में मेडिकल प्रोफेशन को दिखाने को लेकर गंभीर चिंता जताते हैं। इसके प्रमोशनल कंटेंट में हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने, मेडिकल प्रोफेशनल्स पर हिंसा दिखाने और लोगों के भरोसे व कर्मचारियों की सुरक्षा पर संभावित असर को लेकर चिंता है।” एसोसिएशन ने आगे कहा, “डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारियों पर शारीरिक हमले दिखाने वाले दृश्य हिंसा को सामान्य बना सकते हैं। ऐसे हमले अगर वीरतापूर्ण या सही ठहराए गए काम की तरह दिखें, तो मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ दुश्मनी बढ़ सकती है।” IMA ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार, अनैतिक मेडिकल प्रैक्टिस या प्रोफेशनल गलती का समर्थन नहीं करता। उसके मुताबिक, किसी भी गलत काम पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। IMA ने सरकार से निष्पक्ष समीक्षा की मांग की IMA ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से फिल्म के कंटेंट और मेडिकल प्रोफेशन के चित्रण की निष्पक्ष समीक्षा करने को कहा। एसोसिएशन ने फिल्म बनाने वालों से कथित गलत कामों को आम बताने और हेल्थकेयर कर्मचारियों पर हिंसा दिखाने वाले हिस्सों में उचित सुधार की मांग की। इसके अलावा, IMA ने सरकार से कहा कि अगर लागू कानून के तहत उचित हो, तो फिल्म पर रोक या दूसरी कार्रवाई पर विचार किया जाए। वहीं, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, IMA की शिकायत के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने बताया है कि फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ सर्टिफिकेशन के लिए जमा नहीं हुई है। यह जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को दी। फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ का टीजर 19 अक्टूबर को जारी किया गया था। जिसमें सनी कहते हैं कि इंसान डॉक्टर को भगवान मानता है, उसके हाथों में अपनी जिंदगी सौंप देता है। अगर वो डॉक्टर विश्वासघात करेगा, तो वो बेचारा क्या करेगा? फिल्म में सनी देओल अपनी बेटी को खोने के बाद भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते दिख रहे हैं। दूसरे डायलॉग में सनी कहते हैं, “मामूली-सी बीमारी लेकर उनके पास जाता है, तो वो 5 लाख का बिल बनाते हैं, 25 टेस्ट करवाते हैं। खुद ऑर्गनाइजेशन यही करती आ रही है। वहां डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते, कमीशन लिखते हैं। यह सब हम लोग बर्दाश्त करते हैं, लेकिन कब तक?” फिल्म में सनी देओल के अलावा इसमें रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा और टीनू आनंद भी हैं। फिल्म की बाकी कास्ट में विर्ति वाघानी, जीशु सेनगुप्ता, खालिद सिद्दीकी, अनूप त्रिवेदी और रोहित तिवारी शामिल हैं।
सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' विवादों में आई:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर जताई आपत्ति; सरकार को लिखा पत्र

सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने फिल्म के कंटेंट पर आपत्ति जताई है। IMA ने फिल्म में मेडिकल सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने और डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर चिंता जताई है। फिल्म 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है। IMA ने कहा कि फिल्म का प्रमोशनल कंटेंट पूरे हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार और अनैतिक कामों की गलत इमेज बना सकता है। IMA ने पत्र में कहा, “हम फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में मेडिकल प्रोफेशन को दिखाने को लेकर गंभीर चिंता जताते हैं। इसके प्रमोशनल कंटेंट में हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने, मेडिकल प्रोफेशनल्स पर हिंसा दिखाने और लोगों के भरोसे व कर्मचारियों की सुरक्षा पर संभावित असर को लेकर चिंता है।” एसोसिएशन ने आगे कहा, “डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारियों पर शारीरिक हमले दिखाने वाले दृश्य हिंसा को सामान्य बना सकते हैं। ऐसे हमले अगर वीरतापूर्ण या सही ठहराए गए काम की तरह दिखें, तो मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ दुश्मनी बढ़ सकती है।” IMA ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार, अनैतिक मेडिकल प्रैक्टिस या प्रोफेशनल गलती का समर्थन नहीं करता। उसके मुताबिक, किसी भी गलत काम पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। IMA ने सरकार से निष्पक्ष समीक्षा की मांग की IMA ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से फिल्म के कंटेंट और मेडिकल प्रोफेशन के चित्रण की निष्पक्ष समीक्षा करने को कहा। एसोसिएशन ने फिल्म बनाने वालों से कथित गलत कामों को आम बताने और हेल्थकेयर कर्मचारियों पर हिंसा दिखाने वाले हिस्सों में उचित सुधार की मांग की। इसके अलावा, IMA ने सरकार से कहा कि अगर लागू कानून के तहत उचित हो, तो फिल्म पर रोक या दूसरी कार्रवाई पर विचार किया जाए। वहीं, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, IMA की शिकायत के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने बताया है कि फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ सर्टिफिकेशन के लिए जमा नहीं हुई है। यह जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को दी। फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ का टीजर 19 अक्टूबर को जारी किया गया था। जिसमें सनी कहते हैं कि इंसान डॉक्टर को भगवान मानता है, उसके हाथों में अपनी जिंदगी सौंप देता है। अगर वो डॉक्टर विश्वासघात करेगा, तो वो बेचारा क्या करेगा? फिल्म में सनी देओल अपनी बेटी को खोने के बाद भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते दिख रहे हैं। दूसरे डायलॉग में सनी कहते हैं, “मामूली-सी बीमारी लेकर उनके पास जाता है, तो वो 5 लाख का बिल बनाते हैं, 25 टेस्ट करवाते हैं। खुद ऑर्गनाइजेशन यही करती आ रही है। वहां डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते, कमीशन लिखते हैं। यह सब हम लोग बर्दाश्त करते हैं, लेकिन कब तक?” फिल्म में सनी देओल के अलावा इसमें रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा और टीनू आनंद भी हैं। फिल्म की बाकी कास्ट में विर्ति वाघानी, जीशु सेनगुप्ता, खालिद सिद्दीकी, अनूप त्रिवेदी और रोहित तिवारी शामिल हैं।
अजमेर दरगाह पहुंचे बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख:पत्नी जीनेलिया-बच्चों संग की जियारत, फैंस में सेल्फी लेने की होड़

बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख शुक्रवार को अपनी पत्नी जेनेलिया देशमुख और बच्चों सहित विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पहुंचे। यहां उन्होंने ख्वाजा साहब की मजार पर जियारत कर दुआ मांगी। रितेश देशमुख के दरगाह पहुंचने की खबर मिलते ही प्रशंसकों की भीड़ जुट गई। लोग अपने पसंदीदा अभिनेता के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित नजर आए। रितेश देशमुख और उनके परिवार ने पुलिस सुरक्षा के बीच दरगाह में जियारत की। इस दौरान खादिमों की ओर से उन्हें जियारत करवाई गई। जियारत के बाद उनकी दस्तारबंदी की गई और तबर्रुक भेंट किया गया। इसके बाद अभिनेता परिवार के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच दरगाह से रवाना हो गए। फिल्मों की कामयाबी और देश में अमन-चैन की मांगी दुआ दरगाह में रितेश देशमुख और उनकी पत्नी ने बॉलीवुड में कामयाबी, अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की सफलता और परिवार की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। साथ ही देश में अमन-चैन, शांति और भाईचारा कायम रहने की कामना की। ख्वाजा साहब की दरगाह में देश-विदेश से जायरीन के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी भी यहां प्रशंसकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनती है। प्रशंसकों में दिखा उत्साह रितेश देशमुख को अपने बीच देखकर प्रशंसक उत्साहित हो गए। कई लोग उनके साथ तस्वीर लेने और सेल्फी खिंचवाने की कोशिश करते नजर आए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते अभिनेता और उनके परिवार की आवाजाही नियंत्रित रखी गई। (फोटो वीडियो सहयोग-नजीर कादरी)
मूवी रिव्यू- 'उड़ता तीर':‘धुरंधर’ के अंदाज में आतंकवाद पर कॉमेडी का वार, लॉजिक घर छोड़िए और ठहाकों में डूब जाइए

रेटिंग: 3.5/5 ड्यूरेशन: लगभग 2 घंटे 20 मिनट। ‘धुरंधर’ के बाद अब भारत, पाकिस्तान और जासूसी की दुनिया पर एक और फिल्म आई है, लेकिन इस बार मामला गंभीर नहीं, मजेदार है। उड़ता तीर में एक पाकिस्तानी जासूस को देशभक्ति तो याद रहती है, बस यह भूल जाता है कि उसे किस देश के लिए देशभक्ति दिखानी है। इसके बाद शुरू होती है गलतियों की ऐसी कॉमेडी कि पूरा मिशन गड़बड़ा जाता है और दर्शकों के लिए हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है। यहां दिमाग लगाने से ज्यादा पेट पकड़कर हंसने की गुंजाइश है। कहानी: भारत को बर्बाद करने आया जासूस, अपने ही मिशन का दुश्मन बन गया बिलाल अहमद (आयुष्मान खुराना) और उसका दोस्त अशफाक (सुहैल नैय्यर) पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव हैं। दोनों भारत के खिलाफ साजिश रचने और देश को नुकसान पहुंचाने के मिशन पर यहां आते हैं। इसके लिए वे भारतीय काउंटर टेररिज्म स्क्वॉड यानी CTS में घुसपैठ कर लेते हैं। बिलाल ऑफिसर विक्रांत बनता है, जबकि अशफाक ध्रुव की पहचान के साथ यूनिट में जगह बना लेता है। अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बिलाल डिफेंस मिनिस्ट्री में काम करने वाली यामिनी (सारा अली खान) को अपने प्यार के जाल में फंसाता है, ताकि अपने मकसद के लिए उसका इस्तेमाल कर सके। लेकिन एक हादसे के बाद बिलाल कोमा में चला जाता है और उसकी याददाश्त चली जाती है। अब उसे याद ही नहीं रहता कि वह पाकिस्तानी जासूस है। वह खुद को भारतीय अफसर विक्रांत समझने लगता है और उसके ऊपर देशभक्ति का ऐसा जुनून सवार होता है कि वह भारत में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों को एक के बाद एक पकड़वाने लगता है। अब अशफाक की मुश्किल समझिए। उसे पता है कि बिलाल कौन है और दोनों किस मिशन पर भारत आए थे। वह अपने पाकिस्तानी आकाओं को हालात समझाने की कोशिश करता है, लेकिन बिलाल की हरकतों के सामने उसका कोई जोर नहीं चलता। बिलाल को लगता है कि वह देश की सेवा कर रहा है, जबकि अशफाक को अपने ही दोस्त की वजह से मिशन फेल होने का डर सता रहा है। वह न बिलाल को आसानी से रोक सकता है, न अपने आकाओं को संतुष्ट कर पा रहा है। इसी उधेड़बुन से फिल्म में कई मजेदार सिचुएशन पैदा होती हैं। एक्टिंग: आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग, राहुल बोस के एक्सप्रेशंस मजेदार आयुष्मान खुराना फिल्म की जान हैं। एक पाकिस्तानी जासूस का अपनी असली पहचान भूलकर भारतीय अफसर बन जाना कहानी का सबसे बड़ा कॉमिक पॉइंट है। आयुष्मान अपनी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज से इस कन्फ्यूजन को मजेदार बनाते हैं। वह पूरे आत्मविश्वास से देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, जबकि उन्हें पता ही नहीं कि असल में उनका मिशन क्या था। इस विरोधाभास से कई अच्छे सीन बनते हैं। सुहैल नैय्यर ने अशफाक के रूप में अच्छा साथ दिया है। उन्हें पता है कि बिलाल क्या कर रहा है, लेकिन वह उसे रोकने में नाकाम हैं। ऊपर से पाकिस्तानी आकाओं के सवालों का जवाब भी देना है। दोस्त की देशभक्ति और अपनी मजबूरी के बीच फंसे अशफाक के सीन कई बार हंसाते हैं। राहुल बोस CTS चीफ बर्मन के किरदार में खास तौर पर प्रभावित करते हैं। उनके पास ज्यादा डायलॉग नहीं हैं, लेकिन आंखों की हरकत, चेहरे के भाव और हालात पर उनके रिएक्शन कई बार जोरदार हंसी दिलाते हैं। कुछ सीन में उनका बिना कुछ बोले रिएक्ट करना ही काफी है। दिवंगत मुकुल देव आतंकियों के सरगना अजहर मकसूद के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। राम कपूर पाकिस्तानी आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी और गुलशन ग्रोवर मीर के किरदार में नजर आते हैं। दोनों अपने हिस्से का काम ठीक करते हैं। सारा अली खान की यामिनी कहानी के मिशन में अहम है, लेकिन उनके किरदार को और मजबूत स्पेस मिल सकता था। वहीं, रघुबीर यादव जैसे अनुभवी कलाकार का मौलाना के किरदार में और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता था। डायरेक्शन: ‘धुरंधर’ से अलग, जासूसी की दुनिया में कॉमेडी आकाश कौशिक ने फिल्म की कहानी लिखने के साथ निर्देशन भी किया है। आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को कॉमेडी में बदलना आसान नहीं है। फिल्म का आइडिया दिलचस्प है। भारत को नुकसान पहुंचाने आया पाकिस्तानी ऑपरेटिव अपनी याददाश्त खोने के बाद भारत की सुरक्षा में जुट जाता है और अपने ही मिशन को नाकाम करने लगता है। जहां धुरंधर जैसी फिल्में जासूसी और आतंकवाद की दुनिया को गंभीर और तनावपूर्ण अंदाज में दिखाती हैं, वहीं उड़ता तीर उसी दुनिया को कॉमेडी के नजरिए से पेश करती है। पहले हाफ में यह आइडिया अच्छा काम करता है। बिलाल की देशभक्ति और अशफाक की मजबूरी से कई मजेदार सीन बनते हैं। हालांकि, दूसरे हाफ में फिल्म थ्रिल और ट्विस्ट की तरफ बढ़ती है। कुछ मोड़ पहले ही समझ आने लगते हैं और गंभीरता बढ़ने के साथ कॉमेडी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। फिल्म अगर आखिर तक पहले हाफ वाली मस्ती बनाए रखती, तो इसका असर और बेहतर हो सकता था। म्यूजिक: ‘चन्न’ है सुकून देने वाला सचिन जिगर का संगीत कुल मिलाकर अच्छा है। अरिजीत सिंह की आवाज में ‘चन्न’ रोमांटिक और सुकून देने वाला गाना है, जिसे फिल्म से अलग भी सुना जा सकता है। ‘जय हिंद’ ठीक है और आखिर के करीब आने वाला ‘चूज़े’ भी माहौल बनाता है। बाकी गाने भी अच्छे हैं, हालांकि एक दो जगह म्यूजिक कहानी की रफ्तार रोकता है। धर्मा के हिट गानों और खलनायक के बैकग्राउंड स्कोर का इस्तेमाल भी दिलचस्प है। फाइनल वर्डिक्ट: दिमाग नहीं, हंसी चलाइए! उड़ता तीर का पहला हाफ ज्यादा दमदार है। आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग, सुहैल की बेबसी और राहुल बोस के एक्सप्रेशंस कई जगह हंसाते हंसाते लोटपोट कर देते हैं। दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी धीमी पड़ती है और ट्विस्ट बहुत चौंकाते नहीं, लेकिन फिल्म का कॉन्सेप्ट और कॉमेडी कई जगह मजा देते हैं। आकाश कौशिक की यह कोशिश आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करती है। धुरंधर की गंभीर स्पाई थ्रिलर वाली दुनिया से उलट, यहां पाकिस्तानी जासूस अपने ही मिशन का बंटाधार कर रहा है और उसका दोस्त अपने आकाओं को जवाब देते देते परेशान है। यही फिल्म का सबसे मजेदार पहलू है।
'ऐश्वर्या को छूने पर सलमान पर भड़के थे भंसाली':एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने बताया फिल्म हम दिल दे चुके सनम की शूटिंग का किस्सा

एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने हाल ही में बताया कि फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने सलमान खान को डांटा था। स्मिता ने कहा कि गाने ‘आंखों की गुस्ताखियां’ की शूटिंग में सलमान ने ऐश्वर्या राय बच्चन की बांह छू ली थी। यह सीन का हिस्सा नहीं था। यह बात एक्ट्रेस ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में कही। स्मिता जयकर ने फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में ऐश्वर्या की ऑनस्क्रीन मां का किरदार निभाया था। उन्होंने कहा कि सलमान और ऐश्वर्या की नजदीकियां फिल्म की शूटिंग के दौरान बढ़ीं। स्मिता ने उस दौर को याद करते हुए कहा, “उस समय उनका प्यार बढ़ रहा था। दोनों प्यार में थे और एंजेल जैसे दिखते थे। उस समय ऐश्वर्या बहुत खूबसूरत लगती थीं। यह फिल्म के लिए भी काम कर गया। वह जादू पर्दे पर नजर आया।” उन्होंने कहा कि उन्हें प्यार में पड़े लोगों को देखकर अच्छा लगता था। हालांकि, उनकी देरी से सेट पर इंतजार कर रहे क्रू की परेशानी बढ़ जाती थी। स्मिता ने बताया, “बाकी क्रू शिकायत करता था कि ये लोग बहुत देर से आते हैं। हमारी सुबह 7 बजे की शिफ्ट है और हम 10 बजे तक इंतजार कर रहे हैं। वे अब तक नहीं आए हैं, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि जब आप प्यार में होते हैं, तो क्या कह सकते हैं?” उन्होंने आगे कहा, “वे (सलमान और ऐश्वर्या) दोनों सुबह 11 बजे साथ आते थे। उन्हें अपने आसपास की किसी चीज और इस बात का अहसास नहीं होता था कि पूरा सेट उनका इंतजार कर रहा है, लेकिन प्यार में ऐसा ही होता है।” ऐश्वर्या की बांह छूने पर सलमान को डांटा स्मिता ने ‘आंखों की गुस्ताखियां’ की शूटिंग का एक किस्सा भी बताया। यह ‘हम दिल दे चुके सनम’ के रोमांटिक गानों में शामिल था। स्मिता ने बताया, “सलमान को मेज के चारों ओर घूमकर आना था और ऐश्वर्या वहां खड़ी थीं। उन्होंने उनकी बांह छू ली, जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना था। संजय ने पूछा, ‘सलमान, तुमने उसे क्यों छुआ?’” उन्होंने आगे कहा, “सलमान का बस उन्हें छूने का मन हुआ। वह प्यार में थे, इसलिए उन्होंने उन्हें छू लिया। लेकिन सीन ऐसे नहीं किया जाना था। संजय ने उन पर चिल्लाकर पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। सीन में सलमान को सिर्फ वहां खड़े होकर ऐश्वर्या को देखना था।” स्मिता ने बताया कि इस घटना के बाद सेट पर मौजूद लोग हंसने लगे थे। ऐश्वर्या शरमा गई थीं। वहां मौजूद लोगों को दोनों कलाकारों के बीच का प्यार साफ समझ आ गया था। ‘हम दिल दे चुके सनम’ के बारे में जानिए ‘हम दिल दे चुके सनम’ 1999 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया था। इसमें सलमान खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और अजय देवगन मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म की कहानी नंदिनी (ऐश्वर्या) के इर्द-गिर्द थी। नंदिनी को समीर (सलमान) से प्यार हो जाता है। इसके बाद वनराज (अजय) से उसकी शादी उनके रिश्ते की दिशा बदल देती है। फिल्म का म्यूजिक इस्माइल दरबार ने तैयार किया था। इसके लोकप्रिय गानों में ‘आंखों की गुस्ताखियां’ और ‘चांद छुपा बादल में’ शामिल हैं।
राजस्थान की अफीम तस्करी पर बनी फिल्म ‘अमलपट्टा’:पहली मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर 12 नवंबर को होगी रिलीज़, कहानी तस्करी की दुनिया में वर्चस्व की लड़ाई के इर्द-गिर्द

राजस्थान में अफीम तस्करी की दुनिया और उसमें वर्चस्व की लड़ाई अब बड़े पर्दे पर दिखाई देगी। इसी पृष्ठभूमि पर बनी मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘अमलपट्टा’ 12 नवंबर को रिलीज होगी। फिल्म की कहानी तस्करी के कारोबार में दबदबा कायम करने की जंग के इर्द-गिर्द घूमती है। इसे पहली मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर बताया जा रहा है। आरजे 27 प्रोडक्शन यूनिवर्सल के बैनर तले बनी इस फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर उदयपुर में लॉन्च किया गया। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से ‘A’ (केवल वयस्कों के लिए) प्रमाण पत्र प्राप्त यह फिल्म अफीम की खेती, तस्करी के अवैध कारोबार, नारकोटिक्स विभाग और स्थानीय सत्ता के बीच चलने वाले खेल को बड़े पर्दे पर जीवंत करती है। अफीम तस्करी की दुनिया में वर्चस्व की लड़ाई पर होगी कहानी मूवी के डायरेक्टर सौरभ जैन ने बताया कि फिल्म की कहानी अफीम तस्करी की दुनिया में वर्चस्व की लड़ाई और इसी बीच हुई एक हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पूरे इलाके के अपराध चक्र और आपसी टकराव को बेनकाब करती है। ब्रिक्स फिल्म शिखर सम्मेलन भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली 5 फिल्मों में चयन निर्माता आस्था वर्मा ने बताया कि इस फिल्म की पूरी शूटिंग महज 38 दिनों में मेवाड़ के वास्तविक स्थानीय लोकेशनों पर पूरी की गई है। हाल ही में मुंबई में आयोजित ब्रिक्स फिल्म शिखर सम्मेलन भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच फिल्मों में भी इसका चयन हुआ था। मेवाड़ की मिट्टी से निकली एक गंभीर क्राइम-थ्रिलर का अनुभव देगी फिल्म सौरव चतुर्वेदी द्वारा लिखित इस फिल्म में स्थानीय मेवाड़ी भाषा और परिवेश की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए हिंदी संवादों का भी बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है। फिल्म के तकनीकी पक्षों में राहुल जैन ने छायांकन और संपादन की कमान संभाली है, जबकि गणपत सिंह भाटी ने साउंड रिकॉर्डिस्ट के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। यह फिल्म स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों की बड़ी भागीदारी के साथ मेवाड़ की मिट्टी से निकली एक गंभीर क्राइम-थ्रिलर का अनूठा अनुभव देने के लिए तैयार है।









