Monday, 03 Aug 2026 | 03:48 PM

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भारत में सोने की मांग में 6% की गिरावट:अप्रैल-जून तिमाही में 131.4 टन खपत रही, कस्टम ड्यूटी बढ़ने और PM मोदी की अपील का असर

भारत में सोने की मांग में 6% की गिरावट:अप्रैल-जून तिमाही में 131.4 टन खपत रही, कस्टम ड्यूटी बढ़ने और PM मोदी की अपील का असर

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी WGC के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131.4 टन रह गई है। पिछले साल की इसी अवधि में यह मांग 139.7 टन थी। मांग में इस गिरावट के पीछे कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने की खरीदारी कम करने की अपील को मुख्य कारण माना गया है। केंद्र सरकार ने इसी साल मई में सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी थी। इससे इनकी कीमत बढ़ गई थी। वैल्यू के हिसाब से 50% ज्यादा कीमत का सोना खरीदा WGC इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने बताया कि भले ही मात्रा में मांग घटी हो, लेकिन वैल्यू के लिहाज से यह एक रिकॉर्ड है। इस तिमाही में सोने की खपत 1,98,100 करोड़ रुपए रही, जो 2025 की दूसरी तिमाही के 1,32,500 करोड़ रुपए के मुकाबले 50% अधिक है। इससे पता चलता है कि ऊंची कीमतों के बावजूद उपभोक्ता सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ज्वैलरी मांग में 15% की कमी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में कुल ज्वैलरी मांग 15% घटकर 75.1 टन रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 88.8 टन थी। प्रधानमंत्री मोदी ने मई में लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की अपील की थी, जिसका असर बाजार पर दिखा है। निवेश में तेजी आई कीमतों और भविष्य का अनुमान दूसरी तिमाही में सोने की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमत 4,506.3 डॉलर प्रति औंस रही, जो 2025 में 3,280.4 डॉलर थी। भारत में औसत तिमाही कीमत (बिना आयात शुल्क और जीएसटी के) 1,50,744.8 रुपए रही, जबकि पिछले साल यह 94,875.9 रुपए थी। WGC ने इस साल कुल मांग 650 से 750 टन के बीच रहने का अनुमान जताया है। जैन के अनुसार, त्योहारी और शादी के सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

सोना ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹9 हजार महंगा हो चुका, चांदी की कीमत ₹789 कम होकर ₹2.17 लाख किलो हुई

सोना ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹9 हजार महंगा हो चुका, चांदी की कीमत ₹789 कम होकर ₹2.17 लाख किलो हुई

सोने की कीमत में आज यानी 30 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 177 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत 789 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए आ गई। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 30 जुलाई 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 13 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.17 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।

सोना ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹9 हजार महंगा हो चुका, चांदी की कीमत ₹789 कम होकर ₹2.17 लाख किलो हुई

सोना ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹9 हजार महंगा हो चुका, चांदी की कीमत ₹789 कम होकर ₹2.17 लाख किलो हुई

सोने की कीमत में आज यानी 30 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 177 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत 789 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए आ गई। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 13 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.17 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।

मूवी रिव्यू- 'भाई तेरा स्टार है':कहानी में दम नहीं, कॉमेडी में हंसी नहीं, राघव जुयाल की पहली सोलो लीड ने किया सिरदर्द

मूवी रिव्यू- 'भाई तेरा स्टार है':कहानी में दम नहीं, कॉमेडी में हंसी नहीं, राघव जुयाल की पहली सोलो लीड ने किया सिरदर्द

कॉमेडी फिल्म की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है दर्शकों को हंसाना। फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ इसी सबसे जरूरी काम में बुरी तरह नाकाम रहती है। फिल्म शुरुआत से आखिर तक यह भरोसा दिलाती रहती है कि अब कुछ मजेदार होने वाला है, लेकिन हर अगले सीन के साथ निराशा ही हाथ लगती है। शोर है, भागदौड़ है, गलतफहमियां हैं, लेकिन हंसी कहीं दिखाई नहीं देती। राघव जुयाल की पहली सोलो लीड फिल्म से जिस धमाके की उम्मीद थी, वह शुरुआत में ही हवा हो जाती है। फिल्म की कहानी कहानी लंदन में रहने वाले स्ट्रगलिंग एक्टर अजय सिंह (राघव जुयाल) की है। क्रिकेट की एक शर्त हारने के बाद उस पर क्लब मालिक फैटी (संजय कपूर) का दस हजार पाउंड का कर्ज चढ़ जाता है। पैसे लौटाने के लिए उसके पास सिर्फ एक रात है। लेकिन सच बोलने की बजाय अजय एक के बाद एक झूठ बोलता चला जाता है। उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एन एम), बहन नताशा (पार्वती ओमनाकुट्टन) और रोशनी का भाई सिड (विवान भटेना) भी इस झूठ के जाल में फंसते चले जाते हैं। कहानी का आइडिया सुनने में दिलचस्प लगता है। एक रात, ढेर सारी गलतफहमियां और भागदौड़ वाली कॉमेडी। लेकिन स्क्रीन पर सब कुछ इतना बिखरा हुआ है कि कुछ देर बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहानी आखिर जाना कहां चाहती है। कई दृश्य सिर्फ समय भरने के लिए जोड़े गए लगते हैं और क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह थका देती है। फिल्म में एक्टिंग राघव जुयाल ने किल जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रभावित किया था, लेकिन यहां वह पूरी तरह लड़खड़ा जाते हैं। यह उनकी पहली सोलो लीड फिल्म है, लेकिन पूरी फिल्म में वह लीड हीरो से ज्यादा किसी साइड किरदार जैसे महसूस होते हैं। उनके चेहरे के हावभाव जरूरत से ज्यादा बनावटी लगते हैं और कई जगह ओवरएक्टिंग कॉमेडी को पूरी तरह खत्म कर देती है। कॉमिक टाइमिंग भी बार बार चूकती है, जिससे उनका किरदार दर्शकों से जुड़ ही नहीं पाता। संजय कपूर अपने अनुभव से कुछ दृश्यों को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनके हाथ भी बांध देती है। विवान भटेना अपने सीमित स्क्रीन टाइम में असर छोड़ते हैं और कई जगह राघव से ज्यादा सहज नजर आते हैं। पार्वती ओमनाकुट्टन फिल्म की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस देती हैं। निहारिका एन एम ईमानदार कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर लेखन उन्हें भी ज्यादा मौका नहीं देता। चंदन राय सान्याल और निकी वालिया जैसे उम्दा कलाकारों की प्रतिभा का फिल्म में बेहद खराब इस्तेमाल किया गया है। फिल्म में डायरेक्शन निर्देशक विवेक बी अग्रवाल की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने शोर को कॉमेडी समझ लिया। पूरी फिल्म में किरदार लगातार भागते हैं, चिल्लाते हैं और एक दूसरे के पीछे दौड़ते रहते हैं, लेकिन कोई भी सिचुएशन ऐसी नहीं बनती जिस पर खुलकर हंसी आए। स्क्रीनप्ले जरूरत से ज्यादा उलझा हुआ है। नए किरदार आते रहते हैं, लेकिन कहानी को मजबूत करने के बजाय उसे और बिखेर देते हैं। कई पंचलाइन बिना असर छोड़े निकल जाती हैं। गलतफहमियों पर टिकी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी राइटिंग होती है, लेकिन यहां वही सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह अपनी पकड़ खो देती है। फिल्म का तकनीकी पक्ष लंदन की लोकेशन अच्छी लगती है और सिनेमैटोग्राफी भी ठीक ठाक है। एडिटिंग अगर थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म का असर कुछ बेहतर हो सकता था। लेकिन कमजोर कहानी और ढीले स्क्रीनप्ले के सामने तकनीकी पक्ष भी बेबस नजर आता है। फिल्म में म्यूजिक अमित त्रिवेदी का संगीत फिल्म की कुछ गिनी चुनी अच्छी बातों में शामिल है। हालांकि गाने कहानी की रफ्तार को रोकते हैं। सबसे अजीब फैसला आखिर में लगातार गाने रखने का है, जिससे फिल्म खत्म होने के बाद भी खत्म होती हुई महसूस नहीं होती। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘भाई तेरा स्टार है’ एक ऐसी कॉमेडी है, जिसमें सबसे ज्यादा कमी हंसी की है। कमजोर कहानी, बिखरा हुआ स्क्रीनप्ले, फीका निर्देशन और राघव जुयाल की निराशाजनक लीड परफॉर्मेंस मिलकर इस फिल्म को बेहद थका देने वाला अनुभव बना देते हैं। जिस फिल्म से राघव को बतौर सोलो हीरो नई पहचान मिलनी थी, वही फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। अगर अच्छी कॉमेडी देखने की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीद और आपका धैर्य दोनों तोड़ देगी।

मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को पतंजलि ग्रुप खरीदेगा:IRDAI से मंजूरी मिली, मार्च 2025 में हुई थी डील; 3 महीने में पूरी होगी प्रोसेस

मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को पतंजलि ग्रुप खरीदेगा:IRDAI से मंजूरी मिली, मार्च 2025 में हुई थी डील; 3 महीने में पूरी होगी प्रोसेस

पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बीमा नियामक IRDAI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। मीडिया रिर्पोट्स के अनुसार लगभग 4,500 करोड़ रुपए में ये डील हुई है। नियामक ने 28 जुलाई 2026 के पत्र के जरिए इस अधिग्रहण को हरी झंडी दी है।यह मंजूरी पत्र जारी होने की तारीख से अगले 3 महीने तक मान्य रहेगी। 73.6% हिस्सेदारी खरीदेगी पतंजलि इस डील के तहत पतंजलि आयुर्वेद 73.6% हिस्सेदारी खरीदेगी, जबकि धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप 24.5% हिस्सेदारी का मालिक बनेगा। इससे पहले इस कंपनी की सबसे बड़ी हिस्सेदार सनोटी प्रॉपर्टीज (आदार पूनावाला समूह) थी। IRDAI की मंजूरी मिलने के बाद अब पतंजलि मैग्मा जनरल इंश्योरेंस की प्रमोटर कंपनी बन जाएगी। मार्च 2025 में हुआ था शेयर परचेज एग्रीमेंट इस डील की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जब पतंजलि-एलेड बायर ग्रुप और मौजूदा शेयरधारकों के बीच शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) पर दस्तखत किए गए थे। 12 मार्च 2025 को कंपनी ने एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद regulatory समीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण 12 मार्च 2026 को एग्रीमेंट की लॉन्ग-स्टॉप डेट (समय सीमा) को आगे बढ़ाया गया था। 1 साल से ज्यादा समय से अटका था रेगुलेटरी अप्रूवल एग्रीमेंट साइन होने के बाद से यह सौदा लगभग 16 महीने से नियामक समीक्षा के तहत अटका हुआ था। IRDAI की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब मालिकाना हक बदलने का रास्ता साफ हो गया है। खरीदार समूह को अब अगले तीन महीनों की तय सीमा में शेयर ट्रांसफर और IRDAI द्वारा रखी गई शर्तों को पूरा करना होगा। मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में बदलेगा मालिकाना हक सभी जरूरी औपचारिकताएं, लीगल प्रोसेस और कांट्रैक्ट से जुड़ी शर्तें पूरी होने के बाद मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का ओनरशिप ट्रांसफर पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही इंश्योरेंस सेक्टर में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के पतंजलि ग्रुप की मौजूदगी और मजबूत होगी।

पैसों की जरूरत पड़ने पर FD पर लोन लें:इसमें कम ब्याज पर मिलेगा कर्ज, FD भी नहीं तुड़वानी पड़ेगी; समझें इसका पूरा गणित

पैसों की जरूरत पड़ने पर FD पर लोन लें:इसमें कम ब्याज पर मिलेगा कर्ज, FD भी नहीं तुड़वानी पड़ेगी; समझें इसका पूरा गणित

फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया बना हुआ है। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी, एक्सीडेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर की मरम्मत जैसे अचानक आए खर्चों के समय लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो जाता है कि FD मैच्योर होने से पहले तोड़ना सही है या इसके बदले लोन लेना। पैसे की तुरंत जरूरत, तो क्या करें? किसी भी अचानक आई वित्तीय जरूरत के समय सही फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आपको पैसों की जरूरत कितनी जल्दी है, ब्याज या पेनल्टी का खर्च कितना आ रहा है, आपकी चुकाने की क्षमता कैसी है और यह जरूरत कितने समय (शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म) के लिए है। शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए FD पर लोन बेहतर बैंक आमतौर पर प्री-मैच्योर विड्रॉल पर 0.5% से 1% तक की पेनल्टी लगाते हैं। इसके अलावा, जितने समय तक FD बैंक के पास रही, उतने समय की ही दर से ब्याज मिलता है, जिससे कुल रिटर्न काफी घट जाता है। जैसे मान लीजिए कि आपने 1 लाख रुपए की FD 1 साल के लिए 6% की दर से की, लेकिन आप उसे 6 महीने बाद ही तोड़ देते हैं बैंक आपके पैसों पर 5% की दर से ब्याज देगा, ना कि 6% की दर से। इसके अलावा इस पर पेनाल्टी भी देनी होगी। FD की वैल्यू का 90% तक लोन ले सकते हैं FD की वैल्यू का 90% तक आप लोन ले सकते हैं। मान लीजिए आपकी FD की कीमत 1 लाख रुपए है तो आपको 90 हजार रुपए लोन मिल सकता है। अगर आप FD पर लोन लेते हैं तो आपको फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज से 1-2% ज्यादा ब्याज देना होगा। जैसे मान लीजिए की आपकी FD पर 4% ब्याज मिल रहा है तो आपको 5 से 6% ब्याज दर पर लोन मिल सकता है। लोन न चुकाने पर क्या होगा? अगर कोई व्यक्ति FD पर लोन लेता है और उसे चुका नहीं पाता है, तो जब आपकी FD मैच्योर होगी तब बैंक लोन की बकाया राशि को इसमें से काट लेगा। ऐसे में इसके बाद FD का जो भी पैसा बचेगा वो आपको मिल जाएगा।

सलमान खान की शो 'अलायंस' में एंट्री होगी:भाई सोहेल का सपोर्ट करने पहुंचेंगे, काउबॉय हैट और ऑल-डेनिम लुक में दिखे

सलमान खान की शो 'अलायंस' में एंट्री होगी:भाई सोहेल का सपोर्ट करने पहुंचेंगे, काउबॉय हैट और ऑल-डेनिम लुक में दिखे

सलमान खान बुधवार को रियलिटी शो ‘अलायंस’ के सेट पर पहुंचे। यहां वह अपने भाई सोहेल खान को सपोर्ट करने आए थे। सोहेल खान की पूर्व पत्नी सीमा सजदेह वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर शो में शामिल हुई थीं। हालांकि, हाल ही में वह शो से बाहर हो गईं। सीमा के एलिमिनेट होने के बाद सोहेल भावुक नजर आए थे। अब सलमान शो में गेस्ट के रूप में दिखाई देंगे। सेट पर जाने से पहले सलमान ने पैपराजी के लिए भी पोज दिए। इस दौरान उनका ऑल-डेनिम लुक और काउबॉय हैट लोगों का ध्यान खींचता नजर आया। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस’ में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सोहेल ने सीमा की तारीफ की थी बता दें कि रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ में जब सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। उस दौरान होस्ट कुणाल खेमू ने सोहेल से सीमा को लेकर सवाल किया था, जिस पर उन्होंने अपनी शादी और रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। कुणाल खेमू ने पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। शो में सोहेल खान और सीमा के बीच बातचीत और बॉन्डिंग देखकर अन्य प्रतियोगियों ने तालियां बजाकर दोनों का हौसला बढ़ाया था। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को फटकार लगाई:PoK को पाकिस्तानी कश्मीर बताने पर आपत्ति जताई , कहा- यह भारत का अभिन्न हिस्सा है

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को फटकार लगाई:PoK को पाकिस्तानी कश्मीर बताने पर आपत्ति जताई , कहा- यह भारत का अभिन्न हिस्सा है

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कुछ नहीं है, केवल पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) है। दूतावास ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा हमेशा रहेंगे। दूतावास ने पाकिस्तान पर इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा करने और वहां रहने वाले लोगों के खिलाफ हिंसा करने का आरोप भी लगाया। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर उसका रुख पहले से स्पष्ट और अपरिवर्तित है। भारतीय दूतावास की यह प्रतिक्रिया न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें पीओके में हालिया अशांति और स्थानीय चुनावों का जिक्र करते हुए इस क्षेत्र को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ कहा गया था। रिपोर्ट में मीरपुर में सुरक्षा बलों और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बीच झड़प, दो लोगों की मौत और चुनावी प्रक्रिया पर पड़े असर का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही अखबार ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए:जॉर्डन में US बेस पर अटैक के बाद जवाबी कार्रवाई; ट्रम्प बोले- अब हमारी बारी

अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए:जॉर्डन में US बेस पर अटैक के बाद जवाबी कार्रवाई; ट्रम्प बोले- अब हमारी बारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई जॉर्डन में उसके सैन्य ठिकानों और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। सेंटकॉम ने इसे ‘शक्तिशाली प्रतिक्रिया’ बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में कहा, “अब हमारी बारी है।” उन्होंने दावा किया कि ईरान को हमले की जानकारी थी और उसने अमेरिका से ऐसा न करने की अपील भी की थी। इससे एक दिन पहले अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए थे। वहीं मिस्र के दमिएटा बंदरगाह पर अमेरिकी स्वामित्व वाले गैस टैंकर ‘एनर्गोस विंटर’ पर भी ड्रोन हमला हुआ। बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.3% बढ़कर 88 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज:ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 बजे दुनिया भर में लॉन्च

फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज:ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 बजे दुनिया भर में लॉन्च

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। मेकर्स ने इसे भारतीय समयानुसार 30 जुलाई सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया है। देखें ट्रेलर की झलक- रामायण के ट्रेलर ने जीता दर्शकों का दिल ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। भव्य दृश्य, भगवान राम के किरदार और रावण बने यश के दमदार अंदाज की जमकर तारीफ हो रही है। एक यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ ट्रेलर नहीं, पीढ़ियों से जुड़ी एक भावना है।” वहीं दूसरे ने कहा, “कुछ फिल्में देखी जाती हैं, रामायण महसूस की जाती है।” एक यूजर ने लिखा, “रावण के किरदार में यश की कास्टिंग बेहतरीन है।” जबकि साई पल्लवी के सीता रूप को देखकर लोगों ने कहा, “मां सीता के रूप में साई पल्लवी दिव्य लग रही हैं।” कई दर्शकों ने यह भी लिखा कि ट्रेलर देखने के उत्साह में वे पूरी रात सो नहीं पाए। इससे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर रिलीज की जानकारी दी थी कि हिंदू परंपरा में सुबह 4 से 5 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, जिसे किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज का समय चुना। रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोल फिल्म ‘रामायण’ में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-