Tuesday, 04 Aug 2026 | 08:29 PM

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उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

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टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि पीओके में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब पीओके में चुनाव के विरोध में निकाले गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मार्च पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी पीओके विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे पीओके में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए… 5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी। 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। किस बात पर भड़का है आंदोलन? प्रदर्शन की अगुआई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांग है कि POK विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म की जाएं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां स्थानीय सरकार के गठन को प्रभावित करती हैं। उनका तर्क है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। पूरे POK में सुरक्षा बढ़ाई गई हिंसा के बाद पूरे POK में धारा-144 लागू कर दी गई है। इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और 10 अतिरिक्त सुरक्षा कंपनियों के साथ आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तथा पैरामिलिट्री बल तैनात किए गए हैं। सेना और पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है। हालात पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ दो दौर की बैठक भी की। चुनाव पर भी उठ रहे सवाल POK विधानसभा की 53 सीटों में से 45 पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि 12 शरणार्थी सीटों पर मतदान 2 अगस्त को होना है। इन सीटों के करीब 6 लाख मतदाता पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में रहते हैं। विपक्ष का आरोप है कि इन्हीं सीटों के जरिए सत्ता पक्ष चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है। इमरान खान की पार्टी PTI ने चुनाव का बहिष्कार करते हुए धांधली के आरोप लगाए हैं। भारत ने चुनाव को बताया ‘दिखावटी कवायद’ भारत ने POK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे “दिखावटी कवायद” बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें POK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।

PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब PoK में चुनाव के विरोध में निकाले गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मार्च पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए… 5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी। 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। किस बात पर भड़का है आंदोलन? प्रदर्शन की अगुआई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांग है कि POK विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म की जाएं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां स्थानीय सरकार के गठन को प्रभावित करती हैं। उनका तर्क है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। POK की 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है? POK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 45 सीटों पर सीधे POK के लोग मतदान करते हैं, जबकि 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता POK में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य हिस्सों में रहते हैं। इस बार इन 12 सीटों पर करीब 6 लाख मतदाता वोट डालने वाले हैं। JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां POK की सरकार के गठन में दखल देती हैं। कई बार इन सीटों के नतीजे विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल देते हैं। यही वजह है कि JAAC की मांग है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए और 12 शरणार्थी सीटों की व्यवस्था खत्म की जाए। विपक्षी दलों का भी आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसी कारण पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं। भारत ने चुनाव को बताया ‘दिखावटी कवायद’ भारत ने POK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे “दिखावटी कवायद” बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें POK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।

ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।

ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

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1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

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लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’ कौन हैं सौरव दास