शूटिंग के लिए जयपुर पहुंचे ईशान खट्टर-जीनत अमान:वेब सीरीज रॉयल्स का सामोद और मंडावा की ऐतिहासिक लोकेशन पर शूट होगा

वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग के लिए बॉलीवुड एक्टर ईशान खट्टर और दिग्गज एक्ट्रेस जीनत अमान मंगलवार को जयपुर पहुंचे। दोनों कलाकार एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई से जयपुर आए। मंगलवार से सीरीज के दूसरे शेड्यूल का फिल्मांकन शुरू हो गया है। इस शेड्यूल में जयपुर के साथ सामोद और मंडावा की ऐतिहासिक एवं हेरिटेज लोकेशन पर शूटिंग की जाएगी। राजस्थान के महलों, हवेलियों और परंपरा को पर्दे पर दिखाने के लिहाज से ये स्थान खास माने जाते हैं। इससे पहले वेब सीरीज की शूटिंग जैसलमेर और जयपुर में भी हो चुकी है। अब दूसरे शेड्यूल में राजस्थान की अलग-अलग ऐतिहासिक लोकेशन को कहानी का हिस्सा बनाया जाएगा। शाही विरासत और आधुनिक कहानी का मेल ‘द रॉयल्स’ की कहानी और इसके शाही परिवेश के कारण राजस्थान की लोकेशन सीरीज के लिए अहम मानी जा रही हैं। जयपुर, सामोद और मंडावा की ऐतिहासिक इमारतें कहानी के दृश्यात्मक प्रभाव को और खास बना सकती हैं। खास तौर पर मंडावा अपनी पुरानी हवेलियों और भित्तिचित्रों के लिए जाना जाता है, जबकि सामोद अपने महल और पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में दूसरे शेड्यूल की शूटिंग के दौरान इन स्थानों की झलक दर्शकों को देखने को मिल सकती है। ईशान खट्टर ने फिल्मों और वेब सीरीज में बनाई पहचान ईशान खट्टर ने कम उम्र में ही हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने वर्ष 2017 में ईरानी फिल्मकार माजिद मजीदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहना मिली। इसके बाद वर्ष 2018 में शशांक खेतान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धड़क’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में मुख्य अभिनेता के रूप में पहचान हासिल की। इस फिल्म में उनके साथ जाह्नवी कपूर नजर आई थीं। ईशान ने आगे चलकर ‘खाली पीली’, ‘फोन भूत’, ‘पिप्पा’ और ‘ए सूटेबल बॉय’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया। फिल्म ‘पिप्पा’ में उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी में एक सैन्य अधिकारी की भूमिका निभाई। वहीं, वेब सीरीज ‘ए सूटेबल बॉय’ में उनके अभिनय को भी दर्शकों और समीक्षकों ने नोटिस किया। अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए ईशान ने अपनी अभिनय क्षमता को विस्तार देने की कोशिश की है। जीनत अमान की वापसी से सीरीज को लेकर बढ़ी दिलचस्पी जीनत अमान हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने 1970 और 1980 के दशक में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 1970 में मिस एशिया पैसिफिक का खिताब जीतने के बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। देव आनंद की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ से उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद जीनत अमान ने ‘यादों की बारात’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘धर्मवीर’, ‘डॉन’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘कुर्बानी’ और ‘दोस्ताना’ जैसी फिल्मों में काम किया। खास तौर पर ‘डॉन’ में रोमा और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में रूपा के उनके किरदार काफी चर्चित रहे।
कंगना रनोट ने एआई अपराधों पर जताई चिंता:जर्मनी में रोबोट पर लड़की से गलत हरकत करने का आरोप; बोलीं- भविष्य में क्या होगा?

एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े अपराधों पर चिंता जताई। मंगलवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक खबर शेयर की। इसमें जर्मनी में एक रोबोट पर लड़की के साथ गलत हरकत करने का आरोप लगाया गया था। इस खबर के साथ कंगना ने लिखा कि दुनिया अभी AI के दौर में पूरी तरह पहुंची भी नहीं है, लेकिन इससे जुड़े अपराध शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी कई अपराध इसलिए नहीं होते, क्योंकि अपराधियों को पकड़े जाने का डर होता है या उनमें ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। कंगना ने सवाल उठाया कि अगर भविष्य में AI से अपराध करने में कोई रुकावट नहीं रही, तो दुनिया कैसी होगी? क्या है पूरा मामला? दरअसल, जर्मनी के कोलोन शहर में 16 साल की लड़की के साथ गलत हरकत करने के आरोप में पुलिस ने एक रोबोट जब्त किया है। आरोप है कि रोबोट ने लड़की के पीछे से आकर उसके शरीर को गलत तरीके से छुआ और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। घटना के समय लड़की अपने दोस्तों के साथ एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट के बाहर खड़ी थी। बताया गया है कि इस घटना को सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम भी किया गया था। यह घटना रविवार को कोलोन की व्यस्त सड़क होहेनजोलर्नरिंग पर हुई। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1.2 मीटर लंबा लाल और सुनहरे रंग का रोबोट अचानक लड़की के पीछे पहुंचा। इसके बाद उसने लड़की के कूल्हों को छुआ और उसके शरीर से सटकर अश्लील हरकतें कीं। इस मामले में रोबोट के 16 साल के मालिक और उसके 19 साल के साथी पर घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करने और लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान कमेंट्री करने का शक है। रोबोट का मालिक वेगबर्ग का रहने वाला बताया गया है। कार की डिक्की में छिपाया था रोबोट घटना की सूचना मिलने के बाद कोलोन पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को संदिग्ध मैग्नसश्ट्रासे और होहेनजोलर्नरिंग के चौराहे के पास मिले। अधिकारियों के मुताबिक, रोबोट को एक वोक्सवैगन कार की डिक्की में छिपाकर रखा गया था। पुलिस के पहुंचने से पहले उसके मालिक ने उसे कार में रख दिया था। पुलिस ने रोबोट के साथ दोनों संदिग्धों के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन मोबाइल फोन की जांच की जाएगी, ताकि घटना की रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़ी जानकारी मिल सके। रोबोट को कौन चला रहा था, इसकी जांच जारी कोलोन पुलिस इस मामले में यौन उत्पीड़न की आशंका के तहत जांच कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना के समय रोबोट कैसे काम कर रहा था और क्या कोई व्यक्ति दूर से उसकी गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों संदिग्धों की इस घटना में क्या भूमिका थी। फिलहाल रोबोट की गतिविधियों, उसे नियंत्रित करने के तरीके और घटना की रिकॉर्डिंग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।
‘ब्रेकिंग बैड’ एक्टर आरजे मिटे ने किया सुसाइड:34 साल उम्र थी, अमेरिकी सीरीज में वॉल्टर व्हाइट जूनियर का किरदार निभाया था

मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ब्रेकिंग बैड में वॉल्टर व्हाइट के बेटे का किरदार निभाने वाले अभिनेता आरजे मिटे की 34 साल की उम्र में मौत हो गई। अमेरिकी एंटरटेनमेंट वेबसाइट TMZ के अनुसार, एक्टर ने सोमवार को टेक्सास में आत्महत्या की। आरजे मिटे को 14 साल की उम्र में ब्रेकिंग बैड के पायलट एपिसोड में काम मिला था। उन्होंने सीरीज के 56 एपिसोड में वॉल्टर व्हाइट जूनियर का किरदार निभाया। मिटे को सेरेब्रल पाल्सी था यानी उनको बचपन से चलने-फिरने और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में परेशानी होती थी। उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल हॉलीवुड में दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों की आवाज उठाने के लिए किया था। मिटे के रिप्रेजेंटेटिव ने कहा, “बहुत दुख के साथ हम प्यारे अभिनेता, समाजसेवी और दिव्यांग अधिकारों के उत्साही समर्थक आरजे मिटे के दुखद निधन की जानकारी दे रहे हैं।” रिप्रेजेंटेटिव ने आगे कहा, “दुनियाभर में दोस्तों और परिवार का मनोरंजन करने के अलावा, उन्होंने यूनाइटेड सेरेब्रल पाल्सी और श्राइनर्स चिल्ड्रन्स के एंबेसडर के तौर पर काम किया।” विन्स गिलिगन की बनाई इस सीरीज के लिए मिटे ने 13 साल की उम्र में ऑडिशन दिया था। वह 14 साल के थे, जब उन्होंने इसके पायलट एपिसोड की शूटिंग की। ब्रेकिंग बैड ने अपने कलाकारों को दुनियाभर में पहचान दिलाई। मिटे ने सीरीज में ब्रायन क्रैंस्टन और अन्ना गन के साथ काम किया। सीरीज में दोनों ने उनके ऑन-स्क्रीन माता-पिता का किरदार निभाया था। मिटे ने बाद में द ओक रूम, द गार्डियंस ऑफ जस्टिस और ट्रायम्फ में भी काम किया। अभिनेता की आखिरी सार्वजनिक मौजूदगी ब्रेकिंग बैड के सह-कलाकार लुइस मोनकाडा के साथ अल्बुकर्क के बैलून फिएस्टा में थी। ब्रायन क्रैंस्टन ने जताया दुख ‘ब्रेकिंग बैड’ के लीड एक्टर ब्रायन क्रैंस्टन ने मिटे के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि कुछ हफ्ते पहले ही दोनों लंच पर मिलने की योजना बना रहे थे। क्रैंस्टन ने लिखा, “आज रात यह लिखते हुए मैं गहरे दुख में हूं। ब्रेकिंग बैड में मेरे प्यारे बेटे आरजे मिटे का निधन हो गया।” उन्होंने लिखा, “जब वह सिर्फ 14 साल के थे, तब मैं उनसे मिला था। उन्हें वॉल्टर व्हाइट जूनियर के किरदार के लिए चुना गया था। उन्होंने यह भूमिका खुशी और उत्साह के साथ निभाई।” क्रैंस्टन ने कहा, “सेरेब्रल पाल्सी के साथ जन्म लेने के बावजूद, आरजे ने कभी इस चुनौती को किसी काम के लिए बहाना नहीं बनने दिया।” उन्होंने आगे लिखा, “उन्होंने शूटिंग के कठिन शेड्यूल का पूरी दृढ़ता से सामना किया। वह अपनी टीवी मां अन्ना गन और मुझसे मिली सलाह हमेशा सुनते थे, लेकिन किशोर होने के नाते, वह कभी-कभी शरारत से हमारी सलाह नजरअंदाज भी कर देते थे। वह मुश्किल तरीके से सीखना चाहते थे। वह एक हिट टीवी शो के सितारों में से एक थे, लेकिन फिर भी एक बच्चे थे।” क्रैंस्टन ने कहा कि जब मिटे टीम से जुड़े थे, तब वह अभिनय में कच्चे थे। बाद में वह एक बेहतरीन अभिनेता बने। उन्होंने कहा कि मिटे ने शो में अपने अनुभव का इस्तेमाल दिव्यांग कलाकारों के लिए खुलकर आवाज उठाने में किया। क्रैंस्टन ने लिखा, “उनकी सारी उम्मीद और क्षमता अब खो गई है। यह जानना बेहद दुखद है कि उन्होंने अपनी जान ले ली। क्यों?”
नुसरत भरूचा ने सर्जरी के बाद दिखाई अपनी हालत:हादसे के बाद शेयर किया हेल्थ अपडेट; हाथों में ड्रिप्स, नर्स खिलाती दिखीं खाना

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी की सर्जरी कराई है। सर्जरी के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहली हेल्थ अपडेट शेयर की है। सामने आए वीडियो में नुसरत कुर्सी पर बैठी नजर आ रही हैं। उनके हाथ में कई ड्रिप्स लगी हैं और नर्स उन्हें खाना खिला रही है। नुसरत भरूचा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह टीवी पर शाहरुख खान और काजोल का गाना देख रही हैं। इस दौरान उनके हाथ में कई ड्रिप्स लगी हुई दिखाई दे रही हैं और नर्स उन्हें खाना खिला रही है। इससे पहले एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर खिड़की के पास रखी खाली रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर की तस्वीर शेयर की थी। तस्वीर में दूर सूर्यास्त का नजारा दिखाई दे रहा था। इसके साथ उन्होंने लिखा था, ‘हमेशा से सनसेट का पीछा करती रही हूं, और अचानक मेरा नजारा बदल गया। लेकिन, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।’ बाली में हुआ था हादसा, रीढ़ की हड्डी में आया फ्रैक्चर नुसरत भरूचा काम और छुट्टियां बिताने के लिए बाली गई थीं, जहां वह एक हादसे का शिकार हो गईं। उनकी टीम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। इलाज के लिए उन्हें हवाई जहाज से मुंबई लाया गया था। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी।
नुसरत भरूचा ने सर्जरी के बाद दिखाई अपनी हालत:हादसे के बाद शेयर किया हेल्थ अपडेट; हाथों में ड्रिप्स, नर्स खिलाती दिखीं खाना

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी की सर्जरी कराई है। सर्जरी के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहली हेल्थ अपडेट शेयर की है। सामने आए वीडियो में नुसरत कुर्सी पर बैठी नजर आ रही हैं। उनके हाथ में कई ड्रिप्स लगी हैं और नर्स उन्हें खाना खिला रही है। नुसरत भरूचा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह टीवी पर शाहरुख खान और काजोल का गाना देख रही हैं। इस दौरान उनके हाथ में कई ड्रिप्स लगी हुई दिखाई दे रही हैं और नर्स उन्हें खाना खिला रही है। इससे पहले एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर खिड़की के पास रखी खाली रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर की तस्वीर शेयर की थी। तस्वीर में दूर सूर्यास्त का नजारा दिखाई दे रहा था। इसके साथ उन्होंने लिखा था, ‘हमेशा से सनसेट का पीछा करती रही हूं, और अचानक मेरा नजारा बदल गया। लेकिन, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।’ बाली में हुआ था हादसा, रीढ़ की हड्डी में आया फ्रैक्चर नुसरत भरूचा काम और छुट्टियां बिताने के लिए बाली गई थीं, जहां वह एक हादसे का शिकार हो गईं। उनकी टीम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। इलाज के लिए उन्हें हवाई जहाज से मुंबई लाया गया था। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी।
दूसरे ब्रह्मांडों के राज खुलेंगे, बीमारियों की सटीक दवाएं बनेंगी:इस साल फिजिक्स, केमेस्ट्री और मेडिसिन के किन आविष्कारों को मिला नोबेल; आसानी से समझें

Hindi News Career Nobel Prize 2026 Winners List With Key Discoveries Facts; Follow Medicine, Physics Chemistry, Peace, Economics And Literature Nobel Prize 2026 Latest News On Dainik Bhaskar. साल 2026 का फिजियोलॉजी और मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से कार्ल डेइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार एक ऐसे प्रोटीन (algae Protein) की खोज के लिए मिला 14 मिनट पहलेलेखक: सृष्टि तिवारी कॉपी लिंक जानते हैं इस साल विज्ञान की दुनिया में किन खोजों को नोबेल के लिए चुना गया है। शुरुआत मेडिसिन से.… साल 2026 का फिजियोलॉजी और मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से कार्ल डेइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार एक ऐसे प्रोटीन (algae protein) की खोज के लिए मिला जो लाइट पड़ने पर काम करता है और जिसका इस्तेमाल नर्व सेल्स को समझने के लिए एक स्विच के तौर पर किया जा सकता है। अब हमारे दिमाग के न्यूरॉन्स या नर्व्स को रोशनी के जरिए ऑन-ऑफ किया जा सकेगा। ब्रह्मांड की शुरुआत और बदलावों को पढ़ा जा सकेगा और गंभीर बीमारियों की दवाओं के साइड इफेक्ट्स को कम किया जा सकेगा। ऑप्टोजेनेटिक्स कैसे करते हैं काम इस खोज को ‘ऑप्टोजेनेटिक्स’ (optogenetics) नाम दिया गया है। साइंटिस्ट ने ‘ऑप्सिन्स’ (opsins) लाइट-सेंसिटिव प्रोटीन की खोज की है। इसे खास सेल्स में डाला जा सकता है। हमारे दिमाग में करोड़ों नर्व सेल्स (neurons) होते हैं। ये एक-दूसरे से छोटे-छोटे इलेक्ट्रिक सिंगनल्स (electrical signals) के जरिए बात करते हैं। इससे किसी खास सेल्स (जैसे याददाश्त) को बाकी सेल्स को प्रभावित किए बिना ऑन या ऑफ किया जा सकेगा। ये दिमाग की कोशिकाओं का लाइट स्विच भी कहा जा सकता है। कैसे काम करेगा लाइट स्विच ये एक लाइट स्विच की तरह काम करेगा। सामान्य स्थिति में नर्व बंद रहता है। लेकिन रोशनी पड़ने पर ये खुल जाता है और कोशिका में ions का फ्लो शुरू हो जाता है। इससे सेल्स की इलेक्ट्रिक एक्टिविटी बदल जाएगी। इसने नर्व सिस्टम में बदलाव करने और उनके प्रभावों का बहुत बारीकी से अध्ययन किया जा सकेगा। गंभीर बीमारियों में काम आएगी रिसर्च इस आविष्कार के बाद साइंटिस्ट को इसका फायदा मिलेगा। पहले वैज्ञानिक ये देख सकते थे कि किसी सेल की एक्टिविटी और उसके नेचर के बीच रिलेशन है। लेकिन ये प्रूव करना मुश्किल था कि ये सेल उस नेचर का कारण है या नहीं। ऑप्टोजेनेटिक्स से इसका फायदा मिलेगा। सेल्स को सीधे ऑन/ऑफ करके कॉज एंड इफैक्ट को समझा जा सकता है। इसका उपयोग याददाश्त, भावनाएं, व्यवहार, मूवमेंट और सेल्स सर्किट के लिए किया जा सकेगा। जिसमें मेंटल डिसॉर्डर स्किजोफ्रेनिया (schizophrenia), अल्जाइमर (Alzheimer) , पार्किंसंस (Parkinson) और मिर्गी (epilepsy) जैसी न्यूरोलॉजिकल, सायकियाट्रिक कंडीशन जैसी गंभीर बीमारियों को समझने के नए रास्ते मिलेंगे। क्या इसका इस्तेमाल अभी सीधे मरीजों के इलाज में हो सकेगा ऑप्टोजेनेटिक्स का इस्तेमाल रिसर्च में किया जाएगा। विजन रेस्टोरेशन जैसे संभावित उपचारों पर क्लीनिकल रिसर्च कर रहे हैं। इसलिए इसे अभी सामान्य इलाज की तकनीक नहीं माना जा सकेगा। ये रिसर्च फ्रांसिस क्रिक की दी गई एक थ्योरी पर आधारित है। क्रिक एक मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट थे जिन्होंने DNA के डबल हेलिक्स स्ट्रक्चर की खोज की थी और इसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला था। अब बात फिजिक्स के नोबेल की फिजिक्स में न्यूट्रिनो का पता लगाने और उनकी रिसर्च के लिए बेल्जियम-अमेरिकी वैज्ञानिक फ्रांसिस हैल्जेन को नोबेल मिला। हमारे ब्रह्मांड में जो एक चीज सबसे ज्यादा है, वो है फोटॉन्स यानी लाइट के पार्टिकल्स। दूसरे नंबर पर आते हैं न्यूट्रिनो। जो स्पेस में होने वाली न्यूक्लियर रिएक्शंस से बनते हैं। इनमें ब्रह्मांड के कई राज छिपे होते हैं, मगर क्योंकि ये किसी चीज से टकराते नहीं, इसलिए इन्हें पकड़ना नामुमकिन है। साइंस में इन्हें ‘घोस्ट पाटिर्कल्स’ कहा जाता है। इस रिसर्च में इन्हीं घोस्ट पार्ट को खोजा है। कैसे मिलेंगे ‘घोस्ट पार्ट्स’ अंटार्कटिका में बर्फ की परतों के नीचे एक खास सिस्टम बनाया, ताकि इन मुश्किल से मिलने वाले पार्टिकल (कणों) का पता लगाया जा सके। फ्रांसिस हैल्जेन ने अंटार्कटिका की 2 किलोमीटर गहरी और साफ बर्फ के अंदर 1 क्यूबिक किलोमीटर का एक जाल बनाया और इसमें ऐसे सेंसर्स लगाए जो न्यूट्रिनो के बर्फ से टकराने पर निकली हल्की नीली रोशनी को पकड़ लेते हैं। इससे ये पता लगा सकते हैं कि ये पार्टिकल्स ब्रह्मांड के किस कोने से आए हैं और अपने साथ क्या जानकारी लाए हैं। आइसक्यूब से पार्टिकल्स का पता चला इस रिसर्च से पहले तक सिर्फ उन्हीं न्यूट्रिनो का पता लगाया जा रहा था जो पृथ्वी के आस-पास से आते थे और मुख्य रूप से सूरज में बनते थे। दरअसल पृथ्वी से गुजरने वाले ज्यादातर न्यूट्रिन सूरज के अंदर होने वाली न्यूक्लियर रिएक्शन से बनते हैं। अब इस रिसर्च के बाद गैलेक्सी के बाहर से आने वाले न्यूट्रिनो का पता चलने से ब्रह्मांड के बारे में जानकारी मिलने का रास्ता खुल गया है। इससे पहले तक वैज्ञानिकों के पास ब्रह्मांडीय घटनाओं का अध्ययन करने के लिए सिर्फ दृश्य प्रकाश (visible light) का ही ऑप्शन था। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स बेंगलुरु की वैज्ञानिक डी. इंदुमती ने कहा कि ये अलग-अलग तरह के सिग्नल मिलकर ‘मल्टी-मैसेंजर एस्ट्रोनॉमी’ को संभव बनाते हैं। यानी अलग-अलग तरह के सिग्नलों का इस्तेमाल करके एक ही ब्रह्मांडीय घटना का अध्ययन किया जा सकता है। क्यों ये रिसर्च बहुत बड़ी है दरअसल न्यूट्रिनो का पता लगाना इतना मुश्किल इसलिए है क्योंकि उनमें पदार्थ (matter) के साथ इंटरैक्ट करने की क्षमता बहुत कम होती है। नोबेल अवार्ड कमेटी के मुताबिक ‘शाय पार्टिकल्स’ बिना किसी रुकावट के बहुत घने इलाकों से भी गुजर जाते हैं। अरबों-खरबों न्यूट्रिन हर सेकंड हमारे शरीर और पृथ्वी से होकर गुजरते हैं, लेकिन हमें इसका पता तक नहीं चलता। यानी साइंटिस्ट सीधे न्यूट्रिनो को नहीं देखते, बल्कि उसके टकराने से पैदा हुई रोशनी के संकेत को पकड़ते हैं। अंटार्कटिका की बर्फ ही क्यों? इस रिसर्च के लिए वहां लाखों-करोड़ों टन बहुत साफ और पारदर्शी बर्फ मौजूद है। इसमें हजारों सेंसर लगाए गए हैं। जब न्यूट्रिनो बर्फ से टकराता है, तो पैदा होने वाली रोशनी से वैज्ञानिक पता लगा सकते हैं कि न्यूट्रिनो आया कहां से? उसमें कितनी ऊर्जा थी? उसकी दिशा क्या थी? वह किस तरह की खगोलीय घटना से आया होगा? इसकी सबसे बड़ी खोज
मोहनलाल ने अजय देवगन की 'दृश्यम 3' की तारीफ की:बोले- मैं सच में इम्प्रेस हूं; फिल्म की कमाई 489.74 करोड़ रुपए के पार

सुपरस्टार मोहनलाल ने सोमवार को अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ यानी ‘दृश्यम 3’ की तारीफ की है। उन्होंने फिल्म की कहानी देखकर कहा कि वे इससे बहुत प्रभावित हुए। गौरतलब है कि अजय देवगन की ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ मोहनलाल की ओरिजिनल मलयालम फिल्मों की आधिकारिक हिंदी रीमेक थीं। वहीं, अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ मोहनलाल की मलयालम फिल्म की रीमेक नहीं है। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म को लेकर देशभर में चर्चा जारी है और इसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म देखने के बाद मोहनलाल ने इसकी टीम के लिए खास संदेश शेयर किया। उन्होंने कहा, “मैंने ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ देखी। जिस तरह से उन्होंने इस पसंदीदा कहानी को शानदार अंत तक पहुंचाया, उससे मैं सच में प्रभावित हूं।” उन्होंने आगे कहा, “अभिषेक पाठक, कुमार मंगत पाठक, अजय देवगन और पूरी कास्ट-क्रू को बहुत अच्छा काम करने के लिए बधाई।” प्रोडक्शन हाउस स्टार स्टूडियोज18 ने मोहनलाल का वीडियो अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “आपकी सराहना के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, मोहनलाल सर।” फिल्म की दुनियाभर में कमाई 489 करोड़ के पार फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। रिलीज के 11वें दिन फिल्म ने भारत में 6.25 करोड़ रुपए नेट कमाए। इस दिन फिल्म के 13,605 शो हुए। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 315.25 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 378.24 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, विदेशों में 11वें दिन फिल्म ने 2.50 करोड़ रुपए कमाए। इससे विदेशों में कुल ग्रॉस कमाई 111.50 करोड़ रुपए पहुंच गई। फिल्म का दुनियाभर में कुल ग्रॉस कलेक्शन अब 489.74 करोड़ रुपए हो गया है। ‘दृश्यम 3’ ने बनाए कई बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड ‘दृश्यम 3’ अजय देवगन के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। फिल्म ने 2 अक्टूबर 2026 को रिलीज के पहले दिन भारत में 66.75 करोड़ रुपए नेट कमाए। यह अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग थी। इससे पहले उनकी फिल्म ‘सिंघम अगेन’ ने पहले दिन 43.50 करोड़ रुपए नेट कमाए थे। घरेलू बॉक्स ऑफिस (नेट कलेक्शन) और वर्ल्डवाइड कलेक्शन, दोनों ही पैमानों पर यह साल 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बनी हुई है (पहले स्थान पर ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ है)। फिल्म की कास्ट और मेकर्स अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ में अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, जयदीप अहलावत और प्रकाश राज मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म में कमलेश सावंत, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव समेत कई कलाकार भी नजर आ रहे हैं। यह फिल्म चर्चित फ्रेंचाइजी की आखिरी कड़ी के तौर पर पेश की गई है। स्टार स्टूडियो18 ने फिल्म को प्रस्तुत किया है। इसका निर्माण पैनोरमा स्टूडियोज ने किया है। फिल्म की कहानी और पटकथा अभिषेक पाठक, आमिल कियान खान और परवीज शेख ने लिखी है। फिल्म का निर्देशन भी अभिषेक पाठक ने किया है। फिल्म का निर्माण आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक ने किया है। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ फिलहाल सिनेमाघरों में चल रही है।
सोनाली बेंद्रे बोलीं- रिश्तों में पंगे होने ही चाहिए:इन्हें सेलिब्रेट करें; 20 साल की शादी से सीखा, पार्टनर को बदलने के बजाय स्वीकारें

एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे इन दिनों शो ‘धमाल विद पति-पत्नी और पंगा 2’ होस्ट कर रही हैं। शो 10 अक्टूबर से हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे कलर्स चैनल पर प्रसारित हो रहा है। सोनाली मानती हैं कि रिश्तों में परफेक्शन जरूरी नहीं। छोटी-मोटी नोकझोंक, झगड़े और एक-दूसरे को मनाने में ही रिश्तों की खूबसूरती है। उनके मुताबिक, पार्टनर को बदलने के बजाय उसे जैसा है, वैसा स्वीकार करना चाहिए। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली ने शो के नए सीजन, पति गोल्डी बहल के साथ 20 साल से ज्यादा की शादीशुदा जिंदगी, रिश्तों के झगड़ों और सोशल मीडिया पर आदर्श कपल दिखने के दबाव पर बात की। उन्होंने बताया कि गोल्डी को उनकी कौन-सी आदत परेशान करती है, यह जानने में उनकी दिलचस्पी नहीं है। सोनाली के मुताबिक, बीमारी के बाद पति का साथ उनके लिए सबसे बड़ा तोहफा रहा है। सवाल: पिछले सीजन में काफी धमाल देखने को मिला था। इस बार शो से आपको क्या उम्मीदें हैं और किस चीज को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित हैं? जवाब: मुझे याद है कि शूटिंग के दौरान मैं बहुत हंसी थी। एक एपिसोड में तो हंसते-हंसते मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे थे। मैं इतनी हंसी कि आंसू रुक ही नहीं रहे थे। क्या हुआ था, यह जानने के लिए आपको एपिसोड देखना पड़ेगा। मैं अभी इसका खुलासा नहीं कर सकती। सवाल: शो में कई मशहूर कपल हैं। क्या आप बता सकती हैं कि कौन सबसे ज्यादा आदर्श जोड़ी है और कौन सबसे ज्यादा पंगे करता है? जवाब: पता नहीं कि इनमें से कौन सच में आदर्श कपल है। यह तो शो देखने के बाद ही पता चलेगा। सभी के अपने-अपने पंगे हैं और हर जोड़े की कहानी अलग है। हमने पहले ही एपिसोड में सबके पंगे पकड़ लिए हैं। आप पहला एपिसोड देखेंगे, तो आपको अंदाजा हो जाएगा कि किसकी क्या कहानी है और कौन कैसा है। इस शो की खास बात यह है कि पूरा परिवार इसे साथ देख सकता है। दादा-दादी से लेकर बच्चे तक, सभी इसका आनंद ले सकते हैं। रिश्तों में सब कुछ परफेक्ट नहीं होता। कभी झगड़े होते हैं, कभी एक-दूसरे को मनाना पड़ता है, तो कभी हंसी-मजाक और मुकाबला होता है। इन सबके बीच एक-दूसरे को समझने और प्यार करने का एहसास भी होता है। शो में रिश्तों के इन्हीं पहलुओं को मजेदार अंदाज में दिखाया गया है। इससे एहसास होता है कि पंगे कितने भी हों, रिश्तों में प्यार और गहराई भी उतनी ही होती है। कलाकार भी दूसरे कपल्स को देखकर सीखते हैं कि अपने पार्टनर के साथ कैसे पेश आना चाहिए। मेरे हिसाब से यह शो हंसते-हंसते जिंदगी का जरूरी सबक सिखाता है। सवाल: इस शो से आपको रिश्तों के बारे में सबसे जरूरी सबक क्या मिला? जवाब: मुझे लगता है कि अपने पार्टनर के शांत स्वभाव की सराहना करना जरूरी है। दूसरे कपल्स को देखकर मुझे एहसास होता है कि गोल्डी कितने शांत हैं। कई बार हम अपने पार्टनर की खूबियों को हल्के में लेने लगते हैं, जबकि दूसरे लोगों को देखकर उनकी अहमियत समझ आती है। सवाल: गोल्डी बहल के स्वभाव की कौन-सी बात आपको सबसे ज्यादा पसंद है? क्या दूसरी जोड़ियों को देखकर कभी लगता है कि उनमें कोई ऐसी खूबी है, जो गोल्डी में भी होनी चाहिए? जवाब: गोल्डी का सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत अलग है। वह बिना चेहरे पर कोई भाव लाए एक लाइन बोल देते हैं और उनकी बात बिल्कुल सही निशाने पर लगती है। मुझे नहीं लगता कि यह सोचने की जरूरत है कि उनमें कौन-सी खूबी होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए। मेरे लिए पार्टनरशिप का मतलब है कि आप अपने साथी को जैसा है, वैसा स्वीकार करें। मैं गोल्डी को बदलना नहीं चाहती और न ही यह चाहती हूं कि वह मुझे बदलने की कोशिश करें। जिंदगी में अनुभवों के साथ हम अपने आप बदलते हैं, लेकिन रिश्ते में एक-दूसरे को बदलने के बजाय स्वीकार करना ज्यादा जरूरी है। सवाल: आजकल सोशल मीडिया पर आदर्श कपल दिखने का काफी दबाव है। इस दबाव से कैसे बचा जा सकता है? जवाब: मेरे अनुभव में परफेक्शन जैसी कोई चीज नहीं है। हम इंसान हैं और हम परफेक्ट हो ही नहीं सकते। मुझे तो लगता है कि जिंदगी का असली मजा हमारी कमियों में ही है। उदाहरण के लिए, मुझे ऐसी मुस्कान ज्यादा अच्छी लगती है, जिसमें थोड़ा टेढ़ापन हो। उसमें एक अलग तरह की खूबसूरती और अपनापन होता है। जिंदगी भी ऐसी ही है। छोटी-छोटी कमियां रिश्तों को खास बनाती हैं और उनसे एक अलग तरह का प्यार पैदा होता है। मुझे लगता है कि हमारा शो इसी अपूर्णता का जश्न मनाता है। यह दिखाता है कि हर चीज का परफेक्ट होना जरूरी नहीं है। रिश्तों में कमियां और मतभेद होना सामान्य बात है। जरूरी यह है कि हम एक-दूसरे को समझें और साथ बने रहें। सवाल: क्या कभी शो में किसी कपल की पोल खोलने के बाद आपको लगा कि अब घर जाकर उनके बीच धमाल होने वाला है? जवाब: बिल्कुल! कई बार तो हम अगले एपिसोड की शूटिंग का इंतजार करते हैं, ताकि पता चले कि पिछली बार शो में जो कुछ हुआ, उसके बाद घर पर क्या हुआ। कई कपल हमसे कहते हैं कि इस बार कुछ मत बोलना, अभी-अभी घर में सब शांत हुआ है। ऐसे कई मजेदार पंगे होते हैं। शो की शूटिंग के दौरान यह जानना भी दिलचस्प रहता है कि घर जाकर किसकी क्या प्रतिक्रिया हुई। सवाल: लोग आपको ग्रीन फ्लैग यानी आदर्श साथी मानते हैं। लेकिन गोल्डी को आपकी कौन-सी आदत परेशान करती होगी? जवाब: ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि मेरी कोई आदत उन्हें परेशान न करती हो। सौ फीसदी ऐसा होता होगा। लेकिन मैं जानना नहीं चाहती कि उन्हें मेरी कौन-सी बात परेशान करती है। वह इस बात को अपने तक ही रखें, मुझे न बताएं। सवाल: गोल्डी के साथ आपकी सबसे ज्यादा नोकझोंक किस बात पर होती है? जवाब: मुझे लगता है कि मुझे चीजें व्यवस्थित रखना पसंद है। मुझे हर चीज एक खास तरीके से चाहिए, जबकि गोल्डी थोड़े अलग हैं। वह क्रिएटिव इंसान हैं और चीजों को अपने हिसाब से चलने देते हैं। उन्हें अचानक प्लान बनाना पसंद
दोस्तों के कपड़े-जूते पहन किए शो, अब जीते ₹1 करोड़:सोनीपत का धड़कन MTV हसल 0.5 विनर बना, खर्च निकालने के लिए वीडियो एडिटिंग की

कभी रैप शो में जाने के लिए दोस्तों से कपड़े, जूते और जैकेट मांगनी पड़ती थी। दिल्ली और गुरुग्राम में स्टेज पर पहुंचने के लिए बस और शेयरिंग टैक्सी का सहारा लेना पड़ता था। खर्च निकालने के लिए वीडियो एडिटिंग और अपने हुनर को निखारने के लिए रात ढाई बजे तक जागना दिनचर्या का हिस्सा था। सोनीपत के दक्ष उर्फ धड़कन पेंढरकर ने इन मुश्किलों के बीच अपने सपने को जिंदा रखा। अब MTV हसल 0.5 का विजेता बनने के बाद वह एक करोड़ रुपए जीतकर घर लौटे। पैराडॉक्स की टीम की ओर से शो में हिस्सा लेने वाले धड़कन ने अपने ठेठ हरियाणवी अंदाज और दमदार रैप से दर्शकों के साथ जजों का भी दिल जीता। सोमवार को सोनीपत के सेक्टर-10 स्थित वर्धमान गार्डेनिया में पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। आठवीं कक्षा से शुरू हुआ रैप का सफर दक्ष ने आठवीं कक्षा में ही रैप लिखना और गाना शुरू कर दिया था। समय के साथ उसने म्यूजिक कंपोज करने से लेकर मिक्सिंग, मास्टरिंग और वीडियो एडिटिंग तक का काम खुद सीखा। 12वीं के बाद उसने रैप पर और ज्यादा मेहनत शुरू कर दी। परिवार के मुताबिक, वह शुरुआत से ही हर क्षेत्र में आगे रहने की कोशिश करता था और अपने काम के दम पर पहचान बनाना चाहता था। दक्ष के पिता सुधीर पेंढरकर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने 2009 में सोनीपत के सेक्टर-10 स्थित वर्धमान गार्डेनिया में फ्लैट खरीदा था। वर्ष 2015 में परिवार सोनीपत में रहने लगा। इसी दौरान दक्ष का दाखिला घर के सामने स्थित ब्राइट स्कॉलर स्कूल में चौथी कक्षा में कराया गया। दोस्तों के कपड़े पहनकर स्टेज पर पहुंचता था दक्ष के पिता सुधीर बताते हैं कि कॉलेज के बाद जब उसे दिल्ली और गुरुग्राम में रैप शो करने जाना होता था, तो कई बार वह रात को दोस्तों के पास ही रुक जाता था। उसके पास स्टेज पर पहनने के लिए अच्छे कपड़े, जूते और जैकेट नहीं होते थे। ऐसे में दोस्त उसे अपने कपड़े और जूते देते थे। वह किराए की टैक्सी या दूसरे साधनों से शो करने पहुंचता था। दोस्तों ने संघर्ष के दिनों में दक्ष की काफी मदद की। उसने इन परिस्थितियों को अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया और लगातार अपने हुनर को बेहतर करने में लगा रहा। गुरुग्राम जाकर समझता था लोगों की पसंद सुधीर बताते हैं कि दक्ष ने रैपिंग को सिर्फ गाने तक सीमित नहीं रखा। वह गुरुग्राम जाकर समझने की कोशिश करता था कि लोग किस तरह का म्यूजिक पसंद करते हैं। इसके बाद वह अपनी प्रस्तुति और गानों पर उसी हिसाब से काम करता था। धीरे-धीरे उसके रैप सॉन्ग गुरुग्राम और दिल्ली यूनिवर्सिटी में लोकप्रिय होने लगे। वर्ष 2015 में सोनीपत आने के बाद उसने दोस्तों के साथ रहकर हरियाणवी बोली और संस्कृति को समझना शुरू किया। पिता के अनुसार, दक्ष की खासियत है कि वह जहां भी जाता है, वहां की बोली सीखने और उसे अपने अंदाज में अपनाने की कोशिश करता है। उसके ठेठ हरियाणवी अंदाज ने भी उसे अलग पहचान दिलाई। बस और शेयरिंग टैक्सी से कॉलेज जाता था बहन दीक्षा बताती हैं कि दक्ष के पास अपना निजी वाहन नहीं था। वह कभी बस तो कभी शेयरिंग टैक्सी से कॉलेज जाता था। कई बार रात नौ बजे तक कॉलेज से लौटने के बाद फ्लैट पहुंचने में परेशानी होती थी। इसके बावजूद वह पढ़ाई और संगीत दोनों के लिए समय निकालता था। खर्च पूरे करने के लिए वह दीक्षा की कंपनी में वीडियो एडिटिंग का काम भी करता था। इससे उसे शो में आने-जाने का खर्च निकालने में मदद मिलती थी। संगीत के प्रति उसकी लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह रैप की बारीकियां सीखने के लिए रात ढाई बजे तक जागता था। दोस्त रचित के साथ लिखता था रैप दक्ष अपने दोस्त रचित के साथ मिलकर रैप लिखता था। दोनों ने साथ काम करते हुए अपने हुनर को निखारा। अब रचित उसकी टीम में मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं। पिता सुधीर के मुताबिक, वह बेटे को आर्थिक रूप से ज्यादा मदद नहीं दे पाए, लेकिन दक्ष ने भी कभी पैसों की बड़ी मांग नहीं की। परिवार का कहना है कि दक्ष ने अपनी मेहनत और दोस्तों के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया है। बहन दीक्षा के अनुसार, उसमें आत्मसम्मान की भावना है और वह अपने काम के दम पर आगे बढ़ना चाहता था। MTV हसल में जाने के लिए दो साल इंतजार किया परिवार के मुताबिक, दक्ष लंबे समय से MTV हसल में हिस्सा लेना चाहता था। इसके लिए उसे दो साल तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि शो में आवेदन करने के लिए निर्धारित उम्र पूरी करनी थी। 18 साल का होने के बाद उसने आवेदन किया और पहली बार में ही विजेता बन गया। पिता सुधीर बताते हैं कि दक्ष ने मार्च में ऑडिशन दिया था। उसे उसी महीने मुंबई जाना था, लेकिन शो की तारीख आगे बढ़ गई। इसके बाद 17 जून को वह शो में हिस्सा लेने के लिए मुंबई रवाना हुआ। उसके लिए यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे सपने को पूरा करने का मौका था। बेटे की सफलता से पिता को मिली नई पहचान सुधीर कहते हैं कि पहले लोग उन्हें दक्ष के पिता के रूप में जानते थे, लेकिन अब बेटे की सफलता के कारण उनकी अपनी पहचान बन रही है। मां सरिता बताती हैं कि दक्ष को खाना बनाने और अलग-अलग व्यंजन तैयार करने का भी शौक है। इस सफर में परिवार को अपनी दादी को खोने का दर्द भी सहना पड़ा। इसके बावजूद दक्ष ने संगीत के प्रति अपनी लगन बनाए रखी। माता-पिता और बहन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में उसके संघर्ष के दिनों से लेकर MTV हसल 0.5 जीतने तक का सफर साझा किया। परिवार के मुताबिक, दक्ष ने अपनी मेहनत, दोस्तों के सहयोग और हरियाणवी संस्कृति को समझने की लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
जयपुर पहुंचे आयुष्मान खुराना और सारा अली खान:परकोटा से शुरू होगा ‘उड़ता तीर’ का प्रमोशन; चोखी ढाणी में राजस्थानी अंदाज में नजर आएगी जोड़ी

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना और एक्ट्रेस सारा अली खान सोमवार शाम अपनी फिल्म ‘उड़ता तीर’ के प्रमोशन के लिए जयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर दोनों कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकलते नजर आए। यहां से वे सीधे अपने होटल के लिए रवाना हो गए। सारा ब्लैक मास्क लगाकर एयरपोर्ट से बाहर निकली। एयरपोर्ट पर आयुष्मान ने फैंस के साथ फोटो भी क्लिक करवाई। फिल्म के प्रमोशन को लेकर मंगलवार को जयपुर में कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दोनों कलाकार शहर की ऐतिहासिक विरासत के बीच फोटोशूट करने के साथ ही स्टूडेंट्स और मीडिया से रूबरू होंगे। फिल्म प्रमोशन की शुरुआत मंगलवार को जयपुर के परकोटे क्षेत्र में होगी। यहां ऐतिहासिक इमारतों और शहर की स्थापत्य विरासत को बैकग्राउंड में रखते हुए आयुष्मान खुराना और सारा अली खान फोटोशूट करेंगे। जयपुर की पहचान बन चुकी गुलाबी इमारतों के बीच दोनों सितारों का यह फोटोशूट फिल्म के प्रमोशन का खास आकर्षण रहेगा। वीजीयू में स्टूडेंट्स के साथ करेंगे मस्ती परकोटे में फोटोशूट के बाद दोनों कलाकार वीजीयू यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे। यहां वे विद्यार्थियों के साथ बातचीत करेंगे और अपनी फिल्म से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इस दौरान दोनों सितारों के अपनी फिल्मों के गानों पर परफॉर्म करने का कार्यक्रम भी है। बॉलीवुड सितारों के साथ सीधे बातचीत और मनोरंजन का यह मौका विद्यार्थियों के लिए खास रहेगा। चौखी ढाणी में दिखेगा राजस्थानी अंदाज दिन के अगले कार्यक्रम में आयुष्मान और सारा टोंक रोड स्थित चौखी ढाणी में मीडिया से रूबरू होंगे। यहां दोनों कलाकार राजस्थानी परिवेश और पारंपरिक पहनावे के बीच फिल्म का प्रमोशन करेंगे। राजस्थान की संस्कृति, पारंपरिक सजावट और स्थानीय माहौल के बीच होने वाली यह मुलाकात फिल्म के प्रचार को अलग रंग देगी। इस दौरान दोनों कलाकार मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए फिल्म से जुड़ी बातें साझा करेंगे। स्पाई-कॉमेडी है ‘उड़ता तीर’ आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘उड़ता तीर’ एक स्पाई-कॉमेडी है, जिसमें जासूसी, गलत पहचान और हास्य से भरी परिस्थितियों का मेल देखने को मिलेगा। फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक ने किया है। यह बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म है। फिल्म में आयुष्मान खुराना एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट बिलाल की भूमिका में हैं, जिसे एक मिशन के दौरान विस्फोट के बाद याददाश्त खोने पर अपनी पहचान को लेकर भ्रम हो जाता है। वह खुद को भारत की आतंकवाद निरोधक टीम का अधिकारी समझने लगता है। सारा अली खान फिल्म में उनकी सहकर्मी की भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में जासूसी मिशन के साथ पहचान को लेकर पैदा होने वाली उलझनों और हास्यपूर्ण घटनाओं को कहानी का आधार बनाया गया है। फिल्म में ब्रजेंद्र काला, राहुल बोस, राम कपूर और गुलशन ग्रोवर सहित कई कलाकार भी नजर आएंगे। इसका निर्माण धर्मा प्रोडक्शंस और सिख्या एंटरटेनमेंट ने मिलकर किया है। दूसरी बार साथ नजर आएगी आयुष्मान-सारा की जोड़ी आयुष्मान खुराना और सारा अली खान इससे पहले फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ में भी साथ नजर आ चुके हैं। ‘उड़ता तीर’ में दोनों की जोड़ी एक अलग अंदाज में दिखाई देगी। इस बार कहानी में रोमांस के बजाय जासूसी, एक्शन और कॉमेडी का मिश्रण प्रमुख है। फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक ने किया है और इसकी कहानी भी उन्होंने ही लिखी है। दो बार बदली ‘उड़ता तीर’ की रिलीज डेट फिल्म ‘उड़ता तीर’ की रिलीज डेट में दो बार बदलाव किया जा चुका है। फिल्म को पहले 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था। बाद में मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट बदलकर 9 अक्टूबर तय की। अब एक बार फिर रिलीज को आगे बढ़ाते हुए 23 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की गई है। जानकारी के अनुसार अक्टूबर में फिल्मों की रिलीज का कैलेंडर व्यस्त होने और सिनेमाघरों में बेहतर स्क्रीन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेकर्स ने यह फैसला लिया।









