Sunday, 05 Apr 2026 | 02:41 PM

Trending :

EXCLUSIVE

श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में जिले में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानपुर क्षेत्र सहित कई गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में 100% तक नुकसान मानपुर क्षेत्र के बगडुआ, चिमल्का, भोगीका, जावदेश्वर, सोंठवा, रामबड़ोदा, इच्छाखेड़ी और जैनी गांवों में ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ नष्ट कर दिया। कई किसानों ने 100 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही है। जल्द सर्वे कराकर मुआवजे का दिया आश्वासन घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालात का जायजा लिया। शशांक भूषण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आपदा उनके लिए और कठिनाई लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने खेतों में जाकर देखी फसल नायब तहसीलदार टी.एस. लकड़ा ने बताया कि फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिवत सर्वे शुरू किया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट और पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।

आज IPL में LSG-SRH का मैच: ईशान की कप्तानी में तीसरा मुकाबला, कहा था- हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहा – Patna News

आज IPL में LSG-SRH का मैच: ईशान की कप्तानी में तीसरा मुकाबला, कहा था- हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहा - Patna News

पटना15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज IPL में पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे खेला जाएगा। SRH की कप्तानी बिहार के ईशान किशन कर रहे हैं। उन्होंने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में ही 80 रन बनाए थे। हालांकि, पिछले मैच में KKR के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चल पाया था। वह 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। मगर 8वें ओवर में लगातार 3 चौके जड़े थे। हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहे जब KKR के खिलाफ मैच के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान ईशान किशन आए तो उन्होंने कहा था कि वह अपने खेल से संतुष्ट नहीं है, मगर टीम की उन्होंने काफी तारीफ की। ईशान ने ये भी कहा कि, उन्हें लगता है कि वो हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहे हैं। एक टीम के रूप में उन्हें अपनी फील्डिंग पर काम करने की जरूरत है, क्योंकि हर मैच में 20 अतिरिक्त रन नहीं लुटा सकते। टीम को इस पर काम करना होगा क्योंकि आईपीएल जैसे टी20 खेल में 10 या 20 रन बहुत बड़ा अंतर पैदा कर देते हैं। तो हम इस पर काम करेंगे। ईशान ने IPL में 3000 रन पूरे किए पहले मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए। ईशान तीसरे ऐसे बल्लेबाज बने, जिन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए कप्तानी करते हुए डेब्यू मैच में 50 से ज्यादा रन बनाए। उनसे पहले मनीष पांडे और डेविड वॉर्नर ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने सिर्फ 2180 गेंदों में 3000 IPL रन पूरे किए थे। वे सबसे तेज 3 हजार रन बनाने वाले प्लेयर्स में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। ईशान की चौके से पूरी की थी फिफ्टी ईशान ने RCB के खिलाफ अपने पहले मैच में चौके से फिफ्टी पूरी की थी। उन्होंने 12वें ओवर में फिफ्टी लगा दी। ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने सामने की दिशा में चौका लगाया और 27 गेंद पर हाफ सेंचुरी पूरी कर ली थी। अगली ही गेंद पर उन्होंने कवर्स की दिशा में बाउंड्री लगाई और टीम की सेंचुरी पूरी करा दी। 16वें ओवर में ईशान 80 रन बनाकर आउट हुए।फुल टॉस गेंद को ईशान ने कवर्स की दिशा में शॉट खेला, मगर फिल सॉल्ट ने कैच पकड़ लिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दतिया हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत:डोंगरपुर निवासी सुमित अहिरवार की पहचान, कार डिवाइडर पार कर गलत साइड से आई

दतिया हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत:डोंगरपुर निवासी सुमित अहिरवार की पहचान, कार डिवाइडर पार कर गलत साइड से आई

दतिया में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर शनिवार शाम एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान देर रात डोंगरपुर निवासी 19 वर्षीय सुमित पुत्र पंजाब सिंह अहिरवार के रूप में हुई है। कोतवाली पुलिस के अनुसार, सुमित दतिया से अपने गांव डोंगरपुर लौट रहा था। असनई चौराहे के पास उसकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई। कार डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड में जा घुसी और सामने से आ रहे एक वाहन से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सुमित की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा शाम करीब 5 बजे हुआ था। झांसी की ओर से ग्वालियर जा रही कार अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने से डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में पहुंच गई थी। सूचना मिलते ही डायल 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना के समय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर DL 9 CAC 0603 है, जो राजकुमार सोनी के नाम पर दर्ज है। हादसे में शामिल दूसरा वाहन एक क्रेन (क्रमांक MP 07 GA 9144) था, जिसका चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

स्कूल बसों का लंदन जैसा हाईटेक नेटवर्क तेलंगाना में:एक रूट के कई स्कूलों के लिए साझा बस, खास एप से जुड़ेंगे पेरेंट्स, स्कूल-ऑपरेटर

स्कूल बसों का लंदन जैसा हाईटेक नेटवर्क तेलंगाना में:एक रूट के कई स्कूलों के लिए साझा बस, खास एप से जुड़ेंगे पेरेंट्स, स्कूल-ऑपरेटर

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का हाईटेक इलाका ‘साइबराबाद’ अब बड़े बदलाव की दहलीज पर है। अक्सर ट्रैफिक जाम व स्कूल छोड़ते वक्त होने वाली अफरा-तफरी से जूझने वाले इस क्षेत्र के लिए साइबराबाद पुलिस और ‘सोसाइटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल’ (एससीएससी) ने ‘लंदन ट्रांसपोर्ट मॉडल’ से प्रेरित मास्टरप्लान तैयार किया है। नए ‘स्टूडेंट मोबिलिटी सिस्टम’ का मकसद जाम खत्म करना, बच्चों की सुरक्षा को अभेद्य बनाना, माता-पिता का तनाव घटाने के साथ स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के मौके भी पैदा करना भी है। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश बताते हैं, ‘हाईटेक सिटी और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा स्कूल जाने वाले बच्चों और उन्हें छोड़ने जाने वाले निजी वाहनों का होता है। क्षेत्र के अधिकांश स्कूल अपनी बस सेवा नहीं देते। इस वजह से पेरेंट्स निजी वाहनों से बच्चों को छोड़ते हैं, ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है।’ डॉ. रमेश ने कहा, पुलिस खास एप विकसित कर रही है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अभिभावकों, स्कूलों और बस ऑपरेटरों को एक सूत्र में पिरोएगा। हालांकि इस ‘गेम-चेंजर’ एप का नाम अभी तय होना बाकी है, क्योंकि अधिकारी सभी हितधारकों की राय लेकर प्रभावी नाम रखना चाहते हैं।’ योजना का सबसे महत्वाकांक्षी हिस्सा बसों की संख्या में बढ़ोतरी है। वर्तमान में चलने वाली 3 हजार स्कूल बसों के बेड़े को बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस का मानना है कि जब छात्र असुरक्षित निजी वाहनों या माता-पिता की गाड़ियों के बजाय इस साझा बस सेवा इस्तेमाल करेंगे, तो निजी वाहनों का बोझ कम होगा। अनुमान है कि इससे ट्रैफिक जाम में 30% तक की कमी आएगी। डॉ. रमेश बताते हैं, ‘प्रोजेक्ट में सामाजिक भागीदारी पर भी फोकस है। इसमें स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। बसों में स्थायी अटेंडेंट के साथ-साथ ‘होम पिक-अप’ की सुविधा भी होगी, जिससे स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे। बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्राइवरों और अटेंडेंट का सख्त पुलिस वेरिफिकेशन और खास ट्रेनिंग जरूरी होगी। एआई से रूटिंग, पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्टिविटी रहेगी सिस्टम को हाईटेक बनाने के लिए एआई और जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) की मदद ली जा रही है। एआई से विश्लेषण होगा कि किस क्षेत्र के छात्र किस स्कूल में जा रहे हैं। उसी आधार पर स्मार्ट रूटिंग की जाएगी। इससे एक ही क्षेत्र के कई स्कूलों के लिए साझा बस रूट तैयार किए जा सकेंगे। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। सिस्टम की सुरक्षा लंदन के ‘ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन’ मॉडल पर आधारित होगी। सीसीटीवी और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बसों लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसकी सीधी कनेक्टिविटी पुलिस कंट्रोल रूम से रहेगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

होममेड फुट क्रीम: गर्मियों में फटी एड़ियों का रामबाण इलाज, ये घरेलू आसान नुस्खे चुकियों में राहत

होममेड फुट क्रीम: गर्मियों में फटी एड़ियों का रामबाण इलाज, ये घरेलू आसान नुस्खे चुकियों में राहत

घर पर बनी फुट क्रीम: गर्मी का मौसम शुरू ही हो गया है, शरीर से जुड़ी कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस दौरान लोग चेहरे की देखभाल तो अच्छे से करते हैं, लेकिन बेघरों को बार-बार मनाही कर देते हैं। कूड़े-कचरे, अनाज और गर्मी का प्रभाव सबसे ज्यादा लोगों पर पड़ता है, जिससे वे रूखी और विचारशील हो जाती हैं। यही कारण है कि फैटी एडायर्स की समस्या गर्मियों में काफी आम है। मोटी एड़ियों की समस्या से महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान रहती हैं। कई बार मझारी उत्पादों का उपयोग करने से भी कोई फ़ायदा नहीं होता। इसके अलावा केमिकल युक्त उत्पादों के इस्तेमाल से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में घरेलू उपाय ज्यादा सुरक्षित और असरदार साबित हो सकते हैं। अगर आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं, तो घर पर ही फुट क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है और इसे बनाने में ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं है। इसके लिए आपको एलोवेरा जेल, सरसों का तेल, आलू का रस और ग्लिसरीन जैसे तत्वों की जरूरत होगी। फ़ुट क्रीम बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में ताज़ा एलोवेरा जेल निकाल कर रख लें। इसके बाद इसमें आलू का रस, सरसों का तेल और ग्लिसरीन मिलाकर अच्छे से मिलाया जा सकता है। ध्यान रखें कि मिक्स की गई नीई को मैजेंटा रेजोल्यूशन न हो। अब इस तैयार क्रीम को एक एयर टाइट नवीन में स्टोर कर लें। रात में सोने से पहले इसे एड़ियों पर रखें ढीले हाथों से मिला कर लें। इस घरेलू फुट क्रीम का रोजाना इस्तेमाल करने से फैट एडियों में होने वाला दर्द और जलन कम हो सकती है। यह एकैरी की डार्कों को डिक्लेरेशन में मदद करता है और सिनका को प्रस्तावना देता है। साथ ही एरीज़ का पीलापन भी धीरे-धीरे कम होने लगता है। कम खर्च में तैयार करने वाला यह यात्रा समरसाइल में यात्रियों की देखभाल के लिए बेहद शानदार साबित हो सकती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)फटी एड़ियों का इलाज(टी)घर पर बनी फुट क्रीम(टी)गर्मियों में पैरों की देखभाल(टी)मुलायम एड़ियों के टिप्स(टी)पैरों के लिए एलोवेरा(टी)ग्लिसरीन त्वचा के लिए फायदेमंद(टी)सरसों के तेल का इलाज(टी)सूखी एड़ियों का इलाज(टी)प्राकृतिक त्वचा देखभाल भारत(टी)पैरों के लिए घरेलू उपचार

बाउंड्री विवाद में मारपीट, दंपति सहित 3 घायल:गंभीर हालत में पति-पत्नी रीवा रेफर; बहस के बाद मारपीट

बाउंड्री विवाद में मारपीट, दंपति सहित 3 घायल:गंभीर हालत में पति-पत्नी रीवा रेफर; बहस के बाद मारपीट

सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में बाउंड्री निर्माण को लेकर हुए विवाद में एक दंपती सहित तीन लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से पति-पत्नी को गंभीर हालत में रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना शनिवार देर शाम ट्रांसपोर्ट नगर में हुई। जेल रोड निवासी 56 वर्षीय राजकुमार गुप्ता अपनी घर के पीछे की जमीन पर बाउंड्री का निर्माण करवा रहे थे। इसी दौरान, लगभग 7 बजे जगदीश गुप्ता अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और काम रुकवाने का प्रयास किया। काम रुकवाने को लेकर राजकुमार गुप्ता और जगदीश गुप्ता के बीच बहस शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने राजकुमार गुप्ता के घर में घुसकर हमला कर दिया। इस मारपीट में राजकुमार गुप्ता, उनकी 52 वर्षीय पत्नी अनीता गुप्ता और उनके कर्मचारी दिलराज गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा। देर रात राजकुमार गुप्ता और अनीता गुप्ता की हालत गंभीर होने पर उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं, कर्मचारी दिलराज बैगा का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर के निरंजनपुर में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगा ली। वह रात में किराना दुकान से अपने घर आया और यह कदम उठा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय नयन पिता राम सिंह राय ने अपने घर में फांसी लगा ली। रिश्तेदारों ने बताया कि नयन रात में अपनी दुकान से घर पहुंचा था। करीब रात साढ़े नौ बजे उसके भाई मयंक ने उसे फंदे पर लटका हुआ देखा। नयन को फंदे से उतारने पर उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। पत्नी नहीं थी घर पर परिवार के अनुसार, नयन ने करीब एक साल पहले ही इलाके में रहने वाली युवती से प्रेम विवाह किया था। जब वह घर पहुंचा, तब उसकी पत्नी मायके में थी। वहीं, माता-पिता एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। पुलिस के मुताबिक, संभवतः पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद नयन ने यह कदम उठाया। फिलहाल, परिवार के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

क्या मटके का पानी सेहत के लिए फायदेमंद? इस बारे में क्या है आयुर्वेद की राय, एक्सपर्ट से समझ लीजिए

authorimg

Last Updated:April 05, 2026, 12:09 IST Benefits of Clay Pot Water: गर्मी में अगर आप मटका का पानी पिएंगे, तो सेहत को फायदा होगा. आयुर्वेद के अनुसार मटके का पानी न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि यह पाचन सुधारने और शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह गर्मियों में हाइड्रेशन और मिनरल्स की कमी को पूरा करने का सुरक्षित उपाय है. मटका का पानी सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. Benefits of Matka Water: गर्मी में एक तरह जहां फ्रिज का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कई लोग मटका का पानी पीना पसंद करते हैं. मटका नेचुरल तरीके से पानी को ठंडा रखता है और टेस्टी बना देता है. मटका मिट्टी से बना होता है और प्राचीन काल से ही पानी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. आयुर्वेद के अनुसार मटके का पानी सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि पेट की सेहत भी सुधार सकता है. अगर आप भी फ्रिज का पानी पीना पसंद नहीं करते हैं, तो बाजार से मटका खरीद लाइए और गर्मियों में ठंडे पानी का लाभ उठाइए. यूपी के अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. पीयूष माहेश्वरी ने News18 को बताया कि मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है. मिट्टी की सतह में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को शुद्ध और ठंडा बनाते हैं. आयुर्वेद में इसे शरीर की गर्मी को संतुलित करने और पाचन तंत्र को शांत करने वाला माना जाता है. खासकर गर्मियों में मटके का पानी पीना शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और प्यास बुझाने में मदद करता है. मटके का पानी न केवल शरीर को ठंडक प्रदान करता है, बल्कि पाचन और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और प्राकृतिक मिनरल्स प्राप्त करने का एक सुरक्षित और असरदार माध्यम है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. आयुर्वेद के अनुसार मटके के पानी में कुछ मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम प्राकृतिक रूप में हल्की मात्रा में मौजूद रहते हैं. ये मिनरल्स हार्ट, मांसपेशियों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं. आयुर्वेद में इसे शुद्ध जल का स्रोत माना गया है, जो शरीर को एनर्जी और ताकत प्रदान करता है. मटके का पानी पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करता है. खाली पेट मटके का पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और भोजन आसानी से पचता है. इसे डिटॉक्सिफिकेशन के लिए भी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर में जमा अतिरिक्त गर्मी और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. मटके का पानी पानी के अन्य साधारण स्रोतों की तुलना में अधिक ठंडा और ताज़ा लगता है. मिट्टी में प्राकृतिक फिल्ट्रेशन होने के कारण यह पानी कुछ हद तक शुद्ध रहता है. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि मटके का पानी हमेशा साफ और स्वच्छ हो. गंदे मटके या लंबा रखा पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. मटके का पानी पीते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. मटके को हमेशा साफ रखें और हर दिन पानी बदलें. यदि पानी लंबे समय तक रखा हो या मटके में किसी तरह का फफूंद या बदबू हो, तो उसे इस्तेमाल न करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 12:09 IST

‘पिक्चर अभी बाकी है’: AAP के इस दावे के बाद राघव चड्ढा ने पलटवार किया कि उन्होंने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए | राजनीति समाचार

Smoke and debris flies around at the site of an Israeli strike that targeted a building adjacent to the highway that leads to Beirut's international airport.

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 12:02 IST राघव चड्ढा ने AAP नेताओं के इस दावे को खारिज कर दिया कि उन्होंने संसद में पंजाब की अनदेखी की, एमएसपी, ननकाना साहिब कॉरिडोर, भूजल पर काम का हवाला दिया। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा (फाइल फोटो) आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर बढ़ते तनाव के बीच, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने रविवार को अपनी ही पार्टी की आलोचना का जवाब दिया, जिसने उन पर संसद में पंजाब की चिंताओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। एक्स पर एक पोस्ट में, चड्ढा ने आरोपों को खारिज कर दिया, राज्य के साथ अपने गहरे संबंध पर जोर दिया और एक सांसद के रूप में उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन्हें रेखांकित किया। इनमें ननकाना साहिब तक गलियारे की मांग, किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी समर्थन, राज्य में घटते भूजल पर चिंता और भगत सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग शामिल है। चड्ढा ने पंजाब के मुद्दों पर अपने रिकॉर्ड का बचाव किया AAP में मेरे सहयोगियों के लिए जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि “राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे”, यहां एक छोटा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए बात करने का मुद्दा नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है❤️ pic.twitter.com/qdTMHK4sqU – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 5 अप्रैल 2026 उन्होंने ट्वीट किया, “आप में मेरे सहयोगियों के लिए जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि “राघव चड्ढा पंजाब के मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहे”, यहां एक छोटा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए बात करने का मुद्दा नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है।” दरार गहरी, AAP ने चड्ढा पर लगाया पंजाब के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप सांसद की यह प्रतिक्रिया पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य इकाई के प्रमुख अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में, गंभीर मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त करने के बाद आई है। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा चुने जाने के बावजूद चड्ढा राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में विफल रहे। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा कि सांसद ने राज्य से संबंधित “एक भी संवेदनशील मुद्दा” नहीं उठाया। इस सप्ताह की शुरुआत में चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया। इस कदम के बाद उन्होंने नेतृत्व पर उनकी आवाज दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। जवाब में, पार्टी के कई नेताओं ने उनकी तीखी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने “समझौता” कर लिया है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, चड्ढा ने आरोपों को उन्हें निशाना बनाने के जानबूझकर किए गए प्रयास का हिस्सा बताया और उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्होंने संसदीय विरोध प्रदर्शनों से परहेज किया या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड अभियान चल रहा है। वही भाषा, वही शब्द, वही आरोप। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक समन्वित हमला है। पहले तो मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए। फिर मैंने सोचा कि अगर एक झूठ को 100 बार दोहराया जाए, तो कुछ लोग उस पर विश्वास कर सकते हैं। इसलिए, मैंने जवाब देने का फैसला किया।” पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 12:02 IST समाचार राजनीति ‘पिक्चर अभी बाकी है’: AAP के इस दावे के बाद राघव चड्ढा ने पलटवार किया कि उन्होंने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा पंजाब मुद्दे(टी)आम आदमी पार्टी में दरार(टी)राघव चड्ढा आलोचना(टी)आप आंतरिक संघर्ष(टी)पंजाब राजनीतिक विवाद(टी)राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा(टी)हरपाल सिंह चीमा का बयान(टी)भगत सिंह को भारत रत्न

विदिशा के हैदरगढ़ में ओलावृष्टि-आंधी:खड़ी फसलें बिछीं, खलिहानों में रखी उपज को भी नुकसान

विदिशा के हैदरगढ़ में ओलावृष्टि-आंधी:खड़ी फसलें बिछीं, खलिहानों में रखी उपज को भी नुकसान

विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील के हैदरगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार रात मौसम अचानक बदल गया। रात करीब 11 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में तैयार खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा और ओलावृष्टि से गेहूं और चने की खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं। जिन किसानों की फसलें कटकर खलिहानों में रखी थीं, उन्हें भी भारी नुकसान की आशंका है। बारिश और ओलों के कारण कटी हुई फसलें भीग गईं, जिससे उनकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा। गांवों में तेज हवाओं ने रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचाया। कई कच्चे मकानों के कबेलू उड़ गए, जबकि टीन और फाइबर की चादरें हवा में उखड़कर दूर जा गिरीं। आंधी के कारण घरों की छतों पर रखा सामान भी बिखर गया। ग्रामीणों के अनुसार, हैदरगढ़ क्षेत्र के लगभग 4 से 5 गांव इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।