ग्रैमी अवॉर्ड्स की रेस में 'धुरंधर 2':फिल्म का साउंडट्रैक कई कैटेगरी में सबमिट, ‘आरी आरी’ और ‘जाइए सजना’ समेत कई गाने शामिल

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ग्रैमी अवॉर्ड्स की रेस में शामिल हो गई है। फिल्म के साउंडट्रैक को कई कैटेगरी में जमा किया गया है। टी-सीरीज और B62 स्टूडियोज फिल्म के संगीत और कई गानों के लिए कैंपेन चला रहे हैं। इसमें कंपोजर शाश्वत सचदेव के काम को प्रमुखता दी गई है। फिल्म को बेस्ट कम्पाइलेशन साउंडट्रैक फॉर विजुअल मीडिया समेत कई कैटेगरी में कैंपेन किया जाएगा। हालांकि, इन एंट्रीज से ग्रैमी नॉमिनेशन पक्का नहीं होता। कैंपेन में ‘फिर से’, ‘आरी आरी’ और ‘जाइए सजना’ जैसे गाने शामिल हैं। इससे फिल्म के संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का मौका मिल सकता है। ग्रैमी नॉमिनेशन के लिए इन एंट्रीज को रिकॉर्डिंग एकेडमी के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करना होगा और फिर वोटिंग प्रोसेस से गुजरना होगा। अलग-अलग कैटेगरी में गाने जमा टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, ‘फिर से’ को बेस्ट सॉन्ग रिटन फॉर विजुअल मीडिया कैटेगरी में रखा गया है। ‘जान से गुजरते हैं’ और ‘कन्हैया’ को बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस कैटेगरी में जमा किया गया है। ‘आरी आरी’ को बेस्ट एशियन पॉप म्यूजिक परफॉर्मेंस कैटेगरी में भेजा गया है। फिल्म की पूरी म्यूजिक एंट्री में शाश्वत सचदेव का काम केंद्र में है। अगले ग्रैमी अवॉर्ड्स में पांच नई कैटेगरी अगला ग्रैमी अवॉर्ड्स शो 7 फरवरी 2027 को होगा। इसमें लैटिन, एशियन पॉप और RB जॉनर समेत पांच नई कैटेगरी शामिल होंगी। इस आयोजन में बेस्ट न्यू आर्टिस्ट और बेस्ट एल्बम कैटेगरी से जुड़े कई अहम अपडेट भी होंगे। गीतकारों को भी मिलेगा सम्मान एक जुड़े हुए बदलाव के तहत ज्यादातर जॉनर की एल्बम कैटेगरी जीतने वाली एल्बम के योगदानकर्ताओं को अब ग्रैमी ट्रॉफी और अचीवमेंट सर्टिफिकेट मिलेंगे। अब तक ये ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रोड्यूसर्स और इंजीनियर्स को मिलते रहे हैं। किन भारतीय कलाकारों ने जीते ग्रैमी अवॉर्ड भारतीय संगीतकारों ने ग्रैमी अवॉर्ड्स में अपनी खास पहचान बनाई है। पंडित रवि शंकर, जाकिर हुसैन, ए.आर. रहमान और रिकी केज जैसे कलाकारों ने ग्रैमी जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है। वहीं, कई भारतीय और भारतीय मूल के कलाकार नॉमिनेशन तक पहुंचे हैं। ग्रैमी जीतने वाले प्रमुख भारतीय कलाकार ग्रैमी के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, पंडित रवि शंकर ने 4 ग्रैमी अवॉर्ड जीते हैं। जाकिर हुसैन ने 4, रिकी केज ने 3 और ए.आर. रहमान ने 2 ग्रैमी अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। संगीतकार पी.ए. दीपक और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने भी 2-2 ग्रैमी अवॉर्ड जीते हैं। इनके अलावा विश्व मोहन भट्ट, शंकर महादेवन, वी. सेल्वगणेश, गणेश राजगोपालन, गुलजार, तन्वी शाह और नीला वासवानी भी ग्रैमी जीतने वाले कलाकारों में शामिल हैं। टी.एच. विनायकराम ने भी ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। ग्रैमी के लिए नॉमिनेट होने वाले कलाकार भारतीय और भारतीय मूल के कई कलाकार ग्रैमी के लिए नॉमिनेट हो चुके हैं। इनमें संगीत निर्देशक जुबिन मेहता, सितार वादक अनुष्का शंकर और सिंगर आशा भोसले शामिल हैं। जुबिन मेहता को 18 बार ग्रैमी के लिए नॉमिनेट किया गया है। अनुष्का शंकर को भी कई बार नॉमिनेशन मिला है। बांसुरी वादक वरिजाश्री वेणुगोपाल को 2025 में ग्रैमी नॉमिनेशन मिला था। हाल के वर्षों में रिकी केज और शंकर महादेवन जैसे कलाकारों ने भी ग्रैमी मंच पर भारत की पहचान मजबूत की है। शंकर महादेवन ने संगीत समूह शक्ति के एल्बम ‘दिस मोमेंट’ के लिए 2024 में ग्रैमी जीता था।
ग्रैमी अवॉर्ड्स की रेस में 'धुरंधर 2':फिल्म का साउंडट्रैक कई कैटेगरी में सबमिट, ‘आरी आरी’ और ‘जाइए सजना’ समेत कई गाने शामिल

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ग्रैमी अवॉर्ड्स की रेस में शामिल हो गई है। फिल्म के साउंडट्रैक को कई कैटेगरी में जमा किया गया है। टी-सीरीज और B62 स्टूडियोज फिल्म के संगीत और कई गानों के लिए कैंपेन चला रहे हैं। इसमें कंपोजर शाश्वत सचदेव के काम को प्रमुखता दी गई है। फिल्म को बेस्ट कम्पाइलेशन साउंडट्रैक फॉर विजुअल मीडिया समेत कई कैटेगरी में कैंपेन किया जाएगा। हालांकि, इन एंट्रीज से ग्रैमी नॉमिनेशन पक्का नहीं होता। कैंपेन में ‘फिर से’, ‘आरी आरी’ और ‘जाइए सजना’ जैसे गाने शामिल हैं। इससे फिल्म के संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का मौका मिल सकता है। ग्रैमी नॉमिनेशन के लिए इन एंट्रीज को रिकॉर्डिंग एकेडमी के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करना होगा और फिर वोटिंग प्रोसेस से गुजरना होगा। अलग-अलग कैटेगरी में गाने जमा टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, ‘फिर से’ को बेस्ट सॉन्ग रिटन फॉर विजुअल मीडिया कैटेगरी में रखा गया है। ‘जान से गुजरते हैं’ और ‘कन्हैया’ को बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस कैटेगरी में जमा किया गया है। ‘आरी आरी’ को बेस्ट एशियन पॉप म्यूजिक परफॉर्मेंस कैटेगरी में भेजा गया है। फिल्म की पूरी म्यूजिक एंट्री में शाश्वत सचदेव का काम केंद्र में है। फिल्म ‘धुरंधर 2’ के म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव को हाल ही में नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था। उन्हें यह सम्मान फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में बेहतरीन संगीत निर्देशन के लिए दिया गया। इस दौरान दैनिक भास्कर ने उनसे पूछा था कि क्या अगली बार ‘धुरंधर’ के संगीत के लिए भी नेशनल अवॉर्ड की उम्मीद कर रहे हैं? इस पर शाश्वत ने कहा, “मैं यही कहूंगा कि आप आशीर्वाद देते रहिए। आप आशीर्वाद दीजिए कि मेरा सिर मेरे कंधों पर रहे और मैं अच्छा काम करता रहूं। ये अवॉर्ड मेरे माता-पिता के आशीर्वाद का नतीजा हैं। लेकिन असली वजह अच्छा संगीत है। उम्मीद है कि मैं आगे भी अच्छा काम करता रहूंगा।” अगले ग्रैमी अवॉर्ड्स में पांच नई कैटेगरी अगला ग्रैमी अवॉर्ड्स शो 7 फरवरी 2027 को होगा। इसमें लैटिन, एशियन पॉप और RB जॉनर समेत पांच नई कैटेगरी शामिल होंगी। इस आयोजन में बेस्ट न्यू आर्टिस्ट और बेस्ट एल्बम कैटेगरी से जुड़े कई अहम अपडेट भी होंगे। गीतकारों को भी मिलेगा सम्मान एक जुड़े हुए बदलाव के तहत ज्यादातर जॉनर की एल्बम कैटेगरी जीतने वाली एल्बम के योगदानकर्ताओं को अब ग्रैमी ट्रॉफी और अचीवमेंट सर्टिफिकेट मिलेंगे। अब तक ये ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रोड्यूसर्स और इंजीनियर्स को मिलते रहे हैं। किन भारतीय कलाकारों ने जीते ग्रैमी अवॉर्ड भारतीय संगीतकारों ने ग्रैमी अवॉर्ड्स में अपनी खास पहचान बनाई है। पंडित रवि शंकर, जाकिर हुसैन, ए.आर. रहमान और रिकी केज जैसे कलाकारों ने ग्रैमी जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है। वहीं, कई भारतीय और भारतीय मूल के कलाकार नॉमिनेशन तक पहुंचे हैं। ग्रैमी जीतने वाले प्रमुख भारतीय कलाकार ग्रैमी के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, पंडित रवि शंकर ने 4 ग्रैमी अवॉर्ड जीते हैं। जाकिर हुसैन ने 4, रिकी केज ने 3 और ए.आर. रहमान ने 2 ग्रैमी अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। संगीतकार पी.ए. दीपक और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने भी 2-2 ग्रैमी अवॉर्ड जीते हैं। इनके अलावा विश्व मोहन भट्ट, शंकर महादेवन, वी. सेल्वगणेश, गणेश राजगोपालन, गुलजार, तन्वी शाह और नीला वासवानी भी ग्रैमी जीतने वाले कलाकारों में शामिल हैं। टी.एच. विनायकराम ने भी ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। ग्रैमी के लिए नॉमिनेट होने वाले कलाकार भारतीय और भारतीय मूल के कई कलाकार ग्रैमी के लिए नॉमिनेट हो चुके हैं। इनमें संगीत निर्देशक जुबिन मेहता, सितार वादक अनुष्का शंकर और सिंगर आशा भोसले शामिल हैं। जुबिन मेहता को 18 बार ग्रैमी के लिए नॉमिनेट किया गया है। अनुष्का शंकर को भी कई बार नॉमिनेशन मिला है। बांसुरी वादक वरिजाश्री वेणुगोपाल को 2025 में ग्रैमी नॉमिनेशन मिला था। हाल के वर्षों में रिकी केज और शंकर महादेवन जैसे कलाकारों ने भी ग्रैमी मंच पर भारत की पहचान मजबूत की है। शंकर महादेवन ने संगीत समूह शक्ति के एल्बम ‘दिस मोमेंट’ के लिए 2024 में ग्रैमी जीता था।
सलमान खान ने लॉन्च किया ऑफिशियल यूट्यूब चैनल:फैंस को पर्सनल, प्रोफेशनल और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट, बोले- A से Z तक सब मिलेगा

सलमान खान ने शुक्रवार को अपना ऑफिशियल यूट्यूब चैनल लॉन्च किया। उन्होंने फैंस से पर्सनल, प्रोफेशनल और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट साझा करने का वादा किया। सलमान ने चैनल के लॉन्च का ऐलान एक मजेदार टीजर के साथ किया। इसमें वह अंग्रेजी अल्फाबेट बोलते नजर आए। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “शुरू से शुरू करते हैं… मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल। A से Z तक सब यहां मिलेगा।” खबर लिखे जाने तक इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 16 हजार पार हो गई थी। सलमान के ऑफिशियल चैनल के बायो में लिखा है, “फिल्म एक्टर। आर्टिस्ट। पेंटर। ह्यूमैनिटेरियन। यह मेरा ऑफिशियल चैनल है।” फिलहाल चैनल पर कई शॉर्ट्स मौजूद हैं। यूट्यूब के जरिए सलमान लंबे वीडियो शेयर कर सकते हैं। इससे फैंस को उनके काम, रोजमर्रा की जिंदगी और सिनेमा से बाहर की पसंद के बारे में करीब से जानने का मौका मिलेगा। बिग बॉस 20 होस्ट कर रहे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान फिलहाल ‘बिग बॉस 20’ होस्ट कर रहे हैं। रियलिटी शो के साथ यह उनका लंबे समय से चला आ रहा जुड़ाव है। सलमान की कई फिल्में भी पाइपलाइन में हैं। वह अगली बार ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में हैं। फिल्म की बदली हुई रिलीज डेट का ऐलान अभी नहीं हुआ है। सलमान साउथ के फिल्ममेकर वामशी पैदिपल्ली के साथ SVC63 में भी काम करेंगे। इस फिल्म का नाम कथित तौर पर ‘मॉन्स्टर’ रखा गया है। फिल्म में नयनतारा भी हैं। यह फिल्म फिलहाल ईद 2027 पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इन बड़े बॉलीवुड सितारों के भी हैं अपने यूट्यूब चैनल सलमान खान के अलावा बॉलीवुड के कई बड़े सितारों के भी अपने यूट्यूब चैनल हैं। इन चैनलों के जरिए कलाकार अपने फैंस से सीधे जुड़ते हैं। कोई अपनी निजी जिंदगी के वीडियो शेयर करता है, तो कोई फिटनेस, खाना बनाने और फिल्मों की शूटिंग से जुड़े वीडियो दिखाता है। हालांकि, ज्यादातर सितारे अपने चैनल पर लगातार वीडियो नहीं डालते। फराह खान: फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान का यूट्यूब चैनल इन दिनों काफी चर्चा में रहता है। उनके चैनल @farahkhank पर वह बॉलीवुड सितारों के घर जाती हैं, उनके साथ खाना बनाती हैं और कई मजेदार सवाल पूछती हैं। इन वीडियो में सितारों के घर, उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े दिलचस्प किस्से देखने को मिलते हैं। उनके कुक दिलीप के साथ मजेदार बातचीत भी दर्शकों को पसंद आती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर 32 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे। अक्षय कुमार: एक्टर का अपना यूट्यूब चैनल @akshaykumar है। इस चैनल पर करीब 12.4 लाख सब्सक्राइबर्स और 77 वीडियो हैं। यहां फिल्मों के प्रचार, ब्रांड से जुड़े वीडियो और उनके होस्टिंग शो के क्लिप देखने को मिलते हैं। हालांकि, पिछले तीन साल से इस चैनल पर कोई नया वीडियो अपलोड नहीं किया गया है। आलिया भट्ट: 26 जून 2019 को आलिया भट्ट ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। इसके जरिए वह फैंस को अपनी जिंदगी की झलक दिखाना चाहती थीं। उनके वीडियो में फिल्मों की शूटिंग, मेकअप, परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े पल देखने को मिलते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर करीब 26 लाख सब्सक्राइबर हैं। कृति सेनन: एक्ट्रेस का यूट्यूब चैनल @kritisanon नवंबर 2021 में शुरू हुआ था। इस चैनल पर वह अपनी दिनचर्या, फिटनेस, स्किन की देखभाल और शूटिंग से जुड़े अनुभव शेयर करती हैं। इन वीडियो के जरिए फैंस को उनकी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी के बारे में जानने का मौका मिलता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर करीब 13.4 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। परिणीति चोपड़ा: एक्ट्रेस ने 25 जुलाई 2024 को अपना यूट्यूब चैनल @officialparineetichopra शुरू किया था। उनके चैनल पर करीब 2.79 लाख सब्सक्राइबर और 41 वीडियो हैं।
सलमान खान ने लॉन्च किया ऑफिशियल यूट्यूब चैनल:फैंस को पर्सनल, प्रोफेशनल और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट, बोले- A से Z तक सब मिलेगा

सलमान खान ने शुक्रवार को अपना ऑफिशियल यूट्यूब चैनल लॉन्च किया। उन्होंने फैंस से पर्सनल, प्रोफेशनल और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट साझा करने का वादा किया। सलमान ने चैनल के लॉन्च का ऐलान एक मजेदार टीजर के साथ किया। इसमें वह अंग्रेजी अल्फाबेट बोलते नजर आए। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “शुरू से शुरू करते हैं… मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल। A से Z तक सब यहां मिलेगा।” खबर लिखे जाने तक इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 16 हजार पार हो गई थी। सलमान के ऑफिशियल चैनल के बायो में लिखा है, “फिल्म एक्टर। आर्टिस्ट। पेंटर। ह्यूमैनिटेरियन। यह मेरा ऑफिशियल चैनल है।” फिलहाल चैनल पर कई शॉर्ट्स मौजूद हैं। यूट्यूब के जरिए सलमान लंबे वीडियो शेयर कर सकते हैं। इससे फैंस को उनके काम, रोजमर्रा की जिंदगी और सिनेमा से बाहर की पसंद के बारे में करीब से जानने का मौका मिलेगा। बिग बॉस 20 होस्ट कर रहे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान फिलहाल ‘बिग बॉस 20’ होस्ट कर रहे हैं। रियलिटी शो के साथ यह उनका लंबे समय से चला आ रहा जुड़ाव है। सलमान की कई फिल्में भी पाइपलाइन में हैं। वह अगली बार ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में हैं। फिल्म की बदली हुई रिलीज डेट का ऐलान अभी नहीं हुआ है। सलमान साउथ के फिल्ममेकर वामशी पैदिपल्ली के साथ SVC63 में भी काम करेंगे। इस फिल्म का नाम कथित तौर पर ‘मॉन्स्टर’ रखा गया है। फिल्म में नयनतारा भी हैं। यह फिल्म फिलहाल ईद 2027 पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इन बड़े बॉलीवुड सितारों के भी हैं अपने यूट्यूब चैनल सलमान खान के अलावा बॉलीवुड के कई बड़े सितारों के भी अपने यूट्यूब चैनल हैं। इन चैनलों के जरिए कलाकार अपने फैंस से सीधे जुड़ते हैं। कोई अपनी निजी जिंदगी के वीडियो शेयर करता है, तो कोई फिटनेस, खाना बनाने और फिल्मों की शूटिंग से जुड़े वीडियो दिखाता है। हालांकि, ज्यादातर सितारे अपने चैनल पर लगातार वीडियो नहीं डालते। फराह खान: फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान का यूट्यूब चैनल इन दिनों काफी चर्चा में रहता है। उनके चैनल @farahkhank पर वह बॉलीवुड सितारों के घर जाती हैं, उनके साथ खाना बनाती हैं और कई मजेदार सवाल पूछती हैं। इन वीडियो में सितारों के घर, उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े दिलचस्प किस्से देखने को मिलते हैं। उनके कुक दिलीप के साथ मजेदार बातचीत भी दर्शकों को पसंद आती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर 32 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे। अक्षय कुमार: एक्टर का अपना यूट्यूब चैनल @akshaykumar है। इस चैनल पर करीब 12.4 लाख सब्सक्राइबर्स और 77 वीडियो हैं। यहां फिल्मों के प्रचार, ब्रांड से जुड़े वीडियो और उनके होस्टिंग शो के क्लिप देखने को मिलते हैं। हालांकि, पिछले तीन साल से इस चैनल पर कोई नया वीडियो अपलोड नहीं किया गया है। आलिया भट्ट: 26 जून 2019 को आलिया भट्ट ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। इसके जरिए वह फैंस को अपनी जिंदगी की झलक दिखाना चाहती थीं। उनके वीडियो में फिल्मों की शूटिंग, मेकअप, परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े पल देखने को मिलते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर करीब 26 लाख सब्सक्राइबर हैं। कृति सेनन: एक्ट्रेस का यूट्यूब चैनल @kritisanon नवंबर 2021 में शुरू हुआ था। इस चैनल पर वह अपनी दिनचर्या, फिटनेस, स्किन की देखभाल और शूटिंग से जुड़े अनुभव शेयर करती हैं। इन वीडियो के जरिए फैंस को उनकी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी के बारे में जानने का मौका मिलता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर करीब 13.4 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। परिणीति चोपड़ा: एक्ट्रेस ने 25 जुलाई 2024 को अपना यूट्यूब चैनल @officialparineetichopra शुरू किया था। उनके चैनल पर करीब 2.79 लाख सब्सक्राइबर और 41 वीडियो हैं।
नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता बोलीं:#MeToo आंदोलन के बाद नर्क बन गई जिंदगी, एक्ट्रेस के बयान पर AICWA ने जताई नाराजगी

नाना पाटेकर की मौत के बाद एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने शुक्रवार को कहा कि #MeToo आंदोलन के बाद उनकी जिंदगी नर्क बन गई। नाना पाटेकर का गुरुवार को गोवा में कार्डियक अटैक से निधन हुआ। दत्ता ने 2008 की फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान पाटेकर पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था। पाटेकर ने इन आरोपों से इनकार किया था। दत्ता ने अक्टूबर 2018 में फिर ये आरोप लगाए थे। इसके बाद भारत में #MeToo आंदोलन शुरू हुआ। इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में दत्ता ने कहा कि #MeToo आंदोलन के बाद उन्हें जान का खतरा रहा। उन्होंने कहा कि गुंडे हर जगह उनका पीछा करते थे। दत्ता ने कहा, “लोग नहीं जानते कि #MeToo आंदोलन के बाद मैं किस हालत में रही हूं। मैं हफ्ते में पांच दिन वर्कआउट करती थी और बिना डर दुनिया घूमती थी।” उन्होंने कहा, “मुझे कभी सुरक्षा की चिंता नहीं रही। कहीं भी आने-जाने में परेशानी नहीं होती थी।” दत्ता ने बताया, “#MeToo के बाद मेरे साथ ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्हें मैं इंस्टाग्राम पर भी नहीं बता सकती। आपका चेहरा शर्म से झुक जाएगा।” उन्होंने कहा, “लोग नहीं जानते कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ है। 2024 में किसी ने मेरी कार के ब्रेक काट दिए थे। #MeToo आंदोलन के बाद गुंडे हर जगह मेरा पीछा करते थे।” नाना के निधन पर बाद में प्रतिक्रिया देने की बात कही थी नाना पाटेकर के निधन के बाद गुरुवार को दत्ता ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खबर मिल गई है। दत्ता ने कहा था कि वह प्रतिक्रिया देंगी, लेकिन पहले यह समझना चाहती हैं कि उन्हें किस तरह प्रतिक्रिया देनी चाहिए। दत्ता ने कहा था, “अब मुझे चिंता है कि शाम को मीडिया की दिलचस्पी सिर्फ ‘ईविल डेड’ (‘बुरी आत्मा’) में होगी।” तनुश्री बोलीं- मौत से अपराध खत्म नहीं हो जाते नए वीडियो में दत्ता ने उन्हें नेगेटिव मैसेज भेजने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत उसके अपराधों को खत्म नहीं करती। दत्ता ने कहा, “मैं सोच भी नहीं सकती कि लोग इतने मूर्ख कैसे हो सकते हैं। किसी व्यक्ति के साथ दुनिया के अलग-अलग लोगों का अनुभव अलग हो सकता है।” उन्होंने कहा, “लेकिन उस व्यक्ति के साथ मेरा अनुभव मुझे पता है। मैं मुर्दे उखाड़ना भी नहीं चाहती थी, इसलिए मैंने अपनी प्रतिक्रिया रोककर रखी।” दत्ता ने कहा कि वह कुछ दिनों बाद अपनी प्रतिक्रिया देना चाहती थीं। उन्होंने पूछा, “किसी की मौत हो गई, इसका मतलब यह नहीं कि उसके जीवन के सभी अपराध मिट जाएंगे।” उन्होंने कहा, “जिन लोगों को उसने परेशान किया और शिकार बनाया, क्या उनका हिसाब भी बंद हो जाता है?” तनुश्री दत्ता ने अपने इंस्टाग्राम पर 2 घंटे से ज्यादा लंबे वीडियो शेयर कर अपनी बात रखी। तनुश्री बोलीं- पाटेकर ने कभी माफी नहीं मांगी दत्ता ने बताया कि कुछ लोग उनसे पाटेकर को माफ करने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाटेकर ने उनसे कभी माफी नहीं मांगी। दत्ता ने कहा, “भगवान भी बिना माफी मांगे किसी को माफ नहीं करते।” उन्होंने कहा, “पहले आपको माफी मांगनी होगी। आपको अपना अपराध स्वीकार करना होगा कि मैंने यह अपराध किया है।” दत्ता ने कहा, “आपको मानना होगा कि मैंने किसी की जिंदगी बर्बाद की है। मैंने लोगों के साथ मिलकर किसी के साथ बहुत गलत किया और उसकी जिंदगी मुश्किल बना दी।” उन्होंने कहा, “इसलिए जब मैं कहती हूं कि बुराई मर चुकी है, तो मेरा मतलब यही होता है। मेरे लिए यही सच्चाई थी।” दत्ता ने कहा, “इस व्यक्ति ने मौत के बाद भी मुझे परेशान किया।” सोशल मीडिया यूजर्स से खुद को उनकी जगह रखने को कहा दत्ता ने उन “बेकार यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया लोगों” को भी जवाब दिया, जो व्यूज और लाइक्स बढ़ाने के लिए उनके बारे में कमेंट कर रहे हैं। उन्होंने उनसे खुद को उनकी जगह रखकर देखने को कहा। दत्ता ने कहा, “आप चार दिन भी नहीं झेल पाएंगे।” उन्होंने कहा, “2018 के बाद मेरे लिए हालात बहुत खराब थे। मेरी जान पर हमले हुए। इंटरव्यू में मैंने अपने साथ हुई घटनाओं का सिर्फ एक हिस्सा बताया है।” दत्ता ने कहा, “2018 से मेरी जिंदगी का हर दिन संघर्ष और तकलीफ में बीता है। खासकर 2020 के बाद हर दिन मैंने इस व्यक्ति की वजह से संघर्ष किया और परेशानी झेली।” उन्होंने कहा, “उसने सिर्फ मुझे परेशान नहीं किया। उसके साथ एक बड़ा समूह भी था। नाना पाटेकर… आज शैतान मर गया है।” दत्ता ने कहा, “वह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा राक्षस था। उसने मेरी जिंदगी नर्क बना दी।” AICWA ने तनुश्री की टिप्पणियों की आलोचना की ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। तनुश्री की भाषा पर आपत्ति जताते हुए एसोसिएशन ने उनके बयान को असंवेदनशील और अनुचित बताया। संगठन के एक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि फिल्म जगत में दुख के माहौल के बीच इस तरह की टिप्पणी करना सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश है। एसोसिएशन ने कहा कि पुराने कानूनी या व्यक्तिगत विवाद किसी दिवंगत व्यक्ति के प्रति बुनियादी सम्मान की मर्यादा तोड़ने का औचित्य नहीं हो सकते। क्या था पूरा मामला? तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर का विवाद साल 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान शुरू हुआ था। मार्च 2008 में मुंबई के फिल्मिस्तान स्टूडियो में फिल्म के एक गाने की शूटिंग चल रही थी। तनुश्री दत्ता का आरोप था कि गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने डांस स्टेप सिखाने के बहाने उनके करीब आने और गलत तरीके से छूने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गाने की कोरियोग्राफी में ऐसे अंतरंग स्टेप्स जोड़े गए, जिनसे वह असहज हो गई थीं। विरोध करते हुए तनुश्री ने शूटिंग बीच में छोड़ दी। उनके मुताबिक, इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने स्टूडियो के बाहर उनकी कार पर हमला किया। उन्होंने पुलिस और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) से भी शिकायत की थी। सितंबर 2018 में तनुश्री ने एक टीवी इंटरव्यू में इस घटना का दोबारा जिक्र किया। इसके बाद यह
अभिजीत दीपके पर भड़के मनोज मुंतशिर:बोले- यह युवाओं के दम पर देश को अगला नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाना चाहते हैं

नेशनल अवॉर्ड विनर गीतकार मनोज मुंतशिर ने वोट चोरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। मनोज ने दावा किया कि ऐसे लोगों की फंडिंग सरहद पार से आती है। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के वैचारिक विचारों से सहमत हैं, लेकिन सरकार के आदमी नहीं हैं। मनोज मुंतशिर ने अपने करीब 8 मिनट 42 सेकेंड के वीडियो की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि युवा बिना तथ्यों को समझे वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को यह जानना चाहिए कि उन्हें कौन नेतृत्व दे रहा है और उनके आंदोलन का उद्देश्य क्या है। अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप मनोज ने अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अरविंद केजरीवाल की टीम से जुड़े हैं। मनोज के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की चुनावी हार के बाद सत्ता में वापसी के लिए युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के स्कूलों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोग उन राज्यों की समस्याओं पर बात नहीं करते, जहां कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अपने समर्थकों और फंडर्स को नाराज नहीं करने के लिए किया जाता है। ध्रुव राठी पर भी साधा निशाना मनोज ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राठी भारत की उपलब्धियों और सफलताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देते। मनोज ने कहा कि मंगलयान से लेकर सैन्य उपलब्धियों तक, देश की तारीफ के मौकों पर उनकी टाइमलाइन पर उत्साह नहीं दिखता। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों की फंडिंग सरहद पार से आती है और आरोप लगाया कि वे भारत के खिलाफ नफरत फैलाते हैं। युवाओं से बोले- अपनी समझ से फैसला लें मनोज मुंतशिर ने युवाओं से कहा कि वह इस बात की परवाह नहीं करते कि कोई व्यक्ति किस पार्टी को वोट देता है या किस नेता का समर्थन करता है। उन्होंने युवाओं की सोच और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके इस विद्रोह का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण या अन्ना हजारे जैसे लोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कुछ बेहद बेहद झूठे, चालबाज और अवसरवादी लोग कर रहे हैं। यह तुम्हारे दम पर इस देश को अगला नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाना चाहते हैं। क्या आप भी ऐसा ही बनना चाहते हैं? क्या आप उनके जैसे बनना चाहते हैं? उन्होंने यह भी साफ किया कि वह बीजेपी के सदस्य नहीं हैं और न ही सरकार से उनका कोई संबंध है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सत्य, सेना और सनातन में विश्वास के कारण उनकी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी से मेल खाती है। चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों पर सवाल वीडियो में मनोज मुंतशिर ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के प्रभाव में काम करता है, तो फिर कई राज्यों में बीजेपी सत्ता से बाहर क्यों है? उन्होंने तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन जगहों पर बीजेपी सत्ता में नहीं है। उनका तर्क था कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में होता, तो बीजेपी इन सभी राज्यों में चुनाव जीतती। उन्होंने उत्तर प्रदेश के 2024 लोकसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया। मनोज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगियों को 80 में से 36 सीटें मिलीं, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 43 सीटें जीतीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा था, तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगियों को नुकसान कैसे हुआ। बंगाल का उदाहरण देकर कही अपनी बात मनोज मुंतशिर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 2016 में राज्य में केवल तीन विधानसभा सीटें जीती थीं और इसके बाद पार्टी का प्रदर्शन लगातार बढ़ा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल को चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाना पड़ता है, लोगों से संपर्क करना पड़ता है और उन्हें अपनी नीतियों के बारे में समझाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता कभी किसी पार्टी को सत्ता देती है और कभी उससे सत्ता छीन लेती है। उनके मुताबिक, इसे लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए। वीडियो के अंत में देशभक्ति का संदेश वीडियो के अंत में मनोज मुंतशिर ने युवाओं से देशहित को ध्यान में रखकर फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भी व्यक्ति या विचार को आंख बंद करके स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह युवाओं को देशविरोधी नहीं मानते, बल्कि उन्हें देश के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाला मानते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा और विरोध का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो का समापन “जय हिंद, जय भारत, जय जवान, जय किसान” के नारे के साथ किया।
नाना पाटेकर की मौत के मामले में पुलिस जांच:गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस; बेटे ने देर रात अंतिम संस्कार की वजह बताई

गोवा पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में मेडिको-लीगल ‘अप्राकृतिक मौत’ (UD) का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके चलते पुलिस केस दर्ज करना जरूरी था। वहीं, पुणे के फार्महाउस में देर रात हुए अंतिम संस्कार को लेकर बेटे मल्हार पाटेकर ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि गोवा से पार्थिव शरीर लाने में देरी होने और सुबह ही निधन हो जाने के कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गोवा पुलिस ने BNS की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया है और पीएसआई नितिन नाइक इसकी जांच कर रहे हैं। पणजी में दर्ज केस की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित ओशन पार्क से मणिपाल अस्पताल, बांबोलिम लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों की जांच करेगी। अस्पताल ने कहा- मृत लाया गया था, कार्डियक अरेस्ट की आशंका मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत अवस्था में ही लाया गया था। इसी वजह से नियमानुसार पुलिस केस दर्ज कराना पड़ा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेजा गया। डॉक्टर के मुताबिक प्राथमिक तौर पर यह कार्डियक अरेस्ट का मामला लगता है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर पहले से दिल की बीमारी के मरीज थे और उनका इलाज चल रहा था। बेटे मल्हार ने बताई देर रात अंतिम संस्कार की वजह समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बेटे मल्हार पाटेकर ने देर रात अंतिम संस्कार करने की वजह बताई। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन मल्हार ने कहा कि परिवार गोवा में था और पार्थिव शरीर को पुणे स्थित गांव के फार्महाउस लाने में समय लग गया। चूंकि निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने गुरुवार को ही इसे संपन्न करने का निर्णय लिया। पिता का विजन और ‘नाम फाउंडेशन’ का काम रहेगा जारी मल्हार पाटेकर ने कहा कि नाना साहब जैसे इंसान अपनी उपलब्धियों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए चल रहे सामाजिक काम बंद नहीं होंगे। इस संबंध में उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात हुई है और यह काम सीईओ गणेश थोरात की देखरेख में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पुणे के फार्महाउस में 3-गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने उन्हें 3-गन सैल्यूट दिया। इस दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला समेत कई फिल्मी हस्तियां और राजनेता शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
नाना पाटेकर की मौत के मामले में पुलिस जांच:गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस; बेटे ने देर रात अंतिम संस्कार की वजह बताई

गोवा पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में मेडिको-लीगल ‘अप्राकृतिक मौत’ (UD) का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके चलते पुलिस केस दर्ज करना जरूरी था। वहीं, पुणे के फार्महाउस में देर रात हुए अंतिम संस्कार को लेकर बेटे मल्हार पाटेकर ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि गोवा से पार्थिव शरीर लाने में देरी होने और सुबह ही निधन हो जाने के कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गोवा पुलिस ने BNS की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया है और पीएसआई नितिन नाइक इसकी जांच कर रहे हैं। पणजी में दर्ज केस की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित ओशन पार्क से मणिपाल अस्पताल, बांबोलिम लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों की जांच करेगी। अस्पताल ने कहा- मृत लाया गया था, कार्डियक अरेस्ट की आशंका मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत अवस्था में ही लाया गया था। इसी वजह से नियमानुसार पुलिस केस दर्ज कराना पड़ा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेजा गया। डॉक्टर के मुताबिक प्राथमिक तौर पर यह कार्डियक अरेस्ट का मामला लगता है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर पहले से दिल की बीमारी के मरीज थे और उनका इलाज चल रहा था। बेटे मल्हार ने बताई देर रात अंतिम संस्कार की वजह समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बेटे मल्हार पाटेकर ने देर रात अंतिम संस्कार करने की वजह बताई। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन मल्हार ने कहा कि परिवार गोवा में था और पार्थिव शरीर को पुणे स्थित गांव के फार्महाउस लाने में समय लग गया। चूंकि निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने गुरुवार को ही इसे संपन्न करने का निर्णय लिया। पिता का विजन और ‘नाम फाउंडेशन’ का काम रहेगा जारी मल्हार पाटेकर ने कहा कि नाना साहब जैसे इंसान अपनी उपलब्धियों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए चल रहे सामाजिक काम बंद नहीं होंगे। इस संबंध में उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात हुई है और यह काम सीईओ गणेश थोरात की देखरेख में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पुणे के फार्महाउस में 3-गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने उन्हें 3-गन सैल्यूट दिया। इस दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला समेत कई फिल्मी हस्तियां और राजनेता शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
कानपुर में हाथों में मशाल लेकर दौड़े दंगाई:‘गांधी एंड माय मदर’ फिल्म की शूटिंग, लखनऊ से मॉरिस माइनर कार भी पहुंची

कानपुर की सड़कों पर गुरुवार रात जलती मशाल और हंसिया लेकर भीड़ दौड़ रही थी। लोग चिल्ला रहे थे- ‘मार दो’। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था और लोग घरों में छिपे थे। यह कोई हकीकत नहीं, बल्कि धनकुट्टी में फिल्म ‘गांधी एंड माय मदर’ की शूटिंग का दृश्य था। फिल्म 1940 के दशक में बंगाल में हुई हिंसा पर आधारित है। उस दौर को पर्दे पर जीवंत दिखाने के लिए दंगे के बाद उजड़े घर का सेट तैयार किया गया। दुकानों के बोर्ड और बैनर बांग्ला भाषा में बदल दिए गए। शूटिंग में 1940 के दौर की मिलिट्री जीप के साथ ब्रिटिश ब्रांड की मॉरिस माइनर कार का भी इस्तेमाल किया जाएगा। गुरुवार शाम 6 बजे शुरू हुई शूटिंग शुक्रवार सुबह 5 बजे तक अलग-अलग लोकेशन पर चली। फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा कर रहे हैं। इसमें मनोज बाजपेयी गांधी जी की भूमिका निभा रहे हैं। अभिनेता सौरभ शुक्ला और अभिनेत्री दिव्या दत्ता भी फिल्म का हिस्सा हैं। शुक्रवार को शूटिंग का आखिरी दिन होगा। देखिए 3 तस्वीरें… पांच शव देखकर घबराया नौजवान फिल्म के एक दृश्य में दंगे के बाद एक नौजवान घर के भीतर दाखिल होता है। आंगन में सामान बिखरा है, मटका टूटा पड़ा है और चारपाई पलटी हुई है। आसपास घर के पांच सदस्यों के शव पड़े हैं। इस दृश्य को फिल्माने के लिए टीम को पांच बार रीटेक लेना पड़ा। दो बार असिस्टेंट डायरेक्टर के निर्देशन में शॉट फिल्माए गए, लेकिन बीच में सुधीर मिश्रा को कलाकारों को दृश्य समझाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इस एक सीन को पूरा करने में करीब एक घंटे का समय लगा। 50 से ज्यादा जूनियर आर्टिस्ट ने निभाए अलग-अलग किरदार दंगे के दृश्यों के लिए 50 से ज्यादा जूनियर आर्टिस्ट पहुंचे। इनमें स्थानीय और आसपास के इलाकों के कलाकारों के साथ दिल्ली और मुंबई से आए कलाकार भी शामिल थे। एक दृश्य में सफेद वर्दी पहने पुलिसकर्मी 1940 के दौर की मिलिट्री जीप में बैठकर दंगे वाली सड़क से गुजरते नजर आए। जीप से एनाउंसमेंट किया गया कि गांधी जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। लखनऊ से मंगाई गई मॉरिस माइनर कार ब्रिटिश ब्रांड मॉरिस मोटर्स की मॉरिस माइनर कार धनकुट्टी पहुंची है। यह मॉडल 1948 से 1971 के बीच बनाया जाता था। इसे लखनऊ से मंगाया गया है और शुक्रवार को शूटिंग में इस्तेमाल किया जाएगा। उस दिन मनोज बाजपेयी भी फिल्मांकन के लिए पहुंचेंगे। कत्था वाले धर्मशाला में दूसरी बार हुई फिल्म की शूटिंग धनकुट्टी स्थित कत्था वाले धर्मशाला में इसी साल फरवरी में एक वेब सीरीज की शूटिंग हुई थी। धर्मशाला के मैनेजर प्रेम प्रकाश ने बताया कि उस समय यहां तीन दिन तक शूटिंग चली थी। पुरानी इमारत और उसके माहौल को देखकर फिल्म निर्माताओं ने इस बार भी इसे चुना है। मौजूदा फिल्म की शूटिंग यहां दो दिन तक की जा रही है। धर्मशाला से जुड़ा है आंदोलन का इतिहास करीब 100 साल पुराने कत्था वाले धर्मशाला का संबंध स्थानीय आंदोलन के इतिहास से भी बताया जाता है। स्थानीय निवासी नागेंद्र अवस्थी के मुताबिक, 1959 के सांतिया कांड में एक पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए शुरू हुआ विरोध पुलिस और लोगों के बीच टकराव में बदल गया था। उन्होंने बताया कि उस समय धर्मशाला के मैनेजर अंबिका शुक्ला उर्फ अंबिका जालिम ने महिला को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई थी। इसके बाद तत्कालीन छात्र संघ अध्यक्ष श्याम मिश्रा ने महिला के समर्थन में पुलिस के खिलाफ आंदोलन शुरू किया। स्थानीय विवरण के अनुसार, कई दिनों तक हिंसा हुई और कर्फ्यू लगाना पड़ा था। राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं निर्देशक सुधीर मिश्रा सुधीर मिश्रा हिंदी सिनेमा के चर्चित निर्देशकों में शामिल हैं। उनकी पहली निर्देशित फिल्म ‘ये वो मंजिल तो नहीं’ 1987 में आई थी, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। उन्होंने ‘मैं जिंदा हूं’, ‘धारावी’, ‘इस रात की सुबह नहीं’, ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’, ‘कलकत्ता मेल’, ‘चमेली’, ‘खोया खोया चांद’, ‘ये साली जिंदगी’, ‘इंकार’, ‘दास देव’, ‘सीरियस मेन’ और ‘अफवाह’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी वेब सीरीज में ‘होस्टेजेस’, ‘तनाव’ और ‘जहानाबाद – ऑफ लव एंड वॉर’ शामिल हैं। ————- ये भी पढ़ें- बसपा में वापसी के बाद पहली-बार मायावती संग दिखे आकाश: कांशीराम की तस्वीर पर फूल चढ़ाए; बुआ ने फोन कर दिल्ली से बुलाया बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को BSP के संस्थापक कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। भतीजे आकाश आनंद भी उनके साथ नजर आए। मायावती की तरफ से माफ किए जाने और पार्टी में वापसी के बाद यह पहला मौका है, जब आकाश बुआ मायावती के साथ दिखाई दिए। पढ़िए पूरी खबर…
धलसिम मैं नहीं, मेरी किस्मत लेकर आई:विद्युत जामवाल बोले- मुझे ढूंढते-ढूंढते दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स में शामिल किया

एक तरफ ‘स्ट्रीट फाइटर’ की दुनिया, दूसरी तरफ हॉलीवुड के बड़े-बड़े नाम और इनके बीच भारत का एक ऐसा एक्टर, जिसने अपनी पहचान किसी फिल्मी खानदान या स्टारडम से नहीं, बल्कि अपनी बॉडी, ब्रीदिंग और मार्शल आर्ट्स से बनाई। विद्युत जामवाल अब धलसिम बनकर ग्लोबल स्क्रीन पर उतर रहे हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि विद्युत इस किरदार को कोई बहुत बड़ा चैलेंज मानते ही नहीं। उनके लिए ढालसिम का मिलना कुछ ऐसा था, जैसे किस्मत ने दरवाजा खटखटाया और उन्होंने बस दरवाजा खोल दिया। लास वेगास में गायत्री मंत्र से लेकर जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स के साथ बिताए 45 दिनों तक, धलसिम के गंजे लुक से लेकर टाइगर श्रॉफ के साथ आने वाली फिल्म तक- विद्युत ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कई ऐसी बातें कहीं, जिनमें उनका एक्शन स्टार वाला अंदाज भी है और जिंदगी को देखने का बिल्कुल अलग नजरिया भी। सवाल: जब ‘स्ट्रीट फाइटर’ के धलसिम का ऑफर आया तो क्या लगा- ‘ये किरदार तो मेरे लिए ही बना है’ या फिर सामने एक बड़ा चैलेंज दिखा? जवाब: चैलेंज तो बिल्कुल नहीं लगा। डायरेक्टर ने मुझे फोन किया तो उन्होंने मेरे बारे में पूरी रिसर्च की हुई थी। उन्हें पता था कि मैं कौन हूं और मैं इस किरदार के साथ क्या कर सकता हूं। वो कॉल ही बहुत बेहतरीन था। मुझे लगा कि किस्मत बहुत अच्छी चीज है। आप बस थम जाइए, चीजें अपने आप आपके पास पहुंचती रहेंगी। मेरे लिए शायद यही फॉर्मूला काम कर गया। उन्हें दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स की तलाश थी और उन्होंने मुझे तलाश लिया। योग और कलरीपायट्टु का जो मिश्रण इस किरदार में है, वो मेरे लिए कमाल था। सवाल: धलसिम और विद्युत में सबसे बड़ा फर्क क्या है और सबसे बड़ा कनेक्शन क्या है? जवाब: फर्क ये है कि धलसिम बाल-बच्चों वाला आदमी है। उसकी पत्नी है, बच्चे हैं। लेकिन हम दोनों में एक खूबी बहुत मिलती है- वो दूसरों के लिए लड़ता है, अपने लिए नहीं। मेरे लिए भी लड़ाई के पीछे कोई मकसद होना चाहिए। कोई कारण नहीं है तो लड़ने की जरूरत ही क्या है? सवाल: धलसिम के किरदार में आपका योग, मेडिटेशन, ब्रीदिंग और कंट्रोल भी दिखाई देता है। क्या आपको लगता है कि आज के युवाओं को भी इन चीजों की जरूरत है? जवाब: यूथ को जो करना है, वो करना चाहिए। उन्हें जो फॉलो करना है, वो करें। वो होशियार हैं, समझदार हैं। सवाल: लेकिन आज की जनरेशन के आसपास इतना शोर है कि खुद पर कंट्रोल रखना मुश्किल है। ऐसे में वो दुनिया में भारत का नाम कैसे रोशन करेंगे? जवाब: शायद ये चीजें उनमें नहीं होंगी, तभी तो वो दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। हमसे पुरानी पीढ़ियां इन्हीं चीजों को पाने के चक्कर में काफी समय लगा चुकी हैं। आज की जनरेशन बहुत उम्दा है। इनके दिमाग अलग हैं, इनकी सोच अलग है। हमारा सिर्फ एक काम है- इनकी सोच को मत रोको। इन्हें उड़ने दो। अगर आपके बच्चे हैं तो उनसे कहिए- ‘तुम जो करना चाहते हो करो, मैं संभाल लूंगा।’ बस इतना याद रखना कि कुछ चीजें दायरे में की जाती हैं। और वो दायरा ये बच्चे जानते हैं। सवाल: आप योग, कलरीपायट्टु, ब्रीदिंग और खुद को जानने की बात करते हैं। असल में यूथ को इनमें से क्या सीखना चाहिए? जवाब: हमने इन सबको अलग-अलग नाम दे दिए हैं- डिसिप्लिन, योग वगैरह। असल में ये सिर्फ खुद को जानने की कोशिश है। आप योग से खुद को जानें, मार्शल आर्ट्स से जानें, आर्ट से जानें या कुकिंग से। बस खुद को जानने की कोशिश रुकनी नहीं चाहिए। आप खुद को जितना जान जाएंगे, किसी को कुछ समझाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योग इसलिए अच्छा माध्यम है क्योंकि वो आपको बेसिक्स सिखाता है- आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार। कैसे सांस लेनी है, कैसे बैठना है, कैसे चलना है। जिसे सही चलना और बैठना आ गया, वो सही सोचना भी सीख सकता है। सवाल: लास वेगास में ट्रेलर लॉन्च के दौरान आपने गायत्री मंत्र, सूर्य और चंद्र का पाठ किया। वहां मौजूद हॉलीवुड सितारे आपको देखते रह गए। उस वक्त आपके दिमाग में क्या चल रहा था? जवाब: दरअसल, मैं पहला आदमी था जिसे माइक दे दिया गया था। मुझे लगा कि जब डर लगे तो गायत्री मंत्र का जाप कर लेना चाहिए। गायत्री मंत्र हो गया तो लगा कि अब सूर्य चालीसा भी पढ़ लो और फिर चंद्र भी कर ही लो! लेकिन जिस तरह वहां पूरा माहौल शांत हो गया, वो बहुत अच्छा था। कई चीजों को भाषा की जरूरत नहीं होती। वो सिर्फ एक एहसास होता है। इन मंत्रों में वो शक्ति है जो आपको शांत कर देती है। वहां बैठे हर आदमी के अंदर एक शांति आ गई थी। बहुत अच्छी फीलिंग थी। सवाल: जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स जैसे बड़े नाम एक ही सेट पर हों तो क्या वहां स्टारडम का माहौल रहता था? जवाब: फनी या सीरियस जैसा कुछ नहीं था। सब दिग्गज हैं। 50 सेंट, रोमन रेंस, जेसन मोमोआ, कोडी रोड्स- इनके साथ बैठना और नॉर्मल बातें करना बहुत सहज था। आपने जिंदगी में क्या किया है, वो अलग बात है और आप असल में क्या हैं, वो अलग चीज है। आप जैसे हैं वैसे रहें तो सब सही रहता है। कभी मजाक हुआ तो सब हंसे। सब कुछ बहुत नॉर्मल था। सवाल: इंडिया को लेकर भी इन सितारों से बातचीत हुई? जवाब: ये लोग इंडिया कई बार आ चुके हैं और इंडियंस को जानते हैं। रोमन रेंस को इंडिया बहुत पसंद है। उसके मुताबिक डब्ल्यूडब्ल्यूई की असली ऑडियंस इंडिया ही है। उसने यहां का पागलपन देखा है। कोडी की इंडिया आने की दिली तमन्ना है। 50 सेंट ने इंडिया में कई शोज किए हैं। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी बात ये थी कि मैं एक ऐसे मार्शल आर्टिस्ट को रिप्रेजेंट कर रहा था जिसने इस पारंपरिक कला में काम किया है। उनके साथ 45 दिन बिताने के बाद इंसान की असलियत दिख जाती है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि दुनिया में हर इंडियन मार्शल आर्टिस्ट की कद्र होगी। सवाल: धलसिम के गंजे लुक पर घरवालों और दोस्तों









