Saturday, 07 Nov 2026 | 06:25 PM

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‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म’:CID के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर 'ACP प्रद्युम्न' हुए इमोशनल, बोले- उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था

‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म’:CID के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर 'ACP प्रद्युम्न' हुए इमोशनल, बोले- उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था

CID में ACP प्रद्युम्न का किरदार निभाने वाले एक्टर शिवाजी साटम ने शो के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर दुख जताया। बीपी सिंह का मंगलवार को हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया। शिवाजी साटम ने उन्हें अपना मेंटर, दोस्त और शिक्षक बताया। उन्होंने कहा कि बीपी सिंह के निधन के बाद उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया। CID में दया का किरदार निभाने वाले दयानंद शेट्टी और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी बीपी सिंह को श्रद्धांजलि दी। शिवाजी साटम ने वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया। वह महान इंसान और अच्छे दोस्त थे। मैंने उनसे सब कुछ सीखा। मैं थिएटर से आया था और स्टेज पर एक्टिंग करना जानता था। लेकिन बीपी सिंह ने मुझे कैमरे के सामने एक्टिंग करना सिखाया। साटम ने बताया कि CID की टीम ने एक ही टेक में 111 मिनट लंबा एपिसोड शूट कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने कहा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद सिंह लगातार काम करते रहे। हार्ट सर्जरी के सिर्फ तीन महीने बाद वह जंगल में कैमरा लेकर चेज सीक्वेंस शूट कर रहे थे। साटम ने बताया कि दूसरी सर्जरी के छह-सात महीने बाद सिंह ने 111 मिनट का सिंगल-शॉट एपिसोड तैयार किया। उन्होंने कैमरामैन नितिन राव को पूरे शूट के दौरान मार्गदर्शन दिया था। बता दें कि इस उपलब्धि को ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया था। शिवाजी साटम ने भारतीय टेलीविजन में बीपी सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा, “उन जैसे इंसान को पद्मश्री मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें इसकी कभी परवाह नहीं रही। वह कहते थे, ‘छोड़ो, इससे क्या फर्क पड़ता है? हमारे दर्शक हमारे साथ हैं, है ना?’ आज भी दर्शक हमारे साथ हैं। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।” दयानंद शेट्टी ने भी दी श्रद्धांजलि दयानंद शेट्टी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बीपी सिंह को याद किया। शेट्टी ने कहा, “बीपी सिंह जी की जिंदगी में कंटेंट बनाने के अलावा कुछ और नहीं था। वह अपने काम के लिए समर्पित थे और उनमें बहुत जुनून था।” उन्होंने कहा, “वह हमारे सबसे अच्छे कैमरामैन में से एक थे। वह काफी समय से बीमार थे और मंगलवार सुबह नहीं उठे।” शेट्टी ने बताया कि सिंह का निधन उम्र से जुड़ी वजहों के कारण हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सिंह लंबे समय से अस्वस्थ थे। देहरादून में हुआ था जन्म, 1998 में शुरू किया था ‘सीआईडी’ बीपी सिंह का जन्म 1949 में देहरादून में हुआ था। उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से पढ़ाई की। साल 1973 में उन्होंने दूरदर्शन में न्यूज कैमरामैन के तौर पर करियर शुरू किया। करीब 10 साल तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई आ गए। उन्होंने दूरदर्शन के लिए मर्डर मिस्ट्री फिल्म ‘सिर्फ चार दिन’ बनाई। इस दौरान पुलिस की क्राइम ब्रांच में उनकी दिलचस्पी बढ़ी। बाद में उन्होंने ‘एक शून्य शून्य’ और कई मराठी सीरियल भी बनाए। साल 1995 में उनका हॉरर शो ‘आहट’ प्रसारित होना शुरू हुआ। शुरुआत में यह सस्पेंस पर आधारित था, लेकिन बाद में इसमें भूत-प्रेत की कहानियां भी दिखाई जाने लगीं। साल 1998 में उन्होंने ‘सीआईडी’ की शुरुआत की। इस शो में बीपी सिंह ने केवल निर्माण और निर्देशन ही नहीं किया, बल्कि समय-समय पर डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। साल 2010 में उनके शो की ओर से ‘सीआईडी गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी की गई थी। उन्होंने ‘गुटुर गू’, ‘रात होने को है’, ‘सूर्या द सुपर कॉप’ और ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपरविलेन्स’ जैसे शो भी बनाए। साथ ही, वेब सीरीज ‘अभय’ को भी प्रोड्यूस किया था। बैंक से लोन मिला, उसी पैसे से बनाया CID का पायलट एपिसोड शो CID बनाने वाले बीपी सिंह का सफर आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें कई साल तक काम नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। देवांग भट्ट को दिए इंटरव्यू में बीपी सिंह ने अपने संघर्ष, CID की शुरुआत और शो के कलाकारों से जुड़े कई दिलचस्प किस्से सुनाए थे। बीपी सिंह ने बताया था कि उनके करियर में सफलता और मुश्किलें, दोनों आईं। उनका एक मराठी सीरियल काफी हिट हुआ था, लेकिन 31 एपिसोड के बाद वह बंद हो गया। इसके बाद करीब चार-पांच साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। जब बैंक से मिला 40 लाख रुपए का लोन बीपी सिंह ने इंटरव्यू में एक दिलचस्प किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया था कि एक दिन उनके घर पर सिटी बैंक का एक कर्मचारी आया। उसने कहा कि बैंक उन्हें लोन देना चाहता है। दरअसल, बीपी सिंह ने पहले कार लोन लिया था और उसकी सभी किस्तें समय पर चुकाई थीं। इसी वजह से बैंक ने उन्हें पर्सनल लोन देने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में बीपी सिंह को भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन बैंक कर्मचारी ने उन्हें सोचने का समय दिया और दोबारा घर आया। आखिरकार, उन्हें करीब 40 लाख रुपए का लोन मिला। उन्होंने अपनी बचत के करीब पांच लाख रुपए भी इसमें जोड़ दिए। इस तरह लगभग 45 लाख रुपए जुटाकर उन्होंने CID का पायलट एपिसोड बनाया। बीपी सिंह ने इस मदद को अपने मुश्किल समय में मिली बड़ी राहत बताया था। एक डॉक्टर की बात से आया CID का आइडिया बीपी सिंह ने बताया कि CID का विचार उन्हें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी एक बातचीत के दौरान आया था। उनकी मुलाकात एक फॉरेंसिक डॉक्टर फतनानी से हुई थी। डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि मुर्दा कभी झूठ नहीं बोलेगा, जिनसे अपराध का पता लगाया जा सकता है। यह बात बीपी सिंह को बेहद दिलचस्प लगी। उन्होंने सोचा कि अगर इन वैज्ञानिक तरीकों को कहानियों के जरिए दिखाया जाए, तो दर्शकों को कुछ नया देखने को मिलेगा। इसके बाद उन्होंने फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी किताबें पढ़ीं। उन्होंने अपने लेखकों को भी इस बारे में जानकारी दी। इसी सोच ने CID की कहानियों को एक अलग पहचान दी। शिवाजी साटम और दया की कास्टिंग कैसी हुई थी बीपी सिंह ने बताया कि ACP प्रद्युम्न के किरदार के लिए शिवाजी साटम उनकी

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

टीवी शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री करुणा पांडे का अभिनय सफर थिएटर से फिल्मों और टीवी तक पहुंचा है। करीब साढ़े चार साल से चल रहे शो में पुष्पा को 28 साल बाद अपने उस बेटे के जिंदा होने का पता चला है, जिसे वह मृत समझती थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में करुणा ने शो की कहानी, इरफान खान की सलाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ पुरानी यादों, मुंबई में शुरुआती संघर्ष और राजश्री प्रोडक्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सवाल: ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की जिंदगी में आए इस नए मोड़ को आप कैसे देखती हैं? जवाब: 28 साल बाद पुष्पा को पता चलता है कि जिस बेटे को वह भूकंप के दौरान अस्पताल के इनक्यूबेटर में मरा हुआ समझती थी, वह जिंदा है। दूसरी ओर, बेटा सोचता है कि उसकी मां ने कभी उसे जानने या अपनाने की कोशिश नहीं की। दोनों के बीच गलतफहमी है, जिसे दूर करना चुनौतीपूर्ण है। सवाल: शो की सफलता का श्रेय किसे देंगी? जवाब: इसका श्रेय किस्मत, प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया, डायरेक्टर प्रदीप यादव, सोनी सब, राइटर्स, पूरी कास्ट और क्रू को जाता है। सभी ने मिलकर शो को यहां तक पहुंचाया है। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में आने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरे पिता आर्मी में थे, इसलिए हर दो साल में उनकी पोस्टिंग बदलती थी। बचपन से डांस का शौक था। चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ में डांस सिखाती थी। मेरी बहन ने थिएटर में मास्टर्स करने की सलाह दी। मैंने चंडीगढ़ में एक्टिंग की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम सेंटर की रेपर्टरी में एक साल और एनएसडी की रेपर्टरी में एक साल काम किया। 2005 में मुंबई आ गई। मेरे माता-पिता और बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। पिता ने डांस की प्रैक्टिस के लिए मुझे अलग कमरा तक दिया था। सवाल: इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अमित कुमार की शॉर्ट फिल्म ‘द बायपास’ में मेरा छोटा-सा रोल था। इसी फिल्म में इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग रेगिस्तान में हुई थी। हम रेत पर कपड़ा बिछाकर बैठते थे। उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस होता था। हालांकि, उस समय हमारी क्या बातचीत हुई थी, यह मुझे याद नहीं है। बाद में ‘मोटिचूर चकनाचूर’ के दौरान नवाज ने बताया कि ‘द बायपास’ के सेट पर इरफान मुझे छेड़ा करते थे। मैं तब बच्चों जैसी थी और मुझे याद नहीं कि वह क्या कहते थे। शायद पानी या किसी और चीज को लेकर कुछ कहते थे। मैं तब भी बच्चों जैसी थी और आज भी हूं। इतने साल बाद भी मुझे वैसा देखकर नवाज ने पूछा था कि मैं अब तक वैसी ही कैसे हूं। सवाल: इरफान खान ने आपको मुंबई आने की सलाह कब दी थी? जवाब: जब मैं एनएसडी रिपर्टरी में थी, तब इरफान भाई वहां आए थे। मैंने उन्हें अपना पोर्टफोलियो दिखाया। उन्होंने कहा, ‘यहां क्या घूम रही हो, इसको लेकर बंबई जाओ।’ उनकी बात मेरे मन में रह गई। 2005 में रिपर्टरी का काम पूरा होने के बाद मुंबई आने का फैसला कर लिया। मैं उनकी आभारी हूं। सवाल: ‘मोटिचूर चकनाचूर’ में काम कैसे मिला? जवाब: फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। आखिरी दौर में ऑडिशन के बाद मेरा और नवनी परिहार का चयन हुआ। बुंदेलखंडी लहजे की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मैं जल्दी एक्सेंट पकड़ लेती हूं। भोपाल में नवाज के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला। सवाल: मुंबई आने के बाद पहली फिल्म कैसे मिली? जवाब: मुंबई पहुंचने के अगले ही दिन मैंने राम गोपाल वर्मा की प्रोडक्शन फिल्म ‘जेम्स’ के लिए ऑडिशन दिया। फिल्म का डायरेक्शन रोहित जुगरा‍ज ने किया था। कुछ ही दिनों में शूटिंग शुरू हो गई। मेरा रोल छोटा था, लेकिन मैंने बाइक के स्टंट खुद किए। उस समय मेरे पिता को कैंसर था, इसलिए काम मिलना मेरे लिए बहुत अहम था। सवाल: राजश्री प्रोडक्शन के साथ आपका सफर कैसा रहा? जवाब: टीवी पर मेरी शुरुआत ‘वो रहने वाली महलों की’ से हुई। इसके बाद ‘यहां मैं घर घर खेली’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे शो किए। फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में भी काम किया। ‘भागे रे मन’ में लीड रोल निभाया और ‘देवांशी’ में निगेटिव रोल किया। सवाल: जिंदगी और काम को लेकर आपका नजरिया क्या है? जवाब: मैं भौतिक चीजों के पीछे नहीं भागती। मुझे लगता है कि जिंदगी अस्थायी है। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन हर चीज हासिल करने की बेचैनी नहीं है। मैं आज भी अपने अंदर के बच्चे को जिंदा रखती हूं और जिंदगी को सहजता से जीने की कोशिश करती हूं।

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

टीवी शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री करुणा पांडे का अभिनय सफर थिएटर से फिल्मों और टीवी तक पहुंचा है। करीब साढ़े चार साल से चल रहे शो में पुष्पा को 28 साल बाद अपने उस बेटे के जिंदा होने का पता चला है, जिसे वह मृत समझती थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में करुणा ने शो की कहानी, इरफान खान की सलाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ पुरानी यादों, मुंबई में शुरुआती संघर्ष और राजश्री प्रोडक्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सवाल: ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की जिंदगी में आए इस नए मोड़ को आप कैसे देखती हैं? जवाब: 28 साल बाद पुष्पा को पता चलता है कि जिस बेटे को वह भूकंप के दौरान अस्पताल के इनक्यूबेटर में मरा हुआ समझती थी, वह जिंदा है। दूसरी ओर, बेटा सोचता है कि उसकी मां ने कभी उसे जानने या अपनाने की कोशिश नहीं की। दोनों के बीच गलतफहमी है, जिसे दूर करना चुनौतीपूर्ण है। सवाल: शो की सफलता का श्रेय किसे देंगी? जवाब: इसका श्रेय किस्मत, प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया, डायरेक्टर प्रदीप यादव, सोनी सब, राइटर्स, पूरी कास्ट और क्रू को जाता है। सभी ने मिलकर शो को यहां तक पहुंचाया है। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में आने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरे पिता आर्मी में थे, इसलिए हर दो साल में उनकी पोस्टिंग बदलती थी। बचपन से डांस का शौक था। चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ में डांस सिखाती थी। मेरी बहन ने थिएटर में मास्टर्स करने की सलाह दी। मैंने चंडीगढ़ में एक्टिंग की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम सेंटर की रेपर्टरी में एक साल और एनएसडी की रेपर्टरी में एक साल काम किया। 2005 में मुंबई आ गई। मेरे माता-पिता और बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। पिता ने डांस की प्रैक्टिस के लिए मुझे अलग कमरा तक दिया था। सवाल: इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अमित कुमार की शॉर्ट फिल्म ‘द बायपास’ में मेरा छोटा-सा रोल था। इसी फिल्म में इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग रेगिस्तान में हुई थी। हम रेत पर कपड़ा बिछाकर बैठते थे। उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस होता था। हालांकि, उस समय हमारी क्या बातचीत हुई थी, यह मुझे याद नहीं है। बाद में ‘मोटिचूर चकनाचूर’ के दौरान नवाज ने बताया कि ‘द बायपास’ के सेट पर इरफान मुझे छेड़ा करते थे। मैं तब बच्चों जैसी थी और मुझे याद नहीं कि वह क्या कहते थे। शायद पानी या किसी और चीज को लेकर कुछ कहते थे। मैं तब भी बच्चों जैसी थी और आज भी हूं। इतने साल बाद भी मुझे वैसा देखकर नवाज ने पूछा था कि मैं अब तक वैसी ही कैसे हूं। सवाल: इरफान खान ने आपको मुंबई आने की सलाह कब दी थी? जवाब: जब मैं एनएसडी रिपर्टरी में थी, तब इरफान भाई वहां आए थे। मैंने उन्हें अपना पोर्टफोलियो दिखाया। उन्होंने कहा, ‘यहां क्या घूम रही हो, इसको लेकर बंबई जाओ।’ उनकी बात मेरे मन में रह गई। 2005 में रिपर्टरी का काम पूरा होने के बाद मुंबई आने का फैसला कर लिया। मैं उनकी आभारी हूं। सवाल: ‘मोटिचूर चकनाचूर’ में काम कैसे मिला? जवाब: फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। आखिरी दौर में ऑडिशन के बाद मेरा और नवनी परिहार का चयन हुआ। बुंदेलखंडी लहजे की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मैं जल्दी एक्सेंट पकड़ लेती हूं। भोपाल में नवाज के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला। सवाल: मुंबई आने के बाद पहली फिल्म कैसे मिली? जवाब: मुंबई पहुंचने के अगले ही दिन मैंने राम गोपाल वर्मा की प्रोडक्शन फिल्म ‘जेम्स’ के लिए ऑडिशन दिया। फिल्म का डायरेक्शन रोहित जुगरा‍ज ने किया था। कुछ ही दिनों में शूटिंग शुरू हो गई। मेरा रोल छोटा था, लेकिन मैंने बाइक के स्टंट खुद किए। उस समय मेरे पिता को कैंसर था, इसलिए काम मिलना मेरे लिए बहुत अहम था। सवाल: राजश्री प्रोडक्शन के साथ आपका सफर कैसा रहा? जवाब: टीवी पर मेरी शुरुआत ‘वो रहने वाली महलों की’ से हुई। इसके बाद ‘यहां मैं घर घर खेली’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे शो किए। फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में भी काम किया। ‘भागे रे मन’ में लीड रोल निभाया और ‘देवांशी’ में निगेटिव रोल किया। सवाल: जिंदगी और काम को लेकर आपका नजरिया क्या है? जवाब: मैं भौतिक चीजों के पीछे नहीं भागती। मुझे लगता है कि जिंदगी अस्थायी है। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन हर चीज हासिल करने की बेचैनी नहीं है। मैं आज भी अपने अंदर के बच्चे को जिंदा रखती हूं और जिंदगी को सहजता से जीने की कोशिश करती हूं।

इमरान खान को देश छोड़ने के नोटिस पर राहत:हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक रोक लगाई; केंद्र सरकार ने दिया कार्रवाई न करने का आश्वासन

इमरान खान को देश छोड़ने के नोटिस पर राहत:हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक रोक लगाई; केंद्र सरकार ने दिया कार्रवाई न करने का आश्वासन

अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। केंद्र सरकार की ओर से 28 अक्टूबर तक लीव इंडिया नोटिस पर हाईकोर्ट ने 2 नवंबर दोपहर 3 बजे तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई करते हुए अगली तारीख तय की। केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिया है कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अमेरिकी नागरिक और OCI कार्ड धारक इमरान खान ने FRRO के इस नोटिस को मनमाना बताते हुए याचिका दायर की थी। केंद्र ने मांगा समय, कोर्ट ने 2 नवंबर तक टाली सुनवाई लीगल पोर्टल बार एंड बेंच के मुताबिक, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। इमरान के वकील वेंकटेश धोंड ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि नोटिस के अनुसार उनके मुवक्किल को मंगलवार तक देश छोड़ना था। इस पर ASG ने मौखिक आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद पीठ ने नोटिस के अमल को 2 नवंबर तक स्थगित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी। CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे यह पूरा मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। SIR के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहने के कारण मुंबई पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और चचेरी बहन जैन मैरी खान को हिरासत में ले लिया था। 14 अक्टूबर को मिला देश छोड़ने का नोटिस हिरासत में लिए जाने के चार दिन बाद, 14 अक्टूबर को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान खान को लीव इंडिया नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ इमरान ने अपने वकीलों ज़ुलफिकार मेमन, परवेज़ मेमन और कुणाल वजानी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया है कि कोई भी आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और न ही कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस की प्रक्रिया का पालन किया गया। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के दिया गया यह आदेश पूरी तरह से असंगत और मनमाना है। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। इमरान की कमबैक फिल्म की रिलीज पर असर मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की कमबैक फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ की रिलीज और प्रमोशन पर असर पड़ सकता है। फिल्म को दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना थी। इमरान दिवाली के बाद इसका प्रमोशन शुरू करने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात के कारण योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की टीम स्थिति साफ होने तक प्रमोशन शुरू नहीं करना चाहती। हालांकि, फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अब तक सामने नहीं आई है। इमरान आखिरी बार 2015 में आई फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में नजर आए थे। करीब 11 साल बाद वह भूमि पेडनेकर के साथ फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ से वापसी करने वाले हैं।

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री के स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री के स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

एक्ट्रेस ईशा देओल ने जया बच्चन और अपनी मां हेमा मालिनी के साथ पैपराजी के व्यवहार और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। ईशा ने कहा कि पैपराजी के व्यवहार के लिए सिर्फ तस्वीरें खींचने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इसके पीछे काम करने वाली एजेंसियों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी है। ‘तस्वीरें खींचने वाले लड़के की व्यक्तिगत गलती नहीं’ ईशा ने एक बातचीत में कहा, “एक बच्चा बड़ा होकर टीनएजर बनता है। अगर वह अच्छे से बर्ताव नहीं करता, तो आप किसे दोष देते हैं? माता-पिता को। कहते हैं कि उसकी परवरिश ठीक से नहीं हुई।” उन्होंने आगे कहा कि पैपराजी कल्चर में भी कुछ बड़े लोग हैं, जो तस्वीरें खींचने वालों को कंट्रोल करते हैं और उन्हें निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक, एजेंसियां ज्यादा लाइक्स और सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पाने के लिए इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देती हैं। ईशा ने कहा कि इस समस्या की असली वजह को समझने और सुधारने की जरूरत है। ‘इंडस्ट्री के स्तंभों का सम्मान करना चाहिए’ ईशा ने कहा कि एक परिवार के तौर पर हम इन सब चीजों से गुजर चुके हैं। अगर आप मुझसे सच पूछें, तो मुझे यह बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं लगता। बिना किसी का नाम लिए कहूं, तो ये सभी लोग हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने ही आपको सिनेमा दिया है। इसलिए उन्हें वह सम्मान दीजिए, जिसके वे हकदार हैं। ईशा ने यह भी कहा कि कुछ कलाकार पैपराजी के साथ हंसी-मजाक करना पसंद करते हैं, लेकिन हर किसी के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपनी सीमाएं समझने और दूसरों की सहजता का सम्मान करने की अपील की। जया पैपराजी के व्यवहार पर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं जया बच्चन सार्वजनिक जगहों पर पैपराजी के व्यवहार और अपनी प्राइवेसी को लेकर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं। एक फैशन शो में उन्होंने पैपराजी को चुपचाप तस्वीरें लेने की हिदायत दी थी। बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में जब जया से सवाल पूछा गया कि आपका मीडिया से कैसा रिश्ता है? तो इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, “मेरा मीडिया के साथ रिश्ता बहुत अच्छा है। यह सच है कि मैं खुद मीडिया की ही देन हूं, लेकिन मेरा पैपराजी से कोई रिश्ता नहीं है, वह जीरो है। ये लोग कौन हैं? क्या ये इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं? आप इन्हें मीडिया कहते हैं?” जनवरी में हेमा मालिनी की ट्रोलिंग हुई थी वहीं, जनवरी 2026 में मथुरा में सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान हेमा मालिनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बिना मुस्कुराए छात्रों को मेडल बांटती नजर आईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को ट्रोल किया था। इसके बाद मुंबई में BMC चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं हेमा ने पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा था, “मैं मुस्कुरा रही हूं, ठीक है? अब शिकायत मत करना कि मैं मुस्कुराती नहीं हूं।”

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री की स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री के स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

एक्ट्रेस ईशा देओल ने जया बच्चन और अपनी मां हेमा मालिनी के साथ पैपराजी के व्यवहार और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। ईशा ने कहा कि पैपराजी के व्यवहार के लिए सिर्फ तस्वीरें खींचने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इसके पीछे काम करने वाली एजेंसियों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी है। ‘तस्वीरें खींचने वाले लड़के की व्यक्तिगत गलती नहीं’ ईशा ने IANS के साथ बातचीत में कहा, “एक बच्चा बड़ा होकर टीनएजर बनता है। अगर वह अच्छे से बर्ताव नहीं करता, तो आप किसे दोष देते हैं? माता-पिता को। कहते हैं कि उसकी परवरिश ठीक से नहीं हुई।” उन्होंने आगे कहा कि पैपराजी कल्चर में भी कुछ बड़े लोग हैं, जो तस्वीरें खींचने वालों को कंट्रोल करते हैं और उन्हें निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक, एजेंसियां ज्यादा लाइक्स और सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पाने के लिए इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देती हैं। ईशा ने कहा कि इस समस्या की असली वजह को समझने और सुधारने की जरूरत है। ‘इंडस्ट्री के स्तंभों का सम्मान करना चाहिए’ ईशा ने कहा कि एक परिवार के तौर पर हम इन सब चीजों से गुजर चुके हैं। अगर आप मुझसे सच पूछें, तो मुझे यह बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं लगता। बिना किसी का नाम लिए कहूं, तो ये सभी लोग हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने ही आपको सिनेमा दिया है। इसलिए उन्हें वह सम्मान दीजिए, जिसके वे हकदार हैं। ईशा ने यह भी कहा कि कुछ कलाकार पैपराजी के साथ हंसी-मजाक करना पसंद करते हैं, लेकिन हर किसी के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपनी सीमाएं समझने और दूसरों की सहजता का सम्मान करने की अपील की। जया पैपराजी के व्यवहार पर नाराजगी जता चुकी हैं जया बच्चन सार्वजनिक जगहों पर पैपराजी के व्यवहार और अपनी प्राइवेसी को लेकर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं। एक फैशन शो में उन्होंने पैपराजी को चुपचाप तस्वीरें लेने की हिदायत दी थी। बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में जब जया से सवाल पूछा गया था कि आपका मीडिया से कैसा रिश्ता है? तो इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, “मेरा मीडिया के साथ रिश्ता बहुत अच्छा है। यह सच है कि मैं खुद मीडिया की ही देन हूं, लेकिन मेरा पैपराजी से कोई रिश्ता नहीं है, वह जीरो है। ये लोग कौन हैं? क्या ये इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं? आप इन्हें मीडिया कहते हैं?” जनवरी में हेमा मालिनी की ट्रोलिंग हुई थी वहीं, जनवरी 2026 में मथुरा में सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान हेमा मालिनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बिना मुस्कुराए छात्रों को मेडल बांटती नजर आईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को लेकर उन्हें ट्रोल किया था। इसके बाद मुंबई में BMC चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं हेमा ने पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा था, “मैं मुस्कुरा रही हूं, ठीक है? अब शिकायत मत करना कि मैं मुस्कुराती नहीं हूं।”

CID शो बनाने वाले बीपी सिंह का हार्ट-अटैक से निधन:सुबह ली अंतिम सांस; 'आहट' शो से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान

CID शो बनाने वाले बीपी सिंह का हार्ट-अटैक से निधन:सुबह ली अंतिम सांस; 'आहट' शो से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान

टीवी शो ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह (बीपी सिंह) का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर यह जानकारी दी। अशोक पंडित ने बताया कि बीपी सिंह को सुबह बड़ा हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर को किया जाएगा। दो दशकों तक चले अपराध आधारित शो ‘सीआईडी’ से बीपी सिंह को देशभर में पहचान मिली थी। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि बीपी सिंह एक बेहतरीन निर्माता-निर्देशक थे, जिन्होंने ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ जैसे शोज के जरिए दर्शकों को बांधकर रखा। इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान अशोक पंडित उनके साथ करीबी रूप से काम कर चुके थे। अशोक पंडित ने बीपी सिंह के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। देहरादून में हुआ था जन्म, 1998 में शुरू किया था ‘सीआईडी’ देहरादून में जन्मे बृजेंद्र पाल सिंह ने भारतीय टेलीविजन को सबसे लंबे समय तक चलने वला क्राइम शो ‘सीआईडी’ बनाया था। यह शो साल 1998 में शुरू हुआ था और लगातार दो दशकों तक प्रसारित हुआ। इस शो में बीपी सिंह ने केवल निर्माण और निर्देशन ही नहीं किया, बल्कि समय-समय पर डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। साल 2010 में उनके शो की ओर से ‘सीआईडी गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी की गई थी। ‘आहट’ से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान बीपी सिंह का योगदान केवल ‘सीआईडी’ तक सीमित नहीं था। उन्होंने साल 1995 में हॉरर शो ‘आहट’ की शुरुआत की थी, जो 2015 तक टीवी पर प्रसारित हुआ। भारतीय टेलीविजन पर हॉरर जॉनर को स्थापित करने में इस शो की बड़ी भूमिका रही। इसके अलावा उन्होंने ‘खाकी’, ‘अभय’ और ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन्स’ जैसे कई चर्चित शोज का निर्माण और निर्देशन किया था। 111 मिनट का सिंगल शॉट एपिसोड, गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम बीपी सिंह ने ‘सीआईडी’ के जरिए टेलीविजन इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कराया था। अक्टूबर 2004 में उन्होंने शो का एक विशेष एपिसोड बिना किसी कट के लगातार 111 मिनट के सिंगल शॉट में शूट किया था। इस प्रयोग के लिए शो का नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया था। किसी टीवी शो में इतने लंबे समय तक बिना रुके शूटिंग करने का यह अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड था।

सिंगर नील यंग ने ट्रम्प की टीम पर किया केस:बिना अनुमति गाना बजाने पर मांगे ₹95 करोड़; 2020 में भी किया था मुकदमा

सिंगर नील यंग ने ट्रम्प की टीम पर किया केस:बिना अनुमति गाना बजाने पर मांगे ₹95 करोड़; 2020 में भी किया था मुकदमा

अमेरिकी-कनाडाई सिंगर नील यंग ने सोमवार को डोनाल्ड ट्रम्प की पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ट्रम्प 47 कमेटी इंक. पर 10 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपए में लगभग 95.10 करोड़ रुपए का मुकदमा किया है। अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को ओहायो के यंग्सटाउन में कमेटी ने मिडटर्म चुनावी रैली में ट्रम्प के मंच पर आने के समय उनका गाना ‘रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड’ बजाया। यंग का कहना है कि इस गाने का इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस जरूरी था। उन्होंने कमेटी को ऐसा लाइसेंस नहीं दिया और न ही देने की इच्छा जताई। यह यंग की ट्रम्प के खिलाफ इसी गाने के बिना इजाजत इस्तेमाल को लेकर दूसरी कानूनी चुनौती है। यंग ने इससे पहले 2020 में ट्रम्प पर केस किया था, जिसे बाद में सेटलमेंट से सुलझा लिया गया था। नए मुकदमे में आरोप लगाया गया कि ट्रम्प ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए फिर से यह गाना बजाना शुरू कर दिया। गाने को लेकर नील यंग का पक्ष मुकदमे में कहा गया कि 1989 का यह गाना अमेरिकी राजनीतिक बयानों के खोखले वादों और गरीब, बेघर व भुला दिए गए लोगों की मुश्किल जिंदगी के बीच का फर्क दिखाता है। मुकदमे के मुताबिक, गाने के बोल सड़क पर दिखने वाली परेशानियों की तस्वीर पेश करते हैं। इनमें एक मां का अपने बच्चे को छोड़ना, निराशा में खोए नशे के आदी लोग और समृद्धि की छाया में जमा होता कचरा शामिल है। मुकदमे में कहा गया है कि बार-बार आने वाला कोरस ऐसी आजादी का जश्न मनाने की कड़वी विडंबना पेश करता है, जो साफ तौर पर सभी लोगों को नहीं मिली है। मुकदमे में कहा गया, “संक्षेप में, यह गाना डोनाल्ड ट्रम्प जिस चीज का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसके बिल्कुल उलट है।” यहा कहा गया कि ट्रम्प जानते थे कि यंग ने ऐसा लाइसेंस नहीं दिया है और न ही वह इसे देने वाले हैं। यंग ने 1960 के दशक में करियर शुरू किया था यंग का जन्म 12 नवंबर, 1945 को टोरंटो में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में लोक संगीत, रॉक और कंट्री म्यूजिक को एक अलग पहचान दी। उनके गानों में निजी जिंदगी के अनुभव और समाज से जुड़े मुद्दे नजर आते हैं। नील यंग ने 1960 के दशक में विन्निपेग से अपने संगीत करियर की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने कई छोटे बैंड के साथ काम किया। बाद में वह 1966 में लॉस एंजिल्स पहुंचे। यहां उन्होंने स्टीफन स्टिल्स के साथ रॉक बैंड ‘बफेलो स्प्रिंगफील्ड’ बनाया। 1968 में बैंड से अलग होने के बाद नील यंग ने सोलो करियर शुरू किया। 1969 में उन्होंने ‘क्रेजी हॉर्स’ बैंड के साथ काम किया। इसी दौरान उनका एल्बम ‘एवरीबडी नोज दिस इज नोवेयर’ रिलीज हुआ। इसके बाद ‘आफ्टर द गोल्ड रश’ (1970) और ‘हार्वेस्ट’ (1972) जैसे एल्बम ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। ‘हार्वेस्ट’ उनका सबसे सफल एल्बम माना जाता है। यंग ने ‘क्रॉस्बी, स्टिल्स, नैश एंड यंग’ सुपरग्रुप के साथ भी काम किया। इस ग्रुप का एल्बम ‘डेजा वू’ 1970 में रिलीज हुआ और काफी सफल रहा। उनका गीत ‘ओहायो’ 1970 में केंट स्टेट यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी की घटना के बाद लिखा गया था। यंग ने संगीत के अलावा फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने ‘बर्नार्ड शेकी’ नाम से कई फिल्मों का निर्देशन किया। उन्हें कई ग्रैमी और जूनो अवॉर्ड मिले। 1995 में उन्हें सोलो कलाकार के तौर पर रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। 1997 में बफेलो स्प्रिंगफील्ड के सदस्य के रूप में भी उन्हें यह सम्मान मिला।

शाहरुख की फिल्म ‘किंग’ का नया पोस्टर रिलीज:होंठों पर गुलाब, आंखों में गुस्सा दिखा, एक्टर ने लिखा- कातिल नहीं, आशिक हूं

शाहरुख की फिल्म ‘किंग’ का नया पोस्टर रिलीज:होंठों पर गुलाब, आंखों में गुस्सा दिखा, एक्टर ने लिखा- कातिल नहीं, आशिक हूं

शाहरुख खान ने अपकमिंग मूवी ‘किंग’ का नया पोस्टर मंगलवार को जारी किया है। पोस्टर में शाहरुख के होंठों के बीच गुलाब नजर आ रहा है। उनकी आंखों में गुस्सा और अंदाज में रोमांस दिख रहा है। पोस्टर से फिल्म में एक्शन और रोमांस का मेल होने के संकेत मिलते हैं। शाहरुख ने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “आज फिर याद आया… कातिल नहीं, आशिक हूं।” फिल्म 24 दिसंबर, 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘किंग’ का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म को रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स ने मिलकर बनाया है। फिल्म में शाहरुख एक नए एक्शन अवतार में नजर आएंगे। फिल्म में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, अनिल कपूर, अभय वर्मा और अरशद वारसी भी नजर आएंगे। किंग की कहानी एक मेंटर और शिष्य के सफर पर आधारित है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं। क्रिसमस 2026 में होगी बड़ी टक्कर किंग क्रिसमस 2026 के दौरान रिलीज होगी, जब जुमांजी, एवेंजर्स: डूम्सडे और ड्यून 3 जैसी हॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी। इस कॉम्पिटिशन को देखते हुए, फिल्म के लिए बड़े थिएटर रिलीज की प्लानिंग की जा रही है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में सामने आया था कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पेन मरुधर ने किंग के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स 250 करोड़ रुपए में खरीद लिए। बता दें कि पेन मरुधर का शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस के साथ पुराना संबंध रहा है। कंपनी पहले जवान, डंकी, जीरो, बदला और इत्तेफाक जैसी फिल्मों को रिलीज कर चुकी है। ए.ए. फिल्म्स, जियो स्टूडियोज, पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स, यशराज फिल्म्स और धर्मा प्रोडक्शंस जैसी कंपनियों ने भी फिल्म के डोमेस्टिक राइट्स के लिए बोली लगाई थी।

शाहरुख की फिल्म ‘किंग’ का नया पोस्टर रिलीज:होंठों पर गुलाब, आंखों में गुस्सा दिखा, एक्टर ने लिखा- कातिल नहीं, आशिक हूं

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शाहरुख खान ने अपकमिंग मूवी ‘किंग’ का नया पोस्टर मंगलवार को जारी किया है। पोस्टर में शाहरुख के होंठों के बीच गुलाब नजर आ रहा है। उनकी आंखों में गुस्सा और अंदाज में रोमांस दिख रहा है। पोस्टर से फिल्म में एक्शन और रोमांस का मेल होने के संकेत मिलते हैं। शाहरुख ने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “आज फिर याद आया… कातिल नहीं, आशिक हूं।” फिल्म 24 दिसंबर, 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘किंग’ का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म को रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स ने मिलकर बनाया है। फिल्म में शाहरुख एक नए एक्शन अवतार में नजर आएंगे। फिल्म में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, अनिल कपूर, अभय वर्मा और अरशद वारसी भी नजर आएंगे। किंग की कहानी एक मेंटर और शिष्य के सफर पर आधारित है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं। क्रिसमस 2026 में होगी बड़ी टक्कर किंग क्रिसमस 2026 के दौरान रिलीज होगी, जब जुमांजी, एवेंजर्स: डूम्सडे और ड्यून 3 जैसी हॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी। इस कॉम्पिटिशन को देखते हुए, फिल्म के लिए बड़े थिएटर रिलीज की प्लानिंग की जा रही है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में सामने आया था कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पेन मरुधर ने किंग के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स 250 करोड़ रुपए में खरीद लिए। बता दें कि पेन मरुधर का शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस के साथ पुराना संबंध रहा है। कंपनी पहले जवान, डंकी, जीरो, बदला और इत्तेफाक जैसी फिल्मों को रिलीज कर चुकी है। ए.ए. फिल्म्स, जियो स्टूडियोज, पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स, यशराज फिल्म्स और धर्मा प्रोडक्शंस जैसी कंपनियों ने भी फिल्म के डोमेस्टिक राइट्स के लिए बोली लगाई थी। फिल्म ‘किंग’ गूगल पर ट्रेंड कर रही है