टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस:इमरान हाशमी के घर की रेकी करने पहुंचे थे शूटर, स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद भी नहीं ढूंढ पाए घर

मुंबई पुलिस को जांच में पता चला है कि टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस आरोपी शूटरों को उन्हें इमरान हाशमी के घर की रेकी करने को भी कहा गया था। हालांकि, वे स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद भी उनका घर नहीं ढूंढ पाए। यब हिंदुस्तान टाइम्स में अपनी रिपोर्ट में किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस गैंग के निशाने पर हैं। इस बार शूटरों ने आमिर खान के घर की भी रेकी की थी। अधिकारी के मुताबिक, शूटरों को पता नहीं था कि आमिर खान दक्षिण मुंबई में शिफ्ट हो चुके हैं। इसलिए वे उनका घर नहीं ढूंढ सके। इसके बाद शूटरों को इमरान हाशमी के घर की रेकी करने को कहा गया। वे स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद भी घर का पता नहीं लगा पाए। उन्होंने अपने हैंडलर्स को इसकी जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद शूटरों ने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर श्रॉफ के रील्स देखे थे। शूटरों को यह भी पता चला था कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार जुहू के पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजतिलक रौशन ने इस मामले में टिप्पणी के लिए भेजे गए संदेशों का जवाब नहीं दिया। चार आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में सोमवार को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार चार आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों में कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव शामिल हैं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों ने शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे। पुलिस के मुताबिक, कुणाल की बात अनिल पंडित से होती थी। अनिल पंडित को लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव बताया गया है। उसने श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। कुणाल ने राधा वर्मा को एक पिस्तौल दी थी। इसके बाद राधा वर्मा और बबीता राव ने 17 अक्टूबर को दादर में कथित शूटर रेहान अंसारी से मुलाकात की। दोनों ने रेहान अंसारी को पिस्तौल सौंप दी थी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शूटरों को हमले के बाद हथियार लौटाने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें यह भी बताया गया था कि हथियार जल्द ही वापस ले लिया जाएगा। टाइगर श्रॉफ गोली लगने से बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, उनके ड्राइवर और एक राहगीर को गोलियां लगी थीं। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सारा अली खान-2 दिन से केदारनाथ में कर रहीं आरती:दोस्तों के साथ बनाई रील; लोगों के साथ पी चाय, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान रविवार से गुपचुप तरीके से केदारनाथ में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने सिंपल कपड़े और टोपी पहनी है, जिससे लोग उन्हें पहचान नहीं पा रहे हैं। जो लोग सारा को पहचान रहे हैं, वे उनके साथ फोटो भी खिंचवा रहे हैं। सारा सुबह और शाम के समय आरती में शामिल हो रही हैं। इसके बाद दोस्तों के साथ घूमने निकल जाती हैं। जैसे ही रात होने लगती है, वे वापस केदारनाथ आ जाती हैं और लोगों से मिलकर उनकी जिंदगी के बारे में पूछती हैं। इस दौरान सारा ने केदारघाटी के 6 से 7 नए दोस्त बनाए हैं। उनसे सारा ने आसपास ट्रैकिंग के बारे में जानकारी ली है। एक्ट्रेस रविवार को हेलिकॉप्टर से धाम पहुंचीं। उनके पहुंचने के बाद धाम में बर्फबारी भी हुई। ठंड के कारण सारा लोगों के बीच ठिठुरती हुई नजर आईं। इस दौरान उन्होंने मंदिर के कर्मचारियों और अधिकारियों से दूरी बनाए रखी। तस्वीरें देखिए- सारा बोलीं- केदारनाथ मेरा घर, 2017 से लगाव केदारनाथ में कई महीनों से रुके अंकित बाजपेई को सारा ने बताया कि केदारनाथ मेरा घर जैसा है। 2017 से मैं हर साल कोशिश करती हूं कि धाम में आकर बाबा के दर्शन कर सकूं। उन्होंने अंकित बाजपेई के साथ कई रील भी बनाईं। सारा ने अपने फोन से केदारनाथ धाम की फोटो भी खींची हैं, जिन्हें वे बाद में शेयर करेंगी। रात के समय में सारा ने लोगों के साथ मिलकर चाय भी पी। एक्ट्रेस तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर भी जा सकती हैं। पिछले साल भी 22 अक्टूबर को सारा ने केदारनाथ और तुंगनाथ धाम के दर्शन किए थे और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। सारा बाबा के दर्शन के लिए आधे घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं रविवार को सारा करीब आधे घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं। इस दौरान वहां मौजूद लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। सारा को ठिठुरते हुए देखकर वहां खड़ी महिलाओं ने उन्हें शॉल देने की पेशकश की, लेकिन वे उन्हें पहचान नहीं सकीं। सारा अपने दोस्तों के साथ धाम पहुंची थीं। उन्होंने केदारनाथ के रक्षक बाबा भुकुंट भैरव के दर्शन भी किए। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस साल गैर-सनातनियों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी। समिति ने तब कहा था कि केदारनाथ में प्रवेश के लिए सारा अली खान को पहले एफिडेविट देकर यह बताना होगा कि उनकी सनातन धर्म में आस्था है। विवाद बढ़ने पर BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा था कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोगों का स्वागत है। 22 अक्टूबर 2025 की तस्वीरें- दिवाली से पहले आती हैं केदारनाथ सारा का केदारनाथ से पहला आध्यात्मिक और पेशेवर जुड़ाव 2017 में उनकी डेब्यू फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान हुआ था। इसके बाद वह लगातार यहां आती रही हैं। अक्टूबर 2024 में दिवाली से ठीक पहले उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फोटो शेयर की थीं। वहीं, 2023 में उन्होंने दो बार धाम की यात्रा की। 6 मई 2023 को केदारनाथ और तुंगनाथ के दर्शन किए, जबकि करीब छह महीने बाद अक्टूबर 2023 में वह फिर केदारनाथ पहुंचीं। इसके अलावा नवंबर 2021 में सारा अली खान अपनी दोस्त और अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ भी केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंची थीं। 6 साल पहले सारा अली खान ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे सारा अली खान ने 2020 में काशी में श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। वह उन दिनों मां अमृता सिंह के साथ वाराणसी में फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। सारा इससे दो दिन पहले गंगा आरती में शामिल हुईं और काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार पूजा-अर्चना की और शिवलिंग को स्पर्श किया। इस पर संतों व विद्वानों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 3 साल पहले की थी महाकाल की पूजा सारा अली खान 2022 में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुई थीं। भस्म आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग के दर्शन किए थे। नंदी हॉल में बैठकर करीब आधे घंटे तक मंत्रों का जाप किया था।
आखिरी फिल्म में ‘बीहड़’ के बागी बने दिखेंगे नाना पाटेकर:40 डिग्री में शूटिंग की, इरफान खान को बहुत याद करते थे

दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर ने अपनी आखिरी फिल्म दिनेश विजन की मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी शक्तिशालिनी में काम किया। उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की खासियत इसकी कहानी और स्टारकास्ट के साथ उसकी दुनिया भी है। यह पारंपरिक हॉरर-कॉमेडी से अलग है। इसमें सोशल सिचुएशन, रियल लाइफ से इंस्पायर्ड घटनाओं और चंबल के बीहड़ों को अहमियत दी गई है। नाना का किरदार कॉमिक अंदाज के बजाय गंभीरता और बागी तेवरों वाला है। फिल्म को मुंज्या और थामा फेम आदित्य सरपोतदार ने डायरेक्ट किया है और गुल्लक फेम दुर्गेश सिंह ने कहानी लिखी है। हॉरर-कॉमेडी नहीं, सोशल हॉरर-ड्रामा है फिल्म सूत्रों के मुताबिक, फिल्म को हॉरर-कॉमेडी की कैटेगरी में रखना सही नहीं होगा। इसकी कहानी गंभीर ड्रामा पर आधारित है, जिसमें सोशल सिचुएशन से पैदा होने वाला डर और टेंशन अहम हैं। फिल्म में हॉरर एलिमेंट है, लेकिन कॉमेडी के जरिए दर्शकों को डराना इसका मकसद नहीं है। कहानी की परिस्थितियों और सोशल बैकग्राउंड से बेचैनी पैदा करने की कोशिश की गई है। इसलिए इसे सोशल हॉरर-ड्रामा माना जा रहा है। रियल घटनाओं से इंस्पायर्ड है कहानी फिल्म की कहानी रियल घटनाओं से इंस्पायर्ड बताई जा रही है। हालांकि, इंस्पिरेशन लेने और किसी घटना को हूबहू पर्दे पर दिखाने में फर्क है। अभी साफ नहीं है कि स्क्रिप्ट वास्तविक घटनाओं को किस हद तक फॉलो करती है और कहां क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है। सूत्र इसकी कहानी और बैकग्राउंड को दूसरी हॉरर-कॉमेडी फिल्मों से अलग बता रहे हैं। चंबल, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में हुई शूटिंग जानकारी के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग चंबल रीजन, ग्वालियर और आसपास की लोकेशंस पर हुई। भिंड और मुरैना में भी शूटिंग का जिक्र है। इन जगहों की भौगोलिक बनावट, बीहड़ों का फैलाव और माहौल फिल्म को अलग विजुअल अपील दे सकता है। ऐसी फिल्मों में लोकेशन सिर्फ बैकग्राउंड नहीं होती, बल्कि किरदारों की सोच और स्ट्रगल समझने में भी मदद करती है। 40 डिग्री तापमान में नाना ने की शूटिंग सूत्रों के मुताबिक, शूटिंग का शेड्यूल लंबा था और कलाकारों ने गर्म मौसम में भी काम किया। ग्वालियर और बीहड़ वाले इलाकों में करीब 40 डिग्री तापमान में शूटिंग हुई। नाना पाटेकर के लिए बीहड़ों में शूटिंग अलग अनुभव था। बताया जाता है कि उन्होंने पहले इस तरह के माहौल में शूटिंग नहीं की थी। इसके बावजूद उन्होंने पेशेवर अंदाज में शूटिंग पूरी की। नाना का किरदार होगा सीरियस, कॉमेडी से बिल्कुल अलग नाना पाटेकर का किरदार गंभीर और बागी तेवरों वाला है। इसे उनके लोकप्रिय कॉमिक किरदारों की अगली कड़ी नहीं माना जा रहा। किरदार बीहड़ों की उस दुनिया से जुड़ा है, जहां संघर्ष, सोशल प्रेशर और अपने तरीके से जीने की जिद अहम है। हालांकि, उसकी पूरी बैकस्टोरी और कहानी में भूमिका को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है। अनीत पड्डा ने नाना से लिए एक्टिंग टिप्स सूत्रों के मुताबिक, नाना पाटेकर ने शूटिंग के दौरान युवा कलाकारों से अपने अनुभव साझा किए। अनीत पड्डा के करियर के लिहाज से यह बड़े स्केल का प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। नाना जैसे सीनियर एक्टर के साथ काम करना उनके लिए सीखने का मौका रहा। उनका एक्टिंग एक्सपीरियंस, सीन समझने का तरीका और किरदार की बारीकियों पर ध्यान देने की आदत युवा कलाकारों के लिए उपयोगी रही। अनीत ने भी उनसे एक्टिंग के टिप्स लिए। नाना को कहानी सुनाने के लिए फार्महाउस पहुंचे आदित्य सरपोतदार नाना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मराठी फिल्मकार आदित्य सरपोतदार पहले उन्हें अपनी दो मराठी फिल्मों के लिए अप्रोच कर चुके थे, लेकिन डेट्स और दूसरी वजहों से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़े। आखिरकार शक्तिशालिनी में दोनों साथ काम कर सके। कहानी सुनाने के लिए आदित्य और राइटर दुर्गेश सिंह कई बार नाना के फार्महाउस गए। नैरेशन एक सिटिंग में पूरा नहीं हुआ। कई मुलाकातों में कहानी पर विस्तार से चर्चा हुई और कुल करीब आठ से दस घंटे नैरेशन चला। कहानी सुनते हुए खाना भी बनाते थे नाना पाटेकर सूत्रों के मुताबिक, फार्महाउस पर कहानी सुनाने का सिलसिला फॉर्मल मीटिंग तक सीमित नहीं था। बातचीत के दौरान नाना के खुद खाना बनाते हुए कहानी सुनने का जिक्र आया। कहानी पर चर्चा के साथ उनकी सामान्य दिनचर्या भी चलती रहती थी। किसी सीनियर एक्टर को किरदार के लिए तैयार करने में कहानी का आइडिया ही काफी नहीं होता। उसकी बैकस्टोरी, नेचर और फिल्म की ओवरऑल विजन समझाना भी जरूरी होता है। इरफान खान को बेहतरीन एक्टर्स में गिनते थे नाना बीहड़ों पर चर्चा के दौरान दिवंगत अभिनेता इरफान खान का जिक्र हुआ। नाना पाटेकर उनकी एक्टिंग की तारीफ करते थे और उन्हें बेहतरीन एक्टर्स में गिनते थे। चंबल और बागी जीवन के सिनेमाई संदर्भ में इरफान की फिल्म पान सिंह तोमर का जिक्र भी आया। सूत्रों के मुताबिक, नाना को यह फिल्म बहुत पसंद थी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि शक्तिशालिनी उसकी स्टोरी या स्टाइल को फॉलो करती है। दोनों फिल्मों की तुलना से ज्यादा अहम किरदार और उसकी दुनिया को रियलिस्टिक बनाने पर दिया गया ध्यान है। एडिटिंग शुरू, म्यूजिक से सचिन-जिगर का नाम जुड़ा फिल्म की एडिटिंग शुरू होने की जानकारी सामने आई है। तकनीकी तौर पर इसे एडिट लॉक स्टेज कहते हैं। फिल्म फरवरी तक रिलीज हो सकती है। निर्माताओं ने इसे थामा या भेड़िया की तरह हेवी वीएफएक्स वाली फिल्म नहीं बनाया है। म्यूजिक के लिए पुराने सहयोगी सचिन-जिगर का नाम सामने आया है। किसी पुराने गाने को रीक्रिएट करने पर चर्चा हुई, लेकिन इसे फाइनल म्यूजिक प्लान नहीं माना जा सकता। फिल्म को मैडॉक की हॉरर-कॉमेडी फिल्मों से जोड़ना जल्दबाजी होगी, क्योंकि इसका जॉनर और ट्रीटमेंट अलग बताया जा रहा है। नाना पाटेकर के लिए यादगार रहेगा यह प्रोजेक्ट नाना पाटेकर का गंभीर और बागी किरदार इस फिल्म का खास पहलू है। रियल घटनाओं से इंस्पायर्ड कहानी, चंबल की लोकेशंस और अनीत पड्डा जैसे युवा कलाकारों के साथ उनका काम प्रोजेक्ट को अलग पहचान दे सकता है। मैडॉक फिल्म्स के लिए भी यह अपनी हॉरर-कॉमेडी इमेज से आगे बढ़कर अलग कहानी पेश करने का मौका है।
'मन्नत' में तन्वी डोगरा और नमिक पॉल की नई जोड़ी:ढाबे की लड़ाई से शुरू होगी प्यार और टकराव की कहानी

टीवी शो ‘मन्नत: हर खुशी पाने की’ नई कहानी और नए लीड्स के साथ लौट रहा है। तन्वी डोगरा मन्नत जुनेजा और नमिक पॉल कबीर ओबेरॉय के किरदार में नजर आएंगे। मन्नत आत्मनिर्भर, निडर और परिवार से बेहद प्यार करने वाली लड़की है। वह अपने भाई विराट के नाम पर ढाबा चलाती है। वहीं, कबीर सफल बिजनेसमैन है, जिसके लिए पैसा, पावर और हर चीज पर कंट्रोल मायने रखता है। कबीर जब मन्नत का ढाबा गिराने पहुंचता है, तो दोनों में टकराव शुरू होता है। हालांकि, अतीत से जुड़े राज और इमोशनल कनेक्शन भी उनकी कहानी को खास बनाएंगे। शो की नई शुरुआत, ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री, सोशल मीडिया और निजी जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर तन्वी डोगरा और नमिक पॉल ने बातचीत की। सवाल: ‘मन्नत’ की नई कहानी और नए लीड्स के साथ शो एक नया चैप्टर शुरू कर रहा है। दर्शकों को इस नई जोड़ी में ऐसा क्या देखने को मिलेगा, जो इसे पहले से अलग बनाएगा? जवाब/तन्वी डोगरा: हमारी इक्वेशन काफी अलग है। कबीर बहुत हॉट-हेडेड और एरोगेंट है। वह मन्नत के साथ खास तौर पर रूखे तरीके से पेश आता है। दोनों के बीच नोकझोंक देखने को मिलेगी। हमारे किरदारों की बैकस्टोरी भी अलग है। नमिक पॉल: दोनों के बीच इमोशनल कनेक्शन और गिल्ट है, जो उनकी जिंदगी और फैसलों को प्रभावित करता है। यह गिल्ट क्या है और उनके व्यवहार को कैसे बदलता है, इसका खुलासा शो में होगा। सवाल: मन्नत अपने भाई विराट के नाम पर ढाबा चलाती है और कबीर के सामने मजबूती से खड़ी होती है। इस किरदार की कौन-सी बात आपको अपनी पर्सनैलिटी से जुड़ी लगती है? जवाब/तन्वी डोगरा: मुझे लगता है कि मन्नत का सेल्फ-कॉन्फिडेंस मेरी पर्सनैलिटी से मेल खाता है। उसे यकीन है कि वह जो कर रही है, वह सही और नैतिक है। वह अपने फैसलों पर भरोसा करती है और मुश्किल परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटती। सवाल: कबीर ओबेरॉय सफल बिजनेसमैन है, जो मन्नत का ढाबा तुड़वाने पहुंचता है। क्या कबीर को लगता है कि पैसा और पावर से सब कुछ हासिल किया जा सकता है, या मन्नत उसे बदलने वाली है? जवाब/नमिक पॉल: कबीर को लगता है कि पैसे से किसी भी चीज को खरीदा और कंट्रोल किया जा सकता है। उसके लिए कंट्रोल जरूरी है, जिसकी वजह उसका अतीत है। मन्नत उसे बदल पाएगी या नहीं, यह शो में पता चलेगा, लेकिन उसे बदलना आसान नहीं होगा। सवाल: प्रोमो में मन्नत और कबीर की टक्कर दिलचस्प लग रही है। असल जिंदगी में आप दोनों में से ज्यादा गुस्सैल कौन है और शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा नोकझोंक किसकी होती है? जवाब/तन्वी डोगरा: हमने अभी तक एपिसोड के लिए साथ में ज्यादा शूटिंग नहीं की है। लेकिन नमिक मुझे शांत और कंपोज्ड लगते हैं। वह बहुत स्वीट और डाउन-टू-अर्थ हैं। नमिक पॉल: तन्वी भी बहुत खुशमिजाज हैं। वह लगातार हंसती रहती हैं और अच्छी एनर्जी लेकर आती हैं। अभी हमारी साथ में शूटिंग शुरू ही हुई है, इसलिए असल नोकझोंक के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। सवाल: आप दोनों पहली बार साथ में स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। पहली मुलाकात कैसी रही? क्या पहली नजर में ही एक-दूसरे के साथ काम करने की सहजता महसूस हुई? जवाब/तन्वी डोगरा: जब मैं अपने कमरे से बाहर आई, तो नमिक क्रिएटिव टीम के साथ खड़े थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा था कि उन्हें बताया गया था कि हीरोइन लंबी है। नमिक को देखकर मैंने मजाक में कहा कि उनसे तो कहा गया था कि हीरो लंबा है, लेकिन यहां तो कुछ और ही मामला है। नमिक पॉल: हम पहली बार लुक टेस्ट के दौरान मिले थे। उस दिन हमने मॉक सीन किया था और उसी रात मुझे यात्रा पर निकलना था। टीम ने सीन पर काफी मेहनत की थी और वह अच्छा रहा। तन्वी से मिलना अच्छा अनुभव था। सवाल: आजकल टीवी एक्टर्स की लोकप्रियता सिर्फ टीआरपी से नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम रील्स, फैन एडिट्स और वायरल क्लिप्स से भी मापी जाती है। क्या आप सोशल मीडिया पर अपनी और तन्वी की केमिस्ट्री से जुड़े फैन एडिट्स देखते हैं? कभी किसी फैन की प्रतिक्रिया ने आपको चौंकाया है? जवाब/नमिक पॉल: फैंस हमारे लिए कुछ बनाते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। कुछ लोग ड्रॉइंग बनाते हैं, तस्वीरें जोड़ते हैं और पोर्ट्रेट्स तैयार करते हैं। यह देखकर अच्छा लगता है कि लोग इतना समय और मेहनत देते हैं। हालांकि, मैं इन चीजों से लोकप्रियता नहीं मापता। मेरे लिए यह फैंस की तरफ से प्यारा जेस्चर है। सवाल: टीवी इंडस्ट्री में लंबे शूटिंग शेड्यूल और लगातार बदलती कहानियों के बीच अपनी पर्सनल लाइफ और मेंटल पीस को कैसे मैनेज करते हैं? क्या कभी शूटिंग का तनाव घर तक पहुंचता है? जवाब/तन्वी डोगरा: मैं खुशमिजाज इंसान हूं। मुझे ज्यादा गुस्सा नहीं आता और मैं छोटी-छोटी बातों का बोझ नहीं लेती। मेरा मानना है कि शांति से और मिल-जुलकर काम करना चाहिए। मैं यही एनर्जी घर से सेट पर और सेट से घर लेकर जाती हूं। नमिक पॉल: मेरे लिए काम करना ही खुशी की बात है। मैं शूटिंग और सीन करना पसंद करता हूं। कई बार मजाक में कहता हूं कि मेरी कोई दूसरी जिंदगी ही नहीं है। खाली बैठने से बेहतर है कि काम करें और कुछ अच्छा व कंस्ट्रक्टिव करें। सवाल: आज टीवी इंडस्ट्री में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का दबाव बढ़ गया है। क्या आपको लगता है कि एक्टर्स को अच्छी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी डिजिटल इमेज पर भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है? जवाब/तन्वी डोगरा: बिल्कुल। आज डिजिटल वर्ल्ड प्रभावशाली हो गया है। मोबाइल फोन हर वक्त हमारे पास रहता है और कलाकार आसानी से दर्शकों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए एक्टर्स को सोशल मीडिया पर भी काम करना चाहिए। नमिक पॉल: मैं मानता हूं कि सोशल मीडिया जरूरी है, लेकिन मुझे तस्वीरें खिंचवाने और पोस्ट करने में आलस आता है। हालांकि, अब मैं ज्यादा पोस्ट करने की कोशिश कर रहा हूं और आगे भी इस पर ध्यान दूंगा। सवाल: अगर आपको अपने किरदार मन्नत या कबीर को असल जिंदगी के अनुभवों से कोई सलाह देनी हो, तो आप क्या कहेंगे? साथ ही, दर्शकों से शो की नई शुरुआत के लिए क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब/तन्वी
'मन्नत' में तन्वी डोगरा और नमिक पॉल की नई जोड़ी:ढाबे की लड़ाई से शुरू होगी प्यार और टकराव की कहानी

टीवी शो ‘मन्नत: हर खुशी पाने की’ नई कहानी और नए लीड्स के साथ लौट रहा है। तन्वी डोगरा मन्नत जुनेजा और नमिक पॉल कबीर ओबेरॉय के किरदार में नजर आएंगे। मन्नत आत्मनिर्भर, निडर और परिवार से बेहद प्यार करने वाली लड़की है। वह अपने भाई विराट के नाम पर ढाबा चलाती है। वहीं, कबीर सफल बिजनेसमैन है, जिसके लिए पैसा, पावर और हर चीज पर कंट्रोल मायने रखता है। कबीर जब मन्नत का ढाबा गिराने पहुंचता है, तो दोनों में टकराव शुरू होता है। हालांकि, अतीत से जुड़े राज और इमोशनल कनेक्शन भी उनकी कहानी को खास बनाएंगे। शो की नई शुरुआत, ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री, सोशल मीडिया और निजी जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर तन्वी डोगरा और नमिक पॉल ने बातचीत की। सवाल: ‘मन्नत’ की नई कहानी और नए लीड्स के साथ शो एक नया चैप्टर शुरू कर रहा है। दर्शकों को इस नई जोड़ी में ऐसा क्या देखने को मिलेगा, जो इसे पहले से अलग बनाएगा? जवाब/तन्वी डोगरा: हमारी इक्वेशन काफी अलग है। कबीर बहुत हॉट-हेडेड और एरोगेंट है। वह मन्नत के साथ खास तौर पर रूखे तरीके से पेश आता है। दोनों के बीच नोकझोंक देखने को मिलेगी। हमारे किरदारों की बैकस्टोरी भी अलग है। नमिक पॉल: दोनों के बीच इमोशनल कनेक्शन और गिल्ट है, जो उनकी जिंदगी और फैसलों को प्रभावित करता है। यह गिल्ट क्या है और उनके व्यवहार को कैसे बदलता है, इसका खुलासा शो में होगा। सवाल: मन्नत अपने भाई विराट के नाम पर ढाबा चलाती है और कबीर के सामने मजबूती से खड़ी होती है। इस किरदार की कौन-सी बात आपको अपनी पर्सनैलिटी से जुड़ी लगती है? जवाब/तन्वी डोगरा: मुझे लगता है कि मन्नत का सेल्फ-कॉन्फिडेंस मेरी पर्सनैलिटी से मेल खाता है। उसे यकीन है कि वह जो कर रही है, वह सही और नैतिक है। वह अपने फैसलों पर भरोसा करती है और मुश्किल परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटती। सवाल: कबीर ओबेरॉय सफल बिजनेसमैन है, जो मन्नत का ढाबा तुड़वाने पहुंचता है। क्या कबीर को लगता है कि पैसा और पावर से सब कुछ हासिल किया जा सकता है, या मन्नत उसे बदलने वाली है? जवाब/नमिक पॉल: कबीर को लगता है कि पैसे से किसी भी चीज को खरीदा और कंट्रोल किया जा सकता है। उसके लिए कंट्रोल जरूरी है, जिसकी वजह उसका अतीत है। मन्नत उसे बदल पाएगी या नहीं, यह शो में पता चलेगा, लेकिन उसे बदलना आसान नहीं होगा। सवाल: प्रोमो में मन्नत और कबीर की टक्कर दिलचस्प लग रही है। असल जिंदगी में आप दोनों में से ज्यादा गुस्सैल कौन है और शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा नोकझोंक किसकी होती है? जवाब/तन्वी डोगरा: हमने अभी तक एपिसोड के लिए साथ में ज्यादा शूटिंग नहीं की है। लेकिन नमिक मुझे शांत और कंपोज्ड लगते हैं। वह बहुत स्वीट और डाउन-टू-अर्थ हैं। नमिक पॉल: तन्वी भी बहुत खुशमिजाज हैं। वह लगातार हंसती रहती हैं और अच्छी एनर्जी लेकर आती हैं। अभी हमारी साथ में शूटिंग शुरू ही हुई है, इसलिए असल नोकझोंक के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। सवाल: आप दोनों पहली बार साथ में स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। पहली मुलाकात कैसी रही? क्या पहली नजर में ही एक-दूसरे के साथ काम करने की सहजता महसूस हुई? जवाब/तन्वी डोगरा: जब मैं अपने कमरे से बाहर आई, तो नमिक क्रिएटिव टीम के साथ खड़े थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा था कि उन्हें बताया गया था कि हीरोइन लंबी है। नमिक को देखकर मैंने मजाक में कहा कि उनसे तो कहा गया था कि हीरो लंबा है, लेकिन यहां तो कुछ और ही मामला है। नमिक पॉल: हम पहली बार लुक टेस्ट के दौरान मिले थे। उस दिन हमने मॉक सीन किया था और उसी रात मुझे यात्रा पर निकलना था। टीम ने सीन पर काफी मेहनत की थी और वह अच्छा रहा। तन्वी से मिलना अच्छा अनुभव था। सवाल: आजकल टीवी एक्टर्स की लोकप्रियता सिर्फ टीआरपी से नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम रील्स, फैन एडिट्स और वायरल क्लिप्स से भी मापी जाती है। क्या आप सोशल मीडिया पर अपनी और तन्वी की केमिस्ट्री से जुड़े फैन एडिट्स देखते हैं? कभी किसी फैन की प्रतिक्रिया ने आपको चौंकाया है? जवाब/नमिक पॉल: फैंस हमारे लिए कुछ बनाते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। कुछ लोग ड्रॉइंग बनाते हैं, तस्वीरें जोड़ते हैं और पोर्ट्रेट्स तैयार करते हैं। यह देखकर अच्छा लगता है कि लोग इतना समय और मेहनत देते हैं। हालांकि, मैं इन चीजों से लोकप्रियता नहीं मापता। मेरे लिए यह फैंस की तरफ से प्यारा जेस्चर है। सवाल: टीवी इंडस्ट्री में लंबे शूटिंग शेड्यूल और लगातार बदलती कहानियों के बीच अपनी पर्सनल लाइफ और मेंटल पीस को कैसे मैनेज करते हैं? क्या कभी शूटिंग का तनाव घर तक पहुंचता है? जवाब/तन्वी डोगरा: मैं खुशमिजाज इंसान हूं। मुझे ज्यादा गुस्सा नहीं आता और मैं छोटी-छोटी बातों का बोझ नहीं लेती। मेरा मानना है कि शांति से और मिल-जुलकर काम करना चाहिए। मैं यही एनर्जी घर से सेट पर और सेट से घर लेकर जाती हूं। नमिक पॉल: मेरे लिए काम करना ही खुशी की बात है। मैं शूटिंग और सीन करना पसंद करता हूं। कई बार मजाक में कहता हूं कि मेरी कोई दूसरी जिंदगी ही नहीं है। खाली बैठने से बेहतर है कि काम करें और कुछ अच्छा व कंस्ट्रक्टिव करें। सवाल: आज टीवी इंडस्ट्री में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का दबाव बढ़ गया है। क्या आपको लगता है कि एक्टर्स को अच्छी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी डिजिटल इमेज पर भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है? जवाब/तन्वी डोगरा: बिल्कुल। आज डिजिटल वर्ल्ड प्रभावशाली हो गया है। मोबाइल फोन हर वक्त हमारे पास रहता है और कलाकार आसानी से दर्शकों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए एक्टर्स को सोशल मीडिया पर भी काम करना चाहिए। नमिक पॉल: मैं मानता हूं कि सोशल मीडिया जरूरी है, लेकिन मुझे तस्वीरें खिंचवाने और पोस्ट करने में आलस आता है। हालांकि, अब मैं ज्यादा पोस्ट करने की कोशिश कर रहा हूं और आगे भी इस पर ध्यान दूंगा। सवाल: अगर आपको अपने किरदार मन्नत या कबीर को असल जिंदगी के अनुभवों से कोई सलाह देनी हो, तो आप क्या कहेंगे? साथ ही, दर्शकों से शो की नई शुरुआत के लिए क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब/तन्वी
रश्मिका-विजय ने ट्रोलिंग के खिलाफ साइबर क्राइम में शिकायत की:एक्ट्रेस बोलीं- मुश्किल वक्त में आप नहीं, विजय साथ थे; एक्टर बोले- भाड़ में जाओ

साउथ सिनेमा के चर्चित कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग और कथित भ्रामक कंटेंट के खिलाफ हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की है। हाल ही में कॉफी विद करण 9 में दोनों के बयानों के बाद उनके रिश्ते पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई थी। रश्मिका ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में सोशल मीडिया पर सलाह देने वाले लोग उनके साथ नहीं थे, बल्कि विजय ने उनका साथ दिया। वहीं, विजय ने पत्नी का समर्थन करते हुए आलोचकों को दो टूक जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि पूरी दुनिया उनके खिलाफ हो, तब भी वे दोनों साथ हैं। क्या है पूरा मामला? रश्मिका और विजय की निजी जिंदगी पर सोशल मीडिया में शुरू हुई बहस अब साइबर क्राइम शिकायत तक पहुंच गई है। दोनों की टीम ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कर कथित भ्रामक और मनगढ़ंत कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ जांच की मांग की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में फर्जी कंटेंट, एडिट किए गए स्क्रीनशॉट, किसी और की पहचान से पोस्ट करने और सोशल मीडिया पर सुनियोजित उत्पीड़न के मामले उठाए गए हैं। टीम ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल पब्लिकेशन के लिंक सहित सबूत भी अधिकारियों को सौंपे हैं। टीम का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी और आलोचना का सम्मान होना चाहिए, लेकिन मनगढ़ंत दावों को तथ्य बताकर फैलाना अलग बात है। शिकायत का उद्देश्य वास्तविक आलोचना रोकना नहीं, बल्कि कथित झूठी जानकारी और गैरकानूनी ऑनलाइन गतिविधियों के लिए जवाबदेही तय कराना है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने से आरोप साबित नहीं होते। रश्मिका बोलीं- मुश्किल वक्त में विजय मेरे साथ थे विवाद के बीच रश्मिका मंदाना ने सोशल मीडिया पर लंबा नोट लिखकर अपने रिश्ते का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर सोशल मीडिया की बहसों पर प्रतिक्रिया नहीं देतीं, क्योंकि हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है। लेकिन इस बार उन्हें अपने और विजय के रिश्ते पर हो रही चर्चा ऐसी भीड़ जैसी लगी, जो किसी को निशाना बनाने के लिए तैयार है। रश्मिका ने कहा कि लोग उनकी बातचीत का असली मतलब समझने के बजाय कुछ बातों के आधार पर अपने हिसाब से निष्कर्ष निकाल रहे हैं। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उन्हें विजय से अलग होने या रिश्ते पर दोबारा विचार करने की सलाह दे रहे थे। एक्ट्रेस ने लिखा कि वह अपने पति के प्यार में डूबी हैं और इसमें गलत क्या है। उनके मुताबिक, विजय उनके जीवनसाथी, दोस्त और उनके बच्चों के पिता बनने वाले व्यक्ति हैं। वह उनके साथ पूरी जिंदगी बिताना चाहती हैं। रश्मिका ने कहा कि जब उनकी जिंदगी में मुश्किल दौर चल रहा था, तब सोशल मीडिया पर सलाह देने वाले लोग उनके साथ नहीं थे। उस वक्त विजय ने उनका साथ दिया था और आज भी वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने साफ किया कि शादी के बाद वह पहले से ज्यादा खुश हैं। उनके मुताबिक, किसी रिश्ते की सच्चाई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, एडिट या लोगों की बनाई कहानियों से नहीं समझी जा सकती। शादी के लिए 100 बार मनाने वाली बात पर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत करण जौहर के शो कॉफी विद करण 9 में हुई बातचीत के बाद हुई। शो में रश्मिका और विजय ने अपने रिश्ते और शादी से जुड़ी बातें साझा की थीं। रश्मिका ने बताया था कि उन्होंने विजय से शादी की बात की थी। विजय ने उनसे कहा था कि वह इस बारे में 100 बार पूछें। रश्मिका के मुताबिक, शादी के लिए उन्हें करीब एक साल तक बात करनी पड़ी। इसके बाद सोशल मीडिया पर बयान को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने विजय के रवैये पर सवाल उठाकर उन्हें ‘रेड फ्लैग’ कहा। वहीं, कुछ लोगों ने रश्मिका को रिश्ते पर सलाह देनी शुरू कर दी। रश्मिका ने स्पष्ट किया कि मामला 100 बार पूछने या एक साल तक मनाने का नहीं था। उनके मुताबिक, विजय चाहते थे कि दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझें और जिंदगी के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार करने के बाद शादी का फैसला लें। उन्होंने कहा कि उनके लिए शादी का मतलब केवल प्रपोजल, अंगूठी या बड़े आयोजन से नहीं है, बल्कि साथ मिलकर भविष्य और जिंदगी बनाना है। विजय ने पत्नी को ‘मेरी बेस्ट फ्रेंड, मेरी पत्नी’ कहा रश्मिका के बयान के बाद विजय देवरकोंडा ने इंस्टाग्राम पर पत्नी के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। एक तस्वीर में रश्मिका उन्हें माथे पर किस करती नजर आईं, जबकि वीडियो में वह रश्मिका को कंधों पर उठाकर घूमते दिखे। विजय ने पोस्ट में रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड, पत्नी और जिंदगी का खूबसूरत हिस्सा बताया। उन्होंने लिखा कि रश्मिका को अपनी जिंदगी में पाकर वह खुद को खुशनसीब मानते हैं। विजय ने उन लोगों को जवाब दिया, जो उनके रिश्ते को लेकर चिंतित होने का दावा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे दोनों बेहद खुश हैं और अपने रिश्ते में संतुष्ट हैं। एक्टर ने लिखा कि अगर दुनिया के खिलाफ वह और रश्मिका साथ खड़े हैं, तो ऐसा ही सही। उन्होंने प्यार और खुशियों का जश्न मनाने वालों के प्रति आभार जताया। पोस्ट का आखिरी हिस्सा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। विजय ने आलोचकों के लिए कड़े शब्दों में लिखा कि बाकी लोग भाड़ में जाएं। उनका यह बयान रश्मिका के समर्थन और लगातार हो रही ट्रोलिंग के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। रश्मिका-विजय ने ट्रोलर्स को दिया साफ संदेश दोनों कलाकारों के बयानों और साइबर क्राइम शिकायत के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। रश्मिका ने अपने रिश्ते को लेकर फैल रही कथित भ्रामक कहानियों पर नाराजगी जताई, वहीं विजय ने पत्नी के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। दोनों की टीम ने कानूनी प्रक्रिया के जरिए कथित फर्जी कंटेंट और ऑनलाइन उत्पीड़न की जांच की मांग की है।
शूटिंग-कॉन्सर्ट के लिए जयपुर पहुंचे सितारों ने खींचा ध्यान:एयरपोर्ट पर एक्ट्रेस वाणी कपूर, गायक पलाश सेन ने फेंस के साथ खिंचवाई फोटो; देर शाम पहुंचीं मौनी रॉय

जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेत्री वाणी कपूर और गायक पलाश सेन की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। वाणी कपूर एक नए प्रोजेक्ट की शूटिंग के सिलसिले में जयपुर आई हैं, जबकि पलाश सेन एक कॉन्सर्ट में प्रस्तुति देने के लिए शहर पहुंचे। पलाश एयरपोर्ट पर मास्क लगाए नजर आए। दोनों कलाकारों का जयपुर से खास जुड़ाव है। दोनों ने एयरपोर्ट पर फैंस के साथ फोटो भी क्लिक करवाए। वाणी कपूर ने वर्ष 2013 में फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा के साथ इस फिल्म की शूटिंग जयपुर में हुई थी। वहीं पलाश सेन इंडी-पॉप और रॉक बैंड यूफोरिया के प्रमुख गायक के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके चर्चित गीतों में ‘मायरी’ और ‘धूम पिचक धूम’ शामिल हैं। ब्लैक मास्क में जयपुर पहुंचीं मौनी रॉय इवेंट में होंगी शामिल बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय भी सोमवार देर शाम जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आईं। ब्लैक मास्क लगाए मौनी एयरपोर्ट से बाहर निकलीं और यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हो गईं। वह जयपुर में आयोजित एक इवेंट में शिरकत करने के लिए पहुंची हैं। यहां देखिए एयरपोर्ट के PHOTO’S जयपुर से जुड़ी है वाणी की पहली फिल्म की याद वाणी कपूर के लिए जयपुर सिर्फ एक शूटिंग डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत से जुड़ा शहर भी है। वर्ष 2013 में रिलीज हुई फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उनके साथ सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा नजर आए थे। फिल्म की शूटिंग जयपुर में हुई थी और शहर की गलियों, बाजारों और स्थानीय परिवेश को कहानी में शामिल किया गया था। फिल्म का गीत ‘शाम गुलाबी, सहर गुलाबी’ भी जयपुर की खूबसूरती से जुड़ी यादों में शामिल है। वाणी कपूर ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। इसके बाद यशराज फिल्म्स के साथ जुड़कर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। ‘शुद्ध देसी रोमांस’ के बाद वह ‘आहा कल्याणम’, ‘बेफिक्रे’, ‘वॉर’, ‘बेल बॉटम’, ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’, ‘शमशेरा’, ‘खेल खेल में’ और ‘रेड 2’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्म ‘वॉर’ में ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के साथ उनकी मौजूदगी चर्चा में रही, जबकि ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ में निभाए गए किरदार के लिए भी उन्हें सराहना मिली। वर्ष 2025 में वह वेब सीरीज ‘मंडला मर्डर्स’ में भी नजर आईं। पलाश सेन हैं इंडी-पॉप बैंड यूफोरिया की पहचान पलाश सेन भारतीय स्वतंत्र संगीत जगत के चर्चित नामों में शामिल हैं। वह गायक होने के साथ गीतकार, संगीतकार और चिकित्सक भी हैं। उन्होंने वर्ष 1998 में बैंड यूफोरिया की शुरुआत की थी। इस बैंड ने हिंदी पॉप और रॉक संगीत को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। ‘धूम पिचक धूम’, ‘मायरी’ और ‘आना मेरी गली’ जैसे गानों ने पलाश सेन को अलग पहचान दिलाई। उनके गानों की खासियत संगीत में रॉक का अंदाज और रोजमर्रा की भावनाओं से जुड़ने वाले बोल रहे हैं। टीवी से बॉलीवुड तक बनाया मुकाम मौनी रॉय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में टेलीविजन शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘देवों के देव…महादेव’ में सती और ‘नागिन’ में शिवन्या के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई। टेलीविजन पर लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। वर्ष 2018 में अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘गोल्ड’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद वह ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’, ‘मेड इन चाइना’, ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन-शिवा’, ‘ब्लैकआउट’, ‘लव सेक्स और धोखा 2’ और ‘द भूतनी’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ में जुनून के किरदार के लिए उन्हें खास पहचान मिली।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट:चारों आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, हथियारों की सप्लाई और साजिश के नेटवर्क की जांच जारी

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई की किला कोर्ट ने चार आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों में कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन चारों ने फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई और कथित साजिश में भूमिका निभाई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक की पुलिस कस्टडी मंजूर की। जांच एजेंसी अब हथियारों की खरीद, उन्हें मुंबई पहुंचाने और हमले के पीछे के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हथियारों की खरीद और सप्लाई की कड़ियां खंगाल रही पुलिस आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का आरोप है कि कुणाल और सुमित हथियार जुटाने के लिए अमृतसर गए थे। वहीं, राधा और बबीता पर ट्रेन के जरिए हथियार मुंबई पहुंचाने और उन्हें हमलावरों तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। पुलिस इन भूमिकाओं की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो और हथियारों से जुड़ा डेटा मिला है। जांच एजेंसी इन डिजिटल सबूतों का सत्यापन कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बीच बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया गया था, जिसे कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया। जांचकर्ता फोन से मिले डेटा के आधार पर आरोपियों के आपसी संपर्क और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटे हैं। वॉइस नोट्स में हथियारों से जुड़ी बातचीत मिलने का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले वॉइस नोट्स में हथियारों की खरीद, डिलीवरी और फायरिंग के बाद उन्हें वापस भेजने के निर्देशों से जुड़ी बातचीत सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहे थे और उन्होंने फायरिंग करने वालों को हथियार उपलब्ध कराने में मदद की थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी उनके बयानों और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी का मिलान करना चाहती है। पुलिस को यह भी पता लगाना है कि हथियारों की खरीद से लेकर हमलावरों तक पहुंचाने और वारदात के बाद उन्हें वापस भेजने की कथित योजना में किसकी क्या भूमिका थी। बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध किया सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने का विरोध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिरगल ने दलील दी कि आरोपियों को केवल पूछताछ के लिए लगातार पुलिस हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से अन्य सह-आरोपियों के संबंध में पूछताछ न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी कोर्ट की अनुमति से की जा सकती है। पुलिस ने दूसरी ओर दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डेटा का विश्लेषण करना है और उन्हें पहले गिरफ्तार किए गए सह-आरोपियों के सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों की पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी। पुलिस ने 31 अक्टूबर तक कस्टडी मांगी थी। 18 अक्टूबर को जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग यह मामला 18 अक्टूबर 2026 का है। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की और इसके बाद मोटरसाइकिल से फरार हो गए। बाद में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी इलाके में लावारिस मिली थी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब फायरिंग को अंजाम देने वालों के साथ-साथ कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। अब तक 11 गिरफ्तारियां, जांच जारी इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें चार आरोपी कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव हैं, जिनकी पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। जांच का मुख्य फोकस हथियारों की खरीद, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने, हमलावरों को उपलब्ध कराने और वारदात के बाद उनसे जुड़े सबूतों की कड़ियां जोड़ने पर है। पुलिस पूछताछ और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रभास की 'फौजी' पर भड़के सुभाष चंद्र बोस के पोते:बोले- हिटलर-नेताजी की मुलाकात को गलत तरीके से दिखाया; तथ्यों से छेड़छाड़ की, माफी मांगें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने अपकमिंग फिल्म ‘फौजी’ की आलोचना की है। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया कि फिल्म में नेताजी और एडॉल्फ हिटलर की ऐतिहासिक मुलाकात को गलत और सनसनीखेज तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करना अपराध है। चंद्र कुमार बोस ने फिल्म के निर्देशक से स्वतंत्रता संग्राम और नेताजी का सम्मान करने वाले सभी देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। ‘राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े तथ्यों से छेड़छाड़ अपराध’ चंद्र कुमार बोस ने कहा कि फिल्मकारों को स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्तों पर फिल्म बनाने की पूरी आजादी है। हालांकि, कल्पना का सहारा लेकर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत है। उन्होंने कहा कि फिल्म में नेताजी और हिटलर की मुलाकात को गलत तरीके से दिखाकर नेताजी की गरिमा को कमतर करने की कोशिश की गई है। निर्देशक को ऐतिहासिक संदर्भों को सही तरीके से समझकर पर्दे पर दिखाना चाहिए था। बराबरी के स्तर पर हुई थी हिटलर और नेताजी की बातचीत चंद्र कुमार बोस ने नेताजी और हिटलर की मुलाकात के ऐतिहासिक संदर्भ को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन जुटाने जर्मन तानाशाह हिटलर से मिले थे। नेताजी का मानना था कि उस दौर में जर्मनी के हिटलर और जापान के हिदेकी तोजो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में मदद कर सकते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेताजी ने हिटलर से कभी अधीनस्थ के रूप में नहीं, बल्कि बराबरी के स्तर पर बात की थी। हिटलर ने नेताजी के देशप्रेम को समझते हुए ही उन्हें समर्थन दिया था। लोकतंत्र के समर्थक और फासीवाद के विरोधी थे नेताजी बोस ने कहा कि हिटलर अपनी आत्मकथा ‘मीन कैम्फ’ में भारत के इतिहास और संस्कृति को समझ नहीं पाया था। दोनों नेता शुरुआत में केवल अपने देश के हितों के लिए काम कर रहे थे, हालांकि बाद में हिटलर सत्ता के अहंकार में डूब गया। इसके विपरीत, नेताजी फासीवाद के सख्त खिलाफ थे और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों में अटूट विश्वास रखते थे। उनके अनुसार, फिल्म में ऐसे महान व्यक्तित्व की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जो बिल्कुल गलत है। प्रभास के किरदार को तवज्जो देने पर उठा विवाद फिल्म ‘फौजी’ के हालिया जारी ट्रेलर में दिखाया गया है कि नेताजी का किरदार प्रभास के काल्पनिक किरदार का परिचय हिटलर से कराता है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। इसी वजह से विवाद गहराया है और फिल्म निर्देशक से माफी मांगने की मांग की जा रही है। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें
प्रभास की 'फौजी' पर भड़के सुभाष चंद्र बोस के पोते:बोले- हिटलर-नेताजी की मुलाकात को गलत तरीके से दिखाया; तथ्यों से छेड़छाड़ की, माफी मांगें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने अपकमिंग फिल्म ‘फौजी’ की आलोचना की है। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया कि फिल्म में नेताजी और एडॉल्फ हिटलर की ऐतिहासिक मुलाकात को गलत और सनसनीखेज तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करना अपराध है। चंद्र कुमार बोस ने फिल्म के निर्देशक से स्वतंत्रता संग्राम और नेताजी का सम्मान करने वाले सभी देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। ‘राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े तथ्यों से छेड़छाड़ अपराध’ चंद्र कुमार बोस ने कहा कि फिल्मकारों को स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्तों पर फिल्म बनाने की पूरी आजादी है। हालांकि, कल्पना का सहारा लेकर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत है। उन्होंने कहा कि फिल्म में नेताजी और हिटलर की मुलाकात को गलत तरीके से दिखाकर नेताजी की गरिमा को कमतर करने की कोशिश की गई है। निर्देशक को ऐतिहासिक संदर्भों को सही तरीके से समझकर पर्दे पर दिखाना चाहिए था। बराबरी के स्तर पर हुई थी हिटलर और नेताजी की बातचीत चंद्र कुमार बोस ने नेताजी और हिटलर की मुलाकात के ऐतिहासिक संदर्भ को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन जुटाने जर्मन तानाशाह हिटलर से मिले थे। नेताजी का मानना था कि उस दौर में जर्मनी के हिटलर और जापान के हिदेकी तोजो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में मदद कर सकते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेताजी ने हिटलर से कभी अधीनस्थ के रूप में नहीं, बल्कि बराबरी के स्तर पर बात की थी। हिटलर ने नेताजी के देशप्रेम को समझते हुए ही उन्हें समर्थन दिया था। लोकतंत्र के समर्थक और फासीवाद के विरोधी थे नेताजी बोस ने कहा कि हिटलर अपनी आत्मकथा ‘मीन कैम्फ’ में भारत के इतिहास और संस्कृति को समझ नहीं पाया था। दोनों नेता शुरुआत में केवल अपने देश के हितों के लिए काम कर रहे थे, हालांकि बाद में हिटलर सत्ता के अहंकार में डूब गया। इसके विपरीत, नेताजी फासीवाद के सख्त खिलाफ थे और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों में अटूट विश्वास रखते थे। उनके अनुसार, फिल्म में ऐसे महान व्यक्तित्व की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जो बिल्कुल गलत है। प्रभास के किरदार को तवज्जो देने पर उठा विवाद फिल्म ‘फौजी’ के हालिया जारी ट्रेलर में दिखाया गया है कि नेताजी का किरदार प्रभास के काल्पनिक किरदार का परिचय हिटलर से कराता है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। इसी वजह से विवाद गहराया है और फिल्म निर्देशक से माफी मांगने की मांग की जा रही है। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें









