Wednesday, 05 Aug 2026 | 07:24 PM

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दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज अब पूरी तरह बैन हो गई है। इसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की ग्लोबल कैटेगरी से भी हटा दिया गया है। इस फिल्म को अब विदेश में भी नहीं देखा जा सकेगा। इसी के साथ फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए गठित केंद्रीय समिति ने भी सिफारिश कर दी है कि फिल्म को बैन ही रहने दिया जाए। क्योंकि, फिल्म भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है। सरकारी सूत्रों से हवाले से यह जानकारी शनिवार को न्यूज एजेंसी PTI ने दी। सूत्रों के अनुसार, समिति ने इस बात पर जोर दिया कि IT अधिनियम की धारा 69A के तहत फिल्म पर प्रतिबंध लगाना उचित था। इसमें पाया गया कि फिल्म की कहानी संतुलित नहीं है, क्योंकि यह उग्रवादियों के कृत्यों को छिपाती है। जबकि, उग्रवाद के दौरान पंजाब में सुरक्षा बलों की ओर से की गई ज्यादतियों को उजागर करती है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन को दर्शाती है, जिन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के दाह संस्कार की जांच की थी। 1995 में पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 3 जुलाई को रिलीज होने के 2 दिन बाद ही इस फिल्म को भारत में ZEE5 से हटा दिया था। इसके बाद मंत्रालय ने फिल्म की विस्तृत जांच के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत एक अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया था। उसी समिति ने इसे बैन रखने की सिफारिश की है। पंजाब में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने प्रतिबंध हटाने की मांग की है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने राज्य भर में फिल्म प्रदर्शित करने की घोषणा की है। ऐसा क्या है इस फिल्म में, जो इस बैन किया जा रहा है, क्या यह फिल्म फिर से रिलीज होगी? सवाल-जवाब में जानते हैं सभी सवालों के जवाब। इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिससे इसे बैन किया गया? यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में खालड़ा का रोल दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। इसमें खालड़ा द्वारा 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर में पुलिस की ओर से लावारिस बताकर जलाए गए सिखों के शवों की खोज और उनके दस्तावेजीकरण की कहानी को दर्शाया गया है। फिल्म दिखाती है कि खालड़ा ने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों से नगर निगम के रिकॉर्ड हासिल किए, जिससे साबित हुआ कि पुलिस ने हजारों युवाओं को अवैध हिरासत में लेकर मार डाला। इस दौरान साहस दिखाकर राज्य के सिस्टम के सामने खालड़ा खड़े रहे। दुनिया के सामने सच लाने के बाद सितंबर 1995 में पंजाब पुलिस ने खालड़ा की भी हत्या कर दी। फिल्म की किन चीजों पर विवाद हुआ? बैन पर राजनीतिक हुई, पार्टियों ने क्या-क्या कहा? शिरोमणि अकाली दल (SAD) SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस बैन को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। उन्होंने लिखा, “यह केवल सेंसरशिप नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक स्मृति, सच्चाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक हमला है। पंजाब अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का हकदार है, दमन से नहीं।” अकाली दल ने घोषणा की कि सरकार के इस बैन को चुनौती देने के लिए पंजाब के हर गांव और गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग करेंगे, ताकि युवा अपनी पहचान और इतिहास को जान सकें। कांग्रेस वरिष्ठ नेता व विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने केंद्र सरकार के इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि खालड़ा के अपहरण और पुलिस बर्बरता के सच को दिखाने वाली फिल्म को रोकना अन्यायपूर्ण है। पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि जब द कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी संवेदनशील नैरेटिव वाली फिल्मों को बिना किसी बाधा के अनुमति मिल सकती है, तो तथ्यों और अदालती फैसलों पर आधारित सतलुज पर प्रतिबंध लगाना केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब की सत्ताधारी AAP ने भी फिल्म को ZEE5 से हटाने के फैसले की आलोचना की। पार्टी प्रवक्ताओं ने मांग की कि फिल्म को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि नई पीढ़ी के लिए राज्य के इस दर्दनाक और ऐतिहासिक सच को समझना बेहद जरूरी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिख धार्मिक मामलों की सर्वोच्च संस्था SGPC ने फिल्म का पूरी तरह समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा का बलिदान सिख कौम के लिए सर्वोच्च है और फिल्म के माध्यम से उनकी आवाज को दबाने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म की टाइमिंग और उसके नैरेटिव पर सवाल उठाए। बीजेपी का तर्क है कि चुनाव या संवेदनशील समय में ऐसी फिल्में पंजाब में दोबारा अशांति फैला सकती हैं। केंद्र ने फिल्म के खिलाफ क्या कहा? फिल्म रिलीज के बाद केंद्र सरकार ने क्या किया? 1. IT एक्ट की धारा 69A का उपयोग कर फिल्म तुरंत हटवाई फिल्म के रिलीज होने के ठीक 48 घंटे के भीतर केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IT एक्ट की धारा 69A और IT नियम, 2021 के तहत प्राप्त आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया। सरकार ने सुरक्षा चिंताओं और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए ZEE5 को तुरंत इस फिल्म को भारत में अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का लिखित निर्देश जारी किया। 2. हाई-लेवल स्पेशल कमेटी का गठन फिल्म को केवल हटाने तक ही केंद्र नहीं रुका। इसके कंटेंट की गहराई से जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने IT नियम 2021 के नियम 14 के तहत एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति बनाई। इस विशेष समिति को फिल्म के दृश्यों, नैरेटिव और उसके संभावित सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों की समीक्षा कर सरकार को अंतिम सिफारिश सौंपने का जिम्मा दिया गया। 3. CBFC के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत केंद्र सरकार ने साफ किया कि कोई भी फिल्म प्रोड्यूसर सेंसर बोर्ड (CBFC) के सर्टिफिकेशन प्रोसेस को बायपास कर सीधे ओटीटी पर ऐसी संवेदनशील फिल्में रिलीज नहीं कर सकता। सरकार ने रुख अपनाया कि यदि फिल्म को दोबारा भारत में स्ट्रीम

हरियाणवी गाने भोला-भोली की रील पर विवाद:गंगा में प्रदीप बूरा ने पत्नी पूजा हुड्‌डा को उठाया; यूजर बोला- इन पर इमरान हाशमी सूट करेगा

हरियाणवी गाने भोला-भोली की रील पर विवाद:गंगा में प्रदीप बूरा ने पत्नी पूजा हुड्‌डा को उठाया; यूजर बोला- इन पर इमरान हाशमी सूट करेगा

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के कलाकार पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा का नया गाना ‘भोला भोली’ रिलीज होते ही विवादों में घिर गया है। हरिद्वार की हर की पौड़ी पर शूट की गई एक रील को लेकर सोशल मीडिया पर दोनों को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। रील में गंगा नदी में प्रदीप बूरा अपनी पत्नी पूजा हुड्डा को गोद में उठाए नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड में गाना बज रहा है, ‘एक घाट पै भोली खड़ी अर एक घाट पै भोला, अरदास करै मां गंगा तै म्हारा मेल करा दे तौला।’ दोनों के भीगे कपड़ों और धार्मिक स्थल पर फिल्माए गए इस दृश्य पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक आस्था और हर की पौड़ी की गरिमा के खिलाफ बताया है। एक यूजर ने लिखा कि इन पर भोले बाबा नहीं, इमरान हाशमी सूट करेगा। विवाद बढ़ने के बाद प्रदीप बूरा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पति-पत्नी के प्रेम पर आधारित म्यूजिक वीडियो का हिस्सा है और इसमें कुछ भी अश्लील नहीं है। 6 जुलाई को रिलीज हुआ था गाना पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा का नया गाना ‘भोला भोली’ 6 जुलाई को रिलीज हुआ था। इसकी शूटिंग हरिद्वार और ऋषिकेश के अलग-अलग धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर की गई थी। पूरी शूटिंग करीब दो दिन में पूरी हुई। यूट्यूब पर इस गाने को अब तक करीब ढाई करोड़ बार देखा और सुना जा चुका है। गाने के प्रमोशन के लिए पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा ने हरिद्वार में कई रील भी बनाई थीं। यूजर ने लिखा- ऐसी चीजें शोभा नहीं देतीं इन रील्स पर यूजर अलग-अलग तरह के कमेंट कर रहे हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि आस्था के केंद्र हरिद्वार जैसे पवित्र स्थान पर गंगा नदी में इस तरह अश्लील हरकत करना गलत है। एक यूजर ने कहा, “आप जैसे बड़े कलाकारों से ऐसी उम्मीद नहीं थी।” वहीं दूसरे ने लिखा, “भोले बाबा के नाम पर इस तरह का कंटेंट शोभा नहीं देता।” कुछ यूजर्स ने इसे “बेशर्मी” करार दिया, जबकि कई ने कहा कि “आप अच्छे कलाकार हैं, आपको ऐसी चीजें शोभा नहीं देतीं।” महिला बोली- ऐसे कलाकारों का विरोध करना चाहिए विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो भी वायरल हुआ। महिला ने कहा कि जो लोग पहले मासूम शर्मा का विरोध करते थे, उन्हें अब पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा के वीडियो पर भी बोलना चाहिए। आखिर कौन सा भोला और कौन सी भोली कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह का व्यवहार करेंगे। महिला ने आरोप लगाया कि मासूम शर्मा पर अक्सर बदमाशी को बढ़ावा देने वाले गाने बनाने के आरोप लगाए जाते थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी धार्मिक स्थल पर इस तरह का वीडियो नहीं बनाया। उसने पूजा हुड्डा की ड्रेसिंग पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह का कंटेंट समाज में गलत संदेश देता है। जो कलाकार धार्मिक स्थलों पर इस तरह का कंटेंट बनाते हैं, उनका विरोध किया जाना चाहिए। प्रदीप बूरा बोले- हमारी रील में कुछ भी अश्लील नहीं विवाद पर प्रदीप बूरा ने कहा, “अगर लोगों को उस रील में वल्गर कंटेंट नजर आ रहा है, तो फिर भी वे उसे देख रहे हैं। हमने उस वीडियो में कोई आपत्तिजनक कपड़े नहीं पहने हैं। भोले और पार्वती की भी लव मैरिज हुई थी। लोग हरिद्वार जाकर शराब पीते हैं, लेकिन हमारी रील में ऐसा कुछ भी नहीं है। हमने सिर्फ पति-पत्नी के प्यार को दिखाया है, जो भोले और पार्वती के रूप में दर्शाया गया है। हमारी रील देखकर किसी पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ रहा।”

बोल बेबी बोल फेम सिंगर एस जानकी का निधन:88 साल की थीं, 60 साल के करियर में कई भाषाओं में 48 हजार गाने गाए

बोल बेबी बोल फेम सिंगर एस जानकी का निधन:88 साल की थीं, 60 साल के करियर में कई भाषाओं में 48 हजार गाने गाए

मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. जानकी ने अपने करियर में 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। इनमें ज्यादातर हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में हैं। एस. जानकी को ‘बोल बेबी बोल (मेरी जंग), प्रभु मोरे अवगुण (सुर संगम), ओ मारिया (सागर), गोपाला-गोपाला (हमसे है मुकाबला) जैसे हिंदी गानों के लिए जाना जाता है। एस. जानकी को चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई राज्य-स्तरीय सम्मानों से नवाजा गया है। पद्मभूषण ठुकरा दिया था जानकी ने 1957 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनका पहला हिंदी गाना साल 1958 में आई फिल्म ‘मिस 58’ में था, जिसका संगीत जी. रामनाथन ने तैयार किया था। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर देर से पहचान मिलती है और उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को उनका उचित हक नहीं मिलता है। संगीत जगत की जानकी अम्मा, 60 साल गाने गाए एस. जानकी को संगीत की दुनिया में जानकी अम्मा के नाम से जाना जाता था। वे हमेशा कहती थीं कि सिंगिंग ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। वे अपनी सफलता का श्रेय संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं। उनकी और एसपी बालसुब्रह्मण्यम की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों डुएट गाए। करीब छह दशक तक एक्टिव रहने के बाद उन्होंने 2017 में स्वयं घोषणा की कि अब वे नई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगी। उनका कहना था, ‘मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।’ उन्होंने मैसूर में एक कार्यक्रम के साथ अपने गायन करियर को विराम दिया।

नीता अंबानी देश की सबसे पावरफुल महिला:फॉर्च्यून इंडिया की लिस्ट में नंबर 1 पर; टॉप-10 में ईशा अंबानी भी शामिल

नीता अंबानी देश की सबसे पावरफुल महिला:फॉर्च्यून इंडिया की लिस्ट में नंबर 1 पर; टॉप-10 में ईशा अंबानी भी शामिल

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी फॉर्च्यून इंडिया की सबसे पावरफुल टॉप-100 महिलाओं की लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया हैं। यह सम्मान उन्हें लीडरशिप और समाज सेवा के लिए मिला है। उनकी लीडरशिप में फाउंडेशन ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम करते हुए 2.9 करोड़ बच्चों समेत देश के 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी बदली है। खास बात ये है कि इस लिस्ट में उनकी बेटी ईशा अंबानी 7वें नंबर पर रहीं।

सारा अली खान पहुंचीं पहलगाम:स्थानीय परिवार के साथ बिताया समय, ट्रेकिंग स्टिक के साथ दिखीं, क्या एक्ट्रेस अमरनाथ यात्रा पर हैं

सारा अली खान पहुंचीं पहलगाम:स्थानीय परिवार के साथ बिताया समय, ट्रेकिंग स्टिक के साथ दिखीं, क्या एक्ट्रेस अमरनाथ यात्रा पर हैं

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम पहुंचीं। पहलगाम के नूर मड हाउस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सारा की कई तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि सारा अमरनाथ यात्रा के लिए कश्मीर पहुंची हैं। हालांकि, सारा अली खान या उनकी टीम ने अब तक अमरनाथ यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। तस्वीरों में सारा स्थानीय गुज्जर-बकरवाल परिवार के साथ समय बिताती नजर आ रही हैं। उन्होंने परिवार के साथ बैठकर फोटो भी खिंचवाई। बता दें कि नूर मड हाउस में लकड़ी की आंच पर धीरे-धीरे पका हुआ स्थानीय कश्मीरी भोजन परोसा जाता है। नूर मड हाउस ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘सारा अली खान का मेहमान नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात थी। उनकी सादगी, विनम्रता और अपनापन हमेशा याद रहेगा। नूर मड हाउस में उनका हमेशा स्वागत रहेगा।’ क्या अमरनाथ यात्रा पर हैं सारा? पोस्ट में लोकेशन पहलगाम, कश्मीर दी गई है। पहलगाम, अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक मार्ग का प्रमुख बेस कैंप भी है और इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि सारा अमरनाथ यात्रा के लिए पहुंची हैं। हालांकि, पोस्ट में कहीं भी अमरनाथ यात्रा या बाबा बर्फानी के दर्शन का जिक्र नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल इसे केवल अटकल ही माना जा सकता है। अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई है और पहलगाम मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं। सारा अली खान इससे पहले भी केदारनाथ, महाकाल मंदिर, काशी विश्वनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करती रही हैं। सारा जुलाई 2023 में अमरनाथ यात्रा पर गई थीं। उन्होंने बाबा बर्फानी के दर्शन कर अपनी यात्रा के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। ट्रोलिंग पर सारा ने खुलकर जवाब दिया था गौरतलब है कि सारा के पिता सैफ अली खान मुस्लिम हैं, जबकि उनकी मां अमृता सिंह हिंदू हैं। सारा अपने पिता का ही टाइटल यूज करती हैं। मंदिरों में जाने के लिए सारा अली खान की कट्टरपंथियों ने आलोचना की थी। मुस्लिम होने के बावजूद सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था कुछ लोगों को पसंद नहीं आती है। वहीं, अपनी फिल्म जरा हटके जरा बचके के प्रमोशन के दौरान सारा ने विरोधियों को जवाब भी दिया था। सारा ने कहा था, ‘मैं जितनी शिद्दत से अजमेर शरीफ जाऊंगी, उतनी ही शिद्दत से गुरुद्वारा बंगला साहिब या महाकाल जाऊंगी और जाती रहूंगी। जिसको मुझे ट्रोल करना है, वो ट्रोल कर सकते हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन कहीं भी जाकर सबसे जरूरी बात ये होती है कि आपको वहां की ऊर्जा अच्छी लगनी चाहिए। मैं ऊर्जा में मान्यता रखती हूं।’

सारा अली खान पहुंचीं पहलगाम:स्थानीय परिवार के साथ बिताया समय, ट्रेकिंग स्टिक के साथ दिखीं, क्या एक्ट्रेस अमरनाथ यात्रा पर हैं

सारा अली खान पहुंचीं पहलगाम:स्थानीय परिवार के साथ बिताया समय, ट्रेकिंग स्टिक के साथ दिखीं, क्या एक्ट्रेस अमरनाथ यात्रा पर हैं

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम पहुंचीं। पहलगाम के नूर मड हाउस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सारा की कई तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि सारा अमरनाथ यात्रा के लिए कश्मीर पहुंची हैं। हालांकि, सारा अली खान या उनकी टीम ने अब तक अमरनाथ यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। तस्वीरों में सारा स्थानीय गुज्जर-बकरवाल परिवार के साथ समय बिताती नजर आ रही हैं। उन्होंने परिवार के साथ बैठकर फोटो भी खिंचवाई। बता दें कि नूर मड हाउस में लकड़ी की आंच पर धीरे-धीरे पका हुआ स्थानीय कश्मीरी भोजन परोसा जाता है। नूर मड हाउस ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘सारा अली खान का मेहमान नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात थी। उनकी सादगी, विनम्रता और अपनापन हमेशा याद रहेगा। नूर मड हाउस में उनका हमेशा स्वागत रहेगा।’ क्या अमरनाथ यात्रा पर हैं सारा? पोस्ट में लोकेशन पहलगाम, कश्मीर दी गई है। पहलगाम, अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक मार्ग का प्रमुख बेस कैंप भी है और इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि सारा अमरनाथ यात्रा के लिए पहुंची हैं। हालांकि, पोस्ट में कहीं भी अमरनाथ यात्रा या बाबा बर्फानी के दर्शन का जिक्र नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल इसे केवल अटकल ही माना जा सकता है। अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई है और पहलगाम मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं। सारा अली खान इससे पहले भी केदारनाथ, महाकाल मंदिर, काशी विश्वनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करती रही हैं। सारा जुलाई 2023 में अमरनाथ यात्रा पर गई थीं। उन्होंने बाबा बर्फानी के दर्शन कर अपनी यात्रा के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। ट्रोलिंग पर सारा ने खुलकर जवाब दिया था गौरतलब है कि सारा के पिता सैफ अली खान मुस्लिम हैं, जबकि उनकी मां अमृता सिंह हिंदू हैं। सारा अपने पिता का ही टाइटल यूज करती हैं। मंदिरों में जाने के लिए सारा अली खान की कट्टरपंथियों ने आलोचना की थी। मुस्लिम होने के बावजूद सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था कुछ लोगों को पसंद नहीं आती है। वहीं, अपनी फिल्म जरा हटके जरा बचके के प्रमोशन के दौरान सारा ने विरोधियों को जवाब भी दिया था। सारा ने कहा था, ‘मैं जितनी शिद्दत से अजमेर शरीफ जाऊंगी, उतनी ही शिद्दत से गुरुद्वारा बंगला साहिब या महाकाल जाऊंगी और जाती रहूंगी। जिसको मुझे ट्रोल करना है, वो ट्रोल कर सकते हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन कहीं भी जाकर सबसे जरूरी बात ये होती है कि आपको वहां की ऊर्जा अच्छी लगनी चाहिए। मैं ऊर्जा में मान्यता रखती हूं।’

झुर्रियां हटाने के टिप्स: कम उम्र में भी अगर आपके चेहरे पर पड़ रही हैं झुर्रियां, तो आज ही हैं ये छोटी आदतें

झुर्रियां हटाने के टिप्स: कम उम्र में भी अगर आपके चेहरे पर पड़ रही हैं झुर्रियां, तो आज ही हैं ये छोटी आदतें

झुर्रियाँ हटाने के उपाय: आज- कल के समय में प्रदूषण, भाग भारी नस्लीय जीवन शैली और गलत खान-पान का सीधा असर हमारी खाल पर दिखता है। उम्र से पहले चेहरे पर आने वाली फाइन लाइन्स और जर्रियां में काफी टेंशन बढ़ जाती है। बाजार में मिलने वाले सरकारी सौंदर्य उत्पाद कई बार कैमिकल्स के कारण त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप अपने बालों को खूबसूरत दिखाने के लिए हमेशा जवां और चमकदार दिखना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं उन खास टिप्स के बारे में, जो आपको बेडाग और खूबसूरत लुक पाने में मदद करते हैं। पानी पीने की आदत शरीर में पानी की कमी पर स्कार्फ स्ट्रेंथ और बेजान दिखने लगते हैं, जिससे झुर्रियां जल्दी उभरती हैं। दिन भर में 7 से 10 लीटर पानी पिएं। यह आदतन शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और चेहरे पर बिकने वाली ग्लो बनाने में मदद करता है। अन्तःकरण रूखी त्वचा पर उम्र के निशान जल्दी दिखते हैं। इससे बचने के लिए सुबह संस्थान के बाद और रात को सोने से पहले महान अलैहिस्सर का कमरा। आप नारियल तो नारियल या बादाम के तेल की कुछ पत्तियों से शरीर को नरिश कर सकते हैं। ये है सॉफ्ट और शील्डेड रखने का तरीका सबसे आसान उपाय। धूप से बचाव तेज़ धूप की किरणें चमक को गहराई से नुकसान पहुंचाती हैं और इसे ठीक करती हैं। गर्मी हो या नज़ारे, घर से बाहर यात्रा से पहले सनस्क्रीन ले जाना बिल्कुल नहीं। यह केवल धूप से बचने के लिए ही नहीं किया जाता है, बल्कि समय से पहले धूप वाली त्वचा को भी शामिल किया जाता है। म रोज़ रात को रात को आतंकी हमले में शामिल होने के लिए धन्यवाद। एलोवेरा जेल का उपयोग करके यह रक्त शर्करा को बढ़ाता है और त्वचा को टाइट करने में मदद करता है। सारांश हमारा खान-पान सीधे चेहरे पर दिखता है। इनमें हरी पत्तेदार सामुद्रिक और समुद्री पत्ते जैसे सेंट्रा, सेब और अनार शामिल हैं। साथ ही मूंगफली और बादाम का सेवन करें। ये पोषक तत्त्व रेशम को अंदर के शहर में युवा बनाए रखता है। उत्तर रात में स्किन खुद को रिपेयर करती है। 7 से 8 घंटे की गहरी नींद, आंखों के नीचे काले घेरे और थकान नहीं। समय पीठ के बल सोने की कोशिश करें, क्योंकि करवट लेकर सोने से सोल तकिए के दबाव के कारण चेहरे पर निशान पैड हो सकता है। तनाव मुक्त लगातार चिंता करने से चेहरे का ग्लो खत्म हो जाता है। हमेशा खुश रहने की कोशिश करें और मेंटल पीस के लिए सुबह योगा या मेडिकल इंडस्ट्रीज़ अपनाएं। तनाव कम करने से आप लंबे समय तक जवान और ताज़ा महसूस करेंगे। यह भी पढ़ें: थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ का इंतजार हुआ खत्म, रिलीज डेट (टैग्सटूट्रांसलेट)प्राकृतिक झुर्रियां हटाना(टी)त्वचा की देखभाल के टिप्स(टी)बुढ़ापा रोधी घरेलू उपचार(टी)चमकती त्वचा पाएं(टी)झुर्रियों के लिए चेहरे की मालिश(टी)त्वचा के लिए स्वस्थ आहार(टी)समय से पहले बुढ़ापा रोकना

दुनिया घूमने की आजादी काफी महंगी:सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देशों के नागरिक चुका रहे सबसे ज्यादा 57% तक टैक्स

दुनिया घूमने की आजादी काफी महंगी:सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देशों के नागरिक चुका रहे सबसे ज्यादा 57% तक टैक्स

दुनिया में बिना वीसा ज्यादा देशों की यात्रा करने की आजादी भी एक बड़ी कीमत के साथ आती है। ‘ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ बताता है कि दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट रखने वाले देशों के नागरिक सबसे ज्यादा टैक्स भी चुकाते हैं। रैंकिंग में पहले स्थान पर रहे स्वीडन के साथ फिनलैंड और डेनमार्क जैसे देशों में प्रभावी टैक्स 56-57% तक पहुंच जाता है। इसी टैक्स से वहां मुफ्त शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं का खर्च उठाया जाता है। इंडेक्स में शीर्ष 10 में से 9 स्थान यूरोपीय देशों के पास हैं। स्वीडन पहले, स्विट्जरलैंड दूसरे और फिनलैंड तीसरे स्थान पर हैं। टॉप-10 में शामिल एकमात्र गैर-यूरोपीय देश सिंगापुर है। यानी दुनिया में सबसे ज्यादा यात्रा की आजादी देने वाले पासपोर्ट पर यूरोप का दबदबा है, लेकिन इसके साथ सबसे भारी टैक्स बोझ भी जुड़ा है। हालांकि पूरे यूरोप की तस्वीर एक जैसी नहीं है। स्विट्जरलैंड और नॉर्वे ऐसे अपवाद हैं, जहां बेहतर जीवन स्तर और मजबूत शासन के साथ अपेक्षाकृत कम प्रभावी टैक्स दरें हैं। खासकर स्विट्जरलैंड कम टैक्स के कारण निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। एशिया की बात करें तो सिंगापुर 10वें स्थान के साथ टॉप-10 में शामिल अकेला देश है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (21वें), जापान (23वें), हॉन्गकॉन्ग और दक्षिण कोरिया का स्थान है। निवेश की आजादी के मामले में सिंगापुर दुनिया में पहले, हॉन्गकॉन्ग दूसरे और यूएई पांचवें स्थान पर है। सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय 92,270 डॉलर है, जबकि यूएई और हॉन्गकॉन्ग भी ऊंची आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। खास बात यह है कि यूएई में टैक्स का बोझ लगभग शून्य है, जबकि सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग भी कम टैक्स के साथ निवेश और संपत्ति निर्माण के लिए अनुकूल माहौल देते हैं। भारत इस इंडेक्स में 197 देशों के बीच 125वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को सिर्फ 26 देशों में वीसा-मुक्त या वीसा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा मिलती है। यानी भारत के नागरिक अपेक्षाकृत कम टैक्स देते हैं, लेकिन वैश्विक यात्रा की आजादी के मामले में अभी भी काफी पीछे हैं। स्विट्जरलैंड, नॉर्वे अपवाद…पासपोर्ट दमदार, प्रभावी टैक्स भी कम यूरोप में कम टैक्स वाले देश आमतौर पर यूरोपीय संघ से बाहर हैं। स्विट्जरलैंड और नॉर्वे इसके अपवाद हैं, जो बेहतरीन शासन और ऊंचे जीवन स्तर के साथ कम प्रभावी टैक्स दरें लगाते हैं। नॉर्वे भी ईयू का सदस्य न होने के बावजूद मजबूत पासपोर्ट में बना हुआ है। स्विट्जरलैंड पूरे यूरोप में सबसे कम टैक्स लेकर निवेशकों को आकर्षित करता है।

वियतनाम में भारतीय टूरिस्टों से भरी बोट पलटी:32 भारतीय सवार थे, 18 का रेस्क्यू, 14 की तलाश जारी

वियतनाम में भारतीय टूरिस्टों से भरी बोट पलटी:32 भारतीय सवार थे, 18 का रेस्क्यू, 14 की तलाश जारी

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक बोट समुद्र में पलट गई। भारतीय दूतावास ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और खोज-बचाव अभियान जारी है। सोशल मीडिया पर दावा किया किया जा रहा है कि इसमें 32 भारतीय टूरिस्ट सवार थे। इनमें से 18 का रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि 14 की तलाश जारी है। वियतनाम की हो ची मिन्ह सिटी में स्थित इंडियन एंबेसी ने बताया कि घटना के सही जानकारी जुटाई जा रही है। यहां यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इससे संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 जारी किए गए हैं। हादसे की तस्वीरें… भारतीय दूतावास ने बनाए कंट्रोल रूम भारतीय दूतावास ने कहा कि हादसे के बाद हनोई स्थित दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। दोनों मिशन स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद दी जा रही है। दूतावास ने कहा कि हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी अभी जुटाई जा रही है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। सुबह 10:30 बजे हुआ हादसा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। नाव भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक के पास स्थित होन मे रुट न्गोआई द्वीप घुमाने ले जा रही थी। यह द्वीप अपने साफ समुद्र, छोटे बीच और कोरल रीफ डाइविंग के लिए मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से नाव या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं। खबर लगातर अपडेट हो रही है…

टीवी एक्टर रोहित चंदेल पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार:16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट के आरोप

टीवी एक्टर रोहित चंदेल पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार:16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट के आरोप

पांड्या स्टोर फेम एक्टर रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उन पर मारपीट करने के आरोप भी लगे। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल एक्टर कस्टडी में हैं। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। लड़की ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब लड़की ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। कौन हैं रोहित चंदेल? रोहित चंदेल ने स्टार प्लस के फेमस शो ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना और जी टीवी के ऐतिहासिक शो ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शाहदा के रहने वाले रोहित अभिनय में आने से पहले प्रोफेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए क्रिकेट खेला और मार्शल आर्ट्स में भी अपने जिले का रिप्रेजेंट किया। साल 2015 में रोहित एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल विज्ञापन मिला। इसके बाद उन्होंने ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘एस्केप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। हाल ही में वे ‘सैराब’ और ‘चावल से चैंपियनशिप तक’ जैसी प्रोजेक्ट में नजर आए।