Saturday, 08 Aug 2026 | 10:09 AM

Trending :

सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया मुस्लिम नाटो- पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये ने रक्षा समझौता साइन किया:एक पर हमला तीनों पर माना जाएगा; साझा ट्रेनिंग और सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे Dabur Products Ban Lifted | USA Becomes Top LPG Supplier to India
EXCLUSIVE

RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement
  • Hindi News
  • Business
  • RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

57 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

RBI अगले वित्तीय वर्ष यानी 2027-28 की शुरुआत से देश में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि शुरुआत में पॉलिमर नोट छोटे मूल्य यानी कम वैल्यू के करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है।

30 साल तक चलते है पॉलिमर नोट

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि दुनिया के कई देशों जैसे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पॉलिमर करेंसी नोट 30 साल से भी अधिक समय तक सफलतापूर्वक उपयोग में रहे हैं।

भारत में कागजी नोट, विशेषकर ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट, बहुत जल्द गंदे हो जाते हैं या फटने लगते हैं। पॉलिमर नोट आने से नोटों की उम्र बढ़ेगी, पानी या नमी से ये खराब नहीं होंगे और बार-बार नए नोट छापने का सरकारी खर्च भी कम होगा।

सवाल-जवाब में जानें इस खबर से जुड़ी जरूरी बातें…

सवाल 1: पॉलीमर नोट क्या होते हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही?

जवाब: पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं।

इन्हें लाने की मुख्य वजहें-

  • लंबी उम्र: ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं।
  • नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
  • छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं, जिससे छपाई का खर्च बढ़ता है। FY25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट लंबे चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का खर्च घटेगा।

सवाल 2: क्या पुरानेकागजी नोट बंद हो जाएंगे?

जवाब: बिल्कुल नहीं। सरकार और आरबीआई ने पूरी तरह साफ किया है कि पॉलीमर नोट आने से पुराने कागजी नोट चलन से बाहर नहीं होंगे।

  • को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे।
  • फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर यानी अलग-अलग चरण में किया जाएगा।
  • सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे।

सवाल 3: पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था?

जवाब: भारत ने 2012 में पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी वजहों से प्रोजेक्ट रुक गया था।

  • मई-जून : मीडिया रिपोर्ट्स और आरबीआई की रिपोर्ट में शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोटों पर विचार की बात आई। जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की कि पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन किया जा रहा है।

सवाल 4: दुनिया के किन देशों में प्लास्टिक नोट चलते हैं?

दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं।

सवाल 5: भारत में कब-कब नोट बदले गए?

आजादी से लेकर अब तक भारत में बड़े पैमाने पर 3 बार नोटबंदी या बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया है…

1. पहली बार – जनवरी 1946 (ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले):

क्या हुआ: तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। मकसद: काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना। बाद में: 1954 में सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर से शुरू किए थे।

2. दूसरी बार – जनवरी 1978 (मोरारजी देसाई सरकार):

क्या हुआ: जनता पार्टी की सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया। मकसद: चुनाव में होने वाले काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार को रोकना।

3. तीसरी बार – 8 नवंबर 2016 (नरेंद्र मोदी सरकार):

क्या हुआ: रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे ₹500 और ₹1,000 के नोटों को रातों-रात अमान्य घोषित कर दिया। बदलाव: इनकी जगह ₹500 का नया नोट और पहली बार ₹2,000 का नया नोट जारी किया गया।

₹2000 के नोट की वापसी (मई 2023): 19 मई 2023 को RBI ने ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत ₹2,000 के नोट को चलन (सर्कुलेशन) से वापस लेने का ऐलान किया। हालांकि इसे नोटबंदी नहीं कहा गया क्योंकि इसे बैंक में जमा करने या बदलने का समय दिया गया था।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया

August 1, 2026/
5:30 am

फिल्म ‘आर्य भट्ट का जीरो’ खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत...

टॉक्सिक-धुरंधर के दौर में ट्रेंड फॉलो नहीं करते सुधांशु पांडे:बोले- मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मेरा हर काम नया ट्रेंड शुरू करे

March 10, 2026/
4:38 pm

एक्टर सुधांशु पांडे इन दिनों कलर्स के नए शो ‘दो दुनिया एक दिल’ को लेकर चर्चा में हैं। इस शो...

Vaibhav Suryavanshi Wins Big at IPL 2026

June 1, 2026/
7:46 am

पटना21 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स भले ही फाइनल से बाहर हो...

आशा भोसले को याद कर संगीत जगत के सितारे भावुक:उदित, अनु, हरिहरन समेत दिग्गजों ने यादें साझा कीं, कहा- उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी

April 13, 2026/
6:16 pm

आशा भोसले के निधन के बाद संगीत जगत में शोक की लहर है। कई दिग्गजों ने उनसे जुड़ी यादें साझा...

राजनीति

RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement
  • Hindi News
  • Business
  • RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

57 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

RBI अगले वित्तीय वर्ष यानी 2027-28 की शुरुआत से देश में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि शुरुआत में पॉलिमर नोट छोटे मूल्य यानी कम वैल्यू के करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है।

30 साल तक चलते है पॉलिमर नोट

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि दुनिया के कई देशों जैसे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पॉलिमर करेंसी नोट 30 साल से भी अधिक समय तक सफलतापूर्वक उपयोग में रहे हैं।

भारत में कागजी नोट, विशेषकर ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट, बहुत जल्द गंदे हो जाते हैं या फटने लगते हैं। पॉलिमर नोट आने से नोटों की उम्र बढ़ेगी, पानी या नमी से ये खराब नहीं होंगे और बार-बार नए नोट छापने का सरकारी खर्च भी कम होगा।

सवाल-जवाब में जानें इस खबर से जुड़ी जरूरी बातें…

सवाल 1: पॉलीमर नोट क्या होते हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही?

जवाब: पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं।

इन्हें लाने की मुख्य वजहें-

  • लंबी उम्र: ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं।
  • नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
  • छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं, जिससे छपाई का खर्च बढ़ता है। FY25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट लंबे चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का खर्च घटेगा।

सवाल 2: क्या पुरानेकागजी नोट बंद हो जाएंगे?

जवाब: बिल्कुल नहीं। सरकार और आरबीआई ने पूरी तरह साफ किया है कि पॉलीमर नोट आने से पुराने कागजी नोट चलन से बाहर नहीं होंगे।

  • को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे।
  • फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर यानी अलग-अलग चरण में किया जाएगा।
  • सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे।

सवाल 3: पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था?

जवाब: भारत ने 2012 में पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी वजहों से प्रोजेक्ट रुक गया था।

  • मई-जून : मीडिया रिपोर्ट्स और आरबीआई की रिपोर्ट में शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोटों पर विचार की बात आई। जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की कि पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन किया जा रहा है।

सवाल 4: दुनिया के किन देशों में प्लास्टिक नोट चलते हैं?

दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं।

सवाल 5: भारत में कब-कब नोट बदले गए?

आजादी से लेकर अब तक भारत में बड़े पैमाने पर 3 बार नोटबंदी या बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया है…

1. पहली बार – जनवरी 1946 (ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले):

क्या हुआ: तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। मकसद: काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना। बाद में: 1954 में सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर से शुरू किए थे।

2. दूसरी बार – जनवरी 1978 (मोरारजी देसाई सरकार):

क्या हुआ: जनता पार्टी की सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया। मकसद: चुनाव में होने वाले काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार को रोकना।

3. तीसरी बार – 8 नवंबर 2016 (नरेंद्र मोदी सरकार):

क्या हुआ: रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे ₹500 और ₹1,000 के नोटों को रातों-रात अमान्य घोषित कर दिया। बदलाव: इनकी जगह ₹500 का नया नोट और पहली बार ₹2,000 का नया नोट जारी किया गया।

₹2000 के नोट की वापसी (मई 2023): 19 मई 2023 को RBI ने ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत ₹2,000 के नोट को चलन (सर्कुलेशन) से वापस लेने का ऐलान किया। हालांकि इसे नोटबंदी नहीं कहा गया क्योंकि इसे बैंक में जमा करने या बदलने का समय दिया गया था।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.