वर्ल्ड अपडेट्स:कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन; 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी जानकारी कतर के सर्वोच्च सरकारी निकाय अमीरी दीवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा कि शेख हमद ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। हालांकि, उनके निधन का कारण नहीं बताया गया है। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। वर्ष 2013 में उन्होंने सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन; 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी जानकारी कतर के सर्वोच्च सरकारी निकाय अमीरी दीवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा कि शेख हमद ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। हालांकि, उनके निधन का कारण नहीं बताया गया है। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। वर्ष 2013 में उन्होंने सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं।
इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कल 13 जुलाई से शुरू होने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस हफ्ते बाजार की दिशा रिलायंस और HDFC बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे 5 बड़े फैक्टर्स से तय होगी। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 24,125 | 23,935 | 23,872 | 23,812 | 23,783 | 23,466 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. रिलायंस और HDFC बैंक समेत 143 कंपनियों के Q1 नतीजे इस हफ्ते देश की कुल 143 कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, विप्रो और HCL टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार के जानकार इन कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखेंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर फोकस में आ गई हैं। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 5% और WTI क्रूड में 4% से ज्यादा की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका का ईरान पर किए गए हमले और ईरान की तरफ से पलटवार की चेतावनी है। 3. FII और DII की एक्टिविटी विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले हफ्ते ₹4,670 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और ₹8,280 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII एक्टिविटी पर होगी। 4. ग्लोबल मार्केट की चाल ग्लोबल मार्केट के संकेतों का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिकी बाजार का नैस्डैक 0.29% और डाउ जोन्स 0.29% शुक्रवार को मजबूत होकर बंद हुआ था। वहीं एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और जापान का निक्केई 1.4% चढ़ा। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 24,550 का स्तर अहम रेजिस्टेंस SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल अपने मूविंग एवरेज के आसपास घूम रहा है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 24,500-24,550 का जोन एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 23,950-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। शुक्रवार को सेंसेक्स 828 अंक चढ़कर बंद हुआ था शुक्रवार, 10 जुलाई को सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया। बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कल 13 जुलाई से शुरू होने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस हफ्ते बाजार की दिशा रिलायंस और HDFC बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे 5 बड़े फैक्टर्स से तय होगी। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 24,125 | 23,935 | 23,872 | 23,812 | 23,783 | 23,466 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. रिलायंस और HDFC बैंक समेत 143 कंपनियों के Q1 नतीजे इस हफ्ते देश की कुल 143 कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, विप्रो और HCL टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार के जानकार इन कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखेंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर फोकस में आ गई हैं। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 5% और WTI क्रूड में 4% से ज्यादा की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका का ईरान पर किए गए हमले और ईरान की तरफ से पलटवार की चेतावनी है। 3. FII और DII की एक्टिविटी विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले हफ्ते ₹4,670 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और ₹8,280 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII एक्टिविटी पर होगी। 4. ग्लोबल मार्केट की चाल ग्लोबल मार्केट के संकेतों का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिकी बाजार का नैस्डैक 0.29% और डाउ जोन्स 0.29% शुक्रवार को मजबूत होकर बंद हुआ था। वहीं एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और जापान का निक्केई 1.4% चढ़ा। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 24,550 का स्तर अहम रेजिस्टेंस SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल अपने मूविंग एवरेज के आसपास घूम रहा है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 24,500-24,550 का जोन एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 23,950-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। शुक्रवार को सेंसेक्स 828 अंक चढ़कर बंद हुआ था शुक्रवार, 10 जुलाई को सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया। बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

मुंबई में शनिवार को क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ का भारतीय प्रीमियर हुआ। स्पेशल स्क्रीनिंग में नोलन के साथ टॉम हॉलैंड और मैट डेमन भी शामिल हुए। प्रीमियर से पहले तीनों एक कैफे में चाय पीने के लिए रुके। यूनिवर्सल पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘मुंबई में ‘द ओडिसी’ के प्रीमियर से पहले चाय के लिए छोटा सा ब्रेक। एक बड़ी रात का इंतजार है, लेकिन चाय सबसे पहले!’ तस्वीरों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कई प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने लिखा, ‘रेड कार्पेट से पहले चाय का ब्रेक।’ एक यूजर ने लिखा, ‘दशक की सबसे बड़ी फिल्म बनाने के बाद भी, सादगी बरकरार।’ फिल्म ‘द ओडिसी’ के मुंबई में हुए प्रीमियर में फिल्म की कास्ट और मेकर्स के साथ-साथ कई बॉलीवुड सेलेब्स भी पहुंचे। 17 जुलाई को रिलीज होगी ‘द ओडिसी’ मैट डेमन, ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, लुपिता न्योंगो, सामंथा मॉर्टन, जेंडया और चार्लीज थेरॉन स्टारर ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्रिस्टोफर नोलन ने कहा कि वह ‘टेनेट’ का प्रीमियर भारत में करना चाहते थे, क्योंकि उसकी शूटिंग मुंबई में हुई थी। हालांकि, कोविड महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब ‘द ओडिसी’ के साथ भारत आना उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। टॉम हॉलैंड ने फिल्म को बताया दर्शकों के लिए ‘लव लेटर’ टॉम हॉलैंड ने प्रीमियर के दौरान कहा कि यह फिल्म सिनेमा और दर्शकों के लिए एक लव लेटर जैसी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में मैट डेमन और ऐनी हैथवे के किरदारों के इमोशन दर्शकों तक गहराई से पहुंचेंगे और लोगों को नोलन के काम से एक अलग जुड़ाव महसूस होगा। क्रिस्टोफर नोलन हॉलीवुड के सबसे सफल और प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली और शानदार निर्देशन से दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। साल 2024 में फिल्म ‘ओपनहाइमर’ के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर अवार्ड मिला था। उनकी फिल्मों को अब तक 49 ऑस्कर नॉमिनेशन और 18 अवार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने ‘द डार्क नाइट ट्रायोलॉजी’, ‘इनसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘डनकर्क’ और ‘मेमेंटो’ जैसी फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की है।
'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

मुंबई में शनिवार को क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ का भारतीय प्रीमियर हुआ। स्पेशल स्क्रीनिंग में नोलन के साथ टॉम हॉलैंड और मैट डेमन भी शामिल हुए। प्रीमियर से पहले तीनों एक कैफे में चाय पीने के लिए रुके। यूनिवर्सल पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘मुंबई में ‘द ओडिसी’ के प्रीमियर से पहले चाय के लिए छोटा सा ब्रेक। एक बड़ी रात का इंतजार है, लेकिन चाय सबसे पहले!’ तस्वीरों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कई प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने लिखा, ‘रेड कार्पेट से पहले चाय का ब्रेक।’ एक यूजर ने लिखा, ‘दशक की सबसे बड़ी फिल्म बनाने के बाद भी, सादगी बरकरार।’ फिल्म ‘द ओडिसी’ के मुंबई में हुए प्रीमियर में फिल्म की कास्ट और मेकर्स के साथ-साथ कई बॉलीवुड सेलेब्स भी पहुंचे। 17 जुलाई को रिलीज होगी ‘द ओडिसी’ मैट डेमन, ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, लुपिता न्योंगो, सामंथा मॉर्टन, जेंडया और चार्लीज थेरॉन स्टारर ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्रिस्टोफर नोलन ने कहा कि वह ‘टेनेट’ का प्रीमियर भारत में करना चाहते थे, क्योंकि उसकी शूटिंग मुंबई में हुई थी। हालांकि, कोविड महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब ‘द ओडिसी’ के साथ भारत आना उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। टॉम हॉलैंड ने फिल्म को बताया दर्शकों के लिए ‘लव लेटर’ टॉम हॉलैंड ने प्रीमियर के दौरान कहा कि यह फिल्म सिनेमा और दर्शकों के लिए एक लव लेटर जैसी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में मैट डेमन और ऐनी हैथवे के किरदारों के इमोशन दर्शकों तक गहराई से पहुंचेंगे और लोगों को नोलन के काम से एक अलग जुड़ाव महसूस होगा। क्रिस्टोफर नोलन हॉलीवुड के सबसे सफल और प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली और शानदार निर्देशन से दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। साल 2024 में फिल्म ‘ओपनहाइमर’ के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर अवार्ड मिला था। उनकी फिल्मों को अब तक 49 ऑस्कर नॉमिनेशन और 18 अवार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने ‘द डार्क नाइट ट्रायोलॉजी’, ‘इनसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘डनकर्क’ और ‘मेमेंटो’ जैसी फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की है।
'चौधरी साहब,आ गया स्टेज पे'….जैस्मिन सैंडलास ने मंगेतर इंट्रोड्यूस कराया:गुरुग्राम में कॉन्सर्ट में दौड़कर गले लगाया; बिजनेसमैन संग सगाई का ऐलान

गुरुग्राम से सटे कन्वेंशन सेंटर ‘यशोभूमि’ में शनिवार रात पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलास ने मंगेतर शेखर चौधरी को फैंस से इंट्रोड्यूस कराया। जैस्मिन शेखर का हाथ पकड़कर उन्हें स्टेज पर लेकर आई। इसके बाद फैंस को सगाई की अंगूठी दिखाकर कहा- तू आई गया स्टेज तै, चौधरी साहब। दिस इज माई मैन एवरीबडी…। लाइव कॉन्सर्ट में जैस्मिन ने शेखर को दौड़कर गले लगाया। दोनों ने उनके फेमस सॉन्ग ‘सोनिये तू लेंदा मेरा नाम’ पर कपल डांस किया। इसके बाद शेखर ने हाथ जोड़कर फैंस का अभिवादन किया। इस लाइव कॉन्सर्ट में जैस्मिन ने ‘इल्लीगल वेपन’, ‘सिप सिप’ और फिल्म मुंज्या का हालिया सुपरहिट ट्रैक ‘तरस’ गाया। जैस्मिन के हर एक लिरिक्स पर फैंस ने भी जमकर डांस किया। शेखर के सामने आते ही मोबाइल टॉर्च जलाकर उनका स्वागत किया। शेखर पेशे से एक बिजनेसमैन हैं। वहीं, जैस्मिन सैंडलास अभी ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर 2026’ कर रही है। इस टूर में जैस्मिन दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और चंडीगढ़ जैसे शहरों में कॉन्सर्ट आयोजित कर रही हैं। कॉन्सर्ट में पहले जैस्मिन की परफॉर्मेंस, फिर शेखर को इंट्रोट्यूस कराया ‘यार ना मिले’ से परफॉर्मेंस की शुरुआत द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में शनिवार रात पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलास का कॉन्सर्ट हुआ। कॉन्सर्ट की शुरुआत जैस्मिन ने अपने सिग्नेचर स्वैग (हाथ उठाकर) पर एंट्री की, पूरा कंवेंशन सेंटर तालियों और हूटिंग से गूंज उठा। उन्होंने अपने ब्लॉकबस्टर गाने ‘यार ना मिले’ से परफॉर्मेंस की। ‘इल्लीगल वेपन’ पर झूमी भीड़ इसके बाद उन्होंने ‘इल्लीगल वेपन’, ‘सिप सिप’ और फिल्म मुंज्या का हालिया सुपरहिट ट्रैक ‘तरस’ पर परफॉर्म किया। इल्लीगल वेपन सॉन्ग पर फैंस ने भी जमकर डांस किया। जैस्मिन भी सिंगिंग के साथ अन्य स्टेज परफॉर्मर्स के साथ डांस करने लगी। बीच कॉन्सर्ट में मंगेतर शेखर चौधरी की एंट्री कॉन्सर्ट के बीच जैस्मिन ने अचानक गाना रोक दिया। इस बीच ही उनके मंगेतर शेखर की स्टेज पर एंट्री हुई। उन्होंने कहा- उनके जीवन का यह नया अध्याय फैंस के बिना अधूरा है। इसके तुरंत बाद, उन्होंने मंच पर शेखर चौधरी का स्वागत किया। जैसे ही शेखर स्टेज पर आए, जैस्मिन ने दौड़कर उन्हें गले लगाया। अंगूठी दिखाकर सगाई की घोषणा की। जैस्मिन बोलीं- ये मेरा ड्रीम टूर जैस्मिन ने कहा, “यह मेरा ड्रीम टूर है, इस सफर को अपने जीवनसाथी और आप सभी (फैंस) के साथ साझा करने से बेहतर अहसास कुछ नहीं हो सकता।” मंच पर दोनों की केमिस्ट्री नजर आई। फैंस ने स्वागत में खड़े होकर और मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर इनका अभिवादन किया। अब पढ़िए जैस्मिन का सिंगर बनने का पूरा सफर… —————- यह खबर भी पढ़ें… विराट कोहली ने औजला के सॉन्ग पर डांस किया,VIDEO:गुरुग्राम में स्टेज पर बैठकर गाने भी सुने; क्रिकेटर ने अपना ब्रांड लॉन्च किया गुरुग्राम में क्रिकेटर विराट कोहली ने अपना ब्रांड ‘One8’ लॉन्च किया। इसके लिए रविवार रात द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में इवेंट रखा गया। इसमें मशहूर पंजाबी सिंगर करन औजला भी पहुंचे। (पूरी खबर पढ़ें)
अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की:न्यूक्लियर सिटी बुशहर को निशाना बनाया; ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी, होर्मुज बंद का ऐलान

अमेरिका ने शनिवार देर रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, न्यूक्लियर सिटी बुशहर समेत असालुयेह, बंदर-ए-देयर, जास्क और चाबहार के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन इलाकों में धमाकों की पुष्टि की है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हमले के जवाब में की गई। CENTCOM के मुताबिक, हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन क्षतिग्रस्त हुआ और चालक दल का एक सदस्य लापता है। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय के सलाहकार अली सफारी ने कहा कि अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जाएगा। साथ ही ईरान ने ऐलान किया कि अमेरिकी दखल खत्म होने तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…








