पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…
पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। बैठक के दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने कहा कि जब मैंने पिछले साल भारत का दौरा किया था, तब भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस रिश्ते को मजबूत बनाने में आपने व्यक्तिगत रूप से जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इ सके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी के न्यूजीलैंड में स्वागत की दो तस्वीरें… मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…
लौकी सोया पराठा रेसिपी: कैसे बनाएं हाई प्रोटीन? क्लासिक लोकी-सोया का पराठा, भूल जायेंगे आलू-पनीर का स्वाद

सामग्री: 2 कप आटे का आटा, 1 लोकी, 1 कप सोया ग्रेन्यूल्स, 1 प्याज, 2 हरी मिर्च, हरा धनिया, ½ छोटा मोटा जीरा, ½ छोटा काला लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला और हल्दी पाउडर, स्वादानुसार नमक, घी छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले सोया ग्रेन्यूल्स को 5-7 मिनट गर्म पानी में डुबोएं। इसके बाद पानी अच्छी तरह से लेबल लें। कद्दू की हुई लौकी का भी अतिरिक्त पानी का प्रभाव हटा दिया गया। छवि: एआई मित्र तो इस पानी का उपयोग आटा गूंधने में कर सकते हैं। एक बड़े पैमाने पर आटा, लोकी, सोया ग्रेन्यूल्स, प्याज, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और सभी घटक घटक अच्छी तरह से मिले लें। छवि: एआई जरुरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डाले हुए नर आटा गूंध लें। आटे को 10-15 मिनट तक बढ़ा कर रख दें। अब छोटे-छोटे लो साथी पराठे बेल लें। छवि: फ्रीपिक गर्म तवे पर दोनों तरफ घी या तेल का मिश्रण, सोना और कुरकुरा होने तक सेक लें। गरम-गरम पराठे दही, पुदीना चिप्स या अचार के साथ सर्व करें। यह स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन संतुलन बनाने में मदद करता है। छवि: एआई यह प्रोटीन और बहुमुखी सेसाइटेंट है। लंबे समय तक पेट भरा रहने में आराम मिलता है। वजन नियंत्रण धारकों के लिए अच्छा पद है। बच्चों के टिफ़िन और ऑफ़िस के चित्र भी प्रभावित करते हैं। छवि: एआई सोया ग्रेन्यूल्स का पानी अच्छी तरह की गुणवत्ता वाला, अन्यथा पराठा स्वादयुक्त हो सकता है। लोकी में पानी सबसे ज्यादा होता है, इसलिए आटा गूंधते समय अलग से कम पानी मिलता है। छवि: एआई परांठे को मध्यम स्पर्श पर सेकें, ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह पक जाए। खजूर तो इसमें कसूरी मेथी या तिल भी मिला सकते हैं, इससे स्वाद और भी बढ़ेगा। छवि: एआई अगर आप अपने प्रोटोटाइप को स्वादिष्ट, टेस्टी और हाई प्रोटीन युक्त बनाना चाहते हैं, तो लोकी-सोया पराठा एक शानदार रेसिपी है। इस रेसिपी का स्वाद ऐसा है कि एक बार खाने के बाद आलू-पनीर के पराठे भी फीके लग सकते हैं. छवि: एआई इसे अपने वीकेंड ब्रेकफ़ास्ट या रोज़ के नामांकन में शामिल करें और पूरे परिवार के साथ इसका स्वाद लें। छवि: एआई
फिल्म प्रोमोशन के लिए देहरादून पहुंचीं हुमा कुरैशी:बोलीं-छोटे बजट की फिल्म 'बेबी डू डाई डू', दर्शकों का प्यार ही फिल्म का प्रचार

हाल में रिलीज हुई नई फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ के प्रचार के लिए शुक्रवार को फिल्म में लीड रोल भूमिका निभाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी और फिल्म स्टारकास्ट देहरादून पहुंचे। जहां फिल्म का प्रोमोशन करने के साथ टीम ने मीडिया से बातचीत कर फिल्म की कहानी, दर्शकों के मिल रहे समर्थन और अपने प्रमोशन अभियान को लेकर जानकारी दी। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और कई जगह शो हाउसफुल चल रहे हैं और इसी प्रतिक्रिया को करीब से देखने और दर्शकों से सीधे संवाद करने के लिए पूरी टीम देहरादून पहुंची है। दर्शकों से सीधे मिलकर जान रहे फिल्म का फीडबैक अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि थिएटर में जब से फिल्म लगी है, तभी से उन्हें लगातार फिल्म को लेकर कई प्रतिक्रियाएं मिल रही थी और देश में कई सिनेमाघरों में शो हाउसफुल होने की जानकारी मिलने के बाद फिल्म निर्माता और स्टारकास्ट देश के अलग अलग शहरों में दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए फिल्म का प्रमोशन कर रही हैं। इसी क्रम में आज फिल्म की टीम देहरादून पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि टीम अलग अलग शहरों के थिएटरों में जाकर दर्शकों से मिल रही है और उनसे फिल्म को लेकर राय जान रही है। दर्शकों की जुबान पर भरोसा हुमा ने कहा कि उनकी फिल्म अपेक्षाकृत छोटी फिल्म है और इसके प्रचार-प्रसार के लिए बड़े स्तर का बजट नहीं है। ऐसे में पूरी टीम का सबसे बड़ा प्रचार माध्यम दर्शक ही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को फिल्म पसंद आती है तो वह अपने दोस्तों और परिचितों को इसके बारे में बताए, यही फिल्म के लिए सबसे बड़ा समर्थन होगा। मुंबई की अंडरवर्ल्ड दुनिया पर आधारित है कहानी मीडिया से बातचीत में फिल्म की कहानी पर भी चर्चा की गई। स्टारकास्ट ने बताया कि फिल्म मुंबई की अंडरबेली और अपराध जगत की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें कंस्ट्रक्शन माफिया, अपराध, रोमांच और हास्य के तत्वों को एक साथ पिरोया गया है। फिल्म यह दिखाती है कि महानगर की चमक-दमक के पीछे अपराध और आम जिंदगी किस तरह एक साथ मौजूद रहते हैं। सस्पेंस, क्राइम और कॉमेडी का मिश्रण फिल्म में हुमा कुरैशी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उनके साथ रचित सिंह और मनोरथ शेखावत भी अहम किरदारों में नजर आ रहे हैं। कलाकारों के अनुसार फिल्म में सस्पेंस, क्राइम, थ्रिल और कॉमेडी का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि कहानी और प्रस्तुति दोनों ही दर्शकों को एक अलग अनुभव देंगी। दर्शकों से फिल्म देखने की अपील स्टारकास्ट ने देहरादून के दर्शकों से सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह एक मौलिक कहानी है, जिसे मनोरंजन के साथ अलग अंदाज में पेश किया गया है। फिल्म फिलहाल देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है और टीम को उम्मीद है कि दर्शकों का प्यार आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा।
कनखजूरा भगाने के उपाय: बारिश शुरू ही किचन-बाथरूम में आ गई कनखजूरा? 2 रुपये के देसी उपाय बिना किसी रुकावट के

10 जुलाई 2026 को 19:10 IST पर अपडेट किया गया कनखजूरा हटाने के टिप्स: बारिश के मौसम में घर, किचन या फिर बर्तन में कनखजूरा आम बात है। ये काफी डरावने और क्रूरतापूर्ण होते हैं। तो जानें जानें यहां के 5 बेहद स्वादिष्ट और अचूक घरेलू उपाय। अनुसरण करना : नमक: नारियल की नाल और नाव में सेंधा या सादा नमक छिड़कें। नमक कनखजूरों के शरीर की विधियाँ बताती हैं, जिससे वे तुरंत घर से भाग जाते हैं या मर जाते हैं। छवि: फ्रीपिक नीम का शक्तिशाली जानवर: पानी में डूबा हुआ नीम का तेल लें या नीम के तेल का इस्तेमाल करें। इस पानी को घर के हर कोने में देखें। नीम की कड़वी महक से कनखजूरे और कीड़े दूर रहते हैं। छवि: फ्रीपिक कपूर की जादुई गोलियाँ: कपूर की तेज गंध वाले कीड़े-मकौड़ों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। रसोईघर के कबाड़ी के पास, रसोई के नीचे और रसोई के मकान में कपूर की कुछ गोलियां जरूर रखें। छवि: फ्रीपिक पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल: एक बोतल में पानी लें और इसमें पेपरमिंट या टी-ट्राई ऑयल की कुछ बोतलें शामिल हैं। इसे खोलो, नालों और पटाखों में छिड़कें। यह एक प्राकृतिक और संगीतमय रसायन है। छवि: फ्रीपिक बेस्ट सोडा और चीनी का जाल: सैमसंग सोडा में कुछ पिसी चीनी रिकॉर्ड्स और टेलीविज़न के पास रख। कंपनी की सहमति से वे इसकी दिशा में सामने आए और बैंक ने अपना काम जारी रखा। छवि: फ्रीपिक कनकजूरे मंदिर वाली जगह पर पठते हैं। घर में सीलन न रहना, नालियों को नकली से ढककर रखना और सूखा रखना। घर से दूर का सबसे पक्का रास्ता साफ-रखना ही जांचना है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 10 जुलाई 2026 19:10 IST पर
हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा

ग्रीस के थेसालोनिकी से जर्मनी के मेमिंगेन जा रहे प्लेन की उड़ान के दौरान खिड़की अलग हो गई। इसके बाद कैबिन में अचानक दबाव कम हो गया और 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए। पैसेंजर ने सीट बेल्ट नहीं खोली थी, इसलिए वह पूरी तरह बाहर नहीं फिंका। पास बैठे दूसरे पैसेंजर्स ने तुरंत उसे पकड़कर वापस प्लेन के अंदर खींच लिया। घटना के समय प्लेन 30 हजार फीट की उंचाई पर उड़ रहा था। विमान कंपनी रायनएयर ने बताया कि पैसेंजर को कुछ चोटें आई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक है। यह घटना मैसिडोनिया के ऊपर हुई। घायल यात्री सर्बिया का यूरिस्ट है। उसे जलने जैसी चोटें आई हैं। प्लेन ने सुबह 5.55 मिनट पर (ग्रीस के समय के अनुसार) ग्रीस से उड़ान भरी थी। घटना के 2 फोटो: टायर फटने जैसी आवाज आई घटना के समय प्लेन में मौजूद रही महिला ने रेडियो थेसालोनिकी को बताया कि घटना के समय ज्यादातर पैसेंजर सो रहे थे। तभी टायर फटने जैसी तेज आवाज आई। इसके तुरंत बाद लोगों की चीखें सुनाई दीं। उन्होंने कहा, हमें तुरंत समझ आ गया कि विमान के अंदर दबाव कम हो गया है। कुछ पल के लिए मुझे लगा कि किसी ने गलती से इमरजेंसी दरवाजा खोल दिया है।” महिला के मुताबिक, इसके बाद ऑक्सीजन मास्क नीचे आ गए और केबिन में तेज गंध फैल गई। उन्होंने देखा कि एक यात्री का सिर और कंधे खिड़की से बाहर थे। उसने सीट बेल्ट नहीं खोला था। इसके बाद आसपास बैठे लोगों ने उसे पकड़कर वापस अंदर खींच लिया। इंजन के टुकड़े से खिड़की टूटने का अंदेशा ग्रीक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के इंजन से अलग हुए किसी मलबे के टुकड़े की वजह से खिड़की टूट गई। हालांकि, इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रायनएयर ने बयान जारी कर कहा कि उड़ान भरने के कुछ देर बाद यात्री वाली खिड़की अलग होने के कारण विमान को वापस थेसालोनिकी लौटना पड़ा। विमान ने सामान्य तरीके से लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल पहुंचाया गया। एयरलाइन ने बताया कि बाकी यात्रियों को मेमिंगेन पहुंचाने के लिए एक दूसरा विमान भेजा गया। घटना की जांच जारी है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें: एअर इंडिया फ्लाइट का इंजन बंद, पायलट का इमरजेंसी कॉल:मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी, 20 मिनट में लौटी; टेकऑफ के दौरान चिंगारी भी दिखी मुंबई मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की एअरबस A320 Neo फ्लाइट AI2812 बुधवार-गुरुवार की देर रात उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद मुंबई एयरपोर्ट लौट आई। अधिकारियों ने बताया कि हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर ‘PAN PAN’ कॉल दी, जिसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंड कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है

अगर आपके पास करोड़ों रुपए हैं, तो भी आप शोरूम जाकर अपनी पसंद की फेरारी कार नहीं खरीद सकते। इसके कुछ स्पेशल और लिमिटेड एडिशन मॉडल्स जैसे- फेरारी ला-फेरारी या हालिया पुरोसांग्वे एसयूवी को खरीदने के लिए पहले आपको अपना बैकग्राउंड बताना होगा। यहां तक कि हो सकता है कि कंपनी खुद तय करे कि वह आपको गाड़ी बेचेगी या नहीं। फेरारी को लेकर दीवानगी का आलम यह है कि अगर आज आप कोई कार बुक करते हैं तो 2028 या 2029 में वह आपको मिल पाएगी। फेरारी रफ्तार और लग्जरी का ऐसा संगम है जो इसे सुपर-कार बनाती है। हालांकि फेरारी के इतिहास में दो ऐसे संकट भी आए जब कंपनी दिवालिया होने के करीब पहुंच कर अस्तित्व के लिए जूझती नजर आई। 1969 में यह दिवालिया होने के कगार पर थी, लेकिन तब फिएट ने हिस्सेदारी खरीदकर इसे बचा लिया। असली चुनौती 1988 में इसके संस्थापक एंजो फेरारी के निधन के बाद आई। 80 के दशक के अंत में सट्टेबाजों की वजह से कारों की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ गई थीं। इसे कलेक्टर बबल कहा गया। जब 90 के दशक में वैश्विक मंदी आई और यह बुलबुला फूटा, तो 1991 के पीक के मुकाबले 1993 तक इसकी बिक्री आधी रह गई। कारें अपनी साख खोने लगी थीं। 8.50 लाख करोड़ रुपए की कंपनी है फेरारी आज फेरारी दुनिया के सबसे मजबूत ऑटोमोटिव और सुपर-कार ब्रांड्स में से एक है। ब्रांड्स फाइनेंस की रिपोर्ट के अनुसार इसे दुनिया के सिर्फ 12 ब्रांड को मिलने वाली AAA+ रेटिंग हासिल है। आज यह करीब 8.50 लाख करोड़ रु. मूल्य की कंपनी है। वर्तमान में इसके दुनियाभर में करीब 5,718 कर्मचारी हैं। अगर भारत की बात करें तो यहां फेरारी की एक्स-शोरूम कीमत ₹3.76 करोड़ से शुरू होकर ₹10.37 करोड़ रु. तक जाती है। नई फेरारी कार के लिए ग्राहकों को दो साल तक की वेटिंग रहती है। देश में पूरा कोटा सोल्ड-आउट रहता है। शुरुआत – गाड़ियों के टेस्ट ड्राइवर ने रखी थी फेरारी की नींव इटली के मोदेना शहर में जन्मे और गाड़ियों के टेस्ट ड्राइवर एंजो फरारी ने 1939 में ऑटो एवियो कोस्त्रुजियोनी नाम से कंपनी शुरू की थी, लेकिन दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने के कारण करीब 8 साल तक काम बंद रहा। इसके बाद 1947 में उन्होंने फेरारी नाम से पहली कार सड़क पर उतारी। कार रेसिंग उनका जुनून था। नए कदम – लाइफस्टाइल और फैशन के क्षेत्र में भी उतरी कंपनी कंपनी लाइफस्टाइल और फैशन के क्षेत्र में भी धूम मचा रही है। हाल ही में मिलान फैशन वीक में फेरारी कलेक्शन पेश किया गया। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कदम रख रही है, जिसके लिए मारानेलो में एक नई ‘ई-बिल्डिंग’ शुरू की गई है। इसके अलावा, मरीन इंजीनियरिंग और सेलिंग की दुनिया में भी प्रवेश की तैयारी कर रही है। यूं संकट में फंसी थी रेसिंग पर फोकस, ग्राहकों की अनदेखी – एंजो फेरारी का जुनून सिर्फ रेसिंग और फॉर्मूला वन जीतना था। इस रवैये के कारण उन्होंने कभी ग्राहकों की पसंद, आराम या लग्जरी को प्राथमिकता नहीं दी। लीडरशिप का अड़ियल रवैया, आंतरिक कलह – 1961 में एंजो की पत्नी ने प्रबंधन के कामों में दखल देना शुरू किया। जब अधिकारियों ने विरोध किया, तो एंजो ने कई प्रबंधकों को नौकरी से निकाल दिया। आर्थिक मंदी और कलेक्टर बबल का फूटना – 80 के दशक के अंत में लोग ये कारें निवेश के तौर पर खरीदते थे। 90 के दशक में मंदी की वजह से बिक्री आधी रह गई और कंपनी गहरे वित्तीय घाटे में डूब गई। भविष्य की रणनीति का अभाव – एंजो की मृत्यु के बाद फिएट के अधिकारियों ने कमान संभाली, लेकिन उनके पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं थी। इस तरह की वापसी लुका डि मोंटेजेमोलो की लीडरशिप – 1991 में लुका डि मोंटेजेमोलो फेरारी के चेयरमैन बने। सबसे पहले कारों की क्वालिटी को सुधारा। सुनिश्चित किया कि फेरारी सड़क पर भी आरामदायक और भरोसेमंद हो। ब्रांड लाइसेंसिंग का विस्तार – मोंटेजेमोलो ने लग्जरी कपड़े, घड़ियां, परफ्यूम और अन्य लाइफस्टाइल उत्पादों के लिए अपने मशहूर ‘प्रान्सिंग हॉर्स’ लोगो को लाइसेंस पर देकर करोड़ों रुपए कमाए। एक्सक्लूसिविटी बरकरार रखना – लुका की रणनीति स्पष्ट थी- ‘हमेशा बाजार की मांग से एक कार कम बनाओ। इस कृत्रिम कमी ने अमीरों के बीच फेरारी का आकर्षण कई गुना बढ़ा दिया पर्सनलाइजेशन – 1993 में ‘फेरारी चैलेंज’ शुरू किया, जो फेरारी मालिकों के लिए एक एमेच्योर रेसिंग सीरीज थी। कई भारी पर्सनलाइजेशन के विकल्प दिए। ऐसे पड़ा नाम – कंपनी का नाम इसके संस्थापक एंजो फेरारी के सरनेम पर रखा गया है। रेसिंग शौकीन एंजो ने खुद ही यह नाम तय किया था। सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी – लैंबॉर्गिनी, मैकलारेन, पॉर्श, एस्टन मार्टिन और बुगाटी दुनियाभर में इसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों में हैं। – 3.5 लाख कारें ही बनाई हैं फेरारी ने आज तक। – 60 से ज्यादा देशों में व्यापार करती है कंपनी दुनियाभर में। – 179 अधिकृत डीलर हैं दुनियाभर में फेरारी के। -13,640 कारें बिकी कंपनी की 2025 में विभिन्न देशों में।
स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका

स्पेन के दक्षिणी हिस्से में एंडालूसिया में शुक्रवार को लगी भीषण जंगल की आग में 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 19 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के सबसे बड़ी जंगलों की आग की घटनाओं में से एक है। रॉयटर्स के मुताबिक, एक गाड़ी में चार लोग जिंदा जल गए। उनकी कार का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर था, जिससे वे ब्रिटिश लग रहे थे। वहीं, अपनी कारें छोड़ भागने की कोशिश कर रहे 7 लोग भी मृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि वे निर्धारित निकासी मार्ग की बजाय दूसरे रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे और वहीं उनकी मौत हो गई। एंडालूसिया की इमरजेंसी सर्विस ने शुरुआती कॉल के आधार पर बताया कि बिजली की गिरी हुई वायर से आग लगी, जो तेजी से जंगल में फैल गई। दूसरी तरफ बिजली कंपनी एंडेसा के प्रवक्ता ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि जांच में जिस केबल की बात हो रही है, उसमें बिजली का प्रवाह ही नहीं था। इसलिए आग की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भीषण आग की 4 तस्वीरें यूरोप में हीटवेव से जंगल की आग का खतरा बढ़ा इस साल यूरोप में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने जंगल की आग का खतरा काफी बढ़ा दिया है। फ्रांस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के प्रमुख जूलियन मेरियन ने कहा कि 2026 का वाइल्डफायर सीजन असामान्य रूप से तेज शुरुआत के साथ आया है। उनके मुताबिक सर्दियों और वसंत में हुई अच्छी बारिश से उगी घनी वेजिटेशन अब लगातार पड़ रही गर्मी में सूख चुकी है और आग के लिए ईंधन का काम कर रही है। फ्रांस में इस साल अब तक 8,000 से ज्यादा आग की घटनाओं में लगभग 100 वर्ग मील क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। फ्रांस-स्पेन सीमा पर पाइरेनीज क्षेत्र में लगी आग के कारण 10 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। वहीं स्पेन के मलागा क्षेत्र के बेनहावीस कस्बे में भी जंगल की आग के कारण करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। खबर लगातर अपडेट हो रही है…
कीर्तन से कोचेला तक; दिलजीत के स्टार बनने का सफर:कभी डॉक्टर की फीस के पैसे नहीं थे, आज 380 करोड़ के मालिक हैं दिलजीत दोसांझ

साल 2024, दिलजीत दोसांझ ने ‘दिल लुमिनाटी’ नाम से वर्ल्ड टूर शुरू किया। भारत में आयोजित उनके इस टूर के टिकट कई शहरों में कुछ ही मिनटों में बिक गए। हालत यह हो गई कि अलग से शो तक जोड़ने पड़े। दिलजीत भले ही आज देश और दुनिया में पंजाबी संगीत का ग्लोबल चेहरा बन गए हों, लेकिन शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण था। हाल ही में एक पॉडकास्ट ‘Q with tom power’ में बताया कि उनका परिवार बेहद गरीब था- इतना कि अगर कोई बीमार पड़ जाए तो डॉक्टर को देने तक के पैसे नहीं होते थे। इसलिए बचपन से ही एक लक्ष्य था कि अमीर और मशहूर बनना है। हाल ही में इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने बताया एक समय ऐसा भी आया जब वे जिंदगी खत्म करने के बारे में सोचने लगे थे। इसकी प्लानिंग भी कर ली थी, लेकिन मां से मिलने के बाद उन्होंने विचार त्याग दिया। फैंस प्यार से उन्हें अर्बन पेंडू भी बुलाते हैं। अर्बन का हिंदी मतलब है शहरी और पेंडू का मतलब गांव से है यानी फैंस उन्हें शहरी और देहाती का मिश्रण मानते हैं। दिलजीत फिटनेस को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। वे बताते हैं कि उनका दिन सुबह 4 बजे शुरू होता है। उन्हें खाना बनाने का भी शौक है। इसे कोविड के दौरान सीखा। इसके कई वीडियो पंजाबी कॉमेंट्री के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर कर चुके हैं। फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने बताया दिलजीत सिर्फ अच्छे अभिनेता या बेहतरीन गायक ही नहीं हैं, बल्कि उनके अंदर एक गहरी आध्यात्मिकता भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जन्म के समय उनका नाम ‘दलजीत’ रखा गया था, लेकिन जब पहला एलबम रिकॉर्ड हुआ तो टी-सीरीज की सहायक कंपनी फाइनटोन के राजिंदर सिंह के कहने पर उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘दिलजीत’ कर लिया। दलजीत का जन्म 6 जनवरी 1984 में पंजाब के परिवार में हुआ, परिवार में पत्नी- संदीप कौर और एक बेटा है, संपत्ति करीब 380 करोड़ रु. अनुमानित है। चर्चा में क्यों – हाल ही में उनकी फिल्म ‘सतलुज’ ओटीटी पर रिलीज हुई थी, जिसे हटा दिया गया है। इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। पंजाब रोडवेज में ड्राइवर थे पिता दिलजीत के पिता बलबीर सिंह पंजाब रोडवेज में ड्राइवर थे, जिन्हें 5 हजार रु. वेतन मिलता था। ऐसे में उन्होंने दिलजीत को बेहतर शिक्षा के लिए मामा के घर लुधियाना भेज दिया। मामा जाने-माने कीर्तनकार थे। यहीं से दिलजीत में संगीत के प्रति रुझान जागा। पढ़ाई में दिलजीत का मन नहीं लगता था, ऐसे में दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। वॉर्नर म्यूजिक ने इनके साथ की है पार्टनरशिप – 2011 में उनका ‘लक 28 कुड़ी दा’ गाना बीबीसी एशियन डाउनलोड चार्ट में लगातार दो हफ्ते टॉप पर रहने वाला पहला गैर-बॉलीवुड पंजाबी गाना था। – वे पहले पंजाबी कलाकार हैं, जिनके साथ ग्लोबल म्यूजिक लेबल्स वॉर्नर म्यूजिक ने इंटरनेशनल पार्टनरशिप की है। – 2024 में जिमी फैलन के ‘द टुनाइट शो’ में परफॉर्म किया था। गुरुद्वारे में कीर्तन से ग्लोबल स्टार तक स्कूल के दिनों से ही दिलजीत ने गुरुद्वारों में कीर्तन करना शुरू कर दिया था। उनका पहला एलबम ‘इश्क दा उड़ा अड़ा’ 2004 में आया। 2009 में हनी सिंह के साथ आए एल्बम ‘द नेक्स्ट लेवल’ ने उन्हें यूके, अमेरिका और कनाडा के पंजाबी समूह में फेमस कर दिया। 2016 में ‘उड़ता पंजाब’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया बच्चों और बुजुर्गों के लिए फाउंडेशन बनाया है – वंचित बच्चों और बुजुर्गों की मदद के लिए 2013 में अपने जन्मदिन पर सांझ फाउंडेशन नाम से एनजीओ शुरू किया था। – दिलजीत को महंगे स्नीकर्स और जूतों का बेहद शौक है। उनके पास दुनिया के सबसे दुर्लभ और महंगे ब्रांड्स का एक बड़ा कलेक्शन है। ‘कोचेला’ में परफॉर्म करने वाले पहले पंजाबी सिंगर – फोर्ब्स इंडिया की सेलिब्रिटी 100 सूची में कई बार शामिल किए जा चुके हैं। – कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध म्यूजिक एंड आर्ट्स फेस्टिवल ‘कोचेला’ में प्रस्तुति देने वाले वे पहले पंजाबी सिंगर हैं। – क्लोदिंग ब्रांड ‘अर्बन पेंडू’ लॉन्च किया है। खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ाने के लग चुके हैं आरोप – 2020 में कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने उनके गाने रंगरूट और जैज बी के ‘पुत जट्टा दां’ को खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला कहा था। – 2025 में एफडब्ल्यूआईसीई ने फिल्म ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर को कास्ट करने पर उन्हें बैन कर दिया था।
पाचन उपचार: एसिडिटी और गैस से संबंधित परेशानियाँ? तो रामबाण इलाज हैं रसोई में राखें ये चीजें; इन 5 का प्रयोग करें

10 जुलाई 2026 को 16:40 IST पर अद्यतन किया गया पाचन के उपाय: आजकल की बिजी लाइफ स्टाइल में बाहर का खाना और गलत खान-पान के साथ-साथ देर तक छुपे काम करने की आदतें पेट से जुड़ी बातें आम हो गई हैं। एसिडिटी, गैस और पेट की जलन जैसी एलर्जी से बचने के लिए हमारी रसोई में ही मौजूद हैं कई आसान उपाय। आइए जानते हैं 5 ऐसी आदतों के बारे में जो पाचन तंत्र को ठीक करने में सहायक को बनाए रखने में मदद करती हैं। अनुसरण करना : सौंफ खाना खाने के बाद सौंफ़ खाने से सेहत के लिए बढ़िया है। इसके गुण पेट की सामग्रियों को आराम पहुंचाते हैं और गैस बनने से असुविधा होती है। आप खाने के बाद 1 बड़ा सौंफ़ चौबा सकते हैं। छवि: फ्रीपिक जीरा जीरा एंजाइम्स को सक्रिय करने का काम करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है और एसिडिटी का खतरा कम होता है। जीरे को पानी में डूबकर उसका सेवन पेट के लिए पसंद है। छवि: फ्रीपिक अँग्रेज़ पेट की सूजन को कम करने और पाचन क्रिया को तेज करने में मदद मिलती है। पाचन तंत्र धीमा होने से अक्सर जलन और एसिडिटी की समस्या होती है। इसमें अदरक वाली चाय, गर्म पानी में रेस्तरां या भोजन शामिल कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक ऍमएलएम इलायची प्लांटर दूर नहीं होता, बल्कि पाचन को भी नुकसान पहुंचाता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण पेट की सूजन को कम करते हैं। खाने के बाद 1- 2 इलायची चबाना या इसे चाय और दूध के ढांचे में नारियल प्रभावशाली होता है। छवि: फ्रीपिक तुलसी तुलसी को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है। विशेष भोजन से पेट की जलन शांत होती है और सूजन में राहत मिलती है। आप सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते के पत्ते या तुलसी की चाय का सेवन कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 10 जुलाई 2026 16:40 IST पर








