Wednesday, 05 Aug 2026 | 08:38 PM

Trending :

EXCLUSIVE

मूवी रिव्यू: इक्का:सनी देओल ने पूरी जान लगा दी, लेकिन 'ढाई किलो का हाथ' भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है

मूवी रिव्यू: इक्का:सनी देओल ने पूरी जान लगा दी, लेकिन 'ढाई किलो का हाथ' भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है

कोर्टरूम ड्रामा हमेशा से दर्शकों की पसंद रहे हैं। सनी देओल और अक्षय खन्ना जैसे दमदार कलाकारों की मौजूदगी से ‘इक्का’ से उम्मीद बढ़ती है। फिल्म शुरुआत में बांधे रखती है, लेकिन आगे बढ़ते-बढ़ते अपनी ही उलझनों में फंस जाती है। आखिर तक यह कोर्टरूम ड्रामा से ज्यादा मेलोड्रामा बन जाती है। सिनेमाघरों की बजाय सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस फिल्म की लंबाई 2 घंटे 20 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। फिल्म की कहानी कैसी है? अर्जुन मेहरा (सनी देओल) ऐसे वकील हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी ऐसे शख्स का केस नहीं लड़ा, जिसे वह गलत मानते हों। लेकिन हालात उन्हें शौर्यमान (अक्षय खन्ना) का बचाव करने के लिए मजबूर कर देते हैं। शौर्यमान पर एक युवती पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। यहीं से कहानी कानून, नैतिकता और इंसाफ के बीच की लड़ाई दिखाने की कोशिश करती है। शुरुआत दिलचस्प है और कई सवाल खड़े करती है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म बार-बार नए ट्विस्ट और खुलासों का सहारा लेती है। कई मोड़ कहानी से ज्यादा पटकथा की मजबूरी लगते हैं। क्लाइमैक्स तक फिल्म जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और यहीं इसका असर कमजोर पड़ जाता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? ‘इक्का’ देखने की सबसे बड़ी वजह सनी देओल हैं। लंबे समय बाद उन्हें सिर्फ गुस्से वाले हीरो नहीं, बल्कि भीतर से उलझे किरदार में देखा जाता है। कोर्टरूम में उनके कई सीन प्रभाव छोड़ते हैं और साफ दिखता है कि उन्होंने किरदार पर मेहनत की है। अक्षय खन्ना अपने खास अंदाज में नजर आते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी किरदार को मजबूत बनाती है, लेकिन कई जगह उनका प्रदर्शन एक जैसा लगता है। तिलोत्तमा शोम संयमित अभिनय करती हैं और कई दृश्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं। दिया मिर्जा और संजीदा शेख के हिस्से सीमित दृश्य हैं, इसलिए वे ज्यादा असर नहीं छोड़ पातीं। निर्देशन और तकनीकी पक्ष कैसा है? सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा के पास अच्छा विषय था, लेकिन उसे परदे पर उतारते समय वह संतुलन नहीं बना पाए। कोर्टरूम की बहसें असर छोड़ सकती थीं, लेकिन जरूरत से ज्यादा बैकग्राउंड म्यूजिक, लंबे संवाद और भावनात्मक दृश्यों ने उनका प्रभाव कम कर दिया। सबसे ज्यादा निराश फिल्म की पटकथा करती है। हर थोड़ी देर में नया गवाह, नया सबूत और नया खुलासा आता है। कुछ समय बाद ये ट्विस्ट चौंकाने के बजाय थकाने लगते हैं। फिल्म लंबी महसूस होती है और कई दृश्य आसानी से छोटे किए जा सकते थे। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ ज्यादा देर तक नहीं चलता। बैकग्राउंड स्कोर कई जगह जरूरत से ज्यादा ऊंचा है। कोर्टरूम सीन्स में सिर्फ कलाकारों की परफॉर्मेंस पर भरोसा किया जाता, तो असर ज्यादा होता। कहां रह गई कमी? ‘इक्का’ की सबसे बड़ी दिक्कत इसकी कहानी नहीं, बल्कि उसे कहने का तरीका है। फिल्म दर्शकों पर भरोसा करने के बजाय हर बात समझाने लगती है। हर भावनात्मक पल को ज्यादा भावुक और हर ट्विस्ट को जरूरत से ज्यादा खींचा गया है। नतीजा यह होता है कि जिस कहानी में कानून और इंसाफ की गहरी बहस हो सकती थी, वह धीरे-धीरे मेलोड्रामा में बदल जाती है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? ‘इक्का’ में दमदार कलाकार हैं, अच्छा विषय है और कुछ कोर्टरूम सीन्स प्रभाव छोड़ते हैं। लेकिन कमजोर पटकथा, जरूरत से ज्यादा मेलोड्रामा और लंबा क्लाइमैक्स फिल्म को उस मुकाम तक नहीं पहुंचने देते, जहां यह पहुंच सकती थी। सनी देओल पूरी ईमानदारी से फिल्म को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार उनका ‘ढाई किलो का हाथ’ भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है।

‘द इंडिया स्टोरी’ में दिखेगा थाली का जहर:कैंसर की ट्रेन से कोर्टरूम तक असल घटनाओं से प्रेरित है फिल्म

‘द इंडिया स्टोरी’ में दिखेगा थाली का जहर:कैंसर की ट्रेन से कोर्टरूम तक असल घटनाओं से प्रेरित है फिल्म

श्रेयस तलपदे और काजल अग्रवाल स्टारर ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। निर्देशक चेतन डीके और राइटर-प्रोड्यूसर सागर शिंदे की यह फिल्म मिलावटी खान-पान, पेस्टिसाइड्स और कैंसर के बढ़ते खतरे जैसे गंभीर मुद्दों को सस्पेंस, ड्रामा और क्राइम के साथ पेश करेगी। निर्देशक का दावा है कि फिल्म में दर्शकों को ओरिजिनल क्राउड और रियल लोकेशंस दिखाई देंगी, क्योंकि उनका उद्देश्य कहानी को अधिकतम वास्तविकता के साथ परदे पर उतारना था। एक बच्ची की मौत की खबर से कहानी की प्रेरणा आई निर्देशक चेतन डीके बताते हैं कि ‘मैं पहले किसी भारतीय क्रांतिकारी पर फिल्म बनाना चाहता था, लेकिन इसी दौरान सागर शिंदे के करीबी दोस्त की छह-सात साल की बेटी की पेस्टिसाइड्स से जुड़े कैंसर के कारण मौत हो गई। इस घटना ने पूरी टीम को झकझोर दिया।’ रिचर्स के दौरान ही एक ‘कैंसर ट्रेन’ के बारे में भी पता चला फिल्म के लिए की गई रिसर्च में लगभग ढाई से तीन साल लगे। रिसर्च के दौरान ही पता चला कि पंजाब के भटिंडा में एक ट्रेन को लोग ‘कैंसर ट्रेन’ के नाम से जानते हैं, क्योंकि वहां प्रदूषण और रसायनों के असर से लोग कैंसर का शिकार हो गए। हमारी फिल्म ऐसे ही गंभीर मुद्दों के इर्द-गिर्द है। बॉम्बे हाईकोर्ट के सीन्स के लिए नायगांव में विशेष सेट बना फिल्म की शूटिंग कोल्हापुर, पुणे, मुंबई, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, कोलकाता, हैदराबाद और अन्य स्थानों पर की गई। चेतन डीके का कहना है कि ‘मैंने अधिकांश सीन्स को वास्तविक लोकेशंस पर शूट किया और केवल कुछ सीन्स में ही क्रोमा का उपयोग किया। कुल मिलाकर फिल्म की शूटिंग 60 से 65 दिनों में पूरी हुई, जबकि पूरा शूटिंग शेड्यूल लगभग आठ से नौ महीने तक चला। बॉम्बे हाईकोर्ट के सीन्स के लिए नायगांव में विशेष सेट तैयार किया गया, जहां 12 दिनों तक कोर्टरूम सीक्वेंस फिल्माए गए। यह पूरे इंडिया की फिल्म है, इसलिए हमने टाइटल ‘द इंडियन स्टोरी’ रखा है। इसका टैगलाइन ‘स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ है।’ कम्प्यूटर जनरेटेड नहीं, असली क्राउड के साथ हुई पूरी शूटिंग निर्देशक के अनुसार ‘फिल्म में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 80 कैरेक्टर हैं। कुछ क्राउड सीन 2-3 तीन हजार लोगों के साथ शूट किए गए हैं। कुल 8 से 10 हजार असल क्राउड हायर हुआ था। क्राउड को कोर्ट, ट्रेन के सीन से लेकर पंजाब, हिमाचल, हैदराबाद, कोलकाता गुजरात, केरला आदि में दिखाया गया है। क्लाइमैक्स की शूटिंग में 10-12 दिन लगे हैं। इसकी शूटिंग कोल्हापुर में हुई है।’ मध्य प्रदेश से लेकर साउथ तक जाकर की गई रिसर्च निर्देशक चेतन के मुताबिक…‘ मध्य प्रदेश से लेकर केरल के कासरगोड गांव और तमिलनाडु तक कई जगहों के मामलों का अध्ययन किया गया। कुछ इलाकों में वर्षों से केमिकल छिड़काव के कारण बच्चों के जन्म से ही विकलांग होने और कैंसर के मामलों में वृद्धि भी देखने को मिली। जब हमें पता चला कि बाजार में ऐसे उत्पाद भी बिक रहे हैं, जिनमें असली दूध की मात्रा नगण्य है, तब लगा कि यह विषय सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है।’ सैनिक के रोल में दिखेंगे श्रेयस, काजल बनी हैं वकील फिल्म की कहानी एक ऐसे सैनिक की है, जिसकी बेटी पेस्टिसाइड्स से जुड़े कैंसर के कारण मर जाती है। इसके बाद वह किसान, कंपनियों और सिस्टम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ता है। श्रेयस इसमें सैनिक बने हैं, वहीं काजल अग्रवाल उस वकील का किरदार निभा रही हैं, जो अदालत में उनका साथ देती है। मुरली शर्मा एक ईमानदार अधिकारी और मनीष वाधवा विपक्षी वकील बने हैं।’

चांदी आज ₹1,780 सस्ती हुई, इस महीने ₹3,416 गिरी:सोना सिर्फ ₹159 चढ़ा, जुलाई में ₹2,183 महंगा हुआ; जानें अपने शहर के दाम

चांदी आज ₹1,780 सस्ती हुई, इस महीने ₹3,416 गिरी:सोना सिर्फ ₹159 चढ़ा, जुलाई में ₹2,183 महंगा हुआ; जानें अपने शहर के दाम

चांदी की कीमतों में आज 10 जुलाई को मामूली गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,780 रुपए घटकर 2,22,014 रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 1,43,656 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 159 रुपए बढ़कर 1,43,815 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 9 जुलाई को यह 1,43,656 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 2,183 रुपए बढ़ें हैं, जबकि चांदी की कीमत 3,416 रुपए गिरी है। 1 जुलाई को सोना ₹1.42 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.25 लाख/किलो थी।

चांदी आज ₹1,780 सस्ती हुई, इस महीने ₹3,416 गिरी:सोना सिर्फ ₹159 चढ़ा, जुलाई में ₹2,183 महंगा हुआ; जानें अपने शहर के दाम

चांदी आज ₹1,780 सस्ती हुई, इस महीने ₹3,416 गिरी:सोना सिर्फ ₹159 चढ़ा, जुलाई में ₹2,183 महंगा हुआ; जानें अपने शहर के दाम

चांदी की कीमतों में आज 10 जुलाई को मामूली गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,780 रुपए घटकर 2,22,014 रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 1,43,656 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 159 रुपए बढ़कर 1,43,815 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 9 जुलाई को यह 1,43,656 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 2,183 रुपए बढ़ें हैं, जबकि चांदी की कीमत 3,416 रुपए गिरी है। 1 जुलाई को सोना ₹1.42 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.25 लाख/किलो थी।

विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा गुरुवार को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का मुकाबला देखने पहुंचीं। वे महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच के दौरान फ्रंट रो में बैठी नजर आईं, जहां कोको गॉफ और कैरोलिना मुचोवा के बीच मुकाबला चल रहा था। प्रियंका ने स्टेडियम से ही अपने पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनास को फेसटाइम पर वीडियो कॉल किया और उन्हें विंबलडन का लाइव टूर कराया। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो कॉल और स्टाइलिश लुक की काफी चर्चा हो रही है। इस मैच के दौरान प्रियंका के साथ कई हॉलीवुड हस्तियां भी मौजूद थीं। देखें प्रियंका की तस्वीरें निक जोनास को वीडियो कॉल कर दिखाया मैच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा जैसे ही स्टैंड्स की तरफ बढ़ रही थीं, उन्होंने वहां मौजूद हॉलीवुड एक्ट्रेस सिंथिया एरिवो से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद वे अपनी सीट पर बैठ गईं और उनका पूरा ध्यान मैच पर ही था। मुकाबला देखने के दौरान ही उन्होंने अपना फोन निकाला और पति निक जोनास को फेसटाइम कॉल मिला दिया। उन्होंने निक को वहां का माहौल दिखाया और मैच से जुड़े लाइव अपडेट्स दिए। इस दौरान वे मैच के रोमांचक मोमेंट्स पर काफी उत्साहित होकर रिएक्शन देती दिखीं। कई बड़ी हस्तियों के साथ आईं नजर स्टेडियम में प्रियंका चोपड़ा के साथ कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी मैच का लुत्फ उठा रही थीं। उनके साथ लेडी हेलेन टेलर, एक्ट्रेस लिली जेम्स, पूर्व रॉयल बैले प्रिंसिपल डार्सी बसेल, एक्ट्रेस अन्ना मैक्सवेल मार्टिन और ब्रॉडकास्टर एमिली मैतलीस जैसी हस्तियां मौजूद थीं। प्रियंका इस खास खेल आयोजन में बेहद स्टाइलिश आउटफिट में पहुंची थीं, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर सामने आई हैं। विंबलडन से प्रियंका का पुराना जुड़ाव प्रियंका चोपड़ा के लिए विंबलडन जाना कोई नया अनुभव नहीं है। वे पहले भी इस प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट का हिस्सा बनती रही हैं। 2023 में वे निक जोनास के साथ ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब पहुंची थीं, जहां दोनों रॉयल बॉक्स में बैठे नजर आए थे। प्रियंका ने साल 2021 में पहली बार अकेले विंबलडन में शिरकत की थी, जब वे विमेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला देखने स्टेडियम पहुंची थीं।

विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा गुरुवार को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का मुकाबला देखने पहुंचीं। वे महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच के दौरान फ्रंट रो में बैठी नजर आईं, जहां कोको गॉफ और कैरोलिना मुचोवा के बीच मुकाबला चल रहा था। प्रियंका ने स्टेडियम से ही अपने पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनास को फेसटाइम पर वीडियो कॉल किया और उन्हें विंबलडन का लाइव टूर कराया। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो कॉल और स्टाइलिश लुक की काफी चर्चा हो रही है। इस मैच के दौरान प्रियंका के साथ कई हॉलीवुड हस्तियां भी मौजूद थीं। देखें प्रियंका की तस्वीरें निक जोनास को वीडियो कॉल कर दिखाया मैच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा जैसे ही स्टैंड्स की तरफ बढ़ रही थीं, उन्होंने वहां मौजूद हॉलीवुड एक्ट्रेस सिंथिया एरिवो से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद वे अपनी सीट पर बैठ गईं और उनका पूरा ध्यान मैच पर ही था। मुकाबला देखने के दौरान ही उन्होंने अपना फोन निकाला और पति निक जोनास को फेसटाइम कॉल मिला दिया। उन्होंने निक को वहां का माहौल दिखाया और मैच से जुड़े लाइव अपडेट्स दिए। इस दौरान वे मैच के रोमांचक मोमेंट्स पर काफी उत्साहित होकर रिएक्शन देती दिखीं। कई बड़ी हस्तियों के साथ आईं नजर स्टेडियम में प्रियंका चोपड़ा के साथ कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी मैच का लुत्फ उठा रही थीं। उनके साथ लेडी हेलेन टेलर, एक्ट्रेस लिली जेम्स, पूर्व रॉयल बैले प्रिंसिपल डार्सी बसेल, एक्ट्रेस अन्ना मैक्सवेल मार्टिन और ब्रॉडकास्टर एमिली मैतलीस जैसी हस्तियां मौजूद थीं। प्रियंका इस खास खेल आयोजन में बेहद स्टाइलिश आउटफिट में पहुंची थीं, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर सामने आई हैं। विंबलडन से प्रियंका का पुराना जुड़ाव प्रियंका चोपड़ा के लिए विंबलडन जाना कोई नया अनुभव नहीं है। वे पहले भी इस प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट का हिस्सा बनती रही हैं। 2023 में वे निक जोनास के साथ ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब पहुंची थीं, जहां दोनों रॉयल बॉक्स में बैठे नजर आए थे। प्रियंका ने साल 2021 में पहली बार अकेले विंबलडन में शिरकत की थी, जब वे विमेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला देखने स्टेडियम पहुंची थीं।

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मेरी हत्या भी कर सकते हैं, लेकिन मुझे लौटना ही होगा। अगर मौत भी आए, तो मैं अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं। हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटकर अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे। हालांकि, उन्होंने वापसी की सटीक तारीख नहीं बताई। हसीना बोलीं- पार्टी नेताओं पर दमन हो रहा है हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उनके मुताबिक, लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल समेत अवामी लीग के कुछ अन्य निर्वासित नेता भी उनके साथ लौटने की तैयारी में हैं। कमाल पर भी मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। हसीना बोलीं- वापसी को लेकर सरकार से कोई बात नहीं की हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी वापसी को लेकर बांग्लादेश सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र, मतदान का अधिकार, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय ऐसे विषय नहीं हैं जिन पर गुप्त बातचीत हो।” उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस लाने के लिए भारत को लगातार पत्र भेज रही है। उन्होंने कहा, “मैं खुद ही लौटूंगी।” बांग्लादेश सरकार ने हसीना के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर टिप्पणी नहीं की। हालांकि अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ रचनात्मक तरीके से संबंध मजबूत करना चाहता है। ‘अगर हमने गलत किया है तो फैसला जनता करे’ हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। 1981 में निर्वासन से लौटने के बाद सैन्य शासन के खिलाफ आंदोलनों के दौरान उन्हें कई बार हिरासत में लिया गया था। 2007 में भी उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेजा गया था। बाद में रिहा होने के बाद उन्होंने 2008 का चुनाव जीता था। उन्होंने कहा, “कोई भी सरकार लंबे समय तक सत्ता में रहती है तो उससे गलतियां हो सकती हैं। लेकिन किसी सरकार के सही या गलत होने का फैसला जनता को करना चाहिए।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी कार्रवाई से जुड़े मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की कार्रवाई शुरू होने पर लोग खुद देखेंगे कि मामला कितना निष्पक्ष है।

ओपनएआई कर्मियों ने बेचे शेयर, पैसा रियल एस्टेट में:सैन फ्रांसिस्को में घरों के औसत दाम 17 करोड़ तक; गैर-टेक परिवार शहर छोड़ रहे

ओपनएआई कर्मियों ने बेचे शेयर, पैसा रियल एस्टेट में:सैन फ्रांसिस्को में घरों के औसत दाम 17 करोड़ तक; गैर-टेक परिवार शहर छोड़ रहे

सैन फ्रांसिस्को के डुबोसे ट्राएंगल इलाके में एक आलीशान फ्लैट की कीमत करीब 30 करोड़ डॉलर (2,864 करोड़) रखी गई थी। दिलचस्प बात यह थी कि विक्रेता कैश की जगह ओपनएआई या एंथ्रोपिक के शेयर लेने के लिए भी तैयार था। यह अकेला किस्सा नहीं, बल्कि एआई से आ रहे पैसे का असर है, जो पूरे शहर की तस्वीर बदल रहा है। रियल एस्टेट फर्म रेडफिन के मुताबिक मई में शहर में घरों की औसत कीमत रिकॉर्ड 17.6 लाख डॉलर (16.8 करोड़) तक पहुंच गई, जबकि पूरे अमेरिका में यह औसत महज करीब 4 लाख डॉलर (3.8 करोड़) है। मार्च में शहर के घरों की कीमत 19% बढ़ी, अप्रैल-मई में भी 14% से ज्यादा की तेजी बनी रही। रेडफिन की चीफ इकोनॉमिस्ट डैरिल फेयरवेदर के मुताबिक, यह उछाल सीधे-सीधे एआई कंपनियों के कर्मचारियों की दौलत से जुड़ा है। पिछले साल अक्टूबर में ओपनएआई के 600 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने कुल 63,000 करोड़ के शेयर बेचे थे यानी औसतन 105 करोड़ प्रति व्यक्ति। एंथ्रोपिक में भी कर्मचारियों को करीब 57,000 करोड़ के शेयर बेचने की इजाजत मिली थी। एजेंट्स का कहना है कि बोली की जंग अब आम बात हो गई है, जिसमें अक्सर मकान पूछी गई कीमत से लाखों डॉलर ज्यादा में बिकते हैं। नकद भुगतान वाली डील्स भी तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर महंगे इलाकों में। हालांकि हर कोई इस तेजी में साथ नहीं है। बर्कले यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एनरिको मोरेटी के मुताबिक, अभी एआई बूम का शुरुआती दौर है। मेटा जैसी कंपनियों में हो रही छंटनी इस तेजी पर लगाम भी लगा सकती है। उनका यह भी कहना है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के आने वाले शेयर मार्केट लिस्टिंग से होने वाली ज्यादातर कमाई कर्मचारियों को नहीं, बल्कि दुनियाभर में फैले निवेशकों को मिलेगी। इस बीच शहर के दो परिवारों की कहानी इस बदलाव का दूसरा पहलू दिखाती है। एक परिवार, जिसमें एक सदस्य ओपनएआई में काम करता है, शेयर बेचकर अपने ही इलाके में घर खरीद पाया। वहीं दूसरा गैर-टेक परिवार शहर छोड़कर बाहरी इलाके में जाने को मजबूर हो गया। बहरहाल, डुबोसे ट्राएंगल वाला फ्लैट आखिरकार 32 लाख डॉलर ( 30.5 करोड़) में बिका, जो पूछी गई कीमत से 1.9 करोड़ ज्यादा था। क्या इस डील में एआई शेयर भी शामिल थे, यह जानकारी गोपनीय रखी गई है। एआई का पैसा सबको शहर से बाहर धकेल रहा जिस परिवार को शहर छोड़ना पड़ा, उसके मुखिया सैन फ्रांसिस्को में ही एक बड़े सरकारी पद पर हैं, फिर भी वे शहर में मकान नहीं खरीद सके। अब वे उपनगर में किराए पर लिए घर में रहते हैं, जहां से उन्हें रोज लंबा सफर तय करना पड़ता है। परिवार की मां कहती हैं, ‘अगर शहर में रहने की गुंजाइश होती तो हम कभी न जाते। यह देखकर बुरा लगता है कि एआई का पैसा बाकी सबको बाहर धकेल रहा है।’

सनी देओल ने ली ट्रोलर्स की चुटकी:बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी; धर्मेंद्र जैसी शर्ट में दिखे

सनी देओल ने ली ट्रोलर्स की चुटकी:बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी; धर्मेंद्र जैसी शर्ट में दिखे

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल गुरुवार को अपनी फिल्म ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के इवेंट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया ‘जूता विवाद’ पर मजाकिया अंदाज में रिएक्शन दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले ‘इक्का’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल के पहने हुए सफेद रंग के घिसे जूते चर्चा का विषय बन गए थे। वायरल वीडियो में उनके जूते का पिछला हिस्सा दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया और इस पर कई मीम्स भी बने। अब फिल्म के एक इवेंट में सनी देओल ने खुद इस मामले पर चुटकी ली। पैपराजी के सामने पोज देते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘अरे, जूता नहीं लेना किसी ने?’ उनके इतना कहते ही वहां मौजूद पैपराजी हंस पड़े। इस पर एक पैपराजी ने जवाब दिया, ‘जूता तो सर फुल फ्रेम में आ ही रहा है।’ इसके बाद सनी देओल हंसते हुए आगे बढ़ गए। क्लीन-शेव लुक की भी हुई चर्चा ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के दौरान सनी देओल क्लीन-शेव लुक में नजर आए। उन्होंने ब्लू चेक वाली कैजुअल शर्ट और कैप पहनी थी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस लुक की तुलना धर्मेंद्र के पुराने अंदाज से की। ‘इक्का’ 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। फिल्म में सनी देओल के साथ दीया मिर्जा, अक्षय खन्ना, संजीदा शेख, आकांक्षा रंजन कपूर और शिशिर शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का डायरेक्शन सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने किया है। इस फिल्म के जरिए सनी देओल ने ओटीटी पर डेब्यू किया है। सनी देओल जल्द ही बड़े पर्दे पर राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1947 के बंटवारे के दौरान इंसानियत, रिश्तों और बदलते हालात को दिखाती है। फिल्म में सनी के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर भी नजर आएंगी। फिल्म का प्रोडक्शन आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है।

फटे जूतों के वायरल वीडियो पर सनी देओल की फिरकी:इवेंट में बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी, धर्मेंद्र जैसी शर्ट पहनकर पहुंचे

फटे जूतों के वायरल वीडियो पर सनी देओल की फिरकी:इवेंट में बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी, धर्मेंद्र जैसी शर्ट पहनकर पहुंचे

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल गुरुवार को अपनी फिल्म ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के इवेंट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया ‘जूता विवाद’ पर मजाकिया अंदाज में रिएक्शन दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले ‘इक्का’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल के पहने हुए सफेद रंग के घिसे जूते चर्चा का विषय बन गए थे। वायरल वीडियो में उनके जूते का पिछला हिस्सा दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया और इस पर कई मीम्स भी बने। अब फिल्म के एक इवेंट में सनी देओल ने खुद इस मामले पर चुटकी ली। पैपराजी के सामने पोज देते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘अरे, जूता नहीं लेना किसी ने?’ उनके इतना कहते ही वहां मौजूद पैपराजी हंस पड़े। इस पर एक पैपराजी ने जवाब दिया, ‘जूता तो सर फुल फ्रेम में आ ही रहा है।’ इसके बाद सनी देओल हंसते हुए आगे बढ़ गए। क्लीन-शेव लुक की भी हुई चर्चा ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के दौरान सनी देओल क्लीन-शेव लुक में नजर आए। उन्होंने ब्लू चेक वाली कैजुअल शर्ट और कैप पहनी थी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस लुक की तुलना धर्मेंद्र के पुराने अंदाज से की। ‘इक्का’ 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। फिल्म में सनी देओल के साथ दीया मिर्जा, अक्षय खन्ना, संजीदा शेख, आकांक्षा रंजन कपूर और शिशिर शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का डायरेक्शन सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने किया है। इस फिल्म के जरिए सनी देओल ने ओटीटी पर डेब्यू किया है। सनी देओल जल्द ही बड़े पर्दे पर राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1947 के बंटवारे के दौरान इंसानियत, रिश्तों और बदलते हालात को दिखाती है। फिल्म में सनी के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर भी नजर आएंगी। फिल्म का प्रोडक्शन आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है।