अंशुला कपूर की हुई रोहन ठक्कर से शादी:सौतेली बहनों जान्हवी-खुशी ने निभाईं रस्में, मंडप के पास रखी दिवंगत मां की तस्वीर, अर्जुन कपूर हुए भावुक

बोनी कपूर की बेटी और अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर ने 6 जुलाई को रोहन ठक्कर से शादी कर ली है। शादी में कपूर परिवार के तमाम लोगों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। शादी ट्रेडिशनल हिंदू रीति-रिवाजों से हुई, जिसमें सौतेली बहनों जान्हवी कपूर और खुशी कपूर ने भी रस्में अदा की हैं। वहीं बड़े भाई अर्जुन कपूर, अंशुला को मंडप तक लेकर आए देखिए शादी की इनसाइड तस्वीरें- शादी की तस्वीरों के साथ अंशुला ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, 06.07.2026। इतने सारे लोगों में, इतनी सारी जगहों में और इतने सही-गलत वक्तों के बीच, वो तुम थे। और जिंदगी के हर मोड़, हर उतार-चढ़ाव और हर अनपेक्षित सफर के बाद भी। आज भी तुम ही हो। मेरी सबसे पसंदीदा बातचीत। मेरी सबसे सुकूनभरी जगह। मेरी सबसे आसान और सबसे खूबसूरत पसंद। हमेशा तुम ही रोहन ठक्कर। अर्जुन कपूर ने भी आज सुबह सोशल मीडिया से अंशुला के लिए भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा, मेरी अंश के नाम, तुम हमेशा मेरी रहोगी, लेकिन अब वक्त आ गया है कि मैं तुम्हें नई राह पर जाने दूं। आज तुम रोहन के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हो। तुम्हें मुस्कुराते हुए देखकर मेरा दिल, मेरा मन और मेरी आत्मा बेहद खुश हैं। मैंने तुम्हें बचपन से बड़ा होते देखा है और आज तुम एक ऐसी शानदार महिला बन गई हो, जो हर कदम पर हमारी मां की छवि को अपने भीतर समेटे हुए है। आगे उन्होंने लिखा, कभी चिंता मत करना, क्योंकि मां हमेशा तुम्हें देख रही हैं और हर पल तुम्हें अपना आशीर्वाद दे रही हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं, हमेशा तुम्हारा साथ दूँगा और हमेशा यह सुनिश्चित करूंगा कि तुम्हारे चेहरे की मुस्कान कभी फीकी न पड़े। बहुत सारा प्यार, तुम्हारा अर्जुन भैया।
मानसून आयुर्वेदिक आहार: बारिश के मौसम में भूलकर भी न खाएं ये चीजें, बीमारी बढ़ने का हो सकता है खतरा; जानें सही आयुर्वेदिक औषधि

गर्मी के लंबे इंतजार के बाद डुबेकी की पहली बारिश हर किसी को सर्वमान्य होती है। लेकिन यह मौसम आपके साथ सिर्फ राहत ही नहीं, बल्कि कई तरह के विकार और ख़राब पाचन क्रिया भी लेकर आता है। आयुर्वेद के अनुसार, सिद्धांत वर्षा ऋतु में शरीर की ‘जठराग्नि’ बहुत कमजोर होती है। ऐसे में गलत खान-पान से वात, पित्त और कफ का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे हम जल्दी बीमार हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में किन-किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए और क्या खाना सेहत के लिए फायदेमंद है। बकवास में भूलकर भी ना आकर्षक ये चीजें डिफॉल्ट में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियाँ खाने से। इस मौसम में बाइबल के कारण इन पर किंडर, स्कैनर और फंगस तेजी से बढ़ते हैं, जो पेट के संक्रमण का कारण बन सकते हैं।आयुर्वेद में दवा के दौरान दही और छाछ का सेवन कम करना चाहिए। तासीर अवांछनीय और भारी होता है, जो शरीर में सूजन, कफ और वात दोष को बढ़ा सकता है।इस सीज़न में कच्चा खाना और पकाना मुश्किल होता है। कच्चे खाने से शरीर में जा सकते हैं, इसलिए हमेशा पका हुआ खाना ही स्थिर।होती बारिश ही समोसे, पकौड़े और चाट खाने का मन हर किसी का होता है। लेकिन अधिकतर तेल और मौलिक वाला खाना आपके पहले से ख़राब पाचन क्रिया को और धीमा कर देता है, जिससे गैस और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। आयुर्वेद के अनुसार बारिश में क्या खाना चाहिए? इस मौसम में पुराने, पुराने चावल और आटे से बनी टिकाऊ वस्तुएं। ये आसानी से मिलते हैं से पच।खाना पकाने में अदरक, लहसुन, हींग, जीरा, काली मिर्च, हल्दी और धनिया का इस्तेमाल जरूर करें। ये आपके भूख और पाचन शक्ति को दर्शाती हैं।सिद्धांत में डोकलाम ठंडा हुआ या गुनगुना पानी ही पिएं। आप तुलसी, अदरक और पुदीने की चाय या काढ़ा भी पी सकते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।लौकी, तोरई, कद्दू, परवल और करेला जैसी क्लासी प्लांट इस मौसम के लिए सबसे अच्छे हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)आयुर्वेद में मानसून आहार(टी)आयुर्वेद के अनुसार मानसून में सबसे अच्छा आहार क्या है(टी)मानसून में क्या खाना चाहिए(टी)मानसून में क्या नहीं खाना चाहिए(टी)मानसून में कैसा खाना चाहिए
खामेनेई के पार्थिव शरीर को आज कोम ले जाया जाएगा:यहीं से खामेनेई ने धार्मिक शिक्षा हासिल की थी; शिया धर्मगुरु और छात्र शामिल होंगे

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर धार्मिक रस्मों के लिए मंगलवार को तेहरान से करीब 120 किमी दूर कोम शहर ले जाया जाएगा। कोम ईरान में शिया इस्लामिक शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र और देश के सबसे पवित्र शहरों में से एक माना जाता है। यहां ईरान के सबसे बड़े धार्मिक मदरसे हैं, जहां हजारों छात्र और धर्मगुरु इस्लामी शिक्षा हासिल करते हैं और पढ़ाते हैं। खामेनेई ने भी यहीं से धार्मिक शिक्षा हासिल की थी। इसी वजह से कोम को शिया समुदाय का सबसे जरूरी धार्मिक और वैचारिक केंद्र माना जाता है। आज कोम में खामेनेई के जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें शिया धर्मगुरू और छात्र भी शामिल होंगे। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 5 तस्वीरें… खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के बाद कोम पहुंचा:यहां से पूर्व सुप्रीम लीडर ने धार्मिक शिक्षा हासिल की; अंतिम यात्रा निकाली जाएगी

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर सोमवार शाम तेहरान से कोम पहुंच गया। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर के जरिए पार्थिव शरीर को कोम लाया गया, जहां मंगलवार को अंतिम यात्रा और धार्मिक रस्में होंगी। कोम वही शहर है, जहां उन्होंने धार्मिक शिक्षा हासिल की थी। बाद में ईरान के सबसे प्रभावशाली धार्मिक नेताओं में शामिल हुए। कोम को शिया मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। इससे पहले तेहरान में तीसरे दिन भी लाखों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों ने खामेनेई और उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के ताबूतों पर फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी। कोम में अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर मशहद ले जाया जाएगा। गुरुवार को उन्हें इमाम रजा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 5 तस्वीरें… खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
PM मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज दूसरा दिन:यहां के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे, ब्रह्मोस डील पर मुहर लगने की संभावना

Hindi News International Indonesia Visit PM Modi Arrives Monday. Follow Latest Updates On BrahMos Missile Deal, Meeting President Prabowo. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। जकार्ता12 मिनट पहले कॉपी लिंक जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पीएम मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज दूसरा दिन है। वे सोमवार को पहुंचे थे, एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच आज द्विपक्षीय बैठक होगी। जिसमें करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन भी जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। पीएम इंडोनेशिया के बिजनेसमैन के साथ राउंडटेबल मीटिंग करेंगे और जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इसके बाद न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो जाएंगे। इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप दिखाई देती है। यहां रामलीला होती है, गरुड़ एयरलाइन है और नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है। आखिर यहां भारतीय संस्कृति कैसे पहुंची? पढ़िए खबर के आखिर में भास्कर नॉलेज। मोदी की इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… पीएम मोदी के विमान के इंडोनेशिया के एयरस्पेस में एंट्री करते ही वहां की एयरफोर्स ने उसे एस्कॉर्ट किया। पीएम मोदी का जकार्ता में गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। जकार्ता एयरपोर्ट पर पीएम नरेंद्र मोदी का सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ स्वागत हुआ। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। भास्कर नॉलेज इंडोनेशिया 2000 साल से भारतीय संस्कृति से जुड़ा भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की बात करें, तो ये करीब 2,000 साल पुराने माने जाते हैं। प्राचीन काल से भारतीय व्यापारियों, हिंदू और बौद्ध संस्कृति का इंडोनेशिया पर गहरा प्रभाव रहा है। आज भी इंडोनेशिया के बाली और जावा में रामायण और महाभारत पर आधारित नृत्य-नाटक और सांस्कृतिक परंपराएं प्रचलित हैं। वहां 85% मुस्लिम आबादी होने के बाद भी 20 हजार रुपिया के नोट पर भगवान गणेश की फोटो छपी थी। इसके अलावा भी कई ऐसे प्रतीक है, जिसमें भारतीय संस्कृति की छाप मिलती है। भारत का इंडोनेशिया पर कभी शासन नहीं रहा, फिर भी पहुंची संस्कृति PM मोदी का 102वां विदेश दौरा, तीसरी बार इंडोनेशिया पहुंचे पीएम मोदी का यह 102 वां विदेश दौरा है। वहीं वह तीसरी बार इंडोनेशिया पहुंचे हैं। उनका पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वीं आसियान (ASEAN)-भारत और 18वीं ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। ———————– ये भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पंजाबी सिंगर गैरी संधू की नई एब्लम DND लीक:कहा- किसी पतंदर ने मेरी मेहनत खराब कर दी, गुस्से में खुद गाकर सुनाया अनरिलीज्ड सॉन्ग

पंजाबी सिंगर गैरी संधू की आने वाली एल्बम DND रिलीज से पहले ही लीक हो गई है। एल्बम लीक होने से गैरी संधू काफी नाराज हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपना गुस्सा जाहिर किया। गैरी संधू ने लिखा कि किसी ने मेरी मेहनत पर पानी फेर दिया। एल्बम अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई थी, लेकिन किसी ने जानबूझकर इसे इंटरनेट पर लीक कर दिया। गैरी संधू का इरादा इसे सिर्फ एक ईपी (EP) तक सीमित रखने का नहीं था, बल्कि वह इसे फुल-फ्लेज्ड एल्बम के रूप में रिलीज करने की तैयारी कर रहे थे। एल्बम का काम अभी पूरा नहीं हुआ था और इसमें कई नए गाने शामिल किए जाने बाकी थे। इससे पहले ही किसी ने इसे कथित तौर पर ऑनलाइन लीक कर दिया। फैंस के साथ पूरी बात साझा की जैसे ही गैरी संधू को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की और फैंस के साथ पूरी बात साझा की। एल्बम लीक होने से निराश गैरी ने उसी वीडियो में अपना एक अनरिलीज्ड गाना भी गाकर सुनाया। वीडियो में गैरी संधू ने क्या कहा सिलसिलेवार जानिए… गैरी संधू से जुड़े विवाद, जानिए…
गोल्डन टेंपल में निक्कर पहनकर पहुंचे विदेशी कपल को रोका,VIDEO:माथा टेकने जा रहे थे, सिख ने कहा- एंट्री फ्री, पहले पूरे कपड़े पहनो

अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में निक्कर पहन कर माथा टेकने जा रहे विदेशी कपल को सिख ने रोक दिया। महिला और युवक दोनों ने निक्कर पहनी हुई थी। सिख ने उन्हें गेट पर रोका और नियमों के बारे में बताया। सिख ने बताया कि निक्कर पहनकर अंदर जाना मना है। इस दौरान विदेशी महिला ने टिकट के बारे में भी पूछा, जिस पर उसे बताया गया कि यहां एंट्री पूरी तरह फ्री है। दोनों को पूरे कपड़े पहनकर आने की सलाह दी। नियम समझने के बाद विदेशी महिला ने सहमति जताई। ये वीडियो 4 जुलाई का है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गुरुघर की मर्यादा से अवगत कराने के लिए सूचना बोर्ड लगाया गया है। इन पर स्पष्ट लिखा है कि कैप, शॉर्ट पैंट (निक्कर), कैप्री, मोजे और मिनी स्कर्ट पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं है। श्रद्धालुओं से सिर ढकने और पूरे कपड़े पहनकर ही गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने की अपील की गई है। अब पढ़ें वीडियो क्या है… वीडियो में दिख रहा कि एक विदेशी महिला और उसके साथ मौजूद युवक गोल्डन टेंपल में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक सिख ने उन्हें बताया कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर निक्कर या हाफ पैंट पहनकर जाना मना है। उन्होंने समझाया कि दर्शन करने के लिए पूरे कपड़े या पजामा पहनना जरूरी है। बातचीत के दौरान विदेशी महिला ने पूछा कि क्या अंदर जाने के लिए किसी प्रकार का टिकट लेना पड़ता है। इस पर स्पष्ट किया कि गोल्डन टेंपल में प्रवेश पूरी तरह फ्री है और केवल गुरुघर की मर्यादा के अनुसार कपड़े पहनना जरूरी है। इसके बाद महिला ने अपने साथी की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या उन पर भी यही नियम लागू होता है। सिख ने बताया कि यह नियम सभी श्रद्धालुओं और टूरिस्टों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश या धर्म से संबंध रखते हों। सिख ने दोनों को पास के बाजार से पायजामा या पूरे कपड़े खरीदने की सलाह भी दी। सिख और विदेशी महिला के बीच हुई बातचीत… सिख: “इनसाइड द गुरुद्वारा साहिब, प्लीज वियर द प्रॉपर पायजामा। (गुरुद्वारा साहिब के अंदर, कृपया पूरा पायजामा पहनें) विदेशी महिला: ओके, वेल (अच्छा, ठीक है) सिख: मार्केट की तरफ इशारा करते हुए यू शुड ट्राय द मार्केट एंड बाय फ्रॉम देयर। देन यू कैन गो इनसाइड द गुरुद्वारा। (आप मार्केट जाकर वहां से खरीद सकती हैं। उसके बाद आप गुरुद्वारा साहिब के अंदर जा सकती हैं।) विदेशी महिला: आई वॉज गोइंग देयर। व्हेयर आई बाय द टिकट? (मैं वहीं जा रही थी। मुझे टिकट कहां से मिलेगी?) सिख: आह नो, देयर इज नो टिकट। टिकट इज नो टिकट। यू शुड वियर द प्रॉपर क्लोथ्स, देन यू कैन गो। (अरे नहीं, यहां कोई टिकट नहीं है। कोई टिकट नहीं लगती। आपको बस सही कपड़े पहनने होंगे, फिर आप जा सकती हैं।) विदेशी महिला: अपने साथी की तरफ इशारा करते हुए) ही इज फाइन?(क्या ये ठीक हैं?) सिख: नो, ही इज ऑल्सो… निक्कर इज नॉट अलाउड। दिस इज नॉट अलाउड। (नहीं, ये भी… निक्कर यहां अलाउड नहीं है। यह पहनना मना है।) विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) सिख: यू वियर प्रॉपर पायजामा, फुल पैंट, देन यू कैन गो। (आप लोग पूरा पायजामा या फुल पैंट पहनें, फिर आप अंदर जा सकते हैं।) विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) गोल्डन टेंपल में लगाया बोर्ड… ——— ये खबर भी पढ़ें…. गोल्डन टेंपल में भगवंत मान की फोटो वाले आईकार्ड उतरवाए अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में शनिवार को नया विवाद हो गया। यहां मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से ये पहचान पत्र उतरवाए गए। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब- इंसाफ के लिए 16 साल लड़ी बीबी खालड़ा:पुलिस ने न सुनी तो सुप्रीम कोर्ट गई; इन्हीं के पति पर OTT से हटी दिलजीत की फिल्म

पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज (पंजाब 95) रिलीज के 2 ही दिन बाद OTT प्लेटफॉर्म से हटने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा फिर चर्चा में हैं। जसवंत खालड़ा ने श्मशान घाट, नगर निगम समेत अन्य जगहों से रिकॉर्ड इकट्ठा कर दावा किया था कि आतंकवाद के दौर में पंजाब में पुलिस के फर्जी एनकाउंटर में 25 हजार युवकों की हत्या की गई। फिर उन्हें लावारिस की तरह फूंक दिया गया। जसवंत खालड़ा को घर के बाहर से किडनैप कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने 16 साल की लंबी लड़ाई लड़ी। जिसके बाद दोषी पुलिस वालों को सजा हुई। वह पति के इंसाफ के लिए ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ीं। हालांकि उन्हें आज भी इस बात का मलाल है कि उन्होंने दोषियों को तो सजा दिला दी लेकिन उनके पति के साथ क्या हुआ, आज तक पता नहीं चला। घर से किडनैपिंग के बाद उनका कत्ल कैसे किया गया, किसी ने इसके बारे में राज नहीं उगला। पति को इंसाफ दिलाने के लिए बीबी खालड़ा ने क्या किया, गवाह न मुकरें, इसके लिए क्या कोशिश की, आखिर कैसे CBI जांच शुरू हुई, ये सब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पति को इंसाफ के लिए परमजीत कौर खालड़ा का संघर्ष जानिए:- *************** ये खबर भी पढ़ें… दिलजीत की 2 दिन पहले रिलीज ‘सतलुज’ OTT से हटाई:फिल्म में दावा- पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार मारे; दोसांझ ने पायरेसी की अपील की पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म को अचानक OTT प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे ‘सतलुज’ नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था (पढ़ें पूरी खबर)
शिमला मिर्च गाजर चिल्ला रेसिपी: खोज में बोले गए लगातार मिर्च और गाजर से बना चीला, स्वाद ऐसा की सब पूछेंगे रेसिपी

सामग्री: 1 कप बेसन, 1 गाजर, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च, 1 छोटा प्याज, 2 हरी मिर्च, हरा धनिया, ½ छोटा मोटा आटा, ¼ छोटा मोटा हल्दी, ½ छोटा टुकड़ा लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा टुकड़ा धनिया पाउडर, ½ छोटा मोटा धनिया पाउडर, स्वाद मसाला नमक, तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: बेसन में सबसे पहले एक बड़ा स्थान। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, नमक और नमक मिलाया जाता है। छवि: एआई इसके बाद कद्दूकस की हुई गाजर, स्ट्रॉबेरी कटी मिर्च प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डाले हुए एक ब्लॉग तैयार करें। छवि: फ्रीपिक ध्यान रखें कि नासा न अधिक नमक हो और न ही अधिक नमक हो। इसे 10 मिनट के लिए ठीक करके रख लें। अब गर्म करें और चमकाएं तेल या घी। तैयार नासा को तवे पर नामांकित गोल आकार में फैलाया गया। छवि: एआई मध्यम किनारे पर दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक सेंक लें। जब चीला दोनों तरफ से अच्छी तरह पक जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बाकी नासाल से भी चिली तैयार कर लें। छवि: एआई गरमा-गर्म मिर्च और गाजर का चीला हरी धनिया की चटनी, टमाटर की चटनी, दही या मसाला के साथ मसाले। सुबह के नाश्ते, बच्चों के टिफ़िन या शाम की भूख के लिए यह एक बेहतरीन और उपयोगी विकल्प है। छवि: एआई चिली को सबसे स्वादिष्ट बनाने के लिए चिली में छोटी सा सूजी या चावल का आटा मिला सकते हैं. इससे चीला चित्र कुकुरा गाएगा। छवि: एआई
सतलुज:डायरेक्टर हनी त्रेहान बोले- पंजाब की राजनीति में वर्षों से दबे दर्द की कहानी है ये फिल्म

दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘सतलुज’ साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद फाइनली जी5 पर आ रही है। इसके निर्देशक हनी त्रेहान ने खास बातचीत में फिल्म के रिलीज तक के संघर्ष और जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को परदे तक लाने के सफर पर बात की… हनी त्रेहान कहते हैं कि ‘सतलुज’ की सबसे बड़ी चुनौती फिल्म बनाना नहीं, बल्कि उसे दर्शकों तक पहुंचाना रही। शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक किसी तरह की बाधा नहीं आई। पंजाब में जहां-जहां शूटिंग हुई, वहां प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया, लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद थिएट्रिकल रिलीज के लिए सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला और यहीं से संघर्ष शुरू हो गया। करीब साढ़े तीन साल तक फिल्म रिलीज का इंतजार करती रही।’ सिर्फ एक मैसेज किया, 45 सेकेंड में आया जवाब, फिल्म करने को राजी हुए दिलजीत हनी बताते हैं कि ‘कोविड के दौरान मैंने सिर्फ इतना मैसेज किया था कि दिलजीत आप भारत में हैं या अमेरिका? उसी रात उनकी कैलिफोर्निया की फ्लाइट थी, इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि मुलाकात हो पाएगी। कुछ ही सेकेंड में जवाब आया कि समय निकला तो जरूर मिलेंगे। एयरपोर्ट जाते वक्त दिलजीत सीधे मुझसे मिलने पहुंचे। दिलजीत ने एक बार भी पारिश्रमिक या बिजनेस मॉडल के बारे में सवाल नहीं किया। उनकी दिलचस्पी सिर्फ इस बात में थी कि कहानी क्यों कही जा रही है और कितनी ईमानदारी से परदे पर उतारी जाएगी।’ यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान दांव पर लगा दी हनी कहते हैं कि ‘सतलुज’ का उद्देश्य किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन या विरोध करना नहीं है। मेरे लिए यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान तक दांव पर लगा दी। मैं चाहता हूं कि दर्शक फिल्म को खुले मन से देखें और इसके जरिए पंजाब के उस दौर, जसवंत सिंह के संघर्ष और न्याय की अहमियत पर नए सिरे से सोचें। किसी फिल्म की सबसे बड़ी सफलता बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि दर्शकों के मन में उठने वाले सवाल भी होते हैं।’ पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा बकौल हनी…‘सतलुज’ सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं, बल्कि पंजाब के उस दर्द की कहानी है, जो लंबे समय तक इतिहास और राजनीति की परतों में दबा रहा। इतनी संवेदनशील कहानी होने के बावजूद पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस स्टेशन, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर सभी जरूरी अनुमति के साथ काम हुआ और प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया। फिल्म देखने के बाद पंजाब के लोगों ने भी कहा कि पहली बार इस दौर को सनसनी की तरह नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे? जन्म : 2 नवंबर 1952, मृत्यु : 6 सितंबर 1995 घर: तरनतारन, पंजाब अमृतसर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में डायरेक्टर थे। समाजसेवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी थे। शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार विंग से जुड़े थे। जसवंत ने 16 जनवरी 1995 को पंजाब पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए थे। सितंबर 1995 को जसवंत घर के बाहर से गायब हुए। पुलिस पर अपहरण का आरोप लगा। 1995 में ही जसवंत की हत्या भी कर दी गई थी। 2005 में कोर्ट ने जसवंत सिंह केस में पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह समेत 6 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई थी।








