Wednesday, 05 Aug 2026 | 10:52 PM

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बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।

यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप में इस साल गर्मी का लोगों की जिंदगी व अर्थव्यवस्था, दोनों पर सीधा असर पड़ा। यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हीटवेव दर्ज की गई। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा और कई शहरों में अस्पतालों, बिजली ग्रिड, परिवहन और खेती पर दबाव बढ़ गया। अलग-अलग अनुमानों में इस गर्मी से 20 हजार से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है। भीषण गर्मी का यूरोप की जीडीपी पर भी असर हुआ है। एलियांज रिसर्च मॉडल के आधार पर की गई गणनाओं के अनुसार, गर्मी यूरोपीय अर्थव्यवस्था को ₹11 लाख करोड़ तक का झटका दे सकती हैं। वहीं, 2030 तक यूरोप को 61 लाख करोड़ रु. तक का आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उत्पादकता में गिरावट, बिजली की मांग में उछाल, फसल नुकसान, पर्यटन पर असर और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। विशेषज्ञों के मुताबिक संकट यहीं नहीं रुकेगा। यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का अनुमान है कि अगले साल तक यूरोप की करीब 34% आबादी जल संकट की चपेट में आ सकती है। दक्षिणी यूरोप में यह संकट और गहरा होगा, जहां गर्मियों में पानी की मांग और बढ़गी। भारत में 45 डिग्री झेल लेते हैं फिर यूरोप में 36 आफत क्यों? भारत में 45 डिग्री तापमान सूखी गर्मी में होता है, इसलिए पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है। यूरोप में 36° डिग्री गर्मी भी उमस के साथ आती है, तो पसीना सूख नहीं पाता और शरीर गर्म रहता है। इसे वेट-बल्ब खतरा कहते हैं। वेट-बल्ब तापमान लंबे समय तक रहे तो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं। उछाल… ब्रिटेन में एसी बिक्री 330%, फ्रांस में 1000% बढ़ी भीषण गर्मी ने एसी को लग्जरी से जरूरत बना दिया है। ब्रिटेन में एसी की बिक्री 330% तक तो फ्रांस में 1000% तक बढ़ी। तापमान बढ़ते ही कई बाजार में स्टॉक घटने लगा। पंखों व पोर्टेबल कूलर की मांग भी कई गुना तेजी से बढ़ी। 23 देशों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, स्पेन में पारा 45 डिग्री पार हुआ यूरोप की हीटवेव ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कम से कम 23 देशों में जून की गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पेन में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स व ब्रिटेन में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज हुई। भास्कर एनालिसिस भीषण हीटवेव के पीछे ओमेगा ब्लॉक; इसमें गर्म हवा फंसकर बढ़ा रही तबाही ओमेगा ब्लॉक क्या पैटर्न होता है? यह मौसम का ऐसा पैटर्न है, जिसमें हाई-प्रेशर सिस्टम दो लो-प्रेशर सिस्टम के बीच फंस जाता है। इसका आकार ग्रीक अक्षर ओमेगा जैसा दिखता है। इस पैटर्न से गर्मी क्यों बढ़ने लगती है? हाई-प्रेशर सिस्टम गर्म हवा को एक जगह रोक देता है। बादल कम बनते हैं, बारिश रुकती है और जमीन लगातार गर्म होती रहती है। इससे यह संकट होता है। यूरोप की हीटवेव इस पैटर्न से कैसे जुड़ी है? ओमेगा ब्लॉक ने उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागर की गर्म हवा को यूरोप के ऊपर रोक दिया। इसलिए कई देशों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहा। इस पैटर्न से और क्या असर पैदा होता है? जहां हाई-प्रेशर रहता है, वहां गर्मी और सूखा बढ़ता है। लो-प्रेशर में भारी बारिश-बाढ़ का खतरा बढ़ता है। जलवायु बदलाव से खतरा क्यों बढ़ गया है? ओमेगा ब्लॉक पहले भी बनते थे, लेकिन अब धरती ज्यादा गर्म है। इसलिए ऐसे पैटर्न में फंसी हवा पहले से ज्यादा गर्म और जानलेवा होने लगी हैं। यूरोप दुनिया में सबसे तेजी से गर्म हो रहा है। इसलिए ओमेगा ब्लॉक यहां ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। यूरोप के 20% घरों में ही एसी; इसलिए भी संकट ज्यादा यूरोप में हीटवेव इसलिए भी ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि वहां सिर्फ 20% घरों में ही एसी है। अमेरिका में एसी 90% से भी ज्यादा घरों में है। यूरोप की ज्यादातर इमारतें ठंडे मौसम के हिसाब से बनी हैं। इसलिए तापमान ज्यादा होने पर घर, अस्पताल व नर्सिंग होम तक गर्म हो जाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार लोगों पर खतरा और बढ़ जाता है।

देश में ‘बाहर खाने’ के बजाय ‘घर मंगाने’ का क्रेज:8.5 लाख करोड़ के फूड मार्केट में क्लाउड किचन बने मुनाफे की मशीन

देश में ‘बाहर खाने’ के बजाय ‘घर मंगाने’ का क्रेज:8.5 लाख करोड़ के फूड मार्केट में क्लाउड किचन बने मुनाफे की मशीन

भारत में ‘बाहर खाने’ से ज्यादा अब ‘घर पर मंगाकर खाने’ का क्रेज बढ़ रहा है। रेडसीर स्ट्रैटजी कंसल्टेंट्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश का फूड सर्विसेज बाजार अभी 8.5 लाख करोड़ रुपए का है, जो 2030 तक बढ़कर करीब ₹14.3 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। इस पूरी ग्रोथ की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब मुनाफा कमाने के लिए आलीशान रेस्टोरेंट खोलने की जरूरत नहीं रह गई है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी की रफ्तार ऑफलाइन के मुकाबले करीब ढाई गुना तेज है। क्लाउड किचन मॉडल (बिना बैठने की व्यवस्था वाला सिर्फ ऑनलाइन डिलीवरी आधारित किचन) इस समय फूड इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ और मुनाफे की मशीन साबित हो रहा है। फूड डिलीवरी: छोटे शहरों में 3 गुना बढ़े ऑर्डर्स; क्लाउड किचन की 90% कमाई ऑनलाइन से कुल मार्केट में ऑनलाइन डिलीवरी की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2021 के 4% से बढ़कर 2026 में 11% हो गई। 2031 तक 18% होने का अनुमान है। नए क्लाउड किचन ब्रांड्स 90% रेवेन्यू ऑनलाइन चैनलों से कमाते हैं, वहीं रेस्टोरेंट 50% पर ही हैं। यह ट्रेंड छोटे शहरों तक पहुंच चुका है। 2021-26 के बीच मेट्रो शहरों में ऑर्डर्स 30 करोड़ से बढ़कर 106 करोड़ हुए, तो वहीं टियर-2, छोटे शहरों में 6 करोड़ से 3 गुना बढ़कर 18 करोड़ पहुंच गए हैं। कम लागत का खेल: रेबेल फूड्स और बेकिंगो जैसे ब्रांड्स की 3 कड़ियों वाली सीक्रेट प्लेबुक 1. शेयर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर: महंगे शोरूम की जगह पीछे गलियों में शेयर्ड किचन खोलना, जिससे फिक्स्ड कॉस्ट घटती है। जैसे रेबेल फूड्स, बेकिंगो। 2. फोकस्ड मेन्यू: मेन्यू में 50 चीजें रखने के बजाय सिर्फ चुनिंदा आइटम रखना। इससे कच्चे माल की बर्बादी रुकती है और किचन की स्पीड बढ़ती है। जैसे द बेल्जियन वेफल। 3. प्रीमियम पोजिशनिंग: हेल्दी या प्रीमियम कैटेगरीज में खुद को ढालना, जिससे ग्राहक ऊंची कीमत देने को तैयार हो जाए। चाय, कॉफी और स्नैक्स: क्लाउड किचन के लिए 4.2 लाख करोड़ रु. के नए हॉटस्पॉट बन रहे लंच-डिनर के अलावा अब शाम के स्नैक्स और बेवरेजेज सेगमेंट में क्लाउड किचन के लिए भारी संभावनाएं हैं। स्नैक्स-डेजर्ट स्नैक्स का बाजार 1.9 लाख करोड़, डेजर्ट/बेवरेजेज का 2.3 लाख करोड़ का हो चुका है। शेक्स, जूस डिलीवरी के लिहाज से शाम के लोकप्रिय नाश्ते बन रहे हैं। कॉफी में प्रीमियमाइजेशन आउट-ऑफ-होम कॉफी मार्केट 2030 तक ~38 हजार करोड़ का होगा। इसमें मिड-सेगमेंट (₹~100-~200) की ग्रोथ सबसे तेज 35-40% सालाना है। प्रीमियम चाय भले ही चाय में 97% बाजार ₹~20 से कम वाली टपरी का हो, लेकिन ₹100 से ऊपर वाली प्रीमियम चाय का सेगमेंट 20-25% सालाना की रफ्तार से बढ़ रहा है। चैलेंज कहां है? बड़े चाय-कॉफी ब्रांड्स का ग्रॉस मार्जिन तो 62-67% है, लेकिन बड़े स्टोर साइज और ऊंचे किराए के कारण उनका मुनाफा (एबिटा) 5-9% पर सिमट जाता है। यहीं पर क्लाउड किचन मॉडल बाजी मार सकता है, अगर यही प्रीमियम चाय-कॉफी क्लाउड किचन मॉडल से बेची जाए, तो रेंट कॉस्ट घटते ही मुनाफा दोगुना हो सकता है।

ब्लड शुगर से लेकर वजन तक…सेहत के लिए रामबाण है अमरूद के औषधि की चाय, जानिए कैसे और कैसे पीएं

ब्लड शुगर से लेकर वजन तक...सेहत के लिए रामबाण है अमरूद के औषधि की चाय, जानिए कैसे और कैसे पीएं

आज हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है। रक्तचाप, उच्च वजन और पाचन तंत्र आज के समय की सबसे आम बीमारियाँ बन गई हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके घर में आसानी से मिलने वाले अमरूद के पेड़ में ही इन सभी समस्याओं का समाधान छिपा है? अमरूद का फल तो सेहत के लिए जादुई होता है, लेकिन इसके पत्ते औषधीय गुणों का खजाना हैं। आयुर्वेद में अमरूद की चाय को एक बेहतरीन ‘हेल्थ टॉनिक’ माना जाता है। आइए जानते हैं इसके फायदे और इसे पीने के सही तरीके के बारे में। अमरूद के व्यापारी की चाय के फायदे क्या-क्या हैं? अमरूद के दुकानदारों के चाय भोजन के बाद रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ने से रोका जाता है। यह बॉडी में रिव्यू के लेवल को स्टोरी करता है, जिससे टाइप-2 के मरीजों को बहुत फायदा होता है।अगर आपका पेट खराब और बढ़ते वजन से संबंधित है, तो यह आपकी मदद कर सकता है। यह कार्बोहाइड्रेट कॉम्प्लेक्स को शुगर में बदलने से रोकता है, जिससे शरीर में फैट जमा नहीं होता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।अमरूद के दुकानदारों में विरोधी-साम्राज्य गुण होते हैं। इसके चाय पीने से पेट के निरपेक्ष बाज़ार ख़त्म हो जाते हैं। इससे गैस, अपच, कंजेशन और दस्त जैसे मुद्दों में तत्काल राहत मिलती है।यह चाय खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करती है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बेहतर होता है और दिल की हालत खतरे में पड़ जाती है। अमरूद के आर्किटेक्ट की चाय कैसे खरीदें? 4-5 अमरूद के समुद्री डाकू और साफा पत्ते, एक गिलास पानी, और स्वाद वाला छोटा सा शहद या नींबू का रस। सबसे पहले शिक्षक को पानी से अच्छी तरह धो लें। अब एक पैन में पानी के शौकीन और मसाले इन दुकानदारों को डाल दिए जाते हैं। पानी को 8-10 मिनट तक धीमा झटका तब तक जब तक पानी का रंग हरा या पीला न हो जाए। इसके बाद गैस बंद करें, चाय को अच्छा लें। स्वाद के लिए आप शहद या लेस्बियन में मिल सकते हैं। मुख्य लाभ पाने के लिए इस चाय को सुबह खाली पेट की खुराक सबसे सही माना जाता है। वजन और शुगर को नियंत्रित करने के लिए आप इसे दोपहर या रात के भोजन के बाद एक घंटे बाद भी ले सकते हैं। 1 से 2 कप चाय का सेवन गोदाम में है। (टैग्सटूट्रांसलेट)स्वास्थ्य(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ(टी)जीवनशैली(टी)अमरूद की पत्ती की चाय(टी)रक्त शर्करा(टी)वजन कम करना

31 जुलाई तक भर सकते हैं आयकर रिटर्न:ये 4 बातें सीनियर सिटीजन को टैक्स में राहत देंगी, मदद करेगी यह गाइड

31 जुलाई तक भर सकते हैं आयकर रिटर्न:ये 4 बातें सीनियर सिटीजन को टैक्स में राहत देंगी, मदद करेगी यह गाइड

पेंशनर्स व गैर व्यावसायिक आय वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2025-26 का आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किसे आईटीआर भरना है, किसे नहीं और कौन-सी टैक्स व्यवस्था आपके लिए फायदेमंद है। 1. 75 वर्ष से अधिक आयु वालों को आईटीआर भरने से छूट है – यदि उम्र 75 वर्ष या अधिक है तो धारा 194P के तहत आईटीआर दाखिल करने से छूट मिल सकती है। – आय सिर्फ पेंशन से है। ब्याज आय केवल उसी बैंक में है, जहां पेंशन आती है। बैंक में फॉर्म-125 जमा किया है तो बैंक स्वयं टैक्स की गणना कर टीडीएस काट लेगा। इसके बाद रिटर्न भरने से छूट मिल जाएगी। चेतावनी: यदि अन्य आय जैसे- शेयर, म्यूचुअल फंड, किराया या लाभ की स्थिति में यह छूट लागू नहीं होगी। 2. टैक्स गणना में जो रिजीम फायदे में, उसे चुन सकते हैं – वित्त वर्ष 2025-26 से नई कर व्यवस्था (धारा 115BAC) डिफॉल्ट व्यवस्था है। पुरानी व्यवस्था चुनने के लिए आईटीआर दाखिल करते समय स्पष्ट रूप से विकल्प चुनना होगा। – पुरानी व्यवस्था लाभदायक हो सकती है- यदि धारा 80C में निवेश, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80D), होम लोन ब्याज या अन्य कटौतियां अधिक हों। – नई व्यवस्था लाभदायक हो सकती है यदि कटौतियां कम हों, सामान्य आय ₹12 लाख तक हो। आईटीआर भरने से पहले दोनों रिजीम में टैक्स गणना अवश्य करें। 3. पुरानी टैक्स रिजीम में अभी भी आप ले सकते हैं ये छूट – धारा 80C: एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी, एससीएसएस, एफडी निवेश पर डेढ़ लाख ₹की कटौती। – धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा पर ₹50 हजार तक कटौती। यदि स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो वास्तविक चिकित्सा खर्च पर भी 50 हजार रुपए तक की कटौती है। – धारा 80TTB: बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर की जमा राशि पर ब्याज आय में ₹50 हजार तक की कटौती, लेकिन एनआरआई को यह लाभ नहीं मिलता है। – धारा 80DDB: कैंसर, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर 1 लाख रु. ₹तक की कटौती। 4. यदि टीडीएस कट गया है तो रिफंड के लिए आईटीआर भरें – वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बैंक में ब्याज आय ₹50 हजार से अधिक होने पर बैंक 10% टीडीएस काटता है। – यदि आपकी कुल आय कर योग्य नहीं है तो हर वित्त वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म-15H जमा करने के बाद टीडीएस नहीं कटने की राहत मिलती है। – यदि वित्तीय वर्ष के शुरुआत में आपने फॉर्म-15H नहीं भरा है और बैंक ने टीडीएस काट लिया है तो रिफंड पाने के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। – आईटीआर भरने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना भी जरूरी है, अन्यथा रिटर्न अधूरा माना जाएगा। जानिए कहां कितनी आय पर छूट मिल रही है ओल्ड रिजीम में छूट: 60-80 वर्ष वालों को ₹3 लाख तक की आय और 80+वर्ष वालों को ₹5 लाख की आय पर छूट है। न्यू रिजीम में छूट- इसमें सभी वर्ग के लिए सीमा 4 लाख है। धारा 87A-छूट- ओल्ड में ₹5 लाख आय पर ₹12,500 रु.। न्यू रिजीम में छूट- ₹ 12 लाख की आय पर ₹60 हजार रु. तक। (नोट: पूंजीगत लाभ जैसे- इक्विटी शेयरों आदि से होने वाली आय पर धारा 87A की छूट लागू नहीं होती।)

लिवर में भी हो सकता है पथरी? इन प्रारंभिक प्रथम चरण को अंतिम रूप देने के लिए भी न भूलें

लिवर में भी हो सकता है पथरी? इन प्रारंभिक प्रथम चरण को अंतिम रूप देने के लिए भी न भूलें

आमतौर पर जब भी ‘पथरी’ का नाम आता है तो हमारा ध्यान सबसे पहले किडनी या गॉलब्लैडर की तरफ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके लीवर में भी पथरी हो सकती है? इसे मेडिकल भाषा में हेपेटोलिथियासिस या इंट्राहेपेटिक स्टोन्स कहा जाता है। लिवर हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, और इसमें पथरी की भी गंभीर स्थिति हो सकती है। आइए जानते हैं कि ये क्यों होता है और इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं। लिवर कॉन्स्टेंट ‘बायल एसोसिएट’ की स्थापना करता है, जो खाना पचाने में मदद करता है। जब लिवर के अंदर मौजूद पित्त की नाल में कैल्शियम, कैल्शियम या बिलीरुबिन जमा होने लगता है, तो यह धीरे-धीरे-धीरे-धीरे मजबूत होकर पथरी का रूप ले लेता है। सही समय पर इलाज न करने से लिवर को गंभीर नुकसान हो सकता है। इन प्रारंभिक प्रविष्टियों को न करें लिवर की पथरी की सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जिनमें लोग अक्सर गैस या बदहज़मी समझकर छोड़ देते हैं। लिवर पेट के दाहिनी तरफ होता है। यदि आपको इस हिस्से में लगातार या अचानक तेज दर्द होता है, जो पिंच तक जाता है, तो यह पथरी का संकेत हो सकता है।पेट में भारीपन महसूस होना, कुछ भी खाने पर तुरंत उल्टी होना जैसा कि मन होना लिवर में अस्वस्थता का संकेत है।जब पथरी के कारण पित्त का निकलना बंद हो जाता है, तो त्वचा और आंखों का रंग पीला होने लगता है। साथ ही पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है।लिवर में पथरी के कारण यदि संक्रमण बढ़ता है, तो रोगी को ठंड लगकर तेज़ बुखार आ सकता है।बिना ज्यादा काम किए भी शरीर में हर वक्त उदासी और बन गई गरीबी। अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करें लिवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली में सुधार करें।अधिकांश तेल-मसालेदार और वैगन-ट्रेनरों की दूरी।रिज़ॉर्ट में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स के बाहर निकल की सुविधा हो।नियमित रूप से व्यायाम या सैर करें। (टैग्सटूट्रांसलेट)पित्ताशय की थैली हटाने से लीवर पर प्रभाव(टी)क्या कोलेसिस्टेक्टॉमी से लीवर प्रभावित होता है(टी)पित्ताशय की पथरी के इलाज के टिप्स(टी)डॉ. सरीन पित्ताशय सलाह (टी) पित्ताशय की सर्जरी के बाद जिगर का दबाव (टी) पित्ताशय की थैली के बिना पित्त प्रवाह (टी) पित्ताशय की पथरी का घरेलू उपचार (टी) पित्ताशय की सर्जरी के प्रभाव (टी) पित्ताशय की थैली के बाद जिगर का स्वास्थ्य (टी) पित्ताशय की पथरी डॉक्टर युक्तियाँ

नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की

नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की

नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हो रहे रियलिटी शो लॉक-अप 2 में कंटेस्टेंट्स ने दिए जा रहे खाने की क्वालिटी पर संगीन आरोप लगाए हैं। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, खराब खाना मिलने से रो पड़ीं और दावा किया कि शो में दिया जा रहा सूप, कौए की पेशाब जैसा है। इसके अलावा राम कपूर समेत शो के अन्य कंटेस्टेंट्स भी विरोध में उतर गए और एक रात बिना खाए सोए। रविवार को स्ट्रीम हुए शो के नए एपिसोड में सभी कंटेस्टेंट्स खाना न मिलने पर विरोध करते दिखे। लिमिटेड स्कोर के चलते सभी घरवालों के खाने की डिमांड की पूर्ति नहीं हो सकी। जब कंटेस्टेंट्स ने सवाल किए कि शो में वो कंटेस्टेंट्स भी भूखे रहे, जिन्हें टैबलेट्स खानी होती हैं, तो होस्ट रितेश देशमुख ने तर्क दिया कि ऐसे कंटेस्टेंट्स के लिए सूप भेजा गया था। हालांकि कुछ समय पहले ही सुनीता ने सूप की तुलना, पेशाब सी की। सुनीता ने होस्ट रितेश देशमुख से कहा, ‘कल मेरा खाना नहीं आया। मैं भूखे पेट सोई हूं और मुझे डायबिटीज है’। इस पर रितेश ने तर्क दिया, ‘आपने स्नैक्स 8 बजे लिया, उसके 2 घंटे बाद आपके लिए सूप भी भेजा गया था। यहां मौजूद न्यूट्रिशियनिस्ट के मुताबिक आपकी दवाओं के अनुसार ही आपको खाना दे दिया गया था।’ सुनीता ने इस पर कहा, ‘मुझे खाना खाने की आदत है, वर्ना मुझे साइकॉलोजिकल दिक्कत होती है, अजीब लगने लगता है। बॉडी कांपती है।’ खाने की कमी से सुनीता ने की शो छोड़ने की मांग शो में जब होस्ट द्वारा खाने पर सफाई दी गई, तो सुनीता ने शो छोड़ने की मांग की है। उन्होंने होस्ट से कहा कि उन्हें काफी चोट लग चुकी हैं, वो गेम आगे नहीं खेलना चाहतीं और बाहर जाना चाहती हैं। ये कहते हुए सुनीता का ब्रेकडाउन हो गया और उन्होंने फूट-फूटकर रोते हुए कहा कि गोविंदा ने उन्हें शो में न जाने की चेतावनी दी थी। खाने पर क्यों है विवाद? दरअसल, शो की थीम के अनुसार, हर हफ्ते की शुरुआत में कंटेस्टेंट्स को टास्क के जरिए कुछ पॉइंट्स दिए जाएंगे। उन पॉइंट्स की मदद से ही कंटेस्टेंट्स खाना खरीद सकते हैं। कंटेस्टेंट्स ने जब खाने की क्वालिटी पर सवाल किए तो होस्ट रितेश ने कहा कि उन्होंने पॉइंट्स को सही ढंग से खर्च नहीं किया और हफ्ता पूरा होने से पहले ही सारे पॉइंट्स खत्म कर दिए, तो ये शो की जिम्मेदारी नहीं है। इस पर एक कंटेस्टेंट्स ने कहा कि पॉइंट्स से खरीदी गई थाली में भी खाने की क्वांटिटी काफी कम होती है, जिसमें सिर्फ 2 रोटियां और थोड़े से चावल आते हैं। इस पर रितेश ने जवाब दिया कि उन्हें एक के बजाए 2 थालियां ऑर्डर करनी चाहिए थीं। विवाद बढ़ता देख, शो में एक टास्क करवाया गया, जिसमें कंटेस्टेंट्स को खाने के लिए नए पॉइंट्स दिए गए हैं। शिल्पा शिंदे बनीं शो की पहली वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट शो में शिल्पा शिंदे बतौर वाइल्ड कार्ड शामिल हो रही हैं। शो का एक नया प्रोमो जारी किया गया है, जिसमें सुनीता और शिल्पा की बहस दिखाई जा रही है। नेटफ्लिक्स के शो से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- राम कपूर ने चीटिंग को किया जस्टिफाई- राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। आकांक्षा चमोला ने बायसेक्शुअल होने की बात कबूली- ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। अब हाल ही में आकांक्षा ने शो में बायसेक्शुअल होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा है कि शादी से पहले उनके लड़कियों से भी रिश्ते रहे हैं और वो लड़कियों की तरफ आकर्षित होती हैं। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है।

चांदी ₹2,046 गिरकर ₹2.32 किलो पर आई:सोना भी ₹832 सस्ता हुआ, ₹1.46 लाख का 10 ग्राम बिक रहा; कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

चांदी ₹2,046 गिरकर ₹2.32 किलो पर आई:सोना भी ₹832 सस्ता हुआ, ₹1.46 लाख का 10 ग्राम बिक रहा; कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

सोना-चांदी के दाम में आज 6 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 832 रुपए गिरकर 1.46 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं, एक किलो चांदी 2,046 रुपए गिरकर 2.32 लाख रुपए पर आ गई है। सोना इस साल ₹12 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 12 हजार रुपए और चांदी 1 हजार रुपए से ज्यादा महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.32 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की

नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की

नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हो रहे रियलिटी शो लॉक-अप 2 में कंटेस्टेंट्स ने दिए जा रहे खाने की क्वालिटी पर संगीन आरोप लगाए हैं। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, खराब खाना मिलने से रो पड़ीं और दावा किया कि शो में दिया जा रहा सूप, कौए की पेशाब जैसा है। इसके अलावा राम कपूर समेत शो के अन्य कंटेस्टेंट्स भी विरोध में उतर गए और एक रात बिना खाए सोए। रविवार को स्ट्रीम हुए शो के नए एपिसोड में सभी कंटेस्टेंट्स खाना न मिलने पर विरोध करते दिखे। लिमिटेड स्कोर के चलते सभी घरवालों के खाने की डिमांड की पूर्ति नहीं हो सकी। जब कंटेस्टेंट्स ने सवाल किए कि शो में वो कंटेस्टेंट्स भी भूखे रहे, जिन्हें टैबलेट्स खानी होती हैं, तो होस्ट रितेश देशमुख ने तर्क दिया कि ऐसे कंटेस्टेंट्स के लिए सूप भेजा गया था। हालांकि कुछ समय पहले ही सुनीता ने सूप की तुलना, पेशाब सी की। सुनीता ने होस्ट रितेश देशमुख से कहा, ‘कल मेरा खाना नहीं आया। मैं भूखे पेट सोई हूं और मुझे डायबिटीज है’। इस पर रितेश ने तर्क दिया, ‘आपने स्नैक्स 8 बजे लिया, उसके 2 घंटे बाद आपके लिए सूप भी भेजा गया था। यहां मौजूद न्यूट्रिशियनिस्ट के मुताबिक आपकी दवाओं के अनुसार ही आपको खाना दे दिया गया था।’ सुनीता ने इस पर कहा, ‘मुझे खाना खाने की आदत है, वर्ना मुझे साइकॉलोजिकल दिक्कत होती है, अजीब लगने लगता है। बॉडी कांपती है।’ खाने की कमी से सुनीता ने की शो छोड़ने की मांग शो में जब होस्ट द्वारा खाने पर सफाई दी गई, तो सुनीता ने शो छोड़ने की मांग की है। उन्होंने होस्ट से कहा कि उन्हें काफी चोट लग चुकी हैं, वो गेम आगे नहीं खेलना चाहतीं और बाहर जाना चाहती हैं। ये कहते हुए सुनीता का ब्रेकडाउन हो गया और उन्होंने फूट-फूटकर रोते हुए कहा कि गोविंदा ने उन्हें शो में न जाने की चेतावनी दी थी। खाने पर क्यों है विवाद? दरअसल, शो की थीम के अनुसार, हर हफ्ते की शुरुआत में कंटेस्टेंट्स को टास्क के जरिए कुछ पॉइंट्स दिए जाएंगे। उन पॉइंट्स की मदद से ही कंटेस्टेंट्स खाना खरीद सकते हैं। कंटेस्टेंट्स ने जब खाने की क्वालिटी पर सवाल किए तो होस्ट रितेश ने कहा कि उन्होंने पॉइंट्स को सही ढंग से खर्च नहीं किया और हफ्ता पूरा होने से पहले ही सारे पॉइंट्स खत्म कर दिए, तो ये शो की जिम्मेदारी नहीं है। इस पर एक कंटेस्टेंट्स ने कहा कि पॉइंट्स से खरीदी गई थाली में भी खाने की क्वांटिटी काफी कम होती है, जिसमें सिर्फ 2 रोटियां और थोड़े से चावल आते हैं। इस पर रितेश ने जवाब दिया कि उन्हें एक के बजाए 2 थालियां ऑर्डर करनी चाहिए थीं। विवाद बढ़ता देख, शो में एक टास्क करवाया गया, जिसमें कंटेस्टेंट्स को खाने के लिए नए पॉइंट्स दिए गए हैं। शिल्पा शिंदे बनीं शो की पहली वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट शो में शिल्पा शिंदे बतौर वाइल्ड कार्ड शामिल हो रही हैं। शो का एक नया प्रोमो जारी किया गया है, जिसमें सुनीता और शिल्पा की बहस दिखाई जा रही है। नेटफ्लिक्स के शो से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- राम कपूर ने चीटिंग को किया जस्टिफाई- राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। आकांक्षा चमोला ने बायसेक्शुअल होने की बात कबूली- ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। अब हाल ही में आकांक्षा ने शो में बायसेक्शुअल होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा है कि शादी से पहले उनके लड़कियों से भी रिश्ते रहे हैं और वो लड़कियों की तरफ आकर्षित होती हैं। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है।

आमिर-गौरी की शादी; इनसाइड तस्वीरें:एक्टर ने पहनी पायल, बेटों ने दी अंगूठियां, पत्नी का हाथ चूमा, पूर्व पत्नियां किरण-रीना नहीं पहुंचीं, इरफान पठान ने किस किया सेंसर

आमिर-गौरी की शादी; इनसाइड तस्वीरें:एक्टर ने पहनी पायल, बेटों ने दी अंगूठियां, पत्नी का हाथ चूमा, पूर्व पत्नियां किरण-रीना नहीं पहुंचीं, इरफान पठान ने किस किया सेंसर

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। ये शादी आमिर के घर में हुई, जिसमें महज परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त शामिल हुए। खास बात ये रही कि आमिर की पिछली 2 शादी के बच्चे ईरा, जुनैद और आजाद शादी में पहुंचे, हालांकि हर खास इवेंट में साथ रहने वालीं पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव, शादी से नदारत दिखीं। अब लगातार आमिर-गौरी की शादी की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक नजर शादी की इनाइइड तस्वीरों पर- इरफान पठान ने किस किया एडिट पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान, पत्नी के साथ आमिर-गौरी की शादी में पहुंचे थे। उन्होंने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से आमिर-गौरी की रजिस्टर्ड मैरिज से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया है। शादी के पेपर्स साइन करने के बाद आमिर ने गौरी स्प्रैट को किस किया था, हालांकि इरफान पठान ने उस किस को एडिट कर पोस्ट किए गए वीडियो से हटा दिया है। पायल पहने दिखे आमिर खान आमिर खान ने शादी के लिए ऑफ व्हाइट ट्रेडिशन कुर्ता और धोती पहनी थी। मेहमानों को बाहर तक छोड़ने आए आमिर को पायल पहने देखा गया है। आमिर-गौरी के बच्चों ने निभाई रस्म शादी से एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें आमिर खान के बेटे आजाद राव खान और गौरी के पिछली शादी से हुए बेटे क्विन, न्यूलीवेड कपल के लिए रिंग पकड़े दिखे हैं। शादी के वचन लेने के बाद कपल ने एक-दूसरे को रिंग पहनाई।