ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। इलेक्ट्रॉनिक्स से IT तक में रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल रेयर अर्थ मटेरियल 17 रासायनिक तत्वों का समूह है। इनका इस्तेमाल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मिलिट्री उपकरणों तक में होता है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा और कई आधुनिक तकनीकों में इनकी अहम भूमिका है। इनका इस्तेमाल IT, केमिकल और ऑयल रिफाइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में भी होता है। आधुनिक तकनीक और हाई-टेक उपकरणों में इनकी मांग लगातार बनी हुई है। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 4894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 4,307 नेपाली नागरिक और 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों, टूटे रास्तों और भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 1,356 लोगों की मौत हुई है। वहीं तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लापता हैं। नेपाल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीरें… नेपाल बाढ़ से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाबी महिला का पाकिस्तानी मुस्लिम पति फंसा:पहली पत्नी कोर्ट पहुंची; बोली- सरबजीत कौर ने घर कब्जाया, बच्चों समेत बाहर निकाला

भारत से पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत कौर से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आया है। नासिर हुसैन की पहली पत्नी साइमा नासर लाहौर हाईकोर्ट पहुंच गई है। साइमा ने पति नासिर हुसैन और उससे निकाह करने वाली सरबजीत कौर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइमा का आरोप है कि नासिर ने उनकी जानकारी और अनुमति के बिना सरबजीत से दूसरी शादी की। इसके बाद उन्हें चार नाबालिग बच्चों के साथ घर से निकाल दिया गया। साइमा ने अदालत से बच्चों के मासिक भत्ते और रहने के लिए घर की मांग की है। साइमा ने सरबजीत पर आरोप लगाया कि वह दादी बनने की उम्र में मोबाइल के जरिए गैर-मर्दों के सामने अश्लीलता करती है। घर में मेरे पति के साथ अश्लील हालत में रहती है। उससे मेरे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। याचिका में साइमा की 4 अहम बातें… 1. सरबजीत ने घर पर कब्जा किया साइमा नासर का आरोप है कि भारत से यात्रा वीजा पर पाकिस्तान आई सरबजीत कौर ने उनके घर पर जबरन कब्जा कर लिया। साइमा के मुताबिक, उन्हें और उनके चार छोटे बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया गया। हमारे कपड़े भी फेंक दिए गए और परिवार के खाने का सहारा भी छीन लिया गया। 2. बिना अनुमति दूसरी शादी की साइमा के एडवोकेट अली चंगेजी संधू के अनुसार, पाकिस्तान के कानून के तहत दूसरी शादी को लेकर पहली पत्नी की लिखित अनुमति और संबंधित कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान है। साइमा का कहना है कि नासिर हुसैन ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना सरबजीत कौर से निकाह किया। अदालत ने नासिर हुसैन को नोटिस जारी किया है। 3. पति ने 10 महीने से संपर्क नहीं किया साइमा के मुताबिक, करीब 10 महीने से नासिर ने उनसे और बच्चों से संपर्क नहीं किया है। उनका आरोप है कि इस दौरान न तो बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई राशि दी गई और न ही उनका हक-मेहर अदा किया गया। साइमा का कहना है कि चार नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है। वह अदालत के जरिए बच्चों के लिए गुजारा भत्ता और रहने की व्यवस्था चाहती हैं। 4. बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हूं साइमा ने कहा- नासिर हुसैन और सरबजीत नामक महिला दिन-रात एक साथ रहकर मोबाइल वीडियो पर अश्लील वीडियो देखते है। दोनों आपत्तिजनक हालत में रहते हैं। ऐसी महिला के साथ रहना बिल्कुल संभव नहीं है क्योंकि इसका बच्चों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। आगे चलकर उनके शादी-ब्याह और रिश्तों में भी रुकावट आएगी। इसलिए वे एक घर में साथ नहीं रह सकते और उन्हें सिर्फ उनका जायज हक दिया जाए। सरबजीत कौर मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से जुड़े माने जा रहे लंदन के दो अपार्टमेंट बिक्री के लिए रखे गए हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों फ्लैट ब्रिटिश राजधानी में इजराइली दूतावास के पास हैं। ये लग्जरी पेंटहाउस 3ए पैलेस ग्रीन में हैं। इन्हें 2014 और 2016 में कुल £36 मिलियन यानी करीब ₹459.54 करोड़ में खरीदा गया था। दोनों प्रॉपर्टी में स्टाफ के रहने की जगह और निजी रूफ टेरेस हैं। पहला पेंटहाउस 5 बेडरूम वाला डुप्लेक्स है। यह छठी और सातवीं मंजिल पर 3,944 वर्गफीट में फैला है और इसे £12 मिलियन से कम यानी करीब ₹153.17 करोड़ में बेचा जा रहा है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।
दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।
मिर्जापुर: द फिल्म के गाने शूरवीर पर विवाद खत्म:राजस्थानी सिंगर का आरोप था- बिना इजाजत इस्तेमाल किया गाना लिया, राज्य की छवि बिगाड़ी, कैसे सुलझा मामला

राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। अब गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। ट्रूपर रिकॉर्ड्स के इस बयान के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि गाने के कलाकार रैपरिया बालम और लेबल के बीच अनुमति और अधिकारों को लेकर क्या सहमति थी। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” फिल्म ने 3 दिनों में कमाए 93 करोड़ फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 25.74 करोड़ का कलेक्श किया और साल की चौथी बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस क्लैश टॉक्सिक और हनुमान अंश है। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। ‘मिर्जापुर’ सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। ‘मिर्जापुर’ का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
मिर्जापुर: द फिल्म के गाने शूरवीर पर विवाद खत्म:राजस्थानी सिंगर का आरोप था- बिना इजाजत इस्तेमाल किया गाना लिया, राज्य की छवि बिगाड़ी, कैसे सुलझा मामला

राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। अब गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। ट्रूपर रिकॉर्ड्स के इस बयान के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि गाने के कलाकार रैपरिया बालम और लेबल के बीच अनुमति और अधिकारों को लेकर क्या सहमति थी। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” फिल्म ने 3 दिनों में कमाए 93 करोड़ फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 25.74 करोड़ का कलेक्श किया और साल की चौथी बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस क्लैश टॉक्सिक और हनुमान अंश है। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। ‘मिर्जापुर’ सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। ‘मिर्जापुर’ का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
400 साल पुराने मंदिर से निकली 'द वन' की कहानी:अरुणाभ बोले- कहानी लिखते समय जीभ कटी, फिर नॉन-वेज छोड़ने का फैसला किया

टीवीएफ की चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा अब बड़े पर्दे पर ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है। इसका आइडिया बिहार के करीब 400 साल पुराने वन देवी मंदिर की कहानी से आया। अरुणाभ कुमार ने एकता कपूर के साथ इसे प्रोड्यूस किया है और आनंदेश्वर द्विवेदी के साथ कहानी लिखी है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में अरुणाभ और दीपक ने फिल्म के आइडिया, 35-40 रातों तक चली शूटिंग, कलाकारों की मेहनत और कहानी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। अरुणाभ ने बताया कि कहानी लिखते समय एक बार उनकी जीभ कट गई, जिसके बाद उन्होंने फिल्म पर काम करते हुए नॉन-वेज खाना छोड़ दिया। सवाल: सबसे पहले फिल्म के आइडिया के बारे में बताइए। क्या यह किसी लोककथा या सच्ची घटना से प्रेरित है? जवाब/अरुणाभ कुमार: इस कहानी के मूल स्रोत दो हैं। पहला श्रेय मैं एकता कपूर को देना चाहूंगा। हम अक्सर साथ में मंदिर जाते हैं। एक जनवरी को नए साल के मौके पर हम सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। महाशिवरात्रि पर मुक्तेश्वर मंदिर भी गए हैं। इन यात्राओं के दौरान मंदिरों से जुड़ी कहानियों पर हमारी बातचीत होने लगी। एकता ने मुझे महालक्ष्मी मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ अद्भुत कहानियां सुनाईं। इसके बाद मैंने उन्हें बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके पीछे बहुत दिलचस्प कहानियां हैं। तब हमें एहसास हुआ कि भारतीय संस्कृति में लगभग हर मंदिर के पीछे कोई न कोई अद्भुत कहानी है। सवाल : इस कहानी से आपका व्यक्तिगत जुड़ाव कैसे हुआ और फिल्म बनाने का फैसला कैसे हुआ? जवाब/अरुणाभ कुमार: दूसरा स्रोत मेरी मां हैं। वह मुझे दुर्गा पूजा के दौरान देवी और शक्ति के अलग-अलग मंदिरों में ले जाया करती थीं। हम वहां पूजा करते थे, साड़ी चढ़ाते थे और कई दिनों तक मंदिर जाते थे। इसी दौरान वह मुझे पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर लेकर गई थीं। यह करीब 400 साल पुराना मंदिर है। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इसे स्थापित किया था। उस समय वहां के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। उनसे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के दस रूपों की प्रार्थना की और उन्हीं में से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। मैं इस कहानी से बहुत प्रभावित हुआ। मैंने यह कहानी दीपक और फिर एकता को सुनाई। उन्हें भी यह कहानी बहुत पसंद आई। एकता ने कहा कि इतनी बड़ी और अद्भुत कहानी को बड़े पर्दे पर लाना चाहिए। उन्हें लगा कि यह कहानी बड़े कैनवास की मांग करती है। यहीं से फिल्म की शुरुआत हुई। सवाल: दीपक जी, जब आपने पहली बार यह कहानी सुनी तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: मैं बहुत उत्साहित था। हिंदी सिनेमा में इस तरह की लोककथा बड़े पर्दे पर पहले नहीं दिखाई गई है। मुझे यह बात बहुत नई लगी। हालांकि कहानी लोककथा है, लेकिन इसकी कहानी आज के समाज से जुड़ी है। जब हम किसी ऐसे मंदिर में जाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल आते हैं- क्या यह सच है? ऐसा क्यों हुआ? ऐसी मान्यताएं कैसे बनीं? यही जिज्ञासा मुझे इस कहानी की तरफ खींच लाई। सवाल: जब आप सेट पर पहुंचे तो आपके दिमाग में फिल्म की पहली तस्वीर क्या थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने कहानी के उस हिस्से से शुरुआत की थी, जहां कहानी मुंबई से शुरू होती है। मेरी पहली कोशिश यही थी कि शुरुआत में यह कहानी बिल्कुल सामान्य इंसान की कहानी लगे। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़े, उसकी असली दुनिया धीरे-धीरे खुलती जाए और उसमें अलग-अलग आयाम जुड़ते जाएं। जब मैं मुंबई में शूट कर रहा था तो मेरे दिमाग में फिल्म की तस्वीर अलग थी। जब गांव और जंगल वाले हिस्से में पहुंचा तो वह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। हर लोकेशन और हर दिन अपने साथ एक नई चुनौती लेकर आया। हमारी कोशिश थी कि कहानी को उसकी जरूरत के मुताबिक पूरी तरह जस्टिस दिया जाए। सवाल: इस फिल्म से जुड़ा कोई ऐसा अनुभव रहा, जब आप लोग कहानी में पूरी तरह डूब गए? जवाब/अरुणाभ कुमार: हां, एक बहुत मजेदार किस्सा है। मैंने पहली बार गोवा में दीपक को यह कहानी सुनाई थी। कहानी लिखने के दौरान एक बार मैंने नॉन-वेज खाया और उसी समय मेरी जीभ कट गई। इसके बाद मैंने मन में तय कर लिया कि जब तक इस कहानी पर काम करूंगा, नॉन-वेज नहीं खाऊंगा। धीरे-धीरे बात इतनी आगे बढ़ गई कि मैं वेजिटेरियन ही बन गया। सुनने में यह बात आपको अजीब लग सकती है, लेकिन जब आप किसी कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं तो ऐसी चीजें होने लगती हैं। कई बार ऐसा होता है कि लव स्टोरी लिखते समय आपको अपना पुराना प्यार याद आने लगता है। माता-पिता पर कहानी लिखते हैं तो अपने पेरेंट्स की याद आती है। इसी तरह हम भी इस कहानी में धीरे-धीरे पूरी तरह घुसते चले गए। सवाल: दीपक जी, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आपके साथ ऐसा क्या हुआ जो हमेशा याद रहेगा? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने करीब 35-40 रातों तक लगातार शूटिंग की। पूरी टीम ऐसी हो गई थी कि शूट खत्म होने के बाद भी रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। इस कहानी में रात अपने आप में एक कैरेक्टर है। हमने रात में लगातार एक्शन और एक्टिंग सीन्स शूट किए। सुबह 6 बजे तक शूटिंग के बाद भी कलाकार पूरी ऊर्जा के साथ काम करते थे। सबसे अच्छी बात यह थी कि पूरी टीम कहानी में इतनी डूब गई थी कि किसी को महसूस ही नहीं होता था कि हम इतनी रातों से लगातार जाग रहे हैं। सवाल: कलाकारों ने फिल्म के लिए कितनी मेहनत की? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: : सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। सिद्धार्थ और तमन्ना अपने सीन्स को लेकर काफी सीरियस थे। वे बार-बार पूछते थे कि इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। कल्चरल ऑथेंटिसिटी को लेकर भी वे बहुत सजग









