आमिर-गौरी की शादी; इनसाइड तस्वीरें:एक्टर ने पहनी पायल, बेटों ने दी अंगूठियां, पत्नी का हाथ चूमा, पूर्व पत्नियां किरण-रीना नहीं पहुंचीं, इरफान पठान ने किस किया सेंसर

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। ये शादी आमिर के घर में हुई, जिसमें महज परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त शामिल हुए। खास बात ये रही कि आमिर की पिछली 2 शादी के बच्चे ईरा, जुनैद और आजाद शादी में पहुंचे, हालांकि हर खास इवेंट में साथ रहने वालीं पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव, शादी से नदारत दिखीं। अब लगातार आमिर-गौरी की शादी की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक नजर शादी की इनाइइड तस्वीरों पर- इरफान पठान ने किस किया एडिट पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान, पत्नी के साथ आमिर-गौरी की शादी में पहुंचे थे। उन्होंने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से आमिर-गौरी की रजिस्टर्ड मैरिज से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया है। शादी के पेपर्स साइन करने के बाद आमिर ने गौरी स्प्रैट को किस किया था, हालांकि इरफान पठान ने उस किस को एडिट कर पोस्ट किए गए वीडियो से हटा दिया है। पायल पहने दिखे आमिर खान आमिर खान ने शादी के लिए ऑफ व्हाइट ट्रेडिशन कुर्ता और धोती पहनी थी। मेहमानों को बाहर तक छोड़ने आए आमिर को पायल पहने देखा गया है। आमिर-गौरी के बच्चों ने निभाई रस्म शादी से एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें आमिर खान के बेटे आजाद राव खान और गौरी के पिछली शादी से हुए बेटे क्विन, न्यूलीवेड कपल के लिए रिंग पकड़े दिखे हैं। शादी के वचन लेने के बाद कपल ने एक-दूसरे को रिंग पहनाई।
वर्ल्ड अपडेट्स:लूव्र के बाद अब लालिक म्यूजियम निशाने पर:नकाबपोश बदमाश 20 क्रिस्टल ज्वेलरी लेकर फरार

फ्रांस के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित लालिक म्यूजियम से रविवार तड़के करीब 40 लाख यूरो (करीब €4 मिलियन) कीमत के आभूषण चोरी हो गए। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब पिछले साल लूव्र म्यूजियम में हुई बड़ी चोरी के बाद इस संग्रहालय को सुरक्षा के लिहाज से ‘संवेदनशील स्थल’ मानकर विशेष निगरानी में रखा गया था। यह जानकारी AFP और फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है. सुबह करीब 5:30 बजे फ्रांस के जर्मनी सीमा से सटे बास-रिन विभाग के विंगन-सुर-मोडेर स्थित संग्रहालय में कई नकाबपोश बदमाशों ने दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया। उन्होंने छह डिस्प्ले केस तोड़े और करीब 20 आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण क्रिस्टल के बने थे और उनमें कोई कीमती रत्न नहीं था। इसलिए उन्हें पिघलाकर बेचना आसान नहीं माना जा रहा। यह घटना अक्टूबर 2025 में पेरिस के लूव्र म्यूजियम में हुई दिनदहाड़े चोरी के बाद सामने आई है। उस मामले में फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स के आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हुए थे, जिनकी कीमत करीब 8.8 करोड़ यूरो बताई गई थी। उसी दिन पूर्वोत्तर फ्रांस के लैंग्र शहर स्थित डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के भी चोरी हो गए थे। इससे एक महीने पहले नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से करीब 15 लाख यूरो कीमत के छह दुर्लभ सोने के नगेट भी चोरी हुए थे। 2011 में शुरू हुआ लालिक म्यूजियम प्रसिद्ध ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों के काम को समर्पित है। संग्रहालय में आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला से जुड़ी 650 से ज्यादा कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। चोरी के बाद संग्रहालय ने कुछ दिनों तक बंद रहने का फैसला किया है।
वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस के लालिक म्यूजियम में 40 करोड़ रुपए की चोरी, नकाबपोश बदमाश 20 क्रिस्टल ज्वेलरी लेकर फरार

फ्रांस के लालिक म्यूजियम से रविवार तड़के करीब 40 लाख यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) के आभूषण चोरी हो गए। घटना जर्मनी सीमा से सटे विंगन-सुर-मोडेर कस्बे की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 बजे कई नकाबपोश बदमाश संग्रहालय का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने छह डिस्प्ले केस तोड़े और करीब 20 क्रिस्टल आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण क्रिस्टल के बने थे और उनमें कीमती रत्न नहीं जड़े थे। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन्हें पिघलाकर या दोबारा बेच पाना आसान नहीं होगा। लालिक म्यूजियम की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की कला को समर्पित है। संग्रहालय में 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। चोरी के बाद संग्रहालय को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स के आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हुए थे। उनकी कीमत करीब 8.8 करोड़ यूरो आंकी गई थी। इसी दौरान डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से 15 लाख यूरो कीमत के छह दुर्लभ सोने के नगेट भी चोरी हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन में विदेशी फंडिंग पर शिकंजा:चुनावी उम्मीदवारों को हर बड़े चंदे का स्रोत बताना होगा ब्रिटेन ने सोमवार को विदेशी राजनीतिक चंदे पर नियम और सख्त कर दिए। सरकार का कहना है कि इसका मकसद विदेशी पैसे के जरिए चुनावों को प्रभावित होने से रोकना और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह जानकारी ब्रिटिश सरकार के बयान में दी गई है। नए नियमों के तहत अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उम्मीदवार घोषित होने से पहले मिले 2,230 पाउंड से अधिक के सभी चंदों की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी साबित करना होगा कि यह रकम वैध स्रोतों से आई है। हाउसिंग मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि विदेशी दानदाताओं के लिए कड़े मानक लागू कर और उम्मीदवारों से फंडिंग का स्रोत साबित कराने की व्यवस्था कर सरकार चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा कर रही है। नियमों के मुताबिक विदेश से आकर ब्रिटेन में बसे लोग अब तभी एक लाख पाउंड या उससे अधिक का राजनीतिक चंदा दे सकेंगे, जब वे कम से कम एक साल तक स्थायी रूप से ब्रिटेन में रह चुके हों। इसके अलावा कंपनियों से मिलने वाले राजनीतिक चंदे का आकलन अब उनके राजस्व के बजाय कर चुकाने के बाद हुए वास्तविक मुनाफे के आधार पर किया जाएगा। ये नए नियम मार्च में घोषित प्रावधानों के बाद लागू किए गए हैं। तब सरकार ने विदेश में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों के राजनीतिक चंदे की सीमा एक लाख पाउंड प्रति वर्ष तय की थी। लोगो विवाद में मॉली टी पर भारी पड़ा लुई वितों: चीनी अदालत ने $15 लाख हर्जाना और माफी का आदेश दिया चीन की लोकप्रिय बबल टी चेन मॉली टी को फ्रांसीसी लग्जरी ब्रांड लुई वितों (Louis Vuitton) के ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में 1.03 करोड़ युआन (करीब 11 लाख पाउंड या 15 लाख डॉलर) हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने माना कि कंपनी का लोगो लुई वितों के मशहूर चार-पंखुड़ी वाले मोनोग्राम ट्रेडमार्क की नकल करता है। इस फैसले के बाद चीन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। चाइना डेली के अनुसार, शंघाई के पूर्व में स्थित सूझोउ की अदालत ने गुरुवार को मॉली टी को विवादित लोगो का इस्तेमाल तुरंत बंद करने, सार्वजनिक माफी मांगने और लुई वितों को 1.03 करोड़ युआन का हर्जाना देने का आदेश दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मॉली टी और उससे जुड़ी कंपनियों ने कई ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किए थे, लेकिन चीन के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रशासन ने अधिकांश आवेदन खारिज कर दिए। केवल “मॉली टी” नाम वाले चीनी अक्षरों का ट्रेडमार्क ही पंजीकृत हो सका। इस मामले से जुड़ा एक हैशटैग चीनी सोशल मीडिया पर 40 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पर हजारों टिप्पणियां आई हैं। कई यूजर्स ने मॉली टी का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी लग्जरी ब्रांडों के कई डिजाइन भी चीनी कलाकृतियों से प्रेरित रहे हैं। वीबो पर एक यूजर ने लिखा कि वह समर्थन जताने के लिए रोज मॉली टी पिएगा। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अदालत के फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि लुई वितों ने संबंधित ट्रेडमार्क पहले ही पंजीकृत करा रखा है, इसलिए कानून के मुताबिक उसकी सुरक्षा का अधिकार उसी के पास है। BBC ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए मॉली टी और लुई वितों दोनों से संपर्क किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से कोई बयान नहीं आया। NATO सम्मेलन से पहले रूस का बड़ा हमला:कीव में 9 की मौत यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने एक सप्ताह में दूसरी बार बड़ा मिसाइल हमला किया है। सोमवार तड़के हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कम से कम पांच बच्चे शामिल हैं। यह हमला तुर्किये में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात होने की उम्मीद है। रविवार को हमले से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि खुफिया जानकारी के अनुसार रूस कीव पर एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। वहीं रूस का कहना है कि उसने हाल में रूसी क्षेत्र के बिजलीघरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों के जवाब में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। NATO बैठक से पहले जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों की आपूर्ति में देरी नहीं करने की अपील की।
बॉयफ्रेंड ने जलती सिगरेट से एक्ट्रेस की जांघ जलाई:रियलिटी शो में निती टेलर ने किया खुलासा, कहा- बर्थडे पर जलाया, थप्पड़ भी मारा

अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रहा रियलिटी शो अलायंस चर्चा में हैं। शो में टीवी एक्ट्रेस नीति टेलर भी बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुई हैं। शो के हाल ही में स्ट्रीम हुए एक एपिसोड में एक्ट्रेस ने खुलासा किया है कि उनके बॉयफ्रेंड ने उनकी जांघों को सिगरेट से जलाया था, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। नीति ने को-कंटेस्टेंट्स को वो दाग भी दिखाए। साथ ही नीति ने कहा है कि उनके साथ रिलेशनशिप में मारपीट भी हुई थी। अलायंस के हालिया एपिसोड में नीति टेलर ने को-कंटेस्टेंट रूही दोसांझ, मिनी माथुर और डेजी शाह से बातचीत करते हुए अपनी जांघों पर बने निशान दिखाकर कहा, एक्स बॉयफ्रेंड ने मुझे जला दिया था। ये सुनकर मिनी शॉक हो गईं और उन्होंने कहा, ये क्या बकवास है। जब सबने पूछा कि क्या ये गलती से जला था। तो नीति ने कहा, नहीं, वो बहुत वायलेंट और साइकोटिक था। नीति ने आगे बताया है कि ये घटना उनके एक्स बॉयफ्रेंड के बर्थडे के दिन हुई थी। एक्स ने एक नहीं बल्कि कई जगह सिगरेट से जलाकर निशान बनाए थे। उसी दिन उन्हें थप्पड़ भी मारा गया था, जिसके बाद उन्होंने रिश्ता खत्म कर लिया था। बातचीत के दौरान नीति ने जांघों पर 5 निशान गिनवाए, जो कथित तौर पर सिगरेट से बनाए गए थे। कौन हैं नीति टेलर? नीति टेलर एक टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। नीति इश्कबाज, कैसी ये यारियां और गुलाम जैसे शोज का हिस्सा रही हैं। 8 नवंबर 1994 को जन्मीं नीति 31 साल की हैं। नीति ने 15 साल की उम्र में एक्टिंग डेब्यू किया था। नीति टेलर ने 2019 में बॉयफ्रेंड परिक्षित बावा से सगाई की थी, जिसके अगले साल दोनों शादी के बंधन में बंधे हैं। टीवी शोज के अलावा नीति 3 तेलुगु फिल्मों और कई म्यूजिक वीडियोज का हिस्सा रही हैं। शो अलायंस के बारे में- ये एक सेलिब्रिटी रियलिटी शो है, जिसमें अलायंस बनाने पर फोकस किया जाता है। शो 26 जून से अमेजन प्राइम पर शुरू हुआ है। शो की शुरुआत 8 जोड़ियों के साथ हुई थी। इनमें रवि किशन, बेटी रीवा के साथ पहुंचे थे। हालांकि रवि किशन 3-4 दिन बाद ही शो से बाहर हो गए। उनके अलावा निखिल चिनप्पा, कुशल टंडन, अर्सलान गोनी, रूही दोसांझ, डॉली जावेद, पायल, मिनी माथुर जैसे कई लोग शामिल हैं। पहले हफ्ते शो से वंशज को एलिमिनेट किया गया है। अब शो में अगू, वृद्धि पटवा और सोहेल खान बतौर वाइल्ड कार्ड शामिल हुए हैं। शो को एक्टर कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं।
बॉयफ्रेंड ने जलती सिगरेट से एक्ट्रेस की जांघ जलाई:रियलिटी शो में निती टेलर ने किया खुलासा, कहा- बर्थडे पर जलाया, थप्पड़ भी मारा

अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रहा रियलिटी शो अलायंस चर्चा में हैं। शो में टीवी एक्ट्रेस नीति टेलर भी बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुई हैं। शो के हाल ही में स्ट्रीम हुए एक एपिसोड में एक्ट्रेस ने खुलासा किया है कि उनके बॉयफ्रेंड ने उनकी जांघों को सिगरेट से जलाया था, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। नीति ने को-कंटेस्टेंट्स को वो दाग भी दिखाए। साथ ही नीति ने कहा है कि उनके साथ रिलेशनशिप में मारपीट भी हुई थी। अलायंस के हालिया एपिसोड में नीति टेलर ने को-कंटेस्टेंट रूही दोसांझ, मिनी माथुर और डेजी शाह से बातचीत करते हुए अपनी जांघों पर बने निशान दिखाकर कहा, एक्स बॉयफ्रेंड ने मुझे जला दिया था। ये सुनकर मिनी शॉक हो गईं और उन्होंने कहा, ये क्या बकवास है। जब सबने पूछा कि क्या ये गलती से जला था। तो नीति ने कहा, नहीं, वो बहुत वायलेंट और साइकोटिक था। नीति ने आगे बताया है कि ये घटना उनके एक्स बॉयफ्रेंड के बर्थडे के दिन हुई थी। एक्स ने एक नहीं बल्कि कई जगह सिगरेट से जलाकर निशान बनाए थे। उसी दिन उन्हें थप्पड़ भी मारा गया था, जिसके बाद उन्होंने रिश्ता खत्म कर लिया था। बातचीत के दौरान नीति ने जांघों पर 5 निशान गिनवाए, जो कथित तौर पर सिगरेट से बनाए गए थे। कौन हैं नीति टेलर? नीति टेलर एक टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। नीति इश्कबाज, कैसी ये यारियां और गुलाम जैसे शोज का हिस्सा रही हैं। 8 नवंबर 1994 को जन्मीं नीति 31 साल की हैं। नीति ने 15 साल की उम्र में एक्टिंग डेब्यू किया था। नीति टेलर ने 2019 में बॉयफ्रेंड परिक्षित बावा से सगाई की थी, जिसके अगले साल दोनों शादी के बंधन में बंधे हैं। टीवी शोज के अलावा नीति 3 तेलुगु फिल्मों और कई म्यूजिक वीडियोज का हिस्सा रही हैं। शो अलायंस के बारे में- ये एक सेलिब्रिटी रियलिटी शो है, जिसमें अलायंस बनाने पर फोकस किया जाता है। शो 26 जून से अमेजन प्राइम पर शुरू हुआ है। शो की शुरुआत 8 जोड़ियों के साथ हुई थी। इनमें रवि किशन, बेटी रीवा के साथ पहुंचे थे। हालांकि रवि किशन 3-4 दिन बाद ही शो से बाहर हो गए। उनके अलावा निखिल चिनप्पा, कुशल टंडन, अर्सलान गोनी, रूही दोसांझ, डॉली जावेद, पायल, मिनी माथुर जैसे कई लोग शामिल हैं। पहले हफ्ते शो से वंशज को एलिमिनेट किया गया है। अब शो में अगू, वृद्धि पटवा और सोहेल खान बतौर वाइल्ड कार्ड शामिल हुए हैं। शो को एक्टर कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं।
PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर वीकेंड पर मसूरी में घूमते दिखे:लोगों के साथ फोटो खिंचवाई; बेटी का समर कैंप में एडमिशन कराने आए

मसूरी में वीकेंड पर बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर नजर आए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। शाहिद कपूर अपनी बेटी का दाखिला कराने के लिए वुडस्टॉक स्कूल पहुंचे थे। वुडस्टॉक स्कूल में इस साल का दूसरा समर प्रोग्राम चल रहा है। इसमें देश-विदेश के 151 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। करीब 12 दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में बच्चों के लिए शैक्षणिक, रचनात्मक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्कूल परिसर पहुंचने पर शाहिद कपूर ने मुख्य विद्यालय भवन का भ्रमण किया। उन्होंने कैफेटेरिया, छात्रावास समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान उन्होंने मसूरी और स्कूल परिसर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
खामेनेई के जनाजे में 3 बेटे शामिल, मुजतबा दूर रहे:लोगों ने ‘किल ट्रम्प’ के नारे लगाए; आज तेहरान में अंतिम यात्रा

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में रविवार को उनके तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा शामिल हुए। हालांकि खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई समारोह से दूर रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल से जान का खतरा होने के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने ‘किल ट्रम्प’ और ‘किल बीबी’ (इजराइल के प्रधानमंत्री) के नारे लगाए। साथ ही, पूर्व सुप्रीम लीडर का बदला लेने की मांग की। आज सोमवार को तेहरान की सड़कों से खामेनेई की भव्य अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। खामेनेई के ताबूत को शहर के प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा। धार्मिक नेता, सरकारी अधिकारी और सेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 4 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडे्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
जालंधर की लेडी अफसर ने जेल में बनाए प्रेम संबंध:कनाडा में पंजाबी कैदी से मिलती, उसके पैसे से कॉस्मेटिक सर्जरी, फॉरेन ट्रिप कीं

कनाडा की जेल में तैनात जालंधर मूल की एक महिला अधिकारी पर पंजाबी कैदी से रिश्ते को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच के मुताबिक उसने अपनी ड्यूटी उसी ब्लॉक में लगवाई, जहां कैदी बंद था। वह ज्यादातर समय उसकी सेल के आसपास बिताती थी और जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा कथित तौर पर अवैध मोबाइल के जरिए भी उसके संपर्क में रहती थी। बदले में कैदी उस पर महंगे गिफ्ट लुटाता रहा। जांच दस्तावेजों के मुताबिक उसने महिला अधिकारी की कॉस्मेटिक सर्जरी और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। पूरा मामला तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर जानलेवा हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जालंधर मूल की महिला अधिकारी ने ही उस अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो कैदी तक पहुंचाई थी। इसके बाद कथित तौर पर उसी जानकारी के आधार पर अधिकारी की पहचान कर पूरी साजिश रची गई। यह मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना। 3 जुलाई को ऑन्टारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले ITO (इन्फॉर्मेशन टू ऑब्टेन) के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनसे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि कैदी अब भी जेल में बंद है। जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांटेड ड्रग तस्कर रॉयन वेडिंग के कथित ड्रग नेटवर्क से भी जोड़ा है। दोसांझ गांव की निशवंत, कैदी ड्राइवर के तौर पर कनाडा गया कनाडा पुलिस के मुताबिक निशवंत कौर दोसांझ का परिवार पंजाब के जालंधर जिले के दोसांझ कलां गांव से जुड़ा बताया जाता है। वह ब्रिटिश कोलंबिया के ऐबट्सफोर्ड में रहती हैं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल थीं। 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पंजाब से ट्रक ड्राइवर के रूप में कनाडा गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांछित ड्रग तस्कर रायन वेडिंग के कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। अक्टूबर 2024 से वह टोरंटो जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहा है। दोनों के बीच पहले से प्यार, जेल में देख फिर रिश्ते सक्रिय हुए ITO के मुताबिक गुरप्रीत के अक्टूबर 2024 में टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर पहुंचने से पहले से ही दोनों के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। गुरप्रीत के जेल पहुंचने के बाद निशवंत को पता चला तो उनके बीच का यह रिश्ता फिर से सक्रिय हो गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि निशवंत ने अपनी ड्यूटी उसी टावर और ब्लॉक में लगवा ली, जहां गुरप्रीत बंद था। अक्टूबर 2024 से 2025 तक दोनों के बीच लगातार निजी मुलाकातें होती रहीं। सेल के बाहर ज्यादा समय, यहीं से बढ़ा शक पुलिस के अनुसार निशवंत अक्सर गुरप्रीत की सेल के आसपास जरूरत से ज्यादा समय बिताती थीं। जेल सुपरवाइजरों ने यह भी नोटिस किया कि वह गुरप्रीत से मिलने के बाद उसके पूर्व सेलमेट से भी मिलती थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी असामान्य गतिविधि के बाद दोनों पर निगरानी बढ़ाई गई। जेल के फोन के अलावा कथित अवैध मोबाइल से भी संपर्क ITO के मुताबिक दोनों जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा गुरप्रीत के पास मौजूद कथित अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी लगातार संपर्क में थे। जांच के दौरान गुरप्रीत की कई बातचीत इंटरसेप्ट कर मॉनिटर की गई। जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि निशवंत ने एक सहकर्मी को बताया था कि गुरप्रीत ने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए, कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए पैसे दिए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल एंटोनियो डी ओनोफ्रियो ने लिखा कि गुरप्रीत का निशवंत पर इतना प्रभाव था कि यह एक जेल अधिकारी और कैदी के रिश्ते के लिहाज से बेहद असामान्य था। नंबर प्लेट से हत्या की साजिश तक में शामिल यॉर्क रीजनल पुलिस के मुताबिक जून 2025 में एक वरिष्ठ करेक्शनल अधिकारी की हत्या की साजिश रची गई। अधिकारी के घर पर मुंह ढके हमलावर ने हमला करने की कोशिश भी की। ITO में आरोप है कि गुरप्रीत ने जेल के बाहर मौजूद सहयोगियों के जरिए पूरी योजना बनाई, जबकि निशवंत ने कथित तौर पर ‘इंटरनल फैसिलिटेटर’ की भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो लेकर गुरप्रीत तक पहुंचाई। बाद में इसी जानकारी के आधार पर वाहन का रिकॉर्ड निकाला गया और अधिकारी के घर की पहचान की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी घटना के बाद प्रोजेक्ट साउथ जांच का दायरा बढ़ा। निशवंत की नाराजगी का बदला लिया इस मामले में सार्वजनिक किए गए अदालत दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गुरप्रीत सिंह की वरिष्ठ जेल अधिकारी से क्या रंजिश थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि निशवंत दोसांझ की उस अधिकारी से नाराजगी थी और उसी के बाद कथित साजिश रची गई। जांच में और भी कई नाम 563 पन्नों के ITO में निशवंत और गुरप्रीत के अलावा कई पुलिस अधिकारियों और सिविलियन के नाम भी जांच के दायरे में होने का उल्लेख है। एजेंसियां इनके बीच कथित संपर्क और सहयोग की भी जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में पहले भी कंट्राबैंड और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से जेल पहले से जांच एजेंसियों की निगरानी में थी। दोनों पक्षों का क्या कहना है:-








