Monday, 03 Aug 2026 | 01:48 PM

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सेंसेक्स 50 अंक चढ़कर 78,050 पर खुला:निफ्टी में भी 30 अंक की तेजी, यह 24,350 पर कारोबार कर रहा

सेंसेक्स 50 अंक चढ़कर 78,050 पर खुला:निफ्टी में भी 30 अंक की तेजी, यह 24,350 पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 31 जुलाई को तेजी है। सेंसेक्स 50 अंक चढ़कर 78,050 के स्तर पर खुला। निफ्टी में भी 30 अंक की बढ़त रही, ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा। एशियाई बाजारों में भी तेजी 30 जुलाई को अमेरिकी बाजार में तेजी रही 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹5,673 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी तेजी शेयर बाजार में 30 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर 77,928 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 67 अंक की बढ़त रही, ये 24,317 पर बंद हुआ।

मलेशिया में पंजाबी लड़की पाकिस्तानी युवक साथ पकड़ी, थप्पड़ जड़े-VIDEO:मोगा के युवकों ने घेरा, रोड पर जोर-जोर से रोने लगी, बोली-मेरे परिवार को सब पता

मलेशिया में पंजाबी लड़की पाकिस्तानी युवक साथ पकड़ी, थप्पड़ जड़े-VIDEO:मोगा के युवकों ने घेरा, रोड पर जोर-जोर से रोने लगी, बोली-मेरे परिवार को सब पता

मलेशिया के एक हाईवे पर पंजाबी युवती को बीच सड़क थप्पड़ मारे गए। दावा है कि मोगा की रहने वाली युवती को कुछ पंजाबी युवकों ने पाकिस्तानी युवक के साथ पकड़ा। इसके बाद बीच सड़क पर युवती से बहस हुई, उसे थप्पड़ मारे गए और पाकिस्तानी युवक के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। 30 जुलाई को शेयर किए वीडियो में युवकों ने खुद को मोगा का रहने वाला बताते हुए दावा किया कि युवती पाकिस्तान के युवक के साथ मलेशिया में रह रही है। उन्होंने इसे पंजाब की बदनामी बताते हुए युवती को डिपोर्ट कराने की मांग की। पंजाब की लड़कियां जब ऐसा करती हैं तो हमारी बेइज्जती होती है। वहीं, वीडियो में यह भी दावा किया गया कि कुछ निहंग जत्थेबंदियां भी युवती को भारत वापस भेजने की मांग कर रही हैं। हालांकि, इन दावों और वीडियो की दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता। युवती से बहस के PHOTOS… पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा… युवती बोली-परिवार को जानकारी, फोन नहीं लग पाया वीडियो में पाकिस्तानी युवक दावा करता है कि युवती के परिवार को उनके साथ रहने की जानकारी है और वह रोजाना उनसे बात करता है। इस पर मौजूद पंजाबी युवक उसे मौके पर ही युवती के माता-पिता से फोन मिलाने के लिए कहते हैं, लेकिन कॉल नहीं लग पाती। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो जाती है। डिपोर्ट कराने की मांग, निहंग जत्थेबंदियों का भी सपोर्ट बहस के दौरान कुछ युवक किसी ‘रूबी मैम’ को फोन कर युवती को डिपोर्ट कराने की मांग करते हैं। वीडियो में वे यह भी दावा करते हैं कि कई निहंग जत्थेबंदियां भी युवती को भारत वापस भेजने की मांग कर रही हैं। इसी दौरान कुछ युवक पाकिस्तानियों के साथ युवती के रहने पर आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी भी व्यक्त करते हैं। बहस के बाद धक्का-मुक्की वीडियो में आगे बहस बढ़ने पर पंजाबी युवक युवती से पाकिस्तानी युवक का साथ छोड़ने के लिए कहते हैं। इसी दौरान पाकिस्तानी युवक के साथ धक्का-मुक्की होती है। युवती बीच में आकर उसे बचाने की कोशिश करती दिखाई देती है। पैसों के विवाद का भी हुआ जिक्र बातचीत के दौरान कुछ युवक पाकिस्तानी युवक से कहते हैं कि उसका ‘हैप्पी’ नाम के व्यक्ति के साथ पैसों का विवाद है और उसे पहले वही मामला सुलझाना चाहिए। इस दौरान ‘रूबीना’ नाम की एक युवती का भी जिक्र होता है, जिसे वीडियो कॉल कर पूरी घटना बताने का दावा किया जाता है। युवती परिवार से बात नहीं करवा सकी वीडियो के अंत में युवती से उसके घर का पता और परिवार से बात कराने के लिए कहा जाता है। युवती कहती है कि उसके परिजनों को सब पता है, लेकिन वह मौके पर अपने माता-पिता से फोन पर बात नहीं करवा पाती।

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा; चूकने पर ₹5000 जुर्माना; CA ने बताए 4 आसान स्टेप्स

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा; चूकने पर ₹5000 जुर्माना; CA ने बताए 4 आसान स्टेप्स

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने भरा रिटर्न; चूकने पर ₹5,000 जुर्माना; CA के बताए 4 आसान स्टेप्स और नियम

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने भरा रिटर्न; चूकने पर ₹5,000 जुर्माना; CA के बताए 4 आसान स्टेप्स और नियम

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।

सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- ‘क्या करूं अन्ना?’ वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा।

मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- ‘क्या करूं अन्ना?’ वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा।

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पडिला ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे प्रवासी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित कानून से भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन विरोध के कारण इसके पारित होने की राह आसान नहीं मानी जा रही है। क्या है प्रस्तावित विधेयक रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजंस ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट 1929 नाम के इस विधेयक के तहत ऐसे प्रवासी जो कम से कम सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों का बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार वार्षिक सीमा (Per-Country Cap) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड पाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं, जो वर्षों से अस्थायी वर्क वीजा का नवीनीकरण कराते हुए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों, ड्रीमर्स (Dreamers), टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी इस प्रस्ताव से राहत मिल सकती है। सीनेटर एलेक्स पडिला के कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक से 80 लाख से अधिक लोगों को फायदा हो सकता है। कानून में क्या बदलाव होगा विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के सेक्शन 249 (रजिस्ट्री) में संशोधन का प्रस्ताव देता है। वर्तमान में इस प्रावधान का लाभ केवल उन लोगों को मिल सकता है जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। नया प्रस्ताव इस निश्चित तारीख को हटाकर सात साल के निरंतर निवास की शर्त लागू करेगा। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राजनीतिक समर्थन, लेकिन राह आसान नहीं इस विधेयक का नेतृत्व सीनेटर एलेक्स पडिला के साथ सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसे 14 डेमोक्रेटिक सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में इसी तरह का विधेयक सांसद जोई लोफग्रेन ने पेश किया है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण इसके कानून बनने की राह फिलहाल चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पडिला ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे प्रवासी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित कानून से भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन विरोध के कारण इसके पारित होने की राह आसान नहीं मानी जा रही है। क्या है प्रस्तावित विधेयक रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजंस ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट 1929 नाम के इस विधेयक के तहत ऐसे प्रवासी जो कम से कम सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों का बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार वार्षिक सीमा (Per-Country Cap) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड पाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं, जो वर्षों से अस्थायी वर्क वीजा का नवीनीकरण कराते हुए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों, ड्रीमर्स (Dreamers), टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी इस प्रस्ताव से राहत मिल सकती है। सीनेटर एलेक्स पडिला के कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक से 80 लाख से अधिक लोगों को फायदा हो सकता है। कानून में क्या बदलाव होगा विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के सेक्शन 249 (रजिस्ट्री) में संशोधन का प्रस्ताव देता है। वर्तमान में इस प्रावधान का लाभ केवल उन लोगों को मिल सकता है जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। नया प्रस्ताव इस निश्चित तारीख को हटाकर सात साल के निरंतर निवास की शर्त लागू करेगा। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राजनीतिक समर्थन, लेकिन राह आसान नहीं इस विधेयक का नेतृत्व सीनेटर एलेक्स पडिला के साथ सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसे 14 डेमोक्रेटिक सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में इसी तरह का विधेयक सांसद जोई लोफग्रेन ने पेश किया है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण इसके कानून बनने की राह फिलहाल चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, 2 लोगों की मौत:कई जिलों में कर्फ्यू लगा; कांवर यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था

नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, 2 लोगों की मौत:कई जिलों में कर्फ्यू लगा; कांवर यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था

नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार रात कांवर यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुए एक मामूली विवाद अब बड़े सांप्रदायिक तनाव में बदल गई है। शुरुआत में यह मामला दो समुदायों के बीच कहासुनी तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते हिंसा फैल गई और पुलिस को हालात काबू करने के लिए गोली चलानी पड़ी। इस हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे तराई-मधेश क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन के दौरान सिराहा में एक और युवक की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सिराहा, धनुषा समेत कई जिलों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया है। बहस झड़प में बदली, पुलिस के आने पर भी नहीं रुकी श्रद्धालु कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे और उनके साथ डीजे व लाउडस्पीकर भी बज रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने तेज आवाज में बज रहे संगीत पर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। शुरुआत में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन थोड़ी ही देर में दोनों समुदायों के और लोग मौके पर पहुंच गए। कई लोगों के हाथों में लाठी, बांस, पत्थर और भाले जैसे हथियार थे। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। हवाई फायरिंग के बाद भी हिंसा नहीं रुकी, पुलिस ने गोली चलाई पथराव में 8 पुलिसकर्मी, जिनमें एक इंस्पेक्टर भी शामिल थे, घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर आसपास के पुलिस थानों और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की अतिरिक्त टीमों को बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक, भीड़ पर पहले काबू पाने की कोशिश की गई। एक पुलिस अधिकारी ने तीन हवाई फायर भी किए, लेकिन हिंसा नहीं रुकी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने गोली चलाई। गोली लगने से ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। कई अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए। बाद में इलाज के दौरान जयप्रकाश मेहता की भी मौत हो गई, जिससे इस घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई। 3 साल पहले सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को चेताया था नेपाल के मधेश और तराई क्षेत्र में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को तीन साल पहले ही चेतावनी दे दी थी, लेकिन उस पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। अब सुनसरी और मधेश में हुई हालिया हिंसा के बाद यह रिपोर्ट फिर चर्चा में है। कांतिपुर की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल की सीमा सुरक्षा और दंगा नियंत्रण बल आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने तीन साल पहले सरकार को एक सीक्रेट रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें कहा गया था कि तराई क्षेत्र में धर्म और जातीय आधार पर लोगों को बांटने की संगठित कोशिशें हो रही हैं। रिपोर्ट में ओली सरकार से तुरंत राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उस समय सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। रिपोर्ट में कहा गया था कि नेपाल को भारत के मणिपुर और दक्षिण एशिया के दूसरे देशों में हुई सांप्रदायिक हिंसा से सबक लेना चाहिए।