Saturday, 07 Nov 2026 | 07:09 PM

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सलमान की ‘मातृभूमि’ को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं:दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी अटकी फिल्म; सेंसर सर्टिफिकेट और रिलीज डेट पर सस्पेंस कायम

सलमान की ‘मातृभूमि’ को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं:दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी अटकी फिल्म; सेंसर सर्टिफिकेट और रिलीज डेट पर सस्पेंस कायम

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की रिलीज पर संकट बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय के लिए फिल्म की दूसरी स्क्रीनिंग हुई थी, लेकिन अब तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिला है। इसके बिना मेकर्स सेंसर बोर्ड से प्रमाणन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकते। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। फिल्म पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से बनाई जा रही थी। इसकी कहानी 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सुझावों के बाद फिल्म के कुछ हिस्से दोबारा शूट किए गए और संशोधित संस्करण की स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बावजूद अंतिम मंजूरी का इंतजार है। दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी नहीं मिली मंजूरी मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली स्क्रीनिंग में रक्षा मंत्रालय ने कुछ बदलाव सुझाए थे। इसके बाद फिल्म की टीम ने सुझावों के आधार पर कुछ दृश्य दोबारा शूट किए और कहानी की प्रस्तुति में भी बदलाव किए। अक्टूबर की शुरुआत में फिल्म का संशोधित संस्करण मंत्रालय के सामने पेश किया गया। इस स्क्रीनिंग में सलमान खान, निर्देशक अपूर्व लाखिया और उनकी टीम शामिल थी। हालांकि, दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी मेकर्स को मंत्रालय की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इस घटनाक्रम से फिल्म की रिलीज योजना प्रभावित हो सकती है। मेकर्स के लिए फिलहाल जरूरी है कि रक्षा मंत्रालय से NOC मिल जाए, ताकि आगे की औपचारिकताएं पूरी हो सकें। पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था फिल्म का नाम सलमान खान की इस फिल्म की घोषणा ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से हुई थी। फिल्म की कहानी 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष से प्रेरित है। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। फिल्म में सलमान खान भारतीय सेना के एक अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआत से ही उत्सुकता रही है, क्योंकि सलमान लंबे समय बाद भारतीय सेना और सीमा पर हुए संघर्ष से जुड़ी कहानी में नजर आने वाले हैं। बाद में फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। इसके बाद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को लेकर भी चर्चाएं हुईं। हालांकि, नाम बदलने की पूरी वजह और फिल्म में किए गए बदलावों पर मेकर्स की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मंत्रालय के सुझावों के बाद किए गए बदलाव रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सुझावों के बाद फिल्म के कुछ हिस्से दोबारा शूट किए गए। इसके बाद संशोधित फिल्म की दूसरी स्क्रीनिंग हुई। हालांकि, रिपोर्ट में मंत्रालय के सभी सुझावों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। सेना और वास्तविक सैन्य घटनाओं पर आधारित फिल्मों में तथ्यों और उनके चित्रण को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है। ‘मातृभूमि’ के लिए भी मंत्रालय की मंजूरी आगे की प्रक्रिया में अहम है। फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि मंत्रालय फिल्म में और बदलाव करने को कहेगा या मौजूदा संस्करण को मंजूरी देगा। आधिकारिक जानकारी आने तक मंजूरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी। सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया भी मंजूरी पर निर्भर रिलीज से पहले मेकर्स को सेंसर बोर्ड से प्रमाणन लेना होगा। रक्षा मंत्रालय से NOC नहीं मिलने के कारण वे प्रमाणन के लिए आवेदन नहीं कर सकते। फिल्म की रिलीज से पहले एक अहम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ही सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया और रिलीज से जुड़ी योजनाओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिल्म की रिलीज को लेकर पहले भी मीडिया रिपोर्ट्स में संभावित तारीखों की चर्चा हुई थी। हालांकि, फिलहाल किसी तारीख को अंतिम मानना सही नहीं होगा। मेकर्स की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा का इंतजार है।

टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा

टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने शूटर्स की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मानने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अंडरवर्ल्ड में गोली चलाने वाले सिर्फ मोहरे होते हैं, जबकि हमले की साजिश रचने वाले असली लोग पर्दे के पीछे रहते हैं। उन्होंने चेताया कि शूटर्स के पकड़े जाने के बावजूद बॉलीवुड में डर का माहौल खत्म होना जरूरी नहीं है। शूटर्स की गिरफ्तारी से खत्म नहीं होगा डर राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शूटर्स की गिरफ्तारी का जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड के काम करने के तरीके को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी वारदात को अंजाम देने वाला शख्स आपराधिक नेटवर्क का सबसे आसानी से बदला जा सकने वाला हिस्सा होता है। उसका काम सीमित होता है और वारदात के बाद उसकी भूमिका खत्म हो जाती है। इसलिए केवल हमलावरों को पकड़ लेने से पूरे नेटवर्क को खत्म मान लेना सही नहीं होगा। राम गोपाल वर्मा का मानना है कि असली चुनौती उन लोगों तक पहुंचना है, जो हमले की योजना बनाते हैं और दूसरों के जरिए उसे अंजाम दिलाते हैं। ‘शूटर मजदूर, मास्टरमाइंड मालिक की तरह’ फिल्ममेकर ने अंडरवर्ल्ड की कार्यप्रणाली समझाने के लिए बिल्डिंग बनाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह निर्माण में लगे मजदूर इमारत का डिजाइन तैयार नहीं करते और न ही उसके मालिक होते हैं, उसी तरह शूटर्स भी पूरे नेटवर्क को चलाने वाले लोग नहीं होते। उनके अनुसार, शूटर्स सिर्फ तय किए गए काम को अंजाम देते हैं, जबकि असली फैसले लेने वाले लोग दूर रहकर पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करते हैं। कौन-सा काम करना है और किसे निशाना बनाना है, इसका फैसला करने वाले लोग ही नेटवर्क की असली ताकत होते हैं। राम गोपाल वर्मा ने इसी वजह से शूटर्स की गिरफ्तारी को पूरे आपराधिक तंत्र के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई मानने से इनकार किया। हालांकि, यह उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त की गई राय है; इससे मामले की जांच की वास्तविक स्थिति अपने आप साबित नहीं होती। सेना के उदाहरण से समझाया सत्ता का खेल राम गोपाल वर्मा ने अपनी बात समझाने के लिए सेना की व्यवस्था का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध में राजा या सेनापति खुद मैदान में लड़ने नहीं उतरते, बल्कि सैनिकों को आदेश देते हैं। जोखिम उठाने वाले सैनिक होते हैं, जबकि फैसले लेने वाले लोग अक्सर सुरक्षित दूरी पर रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सेना और अंडरवर्ल्ड को एक जैसा बताना नहीं है, बल्कि यह समझाना है कि ताकतवर व्यवस्था में फैसले लेने वाले और उन्हें जमीन पर लागू करने वाले अलग-अलग लोग हो सकते हैं। उनके मुताबिक, यही दूरी आपराधिक नेटवर्क के बड़े चेहरों को बचाए रखने में मदद करती है। यदि हर वारदात में सरगना खुद शामिल हो, तो उसके पकड़े जाने या मारे जाने का जोखिम बढ़ जाएगा। इसलिए ऐसे नेटवर्क दूसरे लोगों का इस्तेमाल करते हैं। टाइगर श्रॉफ केस के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा पर सवाल राम गोपाल वर्मा ने अपनी पोस्ट के आखिर में कहा कि शूटर्स की गिरफ्तारी को न तो पुलिस की अंतिम जीत माना जा सकता है और न ही इससे अंडरवर्ल्ड को निर्णायक नुकसान पहुंचना तय है। उनके मुताबिक, जब तक पर्दे के पीछे से काम करने वाले लोगों तक नहीं पहुंचा जाता, तब तक डर बना रह सकता है। उनकी टिप्पणी ने टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा

टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने शूटर्स की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मानने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अंडरवर्ल्ड में गोली चलाने वाले सिर्फ मोहरे होते हैं, जबकि हमले की साजिश रचने वाले असली लोग पर्दे के पीछे रहते हैं। उन्होंने चेताया कि शूटर्स के पकड़े जाने के बावजूद बॉलीवुड में डर का माहौल खत्म होना जरूरी नहीं है। शूटर्स की गिरफ्तारी से खत्म नहीं होगा डर राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शूटर्स की गिरफ्तारी का जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड के काम करने के तरीके को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी वारदात को अंजाम देने वाला शख्स आपराधिक नेटवर्क का सबसे आसानी से बदला जा सकने वाला हिस्सा होता है। उसका काम सीमित होता है और वारदात के बाद उसकी भूमिका खत्म हो जाती है। इसलिए केवल हमलावरों को पकड़ लेने से पूरे नेटवर्क को खत्म मान लेना सही नहीं होगा। राम गोपाल वर्मा का मानना है कि असली चुनौती उन लोगों तक पहुंचना है, जो हमले की योजना बनाते हैं और दूसरों के जरिए उसे अंजाम दिलाते हैं। ‘शूटर मजदूर, मास्टरमाइंड मालिक की तरह’ फिल्ममेकर ने अंडरवर्ल्ड की कार्यप्रणाली समझाने के लिए बिल्डिंग बनाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह निर्माण में लगे मजदूर इमारत का डिजाइन तैयार नहीं करते और न ही उसके मालिक होते हैं, उसी तरह शूटर्स भी पूरे नेटवर्क को चलाने वाले लोग नहीं होते। उनके अनुसार, शूटर्स सिर्फ तय किए गए काम को अंजाम देते हैं, जबकि असली फैसले लेने वाले लोग दूर रहकर पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करते हैं। कौन-सा काम करना है और किसे निशाना बनाना है, इसका फैसला करने वाले लोग ही नेटवर्क की असली ताकत होते हैं। राम गोपाल वर्मा ने इसी वजह से शूटर्स की गिरफ्तारी को पूरे आपराधिक तंत्र के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई मानने से इनकार किया। हालांकि, यह उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त की गई राय है; इससे मामले की जांच की वास्तविक स्थिति अपने आप साबित नहीं होती। सेना के उदाहरण से समझाया सत्ता का खेल राम गोपाल वर्मा ने अपनी बात समझाने के लिए सेना की व्यवस्था का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध में राजा या सेनापति खुद मैदान में लड़ने नहीं उतरते, बल्कि सैनिकों को आदेश देते हैं। जोखिम उठाने वाले सैनिक होते हैं, जबकि फैसले लेने वाले लोग अक्सर सुरक्षित दूरी पर रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सेना और अंडरवर्ल्ड को एक जैसा बताना नहीं है, बल्कि यह समझाना है कि ताकतवर व्यवस्था में फैसले लेने वाले और उन्हें जमीन पर लागू करने वाले अलग-अलग लोग हो सकते हैं। उनके मुताबिक, यही दूरी आपराधिक नेटवर्क के बड़े चेहरों को बचाए रखने में मदद करती है। यदि हर वारदात में सरगना खुद शामिल हो, तो उसके पकड़े जाने या मारे जाने का जोखिम बढ़ जाएगा। इसलिए ऐसे नेटवर्क दूसरे लोगों का इस्तेमाल करते हैं। टाइगर श्रॉफ केस के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा पर सवाल राम गोपाल वर्मा ने अपनी पोस्ट के आखिर में कहा कि शूटर्स की गिरफ्तारी को न तो पुलिस की अंतिम जीत माना जा सकता है और न ही इससे अंडरवर्ल्ड को निर्णायक नुकसान पहुंचना तय है। उनके मुताबिक, जब तक पर्दे के पीछे से काम करने वाले लोगों तक नहीं पहुंचा जाता, तब तक डर बना रह सकता है। उनकी टिप्पणी ने टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

बीजेपी पर फिर भड़के नसीरुद्दीन शाह:अपशब्द कहते हुए झूठी पार्टी बताया; छात्रों को धमकाने और हॉस्टल खाली कराने का लगाया आरोप

बीजेपी पर फिर भड़के नसीरुद्दीन शाह:अपशब्द कहते हुए झूठी पार्टी बताया; छात्रों को धमकाने और हॉस्टल खाली कराने का लगाया आरोप

नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बीजेपी पर निशाना साधा। अभिनेता ने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। नसीरुद्दीन शाह ने वीडियो में कहा कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। क्या है पूरा मामला? कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्र 25 दिनों से धरना दे रहे हैं। वे कैंपस में हुई हिंसा, सुरक्षा में कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने क्लास का भी बहिष्कार किया है। यह विरोध 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा भी चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें जरूरी सुविधाएं न देना गलत है। वहीं, संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोक दी थी। साथ ही छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। छात्रों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को क्लास में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट समेत अनुशासन तोड़ने के आरोप हैं। छात्र संघ ने इन आरोपों को खारिज किया है और प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन का समर्थन किया था गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह ने इससे पहले जुलाई के महीने में उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के छात्र आंदोलन का समर्थन किया था। जुलाई 2026 में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। प्रोटेस्ट के बीच बच्चों के साथ हुई मारपीट के बाद उन्होंने कड़े शब्दों में सरकार की निंदा की थी। शाह ने एक वीडियो में कहा था, आदाब, नमस्कार। मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आप सब से। पहली बात तो यह है कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पूना फिल्म इंस्टीट्यूट में पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा जो सीखा है, वह उन बच्चों से, उन तालिब-ए-इल्म से जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है। आगे नसीरुद्दीन शाह ने कहा था, मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार, हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं। यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह जुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।

'सुशांत सिंह राजपूत का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था':स्मिता जयकर बोलीं- रिया चक्रवर्ती ने मैसेज किया था, ‘वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं’

'सुशांत सिंह राजपूत का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था':स्मिता जयकर बोलीं- रिया चक्रवर्ती ने मैसेज किया था, ‘वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं’

एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने हाल ही में बताया कि सुशांत सिंह राजपूत का मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। वह उनसे मिलने अस्पताल गई थीं। स्मिता के मुताबिक, रिया चक्रवर्ती ने उनसे आध्यात्मिक उपचार के लिए संपर्क किया था। दरअसल, स्मिता ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में कहा, “सुशांत जब हिंदुजा अस्पताल में भर्ती थे, तब मैं उन्हें हीलिंग देने भी गई थी। उनका डिप्रेशन का इलाज चल रहा था।” उन्होंने बताया, “रिया ने मुझे फोन किया था। मैंने उसके साथ ‘सोनाली केबल’ में काम किया था। हमने पहले इन चीजों पर बात की थी। मैंने रिया से कहा था कि मैं सुशांत से मिलने आऊंगी।” आश्रम आने की योजना नहीं हो सकी स्मिता ने बताया कि वह सुशांत को अपने आश्रम ले जाने की योजना बना रही थीं। सुशांत भी वहां एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा, “उस समय वह शायद दवाइयां ले रहे थे। उन्होंने मुझसे बहुत अच्छे से बात की और खुश नजर आए।” स्मिता ने आगे कहा, “मैं उन्हें आश्रम लाने वाली थी। वह भी वहां की एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार थे।” उन्होंने बताया, “उस रात रिया ने मुझे मैसेज किया- ‘स्मिता, वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं।’ इसके बाद यह मुलाकात नहीं हो सकी। मुझे अफसोस है कि वह नहीं आ पाए।” स्मिता ने यह भी बताया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने सुशांत को गले लगाया था। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें कसकर गले लगाया था। एक्टर के तौर पर मैं उन्हें हमेशा पसंद करती थी।” सुशांत की मौत के बाद खुद से किए सवाल स्मिता ने कहा कि सुशांत की मौत की खबर सुनकर उन्हें लगा कि वह उनकी मदद कर सकती थीं। उन्होंने कहा, “जब मुझे उनकी मौत के बारे में पता चला, तो मैंने सोचा- वह मेरे पास क्यों नहीं आए? उन्होंने दोबारा मुझसे संपर्क क्यों नहीं किया? मैं उनकी मदद कर सकती थी।” रिया के समर्थन में बोलीं स्मिता इंटरव्यू में स्मिता ने सुशांत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती पर हुई जांच और आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “उस समय रिया ही सुशांत के साथ थी और उनकी मदद करना चाहती थी। इस बेचारी लड़की को इन सब मामलों में घसीट लिया गया।” स्मिता ने कहा, “जब मैंने रिया के साथ काम किया था, तब वह बहुत प्यारी लड़की थी।” सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को अपने मुंबई वाले घर में मृत पाए गए थे। उस समय उनकी उम्र 34 साल थी। उनकी मौत के बाद, रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार पर कई आरोप लगे। मामले में कई जांचें भी हुईं। इसके बाद, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। रिपोर्ट में कहा गया कि रिया और उनके परिवार की तरफ से साजिश या क्रिमिनल इन्वॉल्वमेंट का कोई सबूत नहीं मिला। एक्टिंग के अलावा अभिनेत्री स्मिता जयकर पिछले 35 साल से ज्यादा समय से आध्यात्म और हीलिंग से जुड़ी हुई हैं। अभिनय में आने से पहले ही उनकी रुचि इन विषयों में थी। वह चक्र हीलिंग, रेकी और प्राणिक हीलिंग जैसी 36 से ज्यादा उपचार विधियों में सर्टिफाइड हैं। स्मिता अब तक कॉर्पोरेट कर्मचारियों, छात्रों और दूसरे लोगों के लिए 5,000 से ज्यादा वर्कशॉप और सेमिनार कर चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने आध्यात्मिक विषयों पर दो किताबें लिखी हैं और TEDx पर भी अपनी बात रख चुकी हैं।

'सुशांत सिंह राजपूत का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था':स्मिता जयकर बोलीं- रिया चक्रवर्ती ने मैसेज किया था, ‘वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं’

'सुशांत सिंह राजपूत का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था':स्मिता जयकर बोलीं- रिया चक्रवर्ती ने मैसेज किया था, ‘वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं’

एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने हाल ही में बताया कि सुशांत सिंह राजपूत का मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। वह उनसे मिलने अस्पताल गई थीं। स्मिता के मुताबिक, रिया चक्रवर्ती ने उनसे आध्यात्मिक उपचार के लिए संपर्क किया था। दरअसल, स्मिता ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में कहा, “सुशांत जब हिंदुजा अस्पताल में भर्ती थे, तब मैं उन्हें हीलिंग देने भी गई थी। उनका डिप्रेशन का इलाज चल रहा था।” उन्होंने बताया, “रिया ने मुझे फोन किया था। मैंने उसके साथ ‘सोनाली केबल’ में काम किया था। हमने पहले इन चीजों पर बात की थी। मैंने रिया से कहा था कि मैं सुशांत से मिलने आऊंगी।” आश्रम आने की योजना नहीं हो सकी स्मिता ने बताया कि वह सुशांत को अपने आश्रम ले जाने की योजना बना रही थीं। सुशांत भी वहां एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा, “उस समय वह शायद दवाइयां ले रहे थे। उन्होंने मुझसे बहुत अच्छे से बात की और खुश नजर आए।” स्मिता ने आगे कहा, “मैं उन्हें आश्रम लाने वाली थी। वह भी वहां की एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार थे।” उन्होंने बताया, “उस रात रिया ने मुझे मैसेज किया- ‘स्मिता, वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं।’ इसके बाद यह मुलाकात नहीं हो सकी। मुझे अफसोस है कि वह नहीं आ पाए।” स्मिता ने यह भी बताया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने सुशांत को गले लगाया था। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें कसकर गले लगाया था। एक्टर के तौर पर मैं उन्हें हमेशा पसंद करती थी।” सुशांत की मौत के बाद खुद से किए सवाल स्मिता ने कहा कि सुशांत की मौत की खबर सुनकर उन्हें लगा कि वह उनकी मदद कर सकती थीं। उन्होंने कहा, “जब मुझे उनकी मौत के बारे में पता चला, तो मैंने सोचा- वह मेरे पास क्यों नहीं आए? उन्होंने दोबारा मुझसे संपर्क क्यों नहीं किया? मैं उनकी मदद कर सकती थी।” रिया के समर्थन में बोलीं स्मिता इंटरव्यू में स्मिता ने सुशांत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती पर हुई जांच और आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “उस समय रिया ही सुशांत के साथ थी और उनकी मदद करना चाहती थी। इस बेचारी लड़की को इन सब मामलों में घसीट लिया गया।” स्मिता ने कहा, “जब मैंने रिया के साथ काम किया था, तब वह बहुत प्यारी लड़की थी।” सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को अपने मुंबई वाले घर में मृत पाए गए थे। उस समय उनकी उम्र 34 साल थी। उनकी मौत के बाद, रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार पर कई आरोप लगे। मामले में कई जांचें भी हुईं। इसके बाद, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। रिपोर्ट में कहा गया कि रिया और उनके परिवार की तरफ से साजिश या क्रिमिनल इन्वॉल्वमेंट का कोई सबूत नहीं मिला। स्मिता जयकर आध्यात्म और हीलिंग से जुड़ी हैं एक्टिंग के अलावा अभिनेत्री स्मिता जयकर पिछले 35 साल से ज्यादा समय से आध्यात्म और हीलिंग से जुड़ी हुई हैं। अभिनय में आने से पहले ही उनकी रुचि इन विषयों में थी। वह चक्र हीलिंग, रेकी और प्राणिक हीलिंग जैसी 36 से ज्यादा उपचार विधियों में सर्टिफाइड हैं। स्मिता अब तक कॉर्पोरेट कर्मचारियों, छात्रों और दूसरे लोगों के लिए 5,000 से ज्यादा वर्कशॉप और सेमिनार कर चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने आध्यात्मिक विषयों पर दो किताबें लिखी हैं और TEDx पर भी अपनी बात रख चुकी हैं।

हल्द्वानी- सौरव जोशी पर मंच का अपमान करने का आरोप:मंत्री कैड़ा-प्रीतम भरतवाण ने उतारे जूते, यूट्यूबर ने नहीं; कुमाऊं महोत्सव में कल आएंगी मैथिली ठाकुर

हल्द्वानी- सौरव जोशी पर मंच का अपमान करने का आरोप:मंत्री कैड़ा-प्रीतम भरतवाण ने उतारे जूते, यूट्यूबर ने नहीं; कुमाऊं महोत्सव में कल आएंगी मैथिली ठाकुर

हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में कुमाऊं द्वार महोत्सव (सीजन-4) के पहले दिन व्लॉगर सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट पर मंच का अपमान करने का आरोप लगा है। सौरव जोशी और उनकी पत्नी को इस महोत्सव में गेस्ट के रूप में बुलाया गया था। देर रात उन्हें सम्मानित करने के लिए मंच पर बुलाया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने मंच का सम्मान करते हुए अपने जूते उतार दिए, लेकिन सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट ने जूते नहीं उतारे। इस घटना के बाद से उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर सौरव जोशी ट्रोल हो रहे हैं। लोग लगातार स्क्रीनशॉट लेकर पोस्ट कर सौरव जोशी पर सवाल उठा रहे हैं। कल इस महोत्सव में मैथिली ठाकुर परफॉर्म करेंगी। तस्वीरें देखिए- 5 पॉइंट में पूरी खबर… 1. सौरव जोशी पर मंच का अपमान करने का आरोप- हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में कुमाऊं द्वार महोत्सव (सीजन-4) के पहले दिन व्लॉगर सौरव जोशी और उनकी पत्नी अवंतिका भट्ट को अतिथि के रूप में बुलाया गया था। देर रात जब उन्हें सम्मानित करने के लिए मंच पर बुलाया गया, तो कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने मंच पर जाने से पहले अपने जूते उतार दिए, जबकि सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट जूते पहने हुए मंच पर पहुंचे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर सौरव जोशी को ट्रोल किया जा रहा है। लोग कार्यक्रम के स्क्रीनशॉट साझा कर सवाल उठा रहे हैं। 2. लोकगीतों और जागर से सजी पहली शाम- कुमाऊं द्वार महोत्सव का उद्घाटन 23 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और हल्द्वानी नगर निगम के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर किया। पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन कलाकारों को मंच देने और उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत नई दिशाएं संस्था ने दल नायक किशन लाल के नेतृत्व में वंदना प्रस्तुत कर की। इसके बाद संगीता सोनल ने ‘ओ भाना तेरी छुड़क्याली दाथुली’ गीत प्रस्तुत किया। गायक अमित बाबू गोस्वामी और किरन चोपड़ा ने भी प्रस्तुतियां दीं। वहीं, ‘खिड़की मां भैरोली’ गीत से चर्चित सोरघाटी के गायक कैलाश कुमार ने दर्शकों का मनोरंजन किया। 3. प्रीतम भरतवाण के जागर पर झूमे दर्शक- महोत्सव की पहली शाम का मुख्य आकर्षण पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण रहे। उन्होंने अपने लोकगीतों और जागर से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों में ‘सरुली मेरो जिया लगी रे’, ‘तेरी रौंथ्याली मुखुड़ी मां’ और ‘बिंदुली’ जैसे गीत शामिल रहे। उनके गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने महोत्सव के आयोजन को उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में गोविंद दिगारी और खुशी जोशी दिगारी ने भी महोत्सव के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। 4. आज लोकगीत और उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिताएं- महोत्सव के दूसरे दिन 24 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से लोकगायन और उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में कुमाऊं की प्रसिद्ध लोक प्रस्तुति सोरघाटी की हलजात्रा भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा लोकगायक सुरेश राजन, न्योली गायिका आशा नेगी, अनिल रावत, बेबी प्रियंका, विक्की आर्या, रामदाई का होटल फेम गायक सत्येंद्र गंगोला, भगवती दनपुरिया और बाल कलाकार रितु लोहिया व नैतिक कुमार प्रस्तुतियां देंगे। जानकी रावत की डांस परफॉर्मेंस भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। 5. 25 अक्टूबर को मैथिली ठाकुर देंगी प्रस्तुति- महोत्सव के अगले प्रमुख आकर्षण 25 अक्टूबर को देखने को मिलेंगे। इस दिन प्रसिद्ध लोक एवं शास्त्रीय गायिका मैथिली ठाकुर कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगी। आयोजकों के अनुसार, सीएम पुष्कर सिंह धामी भी इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… टिहरी में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग:देहरादून से केदारनाथ जा रहे थे मुंबई के श्रद्धालु; तकनीकी खराबी के बाद स्टेडियम में उतारा देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरने वाले एक निजी हेलिकॉप्टर की शनिवार सुबह नई टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हेलिकॉप्टर में पायलट समेत मुंबई के 6 श्रद्धालु सवार थे। (पढ़ें पूरी खबर)

दिलजीत दोसांझ बोले- 30 को दिल्ली में मिलूंगा:लाइव आकर कहा- परमिशन मिल गई है, हवा में तीर मत चलाओ

दिलजीत दोसांझ बोले- 30 को दिल्ली में मिलूंगा:लाइव आकर कहा- परमिशन मिल गई है, हवा में तीर मत चलाओ

पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ का 30 तारीख को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाला कॉन्सर्ट अब तय है। परमिशन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दिलजीत ने खुद सामने आकर साफ कर दिया है कि शो रद नहीं होगा। वह दिल्ली में अपने फैंस से मिलेंगे। इंस्टाग्राम पर लाइव आकर दिलजीत ने अपने अंदाज में उन लोगों पर निशाना साधा, जो बिना पुख्ता जानकारी के अफवाहें फैला रहे थे। 3 पाइंट् में पढ़ें क्या बोले दिलजीत…. परमिशन को लेकर क्यों हुआ विवाद दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर को सुरक्षा संबंधी इनपुट, त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों और भीड़ प्रबंधन की चिंताओं के कारण अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बाद आयोजकों ने पुलिस के साथ बैठक कर अतिरिक्त सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन की योजना पेश की, जिसके बाद अनुमति मिल गई। सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे कॉन्सर्ट में करीब 1,500 से 2,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और स्टेडियम के आसपास 500 से 700 मीटर तक नो-कार जोन बनाने की योजना बताई गई है। प्रवेश और निकास के रास्तों, पार्किंग तथा पैदल यात्रियों की आवाजाही पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि अंतिम व्यवस्था में बदलाव संभव है।

मीका सिंह फिर मंत्री सुबोध उनियाल पर भड़के:दलेर मेहंदी की बेइज्जती करने वाले को माफ नहीं करूंगा; सुनंदा शर्मा ने एक दिन पहले कैंसिल किया था शो

मीका सिंह फिर मंत्री सुबोध उनियाल पर भड़के:दलेर मेहंदी की बेइज्जती करने वाले को माफ नहीं करूंगा; सुनंदा शर्मा ने एक दिन पहले कैंसिल किया था शो

देहरादून में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ हुए विवाद को लेकर मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिंगर मीका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि दलेर मेहंदी को जिस तरह मंच पर डांटा गया और उन पर शराब पीकर आने का आरोप लगाया गया, वह गलत था। इससे उनकी छवि खराब हुई है। मीका ने कहा, “दलेर जी की जो इमेज उन्होंने खराब की, वह बहुत गलत है। मैं उनको कभी माफ नहीं करूंगा।” मीका ने बताया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, इसके बावजूद उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक परफॉर्म किया। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी बेहद विनम्र स्वभाव के हैं। अपमानित किए जाने के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम पूरा किया। मीका के मुताबिक, वह इस घटना से बेहद गुस्से में थे, लेकिन उन्होंने सोच-समझकर अपनी बात रखी। ‘मनिंदर भुट्टर को भी पीटकर भगाने की बात कही’ मीका सिंह ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी को डांटने के बाद मंत्री ने मंच से मनिंदर भुट्टर का जिक्र करते हुए भी आपत्तिजनक बात कही थी। मीका के मुताबिक, मंत्री ने कहा था कि मनिंदर भुट्टर उनसे पहले यहां आए थे और उन्हें भी पीटकर भगा दिया गया था। साथ ही कहा गया कि अब वह यहां दोबारा परफॉर्म नहीं कर सकते। इस पर नाराजगी जताते हुए मीका ने कहा, “अगर मनिंदर भुट्टर से गलती हुई, तो आप उसे प्यार से बोलते कि बेटा, अगली बार जरूर आना या अगली बार हमारा शो फ्री में करना। यह क्या तरीका है कि आप माइक पर किसी कलाकार के बारे में ऐसी बात कहें?” मीका ने कहा कि किसी कलाकार से गलती होने पर उसे सम्मान के साथ समझाया जाना चाहिए, न कि मंच से अपमानित किया जाए। उन्होंने मंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा, “मंत्री साहब, आप गुंडे नहीं हो, आप मंत्री साहब हो।” ‘इतना गुस्सा आम लोगों पर दिखाएं तो क्राइम खत्म हो जाए’ मीका सिंह ने कहा कि मंत्री का कर्तव्य अपने क्षेत्र और वहां के लोगों का ध्यान रखना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री इतना ही गुस्सा आम लोगों पर दिखाएं, तो अपराध खत्म हो जाएंगे। मीका के मुताबिक, कलाकारों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कलाकार से कोई गलती होती है, तो उसे कार्यक्रम के बाद बातचीत करके समझाया जा सकता है। मंच पर माइक लेकर उसे अपमानित करना सही तरीका नहीं है। ‘बीमार होने के बावजूद दलेर पाजी ने डेढ़ घंटे गाया’ मीका ने कहा कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, इसके बावजूद उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक परफॉर्म किया। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी स्वभाव से बेहद विनम्र हैं और उस समय अपनी बात का जवाब भी नहीं दे पाए। मीका के मुताबिक, दलेर मेहंदी ने अपनी बीमारी के बावजूद प्रशंसकों के लिए कार्यक्रम पूरा किया। इसके बाद भी उन पर शराब पीकर आने का आरोप लगाया गया। मीका ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इसी बात का है कि इस आरोप से दलेर मेहंदी की छवि को नुकसान पहुंचा। कपिल शर्मा का सबसे पहले आया फोन मीका सिंह ने बताया कि विवाद सामने आने के बाद सबसे पहले कॉमेडियन कपिल शर्मा का फोन आया था। कपिल ने उनसे कहा कि यह बहुत गलत हुआ है और वह चुप क्यों बैठे हैं। मीका ने बताया कि उन्होंने कपिल से कहा कि जब वह इस घटना से इतने परेशान हैं, तो खुद मीका पर क्या गुजर रही होगी। उन्होंने दलेर मेहंदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि वह हमेशा किसी भी कलाकार के साथ गलत होने पर उसके समर्थन में खड़े होते हैं। मीका के मुताबिक, उन्होंने दलेर मेहंदी से बात करने के बाद अगले दिन वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि वह गुस्से में थे, लेकिन उन्होंने अपनी बात सोच-समझकर रखी, ताकि विवाद और न बढ़े। सुनंदा शर्मा ने एक दिन पहले कैंसिल किया था शो मीका सिंह ने पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सुनंदा शर्मा को भी कार्यक्रम के लिए बुक किया गया था, लेकिन उन्होंने शो से एक दिन पहले ही मना कर दिया था। मीका ने कहा कि उन्हें इसकी असली वजह नहीं पता। संभव है कि सुनंदा शर्मा की कोई निजी परेशानी रही हो या उनकी तबीयत खराब हो गई हो। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी कलाकार के कार्यक्रम में कोई दिक्कत थी, तो उसके साथ सम्मान से बात की जा सकती थी। CM धामी ने फोन कर जताया खेद मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए बताया कि उन्होंने फोन कर उनसे और दलेर मेहंदी से बात की। मीका के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बेहद विनम्रता से बातचीत की और घटना पर खेद जताया। मीका ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह और दलेर मेहंदी दोबारा उत्तराखंड आएंगे, तो उनका सम्मान किया जाएगा। मीका ने मुख्यमंत्री के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्यार और सम्मान से बात की और भविष्य में कलाकारों को पूरा मान-सम्मान देने का भरोसा दिलाया। ‘मंत्री गलती मान लें, विवाद खत्म हो जाएगा’ मीका सिंह ने कहा कि उन्हें मंत्री सुबोध उनियाल से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। वह चाहते हैं कि मंत्री अपनी गलती स्वीकार करें और दलेर मेहंदी पर शराब पीकर आने का आरोप लगाने के लिए खेद जताएं। मीका ने कहा कि मंत्री को कम से कम दलेर मेहंदी से संपर्क करके अपनी गलती स्वीकार कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से विवाद खत्म हो सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के फोन के बाद दलेर मेहंदी भी इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। मीका ने उत्तराखंड के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया है। उन्होंने अपील की कि भविष्य में किसी भी कलाकार को कार्यक्रम के लिए बुलाया जाए, तो उसके साथ सम्मान से पेश आया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

गोंडा पहुंचीं बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा:सलमान खान को मिल रही धमकियों पर कहा- मुझे कोई धमकी नहीं मिली, मिलेगी तब जवाब दूंगी

गोंडा पहुंचीं बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा:सलमान खान को मिल रही धमकियों पर कहा- मुझे कोई धमकी नहीं मिली, मिलेगी तब जवाब दूंगी

गोंडा में बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा पहुंचीं। सलमान खान के साथ काम कर रहे लोगों को मिल रही धमकियों के सवाल पर उन्होंने कहा- मुझे अभी तक किसी ने धमकी नहीं दी है। जब मुझे कोई धमकी मिलेगी। तब मैं उसका जवाब दूंगी। शुक्रवार शाम 6:30 बजे एक्ट्रेस एक निजी ज्वैलरी शोरूम के उद्घाटन में पहुंची थीं। उन्होंने फैंस का उत्साह देखकर कहा- गोंडा मेरा दूसरा घर है। अदा बोलीं- वह किसी दूसरे को धमकी दे रहा है दर्शकों से बातचीत में एक दर्शक ने लॉरेंस बिश्नोई की ओर से सलमान खान और उनके साथ काम करने वाले लोगों को मिल रही धमकियों को लेकर सवाल पूछा। इस पर अदा शर्मा ने कहा- सर, मैं तो किसी को धमकी नहीं दे रही हूं। मुझे अभी तक किसी ने धमकी नहीं दी है। किसी और के कमेंट पर मैं कोई कमेंट नहीं कर सकती। जब मुझे कोई धमकी मिलेगी, तब आप पूछिएगा, मैं उसका जवाब दूंगी। जब मैं किसी को जानती नहीं हूं और वह किसी दूसरे को धमकी दे रहा है, तो मैं इस पर कैसे कमेंट करूं? मेरे हिसाब से यह ठीक नहीं होगा। दर्शक से कहा- क्या सर भाग गए? अदा शर्मा ने सवाल पूछने वाले दर्शक के वहां से चले जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- आप बताइए, आपका क्या कमेंट है? जब दर्शक ने कोई जवाब नहीं दिया तो एक्ट्रेस ने मजाकिया अंदाज में कहा- भाग गए, ऐसे कैसे भाग गए? मुझे धमकी देकर खुद भाग गए। क्या सर? कार्यक्रम खत्म होने के बाद अदा गोंडा से निकल गईं। इससे पहले अदा ने बहराइच में भी एक ज्वैलरी शो रूम का उद्घाटन किया। —————— यह खबर भी पढ़ें… यूपी में मोबाइल टावर पर हुई शादी:लड़की बोली- प्रेमी के बिना नहीं जी सकती, मुंबई से बॉयफ्रेंड ने फोन पर कहा- कबूल है बहराइच में शुक्रवार सुबह बॉयफ्रेंड से शादी करने के लिए लड़की मोबाइल टावर पर चढ़ गई। परिवार और गांववालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन लड़की नीचे नहीं उतरी। बेटी की जिद के आगे घर वालों ने हार मान ली। मस्जिद से काजी को बुलाकर लड़के-लड़की का ऑनलाइन निकाह कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…