नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टेम्पो में टक्कर, 8 महिलाओं की मौत:शव सड़क पर बिखरे; तीन लोग घायल, ट्रक चालक गिरफ्तार

महाराष्ट्र के जालना जिले में नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने एक टेम्पो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सभी पीड़ित मजदूर हैं। हादसा कडवांची गांव के पास तब हुआ जब महिला मजदूर एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम खत्म कर टेम्पो से घर लौट रही थीं। टेम्पो स्टार्ट होने ही वाला था कि मुंबई की ओर जा रहे ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शव सड़क पर बिखर गए। टेम्पो में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हुई मृतकों की पहचान अलकाबाई आडमने (45), लक्ष्मीबाई मदन (35), मीना आडमने (45), कंचन आडमने (50), ताराबाई चौधरी (60), कडूबाई मदन (55) और सुमन आडमने (70) के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आठ लोगों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
एक फ्लैट, दो डील: 35 लाख की ठगी:फ्लैट का सौदा कर दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री, दो आरोपियों के बाद महिला गिरफ्तार

इंदौर क्राइम ब्रांच ने फ्लैट बेचकर रजिस्ट्री न करने के मामले में एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को पकड़ चुकी है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के मुताबिक फरियादी फैसल अहमद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मोहित महाजन, निसार अली और सायरा ने मिलकर फ्लैट बेचने के नाम पर करीब 35 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने सौदा तय कर नगद और ऑनलाइन रकम ले ली, लेकिन इसके बाद भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं की और फरियादी को लगातार टालते रहे। मंगलवार को क्राइम ब्रांच टीम ने महिला आरोपी सायरा को भी गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को मामले का खुलासा किया गया। फिलहाल पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एक ही फ्लैट दो बार बेचा, रिश्तेदार के नाम कर दी रजिस्ट्री जांच में सामने आया कि आरोपियों ने उसी फ्लैट की रजिस्ट्री फरियादी के बजाय मोहित महाजन की भाभी के नाम पर 17 लाख रुपए में कर दी। इस तरह एक ही फ्लैट को दो लोगों को बेचकर आरोपियों ने धोखाधड़ी की। इस मामले में क्राइम ब्रांच पहले ही मोहित महाजन (निवासी कनाडिया) और निसार अली को गिरफ्तार कर चुकी है।
सतना में नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाया:महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने जेल भेजा

सतना में एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोलगवां थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने बताया कि बीते 11 फरवरी को एक 17 वर्षीय नाबालिग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके पिता की सूचना पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पिंटू डोहर उर्फ पुरुषोत्तम (25 वर्ष) और लल्ली वर्मा (21 वर्ष) काफी समय से नाबालिग को परेशान कर रहे थे। वहीं, मोहल्ले में रहने वाली लक्षमिनिया चौधरी (43 वर्ष) उसके बारे में आपत्तिजनक बातें कहकर उसे बदनाम कर रही थी। पुलिस ने तीन पर केस दर्ज किया इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। सोमवार सुबह तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी से नाराज पारदी महिलाओं ने किया चक्काजाम:बच्चे को जमीन पर पटकने की कोशिश की; अधेड़ बस के पहिए के नीचे लेट गया

गुना के कैंट थाने के सामने रविवार रात पारदी समाज की महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। वह लूट के एक मामले में आरोपी को पकड़ने के कारण नाराज थीं। इस दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को भी जमीन पर पटकने की कोशिश की, जिसे आरक्षकों ने बचाया। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को धरनावदा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाली रूठियाई चौकी इलाके की गादेर घाटी पर शुक्रवार शाम एक बाइक लूटी गई थी। कैंट थाना पुलिस ने गादेर घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए पटेल नगर निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद की और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। सड़क पर काफी देर तक वाहन फंसे रहे इसी कार्रवाई के विरोध में पारदी समाज की महिलाएं थाने पहुंचीं और आरोपियों को निर्दोष बताते हुए प्रदर्शन करने लगीं। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए। लोगों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। इस दौरान कुछ महिलाएं उग्र हो गईं और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगीं। नवजात शिशु को खतरे में डालने की घटना से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। एक महिला ने बच्चे को हवा में उछालकर जमीन और पटकने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दी समझाइश मौके पर मौजूद पुलिस बल ने संयम और समझदारी से स्थिति को संभाला। महिला पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई और आवश्यक सख्ती के बाद जाम खुलवाया गया। इसके बाद यातायात को सामान्य कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं प्रदर्शन में शामिल बबल पारदी नाम की महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति, भाई और अन्य परिजनों को पुलिस ने झूठे मामले में पकड़ा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक मासूम की जान बच गई, हालांकि कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया।
चलती पिकअप से धक्का देकर युवक की हत्या:उधारी के पैसे लेनदेन में विवाद, 3 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

सिंगरौली जिले के जयंत क्षेत्र में युवक की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। उधारी के पैसों के विवाद में चलती पिकअप से धक्का देकर हत्या की गई थी। घटना 25 मार्च की है। पुलिस को एफआरव्ही 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि सरसवाहलाल क्षेत्र में सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस को पीसीसी सड़क के पास युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। एफएसएल और डॉग स्क्वाड से जांच शुरू मौके पर मौजूद लोगों ने मृतक की पहचान आशीष कुमार कुशवाहा (25), निवासी सरसवाहलाल जयंत के रूप में की। घटना की गंभीरता को देखते हुए विंध्यनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अर्चना द्विवेदी और जयंत चौकी प्रभारी सुधाकर सिंह परिहार ने तत्काल एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड को बुलाकर जांच शुरू कराई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैढ़न भेजा गया। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की कॉल डिटेल खंगाली और संबंधित लोगों से पूछताछ की। सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक की स्कूटी से पेट्रोल की बोतल चोरी हो गई थी। इसी की तलाश में वह संदिग्धों के घर पहुंचा था, जहां उधारी के पैसों को लेकर नूर हसन उर्फ मनिया से उसका विवाद हो गया। चलती पिकअप से धक्का देने पर युवक की मौत विवाद बढ़ने पर आरोपी नूर हसन, एक बाल अपचारी और छोटू कुमार कोल ने मिलकर चलती पिकअप वाहन में आशीष के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे वाहन से धक्का दे दिया। गिरने के बाद युवक वाहन के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा विंध्यनगर थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस टीम की सक्रियता और समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ये खबर भी पढ़े… युवक का घर के बाहर संदिग्ध हालत में मिला शव: हत्या की आशंका सिंगरौली जिले के जयंत इलाके में बुधवार सुबह आशीष कुशवाहा (25) का शव उसके घर के सामने संदिग्ध हालत में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना जयंत क्षेत्र के सरसवाहलाल मोहल्ले से पुलिस को मिली। पढ़े पूरी खबर…
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले साइबर ठग:नर्मदापुरम पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया; एयरपोर्ट पर पार्सल पकड़े जाने का झांसा देकर ठगा था

देहात थाना पुलिस ने पार्सल छुड़ाने के नाम पर 1.04 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। 18 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल कर क्यूआर कोड से रुपए ट्रांसफर करवाए थे। आरोपी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। एक आरोपी पुलिस भर्ती का फिजिकल टेस्ट देने मुंबई गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। पार्सल घर भेजने का दिया झांसा देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि 18 दिसंबर 2025 को फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल आया था। ठगों ने झांसा दिया कि उनका पार्सल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है, जिसे छुड़ाने के लिए रुपए लगेंगे। इसके बाद क्यूआर कोड भेजकर पार्सल घर डिलीवर होने का दावा किया और धोखे से 1,04,500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फरियादी ने थाने में एफआईआर कराई थी। तकनीकी साक्ष्यों से ट्रेस कर औरंगाबाद और जालना से दबोचा आरोपियों ने तकनीकी संसाधनों से धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जालना से दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपी शिवम घोसीर (22) हिंगोली (वर्तमान- सिडको, औरंगाबाद) और तानाजी राठौर (30) जालना का रहने वाला है। दोनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। तानाजी फिजिकल टेस्ट के लिए मुंबई गया था, जहाँ से पुलिस ने उसे पकड़ा। एसपी ने दिया पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम साइबर फ्रॉड के आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को एसपी साईंकृष्णा थोटा ने 10 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ पाण्डे, सउनि लक्ष्मण अमोत्या, सउनि प्रवीण शर्मा, आरक्षक चेतन नरवरे, नर्मदाप्रसाद निमोदा, सुनील साहू, जितेंद्र शेषकर और सायबर सेल के सागर कुशवाह का योगदान रहा।
अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।
पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 18:11 IST अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर एक वीडियो में भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा करने के बाद शनिवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लालजीत सिंह भुल्लर. (एक्स के माध्यम से छवि) पंजाब के पूर्व मंत्री और आप विधायक लालजीत सिंह भुल्लर को पंजाब राज्य भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर ऑनलाइन प्रसारित एक वीडियो में भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा करने के बाद शनिवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा किया, जिन्होंने विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर उसी दिन बाद में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया। इससे पहले दिन में, रंधावा के परिवार ने पंजाब सरकार को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था। रंधावा का परिवार पहले ही कह चुका है कि जब तक भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे पोस्टमार्टम और दाह संस्कार नहीं होने देंगे। सोमवार को अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए रंधावा के परिवार ने भुल्लर की अब तक गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई और मांग की कि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर, जो एक विज्ञान शिक्षिका हैं, ने कहा, “यह मेरा अल्टीमेटम है कि अगर 24 घंटे के भीतर कुछ नहीं किया गया, तो मैं अपने बच्चों (दो बेटियों और एक बेटे) के साथ सड़कों पर आ जाऊंगी।” सोमवार को सोशल मीडिया पर एक कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें रंधावा जहरीला पदार्थ खाते हुए दिख रहे हैं। पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही आप सरकार पर हमला बोल दिया है (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) जगह : पंजाब, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 18:11 IST समाचार राजनीति पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी(टी)पंजाब के मंत्री आत्महत्या मामला(टी)गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या(टी)आप विधायक लालजीत सिंह भुल्लर(टी)पंजाब राज्य भंडारण निगम के अधिकारी की मौत(टी)आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला पंजाब(टी)भगवंत मान सरकार विवाद(टी)विपक्ष ने पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की









