राजगढ़ में पुलिस ने स्मैक तस्कर के घर दी दबिश:आरोपी गिरफ्तार, चार थानों की टीम ने की कार्रवाई, स्मैक जब्त

राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर में बुधवार सुबह पुलिस ने मादक पदार्थ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जीरापुर, माचलपुर, खिलचीपुर और भोजपुर थानों की संयुक्त टीम ने सुबह करीब चार बजे सोसाइटी के सामने स्थित धनश्याम बैरागी के मकान पर दबिश दी। पुलिस टीम ने धनश्याम बैरागी के घर को घेरकर घंटों तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान घर के अंदर से संदिग्ध मादक पदार्थ स्मैक मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही बरामदगी की मात्रा सार्वजनिक की गई है। बताया गया है कि आरोपी धनश्याम बैरागी के खिलाफ क्षेत्र में लंबे समय से स्मैक बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से यह संयुक्त कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी धनश्याम बैरागी को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस टीम द्वारा घर के अंदर लंबे समय तक जांच किए जाने के कारण आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि पूरी जांच के बाद ही बरामद मादक पदार्थ की मात्रा और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।
इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:पीडब्ल्यूडी के दो अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार; भुगतान के बदले मांगे थे कमीशन

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आवेदक राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, निवासी रामनगर आदर्शपुरम, ग्वालियर, जो सांई एसोसिएट फर्म में लायजनिंग मैनेजर हैं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी फर्म ने सितंबर 2025 में राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटिंग का काम 20 लाख रुपए में लिया था, जिसे एक माह में पूर्ण कर दिया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद जीएसटी सहित 17 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। शिकायत में बताया गया कि भुगतान जारी करने के एवज में आरोपी बालकुमार जैन (सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत व यांत्रिकी संभाग इंदौर) ने 4% के हिसाब से 60 हजार रुपए और आरोपी धीरेंद्र कुमार नीमा (सब इंजीनियर/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी) ने 2% के हिसाब से 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस प्रकार कुल 90 हजार रुपए की मांग की गई थी। आवेदक ने इसकी शिकायत राजेश सहाय (एसपी, लोकायुक्त) से की। शिकायत के सत्यापन के बाद 7 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी बालकुमार जैन को 60 हजार रुपए और धीरेन्द्र कुमार नीमा को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शिवपुरी पुलिस ने 10.50 लाख का ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया:चोरी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, खेत में छुपा हुआ था तभी पहुंची पुलिस

शिवपुरी जिले की सिरसौद थाना पुलिस ने ट्रॉली चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 10 लाख 50 हजार रुपये कीमत का ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया है। सिरसौद थाना प्रभारी मुकेश दुबौलिया ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को ग्राम जामखो निवासी विनोद चौधरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 5 अप्रैल की रात उनकी नीले रंग की ट्रॉली, जो झिरी खोरघार रोड पर उनके भाई के घर के बाहर खड़ी थी, अज्ञात चोर चुरा ले गए। इस ट्रॉली की कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई गई थी। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी पोहरी आनंद राय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मुकेश दुबौलिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और लगातार दबिश दी। दबिश देकर आरोपी को पकड़ा जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की ट्रॉली के साथ एक व्यक्ति ग्राम खोरघार के खेत में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और वीरेंद्र रावत (35) निवासी ग्राम रतनपुर, थाना सबलगढ़, जिला मुरैना को ट्रॉली के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी वीरेंद्र रावत ने 5-6 अप्रैल की रात अपने स्वराज ट्रैक्टर का उपयोग कर ट्रॉली चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्वराज ट्रैक्टर (लगभग 8 लाख रुपये कीमत) और चोरी की ट्रॉली (लगभग ढाई लाख रुपये कीमत) बरामद की। कुल बरामद माल की कीमत 10 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे शिवपुरी जेल भेज दिया गया है।
प्रेमिका के पति को शराब पिलाकर रेता था गला:शादी के बाद भी थे युवती से संबंध; 2 गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार

मैहर जिले में अमरपाटन थाना क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र पडक्का में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय राजभान कोल की हत्या उसकी पत्नी के पुराने प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह घटना 3 अप्रैल की शाम को शुरू हुई, जब मौहरिया-जगन्नाथ निवासी राजभान कोल (23) एक फोन आने के बाद घर से निकला और वापस नहीं लौटा। अगले दिन, गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर पडक्का इंडस्ट्रियल एरिया में उसका शव मिला। राजभान के चेहरे और गले पर गहरे घाव थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। पूछताछ में लगा सुराग अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक की पत्नी साधना कोल और परिजनों से पूछताछ की, जिससे प्रेम प्रसंग का सुराग मिला। इसी आधार पर पुलिस ने दिलीप पटेल उर्फ कल्लू को हिरासत में लिया। शुरुआत में दिलीप ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी दिलीप पटेल ने बताया कि उसका और साधना का प्रेम-संबंध शादी से पहले का था, जो राजभान से शादी के बाद भी गुपचुप तरीके से जारी रहा। हाल ही में राजभान को अपनी पत्नी और दिलीप के रिश्ते पर शक होने लगा था, जिससे उनके मिलने-जुलने में बाधा आ रही थी। दिलीप ने राजभान को रास्ते से हटाने के लिए अपने दोस्त जितेंद्र उर्फ बिज्जू, करण केवट और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। शराबी पार्टी कर उतारा मौत के घाट आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए राजभान को ही मोहरा बनाया। 3 अप्रैल को करण केवट ने राजभान को फोन कर पडक्का बुलाया। वहां सभी ने साथ बैठकर जमकर शराब पी। जैसे ही राजभान नशे में धुत हुआ, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले राजभान को बेदम पीटा, फिर भारी पत्थर से उसका सिर कूच दिया। मौत पक्की करने के लिए टूटी हुई कांच की बोतल से उसका गला रेत दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी दिलीप पटेल और उसके साथी जितेन्द्र कुशवाहा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। जबकी तीन फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
छिंदवाड़ा में लेनदेन विवाद में कार समेत युवक का अपहरण:घंटों में पुलिस ने छुड़ाया; रस्सियों से कुर्सी पर बंधा मिला पीड़ित, चार आरोपी गिरफ्तार

छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कुही चौकी इलाके में हुए अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में पीड़ित को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आज (सोमवार) चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना 4 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम इकलहरा टोल के पास इंडेन गैस एजेंसी के सामने कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ है। इसी दौरान अज्ञात आरोपी संजू यदुवंशी (38), निवासी सुकरी बस्ती, जुन्नारदेव का उसकी कार (MH02-BT-9104) सहित अपहरण कर ले गए। कमरे में बंधा मिला युवक मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और अन्य माध्यमों से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम गुरैया स्थित महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां एक मकान के ऊपर कमरे में संजू यदुवंशी को रस्सियों से कुर्सी पर बांधकर रखा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को मुक्त कराया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर अनुराग गढ़ेवाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया और बंधक बना लिया था। 4 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी दो कार समेत अन्य सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (MP-50-CA-1801), पीड़ित की कार, एक प्लास्टिक कुर्सी और दो नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी खेलचंद पटले, चौकी प्रभारी अक्रजय धुर्वे सहित चांदामेटा थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महिला से घर में घुसकर बदसलूकी, पति पर हमला:तीन दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं, एसपी से शिकायत

झाबुआ के थांदला थाना क्षेत्र के वडलीपाड़ा गांव में एक महिला से घर में घुसकर बदसलूकी और उसके पति पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परेशान होकर सोमवार को महिला दीतू बाई अपने पति मुकेश और परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसपी डॉ. शिवदयाल से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने बताया कि घटना 3 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे की है। वह अपने घर पर अकेली थीं। गांव का निवासी कानू पिता रुमाल भूरिया जबरन घर में घुस आया हाथ पकड़ लिया। जब महिला ने शोर मचाया, तो आरोपी ने मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता ने तत्काल थांदला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कानू के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(a), 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज कराकर लौटते समय उसी रात आरोपी कानू ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता के पति मुकेश और भतीजे सुभाष पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दूसरे हमले के संबंध में भी थांदला पुलिस ने 4 अप्रैल को आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 296(a), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत एक और मामला दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके पति और भतीजे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार दहशत में है। एसपी डॉ. शिवदयाल ने पीड़िता को उचित वैधानिक कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
भाजपा नेता से मारपीट का कांग्रेस ने किया विरोध:एसपी कार्यालय के सामने धरना, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

नरसिंहपुर जिले में भाजपा नेता पवन पटेल से मारपीट के मामले में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल सोमवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जानकारी के अनुसार, सुनीता पटेल ने शनिवार को एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। धरने के दौरान सुनीता पटेल ने आरोप लगाया कि पवन पटेल को बुरी तरह पीटा गया, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया, पर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। पटेल ने क्षेत्र में अवैध उत्खनन और डंपरों की आवाजाही को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि गाडरवारा में लगातार हादसे हो रहे हैं, जैसे हाल ही में गांधी गांव में एक ट्रक घर में घुस गया, जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह दिसंबर में भी पत्र लिखकर डंपरों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग कर चुकी हैं। सुनीता पटेल ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। दूसरी ओर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना 1 तारीख की दरमियानी रात पलोहा थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। भूरिया ने बताया कि कुछ आरोपी स्थानीय हैं, जबकि कुछ बाहर के हैं। मामले की विस्तृत जानकारी एसडीओपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
शराबी पिता ने 4 वर्षीय बेटे के पीटा, मौत:छतरपुर में लाठी से किया था वार; भोपाल में 5 दिन इलाज के बाद मौत; आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा अनुभाग के ग्राम ढाड़ोरा में घरेलू विवाद के दौरान पिता की मारपीट में 4 वर्षीय मासूम की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को लखन सिंह घोषी ने शराब के नशे में अपनी पत्नी और बेटे के साथ मारपीट की। इसी दौरान लाठी का एक वार मासूम यशवंत उर्फ यीशु को लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। भोपाल में इलाज के दौरान दम तोड़ा घटना के बाद परिजन बच्चे को तुरंत बमनौरा अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे टीकमगढ़ रेफर किया गया। हालांकि परिजन उसे सीधे सागर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां कई दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में बच्चे को भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 1 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। दो दिनों बाद आरोपी गिरफ्तार मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। एसडीओपी रोहित अलावा के निर्देशन में थाना बमनौरा और रामटोरिया चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। यह मामला आरोपी की भाभी चंदा घोषी की शिकायत पर दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लखन सिंह को दो दिन के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। रविवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
उज्जैन में ₹67 लाख के म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़:साइबर ठगी में खाता संचालक गिरफ्तार, 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' की कार्रवाई

उज्जैन की माधवनगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ₹67 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन वाले एक म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़ करते हुए खाता संचालक छायेश सेन (35) को गिरफ्तार किया है। यह मामला 2 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद सामने आया। जांच के दौरान, फ्रीगंज स्थित एसबीआई की एसएमई ब्रांच में ‘महाकाल इवेंट मैनेजमेंट एंड वीडियो फोटोग्राफी’ के नाम से संचालित एक खाता संदिग्ध पाया गया। बैंक ने इसे म्यूल अकाउंट मानते हुए तत्काल फ्रीज कर दिया था। पुलिस जांच में पता चला कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच इस खाते में कुल ₹67.64 लाख जमा किए गए थे, जबकि ₹55.82 लाख निकाले गए। लेनदेन का यह पैटर्न असामान्य और संदिग्ध था, जिससे साइबर ठगी की आशंका मजबूत हुई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी छायेश सेन ने अपनी चेकबुक और एटीएम कार्ड दानु उर्फ अरमान तथा राहुल मालवीय को दिए थे। इन व्यक्तियों ने ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लॉटरी (सेवन लॉटरी) के नाम पर लोगों को ठगा। ठगी गई रकम इसी खाते में जमा करवाई जाती थी और फिर निकाल ली जाती थी, जिससे असली ठगों की पहचान छिपाई जा सके। माधवनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश की। लगातार दबिश के बाद, 5 अप्रैल 2026 को छायेश सेन को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड मिली है। पुलिस अब छायेश सेन से पूछताछ कर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में मोरचा के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2 अप्रैल को भवानीपुर में सुवेन्दु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था के तहत जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किये गये थे. वहीं ईसी की कार्रवाई पर सैद्धांतिक कांग्रेस ने पूर्व-पूर्व विचारधारा का आरोप लगाया है। इन सिपाहियों पर गिरी गाज इलेक्शन कमीशन ने जिन पुलिस कमिश्नरी पर एक्शन लिया है, उनमें सिद्धार्थ सिद्धार्थ (डीसी-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस), प्रियंकर दलाल (ऑफिसर-इन-चार्ज, अलीपुर), चंडी चरण बिल्डर (एडिशनल ओएमआई, अलीपुर) और सौरभ चटर्जी (सार्जेंट, अलीपुर) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। पूरा मामला क्या है? चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के नामांकित नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास 1 अप्रैल को तनाव के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। उनका काफिला दक्षिणी कोलकाता के अलीपुर सर्वे भवन की ओर कूज कर रहा था। सुवेंदु अधिकारी अपना नामांकन भरने वाले थे। इस दौरान सुरक्षा में गड़बड़ी हो गई थी. दो प्रारंभिक चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी ईसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव डॉ. नारियाला को चार आतंकियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। बंगाल की हॉट सीट से एक भवानीपुर से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। 2 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन नियुक्त किया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में भवानीपुर और नंदीग्राम में चुनावी मैदान से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ईसी(टी)ईसीआई(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)चुनाव आयोग एक्शन









