शिल्पा शिंदे ने फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस करना कबूला:हिना खान समेत कई सेलेब्स भड़के, NGO ने की गिरफ्तारी की मांग, शिल्पा बोलीं- सुसाइड करने वाली थी

बिग बॉस 11 की विनर और भाभी जी घर पर हैं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे अपने हालिया पॉडकास्ट से विवादों में घिर गई हैं। पॉडकास्ट में एक्ट्रेस ने कबूला कि उन्होंने अपने प्रोड्यूसर्स के खिलाफ फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकायत दर्ज करवाई थी। पॉडकास्ट आते ही शिल्पा शिंदे के खिलाफ एक NGO ने एक्शन लिए जाने की मांग की है। इसके अलावा हिना खान, पूजा बेदी समेत कई सेलेब्स एक्ट्रेस की आलोचना कर रहे हैं। विवादों के बीच शिल्पा शिंदे ने सफाई में कहा है कि वो उस वक्त सुसाइड करने वाली थीं, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह के विवाद से कोई फर्क नहीं पड़ता। शिल्पा ने वीडियो में आपत्तिजनक इशारे भी किए। शिल्पा शिंदे ने कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाछिया के पॉडकास्ट में कहा है कि उन्होंने टीवी शो भाभी जी घर पर हैं के प्रोड्यूसर संजय कोहली के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट की फर्जी शिकायत दर्ज करवाई थी। इससे उनकी बकाया पेमेंट चुका दी गई। NGO ने की गिरफ्तारी की मांग पुरुषों के हित में काम करने वाले एक NGO ने शिल्पा शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की है। NCM इंडिया काउंसिल फॉर मैन अफेयर के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा गया है, मुंबई पुलिस, प्लीज शिल्पा शिंदे को अपने प्रोड्यूसर के खिलाफ झूठी शिकायत करने पर गिरफ्तार करें। ये बेहद शर्मनाक है- हिना खान बिग बॉस 11 की को-कंटेस्टेंट हिना खान ने शिल्पा की कड़ी आलोचना कर आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘किसी की छवि खराब करने या किसी विवाद में जीतने के लिए अपने महिला होने का फायदा उठाना बिल्कुल शर्मनाक है। और हर किसी को इसका विरोध करने और न्याय की मांग करने का पूरा अधिकार है। मैं यह देखकर बेहद हैरान हूं। लेकिन मैं यहां उस “असली पीड़ित” की बात करना चाहता हूं। एक सम्मानित व्यक्ति, जिसकी पत्नी, बेटी और परिवार में कई महिलाएं हैं। एक मेहनती निर्माता, जिसने कई लोकप्रिय शो बनाए हैं। उसे एक कठिन दौर से गुजरना पड़ा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जैसा कि खुद एक्ट्रेस ने स्वीकार किया, उसके आरोप बेबुनियाद थे। उन आरोपों का इस्तेमाल फायदा उठाने, जीत हासिल करने, अंक बटोरने और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए अपना दावा मनवाने के लिए किया गया। फिर भी, उसी निर्माता ने उसी व्यक्ति को दोबारा अपने शो में मौका दिया। एक और लॉन्चपैड, एक और मौका, एक और सहारा, जिससे उसके झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप को सही ठहराने की कोशिश की जा सके। लेकिन अगर वह एक्ट्रेस फिर से ऐसा करती है तो?’ ‘आखिर उसे उसी व्यक्ति ने दोबारा काम दिया है, जिस पर उसने पहले झूठा आरोप लगाया था। मैं यह सब देखकर बेहद शॉक्ड हूं। अब तो लगता है कि मजाक हम सबके साथ हो रहा है।’ इसके लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए- पूजा बेदी एक्ट्रेस पूजा बेदी ने वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में शिल्पा शिंदे की निंदा करते हुए कहा, ‘कोई भी महिला जो पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का इस्तेमाल बदला लेने, निजी फायदे, दबाव बनाने, प्रचार पाने या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए करती है, वह उन कानूनों के असली उद्देश्य के साथ विश्वासघात करती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘झूठे आरोप न सिर्फ निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं, बल्कि इससे वास्तविक पीड़ितों की बात पर भी लोगों का भरोसा कम हो जाता है। कानून का इस तरह दुरुपयोग बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए।’ विवाद बढ़ने पर शिल्पा शिंदे ने दी सफाई पॉडकास्ट के बाद आलोचना होने और विवाद बढ़ने के बाद शिल्पा शिंदे ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा है, ‘ये जो पीआर चल रहा है, जो कमेंट्स आ रहे हैं, मुझे उन लोगों को बस इतना कहना है कि जो बोगे वही पाओगे। जो लोग बिना पूरी बात जाने समझे, मेरी चिंता कर रहे हैं कि अरे आपकी तो अब तक शादी ही नहीं हुई, वो लोग अपनी खुद की चिंता करें। एक सच बोलने वाले इंसान को आप झूठ बोल रहे हो। मुझे पता था कि ये होना ही है, क्योंकि दुनिया कभी किसी अच्छी चीज की तारीफ नहीं करती।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे ये बोलने की जरुरत नहीं थी। 10 साल के बाद भी मैं ये शो कर रही हूं। मैं पहले भी बोल सकती थी। तो जो लोग कह रहे हैं कि मैं ये शो के लिए बोल रही हूं, घंटा। मुझे आप लोगों की नजरों में उठना भी नहीं है। मैं अपनी नजरों में उठी हुई हूं। किसी ने मुझे ये कहने के लिए नहीं कहा था, मैं उस झूठ के साथ नहीं जी सकती थी। वो आज या कल मुझे बोलना ही था। जो मेरे साथ हुआ, वो आप लोगों को नहीं पता है। भगवान न करे, आपके या आपके परिवार के साथ ऐसा हो। वो जो टाइम था, वो मुझे पता है कि मैंने सिर्फ पैसों के लिए नहीं किया। मैं शो छोड़ चुकी थी, उससे निकल चुकी थी।’ ‘बिग बॉस के बाद मुझे एक शख्स मिला, जिसने मुझसे कहा कि मेरे फादर ने सुसाइड कमिट किया, क्योंकि मेरे काम की जगह मेरे बारे में ऐसी बातें कही गईं, जो सच नहीं थीं। मैं सुसाइड करने वाला था, मैंने सुसाइड नोट भी लिखा था, लेकिन मैंने बिग बॉस से आपका वीडियो देखा, आप इंस्पायरिंग हो मेरे लिए। अगर मैं जिंदा हूं तो आपकी वजह से।’ मैं सुसाइड करने वाली थी- शिल्पा शिंदे आखिर में शिल्पा ने कहा, ‘मैंने क्या सहा ये सिर्फ मुझे और उस इंसान को पता है, जिसके खिलाफ मैंने शिकायत की। सॉरी शब्द बहुत छोटा है, लेकिन उस वक्त की सिचुएशन के लिए उन्हें भी पता था कि यही सही था। मैं उस वक्त सुसाइड करने वाली थी। लेकिन लोग तब भी हंसते, गालियां देते। मैं लोगों की नजरों में उठना ही नहीं चाहती। मेरा पहले भी किसी ने सपोर्ट नहीं किया और मुझे अभी भी उम्मीद नहीं है। मैं ये सब लेने के लिए तैयार हूं।’ ‘जो लोग भौंक रहे हैं, उन्हें भौंकने दो, लेकिन मेरी सलाह है कि जो ये आप टाइम दे रहे हैं, वो किसी जरुरतमंद को दोगे, तो भला होगा। मेरा तो कुछ
शिल्पा शिंदे ने फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस करना कबूला:हिना खान समेत कई सेलेब्स भड़के, NGO ने की गिरफ्तारी की मांग, शिल्पा बोलीं- सुसाइड करने वाली थी

बिग बॉस 11 की विनर और भाभी जी घर पर हैं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे अपने हालिया पॉडकास्ट से विवादों में घिर गई हैं। पॉडकास्ट में एक्ट्रेस ने कबूला कि उन्होंने अपने प्रोड्यूसर्स के खिलाफ फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकायत दर्ज करवाई थी। पॉडकास्ट आते ही शिल्पा शिंदे के खिलाफ एक NGO ने एक्शन लिए जाने की मांग की है। इसके अलावा हिना खान, पूजा बेदी समेत कई सेलेब्स एक्ट्रेस की आलोचना कर रहे हैं। विवादों के बीच शिल्पा शिंदे ने सफाई में कहा है कि वो उस वक्त सुसाइड करने वाली थीं, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह के विवाद से कोई फर्क नहीं पड़ता। शिल्पा ने वीडियो में आपत्तिजनक इशारे भी किए। शिल्पा शिंदे ने कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाछिया के पॉडकास्ट में कहा है कि उन्होंने टीवी शो भाभी जी घर पर हैं के प्रोड्यूसर संजय कोहली के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट की फर्जी शिकायत दर्ज करवाई थी। इससे उनकी बकाया पेमेंट चुका दी गई। NGO ने की गिरफ्तारी की मांग पुरुषों के हित में काम करने वाले एक NGO ने शिल्पा शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की है। NCM इंडिया काउंसिल फॉर मैन अफेयर के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा गया है, मुंबई पुलिस, प्लीज शिल्पा शिंदे को अपने प्रोड्यूसर के खिलाफ झूठी शिकायत करने पर गिरफ्तार करें। ये बेहद शर्मनाक है- हिना खान बिग बॉस 11 की को-कंटेस्टेंट हिना खान ने शिल्पा की कड़ी आलोचना कर आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘किसी की छवि खराब करने या किसी विवाद में जीतने के लिए अपने महिला होने का फायदा उठाना बिल्कुल शर्मनाक है। और हर किसी को इसका विरोध करने और न्याय की मांग करने का पूरा अधिकार है। मैं यह देखकर बेहद हैरान हूं। लेकिन मैं यहां उस “असली पीड़ित” की बात करना चाहता हूं। एक सम्मानित व्यक्ति, जिसकी पत्नी, बेटी और परिवार में कई महिलाएं हैं। एक मेहनती निर्माता, जिसने कई लोकप्रिय शो बनाए हैं। उसे एक कठिन दौर से गुजरना पड़ा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जैसा कि खुद एक्ट्रेस ने स्वीकार किया, उसके आरोप बेबुनियाद थे। उन आरोपों का इस्तेमाल फायदा उठाने, जीत हासिल करने, अंक बटोरने और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए अपना दावा मनवाने के लिए किया गया। फिर भी, उसी निर्माता ने उसी व्यक्ति को दोबारा अपने शो में मौका दिया। एक और लॉन्चपैड, एक और मौका, एक और सहारा, जिससे उसके झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप को सही ठहराने की कोशिश की जा सके। लेकिन अगर वह एक्ट्रेस फिर से ऐसा करती है तो?’ ‘आखिर उसे उसी व्यक्ति ने दोबारा काम दिया है, जिस पर उसने पहले झूठा आरोप लगाया था। मैं यह सब देखकर बेहद शॉक्ड हूं। अब तो लगता है कि मजाक हम सबके साथ हो रहा है।’ इसके लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए- पूजा बेदी एक्ट्रेस पूजा बेदी ने वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में शिल्पा शिंदे की निंदा करते हुए कहा, ‘कोई भी महिला जो पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का इस्तेमाल बदला लेने, निजी फायदे, दबाव बनाने, प्रचार पाने या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए करती है, वह उन कानूनों के असली उद्देश्य के साथ विश्वासघात करती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘झूठे आरोप न सिर्फ निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं, बल्कि इससे वास्तविक पीड़ितों की बात पर भी लोगों का भरोसा कम हो जाता है। कानून का इस तरह दुरुपयोग बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए।’ विवाद बढ़ने पर शिल्पा शिंदे ने दी सफाई पॉडकास्ट के बाद आलोचना होने और विवाद बढ़ने के बाद शिल्पा शिंदे ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा है, ‘ये जो पीआर चल रहा है, जो कमेंट्स आ रहे हैं, मुझे उन लोगों को बस इतना कहना है कि जो बोगे वही पाओगे। जो लोग बिना पूरी बात जाने समझे, मेरी चिंता कर रहे हैं कि अरे आपकी तो अब तक शादी ही नहीं हुई, वो लोग अपनी खुद की चिंता करें। एक सच बोलने वाले इंसान को आप झूठ बोल रहे हो। मुझे पता था कि ये होना ही है, क्योंकि दुनिया कभी किसी अच्छी चीज की तारीफ नहीं करती।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे ये बोलने की जरुरत नहीं थी। 10 साल के बाद भी मैं ये शो कर रही हूं। मैं पहले भी बोल सकती थी। तो जो लोग कह रहे हैं कि मैं ये शो के लिए बोल रही हूं, घंटा। मुझे आप लोगों की नजरों में उठना भी नहीं है। मैं अपनी नजरों में उठी हुई हूं। किसी ने मुझे ये कहने के लिए नहीं कहा था, मैं उस झूठ के साथ नहीं जी सकती थी। वो आज या कल मुझे बोलना ही था। जो मेरे साथ हुआ, वो आप लोगों को नहीं पता है। भगवान न करे, आपके या आपके परिवार के साथ ऐसा हो। वो जो टाइम था, वो मुझे पता है कि मैंने सिर्फ पैसों के लिए नहीं किया। मैं शो छोड़ चुकी थी, उससे निकल चुकी थी।’ ‘बिग बॉस के बाद मुझे एक शख्स मिला, जिसने मुझसे कहा कि मेरे फादर ने सुसाइड कमिट किया, क्योंकि मेरे काम की जगह मेरे बारे में ऐसी बातें कही गईं, जो सच नहीं थीं। मैं सुसाइड करने वाला था, मैंने सुसाइड नोट भी लिखा था, लेकिन मैंने बिग बॉस से आपका वीडियो देखा, आप इंस्पायरिंग हो मेरे लिए। अगर मैं जिंदा हूं तो आपकी वजह से।’ मैं सुसाइड करने वाली थी- शिल्पा शिंदे आखिर में शिल्पा ने कहा, ‘मैंने क्या सहा ये सिर्फ मुझे और उस इंसान को पता है, जिसके खिलाफ मैंने शिकायत की। सॉरी शब्द बहुत छोटा है, लेकिन उस वक्त की सिचुएशन के लिए उन्हें भी पता था कि यही सही था। मैं उस वक्त सुसाइड करने वाली थी। लेकिन लोग तब भी हंसते, गालियां देते। मैं लोगों की नजरों में उठना ही नहीं चाहती। मेरा पहले भी किसी ने सपोर्ट नहीं किया और मुझे अभी भी उम्मीद नहीं है। मैं ये सब लेने के लिए तैयार हूं।’ ‘जो लोग भौंक रहे हैं, उन्हें भौंकने दो, लेकिन मेरी सलाह है कि जो ये आप टाइम दे रहे हैं, वो किसी जरुरतमंद को दोगे, तो भला होगा। मेरा तो कुछ
‘अगर आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें’: ममता बनर्जी ने बीजेपी पर टीएमसी को तोड़ने के लिए ‘पैसे, ताकत’ का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 11:26 IST पुलिस द्वारा पार्टी नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ कोलकाता में टीएमसी को धरने की अनुमति देने से इनकार करने के बाद ममता बनर्जी ने अधिकारियों को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने फेसबुक पोस्ट में मीडिया को संबोधित किया। (पीटीआई) अपनी पार्टी के भीतर से विद्रोह का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि वह पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मंगलवार को राशमोनी एवेन्यू में धरना प्रदर्शन करेंगी और अधिकारियों को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी। उनकी यह टिप्पणी पुलिस द्वारा चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ कोलकाता में टीएमसी को धरने की अनुमति देने से इनकार करने के बाद आई है। अपने फेसबुक हैंडल पर एक वीडियो में, ममता ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनकी पार्टी में दलबदल कराने के लिए “पैसे और ताकत” का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, “लोग डरे हुए क्यों हैं? लोग चिंतित क्यों हैं? पूरा माहौल बदल गया है। कोलकाता और बंगाल को लुम्पेन को सौंप दिया गया है।” ‘अगर आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी हितों के लिए पार्टी छोड़ने वाले नेताओं से संगठन के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी और टीएमसी संकट से मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह पुलिस की अनुमति नहीं होने के बावजूद एस्प्लेनेड में धरना-प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा, “अगर हमें वहां धरना देने की इजाजत नहीं दी गई तो मैं जहां भी रोका जाएगा, वहीं बैठ जाऊंगी। मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।” “पुलिस एक राजनीतिक पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। अगर आप मुझे यहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध नहीं करने देंगे तो मैं दिल्ली जाऊंगा। हमारी एक इंडिया ब्लॉक मीटिंग भी है।” बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद से कम से कम 12 टीएमसी कार्यकर्ता मारे गए हैं और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन को बाधित किया जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘अगर आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें’: ममता बनर्जी ने बीजेपी पर टीएमसी को तोड़ने के लिए ‘पैसा, ताकत’ का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी धरना प्रदर्शन(टी)राशमोनी एवेन्यू विरोध(टी)पुलिस की अनुमति नहीं दी गई(टी)टीएमसी दलबदल(टी)चुनाव के बाद हिंसा बंगाल(टी)कोलकाता राजनीतिक तनाव
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, गैरकानूनी रूप से रह रहे थे

अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि वे अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें जल्द ही अमेरिका से बाहर भेजा जाएगा। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने बताया कि 11 से 15 मई के बीच ऑपरेशन चेकमेट के तहत एरिजोना में कुल 52 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 36 लोग ट्रक चला रहे थे। इनमें से 30 भारतीय है। बाकी 6 लोग मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस के थे। इन ट्रक ड्राइवरों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ लोगों के पास कोई लाइसेंस ही नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर लोगों के पास काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे। लेकिन अब वे दस्तावेज मान्य नहीं हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, गैरकानूनी रूप से रह रहे थे

अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि वे अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें जल्द ही अमेरिका से बाहर भेजा जाएगा। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने बताया कि 11 से 15 मई के बीच ऑपरेशन चेकमेट के तहत एरिजोना में कुल 52 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 36 लोग ट्रक चला रहे थे। इनमें से 30 भारतीय है। बाकी 6 लोग मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस के थे। इन ट्रक ड्राइवरों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ लोगों के पास कोई लाइसेंस ही नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर लोगों के पास काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे। लेकिन अब वे दस्तावेज मान्य नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… रूस का यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला: 5 की मौत, 55 से ज्यादा घायल रूस ने मंगलवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव समेत द्नीप्रो और खार्किव पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 55 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद कई शहरों में एयर रेड अलर्ट जारी कर लोगों को शेल्टर में भेजा गया। यूक्रेन के पूर्वी शहर द्नीप्रो में रूसी हमले में 4 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हांझा के मुताबिक 16 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, वाहन जल गए और बच्चों का खेल मैदान भी तबाह हो गया। राजधानी कीव में एक व्यक्ति की मौत हुई है और 29 लोग घायल हुए हैं। मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार मिसाइल हमले से 24 मंजिला अपार्टमेंट का हिस्सा ढह गया। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। एक अन्य 9 मंजिला इमारत में आग लग गई। ओबोलोन जिले में मिसाइल के मलबे से कई कारें जल गईं और किंडरगार्टन के पास भी आग लगी। हमले के दौरान पूरे यूक्रेन में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया। कीव में हजारों लोग मेट्रो स्टेशनों और अन्य सुरक्षित ठिकानों में शरण लेने पहुंचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक दिन पहले ही बड़े रूसी हमले की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि खुफिया एजेंसियों की चेतावनियां अब भी प्रभावी हैं और बड़े पैमाने पर हमला संभव है। खार्किव में ड्रोन और मिसाइल हमलों में एक बच्चे समेत 10 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में नुकसान की जानकारी दी है। रूस ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह कीव में सैन्य ठिकानों और निर्णय लेने वाले केंद्रों पर “सिस्टमेटिक स्ट्राइक” करेगा। रूस का कहना है कि यह कार्रवाई लुहान्स्क क्षेत्र में छात्रावास पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की जा रही है, जबकि यूक्रेन ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार किया है। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों देशों के बीच हमले लगातार तेज हो रहे हैं। शांति प्रयासों के बावजूद अब तक संघर्ष समाप्त होने के संकेत नहीं मिले हैं। अमेरिका में घरेलू विवाद के बाद परिवार के 6 लोगों की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने भी की आत्महत्या अमेरिका के आयोवा राज्य के मस्कटीन शहर में घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति ने परिवार के 6 सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना में कुल 7 लोगों की मौत हुई है। पुलिस को सोमवार दोपहर एक घर में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने घर के अंदर 4 लोगों के शव बरामद किए। सभी की मौत गोली लगने से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने 52 वर्षीय रयान विलिस मैकफारलैंड को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया। वारदात के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ समय बाद उसे ढूंढ़ लिया। मस्कटीन पुलिस प्रमुख एंथनी कीस के मुताबिक, पुलिस उससे बातचीत कर रही थी तभी उसने खुद को गोली मार ली। इसके बाद जांच में सामने आया कि मामले में दो और लोग भी मारे गए हैं। पुलिस ने एक अन्य मकान और एक स्थानीय व्यवसायिक प्रतिष्ठान से दो पुरुषों के शव बरामद किए। दोनों की मौत भी गोली लगने से हुई थी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के अनुसार पूरा घटनाक्रम घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि सभी पीड़ित आरोपी के रिश्तेदार थे। मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। करीब 23 हजार आबादी वाले मस्कटीन शहर में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
पश्चिम बंगाल में 15 को गिरफ़्तार करने के लिए गिरफ़्तार अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया, तूफान के कारण सड़क जाम कर दी गई

राष्ट्रीय बाहुबली अभिकरण ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के विधानसभा चुनाव में विशेष सघन पुनरीक्षण में शामिल नक्सली अधिकारियों पर अवैध रूप से बंधक बनाने और सड़क जाम करने के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने दी। दस्तावेज़ बता दें कि नेशनल बास्केटबॉल अभिकरण ने सोमवार को मालदा में व्यापक पैमाने पर हाइड्रोलिक अभियान चलाया: सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्तर पर कार्रवाई की। इसके बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को मालदा जिले में व्यापक पाइपलाइन अभियान की रूपरेखा तैयार की। जांच के बाद एजेंसी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि दो अलग-अलग मामलों में सड़क जाम करने और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बांड के अनुसार, एक मामले में मुख्य शेयरधारकों जोशम मस्जिद और अस्माउल मस्जिद सहित 12 लोगों को हैबटोला-अमलीटोला रोड पर बंधक बनाए रखने के आरोप में लगभग आठ घंटे तक एक महिला विधायी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि मोथाबाड़ी ब्लॉक में बागमारा पुल को जाम करने के संबंध में तीन अन्य लोगों- आलम गीर शेखर, नूरुल इस्लाम और हबीबुर रहमान को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि एक अप्रैल को कार्टूनिस्टों से नाम हटाने के विरोध में एक बड़े पैमाने पर भीड़ ने उत्पात मचाया और सड़कों पर जाम लगा दिया, साम्यवाद में स्मारकों और सहयोगियों पर हमला किया गया। खबर यह भी है कि नोबेल कार्यालय में 7 सरकारी अधिकारियों को बंधक बनाया गया था। एक अन्य अधिकारी का वाहन बंद कर दिया गया था। तीन के बाद आतंकवादियों के लिए सुरक्षा बल आधी रात को मौक़े पर निरीक्षण। इस घटना के बाद विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक विवाद तेज हो गया। ऐतिहासिक अन्य ऐतिहासिक और बड़ी साजिश की जांच कर रही है। ये भी पढ़ें: नई दिल्ली की बैठक से बीजिंग को लगी मिर्ची, चीन के विदेश मंत्रालय का आया ये लिंक (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)विधानसभा चुनाव(टी)मालदा जिला(टी)पश्चिम बंगाल(टी)विधानसभा चुनाव(टी)मालदा जिला
भास्कर अपडेट्स:CBI ने आर्मी के कर्नल को गिरफ्तार किया, 50 लाख रिश्वत लेने का आरोप

CBI ने 50 लाख रुपए के रिश्वत मामले में सेना के एक कर्नल को गिरफ्तार किया है। अधिकारी कोलकाता में ईस्टर्न कमांड के तहत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में तैनात था। CBI के मुताबिक, कर्नल पर कानपुर की एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि अधिकारी ने टेंडर दिलाने, घटिया सैंपल मंजूर करने और लंबित व बढ़े हुए बिल पास कराने में मदद की। जांच एजेंसी के FIR के मुताबिक, कर्नल ने कारोबारी से लंबित रिश्वत रकम मांगी थी। कारोबारी ने नकदी की कमी की बात कही। इसके बाद अधिकारी ने कारोबारी के ड्राइवर को फोन कर रकम अपने एक परिचित तक पहुंचाने को कहा। 50 लाख रुपए की रिश्वत हवाला के जरिए पहुंचाई जानी थी।
भास्कर अपडेट्स:CBI ने आर्मी के कर्नल को गिरफ्तार किया, 50 लाख रिश्वत लेने का आरोप

CBI ने 50 लाख रुपए के रिश्वत मामले में सेना के एक कर्नल को गिरफ्तार किया है। अधिकारी कोलकाता में ईस्टर्न कमांड के तहत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में तैनात था। CBI के मुताबिक, कर्नल पर कानपुर की एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि अधिकारी ने टेंडर दिलाने, घटिया सैंपल मंजूर करने और लंबित व बढ़े हुए बिल पास कराने में मदद की। जांच एजेंसी के FIR के मुताबिक, कर्नल ने कारोबारी से लंबित रिश्वत रकम मांगी थी। कारोबारी ने नकदी की कमी की बात कही। इसके बाद अधिकारी ने कारोबारी के ड्राइवर को फोन कर रकम अपने एक परिचित तक पहुंचाने को कहा। 50 लाख रुपए की रिश्वत हवाला के जरिए पहुंचाई जानी थी। आज की अन्य बड़ी खबरें… एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान के फ्यूल स्विच की फिर जांच होगी, DCA ने जांच के निर्देश दिए DCA ने एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच की फिर जांच के निर्देश दिए हैं। यह जांच बोइंग की सुविधा में डीजीसीए अधिकारियों की मौजूदगी में होगी। मामला एयर इंडिया के वीटी-एएनएक्स विमान से जुड़ा है। 1 फरवरी को लंदन में इंजन स्टार्ट के दौरान फ्यूल स्विच में दिक्कत आई थी। इसके बाद पायलट ने तकनीकी खराबी की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि बाएं इंजन का फ्यूल स्विच हल्का दबाव पड़ने पर रन से कटऑफ पर खिसक रहा था और सही तरीके से लॉक नहीं हो रहा था। इसके बाद विमान को ग्राउंड कर दिया गया। ई-फार्मेसी के विरोध में आज मेडिकल स्टोर बंद, 12 लाख केमिस्ट के हड़ताल में शामिल होने का दावा ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने बंद का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि 12 लाख केमिस्ट, फार्मासिस्ट और दवा वितरक इस हड़ताल में शामिल हैं। मध्य प्रदेश में 30 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। मप्र फार्मासिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक, रिटेल और थोक दवा व्यापारी भी बंद में शामिल होंगे। बंद के बावजूद प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, सभी अस्पतालों की दवा दुकानें और सरकारी अस्पतालों की फार्मेसी खुली रहेंगी। यहां से दवाएं खरीदी जा सकेंगी। गुजरात में ₹226 करोड़ का क्रिप्टो नेटवर्क पकड़ा; हमास लिंक के आरोप, 9 गिरफ्तार गुजरात CID ने क्रिप्टो के जरिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय टेरर फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। नेटवर्क का लिंक आतंकी संगठन हमास से जुड़े एक फ्रंट संगठन तक मिला है। CID के मुताबिक, इस नेटवर्क में करीब 226 करोड़ रुपए के लेनदेन का पता चला है। गिरफ्तार आरोपियों में 7 अहमदाबाद, 1 मुंबई और 1 हरियाणा के करनाल का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि सिंडिकेट के Binance अकाउंट 935 साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़े थे। इनका इस्तेमाल डार्क वेब पर ड्रग्स तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के लिए किया जा रहा था। CID का दावा है कि दुबई में बैठा मास्टरमाइंड मोहम्मद जुबेर पोपाटिया हमास से जुड़े फ्रंट संगठन के संपर्क में था। जांच में हूती विद्रोही, ईरान के IRGC-QF और रूस के प्रतिबंधित एक्सचेंज से जुड़े फंड ट्रांसफर के भी संकेत मिले हैं।









