Sunday, 05 Apr 2026 | 08:05 AM

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‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे | राजनीति समाचार बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे सिवनी में जेबकतरा गिरफ्तार:मंदिर से श्रद्धालु का उड़ाया था पर्स, 17 हजार लेकर हुआ था फरार गर्मी में भूलकर भी नहीं रखें फ्रिज में ये चीजें, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान, हेल्थ एक्सपर्ट से जानें जोधपुर में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत, 8 करोड़ की मशीन से कैंसर ऑपरेशन अब शहर में संभव – News18 हिंदी
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‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे | राजनीति समाचार

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 08:02 IST आप पंजाब के नेताओं ने सांसद राघव चड्ढा पर राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राज्य के प्रमुख मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया। चड्ढा 2012 में आप के गठन के बाद से ही इससे जुड़े हुए हैं। (फाइल छवि) आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर संसद में पंजाब की चिंताओं को पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठाने का आरोप लगाया और उनके दृष्टिकोण को पार्टी के मूल मूल्यों के साथ असंगत बताया। एक संयुक्त बयान में, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य इकाई के प्रमुख अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने गंभीर मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त किया। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा चुने जाने के बावजूद चड्ढा राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में विफल रहे। मंत्री ने कहा कि सांसद ने राज्य से संबंधित “एक भी संवेदनशील मुद्दा” नहीं उठाया। पीटीआई सूचना दी. चड्ढा की ‘निष्क्रियता’ पार्टी सिद्धांतों के विपरीत: आप उद्धृत की गई चिंताओं में ग्रामीण विकास निधि का लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया और 60,000 करोड़ रुपये के करीब जीएसटी से संबंधित घाटा शामिल था। नेताओं ने जीएसटी मुआवजे में कमी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण अंतराल और राज्य में पिछले साल की बाढ़ के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित बाढ़ राहत में 1,600 करोड़ रुपये जारी करने में केंद्र की देरी को भी चिह्नित किया। चड्ढा की चुप्पी को ”निराशाजनक” बताते हुए मंत्री चीमा ने कहा कि आप को उम्मीद थी कि राज्यसभा सांसद इन मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाएंगे और उनकी ”निष्क्रियता” पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को लगातार उठाना पार्टी की विचारधारा का केंद्र है। धालीवाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित निवासी खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि मुआवजे और राहत की उनकी मांगों को संसद में नहीं लाया गया। यह तब हुआ है जब आप ने बुधवार को चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया, जो पार्टी के भीतर आंतरिक दरार के संकेत देता है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने के फैसले की जानकारी दी। पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया इस कदम के कुछ घंटों बाद, राज्यसभा सांसद ने राज्यसभा में अपने तर्कों और हस्तक्षेपों का संकलन साझा करके परोक्ष प्रतिक्रिया जारी की। तीन मिनट के वीडियो में 37 वर्षीय नेता को वायु प्रदूषण और बढ़ते हवाई किराए से लेकर गिग श्रमिकों के अधिकारों और मोबाइल प्रीपेड योजनाओं की 28-दिन की वैधता सहित कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। इससे पहले शनिवार को आप सांसद ने पलटवार करते हुए आप नेतृत्व द्वारा उन पर लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। स्वाति मालीवाल के बाद वह आप के दूसरे राज्यसभा सांसद बन गए हैं, जिनका पार्टी नेतृत्व से मतभेद हो गया है। जगह : पंजाब, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 07:59 IST समाचार राजनीति ‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)पंजाब की चिंता संसद(टी)राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा(टी)आप आंतरिक दरार(टी)पंजाब जीएसटी बकाया(टी)बाढ़ राहत पंजाब(टी)अरविंद केजरीवाल नेतृत्व

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

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ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे

ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस और घबराकर धमकियां दे रहा है। ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रम्प की चेतावनी को मूर्खतापूर्ण कार्रवाई बताया और इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की धमकियों का मतलब है कि “तुम्हारे लिए भी नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” इससे पहले ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प अब तक होर्मुज खोलने के लिए ईरान को तीन बार अल्टीमेटम दे चुके हैं, जिससे इस मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान बोला- बुशहर न्यूक्लियर साइट पर 4 बार हमला हुआ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने बुशहर न्यूक्लियर साइट पर चार बार हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट के पास हमले बेहद जोखिम भरे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चिंता दिखाई जाती है, वैसी संवेदनशीलता बुशेहर के मामले में नहीं दिख रही है। अराघची ने यह भी कहा कि पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले इस बात का संकेत हैं कि रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

क्रिकेट खेलते-खेलते 3 दोस्तों ने साफ कर दी नदी:पॉकेट मनी से ग्लव्स-जूते खरीदे, लोग मजाक उड़ाते तो भी जुटे रहते, अब देश–दुनिया में चर्चा

क्रिकेट खेलते-खेलते 3 दोस्तों ने साफ कर दी नदी:पॉकेट मनी से ग्लव्स-जूते खरीदे, लोग मजाक उड़ाते तो भी जुटे रहते, अब देश–दुनिया में चर्चा

भोपाल से 119 किलोमीटर दूर ब्यावरा के 3 दोस्तों की इन दिनों देश-दुनिया में चर्चा है। 20 और 18-18 साल के तीनों दोस्त एक ही मोहल्ले में रहते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर, जब लोग ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान कर रहे थे, तब इन्होंने अजनार नदी की सफाई का संकल्प लिया। तीनों को तैरना नहीं आता, फिर भी नदी में उतर गए। रोजमर्रा के काम की रील बनाकर अपलोड करने लगे। लोग ट्रोल करते और मजाक बनाते रहे, लेकिन ये हर दिन क्रिकेट खेलने का कहकर निकलते और नदी से गंदगी निकालते रहे। फरवरी-मार्च में परीक्षा के दौरान भी ये रोज सफाई करते रहे। नदी के एक घाट पर, जहां पहले कचरे का पहाड़ था, वहां अब इन्होंने पुताई कर दी है। वहां लोग घूमने आने लगे हैं। बीते दिनों मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इनके काम को सराहा, तो देश-दुनिया की नजर इन पर पड़ी। कुछ लोगों ने कहा कि ये सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए ऐसा कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ब्यावरा पहुंचा और असली तस्वीर समझी। बिट्टू ने दिया नदी सफाई का आइडिया भास्कर की टीम जब ब्यावरा पहुंची तो तीनों दोस्त एक स्कूटी पर सवार होकर नदी के घाट जाने की तैयारी कर रहे थे। अब ये शहर में फेमस चेहरे हो गए हैं। सबसे मुख्य किरदार है बिट्‌टू तबाही उर्फ सुरेंद्र चौधरी। दो अन्य किरदार हैं कृष्णा वर्मा और कृष्णा अग्रवाल। बातचीत की शुरूआत करते हुए कृष्णा ने बताया कि ये आयडिया बिट्‌टू का था। 26 जनवरी को बिट्‌टू ने कहा कि क्यों न हम कुछ ऐसा करें कि लोगों को लगे कि हमने कुछ बदलाव लाया है। हम यहां क्रिकेट खेलने आते थे। कई बार घाट पर बैठने का मन करता था लेकिन इतनी गंदगी होती थी कि बैठ नहीं पाते थे। उसके बाद से हम लोग अबतक 3 घाटों की सफाई कर चुके हैं। लोग मजाक उड़ाते थे लेकिन हम जुटे रहे कृष्णा की बात को आगे बढ़ाते हुए बिट्टू ने कहा कि हमने नदी सफाई की बात सोच तो ली, लेकिन दिक्कत ये थी हम तीनों को तैरना नहीं आता था। फिर भी हम पीछे नहीं हटे। हमने ग्लव्स, जूते और एक जाल का इंतजाम किया। फिर कचरा खींचने के लिए एक टूल बनवाया। 26 जनवरी के बाद एक दिन ऐसा नहीं गुजरा कि हम घाट पर न आएं हों। एक बार नदी में काम करते हुए मेरे पैरों पर सांप आ गया था। मेरे दोस्त कृष्णा ने मुझे बताया। वो तो अच्छा हुआ कि मैं बड़े जूते पहना हुआ था। पैसों का इंतजाम कैसे करते हो? इस सवाल पर बिट्टू ने कहा कि पॉकेट मनी को बचाकर अपने लिए हाथ में पहनने वाले दस्ताने, जूते और जाल खरीदते हैं। कई बार सोशल मीडिया पर भी हमें थोड़ी मदद मिली है। अब तक हम सफाई में अपने करीब 30 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं। हमें जब कोई काम करना है तो हम 15 दिन से उसके लिए पैसे जोड़ते हैं। ड्रम, पेंट और बाकी टूल पर अब तक 30 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं। स्किन इंफेक्शन हुआ, कई बार बुखार भी आया गंदगी के कारण तीनों लड़कों को हाथ-पैरों में स्किन इंफेक्शन भी हो गया है। वे कहते हैं कि कई बार बुखार भी आ जाता है। हमें भी पता है कि ये सब गंदे पानी में ज्यादा समय तक रहने के कारण ही हो रहा है। लेकिन एक बार यदि हम इसे साफ करने में आगे बढ़ गए तो शहर के लिए ये बहुत बड़ा काम हो जाएगा। बिट्टू कहता है नदी से जो कचरा निकला है, वो हमने फेंका नहीं है। घाट के पास ही इसे दबाकर रखा है। हम चाहते हैं कि इस कचरे को रीसाइकिल करके कहीं इस्तेमाल किया जा सके। आजकल तो सड़क बनाने में भी प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल हो रहा है। परीक्षाओं के दौरान भी काम करते रहे बिट्‌टू के दूसरे साथी कृष्णा वर्मा और कृष्णा अग्रवाल दोनों बारहवीं क्लास में पढ़ रहे थे। फरवरी-मार्च में उनकी परीक्षाएं भी थीं। हमने पूछा परीक्षाओं के दौरान कैसे काम किया? तो जवाब मिला कि इस दौरान भी रोजाना शाम को घाट पर आते थे। एक भी दिन हम इस काम से गैरहाजिर नहीं रहे। घर वालों को भी कभी नहीं बताया। घर वाले जब भी पूछते तो यही कहते कि थोड़ा रिलेक्स होने के लिए खेलने जा रहे हैं। मां-पिता से कहकर निकलते-क्रिकेट खेलने जा रहे हैं बिट्‌टू और कृष्णा कहते हैं कि वो बीते दो ढाई महीने से नदी की सफाई के रील सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड कर रहे हैं। लेकिन उनके माता–पिता सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करते। उन्हें कभी ये पता नहीं लगा कि वे क्या करते हैं? हम तो घर से यही कहकर निकलते हैं कि हम क्रिकेट खेलने जा रहे हैं। हां, बीते कुछ दिनों से जब से महिंद्रा जी ने हमारे काम की सोशल मीडिया पर तारीफ की है, तब से कई लोग हमसे अच्छे से बात करते हैं। कलेक्टर ने भी हमें बुलाकर सम्मान किया। स्थानीय विधायक ने भी हमें बुलाया है। प्रशासन भी अब इन घाटों पर जेसीबी से कचरा हटवाने में जुट गया है। 15 नाले, पूरे शहर का सीवरेज और कचरा भी इसी नदी में ब्यावरा शहर के बीचों बीच से बहने वाली ये नदी प्लास्टिक कचरे से अटी पड़ी है। जहां नजर डालो वहीं से सीवरेज मिलता दिख रहा है। इन लड़कों ने बीते दो महीने में नदी के 3 घाटों पर तस्वीर बदलने की कोशिश की है। इन्होंने घाट की सीढ़ियों की सफाई करके यहां पुताई की। घाटों पर कचरा न फेंके के पोस्टर लगाए वहीं घाट पर कचरा फेंकने के लिए दो ड्रम रखे। तीनों दोस्त रोज ड्रम का कचरा खाली करते हैं, लोगों से कहते हैं कचरा बाहर न फेंके। इनकी कोशिश के बाद अब सरकारी अमला भी एक्टिव होता दिख रहा है। नगर पालिका ब्यावरा के सीएमओ इकरार अहमद अपनी टीम के साथ ऐसे ही एक घाट पर पहुंचे थे। अहमद कहते हैं कि अजनार नदी का उद्गम स्थल यहां से 15 किलोमीटर दूर है। पूरे शहर का सीवरेज और छोटे-बड़े नालों की गंदगी नदी में मिलती है। सीवरेज को इसमें मिलने से रोकने

मोना ने गौरव को ‘धुरंधर’ का स्पॉइलर देने से रोका:शूटिंग के सेट पर समझाया कि फिल्म रिलीज से पहले जानकारी साझा करना गलत है

मोना ने गौरव को ‘धुरंधर’ का स्पॉइलर देने से रोका:शूटिंग के सेट पर समझाया कि फिल्म रिलीज से पहले जानकारी साझा करना गलत है

ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर वेब शो ‘मां का सम’ रिलीज हो चुका है। यह कहानी मां‑बेटे के रिश्ते को एक नए और मॉडर्न नजरिए से पेश करती है। इस शो में इमोशन, ह्यूमर और आज की जनरेशन की सोच का दिलचस्प मेल देखने को मिलता है, जहां एक बेटा अपनी सिंगल मदर के लिए सही लाइफ पार्टनर ढूंढने की कोशिश करता है। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में शो की स्टारकास्ट मोना सिंह और मिहिर आहूजा ने अपने किरदारों, शूटिंग के अनुभव, फिल्मी सफर और इस कहानी के जरिए समाज को दिए जा रहे महत्वपूर्ण संदेश पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान मोना सिंह ने फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया, जिसमें उन्होंने सेट पर ही एक्टर गौरव गेरा को स्पॉइलर देने से रोक दिया था। ‘मां का सम ’ की स्क्रिप्ट में ऐसा क्या खास था कि आपने तुरंत हां कह दी? मोना सिंह- मुझे इस शो की सबसे खास बात इसकी सोच लगी। आमतौर पर हम मां के किरदार को एक तय ढांचे में देखते हैं जहां वह सिर्फ अपने बच्चों के लिए जीती है। लेकिन इस कहानी में मां को एक इंसान की तरह दिखाया गया है, जिसकी अपनी इच्छाएं हैं, अपने सपने हैं और जो अपनी जिंदगी में दूसरा मौका डिजर्व करती है। यह बहुत रिफ्रेशिंग और प्रोग्रेसिव अप्रोच है। खासतौर पर सिंगल मदर्स के लिए यह बहुत जरूरी है कि उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक मिले। मुझे लगा कि यह शो लोगों की सोच बदल सकता है और इसी वजह से मैंने इसे तुरंत हां कह दी। शो में अपने किरदार ‘अगस्त्य’ के बारे में विस्तार से बताइए? मिहिर आहूजा- अगस्त्य एक बहुत ही होशियार और सेंसिटिव लड़का है, जो अपनी मां से बहुत प्यार करता है। वह चाहता है कि उसकी मां की जिंदगी में कोई कमी न रहे, खासकर उनकी पर्सनल लाइफ में। वह एक मैथ्स जीनियस है और हर चीज को लॉजिक और एल्गोरिदम के जरिए समझने की कोशिश करता है। इसी सोच के साथ वह अपनी मां के लिए डेट्स अरेंज करता है, ताकि वह एक परफेक्ट पार्टनर चुन सके। यह किरदार बहुत इंटरेस्टिंग है क्योंकि इसमें इमोशन और लॉजिक का अनोखा मेल देखने को मिलता है। शो में आपका किरदार डेटिंग ऐप के जरिए डेट्स पर जाता है। इस कॉन्सेप्ट को आप कैसे देखती हैं? मोना सिंह- शो में जो डेट्स दिखाई गई हैं, वे दरअसल उसके बेटे द्वारा अरेंज की गई हैं। उसका बेटा यह समझना चाहता है कि कौन सा इंसान उसकी मां के लिए सही रहेगा। यह पूरी प्रक्रिया बहुत दिलचस्प है क्योंकि इसमें एक तरह का एक्सपेरिमेंट भी है जैसे हम जिंदगी में अलग-अलग चीजें ट्राय करके सही विकल्प चुनते हैं। यहां भी वही हो रहा है, बस फर्क इतना है कि यह एक मां की लव लाइफ को लेकर है, जो हमारे समाज में अभी भी थोड़ा टैबू माना जाता है। मुझे लगता है कि यह पहल बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे लोग समझेंगे कि मां भी अपनी खुशी के बारे में सोच सकती है। शूटिंग के दौरान कोई ऐसा मजेदार किस्सा जो आपको आज भी याद हो? मोना सिंह- दिल्ली में शूट किया गया एक डेट सीन मेरे लिए बेहद यादगार और मजेदार रहा। उस सीन में लगातार फोन कॉल्स आ रहे थे कभी मेरी मां का, तो कभी सामने वाले लड़के की मां का।वह पूरा सिचुएशन इतना रियल और फनी बन गया था कि हम शूट करते-करते हंस पड़ते थे। सामने वाले एक्टर ने भी बहुत शानदार परफॉर्म किया, जिससे सीन और भी मजेदार हो गया। उस दौरान मुझे लगा कि असल जिंदगी में भी शायद लोगों के साथ ऐसी अजीब और मजेदार डेट्स होती होंगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म को आप अपने करियर के लिए कितना अहम मानती हैं? मोना सिंह- ओटीटी मेरे लिए एक बहुत बड़ा गेम चेंजर रहा है। मुझे ऐसा लगता है कि मुझे मेरी दूसरी पारी यहीं से मिली है। यहां कहानियां ज्यादा रियल और लेयर्ड होती हैं, खासकर महिला किरदारों के लिए। पहले जहां किरदारों को सिर्फ पॉजिटिव या नेगेटिव के दायरे में दिखाया जाता था, वहीं ओटीटी पर उन्हें पूरी गहराई और विस्तार के साथ पेश किया जाता है। अगर ओटीटी नहीं होता, तो शायद मुझे ऐसे रोल्स निभाने का मौका नहीं मिलता। ‘धुरंधर’ से जुड़ा एक स्पॉइलर वाला किस्सा भी चर्चा में रहा। उस बारे में बताइए? मोना सिंह- हम अमृतसर में शूट कर रहे थे, तभी गौरव गेरा मुझे धुरंधर फिल्म से जुड़ी तस्वीरें और कहानी बताने लगे। मैंने तुरंत उन्हें रोक दिया और कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। एक कहानी और किरदार को बनाने में बहुत मेहनत लगती है और हर कलाकार एक NDA से बंधा होता है। मैंने उन्हें समझाया कि रिलीज से पहले इस तरह की जानकारी साझा करना गलत है। यह प्रोफेशनल एथिक्स का भी हिस्सा है कि हम उस भरोसे को बनाए रखें। शूटिंग के दौरान सबसे बड़ा चैलेंज क्या रहा? मिहिर आहूजा- सबसे बड़ा चैलेंज मैथ्स से जुड़े सीन थे। मुझे उन्हें इस तरह से करना था कि दर्शकों को लगे कि मैं सच में एक मैथ्स एक्सपर्ट हूं। इसके लिए मुझे कई फॉर्मूलाज और एल्गोरिदम समझने पड़े और उनकी प्रैक्टिस करनी पड़ी। सेट पर हमें बाकायदा गाइड किया जाता था, ताकि हम अपने किरदार के साथ न्याय कर सकें। यह थोड़ा मुश्किल जरूर था, लेकिन सीखने का अच्छा अनुभव भी रहा। सेट पर जेन-जी रिलेशनशिप टर्म्स को लेकर कोई मजेदार अनुभव रहा? मोना सिंह- हां, यह काफी मजेदार था क्योंकि हम दोनों ही इन टर्म्स से ज्यादा वाकिफ नहीं थे। ‘सिचुएशनशिप’, ‘घोस्टिंग’, ‘ब्रेडक्रंबिंग’ जैसे शब्द हमारे लिए नए थे। सेट पर हमें इनके मतलब समझाए गए, जैसे किसी क्लास में पढ़ाया जाता है। यह अनुभव काफी दिलचस्प था और इससे यह भी समझ आया कि आज की जनरेशन किस तरह रिलेशनशिप को देखती है। एक आउटसाइडर होने के नाते बॉलीवुड में आपकी जर्नी कैसी रही? मिहिर आहूजा- शुरुआत में मेरे लिए सब कुछ नया था क्योंकि इंडस्ट्री में मेरा कोई बैकग्राउंड नहीं था। मुझे नहीं पता था कि ऑडिशन कहां होते हैं या किससे संपर्क करना चाहिए। मैंने खुद ही रास्ते ढूंढे, गूगल की मदद ली और

बटलर से वैभव-यशस्वी के कैच छूटे:अशोक ने 154 की स्पीड से गेंद फेंकी, बिश्नोई 200 टी-20 विकेट वाले यंगेस्ट इंडियन; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

बटलर से वैभव-यशस्वी के कैच छूटे:अशोक ने 154 की स्पीड से गेंद फेंकी, बिश्नोई 200 टी-20 विकेट वाले यंगेस्ट इंडियन; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL 2026 के 9वें मैच में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को 6 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में RR ने 210 रन बनाए, जबकि GT 204 रन ही बना सकी। मैच के दौरान जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल के अहम कैच छूटे। वहीं, गुजरात के अशोक शर्मा ने 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी। दूसरी ओर, रवि बिश्नोई ने टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए और इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। RR Vs GT मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. साई सुदर्शन ने 42 इनिंग में 15वीं फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL में सिर्फ 42 पारियों में अपनी 15वीं फिफ्टी पूरी कर ली। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं और केवल क्रिस गेल (41 पारियां) उनसे आगे हैं। सुदर्शन ने शॉन मार्श (43) को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। 2. वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलीं। 3. अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी गुजरात के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी। इस सीजन में इससे पहले सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड एनरिक नॉर्त्या (150.9 किमी/घंटा) के नाम था। हालांकि, IPL इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड अभी भी शॉन टैट के नाम है, जिन्होंने 2011 में 157.71 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। 4. बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय बने रवि बिश्नोई ने गुजरात के ग्लेन फिलिप्स का विकेट लेते ही टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। उन्होंने यह उपलब्धि 25 साल 211 दिन की उम्र में हासिल की और इसी के साथ वह टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। उन्होंने यह मुकाम अपने करियर के 170वें टी-20 मैच में हासिल किया। बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले 19वें भारतीय गेंदबाज बने हैं, जबकि स्पिनर्स की लिस्ट में वह 9वें स्थान पर हैं। हालांकि, ओवरऑल टी-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड राशिद खान के नाम है, जिन्होंने यह उपलब्धि 23 साल 119 दिन की उम्र में हासिल की थी। यहां से टॉप-10 मोमेंट्स… 1. वैभव ने चौके से खाता खोला पारी की शुरुआत में ही वैभव सूर्यवंशी ने चौका लगाकर अपने पहले रन बनाए। मोहम्मद सिराज की लेग स्टंप पर डाली गई लेंथ गेंद को उन्होंने हल्के से ग्लांस करते हुए फाइन लेग की दिशा में चौके के लिए भेज दिया। 2. बटलर से वैभव और यशस्वी के कैच छूटे जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी ने यशस्वी जायसवाल का कैच छूट गया। अशोक शर्मा की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप की दिशा में गई। बटलर ने फुल लेंथ डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई और चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। इससे पहले यशस्वी जायसवाल को भी जीवनदान मिला था। सिराज की शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर यशस्वी ने फ्लिक खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद विकेटकीपर की ओर गई। बटलर ने दाईं ओर डाइव लगाई, लेकिन कैच पकड़ नहीं सके। 3. जायसवाल की चौके से फिफ्टी 12वें ओवर में यशस्वी जायसवाल ने चौके से अपना अर्धशतक पूरा किया। मोहम्मद सिराज की ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार ड्राइव खेला, जो सीधे चौके के लिए चला गया। 4. रियान ने पहली गेंद पर सिक्स लगाया रियान पराग ने अपनी पहली ही बॉल पर सिक्स लगा दिया। कगिसो रबाडा की फुल लेंथ गेंद, जो मिडिल और लेग स्टंप पर थी, उस पर पराग ने बॉटम हैंड का इस्तेमाल करते हुए डीप स्क्वायर लेग की दिशा में गेंद को सिक्स के लिए भेज दिया। 5. सिराज का डाइविंग कैच 16वें ओवर में शिमरन हेटमायर कैच आउट हो गए। ओवर की तीसरी बॉल अशोक शर्मा ने गुड लेंथ पर फेंकी। हेटमायर ने शॉट खेला, वे लॉन्ग ऑन पर मोहम्मद सिराज के हाथों कैच हो गए। सिराज ने डाइविंग कैच पकड़ा, हेटमायर ने 18 रन बनाए। 6. 15वें ओवर के बाद बॉल बदली गई मैच के दौरान 15वें ओवर के बाद गुजरात के कप्तान की मांग पर अंपायर्स ने गेंद को बदलने का फैसला लिया। यह नियम ओस के असर को कम करने के लिए लागू किया गया है, जिससे दूसरी पारी में गेंदबाजों को बेहतर ग्रिप मिल सके और मुकाबला संतुलित बना रहे। 7. सुदर्शन ने छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की 8वें ओवर की चौथी गेंद पर साई सुदर्शन ने रियान पराग के खिलाफ सिक्स लगाया। इसी के साथ उन्होंने 33 गेंद पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। वे 73 रन बनाकर कैच आउट हुए। 8. तेवतिया का रिवर्स में सिक्स राहुल तेवतिया ने 15वें ओवर में रिवर्स शॉट पर सिक्स लगा दिया। रवि बिश्नोई की गेंद पर उन्होंने अपना स्टांस बदलते हुए शॉट खेला। तेवतिया ने फुल लेंथ बॉल को डीप बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से सिक्स लगा दिया। 9. जडेजा के थ्रो से शाहरुख रनआउट 15वें ओवर में रवींद्र जडेजा की शानदार फील्डिंग ने शाहरुख खान को रनआउट करा दिया। रवि बिश्नोई की फ्लाइटेड गेंद पर राशिद खान ने शॉट खेलकर दो रन पूरे किए और तीसरे रन के लिए कॉल किया। लॉन्ग फील्ड से जडेजा तेजी से गेंद तक पहुंचे, बाउंड्री के पास शानदार स्टॉप किया और तुरंत स्ट्राइकर एंड पर सटीक थ्रो फेंका। ध्रुव जुरेल ने गिल्लियां बिखेर दीं, जबकि शाहरुख क्रीज से काफी दूर रह गए। 10.

हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

23 फरवरी को एक नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस एफआईआर करने में नानुकुर करती रही। थाने पहुंचे पीड़िता के चाचा को पीट भी दिया। बाद में एफआईआर दर्ज हुई तो अपहरण के मामले में भी अज्ञात आरोपित बता दिए गए, जबकि किशोरी के परिवार वाले आरोपितों का नाम पुलिस को बताते रहे। बालिका के पिता ने हाई कोर्ट की शरण ली। मजदूर पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर शनिवार को छुट्टी के बाद भी सुनवाई की गई। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मामले की न केवल अवकाश के दिन सुनवाई की, बल्कि पुलिस को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश जारी किया कि पुलिस बालिका के साथ तमाम आरोपितों को भी कोर्ट में 6 अप्रैल को पेश करे। महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग का दबंगों द्वारा अपहरण करने की शिकायत मजदूर पिता ने की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन पहले दबंगों का नाम गायब किया। महीनेभर में भी बालिका को तलाशने की कोई कोशिश नहीं की। पीड़िता के पिता के अनुसार पवन सिंह उसे उठाकर ले गया है। बालिका की उम्र 17 साल 3 माह है और वह पवन सिंह के कब्जे में है। एफआईआर में नाम न होने पर नाराजगी पीड़िता के पिता ने अभिभाषक शुभम मांडिल और गौरव गुप्ता के जरिए हाई कोर्ट के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कोर्ट में इस दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी सरकार की ओर से उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नामजद एफआईआर नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई। साथ ही सरकार को निर्देश जारी किए कि सोमवार को पुलिस नाबालिग, जो कि पवन सिंह की अवैध हिरासत में है, उसे किसी भी हालत में कोर्ट के समक्ष पेश करे। कोर्ट के आदेश के बाद बदला पुलिस का रवैया डेढ़ माह पहले अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर कराने वाले पिता से पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली थी। वहीं शनिवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होने और हाई कोर्ट से आदेश के तुरंत बाद पुलिस का रवैया बदल गया। 6 अप्रैल को बालिका को कोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश होने की बात सामने आते ही बडगोंदा पुलिस तुरंत पीड़िता के घर पहुंच गई और उसके परिवारजनों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश करती रही।

ग्वालियर हाईकोर्ट का OBC क्रीमीलेयर को लेकर फैसला:कोर्ट ने कहा-पति की सैलरी से नहीं बल्कि मां-पिता की सामाजिक-आर्थिक दशा से तय होगाी ओबीसी क्रीमीलेयर

ग्वालियर हाईकोर्ट का OBC क्रीमीलेयर को लेकर फैसला:कोर्ट ने कहा-पति की सैलरी से नहीं बल्कि मां-पिता की सामाजिक-आर्थिक दशा से तय होगाी ओबीसी क्रीमीलेयर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ओबीसी क्रीमीलेयर से जुड़ी एक याचिका पर शनिवार को बड़ा व अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट किया है कि किसी महिला अभ्यर्थी की क्रीमीलेयर तय करने में उसकी पति की आय को आधार नहीं माना जा सकता है। बल्कि क्रीमी लेयर तय करने में महिला अभ्यर्थी के मां-पिता की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को आधार मानकर देखा जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला अभ्यर्थी की खुद की इनकम और पति की इनकम को उस समय तक नहीं जोड़ा जा सकता है तब तक कि पति क्लास-1 अधिकारी न हो। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है कि महिला अभ्यर्थी के पिता क्लास थर्ड अधिकारी थे और माता गृहिणी इसलिए उसे किसी भी हालत में ओबीसी क्रीमीलेयर आरक्षक का फायदा नहीं मिल सकता है। इसके साथ ही याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह है पूरा मामला शनिवार को कोर्ट ने ओबीसी क्रीमीलेयर को लेकर जो फैसला दिया है। दरअसल यह मामला सहायक प्राध्यापक (लॉ) पद पर नियुक्ति से पूरी तरह जुड़ा है। कोर्ट में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता सुनीता यादव ने दावा किया था कि इस पद के लिए चयनित महिला अभ्यर्थी गरिमा राठौर क्रीमीलेयर में आती हैं, क्योंकि उनके पति सिविल जज हैं। साथ ही उनके परिवार की इनकम तय मानक मतलब निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि उसे 2021 से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। पर कोर्ट ने क्रीमी लेयर को अच्छी तरह परिभाषित कर पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। साल 2021 से वरिष्ठता का लाभ भी मांगा याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि चयनित अभ्यर्थी गरिमा राठौर के पति सिविल जज हैं और उसकी खुद की भी आय है। इस आधार पर परिवार की कुल आय क्रीमी लेयर की सीमा से अधिक हो जाती है। इसलिए वह OBC (महिला) आरक्षित पद की पात्र नहीं थी। साथ ही अपनी प्रमोशन को लेकर तर्क दिया कि यदि उस अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाती, तो उन्हें ही 2021 में नियुक्ति मिलती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि बाद में सुनीता यादव को 2023 में नियुक्ति मिल गई, लेकिन उन्होंने कोर्ट से मांग की कि उन्हें 2021 से नियुक्ति मानी जाए। और उसी आधार पर वरिष्ठता व अन्य लाभ दिए जाएं। पर कोर्ट ने यह नहीं माना है।

इंदौर में 10 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन:विधानसभा 1 के वार्ड 7 को मिली सौगात, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- इंदौर ने विकास के नए आयाम छुए

इंदौर में 10 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन:विधानसभा 1 के वार्ड 7 को मिली सौगात, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- इंदौर ने विकास के नए आयाम छुए

रविवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा-1 के वार्ड क्रमांक 7 में 10 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद इंदौर शहर ने विकास के नए आयाम छुए हैं। यह सब इंदौरवासियों के सहयोग, इच्छाशक्ति और शहर को आगे बढ़ाने के दृढ़ संकल्प का परिणाम है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सन 2000 के पहले और बाद के इंदौर में जमीन-आसमान का अंतर है। पहले नंदा नगर से अन्नपूर्णा या खजराना जाने में एक से डेढ़ घंटा लग जाता था, क्योंकि सड़कें 12 से 15 फीट चौड़ी थीं। आज चौड़ी सड़कों का जाल बिछ चुका है और शहर के किसी भी कोने में कम समय में पहुंचना संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शहर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और इंदौर कई मायनों में देश-दुनिया में अव्वल है। उन्होंने कहा कि महापौर ने शहर के लिए भविष्य का विजन तैयार किया है और आने वाले समय में बेहतर सौगातें मिलेंगी। मेरा बेटा आकाश विधानसभा-1 की गलियों में घूमकर लोगों की समस्याओं की जानकारी लेता है और समाधान की रूपरेखा बनाकर मुझे देता है, जिससे समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है। हमारी कोशिश है कि भविष्य में विधानसभा समस्या मुक्त बने। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि इस वार्ड में ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर एक गार्डन बनाया गया है, जिसका शुभारंभ किया गया। यहां योग सेंटर भी बनाया गया है, जिससे शौर्य और पराक्रम के साथ संस्कृति के दर्शन होंगे तथा बेहतर स्वास्थ्य के साथ तन-मन प्रसन्न रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों में रिक्त स्थानों पर घना वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो ऑक्सीजन के बेहतर स्रोत बनेंगे। इंदौर के बच्चे बड़े मेट्रो शहरों के मुकाबले अधिक प्रसन्न रहते हैं, क्योंकि वे गार्डनों में खेलते हैं, जबकि बड़े शहरों के बच्चे मल्टियों में कैद होकर रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम को विकास कार्यों के लिए अलग से करीब 30 करोड़ रुपए दिए गए हैं और पार्षदों से मन लगाकर विकास कार्य करने का आह्वान किया। दोगुना जल और मजबूत कल इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मंत्री विजयवर्गीय ने 25 साल का विजन लेकर काम करने को कहा है। इसी उद्देश्य से शहर का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में इंदौर शहर में 4.5 एमएलडी पानी आ रहा है और आने वाले तीन वर्षों में इतना ही अतिरिक्त नर्मदा जल मिलेगा। इससे 2029 तक शहर में आने वाले 25 वर्षों तक पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 1500 करोड़ रुपए लोन के माध्यम से जुटाए जाएंगे और इतनी ही राशि राज्य व केंद्र सरकार से मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा नारा ‘दोगुना जल और मजबूत कल’ है। शहर की आबोहवा बेहतर बनाने के लिए पिछले चार वर्षों में करीब 100 सिटी फॉरेस्ट बनाए गए हैं। बेहतर सुविधाओं वाले 22 बगीचे विकसित किए जा रहे हैं, जो शहर के लिए फेफड़ों का कार्य करेंगे। 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कार्यक्रम में 7 स्थानों पर 3 करोड़ 48 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 6 करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। भूमिपूजन कार्यों में पीलिया खाल में 6 लाख रुपए की लागत से आंगनवाड़ी निर्माण, अर्जुन पल्टन मेन रोड पर 25 लाख रुपए से सीमेंट कंक्रीट सड़क, जनता कॉलोनी गली नंबर 2 एवं 4 में 18 लाख रुपए से ड्रेनेज लाइन, 2 करोड़ रुपए से स्मार्ट सिटी नर्मदा पानी संपवेल, नीलकंठ कॉलोनी में 23 लाख रुपए से सामुदायिक भवन, जनता कॉलोनी व कंडलीपुरा में 60 लाख रुपए से रिटेनिंग वॉल, तथा छत्रपति नगर में 16 लाख रुपए से सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण शामिल रहे। लोकार्पण कार्यों में जनता कॉलोनी, कंडलीपुरा, नीलकंठ कॉलोनी, छत्रपति नगर, राधा नगर, बालदा, अग्रसेन नगर, महावीर बाग, रामगंज जिंसी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट सड़क, ड्रेनेज लाइन, उद्यान, योगशाला, पेवर ब्लॉक, स्कूल निर्माण और संजीवनी क्लिनिक सहित अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।

अब AI बताएगा मौत की असली वजह, ICMR ने बनाया नया सिस्टम

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Last Updated:April 04, 2026, 22:34 IST AI In Health: अस्पताल में अब किसी मृतक की जानकारी पूरी न होने पर उसके मौत के कारण को लेकर सिर्फ अंदाजा नहीं लगाया जाएगा. ICMR के नए सिस्टम की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल असली कारण को पता लगाने के लिए किया जाएगा. ख़बरें फटाफट अस्पताल में अब मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा. दरअसल, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) एक नया सिस्टम तैयार कर रहा है, जो अस्पतालों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करके मौत की सही वजह बताएगा. इस प्रोजेक्ट में देशभर के मेडिकल कॉलेज, रिसर्च संस्थान और विश्वविद्यालय मिलकर काम करेंगे. फोरेंसिक विशेषज्ञ भी अपना डेटा साझा करेंगे, ताकि एक मजबूत और भरोसेमंद सिस्टम बनाया जा सके. इस सिस्टम की खास बात यह होगी कि यह अस्पतालों के क्लिनिकल रिकॉर्ड को ध्यान से जांचेगा और मौत के असली कारण को पहचानकर एक तय फॉर्मेट में बताएगा. इससे अलग-अलग बीमारियों से होने वाली मौतों का सही डेटा मिलेगा. यह जानकारी सरकार को बेहतर हेल्थ पॉलिसी और योजनाएं बनाने में मदद करेगी. इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी चेन्नई का राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (NIR) करेगा. ICMR ने उन संस्थानों से आवेदन भी मांगे हैं, जिन्हें AI, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और हेल्थ डेटा एनालिटिक्स का अनुभव है. AI करेगा मददहेल्थ के क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन एआई का उपयोग बढ़ता जा रहा है. साथ ही इसके अच्छे परिणामों के कारण इसे उन कामों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है, जो इंसानों के समझ से ज्यादा पेचीदा है. अभी समस्या यह है कि कई मामलों में मौत की सही वजह दर्ज नहीं हो पाती. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विशेषज्ञों के अनुसार, अधूरी या सामान्य जानकारी के कारण बीमारियों के असली ट्रेंड सामने नहीं आ पाते. असली वजह का लगाएगा पताAI उन मामलों में मौत की वजह का पता लगाने में सफल हो सकता है, जब डॉक्टर के पास मृतक की जानकारी पूरी नहीं होती है. उदाहरण के लिए कई बार किसी व्यक्ति की मौत गर्मी या किसी अन्य कारण से होती है, लेकिन रिकॉर्ड में उसे हार्ट अटैक या पुरानी बीमारी बता दिया जाता है. इससे असली कारण छिप जाता है और सही डेटा नहीं मिल पाता. अब उम्मीद है कि AI की मदद से यह समस्या दूर होगी. इससे मौत के कारणों का सटीक डेटा सामने आएगा, जिससे इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी नीतियों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 22:34 IST