Saturday, 12 Sep 2026 | 01:15 PM

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मूवी रिव्यू- हैवान:अक्षय-सैफ की इस टक्कर में आंखों से ज्यादा दिमाग का खेल, जानिए प्रियदर्शन ने कितना चौंकाया और क्या रह गई कमी

मूवी रिव्यू- हैवान:अक्षय-सैफ की इस टक्कर में आंखों से ज्यादा दिमाग का खेल, जानिए प्रियदर्शन ने कितना चौंकाया और क्या रह गई कमी

कास्ट- अक्षय कुमार, सैफ अली खान डायरेक्टर- प्रियदर्शन ड्यूरेशन- 2 घंटे 44 मिनट रेटिंग- 3/5 प्रियदर्शन, अक्षय कुमार और सैफ अली खान, नाम सुनकर ही लगता है कि मामला कुछ बड़ा होने वाला है। ऊपर से कहानी में एक ऐसा नेत्रहीन किरदार है, जिसकी आंखें भले दुनिया नहीं देख पातीं, लेकिन उसके कान, नाक और दिमाग कमाल का काम करते हैं। सामने है अक्षय कुमार का खूंखार परशुराम का किरदार, जो बदले की आग में जल रहा है। यानी एक तरफ ऐसा आदमी जिसे दिखाई नहीं देता और दूसरी तरफ ऐसा आदमी जिसे रोकना आसान नहीं। ‘हैवान’ का यह मुकाबला कागज पर काफी दिलचस्प है और फिल्म कई जगह इस दिलचस्पी को पर्दे पर भी उतारती है। बस दिक्कत यह है कि फिल्म अपने असली खेल तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा वक्त लेती है। कैसी है फिल्म की कहानी? श्याम राणे जन्म से नेत्रहीन है। परिवार की जिम्मेदारियां उठाते हुए वह मुंबई की एक बड़ी बिल्डिंग में काम करता है। आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन आवाज, खुशबू और स्पर्श से आसपास की दुनिया को समझने की उसकी क्षमता असाधारण है। दूसरी तरफ है परशुराम गोखले। जेल से बाहर आने के बाद उसके पास गुस्सा है, पुराना हिसाब है और बदला लेने की पूरी तैयारी। श्याम की जिंदगी में एक बच्ची से जुड़ा ऐसा राज आता है, जो उसे सीधे परशुराम के निशाने पर ला खड़ा करता है। इसके बाद शुरू होता है असली बिल्ली-चूहे का खेल, जहां श्याम को उस दुश्मन से बचना है जिसे वह देख नहीं सकता, और परशुराम को उस आदमी से निपटना है जो उसकी हर आहट सुन सकता है। कहानी का आइडिया मजेदार है और खासकर श्याम के सेंसेस को जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, उसमें काफी गुंजाइश है। लेकिन फिल्म को वहां तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। कहानी में दम है, बस रफ्तार थोड़ी और तेज होती तो मजा दोगुना हो जाता। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? सैफ अली खान श्याम के किरदार में काफी सहज नजर आते हैं। उन्होंने नेत्रहीन किरदार को बेचारा बनाने की गलती नहीं की। श्याम शांत है, जिम्मेदार है और जरूरत पड़ने पर खतरनाक भी हो सकता है। सैफ की अंडरप्ले की गई एक्टिंग इस किरदार को विश्वसनीय बनाती है। अक्षय कुमार के लिए यह रोल अलग है। परशुराम में हीरो वाली चमक नहीं, बल्कि एक अजीब बेचैनी और गुस्सा है। अक्षय ने किरदार को पूरी एनर्जी के साथ निभाया है। हालांकि कुछ जगह उनका गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि डर पैदा होने के बजाय सीन थोड़ा ओवर-द-टॉप लगने लगता है। जिस ‘हैवान’ से खौफ पैदा होना चाहिए, वह हर बार उतना डरावना नहीं बन पाता। शारिब हाशमी पुलिस वाले के रोल में फिल्म के तनाव के बीच हंसी की खिड़की खोलते हैं और कई जगह खूब मजा देते हैं। बोमन ईरानी भरोसेमंद हैं। असरानी की मौजूदगी फिल्म में गर्माहट लाती है। सैयामी खेर और श्रिया पिलगांवकर को अच्छे कलाकार होने के बावजूद सीमित जगह मिली है। और मोहनलाल की झलक ‘ओप्पम’ देखने वालों के लिए खास तोहफा है। कैसा है डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष? कॉमेडी के लिए मशहूर प्रियदर्शन यहां एक डार्क थ्रिलर लेकर आए हैं। उनका यह नया रंग देखने में अच्छा लगता है। फिल्म में माहौल बनाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी कमी इसकी रफ्तार है। कुछ हिस्से कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे रोकते हुए लगते हैं। गाने और कुछ लंबे भावनात्मक हिस्से थ्रिलर की गति को तोड़ते हैं। जब फिल्म श्याम और परशुराम के बीच आमने-सामने का खेल शुरू करती है, तब इसका असर बेहतर होता है। श्याम की सुनने और सूंघने की क्षमता को कहानी में इस्तेमाल करना भी दिलचस्प है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के मूड के साथ जाती है। मुंबई की ऊंची इमारतें, बंद गलियां और रात के दृश्य कहानी को जरूरी अंधेरा देते हैं। खासकर तनाव वाले सीन्स में कैमरा और साउंड मिलकर माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के मजबूत हिस्सों में है। कई जगह संगीत से ज्यादा आवाजें और खामोशी तनाव पैदा करती हैं, जो श्याम के किरदार को देखते हुए फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल सही चुनाव है। बस एडिटिंग टेबल पर थोड़ी और सख्ती होती तो फिल्म ज्यादा चुस्त हो सकती थी। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? प्रीतम का म्यूजिक फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है, लेकिन कोई गाना ऐसा नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी कानों में घूमता रहे। ‘मेरे हीरो हैं’ भावनात्मक हिस्सों में ठीक बैठता है और ‘रंगियारा’ थोड़ा हल्कापन देता है। लेकिन इस फिल्म में असली काम गानों से ज्यादा बैकग्राउंड स्कोर करता है। ‘ओप्पम’ का असर: पुरानी कहानी, नया तड़का ‘हैवान’ प्रियदर्शन की ही मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का हिंदी रूपांतरण है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने नेत्रहीन श्याम जैसे किरदार को निभाया था। यहां सैफ अपनी अलग छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं और काफी हद तक सफल भी होते हैं। हिंदी संस्करण में एक्शन, इमोशन, कॉमेडी और स्टारडम का मसाला थोड़ा ज्यादा है। यही इसे ‘ओप्पम’ से अलग बनाता है, लेकिन कभी-कभी यही मसाला थ्रिलर की कसावट कम भी करता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘हैवान’ में आइडिया है, बड़े सितारे हैं और प्रियदर्शन का अलग अंदाज भी। सैफ का शांत श्याम और अक्षय का बेचैन परशुराम आमने-सामने आते हैं तो फिल्म में असली मजा शुरू होता है। समस्या सिर्फ इतनी है कि जिस थ्रिल के लिए दर्शक टिकट खरीदता है, फिल्म उसे थोड़ा इंतजार करवाकर देती है। अगर आपको डार्क थ्रिलर में थोड़ा मसाला, इमोशन और कॉमेडी पसंद है तो ‘हैवान’ आपको निराश नहीं करेगी। लेकिन अगर उम्मीद है कि फिल्म शुरू से आखिर तक सीट की पकड़ मजबूत रखेगी, तो मामला थोड़ा ढीला पड़ता है। कुल मिलाकर, ‘हैवान’ में काटने वाले दांत जरूर हैं, बस हमला थोड़ा देर से होता है।

इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किमी-लंबी सुरंग उड़ाई:विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप आया; PM नेतन्याहू बोले- हैप्पी न्यू ईयर

इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किमी-लंबी सुरंग उड़ाई:विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप आया; PM नेतन्याहू बोले- हैप्पी न्यू ईयर

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सुरंग को ब्लास्ट कर तबाह कर दिया। यह विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप आ गया। लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, धमाक से आसपास के इलाकों में जमीन हिलने लगी। कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “मिशन पूरा हुआ। हैप्पी न्यू ईयर!” इजराइली सेना के मुताबिक, सुरंग नेटवर्क में ईरान में बने दर्जनों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन रखे थे। यहां मशीनगन, दर्जनों एंटी-टैंक मिसाइल और सैकड़ों बारूदी सुरंगें व विस्फोटक भी मिले। सेना ने बताया कि इस परिसर में हिजबुल्लाह की ‘बद्र’ यूनिट का कमांड सेंटर भी था। 2 दशक में तैयार किया गया था टनल नेटवर्क नेतन्याहू और इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस टनल नेटवर्क आतंकी ढांचा बताया। उनके मुताबिक, इसे ईरान की फंडिंग और योजना से करीब दो दशक में तैयार किया गया था। इजराइल का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद अली अल-ताहेर पहाड़ी पर जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह उसका ऑपरेशनल कंट्रोल हो गया है। इजराइल ने पिछले हफ्ते अली अल-ताहेर पहाड़ी पर कब्जा करने का दावा किया था। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, वहां हिजबुल्लाह के कुछ लड़ाके इलाके से निकल गए, जबकि कुछ को हवाई हमलों और तोपखाने की कार्रवाई में मार गिराया गया। लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हो रहे ईरान और अमेरिका के बीच जून में समझ बनने और उसके बाद लेबनान-इजराइल समझौते के बाद कुछ समय के लिए हिंसा कम हुई थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हुए हैं। AFP के मुताबिक, बातचीत के दौरान अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि अली अल-ताहेर पहाड़ी का नियंत्रण लेबनानी सेना को दिया जाए, लेकिन हिजबुल्लाह ने इसे स्वीकार नहीं किया। लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से में बनाए गए तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में भी मौजूद है। खबर अपडेट हो रही है…

मराठी बोलने से इनकार पर संजय दत्त की माफी:मंत्री को कॉल कर बोले- अच्छी मराठी आती है, मजाक था, महाराष्ट्र ने बहुत कुछ दिया, जानिए विवाद

मराठी बोलने से इनकार पर संजय दत्त की माफी:मंत्री को कॉल कर बोले- अच्छी मराठी आती है, मजाक था, महाराष्ट्र ने बहुत कुछ दिया, जानिए विवाद

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

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बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा शहर पर कब्जा किया:यह बाब अल-मंदेब से सिर्फ 75km दूर, इससे आगे बढ़े तो तेल सप्लाई पर संकट

हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा शहर पर कब्जा किया:यह बाब अल-मंदेब से सिर्फ 75km दूर, इससे आगे बढ़े तो तेल सप्लाई पर संकट

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। यह बाब-अल मंदेब स्ट्रेट से सिर्फ 75 किमी दूर है। बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में इसकी गिनती होती है। यहां से एशिया, यूरोप और खाड़ी क्षेत्र के बीच बड़ी मात्रा में सामान और ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही होती है। यमन फोर्स और हूती विद्रोहियों के बीच 9 दिन से लड़ाई चल रही है। मोखा शहर पर कब्जे के बाद पिछले 4 साल में हूतियों की यह सबसे बड़ी क्षेत्रीय कामयाबी मानी जा रही है। मोखा पर कब्जे से हूतियों की पकड़ मजबूत मोखा लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में था। पिछले करीब 10 दिनों से हूती लड़ाके ताइज की पश्चिमी दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले अल-शकीरा इलाके पर भी कब्जा कर लिया। यह इलाका ताइज शहर को पश्चिमी तट से जोड़ने वाले अहम रास्ते पर है। इस पर कब्जे से हूतियों की इस इलाके में पकड़ और मजबूत हो गई। हूती पहले से ही यमन की राजधानी सना और लाल सागर के बड़े बंदरगाह होदेइदा पर नियंत्रण रखते हैं। मोखा पर कब्जे से उनके कब्जे वाले उत्तरी और पश्चिमी इलाकों के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है। यही वजह है कि मोखा की लड़ाई को सिर्फ एक बंदरगाह शहर पर कब्जे के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इससे यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की सैन्य और रणनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। बाब अल-मंदेब के करीब पहुंचे हूती, जहाजों पर बढ़ा खतरा मोखा पर कब्जे के बाद हूती बाब अल-मंदेब के और करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने लाल सागर में मौजूद हनीश द्वीपों की ओर भी बढ़त बनाई है। धुबाब और उसके सामने मौजूद ये द्वीप बाब अल-मंदेब के बहुत करीब हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हूती इस इलाके में अपनी पकड़ और मजबूत करते हैं, तो लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखना और उन पर दबाव बनाना उनके लिए आसान हो सकता है। बाब अल-मंदेब समुद्र का एक संकरा रास्ता है। यहां से गुजरने वाले जहाजों को खतरा पैदा करने के लिए किसी बहुत बड़े इलाके पर कब्जा करना जरूरी नहीं है। यानी आसपास के कुछ रणनीतिक इलाकों पर पकड़ बनाकर भी हूती जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। खबर अपडेट हो रही है…

पार्किंग विवाद पर मन्नारा की सफाई:गलत पार्किंग कर एटीट्यूड में निकलने पर शख्स ने चिल्लाकर कहा- ओ मैडम, गाड़ी हटाओ वर्ना पंचर कर दूंगा

पार्किंग विवाद पर मन्नारा की सफाई:गलत पार्किंग कर एटीट्यूड में निकलने पर शख्स ने चिल्लाकर कहा- ओ मैडम, गाड़ी हटाओ वर्ना पंचर कर दूंगा

एक्ट्रेस मन्नारा चोपड़ा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स एक्ट्रेस पर जमकर चिल्लाता नजर आया था। शख्स ने मन्नारा को धमकी दी कि अगर उन्होंने कार ठीक तरह पार्क नहीं की, तो वो उसे पंचर कर देगा। इस विवाद पर अब एक्ट्रेस ने सफाई दी है। यह घटना मुंबई की एक कमर्शियल बिल्डिंग की पार्किंग में हुई। वायरल वीडियो में देखा गया कि मन्नारा चोपड़ा अपनी टीम के साथ एक ऑफिस में एंटर कर रही थीं, तभी एक शख्स उनके पीछे आकर चिल्लाने लगा। एक्ट्रेस उस शख्स को नजरअंदाज करती रहीं, लेकिन वो चिल्लाते हुए उन्हें धमकी देने लगा। पैपराजी की भीड़ के बीच मन्नारा काफी असहज दिखी थीं। वीडियो वायरल होने के बाद मन्नारा को जमकर ट्रोल भी किया गया। अब एक्ट्रेस ने विवाद पर सफाई देते हुए एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने बताया है कि वह एक ब्रांड के ऑफिस में शूट के लिए गई थीं और बिल्डिंग के गार्ड के कहने पर उन्होंने अपनी कार पार्क की थी। वो अंदर जा रही थीं, तभी एक अंकल ने उन पर चिल्लाना शुरू कर दिया। मन्नारा ने कहा, “मैंने देखा कि एक रैंडम अंकल चिल्ला रहे थे। जब भी कोई मुझ पर चिल्लाता है, तो मेरी हार्टबीट अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। मैं डर गई। एक तो वहां पैपराजी थे।” गंदी तरह बात कर रहे थे- मन्नारा मन्नारा ने आगे कहा, वो अंकल बहुत गंदी तरह बात कर रहे थे, गार्ड से और सब से। मुझे नहीं पता ऐसे लोगों को उनके घरवाले कैसे झेलते होंगे। उन्होंने वहां पैप्स को देखा और फुटेज लेने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। ये बहुत दुखद और अपमानजनक था। अंकल प्लीज तमीज से रहिए। जिस तरह आप बोलते हैं, हम नहीं बोल सकते। इस तरह अगर आप घर पर भी बात करते हैं, अगर आपकी बेटी है बेटा है, तो वो घर छोड़कर भाग जाएंगे। आपको पता होना चाहिए कि कैसे बिहेव करना है, खासकर तब जब 50 लोग वहां खड़े हैं। वीडियो के चलते ट्रोल हुईं मन्नारा पार्किंग विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने मन्नारा के बिहेव की आलोचना की। एक कमेंट में लिखा था, ‘अगर आपने अपनी कार गलत जगह पर खड़ी की है, तो अंकल का कहना सही है।’ कमेंट में आगे लिखा था, ‘चाहे आप सेलिब्रिटी हों या आम इंसान, नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए।’ एक अन्य कमेंट में लिखा था, ‘ये सेलिब्रिटीज हद से ज्यादा करते हैं। वे आम लोगों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखते।’

सैयार स्टार अनीत पड्डा की सीरीज हुंकार का ट्रेलर रिलीज:लॉन्च इवेंट में एक्ट्रेस की इंटेंस स्पीच ने सन्नाटा बिखेरा, फातिमा सना भी पहुंचीं

सैयार स्टार अनीत पड्डा की सीरीज हुंकार का ट्रेलर रिलीज:लॉन्च इवेंट में एक्ट्रेस की इंटेंस स्पीच ने सन्नाटा बिखेरा, फातिमा सना भी पहुंचीं

साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म सैयारा से स्टार बनीं अनीत पड्डा अब सीरीज हुंकार में नजर आने वाली हैं। आज इस सीरीज का ट्रेलर रिलीज किया गया है। ट्रेलर लॉन्च इवेंट मुंबई में हुआ, जहां सीरीज की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही, हालांकि इस दौरान अन्य सेलेब्स की मौजूदगी से ज्यादा अनीत पड्डा की एक स्पीच ने हर किसी का ध्यान खींच लिया। इवेंट में शोर के बीच अनीत पड्डा ने सीरीज और उसकी कहानी से जुड़ी एक इंटेंस स्पीच दी। जैसे ही अनीत ने बोलना शुरू किया, वैसे ही इवेंट का शोर सन्नाटे में तब्दील हो गया। स्पीच सुनने के लिए कवर पर क्लिक कर वीडियो देखिए- अनीत पड्डा ट्रेलर लॉन्च पर मिनी ड्रेस पहने पहुंची। वहीं फातिमा सना शेख फॉर्मल लुक में नजर आईं। मंच पर दोनों की खास बॉन्डिंग दिखी। हुंकार सीरीज के ट्रेलर के बारे में- सीरीज हुंकार में अनीत पड्डा के साथ फातिमा सना शेख और मोहम्मद जीशान अय्यूब नजर आएंगे। सीरीज 17 साल की मीनू रावत की कहानी है, जो प्रभावशाली धर्मगुरु ‘बापजी’ पर यौन शोषण का आरोप लगाती है। एक बड़े शख्स पर आरोप लगाने के बाद मीनू को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, सीरीज की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमेगी। देखिए ट्रेलर से अनीत पड्डा और स्टारकास्ट का लुक- जियोहॉटस्टार ने ट्रेलर साझा करते हुए X पर लिखा, “जब एक लड़की की आवाज टकराएगी समाज की भक्ति से, तो जीत किसकी होगी?” सीरीज का निर्देशन करण डी कपाड़िया, नित्या मेहरा और हीराज मारफतिया ने किया है। इसमें रघुबीर यादव और राम कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। ये अनीत पड्डा के करियर की तीसरी सीरीज अनीत पड्डा ने एड फिल्म्स से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद 2022 की फिल्म सलाम वेंकी से उन्होंने बॉलीवुड डेब्यू किया। आगे वह ओटीटी सीरीज बिग गर्ल डोन्ट क्राय और युवा सपनों का शहर जैसी सीरीज का हिस्सा रहीं। इन फिल्मों और सीरीज से अनीत को पहचान नहीं मिली। अनीत पड्डा 2025 में मोहित सुरी के निर्देशन की फिल्म सैयारा में अहान पांडे के साथ नजर आईं। माउथ पब्लिसिटी से फिल्म सुपरहिट साबित हुई। फिल्म के गाने जबरदस्त हिट रहे और अनीत को देश भर में पहचान मिल गई। ओटीटी सीरीज हुंकार के बाद अनीत पड्डा इसी साल रिलीज होने वाली मेडॉक हॉरर कॉमेडी फ्रैंचाइजी की फिल्म शक्ति शालिनी में नजर आने वाली हैं।

सैयार स्टार अनीत पड्डा की सीरीज हुंकार का ट्रेलर रिलीज:लॉन्च इवेंट में एक्ट्रेस की इंटेंस स्पीच ने सन्नाटा बिखेरा, फातिमा सना भी पहुंचीं

सैयार स्टार अनीत पड्डा की सीरीज हुंकार का ट्रेलर रिलीज:लॉन्च इवेंट में एक्ट्रेस की इंटेंस स्पीच ने सन्नाटा बिखेरा, फातिमा सना भी पहुंचीं

साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म सैयारा से स्टार बनीं अनीत पड्डा अब सीरीज हुंकार में नजर आने वाली हैं। आज इस सीरीज का ट्रेलर रिलीज किया गया है। ट्रेलर लॉन्च इवेंट मुंबई में हुआ, जहां सीरीज की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही, हालांकि इस दौरान अन्य सेलेब्स की मौजूदगी से ज्यादा अनीत पड्डा की एक स्पीच ने हर किसी का ध्यान खींच लिया। इवेंट में शोर के बीच अनीत पड्डा ने सीरीज और उसकी कहानी से जुड़ी एक इंटेंस स्पीच दी। जैसे ही अनीत ने बोलना शुरू किया, वैसे ही इवेंट का शोर सन्नाटे में तब्दील हो गया। स्पीच सुनने के लिए कवर पर क्लिक कर वीडियो देखिए- अनीत पड्डा ट्रेलर लॉन्च पर मिनी ड्रेस पहने पहुंची। वहीं फातिमा सना शेख फॉर्मल लुक में नजर आईं। मंच पर दोनों की खास बॉन्डिंग दिखी। उनकी अपकमिंग सीरीज 25 सितंबर को जियो हॉटस्टार पर रिलीज होगी। हुंकार सीरीज के ट्रेलर के बारे में- सीरीज हुंकार में अनीत पड्डा के साथ फातिमा सना शेख और मोहम्मद जीशान अय्यूब नजर आएंगे। सीरीज 17 साल की मीनू रावत की कहानी है, जो प्रभावशाली धर्मगुरु ‘बापजी’ पर यौन शोषण का आरोप लगाती है। एक बड़े शख्स पर आरोप लगाने के बाद मीनू को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, सीरीज की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमेगी। देखिए ट्रेलर से अनीत पड्डा और स्टारकास्ट का लुक- जियोहॉटस्टार ने ट्रेलर साझा करते हुए X पर लिखा, “जब एक लड़की की आवाज टकराएगी समाज की भक्ति से, तो जीत किसकी होगी?” सीरीज का निर्देशन करण डी कपाड़िया, नित्या मेहरा और हीराज मारफतिया ने किया है। इसमें रघुबीर यादव और राम कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। ये अनीत पड्डा के करियर की तीसरी सीरीज अनीत पड्डा ने एड फिल्म्स से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद 2022 की फिल्म सलाम वेंकी से उन्होंने बॉलीवुड डेब्यू किया। आगे वह ओटीटी सीरीज बिग गर्ल डोन्ट क्राय और युवा सपनों का शहर जैसी सीरीज का हिस्सा रहीं। इन फिल्मों और सीरीज से अनीत को पहचान नहीं मिली। अनीत पड्डा 2025 में मोहित सुरी के निर्देशन की फिल्म सैयारा में अहान पांडे के साथ नजर आईं। माउथ पब्लिसिटी से फिल्म सुपरहिट साबित हुई। फिल्म के गाने जबरदस्त हिट रहे और अनीत को देश भर में पहचान मिल गई। ओटीटी सीरीज हुंकार के बाद अनीत पड्डा इसी साल रिलीज होने वाली मेडॉक हॉरर कॉमेडी फ्रैंचाइजी की फिल्म शक्ति शालिनी में नजर आने वाली हैं।

काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ पर रोक लगाने की सलमान खान की याचिका पर प्रोड्यूसर से जवाब मांगा है। जस्टिस ज्योति सिंह ने प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। 10 सितंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर्स की तरफ से आए वकील से पूछा कि ये फिल्म कब रिलीज होगी, हालांकि इसके जवाब में वकील ने कहा है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। इसके कंटेंट को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलना बाकी है। सलमान की ओर से पेश सीनियर वकील रवि प्रकाश ने इस पर कहा, “वे खुद कह रहे हैं कि यह सितंबर में रिलीज होने वाली है।” इस पर कोर्ट ने कहा कि वह 2 हफ्तों के अंदर फिल्म रिलीज की डेट बताएं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सलमान के वकील ने OTT रिलीज पर भी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील ने कहा कि फिल्म को OTT पर रिलीज करने के लिए मेकर्स को किसी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने इस बात को भी रिकॉर्ड पर लिया। सलमान के वकील ने कहा, “मान लीजिए कि फिल्म रिलीज हो जाती है, तो इससे बहुत नुकसान होगा।” सलमान ने पहले भी दायर किया था केस सलमान खान ने पहले कई अनजान लोगों यानी जॉन डो के खिलाफ ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का केस दायर किया था। याचिका में उन्होंने कहा कि फिल्म काला हिरण में दिखाए गए शख्स का हुलिया उनसे प्रेरित रखा गया है, जो उनके पर्सनालिटी राइट्स के विरुद्ध है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने सलमान के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने उनकी तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल करके बिना अनुमति बनाए गए सामान यानी मर्चेंडाइज पर रोक लगा दी थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने मेकर्स को फिल्म के टीजर से जुड़े कई लिंक हटाने का आदेश दिया था। जानिए क्या है फिल्म से जुड़ा पूरा विवाद? 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए गए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म काला हिरण के मेकर्स फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।

काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ पर रोक लगाने की सलमान खान की याचिका पर प्रोड्यूसर से जवाब मांगा है। जस्टिस ज्योति सिंह ने प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। 10 सितंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर्स की तरफ से आए वकील से पूछा कि ये फिल्म कब रिलीज होगी, हालांकि इसके जवाब में वकील ने कहा है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। इसके कंटेंट को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलना बाकी है। सलमान की ओर से पेश सीनियर वकील रवि प्रकाश ने इस पर कहा, “वे खुद कह रहे हैं कि यह सितंबर में रिलीज होने वाली है।” इस पर कोर्ट ने कहा कि वह 2 हफ्तों के अंदर फिल्म रिलीज की डेट बताएं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सलमान के वकील ने OTT रिलीज पर भी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील ने कहा कि फिल्म को OTT पर रिलीज करने के लिए मेकर्स को किसी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने इस बात को भी रिकॉर्ड पर लिया। सलमान के वकील ने कहा, “मान लीजिए कि फिल्म रिलीज हो जाती है, तो इससे बहुत नुकसान होगा।” सलमान ने पहले भी दायर किया था केस सलमान खान ने पहले कई अनजान लोगों यानी जॉन डो के खिलाफ ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का केस दायर किया था। याचिका में उन्होंने कहा कि फिल्म काला हिरण में दिखाए गए शख्स का हुलिया उनसे प्रेरित रखा गया है, जो उनके पर्सनालिटी राइट्स के विरुद्ध है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने सलमान के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने उनकी तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल करके बिना अनुमति बनाए गए सामान यानी मर्चेंडाइज पर रोक लगा दी थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने मेकर्स को फिल्म के टीजर से जुड़े कई लिंक हटाने का आदेश दिया था। जानिए क्या है फिल्म से जुड़ा पूरा विवाद? 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए गए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म काला हिरण के मेकर्स फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।