‘उन्हें मानसिक डॉक्टर की जरूरत है’: नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद की ‘अपमानजनक’ टिप्पणी की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 12:38 IST बीजू पटनायक के खिलाफ विवादित टिप्पणी के बाद निशिकांत दुबे को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। बीजद नेता नवीन पटनायक; भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (दाएं) (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर उनके बेटे और बीजद नेता नवीन पटनायक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दुबे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नवीन पटनायक ने कहा कि वह अपने पिता के बारे में दिए गए “अपमानजनक” बयानों से “आश्चर्यचकित” थे। उन्होंने कहा, “बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे नहीं लगता कि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें चीनी संघर्ष के दौरान रणनीति में मदद करने के लिए दिल्ली में अपने बगल में एक कार्यालय दिया था, जब वह ओडिशा के मुख्यमंत्री थे। मैं तब लगभग 13 साल का था, लेकिन मुझे याद है कि बीजू बाबू चीनी हमले से कितने गुस्से में थे और उन्होंने इसे पीछे हटाने के लिए कितना कुछ किया था।” वीडियो | भुवनेश्वर: ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने अपने पिता बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे नहीं लगता कि वह जानते हैं कि प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें… pic.twitter.com/XnXrY03ZZ1– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 30 मार्च 2026 ओडिशा में विपक्ष के नेता ने यहां तक सुझाव दिया कि भाजपा सांसद को “मानसिक चिकित्सक” से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए सांसद को किसी मानसिक चिकित्सक के ध्यान की जरूरत है।” दुबे ने बीजू पटनायक के बारे में क्या कहा? विवाद शुक्रवार को शुरू हुआ, जब दुबे ने एक्स पर आरोपों की एक श्रृंखला साझा की, जिसमें दावा किया गया कि नेहरू-गांधी परिवार ने 1960 के दशक के दौरान “अमेरिका के दलाल” के रूप में काम किया था। दुबे ने ट्वीट किया, “अमेरिका के दलाल नेहरू-गांधी परिवार, आज ही के दिन यानी 27 मार्च 1963 को ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी अमेरिका पहुंचे थे। चीन के साथ 1962 का युद्ध हमने अमेरिका के इशारे पर और अमेरिका के पैसे से लड़ा था।” वरिष्ठ भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम किया था, चीन के साथ 1962 के युद्ध के दौरान सहायता प्रदान की और भारत के रणनीतिक मामलों में अमेरिकी भागीदारी को सुविधाजनक बनाया। उनके पोस्ट में दलाई लामा के भाई और अमेरिकी सहायता के बारे में दावे शामिल थे, और 1955 और 1962 के बीच चुनावों में अमेरिका से कांग्रेस को कथित वित्तीय सहायता का संदर्भ दिया गया था। दुबे ने आरोप लगाया, “दलाई लामा के भाई अमेरिका के संपर्क में थे; 1959 में दलाई लामा अमेरिकी मदद से भारत आए थे। बीजू पटनायक जी नेहरू जी और अमेरिका/सीआईए के बीच महत्वपूर्ण कड़ी थे।” दुबे की टिप्पणी पर सस्मित पात्रा ने संसदीय पैनल से इस्तीफा दिया इस टिप्पणी की बीजद के कई नेताओं ने तीखी आलोचना की। इससे पहले शनिवार को, सस्मित पात्रा ने अपनी टिप्पणी के विरोध में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया, जिसके अध्यक्ष दुबे हैं। पात्रा ने टिप्पणियों को “अपमानजनक, गलत और गैर-जिम्मेदाराना आक्षेप” बताते हुए कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति के अधीन काम करना जारी नहीं रख सकते जिसने एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। जगह : भुवनेश्वर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 12:38 IST समाचार राजनीति ‘उन्हें मानसिक डॉक्टर की जरूरत है’: नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद की ‘अपमानजनक’ टिप्पणी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक विवाद निशिकांत दुबे बीजू पटनायक नवीन पटनायक(टी)बीजेपी सांसद की विवादित टिप्पणी बीजू पटनायक(टी)नवीन पटनायक की निशिकांत दुबे पर प्रतिक्रिया(टी)ओडिशा की राजनीति बीजेडी बीजेपी झड़प(टी)ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री पर टिप्पणी(टी)मानसिक चिकित्सक टिप्पणी राजनीतिक विवाद(टी)जवाहरलाल नेहरू बीजू पटनायक चीनी संघर्ष(टी)ओडिशा में विपक्ष के नेता की प्रतिक्रिया
बुरहानपुर में अध्यापक संगठनों ने बनाया संयुक्त शिक्षा मोर्चा:प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना, TET रद्द करने की मांग पर आंदोलन

मध्य प्रदेश के अध्यापक संगठनों ने 29 मार्च को भोपाल के गांधी भवन में एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में सभी प्रदेश अध्यक्षों की सहमति से एक प्रदेश स्तरीय चरणबद्ध आंदोलन पर निर्णय लिया गया। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना और टीईटी (TET) परीक्षा को निरस्त करवाना है। साथ ही, सरकार से सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष रखने की मांग भी की गई है। मोर्चा के सदस्य ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि आंदोलन के तहत 8 अप्रैल को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर धरना आयोजित कर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अंत में, 18 अप्रैल को भोपाल में एक सामूहिक धरना प्रदर्शन करने पर सहमति बनी है। इस संयुक्त मोर्चे में कई प्रमुख अध्यापक संगठन और उनके पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें शिल्पी सिवान (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक संघ), मनोहर दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय शिक्षक संघ), जगदीश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ), राकेश दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन), भरत पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), राकेश नायक (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक कांग्रेस), शालिगराम चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य अध्यापक संघ), परमानंद डेहरिया (प्रदेश अध्यक्ष, NMOPS), डीके सिंगोर (प्रदेश अध्यक्ष, ट्रायबल वेलफेयर एसोसिएशन), राकेश पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, गुरुजी शिक्षक संघ), रमाशंकर पांडे (प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक गुरुजी संघ), विनोद राठौर (महासचिव, PMUMS), पवन खरे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, PMUMS), राजिक कुरैशी (प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश शिक्षक अध्यापक संघ), वीरेंद्र पटेल, भरत भार्गव (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक अधिकार संघ), महेश भादे (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक संघर्ष समिति) और राजा भैय्या गुर्जर (प्रदेश अध्यक्ष, क्रांतिकारी जनशिक्षक मोर्चा) प्रमुख हैं। मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने भी संयुक्त शिक्षा मोर्चा को अपना सहयोग और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारी हित में शिक्षकों के साथ खड़े हैं।
बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट पर टीवी शो ‘भोले बाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी डूब गए। इस हादसे में उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा की जान बच गई। जांच में सामने आया कि प्रोडक्शन टीम ने न तो इजाजत ली थी और न ही प्रशासन को जानकारी दी थी। एक्टर की मौत पर बालासोर (ओडिशा) के एसपी ने बताया, ‘कल तलसरी पुलिस को दीघा पुलिस से सूचना मिली कि एक बंगाली अभिनेता की मौत हो गई और शव दीघा अस्पताल में है। जांच में पता चला कि शाम करीब 5:30 बजे राहुल बनर्जी और श्वेता मिश्रा शूटिंग के दौरान घुटने तक पानी में डांस कर रहे थे, तभी गड्ढे में गिर गए। टीम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’ एसपी ने आगे कहा, ‘टीम ने शूटिंग के लिए न जानकारी दी थी और न अनुमति ली थी। आगे की कार्रवाई के लिए तलसरी और दीघा पुलिस मिलकर काम कर रही है।’ को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने की प्राइवेसी की मांग एक्टर राहुल बनर्जी की पत्नी प्रियंका सरकार ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, यह हमारे लिए बहुत दुख का समय है। इस मुश्किल घड़ी में हम आपसे थोड़ा समय और प्राइवेसी देने की अपील करते हैं। हमारे परिवार में एक बच्चा, एक मां और बाकी सभी लोग मिलकर इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। हम मीडिया से निवेदन करते हैं कि हमारी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें, ज्यादा दखल न दें और हमें शांति से दुख मनाने दें। इस समय आपका साथ और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्रद्धांजलि दी एक्टर राहुल बनर्जी के निधन की खबर के बाद रविवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘युवा और लोकप्रिय अभिनेता राहुल अब हमारे बीच नहीं रहे। यह खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे और बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उनके परिवार, करीबियों और चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। राहुल का अचानक जाना बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’ राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।
बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट पर टीवी शो ‘भोले बाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी डूब गए। इस हादसे में उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा की जान बच गई। जांच में सामने आया कि प्रोडक्शन टीम ने न तो इजाजत ली थी और न ही प्रशासन को जानकारी दी थी। एक्टर की मौत पर बालासोर (ओडिशा) के एसपी ने बताया, ‘कल तलसरी पुलिस को दीघा पुलिस से सूचना मिली कि एक बंगाली अभिनेता की मौत हो गई और शव दीघा अस्पताल में है। जांच में पता चला कि शाम करीब 5:30 बजे राहुल बनर्जी और श्वेता मिश्रा शूटिंग के दौरान घुटने तक पानी में डांस कर रहे थे, तभी गड्ढे में गिर गए। टीम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’ एसपी ने आगे कहा, ‘टीम ने शूटिंग के लिए न जानकारी दी थी और न अनुमति ली थी। आगे की कार्रवाई के लिए तलसरी और दीघा पुलिस मिलकर काम कर रही है।’ को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने की प्राइवेसी की मांग एक्टर राहुल बनर्जी की पत्नी प्रियंका सरकार ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, यह हमारे लिए बहुत दुख का समय है। इस मुश्किल घड़ी में हम आपसे थोड़ा समय और प्राइवेसी देने की अपील करते हैं। हमारे परिवार में एक बच्चा, एक मां और बाकी सभी लोग मिलकर इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। हम मीडिया से निवेदन करते हैं कि हमारी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें, ज्यादा दखल न दें और हमें शांति से दुख मनाने दें। इस समय आपका साथ और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्रद्धांजलि दी एक्टर राहुल बनर्जी के निधन की खबर के बाद रविवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘युवा और लोकप्रिय अभिनेता राहुल अब हमारे बीच नहीं रहे। यह खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे और बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उनके परिवार, करीबियों और चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। राहुल का अचानक जाना बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’ राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।
उज्जैन में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म:75 वर्षीय बुजुर्ग ने घर में दी जगह, घर के बाहर देता रहा पहरा; युवक ने वीडियो बनाया

उज्जैन से 75 किमी दूर झारड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दो नाबालिग लड़कों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में गांव के ही 75 वर्ष के बुजुर्ग और 57 वर्ष के अधेड़ ने आरोपियों का साथ दिया, जबकि एक युवक ने इस घिनौनी वारदात का वीडियो भी बना लिया। पुलिस के अनुसार 28 मार्च को गांव के ही दो नाबालिग आरोपी (उम्र 14 और 15 वर्ष) बालिका को बहला-फुसलाकर 75 वर्षीय भंवर के मकान में ले गए। यहां बारी-बारी से दोनों लड़कों ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और भंवर एवं 57 वर्षीय अधेड़ नाथू स्वरूप पहरा देते रहे। इसी दौरान गांव का एक 22 वर्षीय युवक राहुल मौके पर पहुंचा और उसने घटना का वीडियो बना लिया, लेकिन किसी ने भी पीड़िता की मदद करने का प्रयास नहीं किया। बालिका ने परिजनों को बताई आपबीती घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए बुजुर्ग, अधेड़ सहित पांचों आरोपियों के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। वयस्क आरोपियों को जेल भेजा एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा- ‘मैं कई बार मौत के मुंह से लौटती हूं, मुझे…’

अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने दिया जवाब: पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जैसे-जैसे ताजा आ रही है, वैसे-वैसे राज्य में हलचल तेज हो रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार यानी 29 मार्च को केंद्रीय अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी चोट को लेकर टिप्पणी की थी। ममता ने कहा कि उन्होंने उनकी मेडिकल रिपोर्ट देखी है, जिसमें उनकी चोट की पुष्टि दर्ज है। अमित शाह और ममता बनर्जी के बीच जंज़ी जंग टीएमसी सरकार के खिलाफ विपक्ष जारी करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी पर ‘हमें पीड़ित होने की राजनीति’ करने का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि वे कभी अपनी चोट की बात करते हैं, तो कभी चुनाव आयोग को कोसती हैं, लेकिन अब बंगाल की जनता उनकी ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति को समझ गई है। अमित शाह ने पलटवार पर यही बयान देते हुए ममता बनर्जी ने एक रैली के दौरान कहा, ‘वे कहते हैं कि मैं चुनाव के समय धारधार घूमती हूं। मैं कई बार मौत के मुंह से वापस लौटता हूं। ‘वस्तु चिकित्सक की रिपोर्ट देखें।’ ममता ने आगे सवाल करते हुए कहा कि क्या आपने साल 2021 के चुनाव में मेरे पैर को छुआ था? मैंने एक बार फिर से प्रचार-प्रसार किया। क्या आप मुझे मारने की योजना बना रहे हैं?’ अपनी सरकार के ‘पुराने कर्मों’ के लिए एनामेल जारी करने की बात पर भी ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने ‘पुराने कर्मों’ के लिए अनावृत्त जारी करना चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होंने अमित शाह का नाम नहीं लिया. ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सैद्धांतिक अध्ययन किया ममता बनर्जी ने पिछले साल अमेरिका में डोनाल्ड प्रतिबंधित प्रशासन द्वारा अवैध भारतीय दूतावास के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमित शाह पर डिपोर्टेशन का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘जब गुजरातियों को अमेरिका से कमर में भरकर भारत वापस भेजा जा रहा था, तब आप कहां थे? उस रैली में ममता बनर्जी ने खुद को ‘उम्मीदवार’ के रूप में जनता से उन पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘तुम्हें ये देखने की जरूरत नहीं है कि प्रतियोगी कौन है। मैं ही उम्मीदवार हूं. कृपया विश्वास करें और वोट करें।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक समाचार(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जिलेवार 2026(टी)2026 पश्चिम बंगाल चुनाव उम्मीदवार(टी)2026 पश्चिम बंगाल में वोट तारीख और समय(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार (टी) राजनीतिक समाचार (टी) टीएमसी (टी) बीजेपी (टी) ममता बनर्जी (टी) अमित शाह (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख (ज़िलावर) 2026 (टी) 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के उम्मीदवार (टी) 2026 पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख और समय (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार
पटना यूनिवर्सिटी में नीतीश के कार्यक्रम में हंगामा:पटना DM चोर, डिप्टी CM गो बैक के नारे लगे; छात्रसंघ अध्यक्ष ने पूछा- हमें क्यों नहीं बुलाया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना यूनिवर्सिटी में एकेडमिक भवन और प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों ने पटना DM चोर है और डिप्टी CM गो बैक के नारे भी लगाए। CM के पहुंचने से पहले भी छात्र नेता नारेबाजी कर रहे थे। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर का कहना है कि इस कार्यक्रम के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यहां तक कि कुलपति को भी इसके लिए निमंत्रण नहीं दिया गया है। हंगामे के चलते CM ने 7 से 8 मिनट में अपना कार्यक्रम खत्म किया और वहां से निकल गए। इस दौरान मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जहां गए छात्रनेता उनके पीछे-पीछे जाते रहे। VC से छात्रों ने कहा, आप अपने लिए खड़े होइए सर, हमलोग आपके साथ हैं। यूनिवर्सिटी को हम बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे। छात्रों का कहना है VC को CM से मिलने नहीं दिया गया। वो गए, लेकिन उनको बिना मिले भेज दिया गया। मौके से आई कुछ तस्वीरें देखिए… ताला लेकर पहुंचे थे छात्र संघ अध्यक्ष पटना स्टूडेंट छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु कॉलेज गेट पर ताला लगाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें ताला लगाने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं विश्वविद्यालय का अध्यक्ष चुनकर आया हूं और मैं छात्रों के हित में अपनी बातें आज यहां पर रखूंगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय सिंह और शिक्षा मंत्री सुनील सिंह ने भी छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। डीएम त्यागराजन ने भी उन्हें समझाने की कोशिश की है। छात्रों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और शिक्षा मंत्री को भी घेर लिय। नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी करते दिखे। देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया के नारे लगे। बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो नीतीश कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। कुछ छात्र हाथ में पोस्टर लिए खड़े दिखे। इस पर लिखा था- हम छात्रों का अभिमान। इस पर नीतीश की फोटो लगी थी। 147.29 करोड़ की योजना का उद्घाटन बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का CM ने आज उद्घाटन किया है। यह दोनों भवन 147.29 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। इसके उद्घाटन के बाद नए प्रशासनिक ब्लॉक में पटना यूनिवर्सिटी का मुख्यालय शिफ्ट हो जाएगा। यही पीयू के मौजूदा कार्यालय की जगह लेगा। वहीं, एकेडमिक भवन में दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभाग शिफ्ट होंगे। इसके साथ ही वाणिज्य कॉलेज को दरभंगा हाउस में फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा। बिजली कटने की स्थिति में सोलर प्लांट का करेंगे इस्तेमाल इन दोनों ब्लॉकों का निर्माण बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा तीन एकड़ में किया गया है। कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने बताया कि, हर फ्लोर पर सुरक्षा के दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा, नियंत्रण कक्ष, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मीटिंग हॉल, सेमिनार हॉल सहित अन्य सभी तरह सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने आगे बताया कि, सभी फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। परिसर में ही विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया गया है। बिजली कटने की स्थिति में सौर उर्जा प्लांट प्रयोग किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुंदर गार्डन का निर्माण किया जा रहा है।’
रतलाम में युवक ने लगाई फांसी, मौत:प्रतियोगी परीक्षा की कर रहा था तैयारी, पुलिसभर्ती का दिया था एग्जाम, पत्नी एक माह से मायके में

रतलाम शहर की पीएंडटी कॉलोनी में एक 22 साल के युवक ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सोमवार सुबह उसका शव घर में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पुलिस पहुंची। शव को फंदे से उतारकर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। युवक घर में अकेला था। मृतक की पहचान राम सिंघाड़ निवासी गजनीखेड़ी के रूप में हुई है। वह रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। सुबह जब युवक नहीं उठा तो मकान मालिक ने जाकर देखा। दरवाजा अंदर से खुला था। युवक फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तब पुलिस व अन्य लोगों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाया और परिजनों को सूचना दी। पुलिस भर्ती परीक्षा दी मृतक शादीशुदा था। उसकी पत्नी एक माह से मायके गई हुई थी। युवक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। घर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की किताबें भी मिली हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि युवक ने पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी, जिसका कुछ दिन पहले ही फिजिकल टेस्ट हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। परिजनों के आने के बाद पूरी जानकारी स्पष्ट हो पाएगी।
राज्यसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 10:45 IST न्यूज18 राज्यसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 10:45 IST समाचार राजनीति राज्यसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
गैस वितरण में लापरवाही पर संचालक को नोटिस:कलेक्टर ने 7 दिन में मांगा जवाब; होम डिलीवरी नहीं मिलने पर प्रशासन सख्त

सीधी जिले में उपभोक्ताओं को रसोई गैस वितरण में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने प्रताप गैस सर्विस के संचालक भारतलाल सिंह को रविवार रात 8 बजे कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस सोमवार सुबह 9 बजे संचालक को थमा दिया गया। यह कार्रवाई खाद्य विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें एजेंसी संचालन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। गैस एजेंसी में भीड़, होम डिलीवरी नहीं मिली खाद्य विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं की अत्यधिक भीड़ पाई गई। इसके साथ ही सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से की जाए और प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक घर-घर वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गैस एजेंसी को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस निरीक्षण में पाई गई यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत मानी गई है। प्रशासन ने इसे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 का उल्लंघन माना है। साथ ही यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत भी दंडनीय श्रेणी में आता है, जिसके तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। कलेक्टर ने संबंधित गैस एजेंसी संचालक को निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से गैस एजेंसियों में हड़कंप, जांच के संकेत प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य गैस एजेंसी संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया जा सके।









