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लग्जरी निवेश स्थिर; दुर्लभ-पुरानी चीजों में 13% तक बढ़ा:अब निवेशक सिर्फ उन्हीं संपत्तियों में पैसा लगा रहे, जिनकी ऐतिहासिक अहमियत है

लग्जरी निवेश स्थिर; दुर्लभ-पुरानी चीजों में 13% तक बढ़ा:अब निवेशक सिर्फ उन्हीं संपत्तियों में पैसा लगा रहे, जिनकी ऐतिहासिक अहमियत है

लग्जरी निवेश का बाजार स्थिर हो रहा है। कलेक्टर्स का फोकस अब सामान्य निवेश से हटकर वस्तुओं की दुर्लभता और उनके ऐतिहासिक अहमियत पर शिफ्ट हो गया है। नाइट फ्रैंक की ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2026’ के मुताबिक, 2025 में लग्जरी इन्वेस्टमेंट इंडेक्स में 0.4% की मामूली गिरावट आई। यह पिछले दो वर्षों से कई श्रेणियों में चल रहे व्यापक गिरावट के बाद स्थिरता का एक संकेत है। रिपोर्ट बताती है कि अब निवेशक केवल उन्हीं संपत्तियों में पैसा लगा रहे हैं जिनका ऐतिहासिक महत्व सांस्कृतिक महत्व और रिकॉर्ड मजबूत है। इसी बदलाव के कारण इम्प्रेशनिस्ट आर्ट की बिक्री (निवेश) में 13.6% उछाल आया है। पाटेक फिलिप और रोलेक्स जैसे ब्रांड्स की मांग के कारण घड़ियों के बाजार में 5% की बढ़त दर्ज हुई है। इसके उलट क्लासिक कारों की श्रेणी में 3.7% की गिरावट आई है। इम्प्रेशनिस्ट आर्ट की मांग बढ़ने का मुख्य कारण मालिकों की बड़ी नीलामी रही है। गुस्ताव क्लिम्ट की ‘पोर्ट्रेट ऑफ एलिजाबेथ लेडरर’ पेंटिंग करीब 2,225 करोड़ रुपए में बिकी। ये नीलामी में अब तक की सबसे महंगी इम्प्रेशनिस्ट आर्ट बन गई है। मॉडर्न आर्ट की कीमतों में भी 7% और पोस्ट-वॉर आर्ट में 5.2% की तेजी आई है।
युवा – निवेश के लिए बढ़ा फ्रैक्शनल ओनरशिप का क्रेज निवेश के तरीके में भी बड़ा बदलाव आ रहा है। 40 साल से कम उम्र के निवेशक अब फ्रैक्शनल ओनरशिप प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। इसके जरिए वे महंगी घड़ियों, कलाकृतियों और कारों में डिजिटल तरीके से छोटा हिस्सा खरीद रहे हैं। निवेशक अब केवल संपत्ति खरीदने के बजाय उसकी सांस्कृतिक महत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं। अल्ट्रा रिच- 3 करोड़ डॉलर संपत्ति वाले रईसों में हम छठे स्थान पर भारत दुनिया का छठा बड़ा ‘अल्ट्रा रिच’ आबादी वाला देश बन गया है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 करोड़ डॉलर (करीब 282 करोड़ रुपए) या उससे अधिक संपत्ति वाले व्यक्तियों को ‘अल्ट्रा रिच’ कहा जाता है। देश में ऐसे रईसों की संख्या वर्तमान में 19,877 है, जिसके 2031 तक करीब 27% बढ़कर 25,217 होने का अनुमान है। मुंबई 35.4% अमीरों के साथ देश में पहले स्थान पर है, जबकि अरबपतियों की संख्या भी अगले पांच साल में 51% बढ़ने की उम्मीद है।

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लग्जरी निवेश स्थिर; दुर्लभ-पुरानी चीजों में 13% तक बढ़ा:अब निवेशक सिर्फ उन्हीं संपत्तियों में पैसा लगा रहे, जिनकी ऐतिहासिक अहमियत है

लग्जरी निवेश स्थिर; दुर्लभ-पुरानी चीजों में 13% तक बढ़ा:अब निवेशक सिर्फ उन्हीं संपत्तियों में पैसा लगा रहे, जिनकी ऐतिहासिक अहमियत है

लग्जरी निवेश का बाजार स्थिर हो रहा है। कलेक्टर्स का फोकस अब सामान्य निवेश से हटकर वस्तुओं की दुर्लभता और उनके ऐतिहासिक अहमियत पर शिफ्ट हो गया है। नाइट फ्रैंक की ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2026’ के मुताबिक, 2025 में लग्जरी इन्वेस्टमेंट इंडेक्स में 0.4% की मामूली गिरावट आई। यह पिछले दो वर्षों से कई श्रेणियों में चल रहे व्यापक गिरावट के बाद स्थिरता का एक संकेत है। रिपोर्ट बताती है कि अब निवेशक केवल उन्हीं संपत्तियों में पैसा लगा रहे हैं जिनका ऐतिहासिक महत्व सांस्कृतिक महत्व और रिकॉर्ड मजबूत है। इसी बदलाव के कारण इम्प्रेशनिस्ट आर्ट की बिक्री (निवेश) में 13.6% उछाल आया है। पाटेक फिलिप और रोलेक्स जैसे ब्रांड्स की मांग के कारण घड़ियों के बाजार में 5% की बढ़त दर्ज हुई है। इसके उलट क्लासिक कारों की श्रेणी में 3.7% की गिरावट आई है। इम्प्रेशनिस्ट आर्ट की मांग बढ़ने का मुख्य कारण मालिकों की बड़ी नीलामी रही है। गुस्ताव क्लिम्ट की ‘पोर्ट्रेट ऑफ एलिजाबेथ लेडरर’ पेंटिंग करीब 2,225 करोड़ रुपए में बिकी। ये नीलामी में अब तक की सबसे महंगी इम्प्रेशनिस्ट आर्ट बन गई है। मॉडर्न आर्ट की कीमतों में भी 7% और पोस्ट-वॉर आर्ट में 5.2% की तेजी आई है।
युवा – निवेश के लिए बढ़ा फ्रैक्शनल ओनरशिप का क्रेज निवेश के तरीके में भी बड़ा बदलाव आ रहा है। 40 साल से कम उम्र के निवेशक अब फ्रैक्शनल ओनरशिप प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। इसके जरिए वे महंगी घड़ियों, कलाकृतियों और कारों में डिजिटल तरीके से छोटा हिस्सा खरीद रहे हैं। निवेशक अब केवल संपत्ति खरीदने के बजाय उसकी सांस्कृतिक महत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं। अल्ट्रा रिच- 3 करोड़ डॉलर संपत्ति वाले रईसों में हम छठे स्थान पर भारत दुनिया का छठा बड़ा ‘अल्ट्रा रिच’ आबादी वाला देश बन गया है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 करोड़ डॉलर (करीब 282 करोड़ रुपए) या उससे अधिक संपत्ति वाले व्यक्तियों को ‘अल्ट्रा रिच’ कहा जाता है। देश में ऐसे रईसों की संख्या वर्तमान में 19,877 है, जिसके 2031 तक करीब 27% बढ़कर 25,217 होने का अनुमान है। मुंबई 35.4% अमीरों के साथ देश में पहले स्थान पर है, जबकि अरबपतियों की संख्या भी अगले पांच साल में 51% बढ़ने की उम्मीद है।

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