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एक्सपर्ट डॉक्टर डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि अगर गोंद कतीरा का सेवन सीमित मात्रा में और सही तरीके से किया जाए, तो यह गर्मियों में एक नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है. यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे सिर दर्द, माइग्रेन और थकान जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. गर्मी के दिनों में दोपहर के समय शरबत के साथ एक चम्मच भिगोया हुआ गोंद कतीरा लेना फायदेमंद माना जाता है
भीषण गर्मी के मौसम में लू और डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में आयुर्वेद में बताए गए कुछ प्राकृतिक उपाय शरीर को अंदर से ठंडा रखने और हाइड्रेट बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होते हैं। इन्हीं में से एक है गोंद कतीरा, जो एक प्राकृतिक और पौष्टिक पदार्थ है. आमतौर पर कीकर या अन्य पेड़ों से प्राप्त होता है.गोंद कतीरा की तासीर ठंडी मानी जाती है. इसलिए गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक होता है. इसे नींबू पानी, शरबत या ठंडे दूध में मिलाकर पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है. डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है. आयुर्वेद में इसे पाचन से जुड़ी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस और एसिडिटी में राहत देने वाला भी माना गया है.
एक्सपर्ट डॉक्टर डॉ. अनिल पटेल के अनुसार, अगर गोंद कतीरा का सेवन सीमित मात्रा में और सही तरीके से किया जाए, तो यह गर्मियों में एक नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है. यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे सिर दर्द, माइग्रेन और थकान जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. गर्मी के दिनों में दोपहर के समय शरबत के साथ एक चम्मच भिगोया हुआ गोंद कतीरा लेना फायदेमंद माना जाता है. इससे पेट शांत रहता है, ब्लोटिंग और एसिडिटी कंट्रोल रहती है. शरीर को ठंडक मिलती है. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से स्किन हाइड्रेट रहती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है.
गर्मी में लू और डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय
इसका सेवन हर किसी के लिए सही नहीं होता। जिन लोगों को सर्दी-खांसी, गले में खराश, लो ब्लड प्रेशर या बार-बार पेट खराब रहने की समस्या है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए इसकी ठंडी तासीर इन समस्याओं को बढ़ा सकती है. इसके अलावा, जिन लोगों को इससे एलर्जी हो या महिलाएं प्रेगनेंसी में हों, वे डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन न करें. गोंद कतीरा का सही सेवन करने के लिए इसे रातभर पानी में भिगो दें। सुबह यह फूलकर जेली जैसा हो जाता है, जिसे ठंडे दूध, पानी या शरबत में मिलाकर पिया जा सकता है. इसमें नींबू, चीनी या गुलाब शरबत मिलाकर इसका स्वाद और बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा इसे फालूदा, खीर या स्मूदी में डालकर भी खाया जा सकता है.गोंद कतीरा गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने, हाइड्रेट बनाए रखने और पाचन सुधारने का एक असरदार आयुर्वेदिक उपाय है, लेकिन इसका सेवन हमेशा सही मात्रा और सावधानी के साथ ही करना चाहिए.













































