सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले साइबर ठग:नर्मदापुरम पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया; एयरपोर्ट पर पार्सल पकड़े जाने का झांसा देकर ठगा था

देहात थाना पुलिस ने पार्सल छुड़ाने के नाम पर 1.04 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। 18 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल कर क्यूआर कोड से रुपए ट्रांसफर करवाए थे। आरोपी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। एक आरोपी पुलिस भर्ती का फिजिकल टेस्ट देने मुंबई गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। पार्सल घर भेजने का दिया झांसा देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि 18 दिसंबर 2025 को फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल आया था। ठगों ने झांसा दिया कि उनका पार्सल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है, जिसे छुड़ाने के लिए रुपए लगेंगे। इसके बाद क्यूआर कोड भेजकर पार्सल घर डिलीवर होने का दावा किया और धोखे से 1,04,500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फरियादी ने थाने में एफआईआर कराई थी। तकनीकी साक्ष्यों से ट्रेस कर औरंगाबाद और जालना से दबोचा आरोपियों ने तकनीकी संसाधनों से धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जालना से दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपी शिवम घोसीर (22) हिंगोली (वर्तमान- सिडको, औरंगाबाद) और तानाजी राठौर (30) जालना का रहने वाला है। दोनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। तानाजी फिजिकल टेस्ट के लिए मुंबई गया था, जहाँ से पुलिस ने उसे पकड़ा। एसपी ने दिया पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम साइबर फ्रॉड के आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को एसपी साईंकृष्णा थोटा ने 10 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ पाण्डे, सउनि लक्ष्मण अमोत्या, सउनि प्रवीण शर्मा, आरक्षक चेतन नरवरे, नर्मदाप्रसाद निमोदा, सुनील साहू, जितेंद्र शेषकर और सायबर सेल के सागर कुशवाह का योगदान रहा।
रेप के आरोपी इमरान सुपर ने कोर्ट में किया सरेंडर:ढाई माह से था फरार, पुलिस पकड़ नहीं पाई; हिंदू संगठनों ने थाने का किया था घेराव

रेप के आरोप में फरार रतलाम भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का पूर्व जिला उपाध्यक्ष इमरान हुसैन उर्फ सुपर (36) ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ढाई माह से इसे तलाश रही रही थी। एसपी अमित कुमार ने इसकी गिरफ्तारी के लिए पूर्व में 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। 6 दिन पूर्व इसकी गिरफ्तारी को लेकर हिंदू संगठनों ने थाने का भी घेराव कर चेतावनी दी थी। इमरान हुसैन उर्फ सुपर पिता मेहमूद निवासी शहर सराय के खिलाफ 30 साल की हिंदू युवती ने 29 दिसंबर 2025 को थाना औद्योगिक क्षेत्र में रेप का केस दर्ज कराया था। तब से यह फरार था। आरोपी ने युवती को हिंदू नाम सोनू बताकर दोस्ती की थी। युवती की शादी होने पर उसने उसे पति को छोड़ने को कहा। जब तलाक हो गया तो शादी से मना कर दिया था। इस दौरान कई बार युवती के साथ संबंध बनाए थे। हाईकोर्ट का आदेश लेकर पहुंचा आरोपी इमरान अपने साथ अग्रिम जमानत याचिका निरस्ती के दस्तावेज के अलावा हाईकोर्ट से जारी उक्त वह आदेश भी लेकर पहुंचा था, जिसमें उसे आदेशित किया था कि वह पुलिस के समक्ष या रतलाम कोर्ट में सरेंडर करें। रतलाम कोर्ट से इमरान सुपर के सरेंडर होने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने कोर्ट में पेश होकर रेप के मामले में फरार आरोपी इमरान सुपर से अपराध में जानकारी और साक्ष्य जुटाने के लिए रिमांड मांगा। कोर्ट ने 28 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए। इनाम राशि बढ़ाई थी इमरान के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी को लेकर एसपी ने 5 जनवरी को 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। 10 मार्च तक वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। तब एसपी ने इनाम राशि बढ़ाकर 10 हजार की थी। पति से तलाक कराया, सोनु नाम बताया युवती ने रिपोर्ट में बताया था कि मेरी शादी से पहले 2020 में मेरी मुलाकात राम मंदिर के पास इमरान से हुई थी। उसने अपना हिंदू नाम सोनू बताया था। फिर मेरी शादी हो गई। 11 जून 2023 से वापस इमरान से मोबाइल पर बात होने लगी। इमरान ने कहा कि तुम अपने पति को छोड़ दो। जुलाई 2023 में मैनें पति को छोड़ दिया। इसके बाद मैं पिता के पास रहने आ गई। 14 सितंबर 2023 से मैं और इमरान दोनों नयागांव क्षेत्र में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगे। इमरान ने मुझे कहा कि जब तेरा तलाक हो जाएगा तो हम शादी कर लेंगे। बाद में मैंने जब उसका मोबाइल चेक किया तो पता लगा कि यह तो मुसलमान है और इसका असली नाम इमरान है। मैंने इमरान से कहा कि मेरा तलाक हो गया है, शादी कर लेते हैं तो उसने शादी करने से मना कर दिया। इमरान ने मुझे सभी जगह पत्नी बनाकर रखा और मेरे साथ कई बार संबंध बनाए। एमडी ड्रग्स के साथ भी पकड़ा था रेप के आरोपी इमरान सुपर और उसका साथी कयामुद्दीन को स्टेशन रोड थाना पुलिस ने नवंबर 2025 में 3.71 ग्राम एमडी ड्रग के साथ पकड़ा था। इमरान कुछ दिन जेल में रहा। बाद में जमानत पर बाहर आ गया। हिंदू संगठन ने किया था थाने का घेराव फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर रविवार रात हिंदू संगठनों ने थाना औद्योगिक क्षेत्र का घेराव किया था। थाने परिसर में सभी नीचे जमीन पर बैठ गए थे। ढाई माह से अधिक समय बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर जमकर विरोध जताया था। गिरफ्तारी को लेकर 7 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसका असर यह हुआ कि पुलिस को आरोपी का पकड़ नहीं पाई, वह खुद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन:कनेडियन पुलिस अफसरों ने माना; खालिस्तान समर्थकों का विरोध हो सकता है हत्या का कारण

कनाडा के लासाल में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। कनेडियन मीडिया के अनुसार हत्याकांड की जांच कर रहे अफसरों ने पहली बार माना है कि नैंसी हत्याकांड में खालिस्तान समर्थक हाथ हो सकता है। अब तक हुई जांच के बाद पुलिस को लग रहा है कि सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने के कारण नैंसी ग्रेवाल की हत्या की गई है। पुलिस ने अब खालिस्तानी कनेक्शन की तरफ जांच करनी शुरू कर दी है। नैंसी की मां और बहन पहले ही खालिस्तान समर्थकों पर उसकी हत्या का आरोप लगा चुकी हैं। लासाल पुलिस सर्विस इस मामले की जांच कर रही है और अब ओंटारियो प्रोविंशियल पुलिस भी इस जांच में शामिल हो गई है। नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड की जांच पुलिस अलग-अलग एंगलों से कर रही है। पुलिस पर्सनल रंजिश और अन्य एंगलों पर भी जांच कर रही है, लेकिन पुलिस का अब सबसे ज्यादा फोकस खालिस्तानी कनेक्शन पर है। हालांकि पुलिस अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हत्या और घर पर आगजनी के केस जोड़कर जांच में जुटी पुलिस ओंटारियो प्रांतीय पुलिस ने नैंसी ग्रेवाल की हत्या और नंवबर माह में उसके घर पर आगजनी की घटना को जोड़कर जांच शुरू कर दी है। ओंटारियों पुलिस ने नवंबर में हुई घटना की जांच विंडसर पुलिस से अपने हाथ में ले ली है। पुलिस को अंदेशा है कि जिन लोगों ने आग लगाने की कोशिश की हत्या में भी वही शामिल हें। मां और बहन लगा चुकी खालिस्तान समर्थकों पर आरोप नैंसी ग्रेवाल की मां और बहन उसकी हत्या का आरोप खालिस्तान समर्थकों पर लगा चुकी हैं। नैंसी सोशल मीडिया के जरिए खालिस्तान समर्थकों पर हमले करती थी। जिसकी वजह से खालिस्तान समर्थकों से उसे लगातार थ्रेट भी मिलती रही। सिख समुदाय को कर रहे बदनाम कनेडियन मीडिया के अनुसार मेट्रोपॉलिटन विंडसर की सिख कल्चरल सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष हरजिंदर सिंह कंदोला ने कहा कि सिख समुदाय को बदनाम करने के कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नैंसी हत्याकांड की असली वजह जानने के लिए केवल सबूतों पर आधारित, गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जांच सिर्फ आरोपों के आधार पर न की जाए। कंदोला ने कहा कि उनका संगठन पुलिस के साथ सहयोग करेगा। नवंबर में घर पर आग लगाने की कोशिश नैंसी ग्रेवाल ने सोशल मीडिया पर बताया था कि 8 नवंबर को उसके घर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। तब भी नैंसी ग्रेवाल ने खालिस्तान समर्थकों को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया था। 3 मार्च को हुई थी नैंसी ग्रेवाल की हत्या 45 वर्षीय, पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और पर्सनल सपोर्ट वर्कर, मूल रूप से लुधियाना-जालंधर की थी और कनाडा के विंडसर में रहती थीं। उसकी 3 मार्च को शाम करीब 9:30 बजे लासाल, ओंटारियो में टॉड लेन पर एक क्लाइंट के घर के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इसे टारगेटेड किलिंग माना है। अब तक की जांच में क्या हुआ पुलिस किस-किस से लिंक कर रही है
सुप्रीम कोर्ट में शिक्षक संघ ने पुनर्विचार याचिका दायर की

भास्कर संवाददाता| राजगढ़ शिक्षकों के हित में राज्य शिक्षक संघ ने पात्रता परीक्षा से जुड़े आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। संघ का कहना है कि 25 से 30 साल सेवा दे चुके शिक्षकों के लिए इस तरह की परीक्षा अनिवार्य करना मानसिक प्रताड़ना जैसा है। इसे लेकर शिक्षकों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी। राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि शिक्षकों की परिस्थितियों को देखते हुए जिला व प्रदेश स्तर पर बैठकें की गईं। इसके बाद शिक्षकों के के इस मुद्दे को लेकर 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ताओं से चर्चा की गई और पुनर्विचार याचिका दायर की गई। शिक्षकों से कहा- किसी के बहकावे में न आएं: जगदीश यादव ने कहा कि अब शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय जाने की जरूरत नहीं है। राज्य शिक्षक संघ पूरे मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे किसी भी तरह के भ्रम या बहकावे में न आएं और न्यायालय पर भरोसा रखें।
कर्नाटक में पति ने बीच सड़क पत्नी का गला काटा:फिर कार से कुचला, मौके पर मौत; राहगीरों ने वीडियो बनाया

कर्नाटक में एक व्यक्ति ने बीच सड़क पत्नी की हत्या कर दी। उसने पहले पत्नी का गला काटा, फिर SUV से कुचल दिया। घटना के दो वीडियो सामने आए है। घटना कलबुर्गी जिले के बल्लूरगी गांव के पास की है। वीडियो में आरोपी पत्नी के बाल पकड़कर उसे पीटता दिख रहा है, जबकि महिला मदद के लिए चीखती नजर आती है। पुलिस के मुताबिक, अक्षय अपनी पत्नी सान्वी के साथ गुरुवार सुबह तीर्थ स्थल गनागापुरा जा रहा था। दोनों मारुति सुजुकी अर्टिगा कार में थे। सुबह करीब 11 बजे रास्ते में दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद अक्षय ने शैला को गाड़ी से बाहर धक्का दे दिया। इसके बाद अक्षय बीच सड़क पर सान्वी का बाल पकड़कर पीटने लगा और हंसिए से गला काट दिया। फिर वह सान्वी को कार में बैठाकर खेत की तरफ ले गया। वहां पत्नी को जमीन पर लिटाकर SUV चढ़ा दी। शैला की मौके पर ही मौत हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी के आसपास कुछ गाड़ियों और लोग दिख रहे है। जब अक्षय पत्नी का गला काट रहा था, तब वहां से एक कार भी गुजरी, जबकि एक शख्स बाइक पर खड़े होकर वारदात देख रहा था। चार साल पहले हुई थी शादी कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक अड्डुरु श्रीनिवासुलु के मुताबिक, दोनों की शादी चार साल पहले हुई थी। वे महाराष्ट्र के बारामती के रहने वाले थे। पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोपी और उसके माता-पिता को हिसारत में लिया गया है। ————- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में प्रोफेसर ने क्लासरूम में छात्रा को प्रपोज किया:लड़की ने चप्पल से पीटा, कॉलेज के बाहर स्टूडेंट्स ने भी घेरकर मारपीट की बेंगलुरु के एक मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर ने क्लास के दौरान ही एक छात्रा को प्रपोज कर दिया। छात्रा के विरोध के बाद विवाद बढ़ा और इसके बाद अन्य छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रोफेसर के साथ मारपीट कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
भोपाल में पराली जलाने पर रोक:एडीएम ने 3 महीने के लिए प्रतिबंध लगाया; उल्लंघन पर होगी FIR

भोपाल में पराली जलाने पर रोक लगा दी गई है। गुरुवार देर रात एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने आदेश जारी किया। इसके मुताबिक, अगले 3 महीने तक पराली यानी, नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उल्लंघन करने पर थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश का पालन करते हुए यह रोक लगाई गई है, जो पूरे भोपाल जिले में लागू रहेगी। एडीएम पांडेय ने सभी एसडीएम को पराली जलाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। वर्तमान में कई किसान गेहूं की कटाई में लगे हैं। इस कारण खेतों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई किसान फसल काटने के बाद खेतों में आग लगा देते हैं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो रही है। इसलिए एडीएम ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में यह कलेक्टर के आदेश में यह… जून तक रहेगा आदेश एडीएम ने यह आदेश अगले 3 महीने यानी, जून तक लगाया है। तब भोपाल में मानसून एक्टिव हो जाता है। इससे पराली जलाने की घटनाएं नहीं होती है। एडीएम ने आदेश में लिखा कि यह एक पक्षीय पारित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग्स माफिया पर नकेल कसें सभी एसपी:मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए निर्देश, कहा- पेट्रोल-डीजल का संकट नहीं

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक त्यौहारों के दौरान कानून और व्यवस्था की कड़ी निगरानी करें। सभी एसपी जोनल प्लान तैयार करके 31 मार्च तक प्रस्तुत कर दें। ड्रग्स माफिया पर सख्ती के लिए नशीले पदार्थों के विरुद्ध अभियान चलाने के साथ-साथ जन जागरुकता अभियान चलाएं। एनकोर समिति की हर महीने बैठक करके कार्यवाही विवरण पोर्टल पर दर्ज कराएं। सीएस जैन ने ये बातें वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहीं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश में ड्रग्स माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश से ड्रग्स माफियाओं का नेटवर्क पूर्णतः समाप्त होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में ड्रग्स का कारोबार करने वाले अपराधियों को चिन्हित करें और उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही करें। मनरेगा में जल संरक्षण के काम कराएं उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण कराएं। मुख्य सचिव ने कहा कि मनरेगा योजना से जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से कराएं। इसे जल गंगा अभियान में शामिल करके पोर्टल पर प्रगति दर्ज करें। मनरेगा से दो लाख 51 हजार कार्य स्वीकृत हैं। इनमें जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने से जल गंगा संवर्धन अभियान अधिक प्रभावी बनेगा। एकल नलजल योजनाओं का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा कराकर इन्हें ग्राम पंचायतों को समारोहपूर्वक हैण्डओवर करें। साथ ही सभी घरों में नल कनेक्शन और पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कराएं। एकल नलजल योजनाओं के स्रोत तथा हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट बनाएं। पेट्रोल डीजल का संकट नहीं, लोगों को करें जागरुक बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती, खाद के ई टोकन से शत-प्रतिशत वितरण, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर निगरानी के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की प्रदेश में पर्याप्त उपलब्धता है। इस संबंध में आमजनों को लगातार जानकारी दें। बैठक में अधिकारियों को गेंहू उपार्जन की तैयारी, स्वरोजगार योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति, नरवाई प्रबंधन, अग्नि दुर्घटना से बचाव के उपाय, राहवीर योजना तथा प्रधानमंत्री दुर्घटना राहत योजना के संबंध में निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के अत्याचार पीड़ितों और पक्षकारों को मिलने वाली राहत राशि का भुगतान समय पर कराएं। तय टारगेट से राजस्व जुटाने काम करें उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि नामांकन, सीमांकन और बंटवारा के प्रकरणों का समय पर निराकरण करना राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन सभी राजस्व अधिकारी और कलेक्टर्स निष्ठापूर्वक करें। अविवादित नामांतरण तथा बटवारा के प्रकरण समय सीमा में निराकृत करें। सभी जिले तय लक्ष्य के अनुसार राजस्व का संग्रहण कराएं। सागर, इंदौर, भोपाल और जबलपुर जिले इस पर विशेष ध्यान दें। स्वामित्व योजना में शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण एक माह में कराएं। नरवाई जलाने की घटनाओं पर लाएं कमी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि नरवाई जलाने की घटनाओं के प्रति किसानों को जागरुक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से किसानों और आम लोगों को क्या हानियां होती हैं तथा पर्यावरण पर क्या विपरीत प्रभाव पड़ता है, इसके संबंध में जागरूक किया जाए। बैठक में प्रदेश में गेहूं उपार्जन कार्य की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए सभी माकूल व्यवस्थाएं जाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पशुपालन विभाग, मत्स्य पालन विभाग एवं पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
‘अत्यधिक पीड़ा के साथ लिया गया निर्णय’: आरजी कर अस्पताल की बलात्कार-हत्या पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा से हाथ क्यों मिलाया | विशेष | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 23:30 IST भाजपा ने बंगाल चुनाव से पहले पीड़िता की मां को पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। फ़ाइल छवि गहरी व्यक्तिगत त्रासदी से पैदा हुए बदलाव में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में क्रूरतापूर्वक बलात्कार और हत्या की शिकार हुई स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के माता-पिता आधिकारिक तौर पर राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश कर गए हैं। बुधवार रात, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तीसरी उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें पीड़िता की मां को पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार नामित किया गया। पिछले 18 महीनों से, जोड़े के जीवन को न्याय की एक अनोखी, पीड़ादायक खोज द्वारा परिभाषित किया गया है। गुरुवार की सुबह, जब वे सक्रिय राजनीति में अपना पहला दिन शुरू करने के लिए साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे, तो उनका दर्द साफ झलक रहा था। आघात में निहित एक निर्णय News18 से विशेष रूप से बात करते हुए, भाजपा उम्मीदवार ने अपनी उम्मीदवारी के लिए उत्प्रेरक के बारे में बताते हुए अपने आंसू रोक लिए। उन्होंने कहा, ”मैंने बेहद दर्द के साथ यह फैसला लिया है।” “मेरी बेटी एक सफल डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन एक सरकारी अस्पताल के अंदर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। मैं इस प्रणाली में प्रवेश कर रही हूं क्योंकि मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि बंगाल में किसी और बेटी को ऐसे भाग्य का सामना न करना पड़े।” उम्मीदवार ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में उनका कदम न्याय के लिए उनकी लड़ाई का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हालांकि वह विशिष्ट विवरण का खुलासा नहीं कर सकती हैं, लेकिन सीबीआई ने परिवार के साथ महत्वपूर्ण साक्ष्य साझा किए हैं जो उनके संकल्प को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, “पूरा देश मेरी बेटी के साथ खड़ा है। अब यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं बंगाल की सभी बेटियों के लिए खड़ी रहूं।” सुरक्षा और अधिकारों के लिए एक अभियान का संकल्प पनिहाटी उम्मीदवार ने वर्तमान प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र की विरासत को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नष्ट कर दिया है। उनका प्राथमिक अभियान मंच निम्न पर केन्द्रित है: महिला सुरक्षा: राज्य संचालित संस्थानों में सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाना। बुनियादी अधिकारों को बहाल करना: नागरिकों को डर पर काबू पाने और प्रणालीगत मुद्दों के खिलाफ बोलने के लिए प्रोत्साहित करना। विधायी वकालत: आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे विधानसभा तक पहुंचाने का वादा. पीड़िता के पिता भी भावुक दिख रहे थे, उन्होंने भी इन भावनाओं को दोहराया और उनके राजनीतिक पदार्पण का कारण “प्रचलित अराजकता” बताया। उन्होंने कहा, “हमें यकीन है कि हमें न्याय मिलेगा और हमारी पहली प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा होगी।” राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया टीएमसी मंत्री ब्रत्य बसु ने इस कदम की आलोचना करते हुए सुझाव दिया कि माता-पिता की राजनीतिक संबद्धता अब “स्पष्ट” है। बसु ने भाजपा में शामिल होने के उनके फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब यह उनके न्याय मांगने के तरीके पर सवाल उठाता है। जवाब में, पीड़िता के पिता ने आलोचना को सत्तारूढ़ दल की आशंका का संकेत बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने News18 से कहा, “ममता बनर्जी की पार्टी ये बातें इसलिए कह रही है क्योंकि वे डरे हुए हैं. हम अपना रास्ता जानते हैं. इस सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.” जैसे ही पनिहाटी के लिए अभियान शुरू होता है, दंपति का कहना है कि राजनीति में उनका प्रवेश सत्ता के बारे में नहीं है, बल्कि भविष्य की त्रासदियों को रोकने और अपनी बेटी की स्मृति का सम्मान करने के लिए राजनीतिक प्रणाली का उपयोग करने के बारे में है। पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 23:30 IST समाचार चुनाव ‘अत्यधिक पीड़ा के साथ लिया गया निर्णय’: आरजी कर अस्पताल की बलात्कार-हत्या पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा से हाथ क्यों मिलाया | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव
सुबह खाली पेट पी रहे हैं ब्लैक कॉफी? डॉक्टर ने बताया इसका खतरनाक सच, तुरंत बदल लें ये आदत

Last Updated:March 26, 2026, 21:29 IST सुबह उठते ही खाली पेट ब्लैक कॉफी पीना भले ही आपको तुरंत एनर्जी दे, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट Dr. Alok Chopra के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है. उनका कहना है कि सुबह के समय शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन पहले से ही हाई होता है, और ऐसे में कॉफी पीने से इसका स्तर और बढ़ जाता है, जिससे घबराहट, चिड़चिड़ापन और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ब्लैक कॉफी खाली पेट पीना खतरनाक. सुबह उठते ही खाली पेट ब्लैक कॉफी पीना आजकल कई लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बन गया है. लोग इसे एनर्जी बढ़ाने और दिन की शुरुआत एक्टिव तरीके से करने के लिए पीते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है. दरअसल, सुबह के समय हमारे शरीर में कॉर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन नेचुरली हाई होता है, जो हमें नींद से जगाने और एक्टिव रखने का काम करता है. ऐसे में जब आप खाली पेट कॉफी पीते हैं, तो उसमें मौजूद कैफीन इस हार्मोन के स्तर को और बढ़ा देता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और आप ओवरस्टिम्युलेट महसूस कर सकते हैं. इस बारे में Dr. Alok Chopra का कहना है कि जब कॉर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक ज्यादा बना रहता है, तो इसका असर सिर्फ एनर्जी लेवल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है. इससे घबराहट, चिड़चिड़ापन, दिल की धड़कन तेज होना और एंग्जायटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ लोगों को बिना कुछ खाए कॉफी पीने के बाद बेचैनी या हाथ कांपने जैसी दिक्कत भी महसूस होती है. इतना ही नहीं, यह आदत धीरे-धीरे आपकी नींद के पैटर्न को भी खराब कर सकती है और दिनभर की थकान को बढ़ा सकती है. View this post on Instagram
‘पति-पत्नी के बीच अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं’:ग्वालियर हाईकोर्ट ने FIR आंशिक रूप से निरस्त की; मारपीट-दहेज प्रताड़ना के आरोपों पर ट्रायल जारी रहेगा

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पति-पत्नी के बीच विवाद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक संबंधों के दौरान पति-पत्नी के बीच बने यौन संबंधों को धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया गया, जबकि दहेज, मारपीट और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों पर सुनवाई जारी रहेगी। महिला ने 2023 में दर्ज कराई थी FIR भिंड में 2023 में महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ महिला थाने में FIR दर्ज कराई थी। आरोप था कि शादी के समय 4 लाख रुपए नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष 10 लाख रुपए और बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर महिला के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। शिकायत में महिला ने पति पर जबरन आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप भी लगाया था। साथ ही ससुर पर गलत व्यवहार और धमकी देने की बात कही गई थी। अन्य आरोपों पर जारी रहेगा ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दहेज मांग, मारपीट और प्रताड़ना जैसे आरोपों की सुनवाई जारी रहेगी। इन धाराओं में दर्ज FIR को निरस्त नहीं किया गया है। यह फैसला वैवाहिक संबंधों और आपराधिक कानून की व्याख्या को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने अलग-अलग धाराओं के दायरे को स्पष्ट किया है। 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शादी के समय ससुराल वालों को 4 लाख रुपए कैश, सोने के गहने और घरेलू सामान दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल वाले 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग करते रहे। मांग पूरी नहीं करने पर प्रताड़ित किया गया। मारपीट की गई। शिकायत में महिला ने अपने पति पर जबरन आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति उसके साथ जबरदस्ती करता था, जिससे उसे शारीरिक और मानसिक परेशानी होती थी। ससुर पर भी गलत व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। ……………….. यह खबर भी पढ़ें मध्य प्रदेश व्यापमं घोटाले की फिर खुलेंगी फाइलें व्यापमं महाघोटाले की जांच की आंच एक बार फिर तेज होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए CBI और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि सकलेचा द्वारा दी गई 320 पन्नों की डिटेल शिकायत पर अब तक क्या एक्शन लिया गया? पढ़ें पूरी खबर…









