3 राज्यों की 296 सीटों पर वोटिंग:असम, केरलम, पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान; केरलम CM पिनाराई, एक्टर मोहनलाल ने वोट डाला

देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी की 296 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। आज सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच सभी पोलिंग स्टेशन पर अधिकारियों ने मॉक पोलिंग की, जिससे पता चल सके कि ईवीएम में कोई खराबी तो नहीं है। केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं। असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे। असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स तीनों राज्यों में जारी वोटिंग की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
धार भोजशाला विवाद- इंदौर हाईकोर्ट में लगातार तीसरे दिन सुनवाई:हिंदू पक्ष ने रखे तर्क, कहा- मस्जिद पक्ष के शपथ पत्र में ही मंदिर होने के प्रमाण

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बुधवार को लगातार तीसरे दिन अपने तर्क रखे। उन्होंने कहा कि मौला कमालुद्दीन सोसायटी की ओर से प्रस्तुत मस्जिद पक्ष के शपथ पत्र में खुद ही भोजशाला के मंदिर होने के प्रमाण हैं। समिति ने शपथ पत्र में जिन पुस्तकों का उल्लेख किया है, वे बता रही हैं कि 14वीं शताब्दी से पहले मस्जिद का कोई अस्तित्व नहीं था, जबकि भोजशाला का निर्माण 1034 में ही हो चुका था। मस्जिद निर्माण में मंदिर से निकली सामग्री का उपयोग किया गया था, जबकि इस्लामिक कानून के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। मंदिर होना वैज्ञानिक सर्वे और तथ्यों पर आधारित एडवोकेट जैन ने तर्क दिया कि इस्लाम में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाना या टूटे हुए मंदिर की सामग्री का उपयोग करना वर्जित है। भोजशाला के मंदिर होने की बात आस्था या विश्वास के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सर्वे और तथ्यों के आधार पर कही जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने याचिका के साथ जो फोटोग्राफ प्रस्तुत किए हैं, वे स्पष्ट बता रहे हैं कि भोजशाला मंदिर ही है। मौला कमालुद्दीन सोसायटी ने अपने शपथ पत्र में इन फोटोग्राफ को लेकर कोई आपत्ति भी दर्ज नहीं कराई है। मंदिर का अस्तित्व बहुत पहले से है एडवोकेट जैन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि पूजा स्थल अधिनियम के प्रविधानों के अनुसार एक धर्म के धार्मिक स्थल को किसी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। चूंकि भोजशाला मंदिर है और इसका अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है, इसलिए अधिनियम के प्रविधानों के अंतर्गत इसके धार्मिक स्वरूप को बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मूल स्वरूप में तोड़फोड़ से धार्मिक स्थल के वैधानिक अधिकार में कोई फर्क नहीं पड़ता। इस मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। एडवोकेट जैन ने कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद देवता प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से हमेशा वहां उपस्थित रहते हैं। आक्रांता भले ही उन्हें हटा दें, लेकिन इससे उनकी स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे घटनाक्रमों से कुछ समय के लिए ग्रहण जरूर लग सकता है, लेकिन अधिकार खत्म नहीं हो जाते। मौला कमालुद्दीन सोसायटी के शपथ पत्र से स्पष्ट है कि धार में आक्रांताओं का हमला हुआ था।
बदमाशों ने सरेआम मारपीट करते हुए चाकू चलाए-VIDEO:पुलिस ने सिखाया सबक, दोनों को कान पकड़कर उसी क्षेत्र में घुमाया

उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस ने सरेआम मारपीट करने और चाकू से हमला करने वाले दो बदमाशों को सबक सिखाते हुए उनका जुलूस निकाल दिया। दोनों बदमाशों ने क्षेत्र में मारपीट करते हुए विवाद किया था, जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को दोनों को पकड़कर कार्रवाई की। महाकाल थाना क्षेत्र की सारवान की मस्जिद के सामने बीती देर रात मोहम्मद अशफाक के घर पहुंचकर आरोपी अब्दुल समी (उम्र 20 वर्ष) और नासिर पठान (उम्र 21 वर्ष) ने अपने अन्य दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चाकू से धमकाते हुए फरियादी के साथ मारपीट की थी। मामले का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आई और बुधवार सुबह दोनों आरोपी अब्दुल समी और नासिर पठान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को मौका मुआयना कराने उसी स्थान पर ले गई, जहां उन्होंने एक रात पहले दहशत फैलाई थी। घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी फरियादी के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे थे। घटना के बाद दोनों आरोपियों को प्रधान आरक्षक मनीष यादव, सुनील पाटीदार और आरक्षक पवन पंवार द्वारा घटना स्थल सारवान की मस्जिद के पास ले जाया गया। वहां घटना स्थल पर उतारकर पैदल तस्दीक कराई गई। पुलिस ने दोनों को क्षेत्र में कान पकड़कर घुमाया और उठक-बैठक लगवाते हुए जुलूस निकाला। दोनों आरोपियों ने आगे से इस तरह की घटना नहीं करने का प्रण भी लिया।
एक साल के बच्चे के गले में फंसी जिंदा मछली:इंदौर में खेल-खेल में निगल गया; डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाली 3 इंच की मछली

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक साल के बच्चे के साथ हैरान करने वाला मामला सामने आया। खेल-खेल में एक छोटी जिंदा मछली उसके मुंह में चली गई, जो गले के पिछले हिस्से में जाकर फंस गई। इसके बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे तुरंत महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी उपचार शुरू किया। ईएनटी विभाग की टीम ने ऑपरेशन कर करीब 3 इंच की मछली को बाहर निकाला। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की सांस सामान्य हो गई। डॉक्टर बोले- जोखिमभरा था ऑपरेशन डॉक्टरों के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मछली जिंदा थी। उसके गलफड़ों और पंखों की हलचल से बच्चे के स्वर-यंत्र और भोजन नली को नुकसान पहुंचने का खतरा था। ऐसे में ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था और जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी। परिजन बोले- लगा सांस नहीं ले पाएगा परिजनों के मुताबिक, बच्चे की हालत देखकर वे घबरा गए थे। उसे सांस लेने में कठिनाई, घबराहट और मुंह से खून आने जैसी समस्याएं हो रही थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि बच्चा सांस नहीं ले पाएगा, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर उसकी जान बचा ली। डॉक्टर बोलीं-मामला बेहद दुर्लभ, चुनौतीपूर्ण ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. यामिनी गुप्ता ने बताया कि यह मामला बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण था। इतनी कम उम्र में इस तरह का केस मध्य भारत में पहले देखने को नहीं मिला है। विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे बच्चों में इस तरह की घटनाएं बेहद खतरनाक हो सकती हैं, क्योंकि उनकी सांस की नली संकरी होती है।
इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर बीपी कंट्रोल करने तक, खरबूज के बीज में छिपा सेहत का राज, फेंकने की भूल न करें

Last Updated:April 08, 2026, 23:37 IST Muskmelon Seeds Benefits: खरबूज ही नहीं इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. ख़बरें फटाफट अच्छी सेहत के लिए रोजाना के खाने में छोटे-छोटे बदलाव करना बहुत फायदेमंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर खरबूजे के बीजों को अपने आहार में शामिल करें. ये छोटे-छोटे बीज शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. National Health Mission के अनुसार, खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. खरबूज के बीज के फायदेआयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे के बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करता है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को कम करता है. साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इन बीजों का नियमित सेवन शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियों से बचाव होता है. ये शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण ये पाचन को सही रखते हैं और पेट साफ रखने में मदद करते हैं. साथ ही, ये दिमाग को तेज बनाने और याददाश्त सुधारने में भी सहायक होते हैं. खरबूजे के बीज बालों और नाखूनों के लिए भी फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाते हैं और नाखूनों को स्वस्थ रखते हैं. डाइट में शामिल करने का तरीकाइन्हें अपनी डाइट में शामिल करना बहुत आसान है. आप इन्हें हल्का भूनकर नमक या मसालों के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. इसके अलावा, सलाद, दही या नाश्ते में भी मिला सकते हैं. कुछ लोग इन्हें चाय या दूध के साथ भी लेना पसंद करते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रोज थोड़ी मात्रा में इन बीजों का सेवन किया जाए, तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 08, 2026, 23:37 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
पत्नी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या:भिंड में बाजार से लौटते समय बदमाशों ने की फायरिंग, बाइक से पीछा करते आए

भिंड के अटेर थाना क्षेत्र के चंबल बीहड़ में बुधवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात रात करीब 8:30 बजे की है, जब बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने युवक के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान नितेश जाटव (25) पुत्र पातीराम जाटव निवासी खिरिका के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी रूबी के साथ भिंड से खरीदारी कर गांव लौट रहा था। रमता गांव के पास बीहड़ क्षेत्र में पहुंचने पर बाइक पर रखा सामान गिर गया। नितेश ने बाइक रोकी और पत्नी के साथ सामान उठाने लगा, तभी पीछे से आए बदमाशों ने नजदीक से उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी वारदात पत्नी के सामने हुई, जिससे वह सदमे में है। सूचना मिलते ही अटेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आपसी रंजिश में हत्या की आशंका प्रारंभिक जांच में मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। सुनसान बीहड़ में वारदात को अंजाम देने से आरोपियों की पूर्व योजना की आशंका जताई जा रही है। पुलिस आपसी रंजिश समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश जारी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
Glowing Skin: प्रियंका चोपड़ा की मां ने बताया ग्लोइंग स्किन का राज, किचन में राखी ये 5 चीजें लगा लें; 7 दिन में चमकता हुआ चेहरा

चमकती त्वचा के घरेलू उपाय: हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन क्लीन, ग्लोइंग और डॉक्यूमेंट्री डॉक्यूमेंट्री। लेकिन महाराष्ट्र क्रीम और उत्पाद हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में घरेलू गुण सबसे अधिक लाभकारी साबित होते हैं। खासकर जब ये स्टाइलिश बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा की मां डॉ. मधु चोपड़ा से स्टूडियो हो तो उसकी लोकप्रियता और बढ़ती है। हाँ, डॉ. मधु चोपड़ा ने एक आसान DIY फेस पैक शेयर किया है जिसे वे खुद इस्तेमाल करती हैं और प्रियंका भी इस पर पूरा भरोसा करती हैं। बेसन और हल्दी से बना यह उबटन त्वचा को गहराई से साफ करता है, निखार लाता है और कई मसालें दूर करने में मदद करता है। यह बेसन-हल्दी फेसबुक पैक क्यों खास है? डॉ. मधु चोपड़ा का कहना है कि उन्होंने आज तक चेहरे पर साबुन या साबुन का इस्तेमाल नहीं किया। वे पुराने से इस घरेलू उबटन पर भरोसा करते हैं। बेसन त्वचा की गंदगी और अतिरिक्त तेल निकाला जाता है। हल्दी में एंटी-एजेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पिंपल्स और इंफेक्शन को अलग करते हैं। यह पैक त्वचा को सिर्फ साफ नहीं करता, बल्कि आकर्षक, चमकदार और स्वस्थ भी बनाता है। यही कारण है कि यह टैक्सी आज भी घर-घर में आदर्श है। • 1 बेसन•थोड़ी सी घर की बनी मलाई• 1 मोतियाबिंद• एक चुटकी हल्दी• थोड़ा ठंडा दूध बेसन में एक बाउल रखा गया। इसमें मलाई और दही की दुकानें शामिल हैं। फिर हल्दी स्थिर महान से फेंटें। जरूरत है छोटे दूध के एस्ट्रोलॉजी पेस्टीस्ट तैयार करने की। पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह का पहनावा। 15 से 20 मिनट तक का इंतज़ार। फिर प्यास गुनगुने पानी से धो लें। प्रयुक्त के बाद स्किन मुख्य ताजा और ग्लोइंग स्टॉक। डॉ. मधु चोपड़ा विशेष सलाह देते हैं कि इसकी आंखों के नीचे कोई उत्पाद नहीं है, क्योंकि वहां की त्वचा बहुत प्यारी है। सेंस निरपेक्ष दुकानदारों के लिए दूसरा पद अगर बेसन सूट न करे तो आटे का आटा इस्तेमाल करें। हल्दी से एलर्जी हो सकती है तो नींबू का रस दाल हो सकता है। प्रोडक्ट्स से परेशानी हो तो टमाटर या आलू का रस। ये सब स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। तो अब आपको सरकारी उत्पादों की जरूरत नहीं, सही और नियमित देखभाल ही असली राज है। डॉ. मधु चोपड़ा का यह घरेलू फेस पैक इसका प्रमाण है। अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग तरीकों से चेहरा निखारना चाहते हैं तो इस आसान नुस्खे को जरूर आजमाएं। नियमित रूप से इस्तेमाल से फ़ेक खुद महसूस करेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट) मधु चोपड़ा फेस पैक (टी) बेसन हल्दी उबटन (टी) घरेलू चमकदार त्वचा उपचार (टी) प्राकृतिक रसोई त्वचा देखभाल (टी) प्रियंका चोपड़ा माँ
Gallbladder Stone Symptoms: पित्त की पथरी का दर्द कहां होता है? गालब्लैडर स्टोन के इस लक्षण को न करें नजरअंदाज, करवाना पड़ जाएगा ऑपरेशन

Last Updated:April 08, 2026, 22:17 IST Gallbladder Stone Symptoms: आज के समय में गालब्लैडर स्टोन कॉमन हेल्थ इश्यू बन गया है. इसके बारे में सबसे खतरनाक चीज है, इसके लक्षण जो कि बहुत ही मामूली रूप में दिखते हैं. इन्हें पहचान पाना काफी मुश्किल होता है, इसलिए पित्त की पथरी को साइलेंट स्टोन भी कहा जाता है. निदान में देरी से ऑपरेशन ही एक मात्र इलाज का विकल्प होता है, इसलिए इसके लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है. पित्ताशय लिवर के ठीक पीछे थैलीनुमा एक छोटा सा अंग है. इसमें पथरी की समस्या बहुत ही कॉमन होती जा रही है. लेकिन पित्त की थैली में पथरी का पता उस समय तक नहीं लग पाता है, जब तक ये बाइल डक्ट में रूकावट पैदा नहीं करते हैं. गालब्लैडर की समस्या महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा कॉमन है. ज्यादातर मामलों में पित्त की पथरी का पता काफी देरी से लगता है, जिससे ऑपरेशन करके इसे निकालने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं रह जाता है. वैसे तो पित्त की थैली में पथरी के लक्षण शुरुआती स्टेज में साइलेंट होते हैं. लेकिन सूझबूझ इसे वक्त रहते पहचाना जा सकता है. जैसे कि पित्ताशय में पथरी बनने पर इसके दर्द का लोकेशन फिक्स्ड होता है. आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक और तेजी से बढ़ता हुआ दर्द चेतावनी है कि पित्त की थैली में कुछ गड़बड़ी भी चल रही है. Add News18 as Preferred Source on Google पित्त की थैली में पथरी का दर्द इतना तेज हो सकता है कि इसके कारण आप चलने, बैठने या लेटने में राहत न महसूस कर पाएं. यदि पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से या सेंटर में ऐसा दर्द 30 मिनट से ज्यादा समय तक परेशान करता है, और बार-बार लौट कर आ रहा है तो बिना देरी डॉक्टर से परामर्श करें. पेट में दर्द के अलावा शॉल्डर के बीच में भी पित्ताशय में पथरी का दर्द होता है. ज्यादातर लोग इस दर्द को ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करने, या फिजिकल वर्क स्ट्रेस की वजह समझते हैं.लेकिन यदि आप ऑपरेशन के खर्च से बचना चाहते हैं, तो इसे अनदेखा न करें. पित्त की थैली में पथरी है, तो आपके लिए खाना खाना भी मुश्किल हो सकता है. क्योंकि इसका दर्द कुछ फूड्स से भी ट्रिगर होता है. यदि आप ज्यादा तेल मसाला या फैटी फूड्स खा रहे हैं, तो इसके बाद आप काफी देर तक परेशान रह सकते हैं. दर्द के अलावा गालब्लैडर स्टोन के लक्षणों में मतली, उल्टी, ब्लॉटिंग, अपच और स्किन का येलो दिखना, ठंड लगकर बुखार आना, यूरिन का कलर डार्क होना, पेट का आकार बढ़ना भी शामिल है. शुरुआती स्टेज पर पित्त की पथरी का इलाज आसानी से दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए गालब्लैडर के लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है. First Published : April 08, 2026, 22:17 IST
मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम तिन्दुआ बम्हनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 8 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने किया बुझाने का प्रयास यह आग मोहम्मद इकलाख खान के खेत में लगी थी। दोपहर के समय अचानक उठी लपटों को देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुएं और बोरवेल के पंप चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते 8 एकड़ की फसल जल गई। आसपास की फसल कटी होने से आगे नहीं बढ़ी स्थानीय निवासी जहीर खान ने बताया कि आसपास के अधिकांश खेतों की फसल पहले ही काटी जा चुकी थी। खाली खेत होने के कारण आग आगे नहीं बढ़ पाई, अन्यथा गांव के अन्य किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था। हाई टेंशन लाइन से स्पार्किंग की आशंका आग लगने की प्राथमिक वजह खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन को माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तारों के आपस में टकराने या पेड़ों की टहनियों से रगड़ खाने के कारण निकली चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नैनपुर एसडीएम को सूचित किया गया। प्रशासनिक निर्देश पर पटवारी और अन्य राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार किया है। प्रशासन अब आग के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है ताकि पीड़ित किसान को उचित सहायता दी जा सके।
‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान। (छवि: न्यूज18) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर जोरदार हमला बोला, जब चुनाव आयोग ने उपचुनाव अवधि के दौरान राज्य की प्रमुख गारंटी योजनाओं के तहत धन जारी करने पर विवरण मांगा था। कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी, इसे “गरीबों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के खिलाफ साजिश” बताया। ‘योजनाओं को बंद करने की साजिश रच रही बीजेपी’ दावणगेरे में पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से कल्याण कार्यक्रमों को रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने कहा, “भाजपा ने गारंटी योजनाओं के लिए धन जारी करने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। यह आयोग के माध्यम से इन कार्यक्रमों को रोकने का एक स्पष्ट प्रयास है। यह गरीबों और बेरोजगार युवाओं पर हमला है और मतदाता उन्हें उचित जवाब देंगे।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले ढाई साल में गारंटी योजनाओं पर 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और जोर दिया कि सभी भुगतान कानूनी सीमा के भीतर किए जाएं। उन्होंने कहा, “हमारी योजनाएं चुनाव के समय की घोषणाएं नहीं हैं। हम कानून के दायरे में रहकर धन का वितरण कर रहे हैं। भाजपा का पत्र बढ़ती कीमतों से पीड़ित गरीबों की रक्षा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को रोकने की उनकी साजिश का सबूत है।” शिवकुमार ने लाभार्थियों को यह भी आश्वासन दिया कि भुगतान जारी रहने के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “पिछले महीने तक पैसा जारी कर दिया गया है और इस महीने की किस्त चुनाव के बाद जारी की जाएगी। गारंटी योजनाएं बंद नहीं होंगी- हम अपनी बात पर कायम हैं।” ‘चुनाव आयोग का दृष्टिकोण संदेहपूर्ण’ इस बीच, सिद्धारमैया ने कड़े शब्दों में एक बयान में, गारंटी योजना भुगतान के बारे में विवरण मांगने के चुनाव आयोग के कदम पर सवाल उठाया और उसके दृष्टिकोण को “संदिग्ध और भेदभावपूर्ण” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गारंटी योजनाएं उपचुनाव अवधि के दौरान शुरू नहीं की गईं, बल्कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों का हिस्सा थीं। सिद्धारमैया ने कहा, “हमारी गारंटी योजनाएं चुनावों के दौरान पेश नहीं की गई हैं। वे 2023 के विधानसभा चुनावों में किए गए वादों के हिस्से के रूप में लागू किए गए कार्यक्रम हैं और लाभार्थियों को नियमित और पारदर्शी तरीके से धन हस्तांतरित किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों में इसी तरह की योजनाओं पर सवाल नहीं उठाकर दोहरा मापदंड दिखाया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में, नकद हस्तांतरण योजनाओं की घोषणा और कार्यान्वयन चुनाव से पहले किया गया था, फिर भी चुनाव आयोग चुप रहा। यह निष्पक्ष आचरण नहीं है – यह पूर्वाग्रह को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कर्नाटक की योजनाओं की जांच को कमजोर समूहों पर अप्रत्यक्ष हमला बताया। सिद्धारमैया ने कहा, “कर्नाटक की गारंटी योजनाओं को निशाना बनाना केवल राजनीतिक नहीं है – यह गरीबों, महिलाओं और कर्नाटक के लोगों पर अप्रत्यक्ष हमला है।” पंक्ति क्या है? विवाद तब पैदा हुआ जब चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर दावणगेरे और बागलकोट जिलों में चल रहे उपचुनावों के दौरान विभिन्न गारंटी योजनाओं के तहत जारी किए गए धन का विवरण मांगा। कथित तौर पर यह कदम भाजपा नेताओं की उस शिकायत के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने चुनाव अवधि के दौरान किश्तें जारी करने पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि इस तरह के भुगतान मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालाँकि, कांग्रेस सरकार का कहना है कि योजनाएँ चल रहे शासन का हिस्सा हैं, न कि चुनाव-समय के प्रोत्साहन का, यह तर्क देते हुए कि भुगतान रोकने से लाखों लाभार्थियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा दावणगेरे और बागलकोट में उपचुनाव प्रचार तेज होने के साथ, गारंटी योजनाओं का मुद्दा सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच एक प्रमुख राजनीतिक टकराव के रूप में उभरा है। कांग्रेस नेताओं ने योजनाओं को एक प्रमुख कल्याणकारी मॉडल के रूप में पेश किया है, जबकि भाजपा ने उनके समय और वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठाया है। जैसे-जैसे राजनीतिक लड़ाई बढ़ती जा रही है, राज्य सरकार के स्पष्टीकरण पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया विवाद के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST समाचार राजनीति ‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक गारंटी योजनाएं(टी)सिद्धारमैया ईसी पत्र(टी)डीके शिवकुमार बीजेपी साजिश(टी)चुनाव आयोग कर्नाटक(टी)कल्याण योजना फंड(टी)उपचुनाव दावणगेरे बागलकोट(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी कर्नाटक(टी)गरीबों और महिलाओं पर हमला









