सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इस वक्त अपने प्रेग्नेंसी ब्रेक पर हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी सफर की तस्वीरें लगातार शेयर कर रही हैं। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटो डंप शेयर किया है, जिसमें वे अपना बेबी बंप और प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाती नजर आ रही हैं। इस पोस्ट पर एक फैन ने उन्हें बच्चे के नाम का सुझाव दिया, जिस पर एक्ट्रेस ने मजेदार रिएक्शन दिया है। सामंथा ने 1 दिसंबर 2025 को फिल्ममेकर राज निदिमोरु से शादी की थी और जल्द ही वे अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। फैन ने सुझाया सामंथा और राज के नाम का कॉम्बिनेशन सामंथा की नई इंस्टाग्राम पोस्ट में उनकी अलग-अलग तस्वीरें शामिल हैं। इनमें से कुछ तस्वीरों में वे बिना मेकअप के नजर आ रही हैं, तो कुछ में फ्लाइट और घर पर शीशे के सामने सेल्फी लेते हुए बेबी बंप दिखा रही हैं। पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक फैन ने लिखा, “लड़की के लिए समैरा और लड़के के लिए सम्राज कैसा रहेगा? यह सामंथा और राज के नाम का परफेक्ट मिक्स है।” इस पर सामंथा ने जवाब देते हुए लिखा, “सम्राज… क्या यह कुछ ज्यादा नहीं हो जाएगा?” सामंथा प्रेग्नेंसी में 11 किलो वजन बढ़ा सामंथा ने इससे पहले इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग (AMA) सेशन भी रखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि वे अपने प्रेग्नेंसी फेज को काफी एंजॉय कर रही हैं। एक यूजर के सवाल पर उन्होंने खुलासा किया कि उनका वजन अब तक 11 किलो बढ़ चुका है। सामंथा ने कहा, “मुझे लगा था कि इस दौरान मैं काफी परेशान या घबराई हुई रहूंगी, लेकिन इसकी जगह मैं खुद को काफी मजबूत और सशक्त महसूस कर रही हूं।” राज निदिमोरु से 2025 में कोयंबटूर में की थी शादी सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की थी। यह एक पारंपरिक समारोह था, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों के बीच रिश्ते की खबरें 2023 से आ रही थीं, जब उन्होंने सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बन्नी’ में साथ काम किया था। इससे पहले सामंथा की शादी एक्टर नागा चैतन्य से हुई थी, जिनसे 2021 में उनका तलाक हो गया था। वहीं राज निदिमोरु की पहली शादी श्यामाली डे से हुई थी।
‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया

सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया

सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं। एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है। सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है। सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं? जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी। सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी? जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया। सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ? जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए। सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है। सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया? जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है। सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं। सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं? जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है। सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली
हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं। एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है। सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है। सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं? जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी। सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी? जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया। सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ? जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए। सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है। सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया? जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है। सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं। सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं? जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है। सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली
हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं। एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है। सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है। सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं? जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी। सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी? जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया। सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ? जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए। सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है। सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया? जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है। सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं। सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं? जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है। सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली
इमरान हाशमी को हुआ स्वाइन फ्लू:H1N1 टेस्ट आया पॉजिटिव; डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह, देखिए एक्सक्लूसिव मेडिकल रिपोर्ट

बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी स्वाइन फ्लू (H1N1) की चपेट में आ गए हैं। उनकी पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब थी। हाल ही में H1N1 का टेस्ट करवाने के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इमरान हाशमी पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेवल कर रहे थे। वह रांची भी गए थे। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्होंने H1N1 का टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट कल पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने इमरान हाशमी को आराम करने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। दैनिक भास्कर को एक्टर इमरान हाशमी की एक्सक्लूसिव मेडिकल रिपोर्ट मिली है, जिसके टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव हैं। तबीयत बिगड़ने पर बैंग्लोर शो कैंसिल किया आवारापन 2 की सक्सेस के बीच इमरान हाशमी बेंगलुरू के एक शो का हिस्सा बनने वाले थे, हालांकि स्वाइन फ्लू होने के बाद अब उन्होंने ये शो कैंसिल कर दिया है। इमरान हाशमी ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, हैलो बेंगलुरु, मैं सच में बहुत बीमार हूं और दुर्भाग्य से बेंगलुरु के शो में नहीं आ पाऊंगा। लेकिन पिक्चर खत्म नहीं हुई है, बस पोस्टपोन हुई है। मैं आप सभी से 12 सितंबर, शनिवार को सनबर्न यूनियन में मिलूंगा। आपके टिकट नई तारीख के लिए मान्य रहेंगे। आप सभी से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता।” इमरान हाशमी की फिल्म ने किया 220 करोड़ का कलेक्शन इमरान हाशमी की मोस्ट अवेटेड फिल्म आवारापन 2, 14 अगस्त को रिलीज हुई है। इस फिल्म ने अब तक 220 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी ये फिल्म, इमरान हाशमी की 2009 में आई फिल्म आवारापन का सीक्वल है। फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी और शबाना आजमी भी अहम किरदारों में हैं।
अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया:यह भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर; ट्रम्प बोले- इतिहास की सबसे बड़ी डील

अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर कंट्रोल हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि अमेरिका के पास खुद करीब 46 अरब बैरल तेल है। भारत से तुलना करें तो देश हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इस हिसाब से 65 अरब बैरल तेल भारत के 40 साल के ऑयल इम्पोर्ट के बराबर है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह काम वेनेजुएला में काम करने वाली एक निजी कंपनी के साथ मिलकर किया जाएगा। इस साझेदारी से निकलने वाले तेल में अमेरिका को 55% हिस्सा मिलेगा। हालांकि, इस निजी कंपनी का नाम अभी नहीं बताया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने भी इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है। वेनेजुएला में 300 अरब बैरल तेल मौजूद वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है। ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिकी कंट्रोल की बात कर रहे हैं, वह वेनेजुएला के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। वेनेजुएला के पास इतना बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद वहां उत्पादन काफी कम है। आर्थिक संकट, निवेश की कमी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उसका तेल उद्योग लंबे समय से मुश्किल में है। अमेरिका के हिस्से में कितना तेल आएगा इस डील में सबसे अहम बात अभी भी साफ नहीं है। अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल का मालिकाना हक मिलेगा या सिर्फ उसके उत्पादन में बड़ा हिस्सा मिलेगा, यह समझना जरूरी है। अभी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमेरिका को साझेदारी से होने वाले तेल उत्पादन का 55% हिस्सा मिलेगा। लेकिन इस काम में शामिल निजी कंपनी का नाम और समझौते की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं। इसलिए 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल होने का मतलब यह नहीं है कि पूरा तेल अमेरिका का हो गया है। असल में अमेरिका को कितना अधिकार मिलेगा, यह डील की पूरी शर्तें सामने आने के बाद ही साफ होगा। 100 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश राष्ट्रपति रोड्रिग्ज के मुताबिक, समझौते के तहत वेनेजुएला के 17 तेल क्षेत्रों को दोबारा विकसित किया जाएगा। इसमें 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश होने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इस पूरे काम से वेनेजुएला की सरकार को आने वाले समय में करीब 209 अरब डॉलर टैक्स मिल सकता है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अपने बड़े तेल भंडार का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करना चाहता है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले रिश्ते अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते जनवरी में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदल गए। डेल्सी रोड्रिग्ज के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों में बातचीत बढ़ी और वेनेजुएला का तेल इसका सबसे अहम मुद्दा बन गया। इसके बाद वेनेजुएला ने तेल उद्योग के नियम बदले। नए नियमों से विदेशी कंपनियों को ज्यादा अधिकार मिले और अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां निवेश और तेल उत्पादन बढ़ाने का रास्ता खुल गया। वेनेजुएला के पास सबसे ज्यादा तेल, फिर भी गरीब वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है। देश की सरकारी तेल कंपनी कमजोर हुई, तेल उद्योग में निवेश कम हुआ और उत्पादन लगातार गिरा। इसके अलावा अमेरिकी प्रतिबंधों ने भी तेल कारोबार को नुकसान पहुंचाया। यानी जमीन के नीचे तेल बहुत है, लेकिन उसे निकालने, बेचने और उससे कमाई करने की क्षमता कमजोर हो गई। इसके साथ ही देश में कई साल तक महंगाई, आर्थिक कुप्रबंधन और राजनीतिक अस्थिरता रही। इसका सीधा असर आम लोगों की कमाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा। इस डील से OPEC को चुनौती OPEC तेल उत्पादक देशों का समूह है। इसके सदस्य तेल का उत्पादन घटाकर या बढ़ाकर बाजार में सप्लाई को प्रभावित करते हैं। सप्लाई कम हो तो कीमत बढ़ सकती है और ज्यादा तेल आने पर कीमत घट सकती है। वेनेजुएला भी OPEC का सदस्य है। अगर वेनेजुएला का उत्पादन बढ़ा और बाजार में ज्यादा तेल आया, तो तेल की कीमतों पर गिरावट का दबाव बन सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डील के तुरंत बाद पेट्रोल-डीजल सस्ता हो जाएगा। वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने में समय लगेगा। इसके अलावा ईरान युद्ध, OPEC के फैसले, दुनिया में तेल की मांग और दूसरे देशों का उत्पादन भी कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। —————————– रिपोर्ट- वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका:ट्रम्प दुनिया की बड़ी ऑयल कंपनियों के अफसरों से मिले; रिलायंस भी तेल खरीद सकती है अमेरिका, भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,

कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।
मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,

कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।






