वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स रैंकिंग में पाकिस्तान से भी पीछे भारत:सरकार ने 300 बेटिंग वेबसाइट्स, एप ब्लॉक कीं; 21 मार्च के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. सरकार ने 300 ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट्स-एप्स ब्लॉक किए 20 मार्च को सरकार ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 वेबसाइट्स-एप्स को ब्लॉक किया है। 2. ISRO ने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के साथ MoU साइन किया 19 मार्च को हेडक्वाटर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (HQ IDS) और स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (SAC) ISRO ने एक MoU साइन किया। 3. लियोनेल मेसी 900 गोल क्लब में शामिल हुए 18 मार्च को अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ऑफिशियल मैचों में 900 गोल करने वाले दुनिया के दूसरे फुटबॉलर बन गए। 4. भारत वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2028 की मेजबानी करेगा 20 मार्च को भारत को वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2028 की मेजबानी मिली। 5. हांगकांग फिल्ममार्ट 2026 में इंडियन पवेलियन शुरू हुआ 19 मार्च को भारत ने हांगकांग इंटरनेशनल फिल्म और टीवी मार्केट – फिल्ममार्ट 2026 में एक इंडियन पवेलियन की शुरुआत की। 5. ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और मलावी की ऊर्जा मंत्री ने मुलाकात की 19 मार्च को नई दिल्ली में इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 हुई। इस समिट में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टरऔर अफ्रीकी देश मलावी की ऊर्जा और खनन मंत्री डॉ. जीन मथांगा ने द्विपक्षीय बैठक की। 6. वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 जारी 18 मार्च को यूनाइटेड नेशन ने वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 जारी की। आज का इतिहास 21 मार्च ————————— ये खबरें भी पढ़ें… उसूलों का हवाला देकर HDFC बैंक चेयरमैन का इस्तीफा: अर्जेंटीना ने WHO छोड़ा, कोरोनाकाल में भेदभाव का आरोप लगाया; 20 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें…
असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे – थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम
राजनाथ बोले- पहाड़ का पानी-जवानी यहीं के काम आनी चाहिए:उत्तराखंड के CM साधारण नहीं धुरंधर; धामी ने रक्षा मंत्री को बताया अजातशत्रु

हल्द्वानी में धामी सरकार के 4 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि उत्तराखंड इतनी तेजी से विकसित होगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ का पानी और जवानी अब यहीं के काम आनी चाहिए। रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि वह साधारण नहीं, बल्कि धुरंधर हैं। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में प्रदेश ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है और लगातार आगे बढ़ रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में रक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें अजातशत्रु बताया। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन प्रदेश के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है और उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम में नई ऊर्जा आई है। कार्यक्रम में राजनाथ सिंह को सुनने के लिए करीब 15 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे, जिन्हें संबोधित करने के बाद रक्षा मंत्री अब पंतनगर एयरपोर्ट की ओर रवाना हो गए और फिर यहीं से वह दिल्ली के लिए निकल गए। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS… रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान की 5 बड़ी बातें… अब पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे – थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम
सीटों पर एक्सट्रा-चार्ज ना लगाने पर विमान कंपनियों का विरोध:कहा-हमें हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा; मंत्रालय से फैसला वापस लेने को कहा

भारत की बड़ी विमान कंपनियां इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइस जेट ने 60 % सीटों पर एक्सट्रा चार्ज ना वसूलने का सरकार के फैसले विरोध किया है। एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से उन्हें अपनी खोई हुई कमाई की भरपाई के लिए हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। तीनों एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है। फेडरेशन ने कहा… इस निर्देश का एयरलाइंस पर वित्तीय प्रभाव काफी अधिक होगा। इसके परिणामस्वरूप, सभी यात्रियों को, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो शायद पहले से सीटें नहीं चुनना चाहते, उन्हें भी अधिक किराया देना पड़ेगा। दरअसल, मिनिस्ट्री ने बुधवार को भारत में हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए थे। नए आदेश के मुताबिक एयरलाइंस की हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के बुक होंगी। ये निर्देश घरेलू फ्लाइट्स पर लागू होंगे। FIA ने और क्या कहा… अभी 20% सीटें ही बिना चार्ज बुक होती हैं मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। ये कदम इसलिए उठाए गए हैं क्योंकि एयरलाइंस सीट चुनने समेत कई सर्विसेस के लिए बहुता ज्यादा शुल्क वसूल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। इसके अलावा एक ही PNR (बुकिंग रेफरेंस) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बिठाया जाएगा या उन्हें आस-पास की सीटें दी जाएंगी। एडिशनल चार्जेस को सवाल-जवाब में समझिए सवाल: क्या अब सीट चुनने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे? जवाब: नहीं, अब फ्लाइट की कम से कम 60% सीटें फ्री होंगी, यानी आपको हर बार सीट के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सवाल: क्या परिवार या साथ यात्रा करने वाले लोग अलग-अलग बैठेंगे? जवाब: नहीं, अगर आपकी बुकिंग एक ही PNR पर है, तो आपको साथ या पास-पास सीट दी जाएगी। सवाल: क्या खेल का सामान या म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट ले जाना आसान होगा? जवाब: हां, अब इसके लिए स्पष्ट और आसान नियम बनाए जाएंगे, जिससे आपको पहले से पता रहेगा क्या करना है। सवाल: क्या पालतू जानवर (pet) साथ ले जा सकते हैं? जवाब: हां, लेकिन नियम के साथ। एयरलाइंस को इसके लिए साफ पॉलिसी बतानी होगी, ताकि कोई कन्फ्यूजन न रहे। सवाल: अगर फ्लाइट लेट या कैंसिल हो जाए तो क्या मिलेगा? जवाब: आपको अधिकार मिलेंगे, जैसे- रिफंड, दूसरी फ्लाइट या वेटिंग रूम, जो नियम में तय है। सवाल: मुझे अपने अधिकार कैसे पता चलेंगे? जवाब: अब आसानी से एयरलाइंस को वेबसाइट, एप और एयरपोर्ट पर स्पष्ट जानकारी दिखानी होगी। ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते थे। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती थीं। DGCA के नए आदेश के मुताबिक, अब हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें। ————– ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड:फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 26 फरवरी को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
सीटों पर एक्सट्रा-चार्ज न लगाने पर विमान कंपनियों का विरोध:कहा-हमें हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा; मंत्रालय से फैसला वापस लेने को कहा

भारत की बड़ी विमान कंपनियां इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइस जेट ने 60 % सीटों पर एक्सट्रा चार्ज ना वसूलने का सरकार के फैसले विरोध किया है। एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से उन्हें अपनी खोई हुई कमाई की भरपाई के लिए हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। तीनों एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है। फेडरेशन ने कहा… इस निर्देश का एयरलाइंस पर वित्तीय प्रभाव काफी अधिक होगा। इसके परिणामस्वरूप, सभी यात्रियों को, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो शायद पहले से सीटें नहीं चुनना चाहते, उन्हें भी अधिक किराया देना पड़ेगा। दरअसल, मिनिस्ट्री ने बुधवार को भारत में हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए थे। नए आदेश के मुताबिक एयरलाइंस की हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के बुक होंगी। ये निर्देश घरेलू फ्लाइट्स पर लागू होंगे। FIA ने और क्या कहा… अभी 20% सीटें ही बिना चार्ज बुक होती हैं मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। ये कदम इसलिए उठाए गए हैं क्योंकि एयरलाइंस सीट चुनने समेत कई सर्विसेस के लिए बहुता ज्यादा शुल्क वसूल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। इसके अलावा एक ही PNR (बुकिंग रेफरेंस) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बिठाया जाएगा या उन्हें आस-पास की सीटें दी जाएंगी। एडिशनल चार्जेस को सवाल-जवाब में समझिए सवाल: क्या अब सीट चुनने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे? जवाब: नहीं, अब फ्लाइट की कम से कम 60% सीटें फ्री होंगी, यानी आपको हर बार सीट के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सवाल: क्या परिवार या साथ यात्रा करने वाले लोग अलग-अलग बैठेंगे? जवाब: नहीं, अगर आपकी बुकिंग एक ही PNR पर है, तो आपको साथ या पास-पास सीट दी जाएगी। सवाल: क्या खेल का सामान या म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट ले जाना आसान होगा? जवाब: हां, अब इसके लिए स्पष्ट और आसान नियम बनाए जाएंगे, जिससे आपको पहले से पता रहेगा क्या करना है। सवाल: क्या पालतू जानवर (pet) साथ ले जा सकते हैं? जवाब: हां, लेकिन नियम के साथ। एयरलाइंस को इसके लिए साफ पॉलिसी बतानी होगी, ताकि कोई कन्फ्यूजन न रहे। सवाल: अगर फ्लाइट लेट या कैंसिल हो जाए तो क्या मिलेगा? जवाब: आपको अधिकार मिलेंगे, जैसे- रिफंड, दूसरी फ्लाइट या वेटिंग रूम, जो नियम में तय है। सवाल: मुझे अपने अधिकार कैसे पता चलेंगे? जवाब: अब आसानी से एयरलाइंस को वेबसाइट, एप और एयरपोर्ट पर स्पष्ट जानकारी दिखानी होगी। ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते थे। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती थीं। DGCA के नए आदेश के मुताबिक, अब हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें। ————– ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड:फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 26 फरवरी को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर में प्लास्टिक के लालच में फैक्ट्री में घुसा नाबालिग:सिक्योरिटी इंचार्ज ने बंधक बनाकर पीटा, कुर्सी से बांध दिया, रात को पुलिस पहुंची तो छोड़ा

ग्वालियर में यूनीपेच फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल फांदकर एक नाबालिग प्लास्टिक चोरी कर बेचने के लालच में अंदर दाखिल हो गया। पर उसके बाउंड्री के अंदर पहुंचते ही सिक्योरिटी में तैनात जवानों ने उसे पकड़ लिया। सिक्योरिटी इंचार्ज ने आए दिन हो रही चोरी का इल्जाम उस पर लगाकर उसको एक कमरे में ले जाकर पीटा गया। इतना ही नहीं उसे एक कुर्सी से बांध दिया गया। घटना दोपहर बाद 4 बजे के लगभग यूनीपेच फैक्ट्री भिंड रोड गोला का मंदिर की है। रात को जब अंदर से मारपीट की आवाज बाहर आई तो कुछ लोगों ने मामले की सूचना आसपास के सामाजिक कार्य करने वालों को दी। सूचना मिलते ही DIAL 112 व गोला का मंदिर थाना पुलिस भी पहुंची। हंगामा बढ़ गया तो फैक्ट्री के मैनेजर समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और उसके बाद नाबालिग को बाहर निकाला है। शुक्रवार रात 11.30 बजे तक मामले में एफआईआर के लिए नाबालिग के परिजन से बातचीत चल रही थी। मध्यप्रदेश के मुरैना निवासी एक 16 वर्षीय किशोर यहां ग्वालियर के हजीरा में अपनी बहन के यहां रहता है। नाबालिग कबाड़ा का काम करता है। वह लोहा, प्लास्टिक एकत्रित कर बेचता है। शुक्रवार को नाबालिग शहर के गोला का मंदिर भिंड रोड स्थित यूनपेच फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल से अंदर कूद गया। अंदर काफी मात्रा में प्लास्टिक का सामान पड़ा हुआ था। नाबालिग को लगा कि वह यहां से काफी मात्रा में प्लास्टिक चोरी कर ले जा सकता है और बाहर उसकी अच्छी कीमत मिल जाएगी। जैसे ही नाबालिग बाउंड्री वॉल से अंदर पहुंचा तो फैक्ट्री में सिक्योरिटी कर रहे गार्ड्स की नजर उस पर पड़ गई। नजर पड़ते ही गार्ड्स ने उसे पकड़ लिया और एक कमरे में ले गए। कुर्सी से बांधकर पीटा, रात तक बंधक बनाकर रखा इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड नाबालिग को लेकर अंदर कमरे में पहुंचे और मारपीट कर उसे कुर्सी से हाथ-पैर बांधकर छोड़ दिया। कुछ देर बाद सिक्योरिटी इंचार्ज विनोद सिंह वहां पहुंचे। पुरानी चोरियों का आरोप नाबालिग पर लगाते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया। दोपहर से रात 10 बजे तक उसे अंदर ही बंधक बनाकर रखा। जब आसपास वालों ने नाबालिग की आवाज सुनी और पूरे मामले का पता लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। रात 11.30 बजे तक चल रहा था मामला इसके बाद पास ही रहने वाले सुनील कुमार को यह बात पता लगी तो उन्होंने डायल -112 को कॉल किया। साथ ही मामले की सूचना से गोला का मंदिर पुलिस को अवगत कराया है। इसके बाद पुलिस व डायल 112 भी वहां पहुंच गई। काफी देर हंगामा के बाद कंपनी के प्रबंधक अशोक पांडे को कंपनी ने वहां हालात देखने के लिए भेजा। इसके बाद वहां पुलिस अंदर पहुंची तो नाबालिग खड़ा मिला है। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने उसे बंधक बनाकर कमरे में कुर्सी से हाथ पैर बांधकर पीटने का आरोप लगाया है। इसके बाद घायल नाबालिग के परिजन भी गोला का मंदिर थाना पहुंच गए। पुलिस का कहना इस मामले में गोला का मंदिर थाना पुलिस का कहना है कि एक नाबालिग फैक्ट्री की दीवार फांदकर अंदर पहुंचा था। उसे फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड्स ने मारपीट की है। मामले की जांच की जा रही है।
माउथ फ्रेशनर बनी चाय!, झारखंड के किसान ने बनाई अनोखी औषधीय चायपत्ती

Last Updated:March 20, 2026, 23:46 IST Palamu News:आज के समय में जहां लोग स्वाद के साथ सेहत को भी प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं झारखंड के पलामू के शिव कुमार पांडे ने चाय को एक नया रूप दे दिया है. उन्होंने ऐसी खास चायपत्ती तैयार की है, जो सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि माउथ फ्रेशनर और औषधीय गुणों से भरपूर हेल्थ ड्रिंक भी है. प्राकृतिक तेलों से तैयार इस अनोखी चाय की खुशबू और स्वाद लोगों को आकर्षित कर रही है, वहीं इसके स्वास्थ्य लाभ इसे आम चाय से अलग बनाते हैं. रिपोर्ट- शशिकांत कुमार ओझा चाय हमारे दैनिक खान-पान में शामिल हो गयी है. आज के दौर में लोग सेहत के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं. यही वजह है कि सामान्य चाय के साथ-साथ हर्बल और औषधीय चाय की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. लोग ऐसी चाय पसंद कर रहे हैं जो स्वाद के साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाए. इसी बीच झारखंड के पलामू जिले के डाल्टनगंज निवासी शिव कुमार पांडे ने चाय की दुनिया में एक अनोखा प्रयोग किया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. उन्होंने एक ऐसी खास चायपत्ती तैयार की है, जो न केवल स्वाद और सुगंध में अलग है, बल्कि माउथ फ्रेशनर के रूप में भी काम करती है. शिव कुमार पांडे का दावा है कि उनकी बनाई हुई यह चायपत्ती औषधीय गुणों से भरपूर है. इस चाय से बनी एक कप चाय सिर्फ ताजगी देने वाला पेय नहीं, बल्कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में भी फायदेमंद साबित हो सकती है. उनके अनुसार यह चाय गठिया, जोड़ों के दर्द, सिरदर्द, साइट्रिक समस्या और पाचन संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद कर सकती है. यानी एक कप चाय अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी साथ लेकर आती है. Add News18 as Preferred Source on Google शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि यूं तो चाय पीना लगभग हर किसी के खान पान में शामिल है. वहीं चाय कई प्रकार की होती है. लेकिन आयुर्वेदिक चाय स्वास्थ्य के लिए कई लाभ देती है. उन्होंने एक खास प्रकार की चाय बनाई है. इस खास चायपत्ती को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मसालों के पाउडर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया है. इसके बजाय उन्होंने बगानों से लाई गई शुद्ध चायपत्ती में विभिन्न प्राकृतिक मसालों के तेलों का मिश्रण किया है. इस चायपत्ती को तैयार करने में इलायची का तेल, गुलाब का तेल, लौंग का तेल, दालचीनी का तेल, जावित्री का तेल, अदरक का तेल और सौंफ के तेल का इस्तेमाल किया गया है. इन प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार चायपत्ती न सिर्फ बेहद सुगंधित हो जाती है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी बढ़ जाते हैं. इस चाय की एक और खासियत यह बताई जा रही है कि इसे पीने के बाद मुंह लंबे समय तक ताजगी से भरा रहता है. शिव कुमार पांडे के अनुसार यदि कोई व्यक्ति चाय पीने के बाद भोजन भी नहीं करता है, तब भी उसके मुंह में ताजगी बनी रहती है. इसी वजह से इसे माउथ फ्रेशनर चायपत्ती कहा जा रहा है. कीमत की बात करें तो यह चायपत्ती पूरी तरह प्राकृतिक और औषधीय तेलों से तैयार की गई है, इसलिए इसकी कीमत सामान्य चायपत्ती से अधिक रखी गई है. इसकी 100 ग्राम की कीमत 600 रुपये तय की गई है. इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं. शिव कुमार पांडे पहले भी कई तरह के प्राकृतिक तेल, पाउडर और खाद्य उत्पाद तैयार कर चुके हैं. अपने नए प्रयोगों के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं. इस बार उन्होंने जिस अनोखी चायपत्ती को तैयार किया है, उसे लेकर उनका कहना है कि आने वाले समय में यह न केवल झारखंड बल्कि देश और विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाएगी. First Published : March 20, 2026, 23:46 IST
जोरहाट में कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार ने दम दिखाया, ज्ञानश्री बोरा ने नामांकन किया; बीजेपी का भेद कैसे पता चलेगा?

असम में डेमोनैकी ज़ोरा पकड़ का भुगतान किया गया है। यहां मारियानी और जोरहाट में शुक्रवार को शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। यहां कांग्रेस-रायजोर दल गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. ज्ञानश्री बोरा ने अपना नामांकन नामांकन दाखिल किया। लिनेक्स शोरगुल के बीच मेरियानी क्षेत्र राजनीतिक क्षेत्र बन गया है। नामांकन रैली के दौरान भारी भीड़ डॉ. बोरा के समर्थन में देखने को मिला। इस दौरान एक भव्य रैली भी हुई। इसमें सैकड़ा सैकड़ा भाग लिया गया। ढोल की थाप, नारों और जबरदस्त उस्ताह ढोल की थाप में देखने को मिला। जोरहार्ट के कमिश्नर कार्यालय में नामांकित पद पर नियुक्त किया गया। डॉ. बोरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर जनता उन्हें चुनती है, तो वह विधानसभा के हर सत्र में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाएंगे. साथ ही कहा कि उनकी देशी जनता की आवाज प्रभावी ढंग से स्वस्थ रहने को लेकर रहेगी। साथ ही लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम की सूची। जनसेवा समर्पित रहेगी मेरी राजनीति: डॉ. बोरा डॉ. बोरा ने कहा कि राजनीति में एक निर्णय क्षेत्र के लोगों के लिए जनसेवा और मारियानी के विकास को लेकर रहेंगे। उन्होंने असम-नागालैंड विवाद, पीने के पानी की कमी, परिवारों की खराब स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को संस्थागत सीमा तक सीमित कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने में स्थिर सहयोगी के रूप में ज्योतिकुरमी पर भी अर्थशास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में बार-बार मशीन निर्माण के बाद भी मारियानी से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से नहीं उठाया गया। साथ ही कहा कि जहां एक ओर सागर में एक ओर जनता अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विद्युत क्षेत्र की आवाज बड़े पैमाने पर अनसुनी हो रही है। क्यों अहम है मरियानी विधानसभा? मरियानी विधानसभा का यह मुकाबला इसलिए भी अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र से पांच बार से विधायक के रूप में विधायक ज्योति कुर्मी विधायक हैं। वे 2021 में बीजेपी में शामिल होने से पहले कांग्रेस नेता के तौर पर इस पद पर आसीन थे. पार्टी परिवर्तन के बाद उन्होंने संसदीय चुनाव लड़ा। विधानसभा में फिर से जीत हासिल की. इससे क्षेत्र में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। इसके अलावा डॉ. बोरा ने इलाके में बदलाव की लहर की ओर रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अलग-अलग परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। जनता से मिल रहे इस समर्थन ने अविश्वास को अपने पक्ष में आने के लिए उनके विश्वास को और मजबूत किया है। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर संवैधानिक अधिकार, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया। साथ ही धर्म और जाति की राजनीति की भी आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह इलेक्ट्रोनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एक सामूहिक लड़ाई होगी। यह जनता के लिए लड़की जाने वाली लड़ाई है। आख़िरकार जीत जनता की ही होगी. अगर वह तकनीशियन बनाए जाते हैं, तो वे विधानसभा में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर विवाद करेंगे। असलहा, मारियानी बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। लेकिन ऐसे में सवाल है कि डॉ. ज्ञानश्री बोरा कैथोलिक का कट्टर विचारधारा? यह भी पढ़ें: असम चुनाव: कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 क्लबों का किया ऐलान
असम में कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 7 का विमोचन

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव 2026) के लिए कांग्रेस (कांग्रेस) ने नोबेल की चौथी लिस्ट जारी की है। इस सूची में पार्टी ने अपने सात जंगलों का जंगल की घोषणा की है। इसके अलावा, पार्टी ने 11 वामपंथी गठबंधन में वामपंथियों को शामिल करने की घोषणा की है। सूची में कौन-कौन से अभ्यर्थी शामिल? पार्टी कांग्रेस की ओर से जारी चौथी सूची में सात झुंझुनू के नाम शामिल हैं, जिसमें राज्य के जालुक बाबा विधानसभा क्षेत्र से बिदिशा नियोग को उम्मीदवार बनाया गया है, तांगला से रोहित परिगा, बिश्वनाथ सीट से जयंत बोरा, नौबोइचा की (एससी) रिजर्व सीट से डॉ. जॉय प्रकाश दास, महमोरा सीट से ज्ञानदीप मोहन, तिताबोर सीट से प्राण कुर्मी और हेलकांडी सीट से राहुल रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस ने वामपंथियों की दी उपाधि कौन सा मंदिर? पार्टी ने अपने सहयोगी दल के साथ चौथी सूची के साथ 11 विधानमंडल के किले की भी घोषणा की है, जिसे वह अपने सहयोगी सहयोगी दल के लिए छोड़ रही हैं। इसमें मानस, दलगांव, धिंग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा के नाम शामिल हैं। जोरहाट सीट से चुनाव लड़ेंगे गौरव गोगोई असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने राज्य की प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष और विपक्ष में नामांकन के लिए गौरव गोगोई को जोर-शोर से सीट से उम्मीदवार बनाया है। अब तक कांग्रेस पार्टी ने ब्याज की कुल चार लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में 3 मार्च, 2026 को अपने बॉन्ड के रिलीज की पहली सूची जारी की थी। इसके बाद दूसरी सूची 14 मार्च को, फिर 22 किले के जंगलों के साथ तीसरी सूची 18 मार्च को और अब 7 किले के जंगलों के साथ चौथी सूची जारी की जाएगी। असम में कब होंगे विधानसभा चुनाव? भारतीय चुनाव आयोग ने असम में चुनावी तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को एकल चरण में विधानसभा का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद गणित की गिनती और कल्पना की घोषणा 4 मई, 2026 को की जाएगी। यह भी पढ़ें: भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े, डीजल ईंधन में बदलाव नहीं, जानें दिल्ली, मुंबई से लेकर यूपी-बिहार तक की कीमतें









