Saturday, 02 May 2026 | 07:41 PM

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बच्चों के दूध के दांतों को न समझें ‘अस्थायी’! डेंटिस्ट की चेतावनी- आपकी एक गलती बिगाड़ देगी बच्चे का चेहरा, जानिए ब्रश करने की सही उम्र

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X चौंकाने वाली रिपोर्ट: बच्चों के ‘दूध के दांत’ क्यों हैं इतने जरूरी?   Kids Dental Health Tips: राजस्थान के दंत विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी ने चेतावनी दी है कि बच्चों के दूध के दांतों की अनदेखी उनके स्थायी दांतों को खराब कर सकती है. बोतल से दूध पीकर सोना और अंगूठा चूसना जैसी आदतें दांतों के आकार और सेहत को बिगाड़ रही हैं. विशेषज्ञों ने 3 साल की उम्र से ही ब्रश करने और मीठा कम करने की सलाह दी है.

‘मेरी बेटी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए’: आरजी कार पीड़िता की मां ने पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी से टिकट मांगा | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 08:46 IST आरजी कर पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने उनकी बेटी के मामले में जांच में बाधा डालने की कोशिश की थी. शहर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के खिलाफ कोलकाता में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। (फोटो: पीटीआई) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक बड़े घटनाक्रम में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पीड़िता की मां ने घोषणा की है कि वह भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकती हैं। गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राज्य से मौजूदा टीएमसी सरकार को हटाना है क्योंकि उन्होंने उनकी बेटी के मामले में जांच में बाधा डालने की कोशिश की थी। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मृतक डॉक्टर की मां ने कहा कि उन्हें उत्तर 24 परगना के पानीहाटी निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारने की संभावना है, और उनका नाम उम्मीदवारों की तीसरी सूची में शामिल हो सकता है जिसे भाजपा जल्द ही जारी करने वाली है। दुखी मां ने बताया कि उन्हें पहले बीजेपी से ऑफर मिला था लेकिन वह उस समय मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जिनके पास गृह विभाग भी है, का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे बहुत पहले भाजपा से एक प्रस्ताव मिला था, लेकिन मैं तब मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। कल, मैंने इसे स्वीकार करने और चुनाव लड़ने का फैसला किया क्योंकि मैं गृह मंत्री के शासन को समाप्त करना चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं अपनी बेटी को न्याय सुनिश्चित करने और इस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए राजनीति में प्रवेश कर रही हूं।” इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने टिप्पणी की, “यह परिवार पर निर्भर है कि वे क्या करना चाहते हैं।” उन्होंने भाजपा और टीएमसी दोनों पर महिला मेडिकल इंटर्न के खिलाफ अपराध के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के इरादे की कमी का आरोप लगाया। सलीम ने कहा, “टीएमसी सरकार ने सभी सबूत नष्ट कर दिए। पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने का भी प्रयास किया गया, जिसे सीपीआई (एम) और डीवाईएफआई सदस्यों ने विफल कर दिया। इसी तरह, भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में भी अपराध को छुपाने के लिए हाथरस पीड़िता के शव को इसी तरह से ठिकाने लगा दिया गया।” सलीम ने कहा, “मैं समझता हूं कि माता-पिता असहाय हैं। हमने कभी भी परिवार से सीपीआई (एम) का समर्थन करने के लिए नहीं कहा था। हमारे साथी, साथ ही हमारे सैकड़ों समर्थक, हमारी बेटी-बहन के लिए न्याय की मांग करते हुए और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार संस्थागत भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए सड़कों पर उतरे थे। हम साजिशकर्ताओं को दंडित करने की अपनी मांग पर कायम हैं।” आरजी कर रेप केस अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल के अंदर 31 वर्षीय डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई, जिससे देश भर में आक्रोश फैल गया और राज्य भर में डॉक्टरों और नागरिक समाज समूहों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। यह मामला एक महत्वपूर्ण राजनीतिक युद्ध के मैदान में बदल गया, भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया, जबकि टीएमसी ने आरोपों से इनकार किया और जोर देकर कहा कि कानून अपना काम करेगा। जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 08:46 IST समाचार राजनीति ‘मेरी बेटी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए’: आरजी कार पीड़िता की मां ने पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी से टिकट मांगा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

लिव-इन में रहने के बाद रेप का आरोप गलत:एमपी हाईकोर्ट ने व्यापारी को किया बरी; कहा- सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

लिव-इन में रहने के बाद रेप का आरोप गलत:एमपी हाईकोर्ट ने व्यापारी को किया बरी; कहा- सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

दो वयस्क महिला-पुरुष यदि अपनी मर्जी से लिव-इन में रहते हैं। आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, लेकिन बाद में विवाद होने पर यदि महिला रेप की शिकायत दर्ज कराती है तो यह उचित नहीं है। यह कहते हुए एमपी हाईकोर्ट ने रेप केस में फंसे कटनी के कपड़ा व्यापारी को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने यह फैसला 17 मार्च को सुनाया। मामला कटनी के कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है। इनके खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और तलवार के बल पर रेप किया। पत्नी से हुआ विवाद, फिर युवती आई जिंदगी में कटनी के माधव नगर निवासी मुकेश ठाकुरानी (35) कपड़ा व्यवसायी हैं। वर्ष 2003 में उनका विवाह हुआ। उनके दो बच्चे हैं। 5 मई 2019 को किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ दहेज व भरण-पोषण का केस दर्ज कर दिया। इसी बीच 10 मई 2019 को कोर्ट के काम के दौरान मुकेश की मुलाकात कटनी में रहने वाली 24 वर्षीय युवती से हुई। वह भी अपने पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट आती थी। कोर्ट में दोनों की अकसर बातचीत होने लगी। युवती ने बताया कि उसका पति उसे परेशान करता है, जिसके खिलाफ उसने शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश के वैवाहिक विवाद की जानकारी मिलने पर वह उसके और करीब आ गई। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। युवती का कहना था कि अब सरकार भी लिव-इन रिलेशन को मान्यता देती है, इसलिए वे साथ रह सकते हैं। आगे चलकर दोनों अपने-अपने जीवन साथियों से तलाक लेकर शादी कर सकते हैं। इसके बाद दोनों गोवा, भेड़ाघाट और मैहर घूमने भी गए। लिव-इन की शुरुआत ठीक, फिर बढ़ा विवाद और बिगड़े रिश्ते मुकेश युवती के साथ लिव-इन में रहने को तैयार हो गया। 1 सितंबर 2019 को युवती अपनी मां और दो साल की बेटी के साथ मुकेश के घर आकर रहने लगी। शुरुआती कुछ दिन ठीक रहे, लेकिन समय बीतने के साथ दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान घर से लगातार नकदी और जेवरात गायब होने लगे। इस बारे में पूछने पर मुकेश और युवती के बीच विवाद बढ़ने लगा। याचिकाकर्ता के अनुसार, घर से करीब 15 लाख रुपए कैश और सोना गायब हो गया। जब इस संबंध में युवती से पूछताछ की गई तो उसने विवाद करना शुरू कर दिया। युवती ने मार्च 2020 में यह कहते हुए मुकेश का घर छोड़ दिया कि अब वह उसे जेल भिजवाएगी। एफआईआर के बाद अगले ही दिन गिरफ्तारी, जेल भेजा गया मुकेश का घर छोड़कर युवती अपने पति के घर लौट गई। 25 जुलाई 2020 को उसने कटनी के महिला थाने में मुकेश ठाकुरानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(n), 377, 294 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। युवती ने आरोप लगाया कि मुकेश ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी कहा कि शादी का झांसा देकर मुकेश ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही नाबालिग बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ जबरन यौन और अप्राकृतिक कृत्य किए। पुलिस ने अगले दिन 26 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से मुकेश को जेल भेज दिया गया। 20 अगस्त 2020 को 25 दिन तक कटनी जेल में रहने के बाद मुकेश को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लिव-इन के बाद दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट में दी चुनौती मर्जी से लिव-इन रिलेशन में रहने के बावजूद युवती ने कपड़ा व्यापारी पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे चुनौती देते हुए व्यापारी ने हाईकोर्ट में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस जांच में भी सामने आया कि मुकेश के मोबाइल में ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला, जिसके आधार पर वह युवती को ब्लैकमेल कर रहा हो। इसके अलावा, घर की तलाशी के दौरान भी कोई तलवार बरामद नहीं हुई। सीनियर वकील बोले- संबंध सहमति से, आरोप निराधार याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस तथ्य से भली-भांति अवगत थी कि तलाक मिलने तक वह दूसरा विवाह नहीं कर सकती, जैसा कि उसके सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान से स्पष्ट है। आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप के संबंध में साइबर सेल को कोई भी सबूत नहीं मिला, जो पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र से भी स्पष्ट है। इसलिए युवती का यह आरोप कि पत्नी को तलाक देने के झूठे आश्वासन पर उसे रिश्ते में फंसाया गया, असत्य है। डेढ़ साल तक रहे शारीरिक संबंध, दोनों थे विवाहित याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने कोर्ट को बताया कि युवती और उसके पति ने समाज में अपनी छवि बचाने के लिए दोबारा साथ आकर झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। विशेष रूप से यह तथ्य सामने आया कि पहले से विवाहित दो व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे, जिनमें समय के साथ दरार आ गई और वे स्वतः समाप्त हो गए। यह स्थिति याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकती। विवाह का आश्वासन अवास्तविक, आरोप निराधार कोर्ट को बताया गया कि विवाह के आश्वासन का आरोप भी निराधार है, क्योंकि युवती पहले से विवाहित थी और उसका एक बच्चा भी था, इसलिए ऐसा वादा स्वाभाविक रूप से अवास्तविक था। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत जबरदस्ती या चोट पहुंचाने की धमकी के संबंध में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने पाया- आरोप सही नहीं, एफआईआर रद्द सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने बताया कि जस्टिस बी.पी. शर्मा की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि

हरियाणवी एक्ट्रेस की कमर छूने का मामला पहुंचा महिला आयोग:अंजलि राघव ने कहा- पवन सिंह की टीम ने बदनाम किया; सीता का रोल छिना

हरियाणवी एक्ट्रेस की कमर छूने का मामला पहुंचा महिला आयोग:अंजलि राघव ने कहा- पवन सिंह की टीम ने बदनाम किया; सीता का रोल छिना

हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर द्वारा कमर छूने का मामला फिर तूल पकड़ गया है। अंजिल ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत भेजी है। ई-मेल के जरिये इस मामले से जुड़े सबूत भी आयोग को भेजे हैं। असल में रैपर सिंगर बादशाह के मामले में महिला आयोग के सख्त रवैये के बाद अंजलि ने शिकायत करने की हिम्मत जुटाई। अंजलि ने कहा कि उस दिन लखनऊ में पहले मंच पर पवन सिंह ने गलत तरीके से कमर छुई। यह अनुचित व्यवहार था। यही नहीं बाद में बदनाम करने के लिए सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। अंजलि ने आयोग से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट हटवाए जाएं। एक्ट्रेस का कहना है कि इसी वजह से उनका दिल्ली रामलीला में सीता का रोल छिन गया। जानिए…आयोग को भेजी शिकायत में क्या अहम बातें सोशल मीडिया से अपमानजक पोस्ट हटवा अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। सीता का किरदार छिन गया शिकायत में आगे लिखा- मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। लखनऊ कार्यक्रम में हुआ विवाद कुछ माह पहले मैं अपने एक गाने के प्रमोशन के लिए लखनऊ गई थी। वहां भोजपुरी गायक पवन सिंह ने मंच पर मेरी अनुमति के बिना मुझे छुआ, जिसका वीडियो भी उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इंस्टाग्राम पर उठाई आवाज, मिली माफी अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। पीआर टीम ने लगातार धमकियां दी पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे औरबदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाहें भी फैलाई गईं। मानसिक तनाव और सामाजिक बहिष्कार का दावा इन घटनाओं के कारण मुझे मानसिक पीड़ा और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। इसका असर मेरे काम पर भी पड़ा। मैं दिल्ली रामलीला में पिछले लंबे समय से माता सीता का किरदार निभाती आ रही थी। मुझसे वो किरदार छीन लिया गया। जो मेरी दिवंगत माता की अंतिम इच्छा से जुड़ा था। कुछ लोगों ने मेरा और परिवार का बहिष्कार किया, जिससे अवसाद की स्थिति में पहुंच गईं। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की शिकायत में आगे लिखा- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। अब पढ़िए…कमर छूने से ट्रोलिंग तक की पूरी कहानी ————— यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी एक्ट्रेस बोलीं- अक्षरा ने पवन सिंह को बढ़ावा दिया: खुद कुछ नहीं बिगाड़ पाई, अब ज्ञान दे रही कि मैं होती तो उठाकर फेंक देती हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह पर पलटवार किया है। अंजलि राघव ने कहा कि अक्षरा सिंह ने ही पवन सिंह को बढ़ावा दिया और वे दोनों स्टेज पर सबके सामने किस करते थे। जब पवन सिंह ने अक्षरा सिंह को छोड़ा, तब वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाईं और अब वह ज्ञान दे रही है कि मैं होती तो उठाकर फेंक देती। (पूरी खबर पढ़ें)

‘उचित नहीं होगा’: असम के नए बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे ने कांग्रेस की उम्मीदवारी वापस ले ली | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 03:03 IST प्रतीक बोरदोलोई ने अपने पिता के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। असम पार्टी इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई के साथ कांग्रेस नेता प्रतीक बोरदोलोई (आर)। (फोटो: एक्स) असम के बाद म.प्र प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद, उनके बेटे प्रतीक ने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, जो चुनावी राज्य में नवीनतम राजनीतिक मोड़ का प्रतीक है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में, प्रतीक बोरदोलोई ने लिखा, “पार्टी के प्रति अत्यंत सम्मान और जिम्मेदारी की गहरी भावना के साथ, मैं मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के अपने फैसले से अवगत कराना चाहता हूं। वर्तमान परिस्थितियों में, मेरे पिता के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने के फैसले के बाद, मुझे लगता है कि मेरे लिए उम्मीदवार के रूप में बने रहना उचित नहीं होगा।” हालाँकि, प्रतीक ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि की, और कहा कि उन्होंने स्पष्टता सुनिश्चित करने और मतदाताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए अलग हटने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मार्गेरिटा के लोगों और प्रतिबद्ध कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक ऐसे उम्मीदवार की जरूरत है जिसकी स्थिति पार्टी के लिए महत्वपूर्ण क्षण में स्पष्ट और स्थिर हो। उन्होंने कहा, “मेरा निर्णय पूरी तरह से संगठन के प्रति मेरे सम्मान और कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और अनुशासन को बनाए रखने की मेरी इच्छा से निर्देशित है। हालांकि, मैं दोहराना चाहता हूं कि कांग्रेस के आदर्शों में मेरा विश्वास अटूट है। नेतृत्व जो भी उचित समझेगा, मैं पार्टी के लिए और मार्गेरिटा के विकास के लिए काम करना जारी रखूंगा।” यह भी पढ़ें: ‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ ऐसा तब हुआ जब वरिष्ठ बोरदोलोई ने 17 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अगले दिन नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए। असम बीजेपी ने दिसपुर विधानसभा सीट से प्रद्युत बोरदोलोई को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस ने उनके इस्तीफे को “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। 9 अप्रैल को होने वाले आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को एक बड़ा झटका लगने की उम्मीद है। इससे पहले, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए, जिससे पार्टी महत्वपूर्ण चुनावों से पहले एक बड़ी उथल-पुथल में फंस गई। जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 03:03 IST समाचार राजनीति ‘उचित नहीं होगा’: नए असम बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे ने कांग्रेस की उम्मीदवारी वापस ले ली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम की राजनीति(टी)प्रद्युत बोरदोलोई(टी)प्रतीक बोरदोलोई(टी)कांग्रेस पार्टी(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)मार्गेरिटा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र(टी)दिसपुर विधानसभा सीट

इंदौर अक्षय हत्याकांड के आरोपी जबलपुर में छिपे थे:पुलिस ने दबिश देकर तीन को पकड़ा; 100km दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था

इंदौर अक्षय हत्याकांड के आरोपी जबलपुर में छिपे थे:पुलिस ने दबिश देकर तीन को पकड़ा; 100km दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था

इंदौर में अक्षय शर्मा की हत्या को अंजाम देकर फरार हुए तीन आरोपियों को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर इंदौर पुलिस को सौंप दिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों पर 2-2 हजार रुपए का इनाम घोषित था। ये आरोपी इंदौर से फरार होने के बाद जबलपुर के राइट टाउन में रहने वाली भाजपा नेत्री शिखा शर्मा के घर सहित अन्य स्थानों पर छिपकर रह रहे थे। कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव के नेतृत्व में लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य की टीम ने शशिकांत शर्मा को आदि एन्क्लेव से, जबकि रवि और गौरव को पास के एक घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों को इंदौर पुलिस के हवाले कर दिया गया। 17 जनवरी 2026 को आठ आरोपियों ने मिलकर पहले अक्षय का अपहरण किया, उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे थाने के बाहर छोड़कर फरार हो गए थे। घर से बुलाकर उठाकर ले गए मृतक अक्षय शर्मा का अपने चाचा गोविंद और उनके परिवार से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। यह पूर्वजों का प्लॉट था, जिस पर अक्षय कब्जा करना चाहता था, जबकि गोविंद और अन्य रिश्तेदार भी उस पर अपना दावा कर रहे थे। इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। मृतक और आरोपी एक ही कैंपस में रहते थे और कई बार अक्षय को घर से बाहर निकालने की कोशिश भी की गई थी। 17 जनवरी की शाम शशिकांत शर्मा ने अक्षय को कॉल कर प्लॉट के पास बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और इंदौर से करीब 100 किलोमीटर दूर शाजापुर ले गए। इस दौरान उसे जबरन शराब भी पिलाई गई। शाजापुर में आरोपी उसे अपने एक दोस्त के फार्महाउस पर ले गए, जहां उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से मारपीट की गई। आरोपियों ने गर्म लोहे की रॉड से उसके शरीर पर कई जगह निशान बनाए और उसके प्राइवेट पार्ट को भी आग से जला दिया। गंभीर रूप से घायल करने के बाद 18 जनवरी को आरोपी उसे वापस इंदौर के बाणगंगा थाने के पास छोड़ गए। रेप की एफआईआर दर्ज कराई मृतक और आरोपी एक ही परिवार के हैं। आरोप है कि अक्षय ने रिश्ते में लगने वाली 22 वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म किया था, जिसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पुलिस ने अक्षय को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अक्षय शर्मा की हत्या के मामले में शशिकांत शर्मा, गोविंद शर्मा, रवि शर्मा, गौरव शर्मा, विनोद शर्मा, राहुल शर्मा, सत्यम शर्मा, रवि शर्मा और रिंकू शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। इंदौर पुलिस ने विनोद, रिंकू और राहुल को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार होकर जबलपुर में छिपे हुए थे। सत्यम और रवि अब भी फरार हैं। भाजपा नेत्री के घर से शशिकांत गिरफ्तार, साथियों का मिला सुराग इंदौर पुलिस को सूचना मिली कि अक्षय शर्मा हत्याकांड के तीन आरोपी शशिकांत, रवि और गौरव जबलपुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपे हुए हैं। पुलिस ने शहर के बस स्टैंड, होटल और ढाबों पर उनकी तलाश शुरू की। इस बीच गुरुवार को जानकारी मिली कि शशिकांत शर्मा अपनी सास शिखा शर्मा, जो खुद को भाजपा नेत्री बताती हैं, के घर में छिपा हुआ है, जबकि उसके दो अन्य साथी आसपास के इलाके में ठहरे हुए हैं। गुरुवार शाम पुलिस ने शिखा शर्मा के घर दबिश दी और शशिकांत को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने गौरव और रवि के ठिकाने की जानकारी दी। सीएसपी रितेश कुमार शिव ने बताया कि इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र निवासी अक्षय का अपहरण कर आरोपियों ने उसे गंभीर रूप से घायल किया और थाने के बाहर छोड़कर फरार हो गए थे। तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि ये तीनों जबलपुर में फरारी काट रहे थे, जिन्हें इंदौर पुलिस की मदद से पकड़ लिया गया। आरोपियों को बाणगंगा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जो उन्हें लेकर इंदौर रवाना हो गई है।

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान

बालाघाट जिले के गर्रा औद्योगिक क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के अवसर पर शासकीय भूमि पर स्थापित की गई मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को प्रशासन ने गुरुवार देर शाम हटा दिया। एसडीएम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 12 घंटे बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने न केवल प्रतिमाओं को अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया, बल्कि रात में ही जेसीबी चलाकर निर्माणाधीन मंदिर के ढांचे को भी ढहा दिया। प्रतिमाओं को वाहन में रखकर भेजा प्रशासनिक अमले ने शाम को विवादित स्थल की घेराबंदी कर बंद पर्दों के बीच मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मां दुर्गा, भगवान शंकर, नंदी, सूर्य और विष्णु की प्रतिमाओं को सरकारी वाहन में रखवाकर सम्मानपूर्वक विसर्जित या अन्यत्र स्थापित करने के लिए भेजा गया। हालांकि, प्रशासन ने अधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन प्रतिमाओं को वर्तमान में कहां रखा गया है। अतिक्रमण और बेदखली आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि उक्त भूमि पूरी तरह शासकीय है और वहां प्रतिमा स्थापना नियम विरुद्ध थी। प्रशासन ने पूर्व में भी यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोकने और अतिक्रमणकारियों को बेदखली के आदेश दिए थे। निर्देशों के उल्लंघन और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को देखते हुए हिंदू शास्त्रों के विधि-विधान और सम्मान के साथ प्रतिमाओं को वहां से हटाने का निर्णय लिया गया। सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान ग्राम पंचायत सरपंच वैभवसिंह बिसेन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे हिंदुत्व का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से ग्रामीण यहां नवरात्र मनाते आ रहे हैं और जनसहयोग से मंदिर खड़ा किया गया था। सरपंच ने बताया कि इस बेशकीमती जमीन को शराब भट्टी के लिए आवंटित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और मंदिर के ढांचे को हटाया है। देर रात चलाया बुलडोजर प्रतिमा स्थापना की सूचना के बाद गुरुवार सुबह से ही गर्रा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन सहमति न बनने पर बलपूर्वक कार्रवाई की गई। रात के अंधेरे में निर्माण कार्य गिराए जाने के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

Health Tips: बच्चों के ‘दूध के दांत’ गिरने वाले समझकर न करें इग्नोर, बन सकती है उम्र भर की परेशानी

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Last Updated:March 19, 2026, 20:24 IST Health News : डॉ. आशीष जोशी के अनुसार, बच्चों के दांतों की सही देखभाल जरूरी है. 11-12 साल तक दांतों की नींव बनती है. मीठा और बोतल से दूध पीकर सोने की आदत नुकसानदायक है. अंगूठा चूसना भी हानिकारक है. . अगर इस दौरान दूध के दांतों में कैविटी हो जाए, तो इसका असर अंदर विकसित हो रहे परमानेंट दांतों पर भी पड़ता है. पाली. अक्सर माता-पिता यह सोचकर बच्चों के दांतों की सफाई पर ध्यान नहीं देते कि ये तो दूध के दांत हैं, टूटेंगे और नए आ जाएंगे. लेकिन यह छोटी सी लापरवाही आगे चलकर परमानेंट दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है. दंत विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में ओरल हाइजीन की अनदेखी करने से कैविटीज का संक्रमण मसूड़ों की गहराई तक पहुंच जाता है. बोतल से दूध पीकर सोने की आदत और कम उम्र में मीठा ज्यादा खाना बच्चों के दांतों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है. ऐसे में जरूरी है कि समय रहते बच्चों में सही आदतें विकसित की जाएं. 11-12 साल की उम्र तक बनती है दांतों की नींवराजस्थान के दंत विशेषज्ञ और ओरोडेंटल सर्जन डॉ. आशीष जोशी ने बताया कि जन्म से लेकर 11-12 साल तक का समय बच्चों के दांतों के लिए सबसे अहम होता है. यही वह समय होता है जब स्थायी दांतों की नींव तैयार होती है. अगर इस दौरान दूध के दांतों में कैविटी हो जाए, तो इसका असर अंदर विकसित हो रहे परमानेंट दांतों पर भी पड़ता है. ऐसे में शुरुआती समय से ही दांतों की देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है. 3 साल से पहले की आदतें बनती हैं समस्या की जड़आमतौर पर माता-पिता बच्चों में ब्रश करने की आदत 3 साल की उम्र के बाद शुरू कराते हैं, लेकिन तब तक बच्चे के मुंह में 12 से 15 दांत आ चुके होते हैं. इन शुरुआती वर्षों में ही समस्या की शुरुआत हो जाती है. इस उम्र में बच्चों को मीठा और चॉकलेट ज्यादा पसंद आने लगता है. सबसे नुकसानदायक आदत है बच्चों को दूध की बोतल मुंह में लगाकर सुला देना. रातभर दांतों पर जमी शुगर बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है. समय पर सफाई न होने से दांत काले पड़ने लगते हैं और दर्द व पस जैसी समस्या भी हो सकती है, जिससे बच्चे के आत्मविश्वास पर भी असर पड़ता है. अंगूठा चूसने की आदत भी है नुकसानदायकडॉ. जोशी के अनुसार, अंगूठा चूसने की आदत भी बच्चों के दांतों और जबड़े के लिए हानिकारक होती है. लंबे समय तक ऐसा करने से दांतों का प्राकृतिक आकार बिगड़ सकता है. अंगूठे के दबाव के कारण दांत बाहर की ओर निकलने लगते हैं, जिसे बाद में ठीक करने के लिए लंबा और महंगा इलाज कराना पड़ता है. पेरेंट्स के लिए एक्सपर्ट की सलाह, इन बातों का रखें ध्यान शुगर कंट्रोल: बच्चों को कम से कम मीठा और चिपचिपी चॉकलेट खिलाएं.  क्लीनिंग हैबिट: बोतल से दूध पिलाने के बाद बच्चे का मुंह साफ और गीले कपड़े से जरूर पोंछें.  सोते समय सावधानी: कभी भी दूध की बोतल मुंह में लगाकर बच्चे को न सुलाएं. जल्द शुरुआत: जैसे ही पहला दांत दिखाई दे, उसकी सफाई शुरू कर दें और 2-3 साल की उम्र तक सॉफ्ट ब्रश की आदत डाल दें. About the Author Anand Pandey नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें Location : Pali,Pali,Rajasthan First Published : March 19, 2026, 20:22 IST

कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 वॉल्वो की घोषणा की

कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 वॉल्वो की घोषणा की

असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने 22 की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। चुनावी तारीखों की घोषणा सबसे पहले पार्टी ने शनिवार को अपनी दूसरी सूची जारी करने की घोषणा की थी, जबकि पहली सूची 3 मार्च को जारी की गई थी। इस सूची में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरदार सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी असम विधान सभा चुनाव के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुना है👇 pic.twitter.com/wLlRBCN0K – कांग्रेस (@INCIndia) 19 मार्च 2026 कांग्रेस की तीसरी लिस्ट में इन ब्याज के नाम कांग्रेस ने तीसरी लिस्ट में कोकराझार क्षेत्र से मानिक चंद्र ब्रह्म, बायोकुंगरी से सापली मार्क, पर्वत झोरा से मोहम्मद अशरफुल इस्लाम शेखर, धुबरी से बेबी बैडमिंटन, जलेश्वर से आफताब सिद्दीकी, अभयपुरी से प्रदीप सरकार, सिडली चिरंग से मेतिलाल नरजारी, चेंगा से अब्दुर रहीम अहमद, पाकबेट बारी से जाकिर हुसैन सिकदर, बक्सा से साजिद मधाही, तमुलपुर से रफी, उदलगुरी से सोरे, लहरीघाट से आसिफ मोहम्मद नजर, नौगांव टेलद्रवा, दुर्वभ चमुआ, नदौर से सुनील छेत्री, रोंगोनाडी से जोयंतो खौंद, दर्शन से घाना बुरागोहेन, डकुआखाना से आनंद नारा, मकुम से सिबानाथ चेतिया, खुमाताई से रोसेलिना तिर्की, होवरघाट से संजीब टेनटन और अलगापुर कटलीचेरा से जुबैर अनम मजूमदार को दिया गया है। असम में आचार संहिता लागू, इस दिन होगा चुनाव केंद्रीय चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली के विज्ञान भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि असम में चुनाव के लिए अधिसूचना सोमवार (16 मार्च, 2026) को जारी की जाएगी। इसके बाद 23 मार्च, 2026 तक चुनाव के लिए नामांकन होगा। 24 मार्च, 2026 को नामांकन की घोषणा की जाएगी। पोस्टकार्ड के बाद यदि कोई अभ्यर्थी अपना नाम चुनाव से वापस ले सकता है तो गुरुवार (26 मार्च, 2026) तक ले सकता है। इसके बाद गुरुवार (9 अप्रैल, 2026) को असम में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग की जाएगी। इसके बाद 4 मई, 2026 को असम चुनाव में वोटों की गिनती और चुनाव के बारे में घोषणा की जाएगी। समाजवादी तारीखों की घोषणा के बाद से पार्टी के समर्थकों के तरीके से अपना लालची नाम घोषित कर रही है। यह भी पढ़ें: 9 अप्रैल से असम में होगा विधानसभा चुनाव, कब आएंगे नतीजे? पूरा लेआउट जानें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम न्यूज(टी)चुनाव समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)कांग्रेस असम सूची(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम न्यूज(टी)चुनाव समाचार

कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 वॉल्वो की घोषणा की

कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 वॉल्वो की घोषणा की

असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने 22 की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। चुनावी तारीखों की घोषणा सबसे पहले पार्टी ने शनिवार को अपनी दूसरी सूची जारी करने की घोषणा की थी, जबकि पहली सूची 3 मार्च को जारी की गई थी। इस सूची में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरदार सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी असम विधान सभा चुनाव के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुना है👇 pic.twitter.com/wLlRBCN0K – कांग्रेस (@INCIndia) 19 मार्च 2026 कांग्रेस की तीसरी लिस्ट में इन ब्याज के नाम कांग्रेस ने तीसरी लिस्ट में कोकराझार क्षेत्र से मानिक चंद्र ब्रह्म, बायोकुंगरी से सापली मार्क, पर्वत झोरा से मोहम्मद अशरफुल इस्लाम शेखर, धुबरी से बेबी बैडमिंटन, जलेश्वर से आफताब सिद्दीकी, अभयपुरी से प्रदीप सरकार, सिडली चिरंग से मेतिलाल नरजारी, चेंगा से अब्दुर रहीम अहमद, पाकबेट बारी से जाकिर हुसैन सिकदर, बक्सा से साजिद मधाही, तमुलपुर से रफी, उदलगुरी से सोरे, लहरीघाट से आसिफ मोहम्मद नजर, नौगांव टेलद्रवा, दुर्वभ चमुआ, नदौर से सुनील छेत्री, रोंगोनाडी से जोयंतो खौंद, दर्शन से घाना बुरागोहेन, डकुआखाना से आनंद नारा, मकुम से सिबानाथ चेतिया, खुमाताई से रोसेलिना तिर्की, होवरघाट से संजीब टेनटन और अलगापुर कटलीचेरा से जुबैर अनम मजूमदार को दिया गया है। असम में आचार संहिता लागू, इस दिन होगा चुनाव केंद्रीय चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली के विज्ञान भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि असम में चुनाव के लिए अधिसूचना सोमवार (16 मार्च, 2026) को जारी की जाएगी। इसके बाद 23 मार्च, 2026 तक चुनाव के लिए नामांकन होगा। 24 मार्च, 2026 को नामांकन की घोषणा की जाएगी। पोस्टकार्ड के बाद यदि कोई अभ्यर्थी अपना नाम चुनाव से वापस ले सकता है तो गुरुवार (26 मार्च, 2026) तक ले सकता है। इसके बाद गुरुवार (9 अप्रैल, 2026) को असम में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग की जाएगी। इसके बाद 4 मई, 2026 को असम चुनाव में वोटों की गिनती और चुनाव के बारे में घोषणा की जाएगी। समाजवादी तारीखों की घोषणा के बाद से पार्टी के समर्थकों के तरीके से अपना लालची नाम घोषित कर रही है। यह भी पढ़ें: 9 अप्रैल से असम में होगा विधानसभा चुनाव, कब आएंगे नतीजे? पूरा लेआउट जानें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम न्यूज(टी)चुनाव समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)कांग्रेस असम सूची(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम न्यूज(टी)चुनाव समाचार