Sunday, 03 May 2026 | 01:52 AM

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राष्ट्रपति अयोध्या पहुंचीं, योगी ने स्वागत किया:रामलला के दर्शन करेंगी; श्रीराम यंत्र के पूजन में शामिल होंगी

राष्ट्रपति अयोध्या पहुंचीं, योगी ने स्वागत किया:रामलला के दर्शन करेंगी; श्रीराम यंत्र के पूजन में शामिल होंगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या पहुंच गई हैं। वह थोड़ी देर में राम मंदिर पहुंचेंगी। उनका काफिला एयरपोर्ट से रवाना हो चुका है। एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति नवरात्रि के पहले दिन रामलला का दर्शन-पूजन करेंगी। इसके बाद दूसरे फ्लोर पर बने राम परिवार दरबार के भी दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति श्रीराम यंत्र की स्थापना के पूजन कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने के बाद वह दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना होंगी। मथुरा में राष्ट्रपति इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। शुक्रवार यानी 20 मार्च को वह प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई 2024 को अयोध्या आई थीं, तब उन्होंने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। राम यंत्र के बारे में जानिए राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने बताया- राम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया गया है। इसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे से जुड़ी अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए—

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की

अफगानिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद पर काबुल के एक पुनर्वास अस्पताल पर हमले में 400 लोगों को मारने का आरोप लगाने के एक दिन बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने बुधवार को ईद-उल-फितर के मद्देनजर और सऊदी अरब, तुर्की तथा कतर के अनुरोध पर लड़ाई में अस्थायी रोक की घोषणा की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने ‘X’ पर एक पोस्ट में यह घोषणा की। यह घोषणा उनके देश द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में कथित तालिबान ठिकानों पर नए हमले किए जाने के कुछ घंटों बाद की गई। उन्होंने कहा, आने वाले इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर के मद्देनजर, अपनी पहल पर और साथ ही सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे ‘भाईचारे वाले इस्लामी देशों’ के अनुरोध पर, पाकिस्तान ने चल रहे ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के बीच एक अस्थायी रोक की घोषणा करने का फैसला किया है।

नसों के बीच ट्यूमर, महिला का उठना-बैठना था मुश्किल:निजी अस्पतालों ने लौटाया, एम्स में माइक्रोसर्जिकल तकनीक से डॉक्टरों ने निकाला

नसों के बीच ट्यूमर, महिला का उठना-बैठना था मुश्किल:निजी अस्पतालों ने लौटाया, एम्स में माइक्रोसर्जिकल तकनीक से डॉक्टरों ने निकाला

नसों के बीच विकसित हुए खतरनाक ट्यूमर ने एक 40 वर्षीय महिला की जिंदगी पूरी तरह बदल दी थी। हालत यह हो गई थी कि उनका उठना-बैठना तक मुश्किल हो गया और धीरे-धीरे वे बिस्तर पर निर्भर हो गईं। कई निजी अस्पतालों ने इस जटिल सर्जरी को जोखिम भरा बताकर हाथ खड़े कर दिए, जिससे परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। ऐसे कठिन समय में एम्स Bhopal के डॉक्टरों ने चुनौती स्वीकार की और माइक्रोसर्जिकल तकनीक के जरिए नसों के बीच मौजूद ट्यूमर को निकालकर मरीज को नई जिंदगी दी। बिस्तर तक सीमित हो गई थी जिंदगी भोपाल निवासी 40 वर्षीय महिला पिछले कई महीनों से इस न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रही थीं। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि वे खुद से उठ-बैठ भी नहीं पा रही थीं। धीरे-धीरे उन्होंने अपने शरीर पर नियंत्रण खोना शुरू कर दिया, जिसमें सबसे बड़ी समस्या मल और मूत्र पर नियंत्रण खत्म होना था। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को इंट्रामेडुलरी स्पाइनल ट्यूमर की समस्या थी। यह वह गांठ होती है जो रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) के अंदर विकसित होती है। यह बेहद दुर्लभ स्थिति है और कुल स्पाइनल ट्यूमर मामलों में इसका प्रतिशत बहुत कम होता है। इस तरह के ट्यूमर में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि यह सीधे नसों के बीच विकसित होता है, जिससे सर्जरी के दौरान जरा सी चूक स्थायी लकवे का कारण बन सकती है। इसके लक्षणों में शरीर के हिस्सों में कमजोरी, सुन्नपन, चलने में दिक्कत, और मल-मूत्र नियंत्रण में समस्या शामिल हैं। समय पर पहचान और विशेषज्ञ इलाज ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। एक प्रतिशत मामलों में होती है यह बीमारी यह ट्यूमर स्पाइनल श्वाननोमा के बेहद कम, लगभग 1.1 प्रतिशत मामलों में ही देखने को मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति रीढ़ की सर्जरी में सबसे जटिल मानी जाती है, क्योंकि इसमें स्पाइनल कॉर्ड के भीतर से ट्यूमर निकालना होता है। जरा सी चूक भी स्थायी लकवा जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। कई अस्पतालों ने ठुकराया, एम्स में मिली उम्मीद मरीज और उनके परिजनों ने इलाज के लिए कई अस्पतालों का रुख किया, लेकिन कहीं सर्जरी को टाल दिया गया तो कहीं इसे अत्यधिक जोखिम भरा और महंगा बताया गया। लगातार निराशा और आर्थिक संकट के बीच परिवार ने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी। ऐसे कठिन समय में उन्होंने एम्स का रुख किया, जहां उन्हें नई उम्मीद मिली। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. पंकज मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण केस को स्वीकार किया। सर्जरी से पहले विस्तृत जांच और सटीक योजना बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान माइक्रोसर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे स्पाइनल कॉर्ड के भीतर मौजूद ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इस प्रक्रिया में नसों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। ये सावधानियां जरूरी अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों ने मिलकर की सर्जरी इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में कई विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. एसआरएएन भूषण ने ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। वहीं, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग के डॉ. विट्ठल पुरी ने सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में मरीज ने धीरे-धीरे अपनी शारीरिक क्षमता वापस पाना शुरू किया। आयुष्मान योजना से मिला फ्री इलाज इस पूरे इलाज की एक और खास बात यह रही कि सर्जरी और उपचार पूरी तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री किया गया। इससे मरीज और उसके परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। तेजी से हो रहा सुधार, लौट रही सामान्य जिंदगी सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी ताकत वापस पाना शुरू कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने फिर से मल-मूत्र पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है, जो उनके लिए बड़ी राहत की बात है। अब वह धीरे-धीरे सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रही हैं।

‘तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं, अपमानजनक रिश्ता’: देवेगौड़ा ने खड़गे की ‘शादी’ टिप्पणी के बारे में क्या कहा | राजनीति समाचार

Ranveer Singh returns as Hamza in Dhurandhar 2: The Revenge, one of the biggest Bollywood releases of 2026. Image/X

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 22:09 IST पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा का खंडन कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके जद (एस) समकक्ष ने एक बार उनकी पार्टी के साथ “प्यार” साझा किया था, लेकिन उन्होंने पीएम मोदी की बीजेपी से “शादी” करने का फैसला किया। पूर्व प्रधान मंत्री और जद (एस) के दिग्गज एचडी देवेगौड़ा ने एक विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की और अपनी पार्टी के कांग्रेस गठबंधन से भाजपा के साथ साझेदारी में बदलाव के बारे में बताया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) पूर्व प्रधान मंत्री एचडी देवेगौड़ा ने अपने पिछले गठबंधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्की-फुल्की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया जारी की। देवेगौड़ा ने खड़गे द्वारा इस्तेमाल किए गए रोमांस के समान रूपकों को अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ उनका अतीत “जबरन शादी” और “अपमानजनक संबंध” जैसा था, जिसके कारण उनके पास बाहर निकलने के अलावा “कोई विकल्प नहीं” था। देवेगौड़ा ने एक औपचारिक पत्र और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए बयान में कहा, “मेरे प्रिय और लंबे समय के मित्र मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज संसद में एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की कि मैं उनसे (कांग्रेस) ‘प्यार’ करता था लेकिन आखिरकार मैंने मोदी जी (भाजपा) से शादी कर ली।” भारत के पूर्व प्रधान मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने एक बयान जारी करते हुए कहा, “मेरे प्रिय और लंबे समय के मित्र मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज संसद में एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की कि मैं उनसे (कांग्रेस) “प्यार” करता था, लेकिन मोदी जी (भाजपा) से “शादी” कर ली… pic.twitter.com/kGNkJDRWQ7– एएनआई (@ANI) 18 मार्च 2026 उनका खंडन खड़गे द्वारा संसद में उनके साथ अपने 54 साल के जुड़ाव पर विचार करने के बाद आया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनके जद (एस) समकक्ष ने एक बार कांग्रेस के साथ “प्यार” साझा किया था, लेकिन अंततः उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा से “शादी” करने का फैसला किया। खड़गे ने कहा कि वह इस बदलाव से हैरान हैं, उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि क्या हुआ।” इस पर, देवेगौड़ा ने एक विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की और अपनी पार्टी के कांग्रेस गठबंधन से भाजपा के साथ साझेदारी में बदलाव के बारे में बताया। “उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इसका कारण नहीं पता कि मैंने ऐसा क्यों किया… अगर मुझे अपने दोस्त को शादी की भाषा में जवाब देना हो, तो मैं कहना चाहूंगा कि मैंने कांग्रेस के साथ ‘जबरन शादी’ की थी, लेकिन मुझे उन्हें ‘तलाक’ देना पड़ा क्योंकि यह एक अपमानजनक रिश्ता था… मैंने कांग्रेस गठबंधन नहीं छोड़ा,” उन्होंने कहा। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने पिछले गठबंधन को आंतरिक विश्वासघातों से भरा बताया और कहा कि हृदय परिवर्तन के बजाय अलगाव एक आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, “यह वे लोग हैं जो चले गए। उन्होंने मेरे पास उन्हें ‘तलाक’ देने और अधिक स्थिर गठबंधन की तलाश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा…” इसे सही ठहराने के लिए, जद (एस) के दिग्गज ने 2018 और 2019 की उथल-पुथल वाली राजनीतिक घटनाओं पर दोबारा गौर किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने 2018 में उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद की पेशकश की, तो उन्होंने शुरू में इस व्यवस्था का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट रूप से खड़गे को ही सीएम बनाए जाने की वकालत की थी। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से गुलाम नबी आज़ाद ने कुमारस्वामी को कमान संभालने पर जोर दिया। देवेगौड़ा ने आगे कहा कि “शादी” में जल्द ही खटास आ गई क्योंकि 2019 के चुनावों के बाद कांग्रेस ने जद (एस) को “छोड़” दिया। उन्होंने अपनी साझेदारी के पतन के लिए प्राथमिक उत्प्रेरक के रूप में कांग्रेस विधायकों के सुनियोजित दलबदल को भाजपा में शामिल होने की ओर इशारा किया। उन्होंने यह भी कहा कि आंतरिक अस्थिरता कांग्रेस सदस्यों द्वारा निर्मित की गई थी और, अगर पार्टी ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की होती, जिन्होंने “दलबदल के लिए उकसाया” था, तो खड़गे अब कांग्रेस प्रमुख के रूप में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में होते। उन्होंने अधिक विश्वसनीय और सम्मानजनक गठबंधन की व्यावहारिक खोज के रूप में प्रधान मंत्री मोदी के साथ जुड़ने के अपने फैसले का बचाव किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 18, 2026, 22:09 IST समाचार राजनीति ‘तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं, अपमानजनक रिश्ता’: देवेगौड़ा ने खड़गे की ‘शादी’ टिप्पणी के बारे में क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एचडी देवेगौड़ा(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)जबरन शादी(टी)अपमानजनक संबंध(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)बीजेपी साझेदारी(टी)राजनीतिक परिवर्तन(टी)जेडी(एस)

खेलते-खेलते बच्ची ने निगली छोटी सी ‘चीज’, फट गई सांस नली, वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, पेरेंट्स दें ध्यान

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छोटे बच्चे खेलते-खेलते अक्सर चीजें मुंह में डाल लेते हैं. यहां तक कि खाने पीने की चीजें ही उनके लिए कभी-कभी इतनी नुकसानदेह हो जाती हैं, जिसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते. ऐसा ही एक मामला दिल्ली में सामने आया है जब डेढ़ साल की बच्ची ने खेलते-खेलते मूंगफली का दाना निगल लिया और वह दाना उसकी सांस नली में इस कदर फंस गया कि बच्ची को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा. बच्ची के मूंगफली निगलने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो पेरेंट्स उसको गंभीर हालत में आकाश हेल्थकेयर लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मूंगफली का दाना उसकी सांस नली में फंसा हुआ था और उसके सीने के अंदर हवा लीक होने लगी थी. फेफड़ों की हवा बाहर निकलकर आसपास के ऊतकों में फैलने लगी. मूंगफली का टुकड़ा पूरी तरह से सांस की नली को बंद कर चुका था, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की गंभीर कमी हो गई और फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया. आकाश हेल्थकेयर के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ डॉ. समीर पुनिया ने बताया कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया था तो उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर काफी कम था. जांच में पता चला कि फेफड़ों से हवा बाहर निकलकर आसपास के ऊतकों में जा रही थी, जो सांस की नली को गंभीर नुकसान का संकेत था. बच्ची को तुरंत पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. डेढ़ साल की बच्‍ची ने मूंगफली का दाना न‍िगल ल‍िया था, हालांक‍ि अब बच्‍ची ठीक है. डॉ. समीर ने बताया कि यह सामान्य चोकिंग का मामला नहीं था, बल्कि फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर आपात स्थिति थी. मूंगफली का टुकड़ा पूरी तरह से सांस की नली को चोक कर चुका था, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा था और फेफड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था. रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. अक्षय बुधराजा ने बताया कि बच्ची की स्थिति काफी क्रिटिकल थी क्योंकि मूंगफली के टुकड़े ने सांस की नली की अंदरूनी परत को फाड़ दिया था. फेफड़ों को पहले से हुए नुकसान को देखते हुए, मूंगफली को निकालने की प्रक्रिया बहुत सावधानी और सटीकता के साथ करनी थी, ऐसे में प्रक्रिया के बाद बच्ची को कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. इलाज के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी के मामलों में कई बार न्यूरोलॉजिकल समस्या भी पैदा हो जाती है हालांकि जांचों में पाया गया कि बच्ची को ऐसा कोई खतरा पैदा नहीं हुआ है. माता-पिता के ल‍िए चेतावनी है ये केसआकाश हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष चौधरी ने कहा कि यह मामला माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है. बहुत छोटे बच्चों को मेवे और पॉपकॉर्न जैसी चीजें देना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये सांस की नली में फंसकर फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. उन्होंने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञों, श्वसन विशेषज्ञों, ईएनटी सर्जनों, एनेस्थेटिस्ट और क्रिटिकल केयर टीम के बेहतरीन सहयोग से बच्ची की जान बचाई जा सकी, लेकिन छोटे बच्चों के मामलों में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है.

नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में मालाखेड़ी रोड स्थित शारदा कॉलोनी में बुधवार को सीवरेज कार्य कर रहे एक मजदूर को दूसरे स्थानीय ठेकेदार ने लात थप्पड़ से मारा। मजदूर को तार फैंसिंग की तरफ भी फेंक दिया। मारपीट की वारदात मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। जिसका फुटेज सामने आया। मजदूर ने ठेकेदार पर बेल्ट से मारने और गाड़ी में जबरन बैठाने के लिए खींचने के भी आरोप लगाएं। मामले में मजदूर ने मारपीट करने वाले दो आरोपी ठेकेदार पीयूष पटेल और सत्यम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बेहरमी से की मारपीट में युवक के कंधे और पीठ में चोट के निशान छप गए। जानकारी के मुताबिक शहर में मप्र अर्बन डेवलमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीयूडीसी) द्वारा सीवरेज लाइन बिछा रही है। जिसका ठेका भुवन इंफ्रा लिमिटेड है। भुवन इंफ्रा लिमिटेड से पेटी कॉन्टेक्ट पर लेकर ठेकेदार कार्य कर रहे है। जिसमें फरियादी नीरज कुमार चौहान (18) भी चुभ कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार मनोज शर्मा के पास कार्य कर रहा है। बुधवार दोपहर शारदा कॉलोनी में मजदूर नीरज कुमार, पप्पू सिंह और आशीष कुमार सीमेंट-कंक्रीट का काम कर रहे थे। तभी वहां एक सफेद रंग की कार आकर रुकी, जिसमें से पीयूष पटेल और सत्यम उतरे। वे भी सीवर लाइन का छोटा ठेका (सब कॉन्ट्रैक्ट) लेते हैं। मजदूर बोला- गालियां दी लात मारकर गिराया मजदूर ने बताया कि पीयूष पटेल ने आकर कहा कि तेरे ठेकेदार को हमने काम करने से मना किया, फिर तुम काम क्यों कर रहे हो। गालियां देते हुए काम बंद करने का कहते हुए। पीयूष दौड़कर आया और मुझे लात मारने लगा। मेरा हाथ पकड़कर मरोड़ दिया, तभी उसका साथी सत्यम ने मेरे साथ झूमाझटकी कर मुझे तार फेसिंग की तरफ धक्का देकर फेंक दिया। जिससे मुझे पीठ में चोट आई। मेरे साथी पप्पू सिंह, आशीष कुमार ने बीच बचाव किया। तभी मेरे ठेकेदार मनोज शर्मा आ गए तो उन्हें भी पीयूष और सत्यम ने धमकी दी कि आईंदा यहां काम किया तो तुम्हे जान से खत्म दूंगा।

धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के पेड-प्रिव्यू शोज कई जगहों पर रद्द हो गए हैं। इसके पीछे का कारण डिजिटल डिलीवरी में आई तकनीकी समस्याओं को बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में डबिंग की दिक्कत से शोज कैंसिल हुए हैं, वहीं दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में भी कंटेंट देरी से पहुंचने की वजह से शोज 30 मिनट तक लेट शुरू हुए हैं। डायरेक्टर आदित्य धर ने इस अव्यवस्था के लिए सोशल मीडिया पर दर्शकों से माफी मांगी है। डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी इस बीच डायरेक्टर आदित्य धर खुद ने दर्शकों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया। उन्होंने अपडेट दिया कि तकनीकी और लॉजिस्टिकल गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और तमिल-तेलुगु भाषाओं के शोज आज रात 9 बजे से शुरू हो जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल यानी 19 मार्च की मुख्य रिलीज के लिए कंटेंट आज शाम तक सभी जगह उपलब्ध करा दिया जाएगा ताकि सुबह के शोज सुचारू रूप से चल सकें। साउथ में डबिंग की समस्या, रिफंड प्रक्रिया शुरू हैदराबाद, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में नॉन-हिंदी (तमिल, तेलुगु आदि) प्रीव्यू शोज को रद्द करना पड़ा है। थिएटर मालिकों के मुताबिक, डबिंग में कुछ तकनीकी खामियों की वजह से फिल्म का कंटेंट समय पर ‘क्यूब’ पर अपलोड नहीं हो पाया। कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे शहरों में सिनेमाघरों ने शोज कैंसिल कर दर्शकों को रिफंड देना शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ सिनेमाघरों में नॉन-हिंदी वर्जन की जगह हिंदी वर्जन के प्रीव्यू दिखाए जा रहे हैं ताकि दर्शक निराश न हों। दिल्ली-मुंबई और नोएडा में भी आधे घंटे की देरी सिर्फ साउथ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद जैसे महानगरों में भी हिंदी शोज शुरू होने में देरी देखी गई। नोएडा के पीवीआर सुपरप्लेक्स के मैनेजर के अनुसार, डिजिटल कंटेंट सिनेमाघरों तक देरी से पहुंचा, जिसकी वजह से कई शोज 30 मिनट तक लेट हो गए। 5 भाषाओं में कल होगी पैन-इंडिया रिलीज फिल्म का पहला भाग यानी ‘धुरंधर’ (2025) सिर्फ हिंदी में आया था, लेकिन इस बार इसे बड़े पैमाने पर पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज किया जा रहा है। ‘धुरंधर 2’ कल 19 मार्च को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। पहले पार्ट को दक्षिण भारत में मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद मेकर्स ने सीक्वल को इतनी भाषाओं में डब करने का फैसला लिया था।

धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के पेड-प्रिव्यू शोज कई जगहों पर रद्द हो गए हैं। इसके पीछे का कारण डिजिटल डिलीवरी में आई तकनीकी समस्याओं को बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में डबिंग की दिक्कत से शोज कैंसिल हुए हैं, वहीं दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में भी कंटेंट देरी से पहुंचने की वजह से शोज 30 मिनट तक लेट शुरू हुए हैं। डायरेक्टर आदित्य धर ने इस अव्यवस्था के लिए सोशल मीडिया पर दर्शकों से माफी मांगी है। डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी इस बीच डायरेक्टर आदित्य धर खुद ने दर्शकों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया। उन्होंने अपडेट दिया कि तकनीकी और लॉजिस्टिकल गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और तमिल-तेलुगु भाषाओं के शोज आज रात 9 बजे से शुरू हो जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल यानी 19 मार्च की मुख्य रिलीज के लिए कंटेंट आज शाम तक सभी जगह उपलब्ध करा दिया जाएगा ताकि सुबह के शोज सुचारू रूप से चल सकें। साउथ में डबिंग की समस्या, रिफंड प्रक्रिया शुरू हैदराबाद, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में नॉन-हिंदी (तमिल, तेलुगु आदि) प्रीव्यू शोज को रद्द करना पड़ा है। थिएटर मालिकों के मुताबिक, डबिंग में कुछ तकनीकी खामियों की वजह से फिल्म का कंटेंट समय पर ‘क्यूब’ पर अपलोड नहीं हो पाया। कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे शहरों में सिनेमाघरों ने शोज कैंसिल कर दर्शकों को रिफंड देना शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ सिनेमाघरों में नॉन-हिंदी वर्जन की जगह हिंदी वर्जन के प्रीव्यू दिखाए जा रहे हैं ताकि दर्शक निराश न हों। दिल्ली-मुंबई और नोएडा में भी आधे घंटे की देरी सिर्फ साउथ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद जैसे महानगरों में भी हिंदी शोज शुरू होने में देरी देखी गई। नोएडा के पीवीआर सुपरप्लेक्स के मैनेजर के अनुसार, डिजिटल कंटेंट सिनेमाघरों तक देरी से पहुंचा, जिसकी वजह से कई शोज 30 मिनट तक लेट हो गए। 5 भाषाओं में कल होगी पैन-इंडिया रिलीज फिल्म का पहला भाग यानी ‘धुरंधर’ (2025) सिर्फ हिंदी में आया था, लेकिन इस बार इसे बड़े पैमाने पर पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज किया जा रहा है। ‘धुरंधर 2’ कल 19 मार्च को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। पहले पार्ट को दक्षिण भारत में मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद मेकर्स ने सीक्वल को इतनी भाषाओं में डब करने का फैसला लिया था।

सुंदरता के चक्कर में न करें त्वचा से खिलवाड़, क्या कह रहे एक्सपर्ट? जानिए जरूरी सलाह

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Last Updated:March 18, 2026, 18:04 IST Waxing Side Effects: शरीर के बाल केवल सौंदर्य के लिए नहीं हैं, बल्कि पसीने को संतुलित रखने और पानी के अत्यधिक नुकसान को रोकने जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं, लेकिन आजकल वैक्सिंग के माध्यम से लोग इन बालों को हटाने लगे हैं, खासकर महिलाएं. अगर वैक्सिंग सही तरीके से न की जाए, तो त्वचा पर एलर्जी, जलन, लालिमा और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं. Waxing Side Effects: मनुष्य के शरीर पर बालों कि अहम भूमिका होती हैं, बाल हमेशा पसीने को संतुलित रखता हैं और अधिक पानी निकलने को कम करता है, लेकिन आज कल लोग वैक्सिंग के माध्यम से बालों को हटाते हैं. खासकर महिलाएं इसका इस्तेमाल ज्यादा करने लगी हैं. लेकिन क्या आपको पता है वैक्सिंग कराने से त्वचा पर इसका असर हो सकता है और एलर्जी जैसे संक्रमण बीमारी फैल सकती हैं. ऐसे में विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आप ठीक तरीके से वैक्स नहीं करा रहे हैं और सावधानी नहीं बरत रहे हैं तो आपको नुकसान हो सकता है, देखिए ये रिपोर्ट… वैक्सिंग से हो सकते हैं साइड इफेक्ट विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के अनुसार शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, अगर वैक्सिंग को सही तरीके से नहीं किया जाए. तो त्वचा पर एलर्जी, जलन और लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार बालों की जड़ों में संक्रमण भी हो जाता है जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है. डायबिटीज मरीजों को रखनी चाहिए खास सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि शुगर डायबिटीज से पीड़ित लोगों को वैक्सिंग कराने से पहले विशेष ध्यान रखना चाहिए. ऐसे मरीजों में त्वचा की हीलिंग प्रक्रिया धीमी होती है, इसलिए वैक्सिंग के बाद अगर सूजन या संक्रमण हो जाए तो उसे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है और समस्या गंभीर भी हो सकती है. शरीर के बाल भी निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिकाडॉ. गुप्ता बताते हैं कि शरीर के बाल केवल सौंदर्य से जुड़े नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ये पसीने की प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं और शरीर से पानी के अत्यधिक निकलने को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा बाल शरीर को ठंडक प्रदान करने में भी सहायक होते हैं. प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं बालविशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के बाल एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र का काम करते हैं. खासकर ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और जानवरों में बाल अधिक और घने होते हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं और बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करते हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें Location : Surguja,Chhattisgarh First Published : March 18, 2026, 18:04 IST

जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए:₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा

जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए:₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 17 ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। ईटी नाऊ की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज संभालेंगे कमान जियो ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों को ऑनबोर्ड किया हैं। इनके अलावा कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल जैसे घरेलू बैंक भी इस टीम का हिस्सा हैं। ₹16 लाख करोड़ की वैल्यूएशन हो सकती है जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन लगभग 180 बिलियन डॉलर (करीब ₹16 लाख करोड़) के आसपास हो सकती है। सेबी के नए नियमों के मुताबिक, जिन कंपनियों की वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा है, वे सिर्फ 2.5% पब्लिक फ्लोट के साथ लिस्ट हो सकती हैं। इस आधार पर अगर रिलायंस सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी भी बेचता है, तो वह ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकता है, जो इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बना देगा। सेबी के नए नियमों का फायदा मिलेगा जेफरीज और CLSA जैसे विश्लेषकों का मानना है कि सेबी के संशोधित नियमों से जियो को काफी मदद मिलेगी। पहले कंपनियों को कम से कम 10% हिस्सेदारी बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब बड़े आईपीओ के लिए 2.5% की छूट दी गई है। इससे प्रमोटर्स का कंपनी पर कंट्रोल भी बना रहेगा और मार्केट में शेयरों की सप्लाई कम होने से लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमतों को सपोर्ट भी मिल सकता है। KKR जैसे निवेशक बेच सकते हैं हिस्सा माना जा रहा है कि इस आईपीओ में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे । KKR, TPG, सिल्वर लेक और विस्टा इक्विटी पार्टनर्स जैसे शुरुआती निवेशक अपनी होल्डिंग को आंशिक रूप से कैश कर सकते हैं। इंटेल भी थोड़े शेयर बेच सकता है। इस महीने के अंत तक फाइल हो सकता है ड्राफ्ट ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज इस महीने के अंत तक सेबी के पास DRHP फाइल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें दिसंबर 2025 के अंत तक के फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। लिस्टिंग का सही समय बाजार की स्थिति और रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।