राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या पहुंच गई हैं। वह थोड़ी देर में राम मंदिर पहुंचेंगी। उनका काफिला एयरपोर्ट से रवाना हो चुका है। एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति नवरात्रि के पहले दिन रामलला का दर्शन-पूजन करेंगी। इसके बाद दूसरे फ्लोर पर बने राम परिवार दरबार के भी दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति श्रीराम यंत्र की स्थापना के पूजन कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने के बाद वह दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना होंगी। मथुरा में राष्ट्रपति इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। शुक्रवार यानी 20 मार्च को वह प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई 2024 को अयोध्या आई थीं, तब उन्होंने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। राम यंत्र के बारे में जानिए राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने बताया- राम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया गया है। इसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे से जुड़ी अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए—















































