भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत पर खतरा, डॉक्टर ने दी ‘ट्रिपल H’ फॉर्मूला अपनाने की सलाह

सतना. गर्मी का मौसम शुरू होते ही बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और बदलता खानपान बच्चों को जल्दी बीमार कर सकता है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो डिहाइड्रेशन, लू और पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. खासकर छोटे बच्चों में यह खतरा और ज्यादा होता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी बाकियों के अपेक्षाकृत कमजोर होती है, इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के खानपान, रहन-सहन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. लोकल 18 से बातचीत में सतना जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अखिलेश खरे ने बताया कि जैसे ही गर्मी बढ़ती है, वैसे ही अस्पतालों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगती है. इस मौसम में बच्चों में वायरल इन्फेक्शन, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मामले अधिक सामने आते हैं. कई बार माता-पिता इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं. डॉक्टर के अनुसार, बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनके आसपास का वातावरण संतुलित रखना बेहद जरूरी है. न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा माहौल होना चाहिए क्योंकि दोनों ही स्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. ट्रिपल H फॉर्मूला सबसे जरूरीविशेषज्ञों ने गर्मियों में बच्चों की देखभाल के लिए ट्रिपल H फॉर्मूला को सबसे प्रभावी बताया है, जिसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हाइड्रेशन जरूरी है, जिसमें बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना अनिवार्य है. इसके साथ ही नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और फलों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. दूसरा आता है हेल्थी डाइट, जिसमें बच्चों को हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए. हरी सब्जियां, मौसमी फल जैसे- संतरा, मौसंबी, खरबूजा और खीरा शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देते हैं. तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना इस मौसम में नुकसानदायक हो सकता है. फिर आता है हाइजीन, जिसमें नाम के ही मुताबिक साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. बच्चों को खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत डालें. साफ सुथरा खाना और स्वच्छ वातावरण बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाता है. जंक फूड और बाहर का खाना बन सकता है खतराडॉक्टर का कहना है कि आजकल बच्चे बाहर का खाना, चौपाटी आइटम्स और पैकेज्ड ड्रिंक्स ज्यादा पसंद करते हैं, जो गर्मियों में सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे फूड्स में बैक्टीरिया और अनहाइजीनिक एलिमेंट्स होने का खतरा रहता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को घर का बना ताजा और साफ खाना ही दें. साथ ही बच्चों की पसंद का हेल्दी खाना तैयार करके उन्हें बाहर के खाने से दूर रखा जा सकता है. धूप से बचाव भी उतना ही जरूरीगर्मी के दिनों में बच्चों को तेज धूप में खेलने से बचाना चाहिए. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो उन्हें हल्के कपड़े पहनाएं, टोपी लगाएं और पर्याप्त पानी साथ रखें. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना सबसे बेहतर उपाय है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माता-पिता बच्चों के खानपान, साफ-सफाई और दिनचर्या पर ध्यान दें, तो गर्मियों में होने वाली अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है. छोटी-छोटी सावधानियां बच्चों को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस मौसम में बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है.
‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 06:49 IST असम में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया। असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई (छवि: एक्स) विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका देते हुए, असम के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे आंतरिक दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच पार्टी के साथ उनका आजीवन जुड़ाव समाप्त हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित एक पत्र में, बोरदोलोई ने कहा, “आज अत्यधिक दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।” पत्रकारों से बात करते हुए, बोरदोलोई ने कहा, “आज, मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक को त्याग दिया है, और मैं इससे खुश नहीं हूं। हालांकि, मैंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कांग्रेस पार्टी के भीतर, खासकर असम कांग्रेस में, जो भी मुझसे संपर्क करता था, वह कई मुद्दों पर मेरा अपमान कर रहा था।” उन्होंने कहा, “यहां तक कि कांग्रेस नेतृत्व भी मेरे प्रति सहानुभूति नहीं दिखा रहा था। मैं बहुत अकेला हो गया हूं क्योंकि मैं जीवन भर कांग्रेस से जुड़ा रहा हूं। लेकिन हाल ही में, मुझे जीवित रहने में काफी कठिनाई हो रही है, इसलिए मुझे यह निर्णय लेना पड़ा। हां, मैंने यह त्याग पत्र एआईसीसी अध्यक्ष को सौंप दिया है।” और पढ़ें: असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया असम के मुख्यमंत्री ने दिया जवाब बोरदोलोई के इस्तीफे की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं प्रद्युत बोरदोलोई के संपर्क में नहीं हूं. अगर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से बात की होती तो मुझे पता होता, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अभी तक किसी बीजेपी नेता से बात की है. ऐसी संभावना है कि हम प्रद्युत बोरदोलोई से संपर्क कर सकते हैं.” इससे पहले फरवरी में, कांग्रेस नेता भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और अपने 32 साल के राजनीतिक करियर पर प्रकाश डाला था, जिसमें विधायक से असम कांग्रेस प्रमुख बनने और राज्य में पार्टी के गठबंधन को आकार देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया था। उनके इस्तीफे के बाद, सरमा ने उनसे मुलाकात की, जिससे राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गईं। यह बैठक बोरा द्वारा कांग्रेस से अपना इस्तीफा सौंपने के एक दिन बाद हुई, जिससे चुनाव से कुछ हफ्ते पहले पार्टी के भीतर चिंताएं बढ़ गईं। असम विधानसभा चुनाव 2026 असम में 9 अप्रैल, 2026 को चुनाव होने हैं, जबकि वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को होगी। 126 सदस्यीय असम विधान सभा के लिए मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट के इर्द-गिर्द घूमने की उम्मीद है जो अभी भी समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। असम विधान सभा चुनाव 2021 में, भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने आराम से सत्ता बरकरार रखी। पार्टी ने 60 सीटें जीतीं, जबकि असम गण परिषद ने नौ सीटें हासिल कीं। इस बीच, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने छह सीटें जीतीं। गठबंधन ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष लगभग 50 सीटें जीतने में कामयाब रहा, जबकि छोटे क्षेत्रीय दलों ने मुट्ठी भर सीटें हासिल कीं। (एएनआई इनपुट के साथ) जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 18, 2026, 06:49 IST समाचार राजनीति ‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
सीएम ने नेता-अफसरों को उठाया, फिर बैठाया:कलेक्टर बोलीं- रोटी-पराठे नहीं कुछ और बनाएं, गैस बचेगी; पूर्व जज के घर से सिलेंडर चोरी

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सीएम बोले- एक बार सभी उठकर फिर से बैठ जाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक कार्यक्रम में अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने मजाक-मजाक में नेताओं और अफसरों को बड़ा संदेश दे दिया। सीएम जब कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए मंच पर आए तो सबसे पहले उन्होंने सभी से अपनी जगह पर खड़े होकर फिर से बैठने के लिए कहा। सीएम की यह बात किसी की समझ में नहीं आई और कुछ पल के लिए सभी हैरान रह गए। दरअसल यह वाकया भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत आयोजित एक कार्यक्रम का है, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रबुद्धजन शामिल हुए थे। सीन कुछ ऐसा बना कि जैसे ही सीएम को संबोधन के लिए बुलाया गया, वे अपनी कुर्सी से उठे। उनके साथ मंच पर बैठे अन्य नेता भी उनके सम्मान में खड़े हो गए, लेकिन नीचे बैठे कई नेता और अफसर अपनी जगह पर बैठे ही रहे। इस पर सीएम ने मजाकिया लहजे में कहा- एक बार सभी उठकर फिर से बैठ जाएं, बहुत देर हो गई बैठे-बैठे। इतना सुनते ही पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। अब लोग कह रहे हैं कि सीएम ने हंसी-मजाक में ही नेताओं और अफसरों को एक बड़ा संदेश दे दिया। दरअसल कार्यक्रम काफी लंबा चल रहा था। लंबे समय से लगातार बैठे रहने की वजह से कई लोग असहज भी नजर आ रहे थे। ऐसे में सीएम ने पलभर के लिए ही सही, वहां बैठे नेताओं और अफसरों को थोड़ा ‘सीधा’ होने का मौका दे दिया। पूर्व जज के घर से चार गैस सिलेंडर उड़ा ले गए चोर देश में एलपीजी गैस की किल्लत क्या बढ़ी, चोरों का फोकस भी बदल गया। भोपाल में चोरों ने एक पूर्व जज के घर से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे चार गैस सिलेंडर ही उड़ा लिए। चोरी की यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर सिलेंडर ले जाते नजर आ रहे हैं। गैस सिलेंडर संकट के बीच हुई इस घटना को लोग चटकारे लेकर एक-दूसरे को सुना रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज के हालात में गैस सिलेंडर मिलना भी किसी सोना-चांदी मिलने से कम नहीं है। हालांकि इस मामले में चोर कुछ बदकिस्मत ही निकले, क्योंकि चारों सिलेंडर खाली थे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। कलेक्टर मैडम की खाने का मेन्यू बदलने की सलाह एलपीजी गैस संकट के बीच बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने लोगों को खाने का मेन्यू बदलने की अनोखी सलाह दे दी। इसके बाद वे सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगीं, वहीं विपक्ष ने भी इस पर निशाना साधा है। कलेक्टर ने कहा कि जिन व्यंजनों को बनाने में ज्यादा ईंधन लगता है, उनसे हटकर ऐसे खाने की ओर जाना चाहिए जो कम ईंधन में बन जाए। जैसे रोटी-पराठों की जगह हम दूसरे ऐसे मेन्यू अपना सकते हैं, जिन्हें बनाने में कम गैस लगे। इस पर कांग्रेस का कहना है कि गैस की किल्लत और महंगाई की मार से जूझ रही जनता को मोहन राज में राहत के बजाय अफसर ज्ञान दे रहे हैं। वहीं इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग कलेक्टर को जमकर घेर रहे हैं। कई यूजर्स उनकी सलाह पर तंज कसते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुल मिलाकर मैडम का बयान ट्रोलर्स के निशाने पर आ गया है। कांग्रेस ने बांटा कोयला, गैस संकट पर किया प्रदर्शन उधर बड़वानी कलेक्टर ने ईंधन बचाने के लिए खाने का मेन्यू बदलने की सलाह दी, तो इधर भोपाल में कांग्रेस ने मानो ईंधन ही बदल दिया। कांग्रेस नेता कट्टों, थैलियों और ठेला-गाड़ी पर कोयला लेकर बाजार में निकल पड़े। दरअसल, यह एलपीजी गैस की किल्लत के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन था। कांग्रेस नेताओं ने लोगों को मुफ्त में कोयला बांटा और कहा कि हम आपके घर का चूल्हा बुझने नहीं देंगे। अब लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस ने ईंधन बदलकर, यानी कोयले के सहारे, राजनीति की रोटियां सेकने की कोशिश की है। हालांकि इन रोटियों का स्वाद कैसा रहा, यह तो 2028 के चुनाव में ही पता चलेगा। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), साकिब खान (भोपाल) सचिन राठौर (बड़वानी) ये भी पढ़ें – मंत्री बोले- क्यों बार-बार मेरी नाक कटवाते हो: भाजपा विधायक ने सिंधिया से कहा- मैं आपकी ‘मैं हूं ना’ का फैन जबलपुर में मंत्री राकेश सिंह सफाई कर्मचारियों पर भड़क उठे। उन्होंने उन्हें जमकर फटकार लगाते हुए कहा- तुम्हें शर्म नहीं आती? बार-बार मेरी नाक क्यों कटवाते हो? दरअसल, स्थानीय लोगों ने मंत्री राकेश सिंह से इलाके में साफ-सफाई नहीं होने की शिकायत की थी। पूरी खबर पढ़ें
मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी:पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए

देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। वहीं, लोकलसर्कल्स सर्वे के मुताबिक कमर्शियल गैस की किल्लत से देशभर में खाना महंगा हुआ है। लागत बढ़ने की वजह से एक हफ्ते में 57% रेस्टोरेंट्स, 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर सरकार की नजर, 12 हजार छापे केंद्र सरकार ने कहा कि घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है। सप्लाई सामान्य है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है। देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्ती के निर्देश दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए शहरी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा है। डिजिटल सिस्टम को मजबूत करते हुए एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर करीब 94% तक पहुंच गई है। रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 38% की बढ़ोतरी हुई है। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था । दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। नंदा देवी और शिवालिक जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके मंगलवार को गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह गैस समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। होर्मुज में अभी 22 जहाज, 611 नाविक और फंसे हैं केंद्र सरकार के अनुसार, 611 नाविकों के साथ भारतीय झंडे वाले 22 जहाज पश्चिमी खाड़ी में हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चा तेल टैंकर भी शामिल हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ते दाम ने आम आदमी का भी बजट बिगाड़ा है। लोकलसर्कल्स के सर्वे में शामिल 50% से ज्यादा लोगों ने कहा कि एक हफ्ते में रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट वेंडर्स ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। 57% लोगों ने रेस्टोरेंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की। 54% का कहना है कि रेहड़ी-पटरी वालों ने दाम 10-25% बढ़ाए हैं। सर्वे में देश के 309 जिलों में 38,000 उपभोक्ताओं की राय जानी गई। इसके मुताबिक, ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जा रहा है। खाने की कीमतें घटाने के लिए सरकार को तत्काल दखल देने की जरूरत है। ये हुआ असर… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई, कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला:₹358 के बिल पर ₹17 एक्स्ट्रा लिए देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। पूरी खबर पढ़ें…
मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी:पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए

देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। वहीं, लोकलसर्कल्स सर्वे के मुताबिक कमर्शियल गैस की किल्लत से देशभर में खाना महंगा हुआ है। लागत बढ़ने की वजह से एक हफ्ते में 57% रेस्टोरेंट्स, 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर सरकार की नजर, 12 हजार छापे केंद्र सरकार ने कहा कि घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है। सप्लाई सामान्य है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है। देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्ती के निर्देश दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए शहरी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा है। डिजिटल सिस्टम को मजबूत करते हुए एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर करीब 94% तक पहुंच गई है। रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 38% की बढ़ोतरी हुई है। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था । दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। नंदा देवी और शिवालिक जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके मंगलवार को गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह गैस समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। होर्मुज में अभी 22 जहाज, 611 नाविक और फंसे हैं केंद्र सरकार के अनुसार, 611 नाविकों के साथ भारतीय झंडे वाले 22 जहाज पश्चिमी खाड़ी में हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चा तेल टैंकर भी शामिल हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ते दाम ने आम आदमी का भी बजट बिगाड़ा है। लोकलसर्कल्स के सर्वे में शामिल 50% से ज्यादा लोगों ने कहा कि एक हफ्ते में रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट वेंडर्स ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। 57% लोगों ने रेस्टोरेंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की। 54% का कहना है कि रेहड़ी-पटरी वालों ने दाम 10-25% बढ़ाए हैं। सर्वे में देश के 309 जिलों में 38,000 उपभोक्ताओं की राय जानी गई। इसके मुताबिक, ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जा रहा है। खाने की कीमतें घटाने के लिए सरकार को तत्काल दखल देने की जरूरत है। ये हुआ असर… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई, कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला:₹358 के बिल पर ₹17 एक्स्ट्रा लिए देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। पूरी खबर पढ़ें…
80 की स्पीड से सीएमआरएस ने जांची मेट्रो की रफ्तार:चार बार मेट्रो को दौड़ाकर ब्रेक स्पीड टेस्ट किया

इंदौर में मेट्रो संचालन अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) ने शहर के मेट्रो प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण निरीक्षण पूरा कर लिया है। मंगलवार को सीएमआरएस टीम ने मेट्रो को 80 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ाकर ब्रेक स्पीड टेस्ट सफलतापूर्वक किया। चार बार मेट्रो को दौड़ाकर ब्रेक स्पीड टेस्ट किया गया। इसमें मेट्रो को 80 की स्पीड पर पहुंचाने के बाद रोक कर जांच की गई। यह प्रक्रिया कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता के निरीक्षण की प्रक्रिया का हिस्सा थी। इसके साथ ही सीएमआरएस का निरीक्षण पूरा हो गया। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद सीएमआरएस एनओसी जारी करेंगे। ऐसे में संभावना है कि मार्च के आखरी तक शहर में मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। सीएमआरएस नीलाभ्र सेनगुप्ता अपने छह सदस्यों के दल के साथ मेट्रो के ग्यारह किमी लंबे रूट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के तीसरे दिन मंगलवार को मेघदूत, विजयनगर और रेडिसन चौराहे पर बने मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण किया। प्रत्येक स्टेशन पर एक-एक घंटे रुके। इस दौरान निकासी गेट, लिफ्ट, एस्कलेटर, पार्किंग एरिया, स्टेशन रूम, दिव्यांगों के लिए मौजूद सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मेट्रो डिपो में कंट्रोल कमांड सेंटर, सिग्नल सेंटर, डिपो में स्टेब्लिंग यार्ड की रेल लाइन का निरीक्षण किया। सीएमआरएस ने एमआर-10 पर बने इलेक्ट्रिक सब स्टेशन का निरीक्षण भी किया। सभी ग्यारह स्टेशन का निरीक्षण पूरा हो चुका है। 80 की स्पीड में चेक हुए ब्रेक शाम से रात तक दौड़ाई मेट्रो सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक वायडक्ट पर मेट्रो को 80 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ाई। स्टेशन निरीक्षण के बाद शाम से रात तक चार बार मेट्रो को दौड़ाया गया और स्पीड ब्रेक टेस्ट किया गया। 17 किमी पर संचालन जल्द होगा शुरू सीएमआरएस द्वारा मेट्रो का चार दिनी निरीक्षण प्रस्तावित था, लेकिन यह कार्य तीन दिन में पूरा कर लिया गया। बुधवार को सीएमआरएस दिल्ली रवाना हो जाएंगे। निरीक्षण के आधार पर सुझावों के साथ निरीक्षण रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद मेट्रो प्रबंधन उनके बताए गए सुझावों को पूरा करके रिपोर्ट भेजेगा। इसके बाद सीएमआरएस द्वारा मेट्रो के 11.5 किलोमीटर हिस्से पर कमर्शियल रन शुरू करने की एनओसी जारी की जाएगी। यह संभावना जताई जा रही है कि 26 मार्च के बाद मेट्रो का संचालन रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा। इंदौर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर स्टेशन से स्टेशन नंबर-2 तक करीब छह किमी में पहले ही संचालन किया जा रहा है। अब स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक 11 किमी हिस्से में मेट्रो का निरीक्षण पूरा हो चुका है। एनओसी जारी होते ही 17 किमी लंबे रूट पर मेट्रो का संचालन होने लगेगा।
NIA ने 6 यूक्रेनी, 1 अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया:भारत में उग्रवाद का समर्थन कर रहे थे; यूक्रेन ने तत्काल रिहाई की मांग की

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 6 यूक्रेनियों और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया। इन पर म्यांमार के जातीय युद्ध समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे थे। साथ ही भारत में उग्रवाद का भी समर्थन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (अमेरिकी नागरिक), हुर्बा पेट्रो (यूक्रेनी नागरिक), स्लीव्याक तारास (यूक्रेनी नागरिक), इवान सुकमानोव्स्की (यूक्रेनी नागरिक), स्टेफानकिव मारियन (यूक्रेनी नागरिक), होनचारुक मैक्सिम (यूक्रेनी नागरिक) और कामिंस्की विक्टर (यूक्रेनी नागरिक) के रूप में हुई है। NIA ने 13 मार्च को दिल्ली से तीन यूक्रेनियों, लखनऊ से तीन और कोलकाता से एक अमेरिकी नागरिक को धारा 18 (आतंकवादी षड्यंत्र) और BNS के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, यूक्रेन ने मंगलवार को भारत को एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। आरोपियों को ले जाने की 5 तस्वीरें… कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड पर भेजा NIA के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सोमवार को सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया। NIA ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी। रिमांड मांगते समय, NIA ने आरोप लगाया कि आरोपी AK-47 राइफलें रखने वाले अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और उनकी आतंकवादी/अवैध गतिविधियों में मदद कर रहे थे। NIA ने कहा कि जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ये आरोपी, कुछ प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने विरोध दर्ज कराया यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में देश के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। इसमें आगे कहा गया कि दूतावास हिरासत से जुड़े सभी हालात और कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा…
असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी से इस्तीफा दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 00:18 IST प्रद्युत बोरदोलोई असम के पूर्व मंत्री और नागांव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद हैं, और उनका इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक झटका है क्योंकि विधानसभा चुनाव में 20 दिन बाकी हैं। असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई। (पीटीआई/फ़ाइल) कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका, असम से पार्टी सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने अगले महीने असम में विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित एक पत्र में, बोरदोलोई ने कहा, “आज अत्यधिक दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।” असम कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है, “आज अत्यधिक दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं,” उनके त्याग पत्र में लिखा है। pic.twitter.com/gZeFA1SebN – एएनआई (@ANI) 17 मार्च 2026 राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और नागांव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार के सांसद, बोरदोलोई का इस्तीफा असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा के वर्तमान राज्य इकाई प्रमुख गौरव गोगोई की “अत्याचार” का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा देने के एक महीने बाद आया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख बेदब्रत बोरा ने कहा कि गोगोई और एआईसीसी के असम प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह दिल्ली में इस मुद्दे पर बोरदोलोई से मुलाकात कर रहे हैं। बोरा ने कहा, “वे अब बोरदोलोई के साथ बैठक कर रहे हैं। चर्चा के विवरण की प्रतीक्षा है।”
पति पर तीन शादियां करने और धोखाधड़ी का आरोप:पत्नी ने पुलिस से मांगी मदद, पति ने दी अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी

ग्वालियर में एक नवविवाहिता महिला ने अपने पति पर धोखे, मारपीट और तीन शादियां करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने पति द्वारा अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देने का भी जिक्र है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 19 वर्षीय नवविवाहिता ने पुलिस को बताया कि उसने 2025 में अपने माता-पिता की मर्जी के बगैर घर से भागकर अनिकेत वर्मा नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही अनिकेत ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में युवती को पता चला कि अनिकेत पहले से शादीशुदा था और उसने यह बात उससे छुपाकर धोखे से शादी की थी। शिकायत के अनुसार, अनिकेत ने युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर इंदौर भागकर आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली। हालांकि, युवती के बार-बार कहने के बावजूद अनिकेत ने अपनी शादी का कोर्ट में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया। युवती ने बताया कि अनिकेत का अब जाकर अपनी पहली पत्नी से तलाक हुआ है। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वहां एक अन्य लड़की से आर्य समाज मंदिर में तीसरी शादी कर ली है, जिसके साथ वह अब रह रहा है। पीड़िता वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ रह रही है और अनिकेत की इस तीसरी शादी का विरोध कर रही है। इससे नाराज अनिकेत अब उसे धमका रहा है और उसके अश्लील फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। परेशान युवती ने अनिकेत से तलाक की मांग की है। पुलिस ने युवती को वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव में परेश अधिकारी को नामांकित करने के लिए बीजेपी ने टीएमसी की आलोचना की | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 21:16 IST भाजपा ने कहा कि यह उन लोगों के मजाक से कम नहीं है जिन्होंने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले का परिणाम भुगता है भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2022 में “फेस सेवर” के रूप में टीएमसी नेता परेश अधिकारी को कैबिनेट से हटा दिया था। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने के तुरंत बाद, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला किया। यह इंगित करते हुए कि टीएमसी सूची में पहला नाम हाई-प्रोफाइल एसएससी घोटाले से जुड़े एक पूर्व मंत्री का है, भाजपा ने कहा कि यह उन लोगों के मजाक से कम नहीं है जिन्होंने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के परिणाम भुगते हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि परेश अधिकारी, जो टीएमसी के दिग्गज नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री हैं, अपनी बेटी की शिक्षक के रूप में नियुक्ति के मामले में घोटाले में फंस गए हैं। वह कूच बिहार के सीमावर्ती जिले में आरक्षित मेकलीगंज निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। “तृणमूल कांग्रेस की सूची में पहला नाम: परेश अधिकारी, पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री। उनकी बेटी, अंकिता अधिकारी ने एसएससी घोटाले के माध्यम से एक शिक्षण नौकरी हासिल की। 2022 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें लिया गया वेतन वापस करने का आदेश दिया,” भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट किया। तृणमूल कांग्रेस की सूची में पहला नाम: पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री परेश अधिकारी का है। उनकी बेटी, अंकिता अधिकारी ने एसएससी घोटाले के माध्यम से एक शिक्षण नौकरी हासिल की। 2022 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें वेतन वापस करने का आदेश दिया…- अमित मालवीय (@amitmalviya) 17 मार्च 2026 मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें “चेहरा बचाने” के लिए मंत्रिमंडल से हटा दिया। उन्होंने कहा, “कुछ ही हफ्तों के भीतर, ममता बनर्जी ने चेहरा बचाने के लिए परेश अधिकारी को कैबिनेट से हटा दिया। आज, उनका नाम सूची में सबसे ऊपर रखना एसएससी घोटाले के पीड़ितों का मजाक उड़ाने से कम नहीं है।” जबकि अधिकारी का नाम सूची में सबसे ऊपर हो सकता है, ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि उनका निर्वाचन क्षेत्र, कूच बिहार जिले में मेकलीगंज (एससी), राज्य विधान सभा में पहली सीट (सीट नंबर 1) होने का संख्यात्मक गौरव रखता है। हालाँकि, उन्हें मैदान में उतारने का टीएमसी का निर्णय निश्चित रूप से विवादास्पद और जोखिम भरा माना जा सकता है। कथित शिक्षक भर्ती घोटाला राज्य में राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील विषयों में से एक रहा है, खासकर विपक्षी भाजपा के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ। विवाद क्या है? अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी को सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक के रूप में अवैध रूप से नियुक्त किया गया था। यह इस तथ्य के बावजूद था कि अंकिता का नाम प्रारंभिक मेरिट सूची में नहीं था। हालाँकि, उन्होंने एक स्थान हासिल कर लिया जबकि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर दिया गया। कानूनी नतीजे तीव्र थे, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान लिया गया पूरा वेतन वापस करने का आदेश दिया। बढ़ते सार्वजनिक आक्रोश के मद्देनजर, बनर्जी ने अगस्त 2022 में अधिकारी को शिक्षा मंत्री के पद से हटा दिया। परेश अधिकारी कौन है? परेश अधिकारी एक अनुभवी राजनीतिक शख्सियत हैं जिनकी जड़ें उत्तर बंगाल, खासकर कूच बिहार जिले में गहरी हैं। अधिकारी की राजनीतिक यात्रा टीएमसी के साथ जुड़ने से बहुत पहले शुरू हुई थी। वह ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) के लंबे समय तक नेता रहे और 2006 से 2011 तक वाम मोर्चा सरकार के दौरान खाद्य मंत्री के रूप में कार्य किया। 2018 में वह टीएमसी में चले गए। उस समय, उनके दलबदल को ममता बनर्जी के लिए एक बड़े तख्तापलट के रूप में देखा गया, जिससे पार्टी को क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए उत्तर बंगाल में एक “भारी चेहरा” मिला। मेक्लिगंज में एक गहरी जड़ें जमा चुके स्थानीय नेटवर्क वाले प्रभावशाली नेता के रूप में उनकी स्थापित प्रतिष्ठा के बावजूद, जहां से उन्हें इस बार नामांकित किया गया है, शिक्षक भर्ती घोटाले के कारण उनका करियर बुरी तरह प्रभावित हुआ। पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 21:16 IST समाचार चुनाव ‘टीएमसी सूची में पहला नाम…’: एसएससी घोटाले से जुड़े पूर्व मंत्री के नामांकन के बारे में बीजेपी ने क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें









