पति पर तीन शादियां करने और धोखाधड़ी का आरोप:पत्नी ने पुलिस से मांगी मदद, पति ने दी अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी

ग्वालियर में एक नवविवाहिता महिला ने अपने पति पर धोखे, मारपीट और तीन शादियां करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने पति द्वारा अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देने का भी जिक्र है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 19 वर्षीय नवविवाहिता ने पुलिस को बताया कि उसने 2025 में अपने माता-पिता की मर्जी के बगैर घर से भागकर अनिकेत वर्मा नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही अनिकेत ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में युवती को पता चला कि अनिकेत पहले से शादीशुदा था और उसने यह बात उससे छुपाकर धोखे से शादी की थी। शिकायत के अनुसार, अनिकेत ने युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर इंदौर भागकर आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली। हालांकि, युवती के बार-बार कहने के बावजूद अनिकेत ने अपनी शादी का कोर्ट में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया। युवती ने बताया कि अनिकेत का अब जाकर अपनी पहली पत्नी से तलाक हुआ है। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वहां एक अन्य लड़की से आर्य समाज मंदिर में तीसरी शादी कर ली है, जिसके साथ वह अब रह रहा है। पीड़िता वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ रह रही है और अनिकेत की इस तीसरी शादी का विरोध कर रही है। इससे नाराज अनिकेत अब उसे धमका रहा है और उसके अश्लील फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। परेशान युवती ने अनिकेत से तलाक की मांग की है। पुलिस ने युवती को वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव में परेश अधिकारी को नामांकित करने के लिए बीजेपी ने टीएमसी की आलोचना की | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 21:16 IST भाजपा ने कहा कि यह उन लोगों के मजाक से कम नहीं है जिन्होंने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले का परिणाम भुगता है भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2022 में “फेस सेवर” के रूप में टीएमसी नेता परेश अधिकारी को कैबिनेट से हटा दिया था। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने के तुरंत बाद, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला किया। यह इंगित करते हुए कि टीएमसी सूची में पहला नाम हाई-प्रोफाइल एसएससी घोटाले से जुड़े एक पूर्व मंत्री का है, भाजपा ने कहा कि यह उन लोगों के मजाक से कम नहीं है जिन्होंने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के परिणाम भुगते हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि परेश अधिकारी, जो टीएमसी के दिग्गज नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री हैं, अपनी बेटी की शिक्षक के रूप में नियुक्ति के मामले में घोटाले में फंस गए हैं। वह कूच बिहार के सीमावर्ती जिले में आरक्षित मेकलीगंज निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। “तृणमूल कांग्रेस की सूची में पहला नाम: परेश अधिकारी, पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री। उनकी बेटी, अंकिता अधिकारी ने एसएससी घोटाले के माध्यम से एक शिक्षण नौकरी हासिल की। 2022 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें लिया गया वेतन वापस करने का आदेश दिया,” भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट किया। तृणमूल कांग्रेस की सूची में पहला नाम: पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री परेश अधिकारी का है। उनकी बेटी, अंकिता अधिकारी ने एसएससी घोटाले के माध्यम से एक शिक्षण नौकरी हासिल की। 2022 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें वेतन वापस करने का आदेश दिया…- अमित मालवीय (@amitmalviya) 17 मार्च 2026 मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें “चेहरा बचाने” के लिए मंत्रिमंडल से हटा दिया। उन्होंने कहा, “कुछ ही हफ्तों के भीतर, ममता बनर्जी ने चेहरा बचाने के लिए परेश अधिकारी को कैबिनेट से हटा दिया। आज, उनका नाम सूची में सबसे ऊपर रखना एसएससी घोटाले के पीड़ितों का मजाक उड़ाने से कम नहीं है।” जबकि अधिकारी का नाम सूची में सबसे ऊपर हो सकता है, ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि उनका निर्वाचन क्षेत्र, कूच बिहार जिले में मेकलीगंज (एससी), राज्य विधान सभा में पहली सीट (सीट नंबर 1) होने का संख्यात्मक गौरव रखता है। हालाँकि, उन्हें मैदान में उतारने का टीएमसी का निर्णय निश्चित रूप से विवादास्पद और जोखिम भरा माना जा सकता है। कथित शिक्षक भर्ती घोटाला राज्य में राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील विषयों में से एक रहा है, खासकर विपक्षी भाजपा के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ। विवाद क्या है? अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी को सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक के रूप में अवैध रूप से नियुक्त किया गया था। यह इस तथ्य के बावजूद था कि अंकिता का नाम प्रारंभिक मेरिट सूची में नहीं था। हालाँकि, उन्होंने एक स्थान हासिल कर लिया जबकि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर दिया गया। कानूनी नतीजे तीव्र थे, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान लिया गया पूरा वेतन वापस करने का आदेश दिया। बढ़ते सार्वजनिक आक्रोश के मद्देनजर, बनर्जी ने अगस्त 2022 में अधिकारी को शिक्षा मंत्री के पद से हटा दिया। परेश अधिकारी कौन है? परेश अधिकारी एक अनुभवी राजनीतिक शख्सियत हैं जिनकी जड़ें उत्तर बंगाल, खासकर कूच बिहार जिले में गहरी हैं। अधिकारी की राजनीतिक यात्रा टीएमसी के साथ जुड़ने से बहुत पहले शुरू हुई थी। वह ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) के लंबे समय तक नेता रहे और 2006 से 2011 तक वाम मोर्चा सरकार के दौरान खाद्य मंत्री के रूप में कार्य किया। 2018 में वह टीएमसी में चले गए। उस समय, उनके दलबदल को ममता बनर्जी के लिए एक बड़े तख्तापलट के रूप में देखा गया, जिससे पार्टी को क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए उत्तर बंगाल में एक “भारी चेहरा” मिला। मेक्लिगंज में एक गहरी जड़ें जमा चुके स्थानीय नेटवर्क वाले प्रभावशाली नेता के रूप में उनकी स्थापित प्रतिष्ठा के बावजूद, जहां से उन्हें इस बार नामांकित किया गया है, शिक्षक भर्ती घोटाले के कारण उनका करियर बुरी तरह प्रभावित हुआ। पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 21:16 IST समाचार चुनाव ‘टीएमसी सूची में पहला नाम…’: एसएससी घोटाले से जुड़े पूर्व मंत्री के नामांकन के बारे में बीजेपी ने क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंता खारिज की:ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अगले हफ्ते पहुंचेंगे; 26 मार्च से शुरू होगा टूर्नामेंट

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को लेकर विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी चिंताओं को खारिज कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि सभी इंतजाम पूरे हैं और ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों के खिलाड़ी तय कार्यक्रम के अनुसार पाकिस्तान पहुंचेंगे। 26 मार्च से शुरू होगा टूर्नामेंट PSL का 11वां सीजन 26 मार्च से लाहौर में शुरू होगा। पहला मैच लाहौर कलंदर्स और हैदराबाद किंग्समेन के बीच खेला जाएगा। इस बार टूर्नामेंट में घरेलू खिलाड़ियों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें खास तौर पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शामिल हैं। PCB के एक सूत्र ने कहा कि मीडिया में आई खबरें सही नहीं हैं। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के पाकिस्तान आने को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है और वे अगले हफ्ते से पहुंचना शुरू कर देंगे। मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते सुरक्षा का मामला था हाल के दिनों में रिपोर्ट आई थी कि मिडिल ईस्ट में तनाव और अफगानिस्तान सीमा के हालात को देखते हुए कुछ खिलाड़ियों को यात्रा को लेकर सलाह दी गई है। खास तौर पर पेशावर में होने वाले मैच को लेकर बात सामने आई थी, क्योंकि यह शहर अफगान सीमा के करीब है। हालांकि, PCB का कहना है कि लीग पहले भी इससे बड़े हालात में आयोजित हो चुकी है और इस बार भी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयारी की गई है। स्टीव स्मिथ खेलते दिखेंगे इस सीजन में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, एडम जाम्पा, पीटर सिडल, मार्नस लाबुशेन जैसे कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी खेलने वाले हैं। PSL में पहली बार 8 टीमें उतरेंगी। साथ ही, लगातार दूसरे साल इसका टकराव IPL से होगा, जो PSL के तीन दिन बाद शुरू हो रहा है। इस्लामाबाद और लाहौर के 3-3 खिताब पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 2016 से 2025 तक के इतिहास में इस्लामाबाद यूनाइटेड और लाहौर कलंदर्स सबसे सफल टीमें रही हैं। दोनों ने 3-3 बार खिताब अपने नाम किया है। इस्लामाबाद यूनाइटेड ने 2016, 2018 और 2024 में ट्रॉफी जीती, जबकि लाहौर कलंदर्स ने 2022, 2023 और 2025 में चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा बाकी टीमों में मुल्तान सुल्तांस, क्वेटा ग्लैडिएटर्स, कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी ने एक-एक बार खिताब जीता है। मुल्तान ने 2021, क्वेटा ने 2019, कराची ने 2020 और पेशावर ने 2017 में ट्रॉफी अपने नाम की। ————————————– साउथ अफ्रीका के न्यूजीलैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया, डेब्यू कर रहे मोकोएना को 3 विकेट साउथ अफ्रीका ने पहले टी-20 मैच में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हरा दिया। इसके साथ प्रोटियाज टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में मिली हार का बदला भी ले लिया। पढ़ें पूरी खबर
ये पानी पियो, 7 दिन में पेट अंदर! डॉक्टर ने ही कह दी ये बात, वीडियो में शेयर किया डिटेल

आजकल बढ़ता वजन और बार-बार लगने वाली शुगर क्रेविंग्स लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है. ऐसे में हर कोई आसान और असरदार घरेलू उपाय की तलाश में रहता है. इसी बीच एक खास तरह का पानी काफी चर्चा में है, जिसे पीने से न सिर्फ पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है बल्कि मीठा खाने की इच्छा भी धीरे-धीरे कंट्रोल होने लगती है. Dr. Saleem Zaidi ने अपनी एक यूट्यूब वीडियो में इस खास ड्रिंक के बारे में विस्तार से बताया है. उनके मुताबिक, लौंग और दालचीनी से बना यह पानी मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने के साथ-साथ ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है. यही कारण है कि इसे नियमित पीने से शुगर क्रेविंग्स कम हो सकती हैं और वजन घटाने में भी सहारा मिल सकता है. वीडियो के थंबनेल पर उन्होंने लिखा है कि ये पानी पियो, 7 दिन में पेट अंदर. इसका बस ये मतलब है कि आपको फर्क दिखेगा जब आप शुगर को अपने डाइट से कट कर देंगे और ऐसे पानी का सेवन शुरू कर देंगे जो इन्फ्लेमेशन की समस्या को कम करता है. (Disclaimer: इस वीडियो में डॉक्टर की निजी राय है, News18 इसकी पुष्टी नहीं करता है.)
न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका को हराया:6 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके, सीरीज 1-1 से बराबर,

न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका को 68 रन से हराकर सीरीज में वापसी कर ली है। इस जीत के साथ ही 5 मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबरी पर आ गई है। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने कीवी टीम को 91 रन पर ऑलआउट कर शानदार जीत हासिल की थी। 17 मार्च को हैमिल्टन में खेले गए मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला किया। न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में छह विकेट पर 175 रन बनाए। इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम सिर्फ 107 रन पर ऑलआउट हो गई। सीरीज का तीसरा मैच 20 मार्च को ऑकलैंड में खेला जाएगा। कॉन्वे ने 60 रन बनाए न्यूजीलैंड के लिए टॉम लैथम ने पारी की शुरुआत की, लेकिन वह सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद टिम रॉबिन्सन 1, निक केली 21, कप्तान मिचेल सैंटनर 20 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, ओपनर डेवोन कॉन्वे ने अर्धशतक लगाया। उन्होंने 49 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से 60 रन बनाए। इसके बाद आखिरी में कोल मैकॉन्ची और जोश क्लार्कसन ने टीम को 175 रन तक पहुंचा दिया। क्लार्कसन ने 9 बॉल पर नाबाद 26 रन बनाए। साउथ अफ्रीका के लिए ब्योर्न फोर्टुइन ने 2 विकेट लिए। जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, ब्योर्न हैंड्रिक्स और ओटनील बार्टमैन को 1-1 विकेट मिला। साउथ अफ्रीका 107 रन पर ऑलआउट 176 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। 67 के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौट गई। जॉर्ज लिंडे ने सबसे ज्यादा 33 रन बनाए, जबकि 6 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके और साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 16 ओवर में 107 रन पर ढेर हो गई।
उत्तराखंड के बाद गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी, 24 मार्च को सदन में पेश हो सकता है विधेयक

उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है। गुजरात सरकार आज शाम को इस रिपोर्ट पर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। यूसीसी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा मौजूदा विधानसभा सत्र में ही की जाएगी। रिपोर्ट 23 मार्च को सदन में रखी जा सकती है, जबकि 24 मार्च को बिल पेश किए जाने की संभावना है, जो इस बजट सत्र का अंतिम दिन भी है। अगर यह बिल पास हो जाता है, उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला गुजरात देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। महिलाओं के समान अधिकारों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने X पर लिखा- गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं रंजना प्रकाश देसाई पांच सदस्यीय इस समिति का गठन 4 फरवरी 2025 को किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई कर रही हैं। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं। वे 13 सितम्बर 2011 से 29 अक्टूबर 2014 तक सर्वोच्च न्यायालय में जज रहीं। जस्टिस रंजना देसाई जम्मू-कश्मीर पर परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। देसाई सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की जज भी रह चुकी हैं। भारत में केवल उत्तराखंड में UCC लागू भारत में अभी केवल उत्तराखंड में UCC लागू है। वहां 28 जनवरी 2025 को UCC लागू किया गया। मुख्यमंत्री आवास में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान किया था। यूसीसी लागू होने से राजय में 5 नियम सख्ती से लागू हुए- ——————— UCC से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करें; शरियत कानून में सुधार की जल्दबाजी न करें, इससे नुकसान की आशंका सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। कोर्ट शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर ओडिशा के 3 विधायकों को निलंबित कर दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 13:41 IST पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए अनुशासनात्मक कदम जरूरी थे, खासकर राज्यसभा चुनाव के बाद। निलंबित विधायकों – रमेश जेना, सोफिया फिरदौस और दसरथी गमांग – पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप था। (न्यूज़18) ओडिशा कांग्रेस ने पार्टी के भीतर अनुशासन लागू करने के उद्देश्य से हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर मंगलवार को अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया। निलंबित विधायकों – रमेश जेना, सोफिया फिरदौस और दसरथी गमांग – पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाया गया था, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। निर्णय की घोषणा करते हुए, सुजीत पाढ़ी ने कहा कि यह कार्रवाई “अनुशासनहीनता” और पार्टी के निर्देशों के उल्लंघन पर की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि यह पार्टी की सामूहिक रणनीति को कमजोर करता है। एक अलग कार्रवाई में, कटक शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरिबाला बेहरा को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए अनुशासनात्मक कदम आवश्यक थे, खासकर राज्यसभा चुनावों में राज्य इकाई के भीतर आंतरिक विभाजन उजागर होने के बाद। कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों से पहले एकता के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि क्रॉस-वोटिंग ने ओडिशा में पार्टी की स्थिति कमजोर कर दी है और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। ओडिशा राज्यसभा चुनाव परिणाम सत्तारूढ़ भाजपा ने सोमवार को द्विवार्षिक चुनावों में ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में से दो पर जीत हासिल की, जबकि विपक्षी बीजद और भगवा पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट हासिल की। भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और पार्टी के सांसद सुजीत कुमार ने चुनाव जीतने के लिए 35-35 वोट हासिल किए। बीजद के आधिकारिक उम्मीदवार संतरूप मिश्रा ने 31 वोट हासिल कर चुनाव जीत लिया। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे ने दूसरी वरीयता के वोटों के माध्यम से चौथी सीट जीती, उन्होंने विपक्ष समर्थित उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हराया, जिन्हें बीजद, कांग्रेस और सीपीआई (एम) का समर्थन प्राप्त था। रे और होता दोनों प्रथम वरीयता के 23-23 वोट हासिल कर बराबरी पर थे। अधिकारी ने बताया कि बाद में दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद रे को विजेता चुना गया। चुनाव में विधानसभा के सभी 147 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनावों में क्रॉस-वोटिंग देखी गई, जिसमें कई विपक्षी विधायकों ने कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवारों और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया। जबकि 147 सदस्यीय सदन में भाजपा और उसके समर्थित निर्दलीय विधायकों की संख्या 82 थी, भगवा पार्टी के उम्मीदवारों ने 93 प्रथम वरीयता वोट हासिल किए, जो विधानसभा में उसकी ताकत से 11 अधिक थे। अधिकारी ने कहा, ये 11 वोट बीजद (8) और कांग्रेस (3) विधायकों से आए। जगह : भुवनेश्वर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 12:55 IST समाचार राजनीति कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर ओडिशा के तीन विधायकों को निलंबित कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ओडिशा कांग्रेस निलंबन(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)क्रॉस वोटिंग(टी)पार्टी अनुशासन(टी)बीजेपी समर्थित उम्मीदवार(टी)आंतरिक विभाजन(टी)ओडिशा की राजनीति(टी)पार्टी से निष्कासित सदस्य
बहुत सारे रसोइये? डिनर पॉलिटिक्स ने कर्नाटक में सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार सत्ता संघर्ष को बढ़ा दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 13:32 IST पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि समझा जाता है कि सिद्धारमैया ने बैठक का इस्तेमाल अपने पक्ष में ताकतों को एकजुट करने और एकता का संकेत देते हुए गतिशीलता को अधिक बारीकी से समझने के लिए किया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि समानांतर रात्रिभोज की राजनीति कांग्रेस के भीतर की वास्तविकता को दर्शाती है – दो शक्ति केंद्र एक साथ काम कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि डिनर टेबल अब कर्नाटक में नया राजनीतिक युद्ध कक्ष बन गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार शाम को रात्रिभोज बैठकों की श्रृंखला की पहली शुरुआत की, जिससे कर्नाटक की सबसे पुरानी पार्टी के भीतर ताजा राजनीतिक हलचल शुरू हो गई। जब वह 14 मंत्रियों के एक चुनिंदा समूह के साथ बैठे, तो सिद्धारमैया ने कर्नाटक में आगामी उपचुनावों की तैयारियों, आंतरिक आरक्षण और आसन्न कैबिनेट फेरबदल के बारे में बात की। हालाँकि, जो नज़र आता है उससे कहीं अधिक है। बैठक में शामिल होने वालों में प्रियांक खड़गे, ईश्वर खंड्रे, बीजेड ज़मीर अहमद खान, बिरथी सुरेश, कृष्णा बायरे गौड़ा, दिनेश गुंडू राव, एमबी पाटिल, एचसी महादेवप्पा, केएच मुनियप्पा, रामलिंगा रेड्डी, एसएस मल्लिकार्जुन, सतीश जारकीहोली और चेलुवरयास्वामी शामिल थे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि समझा जाता है कि सिद्धारमैया ने बैठक का इस्तेमाल अपने पक्ष में ताकतों को एकजुट करने और गतिशीलता को अधिक बारीकी से समझने के लिए किया, जबकि गुटीय बड़बड़ाहट, छाया मुक्केबाजी और उनके और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष के बीच एकता का संकेत दिया। विधायकों पर लगाम लगाने और बार-बार दिल्ली दौरे को हतोत्साहित करने के लिए उपस्थित मंत्रियों को भी एक संदेश दिया गया। समय महत्वपूर्ण है. पिछले कुछ हफ्तों में, कांग्रेस के भीतर विभिन्न समूहों के बीच कई अनौपचारिक रात्रिभोज बैठकें आयोजित की गई हैं – एमबी पाटिल के नेतृत्व में लिंगायत नेता और जी परमेश्वर और सतीश जारकीहोली के नेतृत्व में दलित नेता। इन समानांतर सभाओं ने केवल सुलगते विभाजनों को रेखांकित किया है। यह सब मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच जारी सत्ता संघर्ष के साथ-साथ पार्टी के भीतर से कैबिनेट फेरबदल की बढ़ती मांगों की पृष्ठभूमि में हो रहा है। मंत्रियों की रात्रिभोज बैठक से पहले सिद्धारमैया ने शिवकुमार के साथ एक अलग बैठक भी की. डीके का समानांतर आउटरीच शिवकुमार भी अपने चैनल चला रहे हैं। हाल के सप्ताहों में, डिप्टी सीएम ने विधायकों और चुनिंदा मंत्रियों के साथ छोटी, बंद कमरे में बातचीत की मेजबानी की है और उनमें भाग लिया है, जिनमें से कई उनके समर्थन आधार से हैं। केपीसीसी प्रमुख के रूप में छह साल पूरे करने के बाद, यह तथ्य कि सीएम बदलने और डीके को सत्ता सौंपने की मांग करने वालों को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, यह दर्शाता है कि वह आलाकमान पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं। कैबिनेट में फेरबदल के साथ, सभी क्षेत्रों और समुदायों, विशेषकर वोक्कालिगा नेताओं और पहली बार के विधायकों के बीच समर्थन को मजबूत करने का एक स्पष्ट प्रयास भी है। पहली बार के विधायकों या नए चेहरों के लिए मंत्री पद की मांग भी काफी हद तक शिवकुमार खेमे की मांग है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि समानांतर रात्रिभोज की राजनीति कांग्रेस के भीतर की वास्तविकता को दर्शाती है – दो शक्ति केंद्र एक साथ काम कर रहे हैं, प्रत्येक खुले टकराव को शुरू किए बिना अपनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। इस बीच, कर्नाटक कांग्रेस आगामी उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी तेज कर रही है। पार्टी नेतृत्व ने दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट में अभियान प्रयासों की निगरानी के लिए पहले ही मंत्रियों की टीमों को तैनात कर दिया है। पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 13:32 IST समाचार राजनीति बहुत सारे रसोइये? डिनर पॉलिटिक्स ने कर्नाटक में सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष को बढ़ा दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
स्कूल के बाहर छात्रों से मारपीट VIDEO:बाइक सवार बदमाशों ने पीटा, छात्रों ने भी की पत्थरबाजी

सेमरिया के सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर छात्रों के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में बाइक सवार कुछ बदमाश लगभग 6 से ज्यादा छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते हुए दिख रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह घटना स्कूल के मुख्य गेट के बाहर हुई बताई जा रही है। हमले के जवाब में छात्रों ने भी पत्थरबाजी की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग गए। इस मारपीट में दो छात्रों को चोटें आई हैं। उन्हें सेमरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्कूल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। मारपीट की प्रारंभिक वजह आपसी विवाद बताई जा रही है, हालांकि इसके वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। प्राचार्य को नहीं जानकारी स्कूल के प्राचार्य अनिल मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी क्योंकि वे मूल्यांकन कार्य में व्यस्त थे। उन्होंने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। शिकायत पर कार्रवाई करेंगे सेमरिया थाना प्रभारी केदार परौहा ने पुष्टि की कि उन्होंने भी वीडियो देखा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। स्कूल प्रबंधन से चर्चा के बाद मामले की जांच की जाएगी और आरोपियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
युवक पर धर्मविरोधी रील बनाने का आरोप:हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, पहले भी कर चुका है टिप्पणी

दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर सोशल मीडिया पर धर्मविरोधी रील वायरल करने का आरोप लगा है। इसके विरोध में सोमवार रात हिंदू संगठनों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गौ रक्षक सेवा समिति ने पटेरा थाने में यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देते हुए शिवा चौरसिया ने बताया कि पटेरा के वार्ड 13 निवासी समीर खांन नामक युवक ने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की है। आरोप है कि इस रील में पाकिस्तान का समर्थन करते हुए हिंदुओं के खिलाफ धर्मविरोधी शब्दों का प्रयोग किया गया है। पहले भी टिप्पणी कर चुका है युवक संगठनों ने यह भी बताया कि समीर खांन ने पहले भी बागेश्वर धाम महाराज के विरुद्ध टिप्पणी की थी। उस समय शिकायत के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने युवक को समझाकर माफी मंगवाई थी। हालांकि, अब उसने दोबारा धर्मविरोधी रील वायरल की है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पटेरा थाने में पदस्थ एसआई संतोष सिंह ने पुष्टि की कि हिंदू संगठनों द्वारा ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपते समय मोनू विश्वकर्मा, संस्कार सोनी, मोनू यादव, सौरव असाटी, मनीष खरे, छोटू साहू सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।









