सभी देशों को रूसी तेल खरीदने की इजाजत:अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी; ईरान ने क्रूड ऑयल 200 डॉलर पहुंचने की चेतावनी दी थी

अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई हैं। इसे काबू में करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को भी रूस से तेल खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी है। रूस के कई ऑयल टैंकर समुद्र में फंसे हैं। इससे पहले अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही थी। हालांकि, इस पर भारतीय अधिकारी कह चुके हैं कि भारत तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं है। वहीं, ईरान चेतावनी दे चुका है कि कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर के पार पहुंच सकती हैं। सिर्फ समुद्र में फंसे जहाजों से तेल खरीदने की मंजूरी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (वित्त मंत्रालय) ने गुरुवार को एक लाइसेंस जारी किया। इसके तहत उन रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की डिलीवरी और बिक्री की जा सकती है, जो 12 मार्च की रात 12:01 बजे से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे। यह छूट सिर्फ 11 अप्रैल तक के लिए दी गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि इसका मकसद दुनियाभर में तेल की सप्लाई बढ़ाना है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके। अमेरिका ने कहा- रूस को ज्यादा फायदा नहीं होगा अमेरिका के ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रम्प वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक शॉर्ट-टर्म फैसला है और इससे रूस को कोई बहुत बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा। बेसेंट के मुताबिक रूस की कमाई का बड़ा हिस्सा तेल निकालने के वक्त लगने वाले टैक्स से आता है, जबकि यह छूट सिर्फ उस तेल के लिए है, जो पहले से ही ट्रांजिट (रास्ते) में है। क्यों बदला अमेरिका का मन? 2 मुख्य वजहें 1. होर्मुज रूट से सप्लाई ठप: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में सप्लाई ठप हो गई है। यहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। भारत जैसे देश अपनी जरूरत का करीब आधा तेल इसी रास्ते से मंगाते हैं। 2. 200 डॉलर पहुंच सकता है कच्चा तेल: पिछले कुछ दिनों में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं। ईरान ने चेतावनी दी है कि कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती है। ऐसे में रूसी तेल बाजार में आने से सप्लाई बढ़ेगी, जिससे कीमतों में गिरावट आएगी। 2022 में अमेरिका ने लगाई थी रूसी तेल पर रोक जब फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो पश्चिमी देशों का मानना था कि युद्ध के लिए पैसा रूस को तेल और गैस बेचकर मिल रहा है। इसी ‘फंडिंग’ को रोकने के लिए अमेरिका और यूरोप ने रूस से तेल खरीदने पर पाबंदी लगानी शुरू की थी। कच्चा तेल 101 डॉलर प्रति बैरल पार मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हाल ही में हुए हमलों के बाद फिर से कच्चे तेल की कीमतों में 9% से ज्यादा की तेजी आई है। इस उछाल के साथ ही तेल का दाम एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया है। बाजारों को सामान्य रखने के लिए स्ट्रैटजिक रिजर्व यानी आपातकालीन भंडार से रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकालने का फैसला किया गया है, लेकिन इस फैसले पर भी सप्लाई रुकने का डर भारी पड़ गया है। 167 किमी लंबा जलमार्ग है होर्मुज ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा घरेलू LPG सिलेंडर: जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने 20 दिन समय बढ़ाया; MP में ऑनलाइन बुकिंग ठप अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग के नियमों में फिर से बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद बुक किया जा सकेगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि यह फैसला सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और बेवजह होने वाली ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए किया है। पूरी खबर पढ़ें…
सभी देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट:अमेरिका ने जंग की वजह से 30 दिन की रियायत दी; कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार

अमेरिका ने दुनिया भर के देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि ईरान जंग की वजह से दुनिया में ऑयल सप्लाई पर असर पड़ रहा है। इस छूट के तहत देश सीमित मात्रा में रूसी तेल खरीद सकेंगे। अमेरिका का कहना है कि इससे बाजार में ऑयल सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों को कंट्रोल रखने में मदद मिलेगी। जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो अगस्त 2022 के बाद पहली बार हुआ है। युद्ध की वजह से ग्लोबल ऑयल मार्केट में चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह इजाजत सिर्फ उस रूसी तेल के लिए है जो पहले से जहाजों में लोड होकर समुद्र में फंसा हुआ है। इसका मकसद बाजार में सप्लाई बढ़ाना है। इराक में अमेरिकी प्लेन क्रैश, शिया गुट ने जिम्मेदारी ली इराक में अमेरिकी सेना का एक KC-135 सैन्य विमान क्रैश हो गया है। इसके बाद इराक के एक विद्रोही गुट ने दावा किया है कि विमान को उसी ने मार गिराया। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फायरिंग में भी तीन अमेरिका विमान क्रैश हो गए थे। ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ नाम के संगठन ने कहा कि उसके लड़ाकों ने पश्चिमी इराक में अमेरिकी विमान पर एयर डिफेंस सिस्टम से हमला किया, जिससे वह गिर गया। यह संगठन ईरान समर्थित कई गुटों का गठबंधन है। हालांकि अमेरिकी सेना ने इस दावे को गलत बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक दो अमेरिकी विमानों से जुड़ी एक घटना हुई थी। इसमें एक विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित रूप से इजराइल में उतर गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि विमान किसी हमले या गोलीबारी की वजह से नहीं गिरा। सेना के मुताबिक हादसा ऐसे इलाके में हुआ जिसे वह फ्रेंडली एयरस्पेस कहती है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा घरेलू LPG सिलेंडर:जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने 20 दिन समय बढ़ाया; MP में ऑनलाइन बुकिंग ठप

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग के नियमों में फिर से बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद बुक किया जा सकेगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि यह फैसला सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और बेवजह होने वाली ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए किया है। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम 6 दिन में तीन बार बदले 55 दिन की बजाय 15 दिन में बुक करा रहे लोग गांवों में औसतन एक परिवार सालभर में करीब 5 सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। ऐसे में जल्दी दोबारा बुकिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी। हाल ही में देखा गया कि लोग अफवाहों की वजह से जरूरत न होने पर भी जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करके स्टॉक कर रहे थे। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि जो लोग पहले औसतन 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, उन्होंने अचानक 15-15 दिनों के अंतर पर बुकिंग शुरू कर दी थी। इस तरह की एडवांस और जल्दबाजी में की जा रही बुकिंग से सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था। अब अलग-अलग राज्यों की रिपोर्ट पढ़ें… मध्य प्रदेश: LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप…वेटिंग 7-8 दिन बढ़ी मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप जैसी है। सर्वर डाउन होने से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में लोग सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ लगी हुई है। इधर गैस की किल्लत के बीच इंडक्शन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। भोपाल में इसकी बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है। वहीं 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट में गैस खत्म होने के कगार पर है। होटल, रेस्टॉरेंट को 4 दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, भोपाल के करीब 2 हजार होटल-रेस्टोरेंट को 4 दिन में एक भी सिलेंडर नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेजा जा रहा होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं। चित्तौड़गढ़ में रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेज दिया है। सवाई माधोपुर में भी रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। जैसलमेर के सम में 150 रिसॉर्ट को बंद करने की तैयारी है। जयपुर में चाय की थड़ी, मिठाई की दुकानों और ढाबों पर कॉमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने लगे हैं। कोटा में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लकड़ी और कोयले की भट्ठी की मांग बढ़ गई है। मेस और हॉस्टलों के लिए 35 से 40 किलो वजन की भट्ठियां बनाई जा रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: ब्लैक में 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा सिलेंडर लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है। पूरी खबर पढ़ें… फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हुए गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ ने कहा कि LPG की किल्लत के कारण जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हो गए हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स और इस सेक्टर से जुड़े दूसरे वर्कर्स की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है। यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन की मांग है कि जोमैटो, स्विगी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स प्रभावित होने वाले हर वर्कर को तुरंत 10,000 रुपए की राहत राशि दें। वर्कर्स की ID बंद करने पर 3 महीने की रोक लगे। सरकार ने तैयारियों का लेखा-जोखा पेश किया सरकार रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “हम अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG बाहर से मंगवाते हैं और इसका करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। स्थिति थोड़ी मुश्किल है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा, “हम हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर फिलहाल कहीं भी किल्लत की कोई खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। राज्य सरकारों से लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है ताकि सिलेंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर की जा सके।” सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी
अमेरिका ने एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव किया:अब सैलरी के आधार पर होगा चयन; 1 अप्रैल से नया फार्म I-129 लागू होगा

अमेरिका ने एच-1बी वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों का चयन रैंडम लॉटरी के बजाय वेतन के आधार पर होगा। इसके लिए अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने फॉर्म I-129 का नया सिस्टम बनाया है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य कर दिया जाएगा। कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए दाखिल याचिका में नौकरी से जुड़ी जानकारी देनी होगी। इससे पहले की तुलना में ज्यादा अनुभवी और हाई सैलरी पाने वाले प्रोफेशनल्स को वीजा मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। नए सिस्टम में आवेदकों को चार वेतन स्तरों में बांटा जाएगा। जिस पद का वेतन स्तर जितना ऊंचा होगा, चयन प्रक्रिया में उसे उतने अधिक मौके मिलेंगे। मसलन, लेवल-4 के उम्मीदवार को चार मौके मिलेंगे, जबकि लेवल-1 को सिर्फ एक मौका मिलेगा। फॉर्म I-129 का उपयोग अस्थायी कामगारों को अमेरिका बुलाने के लिए किया जाता है। अमेरिका का श्रम विभाग हर पेशे और शहर के लिए एक मानक वेतन तय करता है। उसी के आधार पर नौकरी को लेवल-1 से लेवल-4 में रखा जाता है। 70% एच-1 बी वीजा भारतीयों को मिलता है एच-1 बी पर ट्रम्प की कभी हां, कभी ना ट्रम्प का एच-1 बी वीजा पर 9 साल में कभी हां, कभी ना वाला रवैया रहा है। पहले कार्यकाल में 2016 में ट्रम्प ने इस वीजा को अमेरिकी हितों के खिलाफ कहा था। 2019 में इस वीजा का एक्सटेंशन सस्पेंड किया। पिछले महीने ही यू-टर्न लेते हुए कहा- हमें टैलेंट की जरूरत है। गोल्ड कार्ड में हमेशा रहने का अधिकार मिलेगा ट्रम्प ने H-1B में बदलाव के अलावा 3 नए तरह के वीजा कार्ड लॉन्च किए थे। ‘ट्रम्प गोल्ड कार्ड’, ‘ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड’ और ‘कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड’ जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ट्रम्प गोल्ड कार्ड (8.8 करोड़ कीमत) व्यक्ति को अमेरिका में अनलिमिटेड रेसीडेंसी (हमेशा रहने) का अधिकार देगा। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा।
भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा:अबरार अहमद पर काव्या मारन ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; द हंड्रेड लीग में खेलेंगे

भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने गुरुवार को पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद पर बोली लगाई। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन ने खुद उन्हें 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपए) में खरीदा। इसी के साथ अबरार 21 जुलाई से शुरू हो रही द हंड्रेड लीग में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के कारण आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने 2009 के बाद से किसी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं किया है। चेन्नई की मीडिया कंपनी सन ग्रुप ने पिछले साल नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स में पहले 49% हिस्सेदारी ECB से और बाकी 51% यॉर्कशायर काउंटी क्लब से करीब 10 करोड़ पाउंड में खरीदी थी। इसके बाद टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स रखा गया। सन ग्रुप IPL में सनराइजर्स हैदराबाद और SA20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की भी मालिक है, लेकिन इन टीमों में अभी कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है। सनराइजर्स लीड्स की पोस्ट देखिए… उस्तान तारिक 1.72 करोड़ रुपए में बिके इस नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में खरीदा। हालांकि, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सैम अयूब अनसोल्ड रहे। बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान पर विवाद हुआ था IPL की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL) ने 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के कारण भारत में इसका विरोध होने लगा। इस पर BCCI के कहने पर KKR ने रहमान को रिलीज कर दिया है। इससे नाराज बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में ICC ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से ही बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था। पाकिस्तान ने भारत से मैच का बॉयकॉट किया था पाकिस्तानी सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि, श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत से मैच के लिए मंजूरी दी थी। कोलंबो में 15 फरवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने 61 रनों के अंतर से जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने फिफ्टी लगाई थी। ——————————————————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अब नेट्स शेयर नहीं कर सकेंगी IPL टीमें, BCCI ने प्रैक्टिस सेशन की गाइडलाइन जारी की BCCI ने IPL टीमों के प्रैक्टिस सेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसके अनुसार कोई भी टीम उस नेट या पिच पर प्रैक्टिस नहीं कर सकेगी, जिस पर दूसरी टीम पहले अभ्यास कर चुकी हो। हर टीम को अभ्यास के लिए अलग और नए नेट उपलब्ध कराए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर
नो गैस कुकिंग: ना गैस की जरूरत, ना घंटों की मेहनत! बिना गैस के मिनटों में तैयार ये 5 ग्रेडर रेसिपी

बिना गैस की बनी डिश | छवि: एआई/फ्रीपिक स्वस्थ नाश्ता और स्नैक रेसिपी: यहां देखें भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास खाना बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। कई बार ऐसी स्थिति भी हो जाती है जब गैस उपलब्ध नहीं होती या जल्दी में कुछ प्रभाव-फुल्का और तकनीशियन का मन हो जाता है। ऐसे में कुछ ऐसी रेसिपी बेहद काम की हैं जिन्हें बनाने के लिए गैस की जरूरत नहीं है और ये मिनटों में तैयार हो जाती हैं। तो जानें ऐसी ही 5 आसान और क्लासिक रेसिपी के बारे में। वेजिटेबल असेंबली वेजिटेबल अनैच्छिक एक बेहद आसान और वेस्ट इंडिकेटर है। कैसे? बेडरूम पर बटर या मेयोनीज़ बेडरूम। इसके ऊपर खेडा, टमाटर, प्याज और आलू की पूर्ति की आवश्यकता है। स्वाद के लिए नमक, काली मिर्च और चाट मसाला। ऊपर से दूसरी ब्रेडेडी रेस्तरां तैयार कर लें। यह झटपट बनने वाला टेस्टी और पेट रिजर्वेशन वाला है। स्पोट्ज़ कीज़ स्प्राउट्स यानी अनमोल दालें स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आकर्षक हैं। कैसे? एक बाउल में स्मारक मूंग या चना लें। इसमें प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालें। ऊपर से नींबू का रस, नमक और थोड़ा सा चाट मसाला स्टाव। यह प्रोटीन से भरपूर और बहुत सारी मिसाइलें होती है। दही का कटोरा अगर आपके पास कुछ मिठाई और मशीनरी खाना है तो दही बाउल बाउल बेहतरीन विकल्प है। कैसे? एक मसाले में ताज़ा दही लें। कटे हुए सेब, केला, पपीता या अवशेष। ऊपर से लिटिल हनी या फ़्लोरिंग डॉल डे। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी देती है। पीनट बटर बनाना रोल यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। कैसे? एक रोटी या ब्रेडर पर पीनट बटर बटर। इसके ऊपर केला सुपरमार्केट रोल बना लें। यात्रा तो ऊपर से थोड़ा शहद भी डाल सकते हैं। यह झटपट बनने वाला परमाणु ऊर्जा देता है जो तुरंत ऊर्जा देता है। चना चाट चना चाट भी बिना गैस के बनने वाला, स्वादिष्ट और स्वादिष्ट विकल्प है। कैसे? सब्ज़े चने एक बाउल में लें। इसमें प्याज, टमाटर, हरा धनियां और हरी मिर्च शामिल हैं। ऊपर से नमक, चाट मसाला और नींबू का रस मठ से मिश्रण कर लें। यह चैट टेस्टी के साथ-साथ पेट के लिए भी मज़ेदार है। यह अवश्य पढ़ें: पनीर सलाद रेसिपी: मिनट में निश्चित हरे मटर और पनीर वाला हाई प्रोटिन क्यूज़, वेट लॉस के लिए है परफेक्ट बॅट रेसिपी
वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
अय्यर के लेटर का थरूर ने दिया जवाब:कहा- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत; अय्यर ने लिखा था- क्या आप मोदी की कृपा चाहते हैं

कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं शशि थरूर और मणि शंकर अय्यर के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। शशि थरूर ने गुरुवार को अय्यर के ओपन लेटर का जवाब ओपन लेटर लिखकर दिया है। थरूर ने भी कहा है कि विदेश नीति पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे किसी की नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। मणि शंकर अय्यर ने अपने लेटर में विदेश नीति पर थरूर के रुख की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शशि थरूर ने अमेरिका-इजराइल और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भारत के नैतिक रुख को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि भारत को शक्तिशाली देशों के दबाव में चुप नहीं रहना चाहिए और गांधी-नेहरू की नैतिक राजनीति से प्रेरणा लेनी चाहिए। अय्यर ने लेटर में लिखा था कि क्या आप सचमुच नरेंद्र मोदी की कृपा पाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे आपको वह लाभ दे सकते हैं जो विपक्ष आपको नहीं दे सकता? अय्यर ने लिखा- यहीं से हमारे रास्ते अलग हो जाते हैं। इसपर थरूर ने जवाब में कहा है कि आपरेशन सिंदूर पर मेरे बोलने के बाद से ही आप लगातार मेरे बारे में कई टिप्पणियां कर रहे थे। मैंने अब तक सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन आपकी हाल की टिप्पणियों के बाद जवाब देना जरूरी हो गया था। थरूर का लेटर पढ़िए- लोकतंत्र की खूबी यही है कि लोग अलग-अलग राय रख सकते हैं। असहमति होना गलत नहीं है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि कोई विदेश नीति को थोड़ा अलग तरीके से देखता है, उसकी नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। आपने मेरे विचारों और मेरे चरित्र के बारे में जो सार्वजनिक टिप्पणी की है, उसका जवाब देना जरूरी हो गया है। मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मामलों को भारत के राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा है। मेरे लिए भारत की सुरक्षा, भारत की अर्थव्यवस्था और दुनिया में भारत की इज्जत सबसे ऊपर है। दुनिया की राजनीतिक हकीकत को समझना और भारत के हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेना कोई “मोरल सरेंडर” नहीं है — यह जिम्मेदार स्टेटक्राफ्ट है। भारत की विदेश नीति हमेशा principle और pragmatism दोनों का संतुलन रही है। Jawaharlal Nehru की Non-Alignment policy से लेकर आज की multi-alignment diplomacy तक भारत का मकसद हमेशा एक ही रहा है, अपनी संप्रभुता की रक्षा करना और दुनिया में न्याय की बात करना। संसद में हो या संसद के बाहर, मेरा रिकॉर्ड इसी संतुलन को दिखाता है। देशभक्ति पर किसी एक पीढ़ी का अधिकार नहीं है। और न ही गांधी जी या नेहरू जी को समझने का अधिकार किसी एक समूह के पास है। असली सम्मान यही है कि उनके विचारों को आज के समय की हकीकत के साथ समझकर लागू किया जाए। इतिहास में भी भारत ने कई बार ऐसा किया है कि किसी देश की गलत कार्रवाई को तुरंत सार्वजनिक रूप से नहीं ललकारा, क्योंकि हमारे अपने राष्ट्रीय हित उससे जुड़े हुए थे। उदाहरण के लिए, सोवियत यूनियन के साथ हमारे रिश्ते इतने महत्वपूर्ण थे कि हंगरी, चेकोस्लोवाकिया और अफगानिस्तान के मामलों में भी भारत ने बहुत संतुलित रुख अपनाया।आज भी खाड़ी देशों के साथ भारत के बहुत बड़े हित जुड़े हैं। लगभग 200 अरब डॉलर का व्यापार, हमारी एनर्जी सिक्योरिटी और करीब 90 लाख भारतीय वहां काम कर रहे हैं। ऐसे में विदेश नीति बनाते समय इन सब बातों को ध्यान में रखना पड़ता है। यथार्थ को समझना किसी के आगे झुकना नहीं होता। आज अमेरिका में ऐसी सरकार है जो अंतरराष्ट्रीय कानून को हमेशा उसी तरह प्राथमिकता नहीं देती जैसे हम देना चाहते हैं। लेकिन अगर हम उसे खुलकर चुनौती देते हैं तो उसके परिणाम भी हो सकते हैं।अपने हाल के Indian Express लेख में मैंने साफ लिखा है कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसे तुरंत खत्म होना चाहिए। लेकिन साथ ही मैंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ हमारे कई महत्वपूर्ण हित जुड़े हैं, उन्हें खतरे में डालना समझदारी नहीं होगी। विदेश नीति आखिरकार राष्ट्रीय हित के बारे में ही होती है, केवल भाषण देने या दिखावे की राजनीति करने के बारे में नहीं। मेरी विदेश यात्राओं को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, वे बिल्कुल बेबुनियाद हैं। ऑपरेशन सिंदूर को छोड़कर मेरी बाकी विदेश यात्राएं मेरी प्राइवेट कैपेसिटी में होती हैं। न उन्हें सरकार आयोजित करती है, न सरकार उनका खर्च उठाती है। दुनिया भर के कई विश्वविद्यालय और संस्थान मुझे बुलाते हैं, जितने निमंत्रण आते हैं, उनमें से ज्यादातर को मैं अपने काम के कारण स्वीकार भी नहीं कर पाता।जहाँ तक क्षेत्रीय राजनीति की बात है, मेरे विचार सालों से एक जैसे रहे हैं।मैंने हमेशा Israel और Palestine के बीच two-state solution का समर्थन किया है। और यह भी कहा है कि पाकिस्तान में अक्सर ऐसा लगता है कि वहाँ सेना के पास देश है, न कि देश के पास सेना। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब हमने दुनिया में भारत का पक्ष रखा, तो मेरा संदेश साफ था — “भारत बुद्ध और गांधी की भूमि है। हम शांति चाहते हैं। लेकिन शांति का मतलब कमजोरी नहीं होता। अगर आतंकवाद हमारे लोगों की जान लेगा, तो भारत मजबूती से जवाब देगा।”सबरीमाला के मुद्दे पर भी आपकी आलोचना मुझे थोड़ी अजीब लगी। एक तरफ आप मुझे “गलत विचारों” के लिए कोसते हैं, दूसरी तरफ उसी मुद्दे पर पार्टी के निर्णय के साथ खड़े होने के लिए भी आलोचना करते हैं। मेरी जन्मतिथि को लेकर की गई टिप्पणी भी इस बहस से जुड़ी नहीं है। महात्मा गांधी का सम्मान करने के लिए यह जरूरी नहीं कि किसी को उनकी गोद में खेलने का मौका मिला हो। मैंने गांधी जी और नेहरू जी पर काफी लिखा है और उनका सम्मान मेरे विचारों में गहराई से मौजूद है।विदेश नीति के तरीकों पर मतभेद होना स्वाभाविक है। लेकिन principled pragmatism को गलत समझना ठीक नहीं है। मेरा मानना है कि भारत को ऐसी राष्ट्रवादी सोच की जरूरत है जो नैतिक मूल्यों और वास्तविक दुनिया की राजनीति, दोनों को साथ लेकर चले।आपने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मेरा समर्थन किया, उसके लिए मैं आपका आभारी हूं।और जब आपको पार्टी से निलंबित किया गया था,
‘भगवान ने मुझे बचाया’: फारूक अब्दुल्ला ने हत्या के प्रयास के लिए ‘देश में गहरी जड़ें जमा चुकी नफरत’ को जिम्मेदार ठहराया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 12, 2026, 16:01 IST जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार की रात 63 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति कमल सिंह जामवाल द्वारा लाइसेंसी पिस्तौल से करीब से गोली चलाने के बाद बाल-बाल बच गए। फारूक अब्दुल्ला पर एक शादी समारोह में एक बंदूकधारी ने हमला कर दिया। (फाइल फोटो) नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अपने जीवन पर हुए हमले को “देश में गहरी जड़ें जमा चुकी नफरत” से जोड़ा है। अब्दुल्ला ने जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान उन पर हत्या के असफल प्रयास के एक दिन बाद यह बात कही। मीडिया से बात करते हुए, अब्दुल्ला ने अपने जीवित रहने के लिए आभार व्यक्त किया और बताया कि जब उसकी दाढ़ी कटी तो क्या हुआ। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि देश में नफरत की जड़ें गहरी हो गई हैं। कोई भी धर्म नफरत नहीं सिखाता; सभी धर्म प्यार और सम्मान सिखाते हैं और मुझे लगता है कि हमने वह धर्म छोड़ दिया है।” उन्होंने कहा, ”भगवान ने मुझे बचा लिया,” उन्होंने कहा कि शुरू में उन्होंने गलती से गोली को पटाखा समझा। उन्होंने कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते समय आवाज सुनने और उनकी टीम द्वारा तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने का वर्णन किया। सुरक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि पुलिस की तैनाती खराब है और इस मामले की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”ऐसी घटनाएं इसलिए हो रही हैं क्योंकि हम नफरत के युग में जी रहे हैं।” हमलावर के बारे में अब्दुल्ला ने कहा कि उसकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। दिग्गज नेता ने कहा, ”मेरे दिल में कभी किसी के लिए नफरत नहीं आई, मुझे नहीं पता कि मेरे प्रति उनकी नाराजगी क्या थी।” उन्होंने आगे कहा, “चाहे आप कितनी भी सुरक्षा बढ़ा लें, हत्यारे को हमेशा फायदा होता है। समस्या यह है कि हम ऐसे युग में रहते हैं जहां आतंकवाद आसमान पर है और हम इसे नियंत्रित नहीं कर सकते।” एनसी प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए अपना आह्वान दोहराया और अधिकारियों से यह जांच करने का आग्रह किया कि क्या क्षेत्र में दावा की गई सामान्य स्थिति वास्तव में मौजूद है। बुधवार की रात कमल सिंह जम्वाल नाम के एक 63 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति ने लाइसेंसी पिस्तौल से उन पर करीब से गोली चला दी, जिसके बाद अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। सुरक्षाकर्मियों ने गोली की दिशा बदल दी और हमलावर को काबू में कर लिया, जिसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सभी दलों के नेताओं ने घटना की निंदा की और सुरक्षा चूक की गहन जांच की मांग की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने इसे ‘क्लोज शेव’ बताया और सवाल उठाया कि फारूक अब्दुल्ला की Z+ सुरक्षा के बावजूद हमलावर इतने करीब कैसे पहुंच गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : श्रीनगर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 12, 2026, 16:01 IST समाचार राजनीति ‘भगवान ने मुझे बचाया’: फारूक अब्दुल्ला ने हत्या के प्रयास के लिए ‘देश में गहरी जड़ें जमा चुकी नफरत’ को जिम्मेदार ठहराया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)जम्मू(टी)फारूक अब्दुल्ला(टी)नेशनल कॉन्फ्रेंस(टी)जम्मू-कश्मीर(टी)नफरत(टी)आतंक(टी)हत्या का प्रयास









