15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश

बैतूल पुलिस ने पिछले एक साल में गुम हुए 635 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए हैं। मंगलवार को एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, यह सफलता साइबर ट्रैकिंग और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम के प्रयासों से मिली है। गुम हुए इन मोबाइलों को अलग-अलग राज्यों और जिलों से ट्रेस कर बैतूल लाया गया। बरामद किए गए फोनों में सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी और रियलमी जैसी विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2024 के बीच 100 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपए है। पिछले एक साल में बरामद किए गए कुल 635 मोबाइलों की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें से 535 से अधिक मोबाइल पहले ही उनके मालिकों को लौटाए जा चुके थे। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र, मजदूर, किसान और गृहणियां शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में अपने खोए हुए सामान की वापसी को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने बताया कि CEIR पोर्टल मोबाइल ट्रैकिंग में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, मोबाइल मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। इस पूरे अभियान में साइबर सेल और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लगातार ट्रैकिंग और फॉलोअप के प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई। पुलिस ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें। इससे समय रहते मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
लिवर फंक्शन टेस्ट में SGPT और SGOT बढ़ जाए, तो क्या करें? डॉक्टर ने बताया बेस्ट ट्रीटमेंट, देखें वीडियो

Liver Function Test Explained: लिवर फंक्शन टेस्ट में SGPT और SGOT का बढ़ना इस बात का संकेत है कि लिवर पर किसी कारण से दबाव या सूजन हो रही है, जो अक्सर फैटी लिवर, वायरल इंफेक्शन, शराब के सेवन, दवाइयों के साइड इफेक्ट, मोटापा या डायबिटीज जैसी समस्याओं से जुड़ा होता है. यह अपने आपमें बीमारी नहीं बल्कि एक चेतावनी संकेत है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते डॉक्टर से जांच कराकर सही कारण पता लगाना जरूरी है, क्योंकि लापरवाही से यह सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है. मशहूर लिवर डॉक्टर पीयूष रंजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो में बताया है कि एसजीपीटी और एसजीओटी क्यों बढ़ता है और इसका क्या इलाज है.
आर्टेमिस-II ने अपोलो-13 का गलती से बना रिकॉर्ड तोड़ा:चांद पर जाते समय ऑक्सीजन टैंक फट गया था, मुश्किल से बची थी एस्ट्रोनॉट्स की जान

11 अप्रैल 1970 चांद पर उतरने के मकसद से अमेरिका ने अपोलो-13 मिशन लॉन्च किया। तीन एस्ट्रोनॉट चांद कि तरफ तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन इस दौरान कुछ ऐसा हुआ कि तीनों एस्ट्रोनॉट को बचाने के लिए ग्राउंड कंट्रोल टीम बेहद जटिल रेस्क्यू मिशन चलाना पड़ा। यान पृथ्वी से 400171 किमी दूर पहुंच गया जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था। कल 6 अप्रैल को रात 11:26 बजे आर्टेमिस II मिशन के 4 एस्ट्रोनॉट्स ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इस स्टोरी में अपोलो-13 मिशन की पूरी कहानी। आखिर कैसे एक रेस्क्यू मिशन से वर्ल्ड रिकॉर्ड बना… अपोलो-13 की कहानी को समझने के लिए एक बार इस जानकारी से गुजर जाएं… अपोलो 13 स्पेसक्राफ्ट मुख्य रूप से तीन मॉड्यूल्स से मिलकर बना था: अचानक ऑक्सीजन टैंक नंबर 2 फट गया 13 अप्रैल 1970 अपोलो 13 मिशन को लॉन्च हुए 56 घंटे बीत चुके थे। कमांडर जेम्स ए. लवेल जूनियर, लूनर मॉड्यूल पायलट फ्रेड डब्ल्यू और कमांड मॉड्यूल पायलट जॉन एल. स्विगर्ट इसमें सवार थे। स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी से 3.20 लाख कमी दूर पहुंच चुका था। क्रू इस यान के लैंडिंग मॉड्यूल ‘एक्वेरियस’ की जांच कर रहे थे। अगले दिन अपालो 13 को चांद की कक्षा में प्रवेश करना था। लवेल और हाइस चांद पर चलने वाले पांचवें और छठे इंसान बनने वाले थे। तभी अचानक सर्विस मॉड्यूल का ऑक्सीजन टैंक 2 फट गया। क्रू को लूनर मॉड्यूल में जाने का निर्देश मिला ऑक्सीजन, बिजली और पानी की सप्लाई बंद हो गई। लवेल ने मिशन कंट्रोल को रिपोर्ट किया। उन्होंने कहा- “ह्यूस्टन यहां एक समस्या हो गई है। कमांड मॉड्यूल से ऑक्सीजन लीक हो रही थी और फ्यूल सेल्स तेजी से खत्म हो रहे थे। चांद पर उतरने का मिशन रद्द हो गया। धमाके के एक घंटे बाद, मिशन कंट्रोल ने क्रू को लूनर मॉड्यूल में जाने का निर्देश दिया। इसमें काम चलाने लायक ऑक्सीजन थी। इस मॉड्यूल को केवल अंतरिक्ष यात्रियों को कक्षा में घूम रहे कमांड मॉड्यूल से चांद की सतह तक ले जाने और वापस लाने के लिए बनाया गया था। पानी का कोटा घटाकर पांचवां हिस्सा कर दिया इसकी पावर सप्लाई सिर्फ दो लोगों के लिए 45 घंटे तक चलने लायक थी। अगर अपालो 13 के क्रू को जिंदा धरती पर लौटना था, तो इस लेंडिंग मॉड्यूल को तीन लोगों का बोझ कम से कम 90 घंटे तक उठाना था। अंतरिक्ष में 3 लाख किमी से ज्यादा का रास्ता पार करना था। ऊर्जा बचाने के लिए क्रू ने पानी का कोटा घटाकर पांचवां हिस्सा कर दिया। केबिन का तापमान जमा देने वाली ठंड से बस कुछ ही डिग्री ऊपर रखा। कमांड मॉड्यूल के चौकोर लिथियम हाइड्रोक्साइड कैनिस्टर, लूनर मॉड्यूल के सिस्टम के गोल छेद में फिट नहीं बैठ रहे थे। इसका मतलब था कि कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालना एक बड़ी समस्या थी। मिशन कंट्रोल ने यान में मौजूद चीजों की मदद से एक जुगाड़ू अडैप्टर तैयार किया। अपोलो के क्रू ने उनके मॉडल को कॉपी कर लिया। इसमें लगा नेविगेशन सिस्टम भी बहुत ही साधारण था। 15 अप्रैल को अपोलो 13 ने पृथ्वी से दूरी का रिकॉर्ड बनाया 14 अप्रैल को अपालो 13 ने चांद का चक्कर लगाया। स्विगर्ट और हाइस ने तस्वीरें लीं और लवेल ने सबसे कठिन मैनुअर के बारे में मिशन कंट्रोल से बात की। यह पांच मिनट का इंजन बर्न था, जिससे LM को इतनी रफ्तार मिल सके कि वह ऊर्जा खत्म होने से पहले घर लौट आए। चांद के पिछले हिस्से का चक्कर लगाने के दो घंटे बाद, क्रू ने लैंडिंग मॉड्यूल के छोटे डिसेंट इंजन को चालू किया। अपालो 13 घर वापसी की राह पर था। 15 अप्रैल 1970 को अपालो 13 चांद के पिछले हिस्से में उसकी सतह से 254 किमी और पृथ्वी की सतह से 4,00,171 किमी दूर था। मिशन कंट्रोल को यान की हीट शील्ड खराब होने का डर था 17 अप्रैल को कमांड मॉड्यूल चालू किया गया। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से एक घंटे पहले लैंडिंग मॉड्यूल को कमांड मॉड्यूल से अलग किया गया। दोपहर करीब 1 बजे यान ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। मिशन कंट्रोल को यान की हीट शील्ड खराब होने का डर था। उन्होंने क्रू से बिना किसी रेडियो संपर्क के चार मिनट इंतजार किया। फिर, अपालो 13 के पैराशूट दिखाई दिए। तीनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से प्रशांत महासागर में उतर गए। इस तरह गलती से इस मिशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना और तीनों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर भी लौट आएं। ये खबर भी पढ़ें… अपोलो-13 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा:पृथ्वी से 4 लाख किमी से ज्यादा दूर पहुंचे 4 एस्ट्रोनॉट्स; अब चांद की ग्रेविटी की मदद से वापस आएंगे पूरी खबर पढ़े…
दमोह में कुत्तों ने किया हिरण पर हमला:फुटेरा तालाब पर पानी पीने आया था, बचने के लिए तालाब में लगाई छलांग

दमोह के फुटेरा तालाब पर मंगलवार दोपहर पानी पीने आए एक हिरण पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। इस हमले में हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हिरण को पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, फुटेरा मोहल्ला स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास फुटेरा तालाब पर हिरण पानी पीने पहुंचा था। तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया और कई जगह काट कर घायल कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण तालाब में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने निकाला बाहर स्थानीय निवासी ऐलू रैकवार ने बताया कि बच्चों ने उन्हें हिरण पर कुत्तों के हमले की सूचना दी। वह तुरंत अपने पड़ोसियों के साथ तालाब पर पहुंचे और कुत्तों को भगाकर हिरण को तालाब से बाहर निकाला। उन्होंने वन विभाग और कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी। दो घंटे बाद पहुंचे वनकर्मी रैकवार के अनुसार, वनकर्मी करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। तब तक स्थानीय लोगों ने हिरण को तालाब से बाहर निकाल लिया था और उसके घावों पर प्राथमिक उपचार भी किया था। कुत्तों के काटने से हिरण के शरीर पर कई गहरे घाव हो गए थे। वन विभाग की टीम बाद में घायल हिरण को अपने साथ ले गई। दमोह के डीएफओ ईश्वर जरांडे ने बताया कि घायल हिरण को पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि हिरण की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
पवन परमिट नहीं मिले, घर से क्या जब्त कर ली गई असम पुलिस? अनबन ने ही कहा- ‘जहां से भी ढूंढेंगे’

असम में विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया है. नेता पवन शुक्ला ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के तीन पासपोर्ट होने के आरोप कांग्रेस पर लगाए, जिसके बाद असम पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. असम पुलिस दिल्ली पवन परमिट के घर पर स्थित है। हालाँकि मौजूदा कांग्रेस प्रवक्ता नहीं मिले, जिसके बाद वो कुछ सामान अपने साथ ले गए हैं। असम पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम उन्हें कहीं से भी ढूंढेंगे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, ‘वह कलयुग से भाग गए थे. मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला कि पुलिस उनका दिल्ली स्थित आवास था, लेकिन वह हैदराबाद भाग गए थे। ‘कानून अपना काम करेगा।’ पवन नामांकन के घर पर रेड को लेकर भड़की कांग्रेस असम पुलिस की पवन एसोसिएट के घर पर सामान लेकर कांग्रेस का रुख सामने आया है। कैथोलिक कांग्रेस के राकेश ने कहा कि मेरे सहयोगी पवन को गिरफ्तार करने के लिए पार्टी के अधिकारियों ने यह साबित कर दिया है कि असम के मुख्यमंत्री, अख्तर और डरे हुए हैं। जनहित में बुनियादी सवाल पूछने पर मेरे सहयोगी पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारियों की पूरी सेना की तैनाती यह साबित करती है कि असम के मुख्यमंत्री परेशान, हताश और परेशान हैं। यह उचित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक जादू-टोना है, राज्य मशीनरी का उपयोग करने वाला एक बदमाश है… -जयराम रमेश (@जयराम_रमेश) 7 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा कि यह कोई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक तरह की कार्रवाई है, एक दबंग जो राज्य सिद्धांतों का इस्तेमाल करके दावों को दबा रही है, जो उसके कई काले कारनामों को उजागर कर रही है। जो लोग डराते-धमकाते हैं, वे असल में डरे हुए होते हैं और उनके पास सूर्योदय के लिए बहुत कुछ होता है। इस बात का भी प्रमाण है कि मुख्यमंत्री को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। पवन कार्मिक ने लगाए ये आरोप प्रवक्ता पवन एसोसिएट ने 5 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूछा था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? आपके पास तीन पासपोर्ट रखने की क्या आवश्यकता है? क्या वे कोई अपराधी हैं? हिमंता बिस्वा सरमा के पास भी मौजूद हैं सबसे बड़े पासपोर्ट? असम चुनाव के बाद हरियाणा में किस तरह की तैयारी की जा रही है? उन्होंने कहा, ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीतिक छवि के खिलाफ नफरत पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट लिखी हैं, कैसे? भारत के कानून के खाते से आप द्विपक्षीय नागरिकता नहीं रख सकते हैं तो क्या रिंकी बी लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी लिख सकते हैं? किस देश के रहस्य अमित शाह को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी के 3 पासपोर्ट हैं? ‘अध्यक्ष अमित शाह का जवाब- क्या वो एसआईटी सहायक इस मामले की जांच करेगी?’ (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पवन खेड़ा(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम पुलिस(टी)असम पुलिस पवन खेड़ा हाउस रेड(टी)जयराम रमेश(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पवन कार्यकर्ता(टी)असम पुलिस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव
अमेरिका में हरियाणा के गैंगस्टर की हत्या का दावा:लॉरेंस गैंग ने लिखा- धरती में दफनाया; पंजाब में ग्रेनेड सप्लाई में नाम आ चुका

हरियाणा में करनाल के रहने वाले कुख्यात गैंगस्टर भानु राणा की अमेरिका के कैलिफोर्निया में हत्या का दावा किया गया है। लॉरेंस गैंग के सरपंच बॉस की तरफ से आई सोशल मीडिया पोस्ट में भानु राणा की हत्या की बात लिखी है। पोस्ट में लिखा- “एक साल पहले ही पोस्ट डालकर लिखा था कि हम भानु राणा को मरवा देंगे। यह देश के खिलाफ काम कर रहा था। इसे मारकर धरती में 10 फीट नीचे दफना दिया।” दैनिक भास्कर इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता। भानु राणा पहले लॉरेंस गैंग से ही जुड़ा हुआ था। नवंबर 2025 में सामने आया था कि भानु राणा को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। तब उसे जल्द भारत डिपोर्ट करने की भी बात सामने आई थी। हालांकि, उसे भारत नहीं लाया गया। करनाल STF ने जून 2025 में भानू के दो करीबियों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने जालंधर में भी ग्रेनेड सप्लाई किए थे। बाद में उन ग्रेनेड से ब्लास्ट किए गए थे। लॉरेंस गैंग की सोशल मीडिया पोस्ट… भानु राणा के बारे में जानिए… युवक बोला- कैनिफोर्निया में मौत की सूचना नहीं कैलिफोर्निया में रह रहे करनाल के युवक रॉबिन ने बताया कि हमारी कभी भानु राणा से मुलाकात नहीं हुई। 5 महीने पहले हमें न्यूज में ही पता चला था कि भानु को अमेरिका पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद क्या हुआ हमें नहीं पता। आज भानु की हत्या की सोशल मीडिया पर पोस्ट देखी, लेकिन हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं है। अगर उसकी हत्या होती तो हमारे यहां भी तो न्यूज चलती। हमें लगता है दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया गया है। जानिए लॉरेंस गैंग की पोस्ट में क्या…. “वाहेगुरु जी दा खालसा वाहेगुरु जी दी फतेह। राम राम सभी भाइयों को। जो ये देशद्रोही भानु राणा का (कैलिफ़ोर्निया, यूएसए) में मर्डर हुआ है, ये मैंने सरपंच यूरोप और साहिल दुहन (हिसार) और लॉरेंस ग्रुप ने करवाया है। आज से ठीक एक साल पहले हमने पोस्ट डालकर लिखा था कि हम इसको मरवा देंगे और लॉरेंस भाई ने साफ-साफ बोल रखा है जो भी देश के खिलाफ जाएगा वो मारा जाएगा, चाहे वो किसी भी कोने में छुप जाए। जो ये देशद्रोही और रेपिस्ट रोहित गोदारा आतंकवादियों को देश की मुखबरी कर रहा है, इसको भी वैसे ही मार कर धरती के दस फीट नीचे दफना देंगे जैसे भानु राणा को दफनाया था, और लाश भी बरामद नहीं होगी। जो भी देश के दुश्मनों का साथ देगा, तैयार रहना, मौत कभी भी आ सकती है। नोट: ये जो गोल्डी ढिल्लों है, इसका अब लॉरेंस गैंग से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि ये अब ड्रग्स का काम करता है और देश की मुखबरी करने लग गया है। सभी भाई इससे बचके रहें। सलाम शहीदा नू। लॉरेंस ग्रुप, जितेंदर गोगी मान ग्रुप, काला राणा ग्रुप, मधुर यमुनापार, जग्गा ऑस्ट्रेलिया, शेरा संधू ऑस्ट्रेलिया, मनदीप स्पेन।”
दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

सिंगरौली जिले के बलियरी निवासी दिव्यांग मोहम्मद शोएब को पिछले 14 वर्षों से मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। एनटीपीसी द्वारा उनकी जमीन और घर के अधिग्रहण के बाद भी उन्हें 6 लाख 34 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है। मोहम्मद शोएब जन्म से दिव्यांग हैं, उनके दोनों हाथ अविकसित हैं। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई है। शोएब के अनुसार, वह वर्ष 2011 से लगातार अधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन हर बार प्रक्रिया अधूरी बताकर उन्हें टाल दिया जाता है। मंगलवार को जनसुनवाई में मोहम्मद शोएब अपनी समस्या लेकर कलेक्टर गौरव बेनल के समक्ष पहुंचे। उन्होंने मुआवजे में हो रही देरी का पूरा विवरण दिया। कलेक्टर बेनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भू-अर्जन शाखा के अधिकारियों को तत्काल जांच कर लंबित मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह मामला केवल मोहम्मद शोएब तक सीमित नहीं है। सिंगरौली जिले में ऐसे कई विस्थापित परिवार हैं जो वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
अश्लील गाने के विवाद में नोरा की मुश्किल बढ़ी:पेश न होने पर महिला आयोग भड़का, संजय दत्त को भी 8 अप्रैल को पेश होने का समन

केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ विवाद में सफाई के बावजूद नोरा फतेही की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। 6 अप्रैल को राष्ट्रीय महिला आयोग की सुनवाई में वह पेश नहीं हुईं, जिस पर आयोग ने नाराज होकर उन्हें आखिरी मौका दिया। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 6 अप्रैल को राष्ट्रीय महिला आयोग की सुनवाई में सरके चुनरिया तेरी के लिरिसिस्ट रकीब आलम, फिल्म केडीःद डेविल के डायरेक्टर प्रेम और केवीएन प्रोडक्शन के रीप्रेसेंटेटिव गौतम के.एम और सुप्रिथ पेश हुए थे। इस सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की थी। समन में नोरा फतेही को भी पेश होने के लिए कहा गया था, हालांकि वो खुद नहीं आईं और सफाई देने के लिए वकील को भेजा। सुनवाई में विजया रहाटकर ने चिंता जताते हुए कहा कि गाने के बोल महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि क्रिएटिविटी के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान मौजूद सभी ने ये स्वीकार किया कि गाना आपत्तिजनक था, जिसका नाकारात्मक प्रभाव पड़ा और सभी ने इसके लिए लिखित माफी भी दी। इसके अलावा सभी ने तीन महीनों तक महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने और महिला आयोग को इसकी रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया है। अश्लील गाने के विवाद पर संजय दत्त को भी समन आयोग ने संजय दत्त को भी समन भेजकर 8 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है। उनके अलावा नोरा फतेही की गैरमौजूदगी पर भड़कर आयोग ने उन्हें 27 अप्रैल को पेश होने का आखिरी मौका दिया है। नोरा फतेही दे चुकी हैं सफाई अश्लील गाने पर विवाद बढ़ने के बाद एक्ट्रेस ने बयान जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा है कि उनसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना अप्रूवल या परमिशन गाने को हिंदी में बना लिया। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने लिरिकल गाने को बिना इजाजत लिए उनकी AI इमेज के साथ रिलीज किया। एक्ट्रेस ने ये भी माना कि गाना वाकई अनुचित है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सॉन्ग लॉन्च इवेंट में पहुंचकर मिलीं। हिंदी गाना देखकर एक्ट्रेस खुद शॉक में थीं। पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं। “सरके चुनर तेरी”, जो आने वाली कन्नड़ फिल्म “KD: द डेविल” का हिस्सा है, अपने अश्लील बोलों के कारण यूट्यूब पर रिलीज के बाद बड़े विवाद का कारण बना। इसके बाद इस वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। “KD: द डेविल”, जिसका निर्देशन प्रेम ने किया है और जिसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं, 30 अप्रैल को रिलीज होगी।
शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे जबलपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बरोदा माल निवासी अक्तू लाल कन्हेरिया (64) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे रविंद्र कुलस्ते नामक युवक के साथ साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। बरोदा पटरी ग्राम के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों साइकिल सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में रेफर तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने अक्तू लाल कन्हेरिया को मृत घोषित कर दिया। रविंद्र कुलस्ते की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की वजह रफ्तार बताया जा रहा है कि यह हादसा वाहन चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुआ। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत और एक के गंभीर घायल होने की सूचना मिली थी। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन व चालक की तलाश जारी है।









