Sunday, 13 Sep 2026 | 01:56 AM

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होर्मुज में अमेरिका पर ईरान भारी पड़ रहा:ट्रम्प की धमकी के बावजूद जहाज ईरानी रास्ते से जा रहे, सिर्फ 3 ने ओमानी रास्ता चुना

होर्मुज में अमेरिका पर ईरान भारी पड़ रहा:ट्रम्प की धमकी के बावजूद जहाज ईरानी रास्ते से जा रहे, सिर्फ 3 ने ओमानी रास्ता चुना

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ज्यादातर जहाज अपनी पहचान या रास्ता छिपा रहे हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 से 19 अगस्त के बीच 236 जहाज यहां से गुजरे, लेकिन 148 जहाजों की राह साफ तौर पर पता नहीं चल सकी। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि ट्रम्प की धमकियों के बावजूद कई जहाज ईरानी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठता है कि होर्मुज स्ट्रेट में इस समय अमेरिका का दबदबा ज्यादा है या ईरान का। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले समुद्री यातायात पर अमेरिकी सेना का नियंत्रण है। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका इस इलाके की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेने की कोशिश कर सकता है। वहीं, ईरान का कहना है कि तेहरान की मंजूरी के बिना कोई जहाज होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजर सकता। ऐसे में दोनों देशों के दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि वास्तव में इस रणनीतिक जलमार्ग पर किसका नियंत्रण है। जहाजों की आवाजाही के आंकड़े इस सवाल का अहम संकेत देते हैं। ईरान और अमेरिका के अलग-अलग दावे ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी भी दी है। ओमान अमेरिका का सहयोगी है और होर्मुज स्ट्रेट के दूसरी तरफ ईरान के सामने स्थित है। स्ट्रेट का समुद्री इलाका ईरान और ओमान दोनों के अधिकार क्षेत्र में आता है। ट्रम्प की धमकी का मकसद मस्कट को तेहरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट का संयुक्त संचालन करने के समझौते से रोकना बताया गया है। युद्ध के बाद दो रास्तों में बंटा होर्मुज युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज को एक ही समुद्री रास्ता माना जाता था। जहाज तय रास्ते से गुजरते थे। उनका रास्ता बंदरगाह, जहाज के समझौते और सुरक्षा को देखकर तय होता था। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यहां दो अलग रास्तों की बात होने लगी। ईरानी रास्ता: यह होर्मुज के उत्तरी हिस्से में ईरान के तट के पास है। यह लारक और किश्म द्वीपों के करीब से गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों तक जाता है। ओमानी रास्ता: यह होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के करीब है और ईरान के तट से दूर है। अमेरिका इसी रास्ते से जहाजों को गुजरने पर जोर देता है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में चलने वाले कई वाणिज्यिक जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। 80% से ज्यादा जहाजों का रास्ता पता नहीं समुद्री खुफिया कंपनी केप्लर के मुताबिक, 1 से 19 अगस्त के बीच 112 तेल, एलपीजी और एलएनजी ले जाने वाले जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। इनमें से 21 जहाज खुले तौर पर ईरानी रास्ते से गए, जबकि सिर्फ 2 जहाजों ने ओमानी रास्ते का इस्तेमाल किया। बाकी 89 जहाजों का रास्ता साफ नहीं था। यानी इस दौरान होर्मुज से गुजरने वाले 80% से ज्यादा तेल और गैस वाले जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ट्रैक नहीं हो सकी। ऐसा तब होता है जब जहाज अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर देते हैं। कई बार जहाज का AIS डेटा केप्लर के तय ईरानी या ओमानी रास्तों से मेल भी नहीं खाता। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि जहाज वास्तव में किस रास्ते से गुजरा। सभी तरह के जहाजों में भी ईरानी रास्ता आगे 1 से 19 अगस्त के बीच कुल 236 जहाज स्ट्रेट से गुजरे। इनमें तेल और गैस के अलावा सूखा माल और रसायन ले जाने वाले जहाज भी शामिल थे। यानी हर 10 में से 6 से ज्यादा जहाज किस रास्ते से गुजरे, यह साफ तौर पर पता नहीं चल सका। जहाज AIS क्यों बंद कर रहे हैं? युद्ध शुरू होने के बाद ईरान और अमेरिका दोनों ने अपने बताए समुद्री रास्तों या नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों को चेतावनी दी। कुछ मामलों में जहाजों पर हमले भी हुए। इसी वजह से कई जहाज अपना ट्रांसपोंडर बंद कर रहे हैं। इससे उनकी सही स्थिति और वे किस रास्ते से जा रहे हैं, इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। ब्रिटेन के थिंक टैंक चैथम हाउस के एसोसिएट फेलो नील क्विलियम ने अल जजीरा से कहा कि ट्रांसपोंडर बंद करने से जहाज की आवाजाही कम दिखाई देती है। हालांकि, इससे समुद्री सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाता है। उनके मुताबिक, कुछ जहाज संचालकों को लगता है कि मौजूदा हालात में व्यापार जारी रखने का फायदा इन सुरक्षा जोखिमों से ज्यादा है। रास्ते में जहाजों के बीच सामान भी बदला जा रहा ट्रांसपोंडर बंद करने की एक वजह समुद्र में दो जहाजों के बीच सामान का ट्रांसफर भी है। एनर्जी एक्सपर्ट मार्क अयूब ने अल जजीरा से कहा कि सऊदी अरब, इराक और कुवैत समेत कुछ खाड़ी देशों ने ओमानी रास्ते से कुछ खेप भेजीं। इसके लिए कुछ जहाजों की ट्रैकिंग बंद की गई और रास्ते में दूसरे जहाजों को माल सौंपा गया। उनके मुताबिक, कुछ ईरानी जहाज भी ओमानी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मकसद प्रतिबंधों और अमेरिकी नाकाबंदी से बचना है। क्या आंकड़े ईरान के दबदबे की ओर इशारा कर रहे हैं? 148 जहाजों का रास्ता साफ नहीं होने की वजह से यह तय करना मुश्किल है कि वास्तव में कितने जहाज ईरानी या ओमानी रास्ते से गुजरे। फिर भी उपलब्ध आंकड़ों से एक बात सामने आती है। अमेरिकी नाकाबंदी और ट्रम्प की धमकियों के बावजूद हर पांच में से एक जहाज खुले तौर पर ईरानी रास्ते से गुजरा। सभी तरह के जहाजों को मिलाकर देखें तो 35% जहाजों ने सार्वजनिक रूप से ईरानी रास्ते का इस्तेमाल किया। इसके मुकाबले ओमानी या पुराने रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बहुत कम रही। इससे संकेत मिलता है कि कई जहाज अमेरिकी धमकियों के बावजूद ईरानी रास्ते का इस्तेमाल करने को तैयार हैं। यानी मौजूदा हालात में ईरान को नाराज करने का डर ट्रम्प की धमकियों से ज्यादा असरदार दिखाई दे रहा है। होर्मुज दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है अमेरिका-इजराइल का ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के तेल और एलएनजी की करीब एक-पांचवीं सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती थी। तब हर दिन करीब 130 जहाज यहां से गुजरते थे। इसके मुकाबले अगस्त के 19 दिनों में कुल 236

चीन बोला-जापान के पास 5500 परमाणु बम बनाने जितना प्लूटोनियम:राजदूत ने कहा- चाहे तो कभी भी परमाणु हथियार बना सकता है

चीन बोला-जापान के पास 5500 परमाणु बम बनाने जितना प्लूटोनियम:राजदूत ने कहा- चाहे तो कभी भी परमाणु हथियार बना सकता है

चीन ने जापान की परमाणु क्षमता को लेकर फिर चिंता जताई है। रूस में चीन के राजदूत झांग हानहुई ने दावा किया कि जापान के पास इतना प्लूटोनियम है, जिससे करीब 5,500 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। प्लूटोनियम एक रेडियोऐक्टिव तत्व है जो परमाणु ऊर्जा बनाते वक्त यूरेनियम से बनता है। इसे प्रोसेस कर बहुत ज्यादा ऊर्जा बनाई जा सकती है जिसे परमाणु हथियार बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी TASS में लिखे एक लेख में झांग ने कहा कि जापान के पास परमाणु ईंधन को दोबारा प्रोसेस करने और प्लूटोनियम निकालने की तकनीक भी है। उन्होंने कहा कि अगर जापान के पास परमाणु हथियार बनाने की इच्छा और जरूरी क्षमता है, तो वह चाहे तो कभी भी परमाणु हथियार बना सकता है। चीन बोला- जापान का 2024 से 300% प्लूटोनियम बढ़ा झांग ने कहा कि 2024 के अंत तक जापान के पास 44.4 टन प्लूटोनियम था। यह इस्तेमाल किए जा चुके परमाणु ईंधन से निकाला गया है। अब जापानी स्टोरेज में 191 टन और प्लूटोनियम मौजूद है, जिसे अभी निकाला नहीं गया है। यानी करीब 300% का इजाफा। झांग ने आगे कहा, अगर टोक्यो परमाणु हथियार बनाने का फैसला करता है, तो पूर्वोत्तर एशिया का शक्ति संतुलन बिगड़ सकता है। इससे इस इलाके में कभी भी परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है। जापान के पास इतना प्लूटोनियम कहा से आया? जापान के पास मौजूद ज्यादातर प्लूटोनियम परमाणु रिएक्टरों में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम से बना है। रिएक्टर में यूरेनियम के परमाणु टूटने के दौरान उसका कुछ हिस्सा बदलकर प्लूटोनियम में बदल जाता है। बाद में इस्तेमाल हो चुके ईंधन से प्लूटोनियम को अलग किया जाता है। जापान ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तहत ऐसे ईंधन को दोबारा इस्तेमाल करने की नीति अपनाई है। इसी वजह से उसके पास कई दशकों में बड़ी मात्रा में प्लूटोनियम जमा हुआ है। जापान गैर-परमाणु सिद्धांतों के कारण हथियार नहीं बनाता जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांत हैं। यह एक राष्ट्र नीति है, जिसके तहत जापान ने 3 अहम संकल्प लिए हैं- 1. परमाणु हथियार न रखना 2. परमाणु हथियार न बनाना 3. परमाणु हथियार को अपने देश में न आने देना इन सिद्धांतों की घोषणा 1967 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ईसाकु सातो ने की थी। इसके पीछे हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमलों का डरावना असर और जापानी लोगों की परमाणु हथियारों के खिलाफ सोच थी। हालांकि ये सिद्धांत कानून नहीं हैं, लेकिन कई दशकों से ये जापान की सुरक्षा नीति और शांतिवादी संविधान का अहम हिस्सा बने हुए हैं। ————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-आर्थिक हमले से ईरान को दुनिया से काट देंगे: जो देश ईरान का साथ देंगे, वे नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया है। अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। साथ ही एक तस्वीर के जरिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी तंज कसा, जिनके प्रोटेस्ट का एक्ट्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंडे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी पर कसा तंज? श्वेता तिवारी के इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़ा रहा है। इसके प्रोटेस्ट की श्वेता तिवारी ने कड़ी निंदा की थी। उनका मानना था कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रही है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच वाले वीडियो के साथ दोस्त की एक पोस्ट भी री-शेयर की, जिसमें लिखा है कि श्वेता तिवारी किसी भी तरह के कॉकरोच को पसंद नहीं करतीं। ये निशाना कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा गया था। द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं। राजा चौधरी ने लगाए थे धोखा देने के आरोप श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि श्वेता तिवारी के कसौटी को-स्टार सेजान खान के अलावा कई लोगों से अफेयर थे। बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। साथ ही एक तस्वीर के जरिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी तंज कसा, जिनके प्रोटेस्ट का एक्ट्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंडे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी पर कसा तंज? श्वेता तिवारी के इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़ा रहा है। इसके प्रोटेस्ट की श्वेता तिवारी ने कड़ी निंदा की थी। उनका मानना था कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रही है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच वाले वीडियो के साथ दोस्त की एक पोस्ट भी री-शेयर की, जिसमें लिखा है कि श्वेता तिवारी किसी भी तरह के कॉकरोच को पसंद नहीं करतीं। ये निशाना कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा गया था। द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं। राजा चौधरी ने लगाए थे धोखा देने के आरोप श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि श्वेता तिवारी के कसौटी को-स्टार सेजान खान के अलावा कई लोगों से अफेयर थे। बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

जब लाश बना दिए जाओ, तो रोना मत:कंगना ने नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर मॉडर्न डेटिंग पर उठाए सवाल, कहा- रिश्ते बॉडी काउंट तक सिमट गए हैं

जब लाश बना दिए जाओ, तो रोना मत:कंगना ने नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर मॉडर्न डेटिंग पर उठाए सवाल, कहा- रिश्ते बॉडी काउंट तक सिमट गए हैं

बैंग्लोर में रहनेवाली एक महिला ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति और 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। कंगना रनोट ने कड़े शब्दों में इस केस की निंदा की और साथ ही नीले ड्रम की तस्वीर शेयर की है। उनका कहना है कि मॉडर्न डेटिंग अब सिर्फ बॉडी काउंट तक सिमट गई है। कंगना ने कहा है कि जो दूसरे परिवारों के साथ हो रहा है वो जल्द ही आपके परिवार के साथ भी हो सकता है। कंगना ने केस पर लिखा है, ‘हर दूसरे दिन ऐसी खबरें पढ़ने को मिलती हैं कि महिलाएं, आदमियों को पहाड़ से फेंक रही हैं या आदमी महिलाओं को नीले ड्रमों में पैक कर रहे हैं। पश्चिमीकरण करना आसान है, लेकिन पश्चिम में लोग एक-दूसरे को खत्म नहीं कर रहे हैं। अरेंज्ड मैरिज या रूढ़िवादी संस्कृति के सामाजिक दबाव में रहना तब तक बहुत अच्छा लगता है, जब तक वह आपका अपना बच्चा पैदा करने तक न पहुंच जाए।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘जाग जाइए। बेंचिंग, घोस्टिंग, क्रम्बिंग और बॉडी काउंट जैसी इस संस्कृति को आपको असंवेदनशील न बनाने दें। एक बार जब आप इसे सामान्य मानने लगते हैं, तो इंसानों के साथ आपके रिश्ते महज ‘बॉडी काउंट’ तक सिमट जाते हैं। फिर जब आपको भी एक लाश में बदल दिया जाएगा, तो रोइए मत। इंसानी रिश्तों को सिर्फ ‘बॉडी काउंट’ मानने वाली पश्चिमी संस्कृति को ना कहिए। मुझे ट्रोल करने के लिए तैयार हो जाइए, लेकिन याद रखिए, यहां आसपास एक नीला ड्रम भी है। हा हा। बाय, आपका दिन शुभ हो।’ कंगना ने आगे एक नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर कहा, उन सभी दोस्तों के लिए, जो सोचते हैं कि इंसानी रिश्तों को ‘बॉडी काउंट’ कहना और इंसानों को सिर्फ शरीर बना देना ठीक है। मैंने तो कुछ कहा ही नहीं। आगे कंगना ने लिखा, आज आप दूसरों के परिवार के लिए इसे आम बना रहे हैं, कल आपके परिवार के साथ ऐसा होगा। क्या है बैंग्लोर मर्डर केस बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।

सुविंदर विक्की ने कभी इंश्योरेंस पॉलिसी बेची थी:खाने तक के पैसे नहीं थे; ‘आवारापन 2’ के किरदार को अपनी जिंदगी से जुड़ा बताया

सुविंदर विक्की ने कभी इंश्योरेंस पॉलिसी बेची थी:खाने तक के पैसे नहीं थे; ‘आवारापन 2’ के किरदार को अपनी जिंदगी से जुड़ा बताया

एक्टर सुविंदर विक्की हाल ही में फिल्म ‘आवारापन 2’ में दिखाई दिए। कभी वो एक थिएटर प्ले से मिले सिर्फ 5 हजार रुपए लेकर मुंबई पहुंचे थे, लेकिन पैसे जल्दी खत्म हो गए और उन्हें एक महीने के अंदर पंजाब लौटना पड़ा। मुंबई में एक समय ऐसा भी आया, जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। गुजारा करने के लिए उन्होंने इंश्योरेंस पॉलिसी बेचीं और छोटे-मोटे काम किए। करीब एक दशक तक पंजाबी फिल्मों में छोटे किरदार निभाने के बाद उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ से हिंदी फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद ‘केसरी’, ‘माइलस्टोन’, ‘कोहरा’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। हाल ही में सुविंदर विक्की ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘आवारापन 2’ के बारे में बात की। पढ़िए इंटरव्यू की अहम बातें। सवाल: ‘आवारापन 2’ का हिस्सा बनने का मौका आपको कैसे मिला और जब आपको फिल्म ऑफर हुई तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरे लिए सबसे खुशी की बात यह है कि मैं ‘आवारापन 2’ से जुड़ा। करीब 18 साल पहले जब ‘आवारापन’ आई थी, तब उसने युवाओं के बीच एक अलग ही इमेज बनाई थी। फिल्म के म्यूजिक और इमरान हाशमी के काम को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी। आज मेरी बेटी भी बड़ी हो गई है और वह भी ‘आवारापन’ को लेकर काफी एक्साइटेड रहती है। जैसे ही उसे पता चला कि मैं ‘आवारापन 2’ में काम कर रहा हूं, उसने फिल्म को लेकर बातें शुरू कर दीं। मेरे लिए यह एक बड़ी खुशी थी कि मैं उस फिल्म की दुनिया का हिस्सा बन रहा हूं, जिसे एक पीढ़ी ने इतना पसंद किया है। सवाल: ‘आवारापन 2’ में आपके किरदार जयदीप का अपना आंतरिक संघर्ष क्या है? जवाब: जयदीप का संघर्ष मुझे अपने जीवन के संघर्ष से काफी जुड़ा हुआ लगा। मेरी जिंदगी में भी एक समय यह द्वंद्व रहा कि क्या करना है, अभिनेता बनना है तो कैसे बनना है, कितनी स्ट्रगल करनी पड़ेगी, पैसे आएंगे या नहीं आएंगे, नौकरी के साथ यह काम करना पड़ेगा या पूरी तरह इसमें आना चाहिए। जयदीप के भीतर भी कुछ इसी तरह के सवाल हैं। वह सोचता है कि यहां रहूं या छोड़ दूं, साथ दूं या नहीं दूं। मुझे लगा कि उसके ये संघर्ष मेरे अपने संघर्षों से काफी मैच करते हैं। इसलिए मुझे इस किरदार से जुड़ना बहुत आसान लगा। सवाल: आपने अब तक कई ग्रे और नेगेटिव शेड्स वाले किरदार निभाए हैं। क्या अब कुछ अलग करने की इच्छा थी? जवाब: बिल्कुल। मन करता है कि कुछ अलग भी नजर आए। ऐसा नहीं है कि मैं रोमांस नहीं कर सकता। मेरा भी मन करता है कि पर्दे पर मेरी कोई हीरोइन हो, हम रोमांटिक सीन करें, तारों की छांव में बैठें या मैं उसके लिए मारधाड़ करूं और वह मेरे जख्मों पर मरहम लगाए। लेकिन फिर लगता है कि अगर हर कोई यही करेगा तो हम जो करते हैं, वह कौन करेगा? हमारे हिस्से में अच्छाई के साथ-साथ निगेटिविटी और बुराई को भी पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी आती है। सवाल: क्या किसी विलेन या ग्रे किरदार की सफलता का पैमाना यह है कि दर्शक उससे नफरत करने लगें? जवाब: बिल्कुल। एक विलेन तब कामयाब होता है, जब लोगों को उससे नफरत होने लगे। अगर आप किसी किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं और दर्शक उस किरदार को लेकर रिएक्ट करते हैं, उसकी तारीफ करते हैं या उससे डरते-नफरत करते हैं, तो एक अभिनेता के तौर पर वही आपकी सफलता है। सवाल: क्या किसी किरदार को निभाने के बाद उससे बाहर निकलने में आपको कभी परेशानी हुई है? जवाब: ऐसा बहुत ज्यादा नहीं हुआ, लेकिन ‘माइलस्टोन’ में गालिब का किरदार करते समय मुझे काफी पीठ दर्द रहता था। शूटिंग के बाद भी कुछ समय तक वह दर्द मेरे साथ रहा। फिर मैंने अपने दिमाग को यह समझाया कि आपने इतनी मेहनत की है, लगातार सीढ़ियां चढ़ते रहे हैं, इसलिए शरीर में कोई मसल खिंच गया होगा। पता नहीं सच में ऐसा था या मैंने अपने दिमाग को उस तरह सेट किया, लेकिन मेरे लिए वह तरीका काम कर गया। कई बार ऐसा भी होता है कि एक किरदार से निकलकर तुरंत दूसरे किरदार में जाना पड़ता है। जैसे मैंने बलबीर का किरदार किया और उसके बाद ‘सतलुज’ के लिए तैयारी करनी थी। ऐसे समय में अभिनेता को बहुत जल्दी स्विच ऑन और स्विच ऑफ करना पड़ता है। सवाल: पंजाबी सिनेमा, हिंदी फिल्मों और ओटीटी तीनों जगह काम करते हुए क्या आपकी एक्टिंग अप्रोच बदलती है? जवाब: मैं खुद को इस मामले में किस्मत वाला मानता हूं कि मुझे अक्सर ऐसा काम मिल जाता है, जो मुझे पसंद आता है। मेरे पास बहुत ज्यादा ऑप्शंस भी नहीं होते। अगर 8-10 स्क्रिप्ट आती हैं और उनमें से एक चुननी है तो मेरे लिए जो काम करने लायक है, मैं उसे करना चाहता हूं। चाहे किरदार एक सीन का हो, दो सीन का हो या 40 दिन का काम हो, मेरे लिए उसमें कुछ करने लायक जरूर होना चाहिए। अब तक मुझे जो काम मिला है, उसमें मैं खुद को काफी लकी मानता हूं। सवाल: इतने साल इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी क्या आज काम मांगने में झिझक नहीं होती? जवाब: नहीं, काम मांगने में कैसी झिझक? यह मेरा काम है। मैंने अपनी खुशी से, पूरे होश-हवास में इस फील्ड को चुना है। भगवान को साक्षी मानकर तय किया है कि मुझे अभिनेता बनना है। अब मेरी ड्यूटी है कि मुझे हर किरदार को अपनी 100 प्रतिशत क्षमता के साथ निभाना है। लोगों को वह पसंद आए, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। मेरे लिए मेरे सारे किरदार एक जैसे हैं। कोई एक दूसरे से कम या ज्यादा नहीं है। सवाल: आगे ऐसा कौन-सा किरदार करना चाहते हैं, जो अभी तक नहीं मिला? जवाब: मैं ऐसा किरदार करना चाहता हूं, जो मेरी अपनी जिंदगी के ज्यादा करीब हो। मैंने पुलिस वाले काफी किए हैं। अब कोई ऐसा आम आदमी, इंश्योरेंस एजेंट जैसा किरदार, बिजनेसमैन या पिता की भूमिका जिसमें जिंदगी की सच्चाई और मेरे अपने अनुभवों की झलक हो ऐसा कुछ करना चाहूंगा। क्योंकि जब किरदार

करतारपुर कॉरिडोर पर विदेश मंत्रालय का आया बयान:सुरक्षा स्थिति के चलते 7 मई 2025 से सेवाएं बंद, SGPC ने वीजा कोटा बढ़ाने की मांग उठाई

करतारपुर कॉरिडोर पर विदेश मंत्रालय का आया बयान:सुरक्षा स्थिति के चलते 7 मई 2025 से सेवाएं बंद, SGPC ने वीजा कोटा बढ़ाने की मांग उठाई

पाकिस्तान जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के लिए वीजा कोटा बढ़ाने और करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग के बीच विदेश मंत्रालय ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए करतारपुर कॉरिडोर की सेवाएं फिलहाल निलंबित हैं। जायसवाल से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स से मुलाकात और सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा कोटा बढ़ाने की मांग को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हर साल एक द्विपक्षीय समझौते के तहत सिख जत्थे पाकिस्तान स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले- सेवाएं 7 मई 2025 से निलंबित हैं करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने की मांग पर जायसवाल ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण इसकी सेवाएं 7 मई 2025 से निलंबित हैं और अभी स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर हाल ही में संसद में भी सवाल उठाया गया था। विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स साद अहमद वारैच से मुलाकात के बाद आई है। प्रतिनिधिमंडल ने नवंबर 2026 में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व से पहले अधिक संख्या में वीजा जारी करने की मांग की है। SGPC के अनुसार, प्रकाश गुरुपर्व के लिए 7,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान यात्रा हेतु पासपोर्ट जमा किए हैं। वहीं, पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से करीब 1,800 श्रद्धालुओं को ही वीजा जारी किए जाते हैं।

शरारत एक्ट्रेस आएशा खान ने शेयर कीं सगाई की तस्वीरें:मिस्ट्री मैन के साथ डायमंड रिंग फ्लॉन्ट की, करण औजला से जुड़ा नाम

शरारत एक्ट्रेस आएशा खान ने शेयर कीं सगाई की तस्वीरें:मिस्ट्री मैन के साथ डायमंड रिंग फ्लॉन्ट की, करण औजला से जुड़ा नाम

रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के हिट गाने ‘शरारत’ में नजर आईं आयशा खान सगाई की तस्वीरों से सुर्खियों में आ गई हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में सोशल मीडिया पर सगाई की थीम जैसी तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वो डायमंड रिंग भी फ्लॉन्ट करती दिखी हैं। हालांकि कई फैंस का मानना है कि ये उनके किसी गाने का पब्लिसिटी स्टंट हो सकता है। वहीं कुछ लोग तस्वीरों में दिखे मिस्ट्री मैन की तुलना सिंगर करण औजला से कर रहे हैं। आएशा खान ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है, एक सपना। देखिए आएशा खान की तस्वीरें- आएशा खान की पोस्ट में राखी सावंत, अर्चना गौतम, रश्मि देसाई जैसे सेलेब्स ने उन्हें कमेंट कर बधाई दी। रश्मि ने लिखा है, दुआ है तुम्हारे सारे सपने पूरे हों। वहीं अर्चना ने आएशा को मुबारकबाद दी। क्या आएशा खान ने कर ली है सगाई? आएशा खान की ये तस्वीरें किसी जूलरी ब्रांड का प्रमोशन हो सकती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में एक जूलरी ब्रांड को मेंशन करते हुए लिखा है, अपनी परफेक्ट डायमंड एंगेजमेंट रिंग यहां पाइए। बिग बॉस 17 में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट रहीं, मुनव्वर पर लगाए चीटिंग के आरोप आएशा खान को बिग बॉस 18 से पहचान मिली थी। वो शो में बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट शामिल हुईं और शो में उन्होंने मुनव्वर फारूकी पर चीटिंग के आरोप लगाए। आएशा ने दावा किया कि मुनव्वर उनके साथ रिलेशनशिप में थे, जबकि बाद में उन्हें पता चला कि वो किसी और लड़की के साथ भी थे। उन्होंने बताया था कि मुनव्वर ने अपनी एक्स वाइफ के साथ भी चीट किया है। आयशा ने यह भी कहा था कि मुनव्वर एक साथ कई लड़कियों के साथ रिश्ते में रहे हैं। आएशा की शो में एंट्री से काफी ड्रामा हुआ था। धुरंधर के शरारत गाने से मिली पहचान ‘धुरंधर’ के गाने ‘शरारत’ में आयशा खान क्रिस्टल डिसूजा के साथ नजर आई थीं। गाना जबरदस्त हिट रहा और आएशा को देश भर में पहचान मिल गई। इस गाने को यूट्यूब पर 810 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। गाने में पीरियड होने का खुलासा कर हुई थीं ट्रोल पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में आयशा ने कहा था, ‘शूटिंग दो दिन चली। यह बहुत ही व्यस्तता भरा था। शूटिंग के दौरान मुझे पीरियड्स हो रहे थे और आप जानते हैं कि आप फूले हुए होने के कारण अपना बेस्ट परफॉर्मेंस नहीं कर पा रहे होते हैं।’ उन्होंने आगे कहा था, ‘काश, मैं अपने पूरे जोश में होती। दो दिन में इतना सारा काम था, समय बहुत कम था। हम बहुत थक गए थे, इतना नाचने के बाद हमारी हड्डियां दुख रही थीं।’ आयशा ने कहा था, ‘मैं बहुत भावुक हो रही थी और शायद इसलिए भी क्योंकि मुझे पीरियड्स हो रहे थे, तो मेरी भावनाएं मुझ पर हावी हो रही थीं। इसलिए मैं खुद को संभाल नहीं पाई और रोने लगी। ये खुशी के आंसू थे।’