पाकिस्तानी टिकटॉकर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या:कॉल कर बुलाया, ड्राइव करते हुए बाइकसवारों ने चलाई गोलियां, कार सड़क से उतरी; हत्या का CCTV सामने आया

पाकिस्तान की मशहूर इन्फ्लूएंसर और टिकटॉकर आयशा गिलानी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आयशा महज 28 साल की थीं, जिनके सोशल मीडिया पर 13 लाख से भी ज्यादा फॉलोवर्स थे। आयशा कार ड्राइव कर रही थीं, तभी दो अज्ञात बाइकसवारों ने चलती कार में उन पर हमला कर दिया। गोली लगते ही आयशा की कार बेकाबू होकर सड़क से उतर गई। अब इस हत्या का वीडियो सामने आया है। बॉलीवुड लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार, 28 साल की आयशा गिलानी को कॉल कर घर से बाहर बुलाया गया था। वह अपनी 15 साल की छोटी बहन और छोटे भाई नईमतुल्लाह के साथ घर से निकलीं। आयशा खुद कार ड्राइव कर रही थीं। कुछ दूरी पर ही दो बाइकसवार आए और चलती गाड़ी पर गोलियां चलाने लगे। हमले में आयशा की गर्दन में गोली लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन घायल हैं। देखिए हमले का वीडियो- एक कॉल आने के बाद घर से निकली थीं आयशा रिपोर्ट के अनुसार, आयशा के परिवार द्वारा दर्ज पुलिस शिकायत में बताया गया है कि घटना से ठीक पहले आयशा के मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले शख्स का नाम काशिफ उर्फ काशी था। उसने आयशा को जल्द ही मिलने के लिए बुलाया, जिसके बाद वो छोटे भाई-बहनों के साथ घर से निकली थीं। उनके निकलने के कुछ देर बाद ही परिवार को हमले की खबर मिली, जिसके बाद पिता ने अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान की। पैसों के लेन-देन की वजह से मिल रही थीं धमकियां आयशा के पिता ने शिकायत में बताया है कि पिछले कुछ दिनों से आयशा को धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने शिकायत में कौसर और जावेद नाम के शख्स का भी जिक्र किया है। आरोप हैं कि दोनों पैसों के लेन-देन के चलते आयशा को धमकाते थे। इस्लामाबाद में इसकी शिकायत दर्ज की गई थी। एक साल पहले इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की भी घर में घुसकर की गई हत्या 2 जून 2025 को पाकिस्तान की पॉपुलर इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की उनके इस्लामाबाद स्थित घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की गई थी। कथित तौर पर इन्फ्लूएंसर की हत्या एकतरफा प्यार में की गई। काका नाम का एक शख्स बार-बार सना से मिलने की जिद कर रहा था, जब इन्फ्लूएंसर ने इनकार किया, तो उनकी हत्या कर दी गई। बीते साल पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी जिले में टिकटॉक क्रिएटर सुमीरा राजपूत की उनके घर में हत्या की गई थी। उनकी 15 साल की बेटी ने दावा किया कि कुछ लोग सुमीरा पर जबरन शादी का दबाव बना रहे थे। जब सुमीरा ने इससे इनकार किया तो उन्हें जहरीली गोलियां देकर हत्या कर दी गई।
ट्रंम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था की तारीफ की:कहा- 64.6 करोड़ वोटर्स के पास फोटो आईडी, अमेरिका में भी हो जरूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से पूछा था कि वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। ट्रंम्प ने कहा कि हर अमेरिकी मतदाता के लिए फोटो आईडी जरूरी होनी चाहिए, ताकि चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने ये बातें ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहीं। पंजीकरण के लिए नागरिकता का प्रमाण दिखाना जरूरी सेव अमेरिका एक्ट के तहत अमेरिका में वोटर के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए नागरिकता का प्रमाण दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा, पूरे देश में मतदाता पहचान पत्र की अनिवार्यता लागू करने का प्रस्ताव है। इस कानून में डाक से वोट देने की प्रक्रिया को काफी सीमित करने की बात भी कही गई है। ट्रंप लगातार सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी (SAVE) यानी सेव अमेरिका एक्ट को पास कराने पर जोर दे रहे हैं और उनका दावा है कि इससे चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। सीनेट में आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया इस मुद्दे पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों पार्टी में मतभेद हैं। इसी वजह से अमेरिकी सीनेट इस महीने की शुरुआत में कानून पास करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए बिना पांच हफ्ते के अवकाश पर चली गई। ————- ये खबर पढ़ें… ट्रम्प बोले- लेविट को मुझसे ज्यादा अपने बच्चे पसंद:व्हाइट हाउस में उनकी जगह लेना मुश्किल; लेविट का प्रेस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक किया। पूरी खबर पढ़ें…
करण औजला पर कॉन्सर्ट में फैन ने जैकेट फेंकी:गुस्से में सिंगर बोले- तू पागल है क्या; हिम्मत है तो सामने आ

पंजाबी सिंगर करण औजला ऑस्ट्रेलिया में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान फैन पर भड़क गए। अडेलेड में हुए उनके लाइव शो के दौरान एक फैन ने स्टेज पर जैकेट फेंक दी। इससे करण औजला नाराज हो गए और उन्होंने परफॉर्मेंस रोककर फैन को सीधे सामने आने की चुनौती दी। करण ने फैन से कहा तू पागल है क्या? हालांकि, कुछ ही देर बाद उनका गुस्सा शांत हो गया और उन्होंने उस फैन की जैकेट पर अपना ऑटोग्राफ देकर मामले को संभाल लिया। स्टेज पर जैकेट गिरते ही रोका शो करण औजला इन दिनों अपने ‘पी-पॉप कल्चर टूर’ के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया में हैं। परफॉर्मेंस के दौरान अचानक भीड़ में से किसी ने स्टेज की तरफ जैकेट फेंकी तो इस हरकत से सिंगर चिढ़ गए और उन्होंने गाना रोककर पंजाबी में दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और दर्शकों से जैकेट फेंकने वाले की पहचान करने को कहा। ‘हिम्मत है तो सामने आओ’, फैन को दी चुनौती नाराज करण औजला ने माइक पर उस फैन को ललकारते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो सामने आओ, देखते हैं कि तुम वाकई अपने बाप के बेटे हो या नहीं।” इसके बाद जब उस व्यक्ति की पहचान हो गई, तो सिंगर ने उससे सीधे सवाल किया कि उसने ऐसा क्यों किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तू पागल है क्या?” गुस्सा शांत हुआ तो जैकेट पर दिया ऑटोग्राफ हालांकि, यह तनाव ज्यादा देर तक नहीं रहा। अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद करण औजला शांत हुए और उन्होंने उस शख्स से बात की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि तुम प्यार में हो या गुस्से में हो, लेकिन ऐसा मत करो प्यारे। मैं यहां तुम्हारा मजाक उड़ाने नहीं आया हूं और मेरा समय बर्बाद मत करो।” इसके बाद उन्होंने उस फैन से जैकेट मांगी और उस पर खुद ऑटोग्राफ करके उसे वापस दे दी। करण औजला का करियर पंजाबी गायक और गीतकार करण औजला (जसकरण सिंह औजला) ने अपने संगीत करियर की शुरुआत बतौर राइटर की थी। साल 2014 में जस्सी गिल के हिट गाने ‘रेंज’ से उन्हें बतौर गीतकार पहला बड़ा ब्रेक मिला। लगातार सुपरहिट गाने लिखने की वजह से उन्हें पंजाबी इंडस्ट्री में ‘गीतां दी मशीन’ (गीतों की मशीन) कहा जाने लगा। साल 2018 में रिलीज हुए गाने ‘डोंट वरी’ से उन्हें बतौर सिंगर बड़ी पहचान मिली। इसके बाद साल 2021 में आई उनकी डेब्यू एलबम ‘बी.टी.एफ.यू.’ (B.T.F.U.) और 2023 में आई एलबम ‘मेकिंग मेमोरीज’ ने बिलबोर्ड कनाडाई एल्बम्स चार्ट्स में जगह बनाई। मार्च 2024 में करण औजला ने ‘जुनो अवॉर्ड्स’ में ‘फैन चॉइस अवॉर्ड’ जीतकर इतिहास रचा; वे यह कनाडाई म्यूजिक अवॉर्ड जीतने वाले पहले पंजाबी मूल के कलाकार बने। साल 2024 में फिल्म ‘बैड न्यूज’ के गाने ‘तौबा तौबा’ से उन्हें बॉलीवुड में भी बड़ी सफलता मिली।
करण औजला पर कॉन्सर्ट में फैन ने जैकेट फेंकी:गुस्से में सिंगर बोले- तू पागल है क्या; हिम्मत है तो सामने आ

पंजाबी सिंगर करण औजला ऑस्ट्रेलिया में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान फैन पर भड़क गए। अडेलेड में हुए उनके लाइव शो के दौरान एक फैन ने स्टेज पर जैकेट फेंक दी। इससे करण औजला नाराज हो गए और उन्होंने परफॉर्मेंस रोककर फैन को सीधे सामने आने की चुनौती दी। करण ने फैन से कहा तू पागल है क्या? हालांकि, कुछ ही देर बाद उनका गुस्सा शांत हो गया और उन्होंने उस फैन की जैकेट पर अपना ऑटोग्राफ देकर मामले को संभाल लिया। स्टेज पर जैकेट गिरते ही रोका शो करण औजला इन दिनों अपने ‘पी-पॉप कल्चर टूर’ के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया में हैं। परफॉर्मेंस के दौरान अचानक भीड़ में से किसी ने स्टेज की तरफ जैकेट फेंकी तो इस हरकत से सिंगर चिढ़ गए और उन्होंने गाना रोककर पंजाबी में दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और दर्शकों से जैकेट फेंकने वाले की पहचान करने को कहा। ‘हिम्मत है तो सामने आओ’, फैन को दी चुनौती नाराज करण औजला ने माइक पर उस फैन को ललकारते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो सामने आओ, देखते हैं कि तुम वाकई अपने बाप के बेटे हो या नहीं।” इसके बाद जब उस व्यक्ति की पहचान हो गई, तो सिंगर ने उससे सीधे सवाल किया कि उसने ऐसा क्यों किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तू पागल है क्या?” गुस्सा शांत हुआ तो जैकेट पर दिया ऑटोग्राफ हालांकि, यह तनाव ज्यादा देर तक नहीं रहा। अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद करण औजला शांत हुए और उन्होंने उस शख्स से बात की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि तुम प्यार में हो या गुस्से में हो, लेकिन ऐसा मत करो प्यारे। मैं यहां तुम्हारा मजाक उड़ाने नहीं आया हूं और मेरा समय बर्बाद मत करो।” इसके बाद उन्होंने उस फैन से जैकेट मांगी और उस पर खुद ऑटोग्राफ करके उसे वापस दे दी। करण औजला का करियर पंजाबी गायक और गीतकार करण औजला (जसकरण सिंह औजला) ने अपने संगीत करियर की शुरुआत बतौर राइटर की थी। साल 2014 में जस्सी गिल के हिट गाने ‘रेंज’ से उन्हें बतौर गीतकार पहला बड़ा ब्रेक मिला। लगातार सुपरहिट गाने लिखने की वजह से उन्हें पंजाबी इंडस्ट्री में ‘गीतां दी मशीन’ (गीतों की मशीन) कहा जाने लगा। साल 2018 में रिलीज हुए गाने ‘डोंट वरी’ से उन्हें बतौर सिंगर बड़ी पहचान मिली। इसके बाद साल 2021 में आई उनकी डेब्यू एलबम ‘बी.टी.एफ.यू.’ (B.T.F.U.) और 2023 में आई एलबम ‘मेकिंग मेमोरीज’ ने बिलबोर्ड कनाडाई एल्बम्स चार्ट्स में जगह बनाई। मार्च 2024 में करण औजला ने ‘जुनो अवॉर्ड्स’ में ‘फैन चॉइस अवॉर्ड’ जीतकर इतिहास रचा; वे यह कनाडाई म्यूजिक अवॉर्ड जीतने वाले पहले पंजाबी मूल के कलाकार बने। साल 2024 में फिल्म ‘बैड न्यूज’ के गाने ‘तौबा तौबा’ से उन्हें बॉलीवुड में भी बड़ी सफलता मिली।
ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रम्प ने यह धमकी दी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ सीक्रेट बातचीत जारी है। हालांकि, IRGC ने कुछ देर बाद ही ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका-ईरान की बातचीत में ओमान मध्यस्थ देश ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से ओमान पर कई हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में उसकी भूमिका बनी रही। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी है पूरी बातचीत ओमान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक रखी है। दुनिया 20% कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान बोला- जहाजों के रास्ते पर समझ बनी ट्रम्प की धमकी से कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझ बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से कहा कि दोनों पक्ष जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर सहमत हो गए हैं। अब सिर्फ बाकी तकनीकी और प्रशासनिक विवरण तय किए जाने हैं, जिसके बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। IRGC ने ट्रम्प के दावे को झूठ बताया ट्रम्प के इस दावे को ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से IRGC ने खारिज कर दिया। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके अधिकारियों और अमेरिका के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को झूठ बताते हुए कहा कि यह युद्ध में हार और निराशा से पैदा हुई उनकी कल्पना है। IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। देश की सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले मुआवजा चाहता है ईरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका ईरान को मुआवजा देता है या नहीं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन किया है। रॉयटर्स ने पहले एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के माल की कीमत का 5 से 7% शुल्क लिया जाए। ट्रम्प बोले- युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने ईरान की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ी से करते हुए कहा कि ईरान के लोग अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी कोई समय सीमा तय नहीं है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का भी उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका के हथियारों के भंडार को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए हथियार उसकी कुल सैन्य क्षमता के मुकाबले बहुत कम हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का MoU आज खत्म हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुआ 60 दिन का एमओयू 17 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना और स्थायी समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, दोनों देशों ने बाद में एक-दूसरे पर फिर हमले शुरू कर दिए और 8 जुलाई को ट्रम्प ने युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। अब MoU की अवधि पूरी होने के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे अहम मुद्दा फिर से होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बना हुआ है। ट्रम्प ने फिर दोहराया- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे MoU की अवधि खत्म होने से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यानी एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना सख्त रुख भी बनाए हुए हैं।
ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रम्प ने यह धमकी दी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ सीक्रेट बातचीत जारी है। हालांकि, IRGC ने कुछ देर बाद ही ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका-ईरान की बातचीत में ओमान मध्यस्थ देश ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से ओमान पर कई हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में उसकी भूमिका बनी रही। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी है पूरी बातचीत ओमान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक रखी है। दुनिया 20% कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान बोला- जहाजों के रास्ते पर समझ बनी ट्रम्प की धमकी से कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझ बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से कहा कि दोनों पक्ष जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर सहमत हो गए हैं। अब सिर्फ बाकी तकनीकी और प्रशासनिक विवरण तय किए जाने हैं, जिसके बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। IRGC ने ट्रम्प के दावे को झूठ बताया ट्रम्प के इस दावे को ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से IRGC ने खारिज कर दिया। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके अधिकारियों और अमेरिका के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को झूठ बताते हुए कहा कि यह युद्ध में हार और निराशा से पैदा हुई उनकी कल्पना है। IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। देश की सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले मुआवजा चाहता है ईरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका ईरान को मुआवजा देता है या नहीं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन किया है। रॉयटर्स ने पहले एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के माल की कीमत का 5 से 7% शुल्क लिया जाए। ट्रम्प बोले- युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने ईरान की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ी से करते हुए कहा कि ईरान के लोग अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी कोई समय सीमा तय नहीं है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का भी उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका के हथियारों के भंडार को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए हथियार उसकी कुल सैन्य क्षमता के मुकाबले बहुत कम हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का MoU आज खत्म हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुआ 60 दिन का एमओयू 17 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना और स्थायी समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, दोनों देशों ने बाद में एक-दूसरे पर फिर हमले शुरू कर दिए और 8 जुलाई को ट्रम्प ने युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। अब MoU की अवधि पूरी होने के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे अहम मुद्दा फिर से होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बना हुआ है। ट्रम्प ने फिर दोहराया- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे MoU की अवधि खत्म होने से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यानी एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना सख्त रुख भी बनाए हुए हैं।
अमिताभ बच्चन ने ₹21.88 करोड़ में 3-फ्लोर किराए पर दिए:हर महीने ₹33 लाख किराया मिलेगा; न्यूट्रिशन ब्रांड से 5 साल के लिए डील साइन

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में एक और बड़ी डील की है। उन्होंने मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में स्थित ‘सिग्नेचर’ बिल्डिंग में अपने 3 फ्लोर 5 साल के लिए किराए पर दिए हैं। इस प्रॉपर्टी से अमिताभ बच्चन को हर महीने 33 लाख रुपए मिलेंगे। 5 साल की पूरी लीज अवधि के दौरान उन्हें कुल ₹21.88 करोड़ की कमाई होगी। 8,428 वर्ग फीट कारपेट एरिया और 9 गाड़ियों की पार्किंग प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने यह जगह ‘ट्रूनैटिव’ नाम की एक न्यूट्रिशन कंपनी को किराए पर दी है। इस कंपनी को इस्तेमाल के लिए करीब 8428 वर्ग फीट जगह मिली है। इसके साथ ही, कंपनी के लोगों के लिए बिल्डिंग में 9 गाड़ियां खड़ी करने की खास पार्किंग भी अलग से दी गई है। नियम और शर्तें: इस रेंट एग्रीमेंट पर सरकारी मुहर 7 अगस्त को लगी थी, लेकिन कंपनी का किराया 15 अगस्त 2026 से शुरू माना गया है। एग्रीमेंट में यह शर्त भी रखी गई है कि हर साल इस जगह का किराया 5% बढ़ेगा। यानी जैसे-जैसे साल बीतेंगे, अमिताभ बच्चन को मिलने वाला महीने का किराया और ज्यादा होता जाएगा। पिछले साल वॉर्नर म्यूजिक को दिए थे 4 ऑफिस अमिताभ बच्चन के लिए प्रॉपर्टी किराए पर देकर मोटी कमाई करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले साल 2023 में भी उन्होंने मुंबई की लोटस सिग्नेचर बिल्डिंग में अपने 4 ऑफिस वार्नर म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को किराए पर दिए थे। यह डील मार्च 2024 में हुई थी। इस डील से अमिताभ बच्चन को हर महीने ₹17.30 लाख का किराया मिल रहा है। इस सौदे के तहत उस कंपनी को गाड़ियां खड़ी करने के लिए 12 पार्किंग स्पेस भी दिए गए थे। अयोध्या में भी खरीदी ₹35 करोड़ की जमीन मुंबई के अलावा अमिताभ बच्चन ने यूपी के अयोध्या में भी प्रॉपर्टी खरीदी है। इसी साल मार्च में उन्होंने 2.67 एकड़ जमीन 35 करोड़ रुपए में ली है। जिस कंपनी (अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप) से उन्होंने यह जमीन खरीदी है, उनका कहना है कि अयोध्या में बिग-बी का यह तीसरा बड़ा निवेश है। कंपनी के मुताबिक, जमीन 75 एकड़ में बन रहे लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ के पास और राम मंदिर से सिर्फ 15-20 मिनट की दूरी पर है। कब-कब जमीनें खरीदीं वर्क फ्रंट: कौन बनेगा करोड़पति का 18वां सीजन होस्ट कर रहे फिल्मों और बिजनेस इन्वेस्टमेंट्स के साथ-साथ बिग बी TV स्क्रीन पर भी एक्टिव हैं। 80 पार की उम्र में भी उनका वर्क कमिटमेंट जारी है। इन दिनों वे लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के 18वें सीजन को होस्ट कर रहे हैं। नॉलेज पार्ट: कारपेट एरिया और लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट क्या है ?
सोमी अली ने किया गोविंदा का सपोर्ट:सुनीता के आधी उम्र की लड़की के साथ घूमने वाले बयान पर कहा- वो रोजी-रोटी कमाने में लगे हैं

गोविंदा इन दिनों पत्नी सुनीता आहूजा के बयानों से सुर्खियों में हैं। गोविंदा के कम उम्र की को-एक्ट्रेस के साथ दिखने पर सुनीता ने अफेयर का हिंट दिया और कहा कि गोविंदा को बेटी की उम्र की लड़की के साथ घूमने पर शर्म आनी चाहिए। गोविंदा ने भी सुनीता को हद में रहने की चेतावनी दी। अब गोविंदा की पूर्व को-एक्ट्रेस सोमी अली उनके बचाव में उतरी हैं। उनका कहना है कि टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती। सोमी अली ने गोविंदा के साथ कुछ पुरानी तस्वीरें शेयर कर बचाव में लिखा है, ‘चिची (गोविंदा) हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन टैलेंटेड कलाकारों में से एक हैं। अपने इंडस्ट्री के समय में मैंने उन्हें सबसे विनम्र एक्टर्स में से एक पाया है। मेरे मन में चिची और सुनीता, दोनों के लिए बहुत सम्मान है। हालांकि, किसी एक्टर का किसी कम उम्र की एक्ट्रेस के साथ काम करना उम्र को लेकर भेदभाव नहीं है।’ आगे सोमी ने कहा, ‘टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती। ऐसे समय में जब किसी कलाकार के लिए काम मिलना मुश्किल हो, तब भी काम करते रहने का फैसला सम्मान के लायक है, मजाक उड़ाने के नहीं। किसी एक्टर की काबिलियत उसकी उम्र या उसके को-स्टार की उम्र से तय नहीं होती। उसकी पहचान उसके टैलेंट, प्रोफेशनल रवैये और लगातार काम करते रहने की इच्छा से होती है। जब किसी कलाकार के लिए इंडस्ट्री के दरवाजे खुलना मुश्किल हो रहा हो और उसे दोबारा काम करने का मौका मिले, तो उस मौके का जश्न मनाना चाहिए।’ आखिर में सोमी ने कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि कोई उम्रदराज है, उसकी उम्र को उसके खिलाफ हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए, खासकर तब जब वह सिर्फ अपनी रोजी-रोटी कमाने और उस काम को जारी रखने की कोशिश कर रहा हो जिसे वह प्यार करता है। शायद किसी एक्टर की सबसे सराहनीय बात यही होती है कि जब इंडस्ट्री या दूसरे लोग उसे यह कहने लगें कि अब वह बहुत बूढ़ा हो गया है, तब भी वह हार मानने से इनकार करे।’ अफेयर के बयान पर गोविंदा ने सुनीता के लिए कहा- हद में रहो हाल ही में गोविंदा ने सुनीता पर कहा- ‘जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप (सुनीता) हस्तक्षेप कर रही हैं। जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो।’ गोविंदा ने इस दौरान को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा, ‘कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता।’ गोविंदा बोले- हद में रहिए सुनीता बार-बार बयान दे रही हैं कि गोविंदा इस उम्र में बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे हैं और शुगर डैडी बने हैं। इस पर गोविंदा ने कहा है, ‘ये जो उम्र का आपने सिलसिला चलाया है, तो आपको बता दूं कि देश के हर बड़े सुपरस्टार ने कम उम्र की नई लड़कियों के साथ काम किया है, उन्हें बड़ी फिल्में मिलीं। युवाओं के साथ काम करने पर वो युवा नजर आए। आप चाह नहीं रहीं कि मैं युवा कैसे लग सकता हूं। आप छोटी सी अपेक्षा के चलते एक बड़े बिजनेस में घात करने पर लगी हैं। आपके पीछे जो गैंग है, उससे हर कोई वाकिफ है। वो जल्द ही सामने आएगा, लेकिन आपके लिए ये शोभा नहीं देगा। मुझे लगता है कि आगे भी आपको कहीं न कहीं जरूरत पड़ेगी। कृपया ऐसे बयान देकर, जो आप ये पॉडकास्ट चला रही हैं, थोड़ा हद में रहिए, ऐसी आपसे प्रार्थना है।’ बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ये बयान देकर निकल ही रहे थे कि कुछ सेकेंड बाद वो पलटकर आए और कहा, ‘मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है।’ जानिए सुनीता के किस बयान पर भड़के गोविंदा? हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनो- सुनीता सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से
ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। एक पर हमला हुआ तो तीनों साथ देंगे इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। इसके मुताबिक, पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक पर हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। एर्दोगन बोले- आगे और देश जुड़ सकते हैं एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। एर्दोगन ने कहा कि यह समझौता दुनिया को एक अहम संदेश देता है। भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। 7 अगस्त को मक्का समझौते पर साइन हुए इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। एक पर हमला हुआ तो बाकी दो देश साथ देंगे इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक देश पर हमला हुआ तो इसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी जिस देश पर हमला होगा, उसे बाकी दोनों देशों का साथ मिलेगा। कैसे मदद करेंगे तीनों देश? भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।







