Tuesday, 05 May 2026 | 01:26 PM

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एक्ट्रेस यामी गौतम ने देख ली धुरंधर 2!:बोलीं- ये ऐसा अनुभव है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, फिल्म देखकर भावुक हो गई

एक्ट्रेस यामी गौतम ने देख ली धुरंधर 2!:बोलीं- ये ऐसा अनुभव है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, फिल्म देखकर भावुक हो गई

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद से ही दर्शकों को फिल्म के दूसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार है, जो 19 मार्च को रिलीज होगा। इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर की पत्नी और एक्ट्रेस यामी गौतम ने फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया, जब उन्होंने बताया कि वह धुरंधर 2 देख चुकी हैं। News18 से बातचीत में यामी गौतम ने कहा, मेरे पति ने ‘उरी’ जैसीकई बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। हाल ही में उन्होंने धुरंधर बनाई है। धुरंधर जैसी फिल्म बनाने के लिए उनमें गजब का जुनून है, वरना यह मुमकिन नहीं होता। जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या उनकी कोई फिल्म 19 मार्च को रिली हो रही है, तो उन्होंने जवाब दिया, देखिए, धुरंधर से जुड़ी कोई भी जानकारी आदित्य ही देंगे। बाकी सभी की तरह मेरा भी उस दिन सिनेमा हॉल में एक जरूरी अपॉइंटमेंट है, तो आप सभी से वहीं मुलाकात होगी। यामी गौतम ने आगे बताया कि उन्होंने धुरंधर 2 देख ली है। एक्ट्रेस ने कहा, मैंने धुरंधर 2 देख ली है। यह असाधारण से भी बढ़कर है। मैं बहुत भावुक हो गई थी। उस दिन मुझे फ्लाइट पकड़नी थी, इसलिए मैं आदित्य से कुछ कह नहीं पाई। बाद में भी मैं कुछ कर नहीं पाई। मुझे स्क्रिप्ट पढ़नी थी, लेकिन पढ़ नहीं पाई कुछ देखना था, लेकिन देख भी नहीं पाई। धुरंधर 2 दर्शकों के लिए एक ऐसा अनुभव होगा, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। बता दें, ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिली होगी। इस फिल्म का क्लैश यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ से होगा। फिल्म में रणवीर सिंह लीड रोल में हैं। उनके साथ आर माधवन, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त जैसे सितारे भी नज़र आएंगे।

हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर की बढ़ी हुई दर को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक में जलकर 75 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया। परिषद में बताया गया कि प्रति कनेक्शन करीब 563 रुपये प्रतिमाह खर्च आ रहा है, इसी आधार पर दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव नगर पालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल ने ही रखा था। उन्होंने शुरुआत में 300 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन चर्चा के बाद 200 रुपये प्रतिमाह की दर बहुमत से पारित कर दी गई। कांग्रेस ने किया था विरोध बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने 75 रुपये से सीधे 200 रुपये करने का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि दर बढ़ानी है तो उसे 100 रुपये प्रतिमाह किया जाए। यह आपत्ति परिषद की कार्यवाही में दर्ज है और इसके वीडियो प्रमाण भी मौजूद हैं। अब वही उपाध्यक्ष अंशुल गोयल मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर जलकर की दर कम करने या फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप: दोहरी राजनीति नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि जब प्रस्ताव खुद उपाध्यक्ष ने रखा और बहुमत से पारित कराया, तो अब दर कम करने की मांग किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले बहुमत का उपयोग कर फैसला करती है और अब जनता के दबाव में खुद को हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है। परिषद बैठक बुलाने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि यदि वास्तव में जलकर कम करना है तो परिषद की विशेष बैठक बुलाकर औपचारिक प्रस्ताव लाया जाए और दर 100 रुपये प्रतिमाह तय की जाए। उनका कहना है कि केवल पत्र लिखना पर्याप्त नहीं है। जलकर वृद्धि को लेकर शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर नगर पालिका परिषद की अगली बैठक और प्रशासन के फैसले पर टिकी है।

हाईकोर्ट ने पूछा-दिव्यांगों के रिक्त पद क्यों नहीं भरे?:जीएडी के प्रमुख सचिव और एमपीडब्ल्यूएलसी के प्रबंध निदेशक को नोटिस, 22 हजार पदों का मामला

हाईकोर्ट ने पूछा-दिव्यांगों के रिक्त पद क्यों नहीं भरे?:जीएडी के प्रमुख सचिव और एमपीडब्ल्यूएलसी के प्रबंध निदेशक को नोटिस, 22 हजार पदों का मामला

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला एवं मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 30 जनवरी 2024 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जाए। कोर्ट ने दिए थे पद भरने के निर्देश दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर कर बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के करीब 22 हजार पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इस संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने सरकार को रिक्त पद भरने के निर्देश दिए थे। वकील बोले-अफसर अवमानना कर रहे सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को छह माह की मोहलत दी थी। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिवम त्रिपाठी ने इसे अवमानना से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज की झाड़बीड़ा बीट में प्लांटेशन की जमीन पर लगे करीब 20 हजार पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। आरोप है कि राजलढ़ाना गांव के करीब 100 ग्रामीणों ने खेती करने के उद्देश्य से लगभग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। वन विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो राजस्व और पुलिस विभाग की मदद से संयुक्त कार्रवाई की गई। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वहां बनाई गई अस्थायी टपरियां हटाई गईं और बड़े गड्ढे खोदे गए, ताकि दोबारा खेती नहीं की जा सके। 2019 में हुआ था प्लांटेशन डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में वर्ष 2019 में पौधारोपण किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 हजार पौधों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे विभाग को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। अब वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पौधों पर हुए खर्च की वसूली की जाएगी। जिम्मेदार स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई डीएफओ ने यह भी कहा कि इस मामले में वन विभाग के जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था ठीक से क्यों नहीं की गई, इस संबंध में रेंजर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त टीम ने हटाया अवैध कब्जा झाड़बीड़ा बीट के कंपार्टमेंट नंबर 159 में राजलढ़ाना और पतलई गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए वन विभाग को पुलिस और राजस्व विभाग की सहायता लेनी पड़ी। अभियान के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बरसकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सैंटनर बोले- चीजें कंट्रोल से बाहर, हम दूसरों के भरोसे:पेसर मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे; हैरी ब्रूक ने कहा- बटलर सेमीफाइनल में चलेंगे

सैंटनर बोले- चीजें कंट्रोल से बाहर, हम दूसरों के भरोसे:पेसर मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे; हैरी ब्रूक ने कहा- बटलर सेमीफाइनल में चलेंगे

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 रोमांचक मोड़ पर आ गया है। सुपर-8 स्टेज में 2 दिन का खेल बाकी है और सेमीफाइनल की 2 टीमें अब भी तय होना बाकी है। 2 स्पॉट के लिए 4 टीमें रेस में बनी हुई हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इंग्लैंड से हार के बाद कहा कि चीजें अब उनके कंट्रोल से बाहर हो गई हैं। टीम अब पाकिस्तान की हार के भरोसे है। टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी भी पारिवारिक कारणों के चलते न्यूजीलैंड लौट गए हैं। सुपर-8 स्टेज में लगातार 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल में एंट्री करने वाली इंग्लिश टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने जोस बटलर का बचाव किया। वे बोले- बटलर भले रन नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलेंगे। बटलर सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं- ब्रूक इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर इस वर्ल्ड कप में अब तक फ्लॉप रहे हैं। उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे, जिससे टीम की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान हैरी ब्रूक ने साफ कहा कि बटलर की फॉर्म को लेकर टीम में कोई टेंशन नहीं है। ब्रूक बोले, “जोस दुनिया के बेस्ट खिलाड़ियों में से एक हैं। क्रिकेट में कभी-कभी रन नहीं बनते, इसका मतलब यह नहीं कि वे खराब खेल रहे हैं। वे नेट्स में अच्छी बैटिंग कर रहे हैं। हमें पता है कि वे सिर्फ एक बड़ी पारी दूर हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में वे जरूर वापसी करेंगे और मैच जिताएंगे।” 7 पारियों में 62 रन ही बना सके बटलर जोस बटलर न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके, उन्हें लॉकी फर्ग्यूसन ने विकेटकीपर टिम साइफर्ट के हाथों कॉट बिहाइंड करा दिया था। बटलर ने नेपाल के खिलाफ 26 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 रन बनाकर टूर्नामेंट शुरू किया था। हालांकि, पिछले 5 मुकाबलों में वे 10 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सके। वे 7 पारियों में 62 रन ही बना सके। सैंटनर बोले- हम दूसरों के भरोसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा, “यह देखकर दुख होता है कि अब चीजें हमारे कंट्रोल में नहीं हैं। हमें दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी पड़ रही है। हमने कुछ मौकों पर गलतियां कीं, जिसका नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है।” सैंटनर ने माना कि इंग्लैंड के खिलाफ टीम ने पावरप्ले और डेथ ओवर्स में सही खेल नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि अब बस एक ही रास्ता है कि श्रीलंका आखिरी मैच जीते और हम नॉकआउट में पहुंच जाएं। मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वापस देश लौट गए। वे अपने पहले बच्चे के जन्म के समय अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। हेनरी ने इस बारे में टीम मैनेजमेंट को पहले ही बता दिया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने हेनरी के फैसले को सपोर्ट किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। हालांकि, न्यूजीलैंड अगर सेमीफाइनल में पहुंच गया तो हेनरी की कमी टीम को जरूर खलेगी। उन्होंने ही श्रीलंका के खिलाफ पावरप्ले में 2 अहम विकेट लेकर टीम की जीत की नींव रखी थी। क्या है सेमीफाइनल का गणित? वर्ल्ड कप में अब पूरा खेल ‘करो या मरो’ वाली स्थिति में पहुंच गया है। इसे 3 पॉइंट्स में समझते हैं…

सैंटनर बोले- चीजें कंट्रोल से बाहर, हम दूसरों के भरोसे:पेसर मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे; हैरी ब्रूक ने कहा- बटलर सेमीफाइनल में चलेंगे

सैंटनर बोले- चीजें कंट्रोल से बाहर, हम दूसरों के भरोसे:पेसर मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे; हैरी ब्रूक ने कहा- बटलर सेमीफाइनल में चलेंगे

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 रोमांचक मोड़ पर आ गया है। सुपर-8 स्टेज में 2 दिन का खेल बाकी है और सेमीफाइनल की 2 टीमें अब भी तय होना बाकी है। 2 स्पॉट के लिए 4 टीमें रेस में बनी हुई हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इंग्लैंड से हार के बाद कहा कि चीजें अब उनके कंट्रोल से बाहर हो गई हैं। टीम अब पाकिस्तान की हार के भरोसे है। टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी भी पारिवारिक कारणों के चलते न्यूजीलैंड लौट गए हैं। सुपर-8 स्टेज में लगातार 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल में एंट्री करने वाली इंग्लिश टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने जोस बटलर का बचाव किया। वे बोले- बटलर भले रन नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलेंगे। बटलर सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं- ब्रूक इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर इस वर्ल्ड कप में अब तक फ्लॉप रहे हैं। उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे, जिससे टीम की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान हैरी ब्रूक ने साफ कहा कि बटलर की फॉर्म को लेकर टीम में कोई टेंशन नहीं है। ब्रूक बोले, “जोस दुनिया के बेस्ट खिलाड़ियों में से एक हैं। क्रिकेट में कभी-कभी रन नहीं बनते, इसका मतलब यह नहीं कि वे खराब खेल रहे हैं। वे नेट्स में अच्छी बैटिंग कर रहे हैं। हमें पता है कि वे सिर्फ एक बड़ी पारी दूर हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में वे जरूर वापसी करेंगे और मैच जिताएंगे।” 7 पारियों में 62 रन ही बना सके बटलर जोस बटलर न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके, उन्हें लॉकी फर्ग्यूसन ने विकेटकीपर टिम साइफर्ट के हाथों कॉट बिहाइंड करा दिया था। बटलर ने नेपाल के खिलाफ 26 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 रन बनाकर टूर्नामेंट शुरू किया था। हालांकि, पिछले 5 मुकाबलों में वे 10 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सके। वे 7 पारियों में 62 रन ही बना सके। सैंटनर बोले- हम दूसरों के भरोसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा, “यह देखकर दुख होता है कि अब चीजें हमारे कंट्रोल में नहीं हैं। हमें दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी पड़ रही है। हमने कुछ मौकों पर गलतियां कीं, जिसका नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है।” सैंटनर ने माना कि इंग्लैंड के खिलाफ टीम ने पावरप्ले और डेथ ओवर्स में सही खेल नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि अब बस एक ही रास्ता है कि श्रीलंका आखिरी मैच जीते और हम नॉकआउट में पहुंच जाएं। मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वापस देश लौट गए। वे अपने पहले बच्चे के जन्म के समय अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। हेनरी ने इस बारे में टीम मैनेजमेंट को पहले ही बता दिया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने हेनरी के फैसले को सपोर्ट किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। हालांकि, न्यूजीलैंड अगर सेमीफाइनल में पहुंच गया तो हेनरी की कमी टीम को जरूर खलेगी। उन्होंने ही श्रीलंका के खिलाफ पावरप्ले में 2 अहम विकेट लेकर टीम की जीत की नींव रखी थी। क्या है सेमीफाइनल का गणित? वर्ल्ड कप में अब पूरा खेल ‘करो या मरो’ वाली स्थिति में पहुंच गया है। इसे 3 पॉइंट्स में समझते हैं…

उज्जैन में तड़के 4 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट:पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु, महा निर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

उज्जैन में तड़के 4 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट:पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु, महा निर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में शनिवार तड़के भस्म आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देव प्रतिमाओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर व फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद हरि ओम का जल अर्पित कर भगवान को त्रिशूल, त्रिपुण्ड और रुद्राक्ष माला से राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भगवान को ड्रायफ्रूट, आभूषण, रजत शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। गुलाब की खुशबू से सुसज्जित महाकाल को फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

टीचर ने घर को बना दिया साइंस म्यूजियम:35-40 लाख खर्च कर 22 देशों से मंगवाए उपकरण, खेल-खेल में सिखाते हैं फिजिक्स

टीचर ने घर को बना दिया साइंस म्यूजियम:35-40 लाख खर्च कर 22 देशों से मंगवाए उपकरण, खेल-खेल में सिखाते हैं फिजिक्स

स्कूली स्टूडेंट्स में फिजिक्स सब्जेक्ट और साइंस के प्रति उत्सुकता जगाने के लिए जयपुर के जीएस मेनारिया ने अपने तीन मंजिला घर को ही साइंस का म्यूजियम बना दिया। यहां बच्चे खेल-खेल में साइंस सीखते हैं। 20 साल में 22 देशों से जुटाए गए भौतिकी से जुड़े दुर्लभ मॉडल और उपकरण इस घर को खास बनाते हैं। मेनारिया का दावा है कि उनके पास मौजूद 150 से ज्यादा ऐसे इंटरएक्टिव ‘खिलौने’ हैं, जो देश के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मौजूद नहीं। मेनारिया ने इस आइडिया पर लाखों रुपए खर्च किए, ताकि स्कूली बच्चे जटिल सिद्धांतों को प्रयोग के जरिए समझ सकें, बिना किसी डर के, बिना रट्टा मारे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… चितौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी के रहने वाले जीएस मेनारिया के पिता भगवान लाल गांव के स्कूल में फिजिक्स लैब सहायक थे। 40 साल पिता ने वहां नौकरी की। मेनारिया कहते हैं, जिस विषय से हमारा घर चला, हमने उसी को पूजा। वही सम्मान आगे चलकर जुनून बना। 1996 में पिता के रिटायरमेंट पर मेनारिया ने उनके नाम से 10 हजार रुपए का ड्राफ्ट स्कूल को दिया ताकि ब्याज से फिजिक्स टॉपर को स्कॉलरशिप मिले। आज वही रकम 5 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। उसी लैब से जुड़े तीन होनहार छात्रों को हर साल छात्रवृत्ति मिलती है। पहला रिसर्च पेपर छपा, वहीं से बदली दिशा मेनारिया ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद जयपुर में रहकर बच्चों को फिजिक्स पढ़ाने लगे। यहीं से पढ़ाने का तरीका बदलने की बेचैनी शुरू हुई। 1988 में ऑल इंडिया फिजिक्स टीचर्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय परीक्षा में ‘फिजिक्स को लोकप्रिय कैसे बनाएं’ विषय पर उनका पेपर पूरे राजस्थान में प्रथम रहा। आज मेनारिया इस परीक्षा के स्टेट को-ऑर्डिनेटर हैं। यहां से मिला आइडिया 2005 में आइंस्टीन के E=mc² को 100 साल पूरे होने पर मनाए गए इंटरनेशनल ईयर ऑफ फिजिक्स के तहत मैसूर में हुए सम्मेलन में उन्होंने अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। यह आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और नेशनल टीचर साइंस कांग्रेस की ओर से हुआ था। पैनल के सामने उन्होंने ‘कोऑपरेटिव लर्निंग के जरिए फिजिक्स पढ़ाने की डायनामिक्स’ पर पेपर प्रस्तुत किया, जो न सिर्फ सराहा गया, बल्कि दुनिया भर से आए चुनिंदा रिसर्च पेपर्स में शामिल भी हुआ। यहीं मेनारिया ने पहली बार देखा कि कैसे खिलौनों, मॉडल्स और खुद के डिजाइन किए उपकरणों से फिजिक्स को आम भाषा में समझाया जा सकता है। यही वह पल था, जब उन्हें फिजिक्स को पढ़ाने नहीं, दिखाकर समझाने का विचार आया। 500 से ज्यादा उपकरण, 150 ऐसे जो देश में कहीं नहीं फिजिक्स को खेल-खेल में समझाने के लिए जीएस मेनारिया के पास 500 से ज्यादा फिजिक्स खिलौने और उपकरण हैं, जिनमें से 300 से अधिक जयपुर के प्रतापनगर स्थित उनके तीन मंजिला घर में प्रदर्शित हैं। मेनारिया का दावा है कि इनमें 150 से ज्यादा ऐसे इंटरएक्टिव मॉडल हैं, जो पूरे देश के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मौजूद नहीं। इन उपकरणों को उन्होंने 22 देशों से मंगवाया है। कुछ सीधे विदेशों से तो कुछ अपने उन छात्रों के जरिए जो अलग-अलग देशों में काम कर रहे हैं। इन सब पर अब तक 35-40 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इस तरह सिखाते हैं फिजिक्स उपकरणों के लिए घर छोटा पड़ा तो नया बनवाया जयपुर के दुर्गापुरा की शांतिनगर कॉलोनी वाला घर इन उपकरणों से भर गया तो प्रतापनगर में नया मकान बनवाया। आधा बनते-बनते फैसला हो गया कि यह घर नहीं, फिजिक्स का संग्रहालय होगा। आज नए घर के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर उनकी 20 साल की मेहनत सजी है। थर्ड फ्लोर वर्कशॉप के लिए है, जिसे जल्द बाकी बचे उपकरणों से सजाने की तैयारी है। अब तक 100 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड जीत चुके मेनारिया की किताब ‘डांसिंग फिजिक्स’ भी जल्द प्रकाशित होने वाली है।

दतिया में डिजिटल लोन फ्रॉड में 2.09 लाख की ठगी:आदित्य बिरला फाइनेंस बनकर महिला ने युवक को फंसाया

दतिया में डिजिटल लोन फ्रॉड में 2.09 लाख की ठगी:आदित्य बिरला फाइनेंस बनकर महिला ने युवक को फंसाया

डिजिटल लोन की जरूरत आम आदमी को किस तरह साइबर ठगों के जाल में फंसा रही है, इसका ताजा उदाहरण दतिया जिले से सामने आया है। यहां एक फाइनेंस कंपनी का नाम और फर्जी डिजिटल लोन स्कीम दिखाकर एक युवक से करीब 2 लाख 9 हजार 658 रुपये की ठगी कर ली गई। थाना गोदन में फरियादी विपिन यादव (33) निवासी ग्राम छान ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 फरवरी 2025 को उसने गूगल पर फाइनेंस लिमिटेड की वेबसाइट खोलकर न्यू डिजिटल बिजनेस लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के 2-3 दिन बाद उसके मोबाइल नंबर पर 8959837049 से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को फाइनेंस कंपनी से प्रिया वर्मा बताते हुए कहा कि वह लोन के लिए पात्र है। लेकिन पहले प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। किस्तों में ठगी का पूरा खेल विश्वास में लेकर ठगों ने अलग-अलग तारीखों में फोनपे और गूगलपे के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई। 11 फरवरी 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक लगातार अलग-अलग बहानों से पैसे मंगवाए गए। कभी फाइल चार्ज, कभी जीएसटी, कभी लोन अप्रूवल, तो कभी इंश्योरेंस के नाम पर रकम ऐंठी गई। इस तरह फरियादी से कुल कुल 2 लाख 9 हजार 658 की ठगी कर ली गई। लेकिन न लोन मिला और न ही कॉल रिसीव होना बंद हुआ। थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी:को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था

अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी:को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था

25 मई 2024 की बात है, जब अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर अपनी शूटिंग खत्म करके अपनी को-एक्टर के साथ घर लौट रहे थे। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन पहुंचे, तभी चार लोग अचानक उनके पास आ गए और उनकी कार में चोरी करने की कोशिश करने लगे। शुरुआत में जॉनी कुछ समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी कार में चोरी की जा रही है, तो उन्होंने अपनी को-एक्टर को बचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी साथी को अपने शरीर से ढक लिया। तभी गुस्से में आए चोरों ने गोली चला दी, जो सीधे जॉनी को लगी। आनन-फानन में जॉनी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बड़ी बात यह है कि जॉनी की मौत के तीन हफ्तों बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए। क्या जॉनी की हत्या सिर्फ चोरी की घटना के तहत हुई या इसके पीछे कोई और साजिश थी? और दूसरा सवाल यह कि आखिर जॉनी की मौत के तीन हफ्ते बाद उनका अंतिम संस्कार क्यों किया गया। आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर-3 में पढ़िए अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर की मौत की पूरी कहानी… जॉनी वेक्टर का जन्म 31 अगस्त 1986 को अमेरिका के साउथ कैरोलिना में हुआ था। उनके दो भाई लांस और ग्रांट हैं। जॉनी का बचपन यहीं बीता और उन्होंने 2004 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर ऑफ साइंस (B.S.) और स्पैनिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री हासिल की। जॉनी दिखने में काफी स्मार्ट और आत्मविश्वासी थे। पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों की ओर अधिक था। वे हमेशा कुछ अलग करना चाहते थे। उनके मन में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने की इच्छा लगातार मजबूत होती गई। आखिरकार उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक्टिंग में करियर बनाने के लिए लॉस एंजेलिस का रुख किया। हालांकि, यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। पहला बड़ा मौका मिलने से पहले उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। लॉस एंजेलिस पहुंचने पर उनके पास कोई काम नहीं था, इसलिए अपना खर्च चलाने के लिए उन्हें रेस्तरां और बार में नौकरी करनी पड़ी। नौकरी के साथ-साथ वे लगातार ऑडिशन देते रहे और इस दौरान कई बार रिजेक्शन का सामना भी किया। आखिरकार साल 2007 में उन्हें अपने करियर का पहला बड़ा ब्रेक मिला। उन्होंने टीवी शो आर्मी वाइव्स से अपना डेब्यू किया। यह शो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इसी के जरिए उन्हें वह पहचान मिलनी शुरू हुई, जिसकी हर कलाकार को चाह होती है। इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली। 2020 से 2022 तक उन्होंने लोकप्रिय सीरीज जनरल हॉस्पिटल में ब्रैंडो कॉर्बिन की भूमिका निभाई, जिससे उन्हें और भी बड़ी पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने सीरीज Siberia में भी अभिनय किया। जॉनी ने टीवी के साथ-साथ फिल्मी दुनिया में भी कदम रखा और वहां भी अपनी अलग पहचान बनाई। जैसे ही जॉनी को इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी, उसी दौरान उनकी मुलाकात एक्ट्रेस और डायरेक्टर टीसा से हुई। पहले दोनों अच्छे दोस्त बने और फिर धीरे-धीरे एक-दूसरे को डेट करने लगे। साल 2010 में दोनों रिलेशनशिप में आए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 2013 में दोनों अलग हो गए। हालांकि, जॉनी ने अपनी पर्सनल लाइफ को कभी भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर हावी नहीं होने दिया और वे लगातार अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते रहे। फिर आया 25 मई साल 2024 यह वो तारीख और साल था, जिसमें जॉन ने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें अपनी इस चकाचोंद भरी दुनिया को छोड़़ना पड़ेगा। दरअसल, उस रात जॉन ने अपनी शूटिंग खत्म की और फिर वह सेट से निकल गए। उनके साथ उनकी को-स्टार भी थीं। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में पिको बुलेवार्ड और होप स्ट्रीट के कोने पर पहुंचे ही थे कि तभी अचानक वहां तीन लोग आ गए। शुरुआत में जॉन को लगा कि शायद उनकी कार को उठा कर ले जाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जब उन्हें जॉन को पता चला कि उनकी कार टोयोटा प्रियस से कैटेलिटिक कन्वर्टर चोरी करने की कोशिश की जा रही है, तो सबसे पहले उन्होंने स्थिति को समझते हुए अपनी को-स्टार की जान बचाने की कोशिश की और उसे अपने शरीर से ढकने की कोशिश की। लेकिन चोर को पता चल गया था कि जॉन को उनके बारे में पता चल गया है तो उन्होंने जॉन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद तीन आरोपी मौके से फरार हो गए। जबकि जॉन को आनन-फानन में हॉस्पिटल में लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। जॉन की मौत के लगभग तीन हफ्ते बाद यानी 16 जून 2024 को उनका अंतिम संस्कार समरविल बैपटिस्ट चर्च में किया गया। इस तीन हफ्ते के अंतर के पीछे कई कारण थे। सबसे पहले हत्या की घटना की पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी था, ताकि सभी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी हो सके। इसके अलावा, उनके परिवार और करीबी रिश्तेदार कई अलग-अलग शहरों और राज्यों में रहते थे, इसलिए उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समय दिया गया। इसके साथ ही चर्च और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की व्यवस्था भी करने में समय लगा। इन सभी कारणों के चलते जॉन का अंतिम संस्कार तीन हफ्तों के बाद किया गया, ताकि परिवार, दोस्तों और फैंस उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने सकें। यूं सरेआम जॉन की हत्या ने हर किसी को चौंका दिया था सबके मन में एक ही सवाल था कि आखिर दिनदहाड़े चोर कैसे किसी व्यक्ति की जान ले सकते हैं और कोई जानी मानी हस्ती को लेकर कोई प्रोटेक्शन क्यों नही हुई। कई ऐसे सवाल थे जो जॉन के परिवार के साथ ही उनके फैंस भी जानना चाहते थे। ऐसे में पुलिस के ऊपर भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का और आरोपियों की गिफ्तारी का दबाब बनता जा रहा था। इसी दौरान फिर 15 अगस्त 2024 को जॉन की मौत के संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार