Wednesday, 06 May 2026 | 01:51 PM

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पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड-जैमिनी के खिलाफ:जैश-लश्कर ने मदरसों में AI इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा- इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड-जैमिनी के खिलाफ:जैश-लश्कर ने मदरसों में AI इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा- इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने अपने लगभग 5 हजार मदरसों में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स के खिलाफ फतवा जारी किया है। यहां पर लगभग 12 लाख छात्र पढ़ते हैं। दरअसल, ये एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी, क्लाउड, जैमिनी और ग्रोक इस्लाम धर्म से जुड़े सवालों के उदारवादी जवाब दे रहे थे। जबकि इन मदरसों में मौलवियों द्वारा धर्म की कट्‌टरपंथी व्याख्या छात्रों को बताई जाती है, जो कुरान अथवा हदीस के अनुरूप नहीं होती है। जबकि एआई टूल्स अपने डेटाबेस के इनपुट से सही व्याख्या कर छात्रों को बता रहा है। जैश और लश्कर ने अपने नए आदेश में छात्रों को कहा है कि वे मौलवियों से क्लास में धर्म से जुड़े सवाल व्यक्तिगत रूप से पूछें। मोबाइल पर एआई टूल्स का उपयोग नहीं किया जाए। कैसे काम करते हैं मदरसे पाक में एलीमेंटरी एजुकेशन काफी हद तक मदरसों पर आधारित हैं। देवबंदी सिलसिले से जुड़े जैश-लश्कर के ये मदरसे इससे जुड़ी मस्जिदों से मिलने वाले फंड से संचालित होते हैं। नियंत्रण की हकीकत क्या पाक में मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड भी है, पर इनकी असल कमान खुफिया एजेंसी आईएसआई के पास होती है। मदरसों में ब्रेनवॉश कुछ छात्र आईएसआई के लिए भारत के खिलाफ आतंकी करतूतों के लिए रंगरूट साबित होते हैं। पीओके के मुज्जफराबाद और नीलम घाटी से जैश इन छात्रों को भारत में लॉन्च करती है। खाड़ी के देश सऊदी अरब सहित खाड़ी के अन्य इस्लामी देशों में इस्लामी यूनिवर्सिटीज-कॉलेज में धार्मिक तालीम के लिए अपने एआई टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये सॉफ्टवेयर इन देशों ने अपने स्तर पर विकसित किए हुए हैं। ऑपरेशन ​सिंदूर में तबाह बहावलपुर मदरसे में लौटा मसूद ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय हमले में तबाह हुए जैश के बहावलपुर मुख्यालय के मदरसे में जनवरी में मरम्मत पूरी होने के बाद छात्र लौट आए हैं। यहां पर नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। पाक सरकार और आर्मी ने फंड जारी किया था। सूत्रों के अनुसार जैश का सरगना मौलाना मसूद अजहर इन दिनों रावलपिंडी के आईएसआई सेफ हाउस से निकलकर बहावलपुर मदरसे में रह रहा है।

बफे के भरोसेमंद अजीत जैन ने गुरुग्राम में फ्लैट खरीदा:DLF द केमेलियास में ₹85 करोड़ की डील; जिम, क्लब हाउस जैसी सुविधाएं

बफे के भरोसेमंद अजीत जैन ने गुरुग्राम में फ्लैट खरीदा:DLF द केमेलियास में ₹85 करोड़ की डील; जिम, क्लब हाउस जैसी सुविधाएं

दुनिया के दिग्गज निवेशक वारेन बफे के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल अजीत जैन ने गुरुग्राम में एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है। बर्कशायर हैथवे के वाइस चेयरमैन जैन ने गोल्फ कोर्स रोड स्थित ‘DLF द केमेलियास’ में करीब 85 करोड़ रुपए में यह डील फाइनल की है। 7,400 स्क्वेयर फीट का यह फ्लैट अल्ट्रा-लग्जरी कैटेगरी का है। इसमें स्विमिंग पूल, वर्ल्ड-क्लास जिम, स्पा, सौना और गोल्फ कोर्स जैसी सुविधाएं हैं। जैन ज्यादातर समय भारत से बाहर ही रहते हैं, लेकिन इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए वे हाल ही में दिल्ली आए थे। NRIs की पहली पसंद बना गुरुग्राम, 25% हिस्सा इन्हीं का डील से जुड़े लोगों का कहना है कि DLF के अल्ट्रा-लग्जरी पोर्टफोलियो में NRI की हिस्सेदारी 25% से ज्यादा हो चुकी है। अजीत जैन अमेरिका के सबसे प्रभावशाली भारतीय बिजनेस लीडर्स में से एक हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जो लोग साल में कुछ महीने भारत में बिताते हैं, उनके लिए इस तरह के प्रोजेक्ट्स में मिलने वाली वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं सबसे बड़ा आकर्षण होती हैं। बंगलों की जगह गेटेड सोसायटी को मिल रही तरजीह रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना के बाद से अमीर खरीदारों (UHNIs) की पसंद बदली है। अब वे अलग-थलग बंगलों के बजाय हाई-राइज लग्जरी सोसायटी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि यहां सुरक्षा के साथ-साथ कैंपस के अंदर ही जिम, क्लब हाउस और अन्य सुविधाएं मिल जाती हैं, जिनका रखरखाव आसान होता है। DLF द केमेलियास की तीन तस्वीरें… दिल्ली के लुटियंस जोन को पीछे छोड़ रहा गुरुग्राम गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमतें अब ग्लोबल लेवल पर पहुंच गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर प्रति स्क्वेयर फीट की कीमतें ₹1.25 लाख के आंकड़े को पार कर गई हैं, जो मुंबई के सबसे महंगे इलाकों के बराबर है। पहली बार गुरुग्राम ने कीमतों के मामले में लुटियंस दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। अब यहां के रेट्स लंदन और दुबई जैसे शहरों को टक्कर दे रहे हैं। द केमेलियास की कुछ और बड़ी डील्स उद्योगपति ने ₹380 करोड़ में खरीदे 4 अपार्टमेंट हाल ही में गुरुग्राम में एक बड़े उद्योगपति ने DLF के नए सुपर लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में करीब ₹380 करोड़ खर्च कर चार अपार्टमेंट खरीदे हैं। नॉलेज बॉक्स: कौन हैं अजीत जैन? अजीत जैन मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं। वे वारेन बफे की कंपनी ‘बर्कशायर हैथवे’ में इंश्योरेंस ऑपरेशंस के वाइस चेयरमैन हैं। वारेन बफे कई बार कहते हैं कि अजीत जैन उनके सबसे बेहतरीन निवेशों में से एक हैं और कंपनी की सफलता में उनका बड़ा हाथ है। प्रॉपर्टी फैक्ट: DLF ‘द केमेलियास’ को भारत के सबसे महंगे और सुरक्षित रिहायशी प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। यहां रहने वालों में देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट दिग्गज और स्टार्टअप फाउंडर्स शामिल हैं। इसमें 7 एनर्जी जोन्स, इनडोर-आउटडोर स्विमिंग पूल, वर्ल्ड-क्लास जिम, स्पा, सौना, टेनिस-स्क्वैश कोर्ट और गोल्फ कोर्स एक्सेस मिलता है। इसके अलावा 65-सीटर मूवी थिएटर, स्पोर्ट्स बार, फाइन डाइनिंग, योगा-पिलाटेस स्टूडियो, बच्चों का प्ले एरिया, जॉगिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अमेजन ने एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस खोला:बेंगलुरु में 11 लाख स्क्वेयर फीट में 12 मंजिला कैंपस; 7,000 लोग काम करेंगे

अमेजन ने एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस खोला:बेंगलुरु में 11 लाख स्क्वेयर फीट में 12 मंजिला कैंपस; 7,000 लोग काम करेंगे

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने 23 फरवरी को बेंगलुरु के बाहरी इलाके कट्टिगेनाहल्ली में एशिया का अपना दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस खोला है। 11 लाख स्क्वेयर फीट में फैला यह 12 मंजिला कैंपस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। ऑफिस में ई-कॉमर्स, ऑपरेशंस, पेमेंट्स, टेक्नोलॉजी और सेलर सर्विसेज जैसे विभागों के 7,000 से ज्यादा कर्मचारी एक साथ काम कर सकेंगे। अमेजन के ऑफिस की 5 तस्वीरें… 2030 तक ₹3.20 लाख करोड़ और निवेश करेगी कंपनी अमेजन का यह नया कैंपस करीब 5 एकड़ जमीन पर बना है। अमेजन के ग्लोबल अफेयर्स और लीगल ऑफिसर डेविड जापोल्स्की ने बताया कि भारत में टेक्नोलॉजी अपनाने की रफ्तार और AI को लेकर जो उत्साह है, वैसा दुनिया के किसी और देश में नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेजन अब तक भारत में अपने सभी बिजनेस में 40 बिलियन डॉलर (करीब 3.60 लाख करोड़ रुपए) का निवेश कर चुकी है। कंपनी ने 2030 तक 35 बिलियन डॉलर (करीब 3.20 लाख करोड़ रुपए) का अतिरिक्त निवेश करने का वादा किया है। अमेजन नाउ अब दुनिया के दूसरे देशों में भी पहुंचेगा डेविड जापोल्स्की ने बताया कि भारत के तेज रफ्तार वाले शहरों के लिए डिजाइन किया गया ‘अमेजन नाउ’ (क्विक कॉमर्स आउटलेट) काफी सफल रहा है। अब कंपनी भारत के इस मॉडल को मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों में भी ले जा रही है। मंत्री एम.बी. पाटिल बोले- बेंगलुरु ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में उभरा कैंपस के उद्घाटन समारोह में कर्नाटक के भारी और मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अमेजन द्वारा बेंगलुरु में लगातार किया जा रहा निवेश यह दर्शाता है कि भारत ग्लोबल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े कैंपस से न केवल नौकरियां पैदा होती हैं, बल्कि स्थानीय इकोसिस्टम और देश की डिजिटल इकोनॉमी को भी मजबूती मिलती है। नॉलेज बॉक्स: एशिया में अमेजन का सबसे बड़ा ऑफिस कहां है? अमेजन का एशिया और दुनिया में सबसे बड़ा ऑफिस हैदराबाद में है। 2019 में शुरू हुआ यह कैंपस 9.5 एकड़ में फैला है और यहां करीब 15,000 कर्मचारी काम कर सकते हैं।

‘औरंगजेब जिंदाबाद मानसिकता’: भाजपा ने लुटियंस की प्रतिमा हटाने की आलोचना के लिए विपक्ष की आलोचना की | राजनीति समाचार

India vs Women Live Score: Follow updates from the 1st ODI here. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 09:21 IST विपक्षी नेता प्रियंका चतुर्वेदी और इल्तिजा मुफ्ती ने राजगोपालाचारी के साथ एडविन लुटियंस की प्रतिमा की अदला-बदली की आलोचना की और औपनिवेशिक इतिहास को मिटाने के सरकार के प्रयासों पर सवाल उठाया। (बाएं) ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा जिसे राष्ट्रपति भवन में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (दाएं) से बदल दिया गया था। देश के औपनिवेशिक अतीत को खत्म करने के प्रयास में, राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा को चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा से बदलने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार सुबह राजाजी उत्सव के दौरान राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया। नई प्रतिमा को अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर रखा गया है, जिस स्थान पर पहले नई दिल्ली के मुख्य वास्तुकार लुटियंस का कब्जा था और जिसे लुटियंस दिल्ली का नाम दिया गया है। विपक्ष की प्रतिक्रिया विपक्षी नेता प्रियंका चतुर्वेदी और इल्तिजा मुफ्ती ने औपनिवेशिक इतिहास को मिटाने के सरकार के प्रयासों पर सवाल उठाते हुए इस कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत को अपने इतिहास के सभी हिस्सों को संरक्षित करना चाहिए और तर्क दिया कि प्रतिमाओं को हटाना गलत तरीके से गुस्सा और वास्तुशिल्प विरासत को फिर से लिखने का प्रयास दर्शाता है। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने बीजेपी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, ”भारत की भावी पीढ़ी केवल बिमल हसमुख पटेल की स्थापत्य विरासत के बारे में ही जानती होगी क्योंकि मुझे यकीन है कि लुटियंस डिजाइन इतिहास में जो कुछ भी बचा है उसे हमारे औपनिवेशिक इतिहास से छुटकारा पाने की कहानी के तहत तोड़ दिया जाएगा, फिर से डिजाइन किया जाएगा या फिर से तैयार किया जाएगा। कई देश पीढ़ियों तक याद रखने के लिए अपने देश के जीवित इतिहास की विरासत और विरासत को संरक्षित करते हैं – अच्छे, बुरे और बदसूरत को सीखने के लिए शामिल करते हैं, लेकिन नए भारत में हम इसे चमकदार नए कांच के गुंबदों या सम्मेलन केंद्रों से बदलने पर तुले हुए हैं – जिसमें कोई आत्मा या सांस्कृतिक संदर्भ नहीं है।” पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सवाल उठाया कि मूर्तियों को हटाने से भारत को कैसे मदद मिलती है और कहा कि विरासत को मिटाया नहीं जा सकता। उनकी एक्स पोस्ट में लिखा है, ”यह भारत को अपने इतिहास के प्रति क्रोध की विकृत भावना को जारी रखने में कैसे मदद करता है? ‘औपनिवेशिक हैंगओवर’ को मिटाने का यह निरंतर जुनून? लुटियन दिल्ली को वही बनाते हैं जो वह है। आप आवक्ष प्रतिमाओं और पट्टिकाओं को हटाकर विरासत या इतिहास को नष्ट नहीं कर सकते। भारत के अधिकांश वास्तुशिल्प चमत्कार ब्रिटिश और मुगलकालीन हैं। बड़ी बात है!” बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना इस बीच, इस कदम की आलोचना करने वाले मुफ्ती के पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “कोई आश्चर्य नहीं कि जो लोग कभी आतंकवादी बुरहान वानी का महिमामंडन करते थे, वे आज बौखला गए हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए वही “औरंगजेब जिंदाबाद” मानसिकता भारत द्वारा अपनी सभ्यतागत विरासत को पुनः प्राप्त करने और गुलामी की मानसिकता को त्यागने को पचा नहीं पा रही है।” कोई आश्चर्य नहीं कि जो लोग कभी आतंकवादी बुरहान वानी का महिमामंडन करते थे, वे आज बौखला गए हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए वही “औरंगजेब जिंदाबाद” मानसिकता भारत द्वारा अपनी सभ्यतागत विरासत को पुनः प्राप्त करने और गुलामी की मानसिकता को त्यागने को पचा नहीं पा रही है। https://t.co/eqQo8CcDdD — प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 24 फ़रवरी 2026 शशि थरूर ने इस कदम की सराहना की इस बीच अपने विपक्षी साथियों से अलग हटकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राजगोपालाचारी की तारीफ की. “मैं राजाजी को राष्ट्रपति भवन में एक प्रतिमा द्वारा सम्मानित देखकर वास्तव में प्रसन्न हूं। हमारे गणतंत्र बनने से पहले वह भारत के एकमात्र भारतीय गवर्नर-जनरल के रूप में इसके पहले भारतीय अधिकारी थे और उन्होंने नए राष्ट्रपति को अपनी सीट सौंपी थी। मैं लंबे समय से उनके दृढ़ विश्वास का प्रशंसक रहा हूं और अपने छात्र दिनों में उनकी स्वतंत्र पार्टी का एक मजबूत समर्थक था। उनके मूल्यों और सिद्धांतों का सेट – उदार अर्थशास्त्र और मुक्त उद्यम के लिए समर्थन, सामाजिक न्याय के साथ संयुक्त; भारतीय सभ्यता और धार्मिक विश्वास में मजबूत एंकरिंग लेकिन सांप्रदायिकता के बिना। थरूर ने कहा, कट्टरता; और सरकार को हमारी रसोई, शयनकक्षों और पुस्तकालयों से दूर रखने सहित संविधान द्वारा गारंटीकृत अधिकारों और स्वतंत्रता में दृढ़ विश्वास – आज भी मेरा बना हुआ है। यह दुखद है कि आज उनका अनुसरण करने वाले बहुत कम लोग बचे हैं। ब्रिटेन ने कैसे प्रतिक्रिया दी? मैट रिडले और माइकल फैब्रिकेंट सहित ब्रिटिश हस्तियों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि प्रतिमाओं या पट्टिकाओं को हटाकर इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता। ब्रिटिश पत्रकार मैट रिडले ने भी इसी तरह की टिप्पणी करते हुए कहा कि पट्टिकाएं हटाकर इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता। अपनी असहमति में, रिडले ने कहा, “यह भारत को अपने इतिहास के प्रति क्रोध की विकृत भावना को जारी रखने में कैसे मदद करता है? ‘औपनिवेशिक हैंगओवर’ को मिटाने का यह निरंतर जुनून? लुटियन दिल्ली को वही बनाते हैं जो वह है। आप आवक्ष प्रतिमाओं और पट्टिकाओं को हटाकर विरासत या इतिहास को नष्ट नहीं कर सकते। भारत के अधिकांश वास्तुशिल्प चमत्कार ब्रिटिश और मुगलकालीन हैं। बड़ी बात है!” पूर्व ब्रिटिश सांसद माइकल फैब्रिकेंट ने कहा कि लुटियंस का नाम हटाने से यह तथ्य नहीं बदल जाएगा कि वह इमारत के वास्तुकार बने हुए हैं। “वे उसका नाम हटा सकते हैं, लेकिन जब तक वे इमारत नहीं हटाते, वह हमेशा इसका वास्तुकार रहेगा,” एक्स पर उनकी पोस्ट पढ़ी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 09:19 IST समाचार राजनीति ‘औरंगजेब जिंदाबाद मानसिकता’: भाजपा ने लुटियंस प्रतिमा हटाने की आलोचना के लिए विपक्ष की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर

बंजिंग जंपिंग- 65 वर्षीय गुरमीत ने खाई में लगाई छलांग:बेटे-बेटी ने चीयर कर कहा- गो मम्मी गो; लोग बोले- ये हैं असली वंडर वुमन

बंजिंग जंपिंग- 65 वर्षीय गुरमीत ने खाई में लगाई छलांग:बेटे-बेटी ने चीयर कर कहा- गो मम्मी गो; लोग बोले- ये हैं असली वंडर वुमन

डर? वो क्या होता है? जब नीचे 117 मीटर गहरी खाई देखी, तो डर नहीं, रोमांच महसूस हुआ। बस मन में एक ही बात थी- आज तो उड़ना है। यह शब्द उस 65 वर्षीय महिला के हैं, जिन्होंने इस उम्र में वह कर दिखाया जिसे करने में अच्छे-भले युवाओं के पसीने छूट जाते हैं। मेरठ की रहने वाली गुरमीत सिंह ने ऋषिकेश की वादियों में 117 मीटर की ऊंचाई से बंजी जंपिंग कर न केवल एक नया कीर्तिमान रचा है, बल्कि उम्र को महज एक आंकड़ा साबित कर दिया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा रहा है और लोग उन्हें ‘वंडर वुमन’ कह रहे हैं। बीती 18 फरवरी को जब मेरठ का यह परिवार ऋषिकेश पहुंचा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि घर की सबसे बुजुर्ग सदस्य कुछ ऐसा करेंगी कि पूरा देश उनका कायल हो जाएगा। गुरमीत अपनी बेटी वर्षा चौधरी और अपने बेटे के साथ छुट्टियां बिताने आई थीं। ऋषिकेश के नीलकंठ रोड स्थित ‘हिमालयन वन’ बंजी जंपिंग सेंटर पर जब वह पहुंचीं, तो उनकी आंखों में डर की जगह एक चमक थी। बेटी वर्षा बताती हैं, मम्मी का यह प्लान काफी पुराना था। हम पहले भी यहां आए थे, तब भीड़ और वेटिंग की वजह से नंबर नहीं आया। इस बार मौका मिला तो मम्मी ने एक सेकंड की भी देरी नहीं की। हमने उन्हें बिल्कुल रोका नहीं , बल्कि चीयर किया- गो मम्मी गो! 117 मीटर की ऊंचाई से लहराया हाथ वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब ट्रेनर्स गुरमीत को हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) बांध रहे थे, तब भी उनके चेहरे पर मुस्कान थी। जैसे ही ‘थ्री-टू-वन-बंजी’ की आवाज गूंजी, गुरमीत ने बिना झिझके नीले आसमान और गहरी खाई के बीच छलांग लगा दी। हवा में झूलते हुए वह डर के मारे चीखीं नहीं, बल्कि दोनों हाथ लहराकर अपनी खुशी का इजहार करती रहीं। नीचे उतरने के बाद उनका पहला शब्द था- ‘एक बार और करा दो!’ दैनिक भास्कर से बात करते हुए गुरमीत सिंह 117 मीटर की ऊंचाई से छलांग लगाने के अनुभव को याद करते हुए हंस पड़ीं। उन्होंने कहा, “डर बिल्कुल नहीं लगा। नीचे गहरी खाई दिख रही थी, लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। यह मेरी विश-लिस्ट में था। मुझे एडवेंचर पसंद है। जब नीचे गिर रही थी, तो ऐसा लगा जैसे चिड़िया की तरह उड़ रही हूं। उन्होंने बताया- मेरा परिवार ही मेरी ताकत है। बच्चों ने कहा- अगर आपका मन है तो जरूर कीजिए। उनके प्रोत्साहन से ही मैंने छलांग लगाई। फिटनेस के सवाल पर गुरमीत सिंह ने इसे किसी खास डाइट या जिम से नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, मैं सादा जीवन जीती हूं। रोज टहलती हूं और खुश रहने की कोशिश करती हूं। परिवार के साथ समय बिताना ही मुझे ऊर्जा देता है। वही मुझे सक्रिय और जवान महसूस कराता है। बातचीत के दौरान यह साफ था कि उनके लिए यह सिर्फ एक एडवेंचर एक्टिविटी नहीं, बल्कि लंबे समय से संजोई इच्छा पूरी होने का क्षण था। ‘स्काई डाइविंग’ है अगला प्लान गुरमीत सिंह यहीं रुकने वाली नहीं हैं। उनकी बेटी वर्षा ने बताया कि मम्मी का अगला टारगेट ‘स्काई डाइविंग’ है। हाल ही में यह परिवार सिंगापुर ट्रिप पर भी गया था, वहां भी गुरमीत ने कई एडवेंचर एक्टिविटीज में हिस्सा लिया था। अब वह किसी विदेशी लोकेशन पर हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने की तैयारी कर रही हैं। वर्षा कहती हैं, मम्मी पूरे परिवार और रिश्तेदारों की फेवरेट हैं। मेरे पैर में फ्रैक्चर था इसलिए मैं नहीं कूद पाई, लेकिन मम्मी को देखकर मेरा सारा दर्द गायब हो गया। आयोजक बोले- ऐसी जज्बे वाली महिला पहली बार देखी बंजी जंपिंग सेंटर ‘हिमालयन वन’ के संचालक रविंद्र सिंह नेगी ने दैनिक भास्कर को बताया कि उनके सेंटर पर सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है। जंप से पहले 4 से 5 बार सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती है। पार्टिसिपेंट से उनकी सेहत के बारे में पूछा जाता है। हालांकि, कोई मेडिकल टेस्ट नहीं होता, लेकिन दिल की बीमारी या गंभीर समस्या होने पर अनुमति नहीं दी जाती। नेगी ने बताया कि इससे पहले एक 73 वर्षीय विदेशी महिला ने जंप किया था, लेकिन भारतीय बुजुर्ग महिलाओं में गुरमीत सिंह का उत्साह और कॉन्फिडेंस मिसाल है। पति बैंक कर्मचारी, खुद रहीं हाउसवाइफ गुरमीत सिंह के पति पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे। अब वह एक हाउसवाइफ के तौर पर अपना जीवन बिता रही हैं, लेकिन उनका यह कदम समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो उम्र के कारण अपने सपनों को दबा देती हैं। गुरमीत सिंह सिंह ने साबित कर दिया है कि ‘बूढ़ा’ शरीर नहीं, सोच होती है। अगर मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो, तो 65 की उम्र में भी आसमान छोटा पड़ जाता है। सोशल मीडिया पर आ रहे मजेदार कमेंट्स वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, यही असली जिंदगी है। लोग रिटायरमेंट के बाद बैठ जाते हैं, लेकिन इन्होंने तो उड़ना शुरू किया है। वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा, इन्होंने अपनी बकेट लिस्ट टिक कर ली है, अब हमारी बारी है। ——————- ये खबर भी पढ़ें : दिल्ली में राहुल गांधी से मिले ‘मोहम्मद दीपक’: गले लगाया; बोले- कोटद्वार आकर तुम्हारे जिम की मेंबरशिप लूंगा उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘बाबा’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया। एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को बचाने के लिए खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने आज दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। (पढ़ें पूरी खबर)

टी-20 वर्ल्डकप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बना:पॉवेल ने सिकंदर रजा का माथा चूमा, हेटमायर ने 108 मीटर का सिक्स लगाया

टी-20 वर्ल्डकप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बना:पॉवेल ने सिकंदर रजा का माथा चूमा, हेटमायर ने 108 मीटर का सिक्स लगाया

टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे पर 107 रन की जीत दर्ज की। मुंबई के वनखड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। 19 बॉल पर फिफ्टी लगाने वाले शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। इस मैच में 10 रिकॉर्ड और रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। आगे पढ़िए… WI Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स 1. टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा सिक्स लगे इस मैच में कुल 31 छक्के लगे। यह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी एक मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। पिछला रिकॉर्ड 30 सिक्स का था। जो 2014 में आयरलैंड और नीदरलैंड के मैच में बना था। यह मैच सिलहट में खेला गया था। 2. हेटमायर ने टी-20 वर्ल्ड कप में विंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी लगाई जिम्बाब्वे के खिलाफ शिमरोन हेटमायर ने 19 गेंद पर फिफ्टी लगाई। यह टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की ओर से सबसे तेज फिफ्टी है। वे इसी एडीशन में स्कॉटलैंड के खिलाफ ईडन गार्डन्स में 22 गेंदों पर फिफ्टी बना चुके हैं। हेटमायर से पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था। गेल ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में 23 बॉल पर अर्धशतक लगाया था। 3. टी-20 वर्ल्ड कप में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी जिम्बाब्वे के ब्रैडली इवांस और रिचर्ड नगारवा ने इस मैच में आखिरी विकेट के लिए 19 बॉल पर 44 रन की साझेदारी की। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 10वें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। पिछला रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती और शेरफन रदरफोर्ड के नाम था। इन दोनों ने 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 37 रनों की नाबाद साझेदारी की थी। 4. बेनेट ने टी20 वर्ल्ड कप में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाए जिम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट 5 रन बनाकर आउट हुए। वे इस टूर्नामेंट में पहली बार आउट हुए हैं। वे पिछले 4 मैचों में नाबाद रहे थे। उन्होंने आउट होने से पहले इस एडीशन में नाबाद रहते हुए 180 रन बनाए। वे बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह रिकॉर्ड नीदरलैड के टॉम कूपर के नाम था, जिन्होंने 2014 में बिना आउट हुए 111 रन बनाए थे। 5. हेटमायर ने पूरन के 17 छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी की जिम्बाब्वे के खिलाफ शिमरोन हेटमायर ने 7 छक्के लगाए। वह इस टी-20 वर्ल्ड कप में अब तक 17 छक्के लगा चुके हैं। हेटमायर एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले वेस्टइंडीज के ही निकोलस पूरन ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप 17 छक्के लगाए थे। अब बात मैच के टॉप मोमेंट्स की… 6. हेटमायर को 2 जीवनदान, दोनों कैच मुसेकिवा से छूटे मैच के टॉप स्कोर शिमरोन हेटमायर को दो जीवनदान मिले। दोनों मौकों पर वे कैच आउट होने से बच गए। आगे दोनों कैच ड्रॉप पढ़िए… 7. हेटमायर ने 108 मीटर का छक्का लगाया 10वें ओवर की पहली गेंद पर शिमरोन हेटमायर ने 108 मीटर का छक्का लगाया। उन्होंने सिकंदर रजा की शॉर्ट लेंथ की बॉल को पुल करते हुए मिडविकेट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। इस छक्के के साथ हेटमायर ने रोवमन पॉवेल के साथ तीसरे विकेट के लिए फिफ्टी पार्टनरशिप भी कर की। 8. पॉवेल का सिक्स सेकेंड टियर तक गया विंडीज की पारी के 13वें ओवर में रोवमन पॉवेल ने डायोन मायर्स की बॉल पर 106 मीटर का छक्का लगाया। जो वानखेड़े स्टेडियम के सेकेंड टियर तक पहुंच गया। मायर्स ने ऑफ स्टंप के बाहर फुलर लेंथ की बॉल डाली, जोकि पॉवेल के हिटिंग रेंज में थी। इसे पॉवेल ने लॉन्ग ऑफ बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 9. पावेल ने रजा के माथे पर किस किया कैरेबियाई पारी के 16वें ओवर में रोवमन पॉवेल का शॉर्ट गेंदबाजी कर रहे सिकंदर रजा के बाएं हाथ पर लगा। रजा दर्द से कराह उठे। ऐसे में कुछ देर के लिए खेल रोका गया। इस बीच बल्लेबाजी कर रहे पॉवेल उनके पास आए और पीठ थपथपाते हुए उनका हाल जाना और उन्हें गले लगाया और माथे पर किस भी किया। 10. अकिल हुसैन ने डबल विकेट का मेडन ओवर डाला जिम्बाब्वे की पारी में अकिल हुसैन ने डबल विकेट के साथ मेडन ओवर डाला। उन्होंने… अकिल हुसैन ने इस ओवर की आखिरी दो बॉल पर कोई रन नहीं दिया। क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————————————– WI और ZIM की मैच रिपोर्ट पढ़िए… वेस्टइंडीज ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे को 107 रन से हराया, हेटमायर-पॉवेल की फिफ्टी वेस्टइंडीज ने टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में जिम्बाब्वे को 107 रन के बड़े अंतर से हराया। वानखेड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर

खबर हटके- ठंड में खुलेआम नंगे होकर नहाने की परंपरा:कबाड़ में पड़े ट्रैक्टर ने बनाया करोड़पति; शादी में जूता छिपाने पर रोक

खबर हटके- ठंड में खुलेआम नंगे होकर नहाने की परंपरा:कबाड़ में पड़े ट्रैक्टर ने बनाया करोड़पति; शादी में जूता छिपाने पर रोक

जापान में ठंड के मौसम में खुलेआम नंगे होकर नहाने की एक अनोखी परंपरा है। वहीं कबाड़ में पड़े 105 साल पुराने ट्रैक्टर ने शख्स को करोड़पति बना दिया। उधर छत्तीसगढ़ में एक समाज ने शादी में जूता छिपाने की रस्म पर बैन लगा दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा:समर्थकों ने 20 बैंक फूंके, 32 मौतें, इनमें 25 सैनिक; रॉकेट लॉन्चर-हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा:समर्थकों ने 20 बैंक फूंके, 32 मौतें, इनमें 25 सैनिक; रॉकेट लॉन्चर-हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको में ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की मौत के बाद सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन हुए। BBC के मुताबिक मेंचो के समर्थकों ने 20 राज्यों में हिंसा फैला दी है। कई जगह रोडब्लॉक लगाए गए, गाड़ियों और 20 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं, जिसमें 25 सैनिक शामिल है। ऑपरेशन के दौरान सेना ने बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए। दरअसल, मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा दूसरे 9 अपराधी भी मारे गए। हिंसा की 6 तस्वीरें… 136 करोड़ रुपए का इनामी था मेंचो न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। जलिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है। इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे। पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुईं मेक्सिको में पहले भी जब किसी बड़े कार्टेल नेता को पकड़ा गया या मारा गया है, तब सरकार और कार्टेल के बीच हिंसक टकराव हुआ है। कई बार गिरोह के अंदर ही सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एल मेंचो की मौत से पहले 2016 में सिनाओला कार्टेल के सरगना एल चापो की गिरफ्तारी और 2024 में अल मायो की गिरफ्तारी के वक्त भी देश में ऐसा ही हुआ था। 2019 में जब अल चापो के बेटे ओविदियो गुजमान को पकड़ा गया था, तब उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को घंटों तक बंधक बना लिया था और सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। इसलिए अब भी डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जालिस्को कार्टेल के पास नया नेता साफ तौर पर तय है या नहीं। अगर अंदरूनी लड़ाई शुरू हुई तो खून-खराबा और बढ़ सकता है। मेक्सिको पर एक्शन लेने को दबाव बना रहे थे ट्रम्प जालिस्को कार्टेल (CJNG) कार्टेल 2009 में बना था। एल मेंचो की लीडरशिप में यह मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग नेटवर्क बन गया था। यह कोकीन, मेथामफेटामिन और हाल के वर्षों में फेंटानिल जैसी सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका भेजता था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेंचों की मौत से मेक्सिको और अमेरिका के रिश्तों में सुधार हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मेक्सिको पर दबाव बना रहे थे कि वह कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। मेक्सिको सरकार ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमले से देश की संप्रभुता का उल्लंघन होगा, लेकिन खुफिया जानकारी के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है। दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं। ट्रम्प भी ड्रग कार्टेल को खत्म करने की धमकी दे चुके वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया था कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का कब्जा है। यह अमेरिका में हर साल 2.5 लाख से 3 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र के रास्ते से ड्रग्स की तस्करी को 97% तक रोक दिया है, इसलिए अब जमीन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने योजनाओं के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने ट्रम्प के बयानों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिका किसी भी क्षेत्र का मालिक नहीं है। न्यू जेनरेशन कार्टेल के पास मशीन गन, टैंक भी मौजूद द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के सबसे बड़े सिनालोआ कार्टेल के पास 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर हैं। ये संख्या मेक्सिको की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयरो मेक्सिको से पांच गुना ज्यादा है। कार्टेल्स अब ड्रोन और आर्मर्ड व्हीकल्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। जैसे जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के पास मशीन गन, टैंक और बॉडी आर्मर से लैस ग्रुप्स हैं। कुल मिलाकर, कार्टेल्स की प्राइवेट सेना या मेंबर्स की संख्या 2022-2023 में 160,000 से 185,000 अनुमानित थी, जो मेक्सिको में पांचवीं सबसे बड़ी एम्प्लॉयर बनाती है मेक्सिको गृह मंत्रालय की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार कार्टेल के पास एके-47 और एम-80 जैसे असॉल्ट राइफलों का जखीरा है। हर साल सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा ड्रग

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच होगी आसान:IIT इंदौर ने डेवलप की हाई-एक्युरेसी तकनीक; ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर इलाज की उम्मीद

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच होगी आसान:IIT इंदौर ने डेवलप की हाई-एक्युरेसी तकनीक; ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर इलाज की उम्मीद

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में मृत्यु के दो प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल इमेजिंग के जरिए इन कैंसरों की समय पर पहचान हजारों जानें बचा सकती है। हालांकि, देश में प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसका असर खासतौर पर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है। इसी चुनौती का समाधान निकालते हुए आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एल्गोरिदम [डेवपल किए हैं। ये मेडिकल इमेज में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की बेहद सटीक पहचान और लोकेशन तय करने में सक्षम हैं। यह तकनीक न केवल कैंसर की जल्दी पहचान करती है, बल्कि अनावश्यक बायोप्सी की जरूरत को भी कम कर सकती है। आईआईटी इंदौर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की MODSS लैब में प्रोफेसर कपिल आहूजा के नेतृत्व में यह रिसर्च किया गया है। टीम में पीएचडी छात्र सौरभ सैनी, पूर्व पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता डॉ. दीप्ति ताम्रकार और पूर्व पीएचडी छात्र डॉ. आदित्य ए. शास्त्री शामिल रहे। मैमोग्राम से ब्रेस्ट कैंसर की सटीक पहचान ब्रेस्ट कैंसर की जांच में उपयोग होने वाले मैमोग्राम में बारीक टेक्सचर पैटर्न होते हैं, जो कैंसर की स्थिति में अनियमित हो जाते हैं। आईआईटी इंदौर की टीम ने ‘हिस्टोग्राम ऑफ ओरिएंटेड टेक्सचर (HOT)’ डिस्क्रिप्टर एल्गोरिदम के जरिए इन पैटर्न का गहराई से विश्लेषण किया, जिससे घने ब्रेस्ट टिशू की स्थिति में भी स्वस्थ और कैंसरग्रस्त ऊतकों के बीच स्पष्ट अंतर संभव हो सका। सर्वाइकल कैंसर के लिए डीप लर्निंग समाधान सर्वाइकल कैंसर की पहचान में उपयोग होने वाली कोल्पोस्कोपी इमेज के लिए शोधकर्ताओं ने ‘ब्लॉक-फ्यूज्ड अटेंशन-ड्रिवन एडाप्टिवली-पूल्ड रेसनेट’ नामक डीप लर्निंग एल्गोरिदम डेवलप किया है। यह तकनीक रंग, किनारे, आकार और संरचना जैसी सूक्ष्म व अमूर्त विशेषताओं को एक साथ पहचानने में सक्षम है। पारदर्शिता और भरोसे पर जोर आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि यह शोध राष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि डेवलप AI सिस्टम यह भी स्पष्ट करता है कि वह किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंचा, जिससे डॉक्टरों का भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ती हैं। भारतीय मरीजों पर होगा ट्रायल प्रोफेसर कपिल आहूजा ने बताया कि अब तक एल्गोरिदम को वैश्विक डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन अब भारतीय मरीजों के लिए विशेष प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए टीम ने एचसीजी कैंसर अस्पताल की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रेणु दुबे शर्मा के साथ सहयोग किया है। इस ‘लैब-टू-मार्केट’ पहल को दृष्टि साइबर फिजिकल सिस्टम्स फाउंडेशन का समर्थन मिला है। शोधकर्ताओं का लक्ष्य भविष्य में इसी AI तकनीक को थायरॉयड, फेफड़े, ओरल, कोलोरेक्टल और इसोफेगल कैंसर जैसे अन्य प्रमुख कैंसरों तक विस्तार देने का है, जो भारत में कैंसर से होने वाली मौतों के शीर्ष कारणों में शामिल हैं।

सद्गुरु ने बताया- गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!

सद्गुरु ने बताया- गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!

X गुनगुने पानी में बस 1 चम्मच ये मिलाएं, पेट पूरा कर देगा क्लीन!   आजकल हेल्थ और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. कब्ज, एसिडिटी, पेट में जलन और मानसिक बेचैनी जैसी परेशानियां आम हो चुकी हैं. ऐसे समय में एक पुराना भारतीय उपाय फिर से चर्चा में है – गुनगुने पानी के साथ घी का सेवन. इस विषय पर एक प्रभावशाली वक्तव्य में सद्गुरु बताते हैं कि सही तरीके से घी का उपयोग हमारे पाचन तंत्र, खासकर कोलन की सफाई और आंतों की सेहत के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है. भारतीय भोजन संस्कृति में हजारों वर्षों से घी को विशेष स्थान दिया गया है. परंपरा के अनुसार भोजन की पहली ग्रास में घी लेना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी माना गया. सद्गुरु समझाते हैं कि घी आहार नली को चिकनाई देता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और आंतों में कुछ भी चिपकता नहीं. खासकर मसालेदार भोजन करने वाले क्षेत्रों में घी को पाचन सुरक्षा कवच की तरह देखा जाता रहा है.