अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’
अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’
सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया

बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी की मौत हो गई है। रिपोर्ट में इसकी वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कॉन्स्टेबल गणेश सलमान खान के घर के बाहर तैनात थे। उनकी उम्र 41 साल थी। वे उन पुलिसकर्मियों में शामिल थे, जो लॉरेंस बिश्नोई से सलमान की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। कॉन्स्टेबल गणेश अचानक बीमार होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। सलमान खान के घर पर अभी निगरानी रखी जा रही है और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ रहते हैं 2023 में लॉरेंस गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 11 जवान हर समय साथ रहते हैं, इसमें एक या दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियां हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है। गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के बाद जनवरी में सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई है। साथ ही हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी चारों तरफ लगाए गए हैं। फायरिंग का मकसद सलमान को डराना था बाद की जांच में सामने आया कि फायरिंग का मकसद सलमान खान को डराना था। यह हमला लॉरेंस गैंग के कहने पर किया गया था। लॉरेंस 2022 में पंजाबी स्टार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आया था। उसने ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार मामले में कथित तौर पर शामिल होने के लिए सलमान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट पर चलाई गई थीं गोलियां 14 अप्रैल 2024 को दो बाइक सवार लोगों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की थी। फायरिंग के वक्त सलमान अपने घर में ही थे। घटना के बाद सलमान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सलमान ने कहा- जितनी उम्र लिखी है उतनी लिखी है पिछले साल सलमान खान ने मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव स्टार होटल में मीडिया से बात की थी। उन्होंने माना था कि कभी-कभी सुरक्षाकर्मियों के साथ घूमना उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है। एक्टर ने यह भी कहा था कि उन्हें धमकियों से डर नहीं लगता। उन्होंने अपनी सुरक्षा और देखभाल भगवान पर छोड़ दी है। सलमान ने मीडिया से कहा था, ‘भगवान, अल्लाह सब उन पर है। जितनी उम्र लिखी है, उतनी लिखी है। बस यही है। कभी-कभी इतने सारे लोगों के साथ घूमना परेशानी का सबब बन जाता है।’
सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मी की मौत:लॉरेंस गैंग से सुरक्षा के लिए तैनात थे, ऑन ड्यूटी गिरे, डॉक्टर्स ने मृत घोषित किया

बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी की मौत हो गई है। रिपोर्ट में इसकी वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कॉन्स्टेबल गणेश सलमान खान के घर के बाहर तैनात थे। उनकी उम्र 41 साल थी। वे उन पुलिसकर्मियों में शामिल थे, जो लॉरेंस बिश्नोई से सलमान की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। कॉन्स्टेबल गणेश अचानक बीमार होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। सलमान खान के घर पर अभी निगरानी रखी जा रही है और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ रहते हैं 2023 में लॉरेंस गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 11 जवान हर समय साथ रहते हैं, इसमें एक या दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियां हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है। गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के बाद जनवरी में सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई है। साथ ही हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी चारों तरफ लगाए गए हैं। फायरिंग का मकसद सलमान को डराना था बाद की जांच में सामने आया कि फायरिंग का मकसद सलमान खान को डराना था। यह हमला लॉरेंस गैंग के कहने पर किया गया था। लॉरेंस 2022 में पंजाबी स्टार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आया था। उसने ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार मामले में कथित तौर पर शामिल होने के लिए सलमान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट पर चलाई गई थीं गोलियां 14 अप्रैल 2024 को दो बाइक सवार लोगों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की थी। फायरिंग के वक्त सलमान अपने घर में ही थे। घटना के बाद सलमान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सलमान ने कहा- जितनी उम्र लिखी है उतनी लिखी है पिछले साल सलमान खान ने मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव स्टार होटल में मीडिया से बात की थी। उन्होंने माना था कि कभी-कभी सुरक्षाकर्मियों के साथ घूमना उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है। एक्टर ने यह भी कहा था कि उन्हें धमकियों से डर नहीं लगता। उन्होंने अपनी सुरक्षा और देखभाल भगवान पर छोड़ दी है। सलमान ने मीडिया से कहा था, ‘भगवान, अल्लाह सब उन पर है। जितनी उम्र लिखी है, उतनी लिखी है। बस यही है। कभी-कभी इतने सारे लोगों के साथ घूमना परेशानी का सबब बन जाता है।’
मुस्लिम नाटो- पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये ने रक्षा समझौता साइन किया:एक पर हमला तीनों पर माना जाएगा; साझा ट्रेनिंग और सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा

तुर्किये, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने शुक्रवार को आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पिछले साल रियाद और इस्लामाबाद के बीच हुए इसी तरह के समझौते की अगली कड़ी है। इस समझौते को मक्का संयुक्त रक्षा समझौता कहा जा रहा है। इसमें ऐसे देश शामिल हैं, जो ईरान और इजराइल के बीच स्थित हैं। समझौते के बाद मध्य पूर्व में बदलते शक्ति संतुलन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता ईरान और इजराइल से दूरी रखते हुए दोनों के बीच एक बड़े क्षेत्रीय गठबंधन की शुरुआत हो सकता है। हालांकि, तीनों देश क्षेत्रीय खतरों के सामने एकता और ताकत दिखाना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इसे किसी के खिलाफ रोकथाम के समझौते के रूप में पेश करने से सावधानी बरती है। समझौते के तहत सैन्य मदद कितनी तय है विश्लेषकों के मुताबिक, तीनों देशों ने क्षेत्रीय विरोधियों को नाराज करने से बचने की कोशिश की है। यह अभी साफ नहीं है कि समझौता अपने किसी सदस्य पर हमला होने पर बाकी सदस्यों को उसकी रक्षा के लिए कितना मजबूर करेगा। किलोवेन ग्रुप सलाहकार कंपनी के चेयरमैन हार्लन उलमैन ने अल जजीरा से कहा, “हमने अभी मक्का घोषणा नहीं देखी है। हमारा मानना है कि इसमें कहा गया है कि एक पर हमला सभी पर हमला माना जाना चाहिए। यहां ‘माना जाना चाहिए’ महत्वपूर्ण शब्द हैं, क्योंकि इसका मतलब ‘जरूरी तौर पर’ नहीं है।” क्षेत्रीय खतरे इन देशों से दूर नहीं हैं। पाकिस्तान फरवरी से अफगानिस्तान के साथ सीमा संघर्ष में उलझा हुआ है। मई 2025 में उसका परमाणु शक्ति संपन्न भारत के साथ भी कई दिनों तक गोलीबारी का आदान-प्रदान हुआ था। सऊदी अरब पर फरवरी के अंत में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान और उसके सहयोगी बार-बार हमले कर चुके हैं। तुर्किये कई साल से देश के अंदर और बाहर कुर्द सशस्त्र समूहों से लड़ता रहा है। इजराइल के साथ उसका तनाव भी बढ़ा है। उलमैन जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौता तीनों देशों को इनमें से किसी संघर्ष में कैसे खींच सकता है। उलमैन ने कहा, “मान लीजिए यमन में हूती सऊदी अरब पर हमला करते हैं, तो क्या इससे तुर्किये इसमें शामिल होगा? क्या पाकिस्तान शामिल होगा? यह अभी देखा जाना बाकी है।” मध्य पूर्व में बदलते समीकरण मध्य पूर्व में पिछले कुछ सालों में काफी उथल-पुथल हुई है। इसमें सबसे अहम घटनाएं 7 अक्टूबर 2023 को हमास का इजराइल पर हमला और उसके बाद गाजा में इजराइल का नरसंहार हैं। ईरान और इजराइल के बीच दशकों से चल रही धमकियां भी ऐसे क्षेत्रीय युद्ध में बदल गई हैं, जो अभी खत्म नहीं हुआ है। अब मध्य पूर्व और उसके बाहर के कई देश इस अव्यवस्था से निपटने और अगले दौर की तैयारी का तरीका तलाश रहे हैं। इनमें से कई देश पुराने मतभेद पीछे छोड़कर आपसी खतरों के सामने व्यावहारिक रास्ता अपनाने का फैसला करते दिख रहे हैं। तुर्किये और सऊदी अरब इसके उदाहरण हैं। 2018 में सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की अपने देश के इस्तांबुल वाणिज्य दूतावास में हत्या के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गहरी दरार आ गई थी। यह तनाव कई साल तक बना रहा। लेकिन 2022 तक रियाद और अंकारा ने पुराने मतभेद पीछे रखने शुरू कर दिए। सऊदी अरब पूरे क्षेत्र में तनाव कम करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा था, जबकि तुर्किये अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करना चाहता था। इसके बाद से इजराइल और ईरान ने मध्य पूर्व पर दबाव बनाया है और इस क्षेत्र के लिए अलग-अलग योजनाओं पर आगे बढ़े हैं। माना जाता है कि इसी दबाव ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये को एक-दूसरे के करीब आने में मदद की है। तीनों देशों की अलग-अलग ताकत मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का मकसद तीनों देशों के सामने आने वाले किसी भी खतरे को रोकना है। अल जजीरा के संवाददाता उसामा बिन जावेद ने कहा कि तीनों देश इस समझौते में अलग-अलग ताकत लेकर आए हैं। बिन जावेद ने कहा, “इनमें से हर देश अपनी खास क्षमता लेकर आया है। पाकिस्तान के पास युद्ध का अनुभव रखने वाली सेना, हथियार और परमाणु हथियार हैं। मुस्लिम बहुल देश में परमाणु हथियार रखने वाला यह इकलौता देश है।” उन्होंने कहा, “नाटो के महत्वपूर्ण सदस्य तुर्किये के पास दुनिया की बेहतरीन ड्रोन तकनीक और उन्नत रक्षा निर्माण क्षमता है। सऊदी अरब इन सबको आर्थिक ताकत देने का काम करेगा।” अमेरिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नए सैन्य गठबंधनों और खतरों से बचाव के नए तरीकों की जरूरत और ज्यादा महसूस की जा रही है। सऊदी अरब और कुछ हद तक तुर्किये लंबे समय से अमेरिका को अपना प्रमुख सुरक्षा सहयोगी मानते रहे हैं। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की विदेश नीति लगातार बदलती और अनिश्चित होती जा रही है। ऐसे में दुनिया के कई देश दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि मध्य पूर्व में इजराइल अमेरिका की विदेश नीति की सबसे बड़ी प्राथमिकता दिखाई देता है। इससे यह चिंता बढ़ी है कि अमेरिका अपने दूसरे सहयोगियों की रक्षा करने के लिए कितना तैयार होगा। उलमैन ने कहा, “ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि सहयोगियों को अपनी रक्षा खुद करनी होगी। मेरे लिए यह साफ है कि हमारे सहयोगी दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं।” इजराइल और ईरान को लेकर सावधानी इजराइल और ईरान ने खुद को क्षेत्रीय खतरे के रूप में दिखाया है। फिर भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल देशों ने यह बताने से सावधानी बरती है कि यह गठबंधन किसी बाहरी ताकत के खिलाफ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इजराइल और ईरान से पैदा होने वाले खतरे साफ हैं। बिन जावेद ने कहा, “तीनों देशों के लिए इजराइल क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता का सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।” उन्होंने कहा, “ईरान इस खतरे की सूची में उसके ठीक बाद आता है। खासकर ईरान की ओर से वॉशिंगटन के हितों पर हमलों के बाद सऊदी अरब के लिए यह खतरा और ज्यादा है।” क्षेत्र के कई लोगों का मानना है कि इजराइल ने 2023 के बाद यह दिखाया है कि वह मतभेदों को बातचीत
सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा पटौदी ने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा पटौदी परिवार के महल में बिताया। हालांकि, सोहा ने बताया कि घर में उन्हें कभी शाही जिंदगी जैसा एहसास नहीं कराया गया। उनके पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी बच्चों को खर्चों की अहमियत समझाते थे। सोहा ने कहा कि उनके पिता घर में बिजली बचाने पर जोर देते थे और पीले रंग के पोस्ट-इट नोट्स पर लाइट बंद करने की याद दिलाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में दोस्तों के घर जाने की अनुमति कई बार इसलिए नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पिता का मानना था कि पेट्रोल पर फालतू का खर्च नहीं होना चाहिए। 100 रुपए पॉकेट मनी मिलती थी बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने पॉकेट मनी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और सोहा को 100 रुपए मिलते थे। वहीं, उस समय सैफ अली खान इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सोहा ने हंसते हुए कहा कि सैफ पैसे चुरा लेते थे। इस पर सबा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वे इंग्लैंड जाती थीं, तो उन्हें 5 पाउंड मिलते थे, जिन्हें सैफ अक्सर उधार ले लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सैफ उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में वापस दे देते थे। सैफ की पहली शादी में नहीं पहुंचीं बहनें इसी इंटरव्यू में सोहा और सबा ने बताया कि वे भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। सबा पटौदी ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी।
सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा पटौदी ने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा पटौदी परिवार के महल में बिताया। हालांकि, सोहा ने बताया कि घर में उन्हें कभी शाही जिंदगी जैसा एहसास नहीं कराया गया। उनके पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी बच्चों को खर्चों की अहमियत समझाते थे। सोहा ने कहा कि उनके पिता घर में बिजली बचाने पर जोर देते थे और पीले रंग के पोस्ट-इट नोट्स पर लाइट बंद करने की याद दिलाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में दोस्तों के घर जाने की अनुमति कई बार इसलिए नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पिता का मानना था कि पेट्रोल पर फालतू का खर्च नहीं होना चाहिए। 100 रुपए पॉकेट मनी मिलती थी बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने पॉकेट मनी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और सोहा को 100 रुपए मिलते थे। वहीं, उस समय सैफ अली खान इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सोहा ने हंसते हुए कहा कि सैफ पैसे चुरा लेते थे। इस पर सबा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वे इंग्लैंड जाती थीं, तो उन्हें 5 पाउंड मिलते थे, जिन्हें सैफ अक्सर उधार ले लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सैफ उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में वापस दे देते थे। सैफ की पहली शादी में नहीं पहुंचीं बहनें इसी इंटरव्यू में सोहा और सबा ने बताया कि वे भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। सबा पटौदी ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी।
भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में

अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके तहत रूस के अधिकारियों, शैडो टैंकर बेड़े, केंद्रीय बैंक और सरकारी ऊर्जा परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। पहले बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। भारत ने पिछले महीने आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जापान और चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।








