राजगढ़ अस्पताल में हाईटेक ओटी शुरू, मंत्री ने शुभारंभ किया:बुलाए नहीं जाने पर विधायक अमरसिंह बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं, CM से शिकायत करूंगा

राजगढ़ जिला अस्पताल में तैयार चार हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का रविवार को राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने विधिवत फीता काटकर शुभारंभ किया। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से यह बड़ी सौगात मानी जा रही है, लेकिन कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने से सियासी विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में राजगढ़ विधायक अमरसिंह यादव और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को नहीं बुलाया गया। इसे लेकर दोनों जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक ने इसे जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए सीधे उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी दी। विधायक बोले- प्रशासन की तानाशाही मामले को लेकर विधायक अमरसिंह यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आज राजगढ़ जिला मुख्यालय पर एक मॉड्यूलर ओ.टी. का लोकार्पण मध्य प्रदेश शासन के लोकप्रिय मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा किया गया है। उसमें क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं दी गई। प्रशासन द्वारा यहां तानाशाही की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और मैं उसी पार्टी का विधायक हूं, फिर भी मुझे कानों-कान खबर नहीं हुई। मंत्री जी और मैं एक ही कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी मुझे नहीं बताया और वहां चुपचाप चले गए। मैं प्रशासन की घोर निंदा करता हूं और इस मामले को लेकर संगठन में तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत भी करूंगा। इस प्रकार एक जनप्रतिनिधि का अपमान यहां कराया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में इतने बड़े कार्यक्रम की जानकारी तक न देना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएमएचओ और सिविल सर्जन के खिलाफ शिकायत की जाएगी। नपाध्यक्ष बोले- अस्पताल प्रबंधन की मनमानी, शिकायत करेंगे नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय स्तर का कार्यक्रम था, इसके बावजूद न विधायक को बुलाया गया, न उन्हें और न ही मंडल अध्यक्ष को सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन मनमानी कर रहा है और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से शिकायत करने की बात कही। मंत्री बोले- अब गंभीर सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना होगा राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि नए मॉड्यूलर ओटी शुरू होने से अब जिले के मरीजों को इंदौर या भोपाल जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां मेजर, माइनर, ऑर्थोपेडिक और अन्य जटिल सर्जरी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने ओटी का निरीक्षण कर मशीनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं ओटी इन मॉड्यूलर ओटी में आधुनिक एयर फिल्टर सिस्टम और एंटी-बैक्टीरियल कोटिंग की सुविधा है, जिससे सर्जरी के दौरान संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इन ओटी के माध्यम से गंभीर बीमारियों की सर्जरी और अधिक सुरक्षित व सुलभ हो सकेगी। कार्यक्रम में एसपी अमित कुमार तलोनी, सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल, सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा सहित चिकित्सा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्वालियर में बेटे ने मां में मारा चाकू, घायल:खाना मांगा था, मां ने कहा- अभी देती हूं, देर हुई तो गुस्से में कर दिया हमला

ग्वालियर में एक बेटे ने अपनी मां पर चाकू से कातिलाना हमला कर दिया। चाकू महिला के हाथ (बाजू) में लगा, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान आरोपी बेटा हत्या की धमकी देकर फरार हो गया। घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सदाशिव नगर में गौरी शंकर स्कूल के पास की है। घायल महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने घायल महिला की शिकायत पर उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सदाशिव नगर निवासी धनेंद्र कुमार झा एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी नूतन (50) और बेटा रणदीप कुमार झा साथ रहते हैं। रणदीप शराब पीने का आदी है। गर्म रोटी बनाकर देने की बात कही शनिवार रात करीब 11:30 बजे नूतन घर का काम कर रही थीं। तभी उनका बेटा रणदीप घर आया और आते ही खाना देने को कहा। मां ने उसे थोड़ी देर इंतजार करने और गर्म रोटी बनाकर देने की बात कही। इस पर नाराज होकर रणदीप ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर वह किचन में गया और खाना देने में देरी से नाराज होकर पास में रखा चाकू उठाकर मां पर हमला कर दिया। इस दौरान चाकू महिला के हाथ में लगा, जिससे गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पहले FIR नहीं कराना चाहती थी महिला चाकू लगने के बाद भी घायल महिला शुरू में बेटे के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कराना चाहती थी। पुलिस के पहुंचने पर उन्होंने पहले कहा कि किचन में काम करते समय उन्हें चोट लगी है, लेकिन पूछताछ में सच्चाई सामने आई और उन्होंने स्वीकार किया कि बेटे ने ही चाकू मारा है। इसके बाद पुलिस की समझाइश पर महिला ने आरोपी बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने बताया एक युवक ने सिर्फ खाना बनाने में देरी होने पर अपनी मां को चाकू मारा है। मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
सांभर का मांस खरीदने वाला तीसरा आरोपी गिरफ्तार:शिकार करने वाले युवकों ने 100 रुपए और एक बोतल शराब के बदले दिया था

दक्षिण पन्ना वन मंडल के मोहन्द्रा इलाके में सांभर के शिकार मामले में वन विभाग ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 9 अप्रैल को मोतीडोल बीट में हुए इस शिकार के बाद विभाग लगातार आरोपियों की धरपकड़ में जुटा था। इसी कड़ी में अब मांस खरीदने वाले शख्स को भी पकड़ लिया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब मुख्य आरोपी सोने सिंह और मलखान ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शिकार किए गए सांभर का करीब 3-4 किलो मांस महेश चौधरी को बेचा था। यह सौदा सिर्फ 100 रुपए और एक बोतल शराब के बदले किया गया था। जानकारी मिलते ही टीम ने सोनमऊ खुर्द में दबिश देकर महेश को पकड़ लिया। भेजा गया जेल वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों का शिकार करना या उनका मांस खरीदना, दोनों ही जुर्म हैं और इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
मोहन बड़ोदिया कॉलेज के पास मिला बुजुर्ग का शव:मृतक सिकलीगर समाज के बताए गए, पुलिस ने लाश कब्जे में ली

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया इलाके में रविवार दोपहर एक बुजुर्ग का शव मिला। कॉलेज के पास शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को करीब 3 बजे मिली थी। खबर मिलते ही थाना प्रभारी अरविंद तोमर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की शिनाख्त मोहन बड़ोदिया के रहने वाले 65 वर्षीय सिद्दूलाल के रूप में हुई है। वे सिकलीगर समाज के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद खुलेगा राज थाना प्रभारी अरविंद तोमर का कहना है कि अभी मौत की असली वजह सामने नहीं आई है। शव को सुरक्षित रखवा दिया गया है और सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि बुजुर्ग की मौत कैसे हुई। पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
सागर में 20 फीट गहरे कुएं में गिरा चीतल:मर्गा दरारिया का मामला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला, इलाज जारी

सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र के ग्राम मुर्गा दरारिया में एक चीतल कुएं में गिर गया। करीब 20 फीट गहरे कुएं में वह पानी में तैरता नजर आया, जिसे देखकर ग्रामीणों में हलचल मच गई। चीतल को कुएं में गिरा देख ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही गढ़ाकोटा वन रेंज की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद रस्सियों की मदद से चीतल को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। गिरने से घायल हुआ चीतल कुएं में गिरने के कारण चीतल घायल हो गया। वन अधिकारियों ने उसे इलाज के लिए गढ़ाकोटा पशु चिकित्सालय भेजा है, जहां उसका उपचार जारी है। वन विभाग के अनुसार, चीतल के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
सिवनी में मादा तेंदुआ शावकों संग दिखी:पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटकों ने बनाएं VIDEO

सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ दिखाई दी। यह दुर्लभ नजारा एक वन मार्ग पर हुआ, जिसका वीडियो रविवार को सामने आया है। देश-विदेश से आए पर्यटकों के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। जानकारी के अनुसार, सफारी के दौरान पर्यटकों की जिप्सी एक कच्चे वन मार्ग से गुजर रही थी। तभी मादा तेंदुआ और उसके दोनों शावक सड़क पार करते हुए जंगल की ओर बढ़ते नजर आए। इस दृश्य को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में फैला हुआ है। इसका कुछ हिस्सा महाराष्ट्र के नागपुर जिले तक भी विस्तृत है। पेंच नदी के नाम पर बने इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1975 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला था, जिसे बाद में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।
आशा भोसले ने राजस्थानी फिल्मों में भी गाए थे गाने:शब्दों की ट्रेनिंग हुई, डायरेक्टर ने 25 हजार बोलकर 7 हजार दिए फिर भी कुछ नहीं बोलीं

सिंगर आशा भोसले का शुक्रवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कई भाषाओं में गाने गए। इनमें से राजस्थानी भी एक है। उन्होंने अपने करियर में 14 राजस्थानी फिल्मों के 45 गाने गाए। 8 से ज्यादा राजस्थानी भजनों को भी अपनी आवाज दी। वहीं, 2019 में वे जयपुर में हुए एक कार्यक्रम में भी आई थीं। जहां उन्होंने गीतकार प्रसून जोशी के साथ अपने दिल की बात की थी। आशा भोसले को याद करते हुए राजस्थानी एक्टर-डायरेक्टर क्षितिज कुमार ने बताया- मेरी राजस्थानी फिल्म के लिए उन्होंने गाना गाया था। गाने से पहले मुंबई में राजस्थानी शब्दों को लेकर उनकी ट्रेनिंग हुई। इसके लिए मैंने उन्हें सिर्फ 7 हजार रुपए दिए थे, लेकिन उन्होंने बिना रोक टोक के वो ले लिए। जानिए कैसे राजस्थानी फिल्मों में शुरू हुआ आशा भोसले का सफर… राजस्थानी फिल्मों में आशा भोसले की गायकी का श्रेय संगीतकार पंडित शिवराम को जाता है। उन्होंने 1961 में फिल्म ‘बाबासा री लाडली’ में आशाजी से पहली बार राजस्थानी भाषा में पांच गीत गवाए। इनमें ‘ओ रंग रंगीलो आलीजो…’, ‘बोल पंछीड़ा रे…’, ‘सूती थी रंग म्हैल में…’ और महेंद्र कपूर के साथ सुपरहिट डुएट ‘हिवड़ै सूं दूर मत जा….’ गीत गाए। इसके बाद ‘नानीबाई को मायरो’ में भी आशाजी ने अपनी आवाज दी। इसमें “म्हारो छैलभंवर केसरियो बनड़ो…” और “म्हाने चूनड़ी ओढ़ाजा…” जैसे गीत लोकप्रिय हुए। कभी रीजनल के रूप मे नहीं देखा राजस्थानी फिल्म विशेषज्ञ एमडी सोनी ने बताया- उस दौर में आशाजी ने ‘धणी लुगाई’, ‘गणगौर’, ‘गोपीचंद भरथरी’ और ‘ढोला मरवण’ जैसी फिल्मों में भी अपनी गायकी से चार चांद लगाए। राजस्थानी सिनेमा के दूसरे दौर में संगीतकार नारायण दत्त ने फिल्म ‘म्हारी प्यारी चनणा’ (1983) के सभी आठ गीत आशाजी से गवाकर इतिहास रच दिया। इनमें ‘सावण आयो रे…’, ‘चांदड़लो चढ़ आयो गिगनार…’ और ‘झिरमिर झिरमिर रे…’ जैसे गीत श्रोताओं की जुबां पर कई साल तक रहे। आशा भोसले ने कभी राजस्थानी सिनेमा को रीजनल के रूप में नहीं देखा, वे हमेशा अच्छी कंपोजिशन के साथ जुड़ना चाहती थीं। 14 राजस्थानी फिल्मों में 45 गाने गाए इसके बाद ‘थारी म्हारी’, ‘घर में राज लुगायां को’, ‘चूनड़ी’, ‘बेटी हुई पराई रे’, ‘बीनणी होवै तो इसी’ और ‘राधू की लिछमी’ (1996) जैसी फिल्मों में भी उनकी आवाज ने राजस्थानी सिनेमा को समृद्ध किया। कुल मिलाकर 14 फिल्मों में करीब 45 गीतों को आशाजी ने अपनी आवाज दी। फिल्मों के अलावा आशाजी ने राजस्थानी भजनों में भी अपनी विशेष पहचान बनाई। वर्ष 1981 में जारी एलपी रिकॉर्ड ‘म्हारा थे ही धणी हो गोपाल’ को मास्टरपीस माना जाता है, जिसमें गीतकार भरत व्यास के लिखे भजनों को उन्होंने अपनी आवाज दी। गाने के लिए दिए थे सात हजार रुपए राजस्थानी एक्टर-डायरेक्टर क्षितिज कुमार ने बताया- 1996 में आई मेरी राजस्थानी फिल्म राधू की लक्ष्मी का गाना ‘रात ढलती जाए’ आशा जी ने गाया था। आरडी बर्मन साहब की डेथ हो गई थी, उसी समय में आशाजी से मिलने के लिए डेट ले रहा था। एक महीने बाद उनकी तरफ से समय दिया, जब वहां गया तो मैंने इस गाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पूछा- क्या यह बच्चों का गाना है। मैंने मना कर दिया। हारमोनियम पर गाकर बताया तो वे गाने की कंपोजिशन से बेहद प्रभावित हुईं। इस गाने पर दो घंटे तक हमारी बातचीत चली। मुम्बई में ही इसे रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने एक-एक शब्द की जानकारी ली। घर पर कई दिनों तक राजस्थानी शब्दों की ट्रेनिंग भी हुई। कंपोजिंग पसंद आ जाती तो वह किसी भी इंडस्ट्री को छोटा बड़ा नहीं समझती। रिेकॉडिंग के बाद मुझे कहा- तुम मुम्बई में नए हो, किसी प्रकार की कोई परेशानी हो तो सीधे बताना। अब मैं आपको एक रोचक बात बताता हूं। इस गाने के लिए हमारी 25 हजार पर बात हुई थी, लेकिन मैंने सात हजार रुपए ही दिए। उन्होंने बिना किसी रोक-टोक के वह ले लिए। गाने की दी सहमति, रिकॉर्ड नहीं करने का मलाल वीणा म्यूजिक के डायरेक्टर केसी मालू ने बताया- मैं गाना उनके साथ करना चाहता था। इसी सिलसिले में आशाजी से मिलने भी गया था। उन्होंने राजस्थानी गाने के लिए हामी भी भरी थी, लेकिन मैं ही गाना तैयार नहीं कर पाया। उन्होंने मुझे बताया कि जयपुर से महिपाल और भरत व्यास उनके मित्र थे। आशाजी ने ही मुझे बताया था कि राजस्थानी में आठ भजन उन्होंने गाए थे। मैं यह सुनकर हैरान था। ये भजन भरत व्यास ने लिखे थे। उन्होंने कहा कि आशाजी के हामी भरने के बाद भी मैं काम नहीं कर पाया। मैं उनके लिए गाना बनवा नहीं पाया। इसका आज तक अफसोस रहेगा। उन्होंने कई राजस्थानी फिल्मों में गाने गाए है। जब भी किसी ने गाने के लिए कहा, किसी को उन्होंने कभी मना नहीं किया। हमारी मैग्जीन स्वर सरिता लगातार पढ़ती थीं, उसी आधार पर मेरी मुलाकात हुई थी। ये भी पढ़ें… दोस्तों ने रुपए दिए, घर से भागकर मुंबई गए असरानी:जयपुर में काम किया, अजमेर में कहा था- सिंधी ने कभी भी भीख नहीं मांगी बॉलीवुड के हास्य अभिनेता असरानी का मुंबई में निधन हो गया। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और कला के प्रति गहरी लगन की मिसाल रहा है। उनका असली नाम गोवर्धन असरानी था। वे एक मध्यमवर्गीय सिंधी परिवार से थे। उनके पिता भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान से जयपुर आ बसे और यहां कालीन की दुकान खोली। (पूरी खबर पढ़ें)
कांग्रेस बोली-सरकार जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती:जयराम रमेश ने कहा- महिला आरक्षण में बदलाव से देश को गुमराह किया जा रहा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। साथ ही महिला आरक्षण कानून में बदलाव के जरिए देश को गुमराह कर रही है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- सरकार अनुच्छेद 334-A में संशोधन की बात कर रही है। यह तर्क दे रही है कि जाति जनगणना के नतीजे आने में समय लगेगा। लेकिन बिहार और तेलंगाना जैसे राज्यों ने 6 महीने से कम समय में जाति सर्वे पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार का छिपा हुई एजेंडा है। सरकार का असल मकसद जाति जनगणना नहीं कराना है। अनुच्छेद 334-A में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने को जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया है। सरकार अब इसे अलग करने की कोशिश कर रही है, ताकि इसे जल्द लागू किया जा सके। जयराम रमेश ने पोस्ट में चार मुख्य सवाल उठाए… महिला आरक्षण बिल के लिए 3 दिन का विशेष सत्र जयराम रमेश का बयान ऐसे समय आया है, जब 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र प्रस्तावित है। इसमें महिला आरक्षण कानून लागू करने और लोकसभा सीटें बढ़ाने से जुड़े बिल लाए जा सकते हैं। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। 1 अप्रैल से जनगणना का पहला फेज शुरू हुआ जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से शुरू हुआ। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। जनगणना के पहले फेज में ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती की जा रही है। दूसरा फेज ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर कलेक्ट करेंगे। जनगणना करने वाले आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे। ————- ये खबर भी पढ़ें… BJP ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया:16-18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहना होगा; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; PM ने पत्र लिखा BJP ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई थी। पूरी खबर पढ़ें…
2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली:उमरिया में टूटी 11 केवी लाइन से भड़की आग, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

उमरिया जिले की चंदिया तहसील के मझगंवा गांव में गेहूं के खेत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया और कई किसानों की तैयार खड़ी 2 एकड़ की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, काफी नुकसान हो चुका था। इस हादसे में किसान सोनेलाल, दादुराम, कल्ली बाई, भीम्मा और धोरी लाल की गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा गांव के रहने वाले विजय ने बताया कि खेत के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था। माना जा रहा है कि इसी तार से निकली चिंगारी की वजह से फसल में आग लगी। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक बड़े इलाके की फसल जल चुकी थी। मुआवजे की मांग अपनी मेहनत की कमाई आंखों के सामने जलता देख किसानों में गहरा दुख और गुस्सा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बिजली कंपनी की लापरवाही की जांच की जाए और उन्हें हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
पिट्टू प्रतियोगिता में छाईं पौड़ी की लड़कियां, रुद्रप्रयाग के लड़के:रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ समापन; फाइनल मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं ने रुद्रप्रयाग को हराया

राजधानी के जीआरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज (प्रेमनगर) में चल रही ‘प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर बालक-बालिका पिट्टू प्रतियोगिता’ का रविवार को समापन हुआ। देहरादून पिट्टू एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में पौड़ी की लड़कियों और रुद्रप्रयाग के लड़कों ने अपना दबदबा कायम करते हुए चैंपियन का ताज पहना। वहीं, बालिका वर्ग में उत्तरकाशी और बालक वर्ग में मेजबान देहरादून ने तीसरा स्थान हासिल किया। रविवार को खेले गए सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया और दर्शकों को कई रोमांचक मैच देखने को मिले। बालिका वर्ग के फाइनल में पौड़ी ने रुद्रप्रयाग को 99-63 से हराया बालिका वर्ग में पौड़ी का एकतरफा दबदबा रहा और खिताबी सफर में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। दिन के पहले सेमीफाइनल में रुद्रप्रयाग ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में उत्तरकाशी को 49-44 से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में पौड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देहरादून को 133-39 के बड़े अंतर से एकतरफा शिकस्त दी। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में उत्तरकाशी ने देहरादून को 56-40 से हराकर बाजी मारी। जबकि खिताबी मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं का दबदबा कायम रहा और उन्होंने रुद्रप्रयाग को 99-63 से हराकर राज्य स्तरीय ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। बालक वर्ग में भी टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली पहले सेमीफाइनल में रुद्रप्रयाग ने उत्तरकाशी को 80-67 से हराया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में पौड़ी ने देहरादून को 127-48 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। मेजबान देहरादून ने तीसरे मुकाबले में उत्तरकाशी को 58-42 से हराकर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया। जबकि खिताबी मुकाबले में रुद्रप्रयाग के खिलाड़ियों ने रणनीति के तहत खेलते हुए पौड़ी को 75-67 से मात दी और चैंपियन बन गए। विजेताओं को किया गया सम्मानित प्रतियोगिता के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रतिनिधि राय सिंह नेगी, उत्तराखंड पिट्टू एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद पांडे और सचिव अश्वनी भट्ट ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर जीआरडी कॉलेज के निदेशक सिद्धांत चमोली, प्राचार्या प्रियंका सिंह, सुशील चमोली, देहरादून पिट्टू एसोसिएशन के सचिव विनोद पंवार, शशांक उनियाल, ओम प्रकाश, जितेंद्र लिंगवाल, मुकेश और संध्या थापा समेत कई खेल प्रेमी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।







