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पत्नी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या:भिंड में बाजार से लौटते समय बदमाशों ने की फायरिंग, बाइक से पीछा करते आए

पत्नी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या:भिंड में बाजार से लौटते समय बदमाशों ने की फायरिंग, बाइक से पीछा करते आए

भिंड के अटेर थाना क्षेत्र के चंबल बीहड़ में बुधवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात रात करीब 8:30 बजे की है, जब बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने युवक के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान नितेश जाटव (25) पुत्र पातीराम जाटव निवासी खिरिका के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी रूबी के साथ भिंड से खरीदारी कर गांव लौट रहा था। रमता गांव के पास बीहड़ क्षेत्र में पहुंचने पर बाइक पर रखा सामान गिर गया। नितेश ने बाइक रोकी और पत्नी के साथ सामान उठाने लगा, तभी पीछे से आए बदमाशों ने नजदीक से उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी वारदात पत्नी के सामने हुई, जिससे वह सदमे में है। सूचना मिलते ही अटेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आपसी रंजिश में हत्या की आशंका प्रारंभिक जांच में मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। सुनसान बीहड़ में वारदात को अंजाम देने से आरोपियों की पूर्व योजना की आशंका जताई जा रही है। पुलिस आपसी रंजिश समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश जारी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

Glowing Skin: प्रियंका चोपड़ा की मां ने बताया ग्लोइंग स्किन का राज, किचन में राखी ये 5 चीजें लगा लें; 7 दिन में चमकता हुआ चेहरा

Glowing Skin: प्रियंका चोपड़ा की मां ने बताया ग्लोइंग स्किन का राज, किचन में राखी ये 5 चीजें लगा लें; 7 दिन में चमकता हुआ चेहरा

चमकती त्वचा के घरेलू उपाय: हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन क्लीन, ग्लोइंग और डॉक्यूमेंट्री डॉक्यूमेंट्री। लेकिन महाराष्ट्र क्रीम और उत्पाद हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में घरेलू गुण सबसे अधिक लाभकारी साबित होते हैं। खासकर जब ये स्टाइलिश बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा की मां डॉ. मधु चोपड़ा से स्टूडियो हो तो उसकी लोकप्रियता और बढ़ती है। हाँ, डॉ. मधु चोपड़ा ने एक आसान DIY फेस पैक शेयर किया है जिसे वे खुद इस्तेमाल करती हैं और प्रियंका भी इस पर पूरा भरोसा करती हैं। बेसन और हल्दी से बना यह उबटन त्वचा को गहराई से साफ करता है, निखार लाता है और कई मसालें दूर करने में मदद करता है। यह बेसन-हल्दी फेसबुक पैक क्यों खास है? डॉ. मधु चोपड़ा का कहना है कि उन्होंने आज तक चेहरे पर साबुन या साबुन का इस्तेमाल नहीं किया। वे पुराने से इस घरेलू उबटन पर भरोसा करते हैं। बेसन त्वचा की गंदगी और अतिरिक्त तेल निकाला जाता है। हल्दी में एंटी-एजेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पिंपल्स और इंफेक्शन को अलग करते हैं। यह पैक त्वचा को सिर्फ साफ नहीं करता, बल्कि आकर्षक, चमकदार और स्वस्थ भी बनाता है। यही कारण है कि यह टैक्सी आज भी घर-घर में आदर्श है। • 1 बेसन•थोड़ी सी घर की बनी मलाई• 1 मोतियाबिंद• एक चुटकी हल्दी• थोड़ा ठंडा दूध बेसन में एक बाउल रखा गया। इसमें मलाई और दही की दुकानें शामिल हैं। फिर हल्दी स्थिर महान से फेंटें। जरूरत है छोटे दूध के एस्ट्रोलॉजी पेस्टीस्ट तैयार करने की। पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह का पहनावा। 15 से 20 मिनट तक का इंतज़ार। फिर प्यास गुनगुने पानी से धो लें। प्रयुक्त के बाद स्किन मुख्य ताजा और ग्लोइंग स्टॉक। डॉ. मधु चोपड़ा विशेष सलाह देते हैं कि इसकी आंखों के नीचे कोई उत्पाद नहीं है, क्योंकि वहां की त्वचा बहुत प्यारी है। सेंस निरपेक्ष दुकानदारों के लिए दूसरा पद अगर बेसन सूट न करे तो आटे का आटा इस्तेमाल करें। हल्दी से एलर्जी हो सकती है तो नींबू का रस दाल हो सकता है। प्रोडक्ट्स से परेशानी हो तो टमाटर या आलू का रस। ये सब स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। तो अब आपको सरकारी उत्पादों की जरूरत नहीं, सही और नियमित देखभाल ही असली राज है। डॉ. मधु चोपड़ा का यह घरेलू फेस पैक इसका प्रमाण है। अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग तरीकों से चेहरा निखारना चाहते हैं तो इस आसान नुस्खे को जरूर आजमाएं। नियमित रूप से इस्तेमाल से फ़ेक खुद महसूस करेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट) मधु चोपड़ा फेस पैक (टी) बेसन हल्दी उबटन (टी) घरेलू चमकदार त्वचा उपचार (टी) प्राकृतिक रसोई त्वचा देखभाल (टी) प्रियंका चोपड़ा माँ

Gallbladder Stone Symptoms: पित्त की पथरी का दर्द कहां होता है? गालब्लैडर स्टोन के इस लक्षण को न करें नजरअंदाज, करवाना पड़ जाएगा ऑपरेशन

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Last Updated:April 08, 2026, 22:17 IST Gallbladder Stone Symptoms: आज के समय में गालब्लैडर स्टोन कॉमन हेल्थ इश्यू बन गया है. इसके बारे में सबसे खतरनाक चीज है, इसके लक्षण जो कि बहुत ही मामूली रूप में दिखते हैं. इन्हें पहचान पाना काफी मुश्किल होता है, इसलिए पित्त की पथरी को साइलेंट स्टोन भी कहा जाता है. निदान में देरी से ऑपरेशन ही एक मात्र इलाज का विकल्प होता है, इसलिए इसके लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है. पित्ताशय लिवर के ठीक पीछे थैलीनुमा एक छोटा सा अंग है. इसमें पथरी की समस्या बहुत ही कॉमन होती जा रही है. लेकिन पित्त की थैली में पथरी का पता उस समय तक नहीं लग पाता है, जब तक ये बाइल डक्ट में रूकावट पैदा नहीं करते हैं. गालब्लैडर की समस्या महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा कॉमन है. ज्यादातर मामलों में पित्त की पथरी का पता काफी देरी से लगता है, जिससे ऑपरेशन करके इसे निकालने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं रह जाता है. वैसे तो पित्त की थैली में पथरी के लक्षण शुरुआती स्टेज में साइलेंट होते हैं. लेकिन सूझबूझ इसे वक्त रहते पहचाना जा सकता है. जैसे कि पित्ताशय में पथरी बनने पर इसके दर्द का लोकेशन फिक्स्ड होता है. आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक और तेजी से बढ़ता हुआ दर्द चेतावनी है कि पित्त की थैली में कुछ गड़बड़ी भी चल रही है. Add News18 as Preferred Source on Google पित्त की थैली में पथरी का दर्द इतना तेज हो सकता है कि इसके कारण आप चलने, बैठने या लेटने में राहत न महसूस कर पाएं. यदि पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से या सेंटर में ऐसा दर्द 30 मिनट से ज्यादा समय तक परेशान करता है, और बार-बार लौट कर आ रहा है तो बिना देरी डॉक्टर से परामर्श करें. पेट में दर्द के अलावा शॉल्डर के बीच में भी पित्ताशय में पथरी का दर्द होता है. ज्यादातर लोग इस दर्द को ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करने, या फिजिकल वर्क स्ट्रेस की वजह समझते हैं.लेकिन यदि आप ऑपरेशन के खर्च से बचना चाहते हैं, तो इसे अनदेखा न करें. पित्त की थैली में पथरी है, तो आपके लिए खाना खाना भी मुश्किल हो सकता है. क्योंकि इसका दर्द कुछ फूड्स से भी ट्रिगर होता है. यदि आप ज्यादा तेल मसाला या फैटी फूड्स खा रहे हैं, तो इसके बाद आप काफी देर तक परेशान रह सकते हैं. दर्द के अलावा गालब्लैडर स्टोन के लक्षणों में मतली, उल्टी, ब्लॉटिंग, अपच और स्किन का येलो दिखना, ठंड लगकर बुखार आना, यूरिन का कलर डार्क होना, पेट का आकार बढ़ना भी शामिल है. शुरुआती स्टेज पर पित्त की पथरी का इलाज आसानी से दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए गालब्लैडर के लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है. First Published : April 08, 2026, 22:17 IST

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम तिन्दुआ बम्हनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 8 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने किया बुझाने का प्रयास यह आग मोहम्मद इकलाख खान के खेत में लगी थी। दोपहर के समय अचानक उठी लपटों को देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुएं और बोरवेल के पंप चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते 8 एकड़ की फसल जल गई। आसपास की फसल कटी होने से आगे नहीं बढ़ी स्थानीय निवासी जहीर खान ने बताया कि आसपास के अधिकांश खेतों की फसल पहले ही काटी जा चुकी थी। खाली खेत होने के कारण आग आगे नहीं बढ़ पाई, अन्यथा गांव के अन्य किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था। हाई टेंशन लाइन से स्पार्किंग की आशंका आग लगने की प्राथमिक वजह खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन को माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तारों के आपस में टकराने या पेड़ों की टहनियों से रगड़ खाने के कारण निकली चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नैनपुर एसडीएम को सूचित किया गया। प्रशासनिक निर्देश पर पटवारी और अन्य राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार किया है। प्रशासन अब आग के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है ताकि पीड़ित किसान को उचित सहायता दी जा सके।

‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

Delhi Capitals vs Gujarat Titans Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Arun Jaitley Stadium in Delhi. (AP)

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान। (छवि: न्यूज18) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर जोरदार हमला बोला, जब चुनाव आयोग ने उपचुनाव अवधि के दौरान राज्य की प्रमुख गारंटी योजनाओं के तहत धन जारी करने पर विवरण मांगा था। कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी, इसे “गरीबों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के खिलाफ साजिश” बताया। ‘योजनाओं को बंद करने की साजिश रच रही बीजेपी’ दावणगेरे में पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से कल्याण कार्यक्रमों को रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने कहा, “भाजपा ने गारंटी योजनाओं के लिए धन जारी करने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। यह आयोग के माध्यम से इन कार्यक्रमों को रोकने का एक स्पष्ट प्रयास है। यह गरीबों और बेरोजगार युवाओं पर हमला है और मतदाता उन्हें उचित जवाब देंगे।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले ढाई साल में गारंटी योजनाओं पर 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और जोर दिया कि सभी भुगतान कानूनी सीमा के भीतर किए जाएं। उन्होंने कहा, “हमारी योजनाएं चुनाव के समय की घोषणाएं नहीं हैं। हम कानून के दायरे में रहकर धन का वितरण कर रहे हैं। भाजपा का पत्र बढ़ती कीमतों से पीड़ित गरीबों की रक्षा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को रोकने की उनकी साजिश का सबूत है।” शिवकुमार ने लाभार्थियों को यह भी आश्वासन दिया कि भुगतान जारी रहने के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “पिछले महीने तक पैसा जारी कर दिया गया है और इस महीने की किस्त चुनाव के बाद जारी की जाएगी। गारंटी योजनाएं बंद नहीं होंगी- हम अपनी बात पर कायम हैं।” ‘चुनाव आयोग का दृष्टिकोण संदेहपूर्ण’ इस बीच, सिद्धारमैया ने कड़े शब्दों में एक बयान में, गारंटी योजना भुगतान के बारे में विवरण मांगने के चुनाव आयोग के कदम पर सवाल उठाया और उसके दृष्टिकोण को “संदिग्ध और भेदभावपूर्ण” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गारंटी योजनाएं उपचुनाव अवधि के दौरान शुरू नहीं की गईं, बल्कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों का हिस्सा थीं। सिद्धारमैया ने कहा, “हमारी गारंटी योजनाएं चुनावों के दौरान पेश नहीं की गई हैं। वे 2023 के विधानसभा चुनावों में किए गए वादों के हिस्से के रूप में लागू किए गए कार्यक्रम हैं और लाभार्थियों को नियमित और पारदर्शी तरीके से धन हस्तांतरित किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों में इसी तरह की योजनाओं पर सवाल नहीं उठाकर दोहरा मापदंड दिखाया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में, नकद हस्तांतरण योजनाओं की घोषणा और कार्यान्वयन चुनाव से पहले किया गया था, फिर भी चुनाव आयोग चुप रहा। यह निष्पक्ष आचरण नहीं है – यह पूर्वाग्रह को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कर्नाटक की योजनाओं की जांच को कमजोर समूहों पर अप्रत्यक्ष हमला बताया। सिद्धारमैया ने कहा, “कर्नाटक की गारंटी योजनाओं को निशाना बनाना केवल राजनीतिक नहीं है – यह गरीबों, महिलाओं और कर्नाटक के लोगों पर अप्रत्यक्ष हमला है।” पंक्ति क्या है? विवाद तब पैदा हुआ जब चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर दावणगेरे और बागलकोट जिलों में चल रहे उपचुनावों के दौरान विभिन्न गारंटी योजनाओं के तहत जारी किए गए धन का विवरण मांगा। कथित तौर पर यह कदम भाजपा नेताओं की उस शिकायत के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने चुनाव अवधि के दौरान किश्तें जारी करने पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि इस तरह के भुगतान मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालाँकि, कांग्रेस सरकार का कहना है कि योजनाएँ चल रहे शासन का हिस्सा हैं, न कि चुनाव-समय के प्रोत्साहन का, यह तर्क देते हुए कि भुगतान रोकने से लाखों लाभार्थियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा दावणगेरे और बागलकोट में उपचुनाव प्रचार तेज होने के साथ, गारंटी योजनाओं का मुद्दा सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच एक प्रमुख राजनीतिक टकराव के रूप में उभरा है। कांग्रेस नेताओं ने योजनाओं को एक प्रमुख कल्याणकारी मॉडल के रूप में पेश किया है, जबकि भाजपा ने उनके समय और वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठाया है। जैसे-जैसे राजनीतिक लड़ाई बढ़ती जा रही है, राज्य सरकार के स्पष्टीकरण पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया विवाद के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST समाचार राजनीति ‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक गारंटी योजनाएं(टी)सिद्धारमैया ईसी पत्र(टी)डीके शिवकुमार बीजेपी साजिश(टी)चुनाव आयोग कर्नाटक(टी)कल्याण योजना फंड(टी)उपचुनाव दावणगेरे बागलकोट(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी कर्नाटक(टी)गरीबों और महिलाओं पर हमला

तीन बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने मारी टक्कर:एक की हालत गंभीर, दो को आईं मामूली चोटें

तीन बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने मारी टक्कर:एक की हालत गंभीर, दो को आईं मामूली चोटें

सलेहा के पास बुधवार, 8 अप्रैल को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य को मामूली चोटें आईं। टक्कर के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम सप्तारा (कल्दा) निवासी इमरत आदिवासी (28 वर्ष) अपने साले अच्छे लाल (22 वर्ष) और उनकी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर ससुराल जा रहे थे। सलेहा के करीब पहुँचते ही सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक घायलों की मदद करने के बजाय मौके से भाग निकला। हालांकि, वहां से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने तीनों घायलों को तत्काल सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जिससे उन्हें समय पर उपचार मिल सका। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इमरत आदिवासी के सिर, पीठ और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना रेफर कर दिया गया है। अच्छे लाल और उनकी पत्नी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

गर्भावस्था में क्या न खाएं… प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए पूरी गाइड, वरना करवानी पड़ सकती है अनचाही डिलीवरी!

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Last Updated:April 08, 2026, 18:31 IST गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान का सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इस समय सही और सुरक्षित आहार लेना बहुत जरूरी है. गलत भोजन से संक्रमण, जन्मजात समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं. इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि प्रेग्नेंट महिलाएं किन चीज़ों से बचें और सुरक्षित खान-पान अपनाएं. गर्भावस्था का समय महिलाओं के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण होता है. इस दौरान मां के खान-पान का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि वे क्या खाती हैं और क्या नहीं. कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो बच्चे और मां दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. कच्चा या अधपका खाना: गर्भावस्था में कच्चा या अधपका मांस, अंडा और समुद्री भोजन खाने से बचना चाहिए. इनमें बैक्टीरिया या परजीवी हो सकते हैं, जो मां और बच्चे दोनों को संक्रमण दे सकते हैं. विशेष रूप से लिस्टेरिया और साल्मोनेला संक्रमण गर्भ में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं. ज्यादा कैफीन और कोला ड्रिंक्स: चाय, कॉफी और कोला जैसी कैफीन युक्त चीजें गर्भावस्था में बहुत अधिक मात्रा में नहीं लेनी चाहिए. अत्यधिक कैफीन के सेवन से गर्भ में बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है और यह समय से पहले जन्म का जोखिम भी बढ़ा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अल्कोहल और धूम्रपान: गर्भावस्था में शराब और सिगरेट का सेवन पूरी तरह से मना है. शराब से भ्रूण में विकास संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे हृदय की कमजोरियों या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं. धूम्रपान से बच्चा कम वजन का हो सकता है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है. असुरक्षित डेयरी उत्पाद: पाश्चुरीकृत न किए गए दूध, क्रीम और पनीर जैसी चीजें खाने से बचें. इनमें बैक्टीरिया होने की संभावना होती है जो गर्भावस्था में संक्रमण पैदा कर सकते हैं. हमेशा पाश्चुरीकृत और अच्छी क्वालिटी वाले डेयरी उत्पाद ही लें. अधिक तैलीय और जंक फूड: तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन गर्भावस्था में सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. यह खाने से पेट की समस्याएं, एसिडिटी और मोटापे की समस्या बढ़ सकती है. ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड शुगर: शुगर की अधिक मात्रा गर्भावस्था में डायबिटीज या बच्चे का असामान्य वजन बढ़ने का कारण बन सकती है. मिठाई और पैकेज्ड फूड सीमित मात्रा में ही खाएं. कुछ विशेष फल और जड़ी-बूटियां: कुछ जड़ी-बूटियां और खट्टे फल जैसे पपीता (कच्चा), अनार के बीज या लस्सी में अत्यधिक मसाले गर्भ में बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं. डॉक्टर की सलाह के बिना हर्बल सप्लीमेंट्स न लें. गर्भावस्था में संतुलित और पोषक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है. कच्चा खाना, अल्कोहल, जंक फूड और अत्यधिक कैफीन से बचना चाहिए. हमेशा ताजा, साफ और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें. यह ध्यान रखने से माँ और बच्चे दोनों स्वस्थ रहेंगे और गर्भावस्था की कठिनाइयां कम होंगी. First Published : April 08, 2026, 18:31 IST

केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल चुनाव: वोट से पहले 'कैश फॉर वोट' का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ससुराल पक्ष चरम पर है। कांग्रेस नेता वी.डी. शेरीशन ने एक कथित वीडियो जारी कर बड़ा आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ता वोट के बदले पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में साफा दिख रहा है कि एक बुजुर्ग महिला को पैसे दिए जा रहे हैं और यह सभी पार्टी कैंडिडेट्स की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। साथ ही सतीशन ने कहा कि यह सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि कई इलेक्ट्रोलाक्ट्स में महिलाओं को पास और सा ग्लास लाइट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह केरल में पहली बार और बीजेपी वोटरों को प्रभावित करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है।’ उनका कहना है, इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश की गई है, जिसे बंद नहीं किया जा सकता। #घड़ी | एर्नाकुलम | कल केरलम विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस नेता वीडी सतीसन कहते हैं, “हमने एक वीडियो जारी किया है, दृश्यों में यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा कार्यकर्ता भाजपा उम्मीदवार की उपस्थिति में वोट के लिए एक बूढ़ी महिला को पैसे दे रहे हैं। वे ऐसा कर रहे हैं… pic.twitter.com/EEvGnG5av1 – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. श्रीशेषन ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो पार्टी कानूनी तौर पर हट जायेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह की चुनावी आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। अलाप्पुझा में कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी पलक्कड़ में पैसे की चमक के साथ को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया वैज्ञानिक और वीडियो में साफा संकेत शामिल हैं कि प्रतियोगी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग से सक्रिय और कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि चुनाव की समितियां बनी रहें। #घड़ी | अलाप्पुझा, केरल: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना है, “चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्टें हैं कि पलक्कड़ में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में पैसे बांटे गए हैं। साथ ही, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी उम्मीदवार खुद इन सभी चीजों में शामिल हैं। वीडियो में यही बताया गया है… pic.twitter.com/FeyzaOyOGz – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 पलक्क में जीत तय, कांग्रेस-एल दोष के आरोप: बीजेपी का पलटवार एस.एस.सुरेश ने कांग्रेस और एलएलसी के समर्थकों को लेटर से खारिज करते हुए पल्कॉक में बीजेपी की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ‘पलक्क की जनता ने तय कर दिया है कि यहां बीजेपी के नेता बने हैं, इसी डर से कांग्रेस ने बयान दे रही है.’ महिलाओं को पैसे उधार देने पर उन्होंने कहा कि ये ‘गंभीर आरोप नहीं हैं’ और संबंधित महिला ने खुद को स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एलएफ़टी हार के डर से झूठ फैला रहे हैं। सोभा सुंदरन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जनता उन्हें ही अनुयायी मानती जा रही है। बीजेपी ने भरोसा जताया कि इस बार पलक्कड में जीत तय है। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | पलक्कड़ में महिला मतदाताओं को पैसे देने के कांग्रेस के बीजेपी पर आरोप पर प्रदेश बीजेपी महासचिव एस सुरेश कहते हैं, ”ये गंभीर आरोप नहीं हैं. महिला ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया है. लेकिन कुछ लोग… pic.twitter.com/aJWuqCZjPt – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 लेफ्ट का भी आरोपइधर, प्लाकॉक के विधायक राहुल मैमकुथिल ने भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप अपना पैसा अलग-अलग तरह से फैला सकते हैं, लेकिन पलक्क के दम पर एक भी वोट नहीं खरीदा जा सकता।” उन्होंने कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतियोगी के सहयोगी को जनता ने पैसे बांटते हुए पकड़ा था, जो बेहद खतरनाक है। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समर्थकों पर भी सवाल उठाए हैं. श्रीशिशन ने कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा न होने से अधिकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई अधिकारियों ने प्रस्ताव पेश किए, लेकिन वहां बैलेट की व्यवस्था ही नहीं की गई। #घड़ी | अदूर, केरलम: राज्य विधानसभा चुनावों पर पलक्कड़ के विधायक राहुल मामकुत्तथिल कहते हैं, “…आप अपनी विचारधारा फैला सकते हैं, लेकिन आप पैसे से पलक्कड़ में एक भी वोट नहीं खरीद सकते। हाल ही में, एक उम्मीदवार और उसके करीबी सहयोगी पर वोट के लिए नकदी बांटने का आरोप लगाया गया था। एक सहयोगी,… pic.twitter.com/ZThRY68SkY – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर लड़ रहे चुनाव, दिलचस्प है इस सीट पर चुनावी लड़ाई

स्प्राउट्स खाने का जोखिम: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं भी आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

स्प्राउट्स खाने का जोखिम: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं भी आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अंकुरित अनाज खाने का जोखिम: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ‘हेल्थ कॉन्शियस’ अच्छी बात हो रही है और जब भी बात आती है स्प्राउट्स की तो उसका नाम सबसे ऊपर आता है। प्रोटीन, विटामिन, विटामिन और फ़्लोरेंस से भरपूर स्प्राउट्स को अक्सर ‘सुपरफ़ूड’ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस स्प्राउट्स को आप स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए खा रहे हैं, आप किस अस्पताल में भी पहुंच सकते हैं? अगर स्प्राउट्स को सही तरीके से न खाया जाए, तो यह पाचन और संक्रमण से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं स्प्राउट्स से जुड़े जोखिम और सावधानी के तरीके क्या हैं? स्प्राउट्स से क्यों हो सकता है नुकसान? अनाज के साथ सबसे बड़ी चुनौती अमूर्त प्रभाव है। अनाज को नमकीन बनाने के लिए उसे लंबे समय तक जापानी और गर्म वातावरण में रखा जाता है। ये फूड फूड पॉइजनिंग के कारण होते हैं, जिससे पेट में ऐंठन, दस्त, उल्टी और तेज बुखार हो सकता है। खाने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही स्प्राउट्स को रॉ खाने के बजाय प्रभाव पकाकर खाने की सलाह देते हैं। स्नैक्स में खाना पकाने से लेकर वहां तक ​​मौजूद एलर्जेनिक बैचलर खत्म हो जाते हैं और पचने में भी ये आसान हो जाता है।अनाज को पहले और न्यूनतम होने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह से लगाया जाता है। सिलिकॉन हाथों या प्लास्टिक से बने बैक्टीरिया का खतरा और बढ़ता है।अगर स्प्राउट्स से स्टिकहट महसूस हो रही हो या उनका अजीब सी गंध आ रही हो, तो उन्हें तुरंत हटा दें। यह होना बुरे के संकेत हैं।स्प्राउट्स को हमेशा फ़िरोज़ में रखें। बाहर बने रहने पर आश्रम के कारण तेजी से मल्टीपलाई होती हैं। उदाहरण के लिए 2-3 दिन से अधिक स्टोर न करें। स्प्राउट्स किसे नहीं खाना चाहिए? बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कच्चे स्प्राउट्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। संक्रमण की स्थिति में उनके शरीर में बैक्टीरिया से लड़ने का पता नहीं चलता है। जिसमें अक्सर गैस, ब्लोटिंग या अपच की समस्या बनी रहती है, उन्हें कच्चे स्प्राउट्स खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि कच्चे अनाज में जटिल दानेदार होना शामिल है, जिसे पचाना मुश्किल हो सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)अंकुरित अनाज के दुष्प्रभाव(टी)क्या अंकुरित अनाज खाना सुरक्षित है(टी)कच्चे अंकुरित अनाज स्वास्थ्य जोखिम(टी)अंकुरित के लाभ और जोखिम(टी)अंकुरित अनाज को सुरक्षित रूप से कैसे खाएं(टी)अंकुरित मूंग और चना के लाभ(टी)अंकुरित के लिए खाद्य सुरक्षा युक्तियाँ(टी)खाने से पहले पांच महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें

trikonasana worl record: इस योगासन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ABR में हुआ दर्ज, क्या हैं त्रिकोणासन करने के फायदे? एक्सपर्ट से समझिए

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होमताजा खबरदेश इस योगासन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ABR में हुआ दर्ज, कौन सा है आसन? Last Updated:April 08, 2026, 15:28 IST Trikonasana world record: योगासनों में से एक त्र‍िकोणासन ने वर्ल्‍ड र‍िकॉर्ड बनाया है. महाराष्ट्र के बुलढाणा में 5000 लोगों ने एक साथ त्रिकोणासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में यह उपलब्‍ध‍ि दर्ज कराई है. आइए जानते हैं क‍ि इस आसन को करने के क्‍या फायदे हैं? त्र‍िकोणासन कर भारतीयों ने बनाया व‍िश्‍व र‍िकॉर्ड. Trikonasana World Record: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अब 74 दिन बाकी बचे हैं लेकिन उससे पहले ही एक योगासन ने ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जो एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है. यह योगासन है त्रिकोणासन.आयुष मंत्रालय के तहत मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा (MDNIY) के भव्य योग महोत्सव-2026 में इस योगासन ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है. आयुष मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 7 अप्रैल को महाराष्ट्र के बुलढाणा में सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चले योग महोत्सव में शामिल हुए 5000 योग प्रेमियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का सामूहिक अभ्यास करते हुए त्रिकोणासन (Trikonasana) किया. यह पहली बार था जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने एक जगह पर इकठ्ठे होकर त्रिकोणासन का अभ्यास किया. अब इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बतौर नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है. आइए जानते हैं इस योगासन के बारे में और इसके फायदे क्या हैं? कैसे किया जाता है त्रिकोणासन 5000 लोगों ने त्र‍िकोणासन कर वर्ल्‍ड र‍िकॉर्ड कायम क‍िया है. तस्‍वीर- MDNIY त्रिकोणासन (Triangle Pose) एक खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है. इसमें पैरों, हाथों और रीढ़ की मदद से शरीर एक त्रिकोण (Triangle) जैसी आकृति बनाता है, जिससे पैरों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है और वे मजबूत बनते हैं. यह एक सामान्य आसन हैं जो कॉमन योग प्रोटोकॉल में शामिल है लेकिन इसके फायदे जानकर आपको हैरानी होगी. इस योगासन के क्या फायदे हैं? मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली में योग प्रशिक्षक, वसुधा राजावत बताती हैं, ‘त्रिकोणासन का अभ्यास महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. इस आसन का अभ्यास पेट की चर्बी को कम करने में सहायक है. जिन महिलाओं को इन्फर्टिलिटी की समस्या है, उन्हें इसका अभ्यास विशेष रूप से करना चाहिए. मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली में योग प्रशिक्षक,वसुधा राजावत वे बताती हैं कि यह कमर का लचीलापन बढ़ाता है, अकड़न को कम करता है. यह अभ्यास पिंडली, जंघा और कटिभाग की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है. यह मेटाबॉलिज्म को मजबूत करता है, पाचन शक्ति को सक्रिय करता है, पूरे शरीर में रक्तसंचार को बढ़ाता है. साथ ही यह अभ्यास श्वास के आवागमन को सक्रिय कर शरीर में स्फूर्ति लाता है. क्या बरतें सावधानियांराजावत आगे कहती हैं कि इस योगासन का अभ्यास करते हुए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि पीठ, गर्दन और घुटने की गंभीर चोट होने पर इस अभ्यास को नहीं करना चाहिए. चक्कर आने या उल्टी जैसा महसूस होने पर भी इस अभ्यास को नहीं करना चाहिए. इस अभ्यास को क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 15:28 IST