कबाड़ बीनने वाले ने की 5 लाख की चोरी:नर्मदापुरम में रैकी कर सूने मकान में घुसा; खंडवा से गिरफ्तार हुआ 19 वर्षीय शादाब

नर्मदापुरम के जुमेराती क्षेत्र में 3 अप्रैल को सूने मकान का ताला तोड़कर 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी करने वाले 19 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कबाड़ बीनने का काम करने वाले इस आरोपी ने पहले घर की रैकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया। वर्तमान में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को उसके गांव सिहाड़ा (खंडवा) से गिरफ्तार कर चोरी किया गया 5 लाख रुपए का पूरा माल बरामद कर लिया है। 3 अप्रैल को गांव गया था फरियादी का परिवार कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि 3 अप्रैल को फरियादी रामगोपाल पाण्डे अपने परिवार के साथ गांव गए थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर में घुसकर गोदरेज का ताला तोड़ा और सोने-चांदी के आभूषण व 2,500 रुपए नकद चोरी कर लिए। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने चोरी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खंडवा पहुंची पुलिस एसपी सांई कृष्णा के मार्गदर्शन और एसडीओपी जितेंद्र पाठक के नेतृत्व में कोतवाली टीआई ने टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की लोकेशन खंडवा में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम खंडवा के ग्राम सिहाड़ा पहुंची और संदिग्ध की पहचान 19 वर्षीय शेख शादाब (पिता शेख नौशाद) के रूप में की गई। रैकी के बाद दिया था वारदात को अंजाम पुलिस टीम ने शेख शादाब को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिस पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से नर्मदापुरम में रहकर कबाड़ बीनने का काम कर रहा था। 3 अप्रैल को उसने फरियादी रामगोपाल पाण्डे के सूने मकान की पहले रैकी की और फिर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद कर लिए हैं।
जिन महिलाओं ने किया चक्काजाम, उनके लड़कों ने की चोरी:सात घरों में हुई थी वारदात; कंधे पर फ्रिज उठाकर ले गए थे आरोपी

गुना शहर के कैंट थाना इलाके में लगातार दो दिनों में 7 सूने मकानों में चोरी करने वाली गैंग के 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने स्कूलों की छुट्टियों के कारण बंद पड़े घरों का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था और कंधे पर फ्रिज उठाकर ले गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया सामान (टीवी, कूलर, फ्रिज, बर्तन आदि) बरामद कर लिया है। वर्तमान में पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। खास बात यह है कि ये आरोपी उसी परिवार के हैं, जिनकी महिलाओं ने 30 मार्च को थाने के सामने चक्काजाम किया था। छुट्टियों में गांव गए थे किराएदार, 5 घरों में की तोड़फोड़ भगत सिंह कॉलोनी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात बदमाशों ने कई घरों को निशाना बनाया था। इन घरों के मकान मालिक बाहर रहते हैं और सभी घर किराए पर दिए गए हैं। इन दिनों स्कूलों की छुट्टियों के कारण सभी किराएदार अपने गांव गए हुए थे और घरों में ताले लटके हुए थे। एक ही गली में बदमाशों ने पांच घरों को निशाना बनाते हुए अलमारियों का सामान बिखेर दिया। हालांकि, केवल एक घर से उन्हें 1.50 लाख रुपए नकद और कुछ गहने मिले, जिन्हें वे चुरा ले गए। साले के घर से कूलर-बर्तन और दूसरे घर से लैपटॉप चोरी भगत सिंह कॉलोनी निवासी बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका साला शिव सिंह रघुवंशी परिवार सहित अयोध्या दर्शन के लिए गया था। रात को अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर उनके घर से स्टील के बर्तन, कूलर, इंडक्शन, गैस सिलेंडर, साइकिल और घड़ी चोरी कर ली। इसी तरह नीलकंठ कॉलोनी निवासी प्रकाश मांडरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह परिवार के साथ रिश्तेदारी में गए थे। उसी रात चोरों ने मकान का ताला तोड़कर फ्रिज, कूलर, टीवी, लैपटॉप, सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ली। मुखबिर की सूचना पर 8 आरोपी गिरफ्तार, सामान बरामद एसपी हितिका वासल के निर्देश, एएसपी मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और सीएसपी प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप भार्गव की टीम ने तकनीकी संसाधनों व मुखबिर की सूचना पर 8 संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने चोरी करना स्वीकार किया। पकड़े गए आरोपियों में शानू उर्फ दीपकडी (24), धर्मोद उर्फ धर्मेन्द्र (22), अजय (19), सुमित (20), शिवप्रताप उर्फ सीटी (32), धीरेन्द्र (19), मोहिल (25) सभी निवासी ग्राम बीलाखेड़ी (थाना धरनावदा) और राहुल (18) निवासी होशियारपुर पंजाब (हाल पटेलनगर कैंट) शामिल हैं। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर दोनों प्रकरणों का टीवी, कूलर, फ्रिज, बर्तन, गैस सिलेंडर, पंखा, घड़ी और पानी की मोटर बरामद कर ली है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी टीआई अनूप कुमार भार्गव, एसआई राहुल शर्मा, अरुंधती राजावत, एएसआई ईश्वर टोप्पो, प्रधान आरक्षक शिवदयाल वर्मा, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, शुभम रघुवंशी, सूर्यभान जाट, धर्मेन्द्र रघुवंशी, राजू बघेल, अभिनेष रघुवंशी और साइबर सेल से कुलदीप यादव, नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, संजय जाट, नवदीप अग्रवाल, भानू रघुवंशी, भूपेंद्र खटीक व आदित्य सिंह कौरव की अहम भूमिका रही। आरोपियों के परिवार की महिलाओं ने किया था चक्काजाम पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी उसी परिवार के हैं, जिनकी महिलाओं ने 30 मार्च को कैंट थाने के सामने चक्काजाम किया था। लूट के एक मामले में आरोपी को पकड़ने के कारण ये महिलाएं नाराज थीं। इस दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को भी जमीन पर पटकने की कोशिश की थी, जिसे आरक्षकों ने बचा लिया था। इस मामले में पुलिस ने चक्काजाम करने वाली 11 महिलाओं, एक पुरुष और अन्य अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी।
‘वंदे मातरम’ पर घमासान:पार्षद ने वंदे मातरम गाने से किया इंकार; आपत्ति ली तो बोलीं-एक्ट दिखाओ

नगर निगम के बजट सत्र में बुधवार को ‘वंदे मातरम’ पर घमासान हुआ। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के वंदे मातरम गाने से साफ इनकार करने पर सदन ‘गद्दार’ और ‘गुंडागर्दी’ के नारों से गूंज उठा। इसी बवाल के बीच 8,455 करोड़ का बजट बिना किसी सार्थक चर्चा के पास हो गया और बैठक तय समय से ढाई घंटे पहले ही खत्म कर दी गई। भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने फौजिया पर वंदे मातरम से बचने के लिए देर से आने का तंज कसा। इस पर फौजिया ने दो-टूक कहा, मैं नहीं गाऊंगी, वो एक्ट दिखाओ जिसमें यह अनिवार्य है। भाजपा पार्षद महेश बसवाल, मनोज मिश्रा, योगेश गेंदर व रूपा पांडे ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया को सदन से बाहर कर दिया। विवाद बढ़ाते हुए कांग्रेसी पार्षद रुबीना खान ने कहा, कुरान इसकी इजाजत नहीं देता। अमेरिका ने ईरान के खामेनेई को शहीद किया, तो वहां से तेल क्यों ले रहे हैं? सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। संविधान में धर्म पालन की छूट है। इस्लाम में वंदे मातरम नहीं बोल सकते। – फौजिया शेख, कांग्रेसी पार्षद जिस देश का अन्न-जल लेते हैं, उसका सम्मान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ईरान के नेता को श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन भारत माता की जय बोलने में पेट दर्द होता है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर वंदे मातरम नहीं गाना है, वहां तक भी ठीक है, लेकिन ऐसे सदन में सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत का अपमान कैसे कर सकते हैं कि नहीं गाऊंगी। – राजेन्द्र राठौर, एमआईसी सदस्य कांग्रेस की रग-रग में वंदे मातरम है। फौजिया के बयान से पार्टी का सरोकार नहीं। – चिंटू चौकसे, नेता प्रतिपक्ष
धुरंधर मूवी वाले SP असलम की पत्नी डायरेक्टर से नाराज:कहा– न बलूचों से दुश्मनी थी, न रहमान डकैत से डरे; आदित्य धर पर केस करेंगी

पाकिस्तान के ल्यारी पर बनी बॉलीवुड फिल्म धुरंधर में संजय दत्त ने पाकिस्तान के एक पुलिस ऑफिसर का रोल किया है। इस ऑफिसर का नाम चौधरी असलम है, जिन्हें पाकिस्तान का सुपरकॉप भी कहा जाता है। चौधरी असलम पाकिस्तान पुलिस में एसपी के पद पर तैनात थे। सिंध पुलिस में काम करते हुए उन्होंने 2009 में ल्यारी के सबसे खूंखार रहमान डकैत का भी एनकाउंटर किया था। करीब चार साल बाद कराची में विस्फोटकों से भरी एक कार उनके काफिले से टकरा गई थी। इसमें असलम के साथ दो अन्य पुलिस अधिकारियों, बॉडीगार्ड और ड्राइवर की मौत हो गई थी। उनके परिवार को आज भी धमकियां मिलती हैं। दैनिक भास्कर ने असलम चौधरी की पत्नी नौरीन चौधरी से फोन पर बातचीत की। नौरीन ने कहा- फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर ने उनके पति के किरदार को फिल्माने से पहले उनकी परमिशन नहीं ली। मेरे पति न तो कभी रहमान डकैत से डरे, न ही बलूच विरोधी थे। उनके किरदार को गलत दिखाया गया है। इसके चलते उनके खिलाफ लीगल एक्शन लूंगी। आगे पढ़िए, नौरीन से हुई बातचीत के मुख्य अंश… फिल्म में पति का किरदार देखकर कैसा लगा? किरदार बहुत अच्छा है। संजय दत्त पर यह काफी फिट बैठता है। उन्होंने मेरे पति असलम चौधरी का किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है, लेकिन कहानी में कुछ बातें सही नहीं दिखाई गई हैं। किन चीजों को अलग तरीके से दिखाया गया है? असलम चौधरी का किरदार बहुत बड़ा है, लेकिन उसे उतना नहीं दिखाया गया है। उनका काम सिर्फ ल्यारी तक सीमित नहीं था। उन्होंने कराची में कई ऑपरेशन किए थे। जिन सभी मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन्होंने कभी भी अपनी फील्ड नहीं छोड़ी। ल्यारी असल में वैसा नहीं है, जैसा दिखाया गया है। ल्यारी कराची का एक छोटा सा इलाका है। फिल्म का कौन सा सीन असलम चौधरी की याद दिलाता है? तीन-चार सीन ऐसे थे, जब मुझे लगा कि असलम मेरे सामने हैं। लेकिन फिल्म के एक शॉट में जब बम धमाका हुआ, तो मैं आगे नहीं देख सकी। फिल्म में एक सीन गलत है, जिसमें वह बलूच बच्चों को पीटते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि असलम बलूचों के दुश्मन हैं, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं था। वह सिर्फ अपराधियों के खिलाफ थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। उनकी मौत किसी राजनीतिक साजिश का नतीजा थी? नहीं। वे कहते थे कि मैं गोली से नहीं, बम ब्लास्ट से मरूंगा—और वही हुआ। उन्होंने तालिबान के खिलाफ कई ऑपरेशन किए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने फोन करके कहा था कि चौधरी असलम हमारे रास्ते से हट जाओ। तालिबानियों को कराची में चौधरी से ही खतरा था। लेकिन मेरे पति ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने फोन पर उन लोगों को 20 मिनट तक खरी-खोटी सुनाई थी। चौधरी असलम अपनी पूरी जिंदगी रहमान डकैत से नहीं डरे। अगर वे डरते तो मैं आज अमेरिका या इंग्लैंड में रह रही होती। मैं फिलहाल पाकिस्तानी में ही रह रही हूं। रहमान डकैत के एनकाउंटर के बाद असलम ने घर आकर क्या कहा? एनकाउंटर से पहले उन्होंने कुछ लोगों का पता लगाया था। अपने प्लान को अंजाम देने वे चार-पांच दिन पहले घर से निकले थे। रहमान ईरान से आ रहा था। असलम ने उसे जंगल में 7 पुलिसकर्मियों के साथ घेर लिया था और उसका एनकाउंटर कर दिया। असलम 6 दिन बाद घर लौटे। वे बहुत खुश थे और मेरे पास आकर बोले- अल्लाह ने मेरी इज्जत बचा ली। चौधरी ने अपना काम पूरा कर लिया है। क्या आपको लगता है कि उनकी दाउद से भी बातचीत हुई थी? मैंने अपने जीवन में चौधरी असलम से दाउद का नाम कभी नहीं सुना। मुझसे पहले भी ऐसे सवाल पूछे गए हैं। उन्होंने मेरे सामने सिर्फ शोएब खान का नाम लिया था। वह कराची का डॉन था। लाहौर जाकर उसे असलम चौधरी ने ही पकड़ा था। वह जेल गया और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। मेरे पति ने कभी पैसे के लालच में किसी के सामने सिर नहीं झुकाया। नवाज शरीफ और परवेज मुशर्रफ भी उनके काम को जानते थे। उन्होंने सिंध के 300 गरीब परिवारों के घरों में कभी राशन की कमी नहीं होने दी। बलूचों के बारे में बोले एक डायलॉग से विवाद खड़ा हो गया था। सच्चाई क्या है? मेरे पति बलूच विरोधी नहीं थे। आज भी ल्यारी में कई लोग उनका सम्मान करते हैं। 200 बलूच महिलाएं उनकी पुण्यतिथि पर हमारे घरआई थीं। वे केवल अपराधियों के खिलाफ थे, उन्होंने कभी आम लोगों को परेशान नहीं किया। भले ही वे बलूच हों या नहीं। असलम चौधरी की मौत के समय का घटनाक्रम? मुझे मेरे चाचा के बेटे का फोन आया था। उसने कहा कि टीवी चालू कीजिए, बड़ी खबर आ रही है। जब मैंने टीवी पर देखा तो पता चला कि असलम को अस्पताल ले जाया गया है। इसलिए मैं तुरंत वहां पहुंची। उस दिन कराची में लगभग बंद जैसी स्थिति थी। पूरे शहर में अफरा-तफरी मची हुई थी। असलम का इंतकाल हो चुका था। एक बार सुबह करीब सात बजे मेरे घर पर भी 350 किलो विस्फोटक से ब्लास्ट किया गया था। उस समय मैं घर पर अकेली थी। मैंने पिछली रात करीब दो बजे चौधरी असलम को फोन किया था और कहा था कि आप समय पर घर आ जाइए। तब उन्होंने बताया था कि उन्हें सूचना मिली है कि अमेरिका या सऊदी की एम्बेसी पर बम ब्लास्ट हो सकता है, इसलिए वे पेट्रोलिंग पर हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि असल में बम तो हमारे ही घर पर फटने वाला है। सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर मैं बच्चों के लिए नाश्ता बना रही थी। तभी हमारे घर के पास जोरदार धमाका हुआ था। जमीन में 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया और नीचे से पानी का फव्वारा निकलने लगा था। इस धमाके में हमारे 3-4 गनमैन, एक पड़ोसी और एक टीचर की मौत हो गई थी। हमारे घर के आसपास हमेशा गाड़ियां खड़ी रहती थीं। धमाके के बाद गाड़ियां फिल्मी सीन की तरह हवा में उड़कर गिर गई थीं। यह ब्लास्ट किसने करवाया था? तहरीक-ए-तालिबान ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। क्या आदित्य
3 राज्यों की 296 सीटों पर वोटिंग:असम, केरलम, पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान; केरलम CM पिनाराई, एक्टर मोहनलाल ने वोट डाला

देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी की 296 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। आज सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच सभी पोलिंग स्टेशन पर अधिकारियों ने मॉक पोलिंग की, जिससे पता चल सके कि ईवीएम में कोई खराबी तो नहीं है। केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं। असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे। असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स तीनों राज्यों में जारी वोटिंग की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
धार भोजशाला विवाद- इंदौर हाईकोर्ट में लगातार तीसरे दिन सुनवाई:हिंदू पक्ष ने रखे तर्क, कहा- मस्जिद पक्ष के शपथ पत्र में ही मंदिर होने के प्रमाण

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बुधवार को लगातार तीसरे दिन अपने तर्क रखे। उन्होंने कहा कि मौला कमालुद्दीन सोसायटी की ओर से प्रस्तुत मस्जिद पक्ष के शपथ पत्र में खुद ही भोजशाला के मंदिर होने के प्रमाण हैं। समिति ने शपथ पत्र में जिन पुस्तकों का उल्लेख किया है, वे बता रही हैं कि 14वीं शताब्दी से पहले मस्जिद का कोई अस्तित्व नहीं था, जबकि भोजशाला का निर्माण 1034 में ही हो चुका था। मस्जिद निर्माण में मंदिर से निकली सामग्री का उपयोग किया गया था, जबकि इस्लामिक कानून के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। मंदिर होना वैज्ञानिक सर्वे और तथ्यों पर आधारित एडवोकेट जैन ने तर्क दिया कि इस्लाम में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाना या टूटे हुए मंदिर की सामग्री का उपयोग करना वर्जित है। भोजशाला के मंदिर होने की बात आस्था या विश्वास के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सर्वे और तथ्यों के आधार पर कही जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने याचिका के साथ जो फोटोग्राफ प्रस्तुत किए हैं, वे स्पष्ट बता रहे हैं कि भोजशाला मंदिर ही है। मौला कमालुद्दीन सोसायटी ने अपने शपथ पत्र में इन फोटोग्राफ को लेकर कोई आपत्ति भी दर्ज नहीं कराई है। मंदिर का अस्तित्व बहुत पहले से है एडवोकेट जैन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि पूजा स्थल अधिनियम के प्रविधानों के अनुसार एक धर्म के धार्मिक स्थल को किसी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। चूंकि भोजशाला मंदिर है और इसका अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है, इसलिए अधिनियम के प्रविधानों के अंतर्गत इसके धार्मिक स्वरूप को बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मूल स्वरूप में तोड़फोड़ से धार्मिक स्थल के वैधानिक अधिकार में कोई फर्क नहीं पड़ता। इस मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। एडवोकेट जैन ने कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद देवता प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से हमेशा वहां उपस्थित रहते हैं। आक्रांता भले ही उन्हें हटा दें, लेकिन इससे उनकी स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे घटनाक्रमों से कुछ समय के लिए ग्रहण जरूर लग सकता है, लेकिन अधिकार खत्म नहीं हो जाते। मौला कमालुद्दीन सोसायटी के शपथ पत्र से स्पष्ट है कि धार में आक्रांताओं का हमला हुआ था।
बदमाशों ने सरेआम मारपीट करते हुए चाकू चलाए-VIDEO:पुलिस ने सिखाया सबक, दोनों को कान पकड़कर उसी क्षेत्र में घुमाया

उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस ने सरेआम मारपीट करने और चाकू से हमला करने वाले दो बदमाशों को सबक सिखाते हुए उनका जुलूस निकाल दिया। दोनों बदमाशों ने क्षेत्र में मारपीट करते हुए विवाद किया था, जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को दोनों को पकड़कर कार्रवाई की। महाकाल थाना क्षेत्र की सारवान की मस्जिद के सामने बीती देर रात मोहम्मद अशफाक के घर पहुंचकर आरोपी अब्दुल समी (उम्र 20 वर्ष) और नासिर पठान (उम्र 21 वर्ष) ने अपने अन्य दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चाकू से धमकाते हुए फरियादी के साथ मारपीट की थी। मामले का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आई और बुधवार सुबह दोनों आरोपी अब्दुल समी और नासिर पठान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को मौका मुआयना कराने उसी स्थान पर ले गई, जहां उन्होंने एक रात पहले दहशत फैलाई थी। घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी फरियादी के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे थे। घटना के बाद दोनों आरोपियों को प्रधान आरक्षक मनीष यादव, सुनील पाटीदार और आरक्षक पवन पंवार द्वारा घटना स्थल सारवान की मस्जिद के पास ले जाया गया। वहां घटना स्थल पर उतारकर पैदल तस्दीक कराई गई। पुलिस ने दोनों को क्षेत्र में कान पकड़कर घुमाया और उठक-बैठक लगवाते हुए जुलूस निकाला। दोनों आरोपियों ने आगे से इस तरह की घटना नहीं करने का प्रण भी लिया।
एक साल के बच्चे के गले में फंसी जिंदा मछली:इंदौर में खेल-खेल में निगल गया; डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाली 3 इंच की मछली

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक साल के बच्चे के साथ हैरान करने वाला मामला सामने आया। खेल-खेल में एक छोटी जिंदा मछली उसके मुंह में चली गई, जो गले के पिछले हिस्से में जाकर फंस गई। इसके बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे तुरंत महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी उपचार शुरू किया। ईएनटी विभाग की टीम ने ऑपरेशन कर करीब 3 इंच की मछली को बाहर निकाला। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की सांस सामान्य हो गई। डॉक्टर बोले- जोखिमभरा था ऑपरेशन डॉक्टरों के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मछली जिंदा थी। उसके गलफड़ों और पंखों की हलचल से बच्चे के स्वर-यंत्र और भोजन नली को नुकसान पहुंचने का खतरा था। ऐसे में ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था और जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी। परिजन बोले- लगा सांस नहीं ले पाएगा परिजनों के मुताबिक, बच्चे की हालत देखकर वे घबरा गए थे। उसे सांस लेने में कठिनाई, घबराहट और मुंह से खून आने जैसी समस्याएं हो रही थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि बच्चा सांस नहीं ले पाएगा, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर उसकी जान बचा ली। डॉक्टर बोलीं-मामला बेहद दुर्लभ, चुनौतीपूर्ण ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. यामिनी गुप्ता ने बताया कि यह मामला बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण था। इतनी कम उम्र में इस तरह का केस मध्य भारत में पहले देखने को नहीं मिला है। विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे बच्चों में इस तरह की घटनाएं बेहद खतरनाक हो सकती हैं, क्योंकि उनकी सांस की नली संकरी होती है।
इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर बीपी कंट्रोल करने तक, खरबूज के बीज में छिपा सेहत का राज, फेंकने की भूल न करें

Last Updated:April 08, 2026, 23:37 IST Muskmelon Seeds Benefits: खरबूज ही नहीं इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. ख़बरें फटाफट अच्छी सेहत के लिए रोजाना के खाने में छोटे-छोटे बदलाव करना बहुत फायदेमंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर खरबूजे के बीजों को अपने आहार में शामिल करें. ये छोटे-छोटे बीज शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. National Health Mission के अनुसार, खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. खरबूज के बीज के फायदेआयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे के बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करता है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को कम करता है. साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इन बीजों का नियमित सेवन शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियों से बचाव होता है. ये शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण ये पाचन को सही रखते हैं और पेट साफ रखने में मदद करते हैं. साथ ही, ये दिमाग को तेज बनाने और याददाश्त सुधारने में भी सहायक होते हैं. खरबूजे के बीज बालों और नाखूनों के लिए भी फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाते हैं और नाखूनों को स्वस्थ रखते हैं. डाइट में शामिल करने का तरीकाइन्हें अपनी डाइट में शामिल करना बहुत आसान है. आप इन्हें हल्का भूनकर नमक या मसालों के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. इसके अलावा, सलाद, दही या नाश्ते में भी मिला सकते हैं. कुछ लोग इन्हें चाय या दूध के साथ भी लेना पसंद करते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रोज थोड़ी मात्रा में इन बीजों का सेवन किया जाए, तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 08, 2026, 23:37 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
पत्नी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या:भिंड में बाजार से लौटते समय बदमाशों ने की फायरिंग, बाइक से पीछा करते आए

भिंड के अटेर थाना क्षेत्र के चंबल बीहड़ में बुधवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात रात करीब 8:30 बजे की है, जब बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने युवक के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान नितेश जाटव (25) पुत्र पातीराम जाटव निवासी खिरिका के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी रूबी के साथ भिंड से खरीदारी कर गांव लौट रहा था। रमता गांव के पास बीहड़ क्षेत्र में पहुंचने पर बाइक पर रखा सामान गिर गया। नितेश ने बाइक रोकी और पत्नी के साथ सामान उठाने लगा, तभी पीछे से आए बदमाशों ने नजदीक से उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी वारदात पत्नी के सामने हुई, जिससे वह सदमे में है। सूचना मिलते ही अटेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आपसी रंजिश में हत्या की आशंका प्रारंभिक जांच में मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। सुनसान बीहड़ में वारदात को अंजाम देने से आरोपियों की पूर्व योजना की आशंका जताई जा रही है। पुलिस आपसी रंजिश समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश जारी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।









